Saturday, July 4, 2026 1:34 pm

अब मध्यप्रदेश में जनता सीधे चुन सकेगी जनपद और जिला पंचायत अध्यक्ष, अधिनियम में होगा संसोधन

भोपाल प्रदेश में जिस तरह महापौर सीधे जनता से चुने जाते हैं, वही व्यवस्था जिला और जनपद पंचायत अध्यक्ष के लिए भी बनाने की तैयारी है। अभी जिला और जनपद पंचायत के अध्यक्ष निर्वाचित सदस्यों के माध्यम से चुने जाते हैं। अध्यक्षों के चुनाव में प्रलोभन की शिकायत पंचायत चुनाव वैसे तो गैरदलीय आधार पर होते हैं लेकिन इसमें राजनीतिक दलों का पूरा दखल रहता है। जिस दल की सदस्य संख्या अधिक होती है, उसका समर्थित व्यक्ति अध्यक्ष बन जाता है। जिन निकायों में एक दल के समर्थकों का बहुमत नहीं होता है, वहां सदस्यों को प्रलोभन दिए जाने के साथ धमकाने की शिकायतें भी सामने आती हैं। इसे देखते हुए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने पंचायतराज अधिनियम में संशोधन की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए पंचायतराज संचालनालय ने अन्य राज्यों के प्रविधानों की जानकारी मंगाई है ताकि उनका अध्ययन करके अधिनियम में संशोधन प्रस्तावित किया जा सके। सदस्य करते हैं अध्यक्ष का चुनाव प्रदेश में 52 जिला और 313 जनपद पंचायतें हैं। प्रत्येक जिला पंचायत में औसत 15 तक सदस्य होते हैं। वर्तमान व्यवस्था में सदस्यों का चुनाव होता है। निर्वाचन उपरांत सदस्यों का सम्मेलन बुलाया जाता है, जिसमें अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव होता है। हॉर्स ट्रेडिंग की शिकायत कई बार मुकाबला बराबरी या नजदीकी होने के कारण सदस्यों को प्रलोभन देकर या डरा-धमकाकर उनका समर्थन प्राप्त कर अपना अध्यक्ष बनवा लिया जाता है। इससे चुनाव प्रक्रिया पर भी सवाल उठते हैं। यही कारण है कि नगरीय निकायों में महापौर और अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता से कराने का प्रविधान किया गया था लेकिन शिवराज सरकार ने नगर पालिका और परिषद के अध्यक्ष का चुनाव सीधे जनता के स्थान पर पार्षदों के माध्यम कराने की व्यवस्था कर दी। इससे निकाय में जिस दल का बहुमत हुआ, उसका अध्यक्ष और उपाध्यक्ष बन गया। जहां बहुमत की स्थिति नहीं बनीं, वहां ठीक वैसा ही हुआ, जैसा जिला और जनपद पंचायत के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के चुनाव में होता है। फिलहाल सरकार नगरीय निकाय तो नहीं पर पंचायत चुनाव की व्यवस्था में परिवर्तन करने पर विचार कर रही है। मुख्यमंत्री कार्यालय के निर्देश पर पंचायतराज संचालनालय ने इसकी तैयारी भी प्रारंभ कर दी है। इसके लिए अन्य राज्यों के प्रविधानों की जानकारी मंगाई गई है ताकि उनका अध्ययन करके अधिनियम में संशोधन प्रस्तावित किया जा सके। हालांकि, विधानसभा के 16 दिसंबर से प्रारंभ होने वाले शीतकालीन सत्र में संशोधन प्रस्ताव प्रस्तुत होने की संभावना कम ही है। recent visitors 123

महाकुंभ 2025 के लिए भी विमान सेवा, 10 जनवरी से एलायंस एयर की उड़ान जबलपुर से प्रयागराज जाएगी

जबलपुर जबलपुर से पुणे के लिए सीधी विमान सेवा जल्द प्रारंभ होगी। यह आश्वासन केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू ने सांसद आशीष दुबे को दिया है। सांसद दुबे ने 28 नवंबर को नई दिल्ली में नागरिक विमानन मंत्री से भेंट कर जबलपुर से देश के विभिन्न नगरों के लिए हवाई सेवा प्रारंभ करने का आग्रह किया। महाकुंभ के लिए जबलपुर से 16 दिन के लिए चलेगी विमान सेवा प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ के लिए जबलपुर से विमान सेवा प्रारंभ हो रही है। 10 जनवरी से एलायंस एयर की उड़ान जबलपुर से प्रयागराज जाएगी। यह विमान पहले दिल्ली से रात आठ बजे जबलपुर आएगा और फिर प्रयागराज के लिए 8.25 बजे रवाना होगा। कोलकाता, अहमदाबाद और चेन्नई हवाई सेवा प्रारंभ करने का मांग सौंपा केंद्रीय मंत्री ने सांसद को आश्वस्त किया कि जबलपुर से पुणे के बीच शीघ्र उड़ान प्रारंभ की जाएगी। इस उड़ान को हरी झंडी दिखाने वे स्वयं जबलपुर आएंगे। सांसद दुबे ने जबलपुर से पुणे, जबलपुर से कोलकाता, जबलपुर से अहमदाबाद और जबलपुर से चेन्नई हवाई सेवा प्रारंभ करने का मांग पत्र भी केंद्रीय मंत्री को सौंपा। हवाई कनेक्टिविटी कम होने से होने वाली असुविधा के बारे में बताया सांसद ने बताया कि पहले जबलपुर से देश के विभिन्न महानगरों व नगरों के लिए सीधी अथवा वन स्टाप उड़ान उपलब्ध थी परंतु पिछले कुछ महीनों में इसमें कमी आई है। हवाई कनेक्टिविटी कम होने से जबलपुर के नागरिकों को होने वाली असुविधा के बारे में सांसद ने मंत्री से चर्चा की। मुंबई जाने के लिए भी पुणे से एक वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा ने कहा कि लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान जबलपुर से पुणे के बीच उड़ान प्रारंभ किये जाने की मांग बड़े पैमाने पर की गई थी। कुंभ जाने के लिए बडी संख्या में श्रद्धालु सड़क रेल मार्ग से निकलते हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए वायु मार्ग भी दिया गया है। महाकुंभ 13 जनवरी से 26 जनवरी तक आयोजित होगा। एलायंस एयर ने भी 26 जनवरी तक यह उड़ान रखी है। इस संबंध में कंपनी की तरफ से एयर ट्रैफिक कंट्रोल और एयरपोर्ट प्रबंधन को भी सूचना दे दी गई है। recent visitors 31

बढ़ती हुई ठंड को देखते हुए मंदिर समितियों व ट्रस्टों के पदाधिकारियों ने सभी भगवानों को गर्म वस्त्र धारण कराने शुरू किए

भोपाल शहर में कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है। ऐसे में लोगों ने ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों को पहनना शुरू कर दिया है। बढ़ती हुई ठंड को देखते हुए अलग-अलग मंदिर समितियों व ट्रस्टों के पदाधिकारियों ने भगवान श्रीराम, मां दुर्गा, श्रीराधा-कृष्ण, गणेश जी सहित सभी भगवानों को गर्म वस्त्र धारण कराने शुरू कर दिए हैं। शाल ओढ़ाई जा रही हैं। वहीं ठंड के चलते भगवान जी को गर्म खाद्य पदार्थ खजूर, गुड़ सहित अन्य पदार्थों का भोग लगाना शुरू कर दिया है। इतना ही नहीं, भगवान के दरबार में ठंड का असर कम हो और गर्मी बनी रहे, इसके लिए हीटर और अलाव जैसे उपाय भी भक्तों ने करना शुरू कर दिया है। इसके साथ-साथ सुबह व शाम की आरती व्यवस्था में भी बदलाव होने लगा है।   बाबा बटेश्वर के समीप जलाया अलाव पुराने शहर के श्री बड़वाले महादेव मंदिर सेवा समिति के द्वारा गुरु प्रदोष के अवसर पर बाबा बटेश्वर का रुद्राभिषेक किया गया। एक क्विंटल फूल, बेल पत्र, धतूरा व चंदन आदि से भोलेनाथ का अलौकिक श्रृंगार किया गया। इसके साथ ही भगवान को गुड़ से बनी गजक व अन्य गर्म वस्तुओं का भोग लगाया गया। शीतलहर के प्रभाव को देखते हुए बाबा के समक्ष अलाव भी जलाया गया। प्रतिदिन अब भगवान को ऊनी वस्त्र धारण कराए जाएंगे एवं गुड़ से बनी गजक तथा अन्य गर्म वस्तुओं का भोग लगेगा। रात्रि में महा आरती के बाद प्रसादी वितरण हुआ। इस अवसर पर संयोजक संजय अग्रवाल, सदस्य प्रमोद नेमा, शिशिर मित्तल, अभिषेक लाला, केशव फुलवानी, प्रकाश मालवीय सहित बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे। recent visitors 81

केरल ने 2050 तक शुद्ध कार्बन तटस्थ राज्य प्राप्त करने का लक्ष्य रखा, देश के लिए स्थापित करेगा मॉडल

तिरुवनंतपुरम देश के प्रमुख स्टार्टअप फेस्टिवल हडल ग्लोबल 2024 के विशेषज्ञों ने कहा कि केरल में स्वच्छ ऊर्जा अपनाने और शुद्ध शून्य उत्सर्जन हासिल करने में देश के लिए एक उदाहरण स्थापित करने की क्षमता है। राज्य के बजट 2022-23 का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि केरल ने 2050 तक शुद्ध कार्बन तटस्थ राज्य प्राप्त करने का लक्ष्य रखा है। वे गुरुवार को यहां कोवलम में केरल स्टार्टअप मिशन (केएसयूएम) द्वारा आयोजित सम्मेलन में हरित हाइड्रोजन, ग्राफीन और हरित ऊर्जा जैसे विषयों पर तकनीकी वार्ता दे रहे थे। एएनईआरटी के वैज्ञानिक के प्रेमकुमार ने 'ग्रीन हाइड्रोजन-एआई युग में स्वच्छ ऊर्जा के साथ भविष्य को ईंधन देना' विषय पर अपनी अंतर्दृष्टि साझा करते हुए, कहा कि केरल ग्रीन हाइड्रोजन नीति को अंतिम रूप दे रहा है, जिसका उद्देश्य राज्य को हरित हाइड्रोजन उत्पादन और उपयोग के केंद्र के रूप में स्थापित करना है। . मसौदा नीति के अनुसार, राज्य का लक्ष्य 2030 तक हाइड्रोजन की लागत को 200 रुपये प्रति किलोग्राम तक कम करना है।   recent visitors 170

बैंकों और टेलीकॉम कंपनियों की ढील कड़ी से पंप रहा साइबर ठगी का मकड़ जाल

भोपाल  साइबर ठगी के जाल में लोग हर पल फंस रहे हैं। ऑनलाइन बिजली का बिल भरने से लेकर होटल की बुकिंग तक में साइबर ठगों का जाल फैला हुआ है। जांच में सामने आया है कि ठगी का यह जाल बैंकों और टेलीकॉम कंपनियों की ढील से फैल रहा है, क्योंकि बैंक नियमों को ताक में रखकर बिना सत्यापन किए ही खाते खोल रहे हैं। साथ ही एसटीआर की जांच भी नहीं हो रही है। टेलीकॉम कंपनियां भी बिना संपूर्ण सत्यापन के सिम जारी कर रही हैं। खाते और नंबर के इन्हीं हथियारों का फायदा उठाकर ठग वारदात करते हैं। वहीं लोगों को ठगी का शिकार बनाने वाले अपराधियों को पकड़ने के लिए पुलिस भी संख्या बल की कमी से जूझ रही है। बीते एक साल में ऐसे केस में 93 गिरफ्तारियां हुईं बीते एक वर्ष में भोपाल साइबर क्राइम सेल में साढ़े पांच हजार से अधिक शिकायतें पहुंची हैं। इनमें महज 61 एफआईआर ही दर्ज की गई हैं और इन मामलों में 93 गिरफ्तारियां हुई हैं। जिस सेल में रोजाना करीब 30 शिकायतें पहुंच रही हैं, वहां तीन महीने से एक भी इंस्पेक्टर नहीं है। जिन चुनिंदा मामलों में पुलिस हस्तक्षेप कर अपराधियों को पकड़ने का प्रयास करती है, उनमें क्राइम ब्रांच के ही इंस्पेक्टरों को कमान सौंप दी जाती है। बैंक और टेलीकॉम कंपनियों की चूक बैंक : कई निजी बैंकों के कर्मचारी लक्ष्य पूरा करने के लिए बिना केवाईसी और फिजिकल वेरीफिकेशन के खाते खुलवा देते हैं, जबकि आरबीआई की एडवाइजरी के अनुसार ई-केवाईसी आवश्यक है। ठगी के लिए उपयोग किए जाने वाले फर्जी बैंक खातों के लेनदेन के लिए आरबीआई ने एसटीआर (सस्पीशियस ट्रांजेक्शन रिपोर्ट) की व्यवस्था शुरू की है। यदि बैंक खातों में अचानक बढ़ते हुए लेन-देन की जानकारी पुलिस से साझा की जाए तो इस पर भी लगाम लगाई जा सकती है। फर्जी दस्तावेजों पर बैंक खाते खुलवाने का एक बड़ा मामला हाल ही में भोपाल में सामने आया था, जहां एक गिरोह दो साल से देशभर में 1800 से अधिक खाते खुलवा चुका था। उसे भोपाल पुलिस ने पकड़ा था। टेलीकॉम कंपनी : साइबर अपराध की पहली कड़ी फोन काल से ही जुड़ी है। टेलीकॉम कंपनियां बिना पुख्ता सत्यापन के सिमें उपलब्ध कराती हैं। इन्हीं सिमों का उपयोग कर लोग ठगी को अंजाम देते हैं। फर्जी तरीके से सिमों की खरीदी बंद होने से अपराध में आएगी कमी     साइबर अपराध रोकने के लिए बैंकों और टेलीकॉम कंपनियों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता है। यदि फर्जी तरीके से सिमों की खरीदी बंद हो और बैंक भी लेनदेन की जानकारी उपलब्ध कराएं तो अपराध में निश्चित ही कमी आएगी। हमारे पास पुलिस बल सीमित हैं। एक दिसंबर से थानों में साइबर डेस्क शुरू होगी तो साइबर क्राइम सेल का भार कम हो सकेगा। हरिनारायणाचारी मिश्र, पुलिस आयुक्त   recent visitors 67

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मेलन के दौरान विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी सम्मानित करेंगे

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 नवंबर से एक दिसंबर तक ओडिशा में भुवनेश्वर में आयोजित पुलिस महानिदेशकों और महानिरीक्षकों के अखिल भारतीय सम्मेलन में भाग लेंगे। यह जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय की एक विज्ञप्ति में दी गई है। विज्ञप्ति के अनुसार यह सम्मेलन आज शुरू हो रहा है। इस तीन दिवसीय सम्मेलन में आतंकवाद, वामपंथी उग्रवाद, तटीय सुरक्षा, नए आपराधिक कानून, नारकोटिक्स सहित राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्वपूर्ण घटकों पर विचार-विमर्श होगा। सम्मेलन के दौरान विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक से भी सम्मानित किया जाएगा। विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह सम्मेलन देश के वरिष्ठ पुलिस पेशेवरों और सुरक्षा प्रशासकों को राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित विभिन्न मुद्दों और साथ ही भारत में पुलिस के सामने आने वाली विभिन्न परिचालन, ढांचागत और कल्याण संबंधी समस्याओं पर स्वतंत्र रूप से चर्चा तथा बहस करने के लिए एक संवाद-मंच प्रदान करेगा। इसके विचार-विमर्श में आंतरिक सुरक्षा खतरों के अलावा अपराध नियंत्रण और कानून एवं व्यवस्था प्रबंधन से संबंधित चुनौतियों से निपटने में पेशेवर प्रथाओं और प्रक्रियाओं को तैयार करना और साझा करना शामिल होगा। सम्मेलन में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, राज्य मंत्री (गृह मामले), राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के पुलिस महानिदेशक और केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख सहित अन्य लोग भाग लेंगे।   recent visitors 64

एक जिला-एक उत्पाद :बुरहानपुर के केलों की मिठास अब सबकी जुबां पर

भोपाल एक जिला-एक उत्पाद मध्यप्रदेश का एक छोटा सा जिला बुरहानपुर बरसों से अपनी ऐतिहासिक धरोहरों और हरे-भरे खेतों के लिए प्रसिद्ध है। अब यह जिला "एक जिला-एक उत्पाद" पहल के तहत सफलता के नये आयाम गढ़ रहा है। केले की फसल, जो इस जिले की मूल पहचान है, अब न केवल किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि एक नई उद्यम क्रांति का प्रतीक भी बन गई है। इसी साल फरवरी में हुए "बनाना फेस्टिवल" में यहां के उद्यमियों और किसानों के बीच संवाद का परिणाम अब धरातल पर नजर आ रहा है। इसी प्रेरणा से बुरहानपुर के उद्यमी रितिश अग्रवाल ने "बनाना पाउडर" बनाने की यूनिट स्थापित की हैं। यह यूनिट जिला प्रशासन और उद्यानिकी विभाग के सहयोग से खकनार के धाबा गांव में संचालित की जा रही है। "बनानीफाय" ब्रांड के नाम से तैयार किया जा रहा यह बनाना पाउडर शारीरिक पोषण से भरपूर है। यह बच्चों और बड़ों सभी के लिए ऊर्जा और सेहत का खजाना है। इस यूनिट में केले से तीन प्रकार का पाउडर तैयार किया जा रहा है। खाने योग्य पाउडर (केले के गूदे से), जो शुद्ध और बेहद उच्च गुणवत्ता वाला है। सादा पाउडर (केले के छिलके सहित), जो खाने योग्य है और फाइबर से भी भरपूर है। केले के छिलके से तैयार पाउडर को खाद (मैन्योर) के रूप में उपयोग किया जाएगा। इसके उपयोग से सभी प्रकार की फसलों की गुणवत्ता एवं उत्पादन मात्रा में भी सुधार होगा। इस प्रोजेक्ट को "प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना" के तहत 10 लाख रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई। कुल 75 लाख रुपये पूंजी निवेश से बनी यह यूनिट एक मिसाल बन गई है। इसमें अहमदाबाद से लाई गई आधुनिक मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, जो उत्पादन प्रक्रिया को तेज और कुशल बनाती हैं। "बनानीफाय" ब्रांड के उत्पादों को न केवल मध्यप्रदेश बल्कि महाराष्ट्र, हरियाणा, पंजाब, और दिल्ली जैसे राज्यों में भी भेजा जा रहा है। इसके 250 ग्राम और 500 ग्राम पैकेट क्रमशः 280 रुपये और 480 रुपये की कीमत पर उपलब्ध हैं। यूनिट की खासियत यह है कि यहां केले के छिलके को भी व्यर्थ नहीं जाने दिया जाता। छिलकों से बना पाउडर नर्सरियों और उद्यानिकी फसलों में खाद के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा। यह पर्यावरणीय संरक्षण और कृषि उत्पादकता बढ़ाने का एक बेहतरीन उदाहरण है। नेपानगर की विधायिका सुमंजू दादू और कलेक्टर बुरहानपुर सुभव्या मित्तल द्वारा शुभारंभ की गई यह यूनिट अब न केवल बुरहानपुर के किसानों और उद्यमियों के लिए प्रेरणा बन गई है। यह यूनिट "एक जिला-एक उत्पाद" योजना की वास्तविक सफलता का प्रतीक बन गई है। "बनानीफाय" का बनाना पावडर न केवल आर्थिक समृद्धि ला रहा है, बल्कि यह एक उदाहरण है कि सही दिशा में किए गए प्रयास किस तरह से छोटे जिलों को भी अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिला सकते हैं। बुरहानपुर के मस्त केले अब सबकी जुबां पर मिठास घोल रहे हैं।   recent visitors 66