Sunday, July 5, 2026 10:57 pm

लेवर कप 2025: कार्लोस अल्काराज और टेलर फ्रिट्ज़ टूर्नामेंट के पहले खिलाड़ी घोषित

मेड्रिड कार्लोस अल्काराज और टेलर फ्रिट्ज़, लेवर कप के आठवें संस्करण के लिए पहले खिलाड़ी हैं, जिसका आयोजन 19-21 सितंबर, 2025 तक सैन फ्रांसिस्को के चेस सेंटर में किया जाएगा। हाल ही में बर्लिन में हुए लेवर कप 2024 में स्पेन के अल्काराज और अमेरिकी फ्रिट्ज़ ने टेनिस प्रशंसकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके बीच हुए इस रोमांचक मैच में अल्काराज विजयी हुए और प्रतियोगिता के 12वें मैच में टीम यूरोप की जीत पक्की हो गई। जैसे ही टीम यूरोप ने जीत हासिल की, इसने अगले साल के टूर्नामेंट में इन दो उभरते सितारों के बीच फिर से प्रतिद्वंद्विता के लिए मंच तैयार कर दिया। महज 21 साल की उम्र में, अल्काराज ने टेनिस इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है। 2022 में, वह यूएस ओपन में सबसे कम उम्र के विश्व नंबर 1 और पहले किशोर ग्रैंड स्लैम चैंपियन बन गए। कई एटीपी खिताब, दो विंबलडन चैंपियनशिप (2023 और 2024), एक रोलैंड गैरोस खिताब (2024) और एक ओलंपिक रजत पदक के साथ उनकी तेजी से बढ़ती लोकप्रियता जारी रही है। स्पैनियार्ड ने लेवर कप 2024 में टीम यूरोप के टैली में आठ अंक भी जोड़े। शीर्ष रैंक वाले अमेरिकी फ्रिट्ज़ ने 2024 में टेनिस सर्किट पर एक महत्वपूर्ण ताकत के रूप में अपनी स्थिति को मजबूत किया है। उन्होंने पेरिस ओलंपिक में युगल में कांस्य पदक जीता और यूएस ओपन के फाइनल में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया। उनके असाधारण वर्ष का समापन निट्टो एटीपी फाइनल में उपविजेता के रूप में हुआ, जिसने उन्हें करियर की सर्वोच्च विश्व रैंकिंग नंबर 4 पर पहुंचा दिया। टीम वर्ल्ड के एक प्रमुख सदस्य, फ्रिट्ज़ ने चार लेवर कप संस्करणों में भाग लिया है, जिसमें लंदन (2022) और वैंकूवर (2023) में उनकी ऐतिहासिक जीत में योगदान दिया है। इस आयोजन में 5-2 के मजबूत रिकॉर्ड के साथ, वह टीम के लिए एक मूल्यवान संपत्ति है।   recent visitors 58

एडिलेड टेस्ट में विराट के पास ब्रैडमैन के 75 साल से चल रहे राज को खत्म करने का मौका

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी के पहले टेस्ट में विराट कोहली ने शतक ठोक गेंदबाजों की नींद उड़ा दी है. पर्थ टेस्ट की दूसरी पारी में भारतीय धुरंधर ने अपने करियर की 81वीं इंटरनेशनल सेंचुरी जमाई. अब एडिलेड में खेले जाने वाले दूसरे मुकाबले में उनके पास ऑस्ट्रेलिया के महान बल्लेबाज डॉन ब्रैडमैन के रिकॉर्ड की बराबरी का मौका है. पिंक बॉल टेस्ट में सेंचुरी ठोकने वाले विराट कोहली अकेले भारतीय हैं. उनको पास ब्रैडमैन के 75 साल से इस रिकॉर्ड पर चल रहे राज को खत्म करने का मौका होगा. जब भारत और ऑस्ट्रेलिया 6 दिसंबर को एडिलेड ओवल में डे-नाइट टेस्ट मैच खेलेंगे तो विराट कोहली पर सबकी नजर रहेगी. उनके पास ब्रैडमैन के सबसे बड़े रिकॉर्ड की बराबरी करने या उसे पार करने का मौका होगा. ब्रैडमैन ने 1930 से 1948 के बीच इंग्लैंड में 19 मैचों में 11 शतक लगाए थे. किसी भी विदेशी बल्लेबाज की तरफ से एक देश में सबसे ज्यादा इंटरनेशनल सेंचुरी का रिकॉर्ड है. कौन-कौन लिस्ट में शामिल साल 2011 में खेलना शुरू करने के बाद से कोहली ने ऑस्ट्रेलिया में 43 मैचों में 10 शतक लगाए हैं. इस लिस्ट में वेस्टइंडीज के दिग्गज विवियन रिचर्ड्स (इंग्लैंड में 8 शतक), भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर (वेस्टइंडीज में 7 शतक), इंग्लैंड के पूर्व खिलाड़ी जैक हॉब्स (ऑस्ट्रेलिया में 9 शतक), और भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (श्रीलंका में 9 शतक) भी शामिल हैं. कोहली ने ऑस्ट्रेलिया में 43 मैचों में 54.20 की औसत से 2710 रन बनाए हैं. इसमें दिसंबर 2014 में मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर खेली गई उनकी 169 की सबसे बड़ी पारी भी शामिल है. पर्थ में विराट ने ठोकी सेंचुरी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ टेस्ट की पहली पारी में विराट कोहली सिर्फ 5 रन बनाकर आउट हो गए थे. इसके बाद दूसरी पारी में उन्होंने 8 चौके और 2 छक्के की मदद से 100 रन की पारी खेली. इस पारी की बदौलत भारत ने 6 विकेट पर 487 रन का स्कोर बना पारी घोषित कर ऑस्ट्रेलिया 534 का विशाल लक्ष्य दिया था. recent visitors 63

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नेतृत्व में दिव्यांग व्यक्तियों को मिल रहा है कई योजनाओं का लाभ: महेन्द्र सिंह मरपच्ची

विश्व दिव्यांग दिवस पर विशेष लेख मनेन्द्रगढ़/एमसीबी विश्व दिव्यांग दिवस हर वर्ष 3 दिसंबर को बड़ी ही धूमधाम से मनाया जाता है। इसका उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों को सुनिश्चित करना, उनके लिए अवसरों का विस्तार करना और उनके प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना है। इस दिव्यांग दिवस की शुरुआत 1992 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा की गई थी। दिव्यांग व्यक्तियों के लिए एक ऐसा समाज बनाना जहां वे बिना किसी भेदभाव के अपने अधिकारों का उपयोग कर सकें, इस दिव्यांग दिवस का मुख्य लक्ष्य है। सन् 1981 में संयुक्त राष्ट्र ने ’’अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांग वर्ष’’ मनाया। इसके बाद 1983 से 1992 के दशक को ’’दिव्यांग व्यक्तियों का दशक’’ घोषित किया गया। इस दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में दिव्यांग व्यक्तियों को समान अवसर प्रदान करने के प्रयास किए गए। 2006 में संयुक्त राष्ट्र ने दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों पर अभिसमय (United Nations Convention on the Rights of Persons with Disabilities) लागू किया। यह अभिसमय दिव्यांग व्यक्तियों को समाज के हर क्षेत्र में अधिकार और समावेश प्रदान करने के लिए कानूनी मान्यता देता है। भारत ने इसे 2007 में अंगीकृत किया और इसे अपनी नीतियों में सम्मिलित किया। भारत में दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों को लेकर 1995 में ’’दिव्यांग व्यक्तियों का अधिकार अधिनियम’’ लागू हुआ। इस अधिनियम ने शिक्षा, रोजगार और सार्वजनिक स्थानों पर दिव्यांग व्यक्तियों के अधिकारों को सुनिश्चित किया। 2016 में इस कानून को संशोधित कर दिव्यांगताओं की संख्या 21 कर दी गई और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए आरक्षण, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत बनाया गया है। केंद्र सरकार ने दिव्यांग व्यक्तियों के सशक्तिकरण के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं। इनमें ’’सुगम्य भारत अभियान’’ प्रमुख है, जिसका उद्देश्य सार्वजनिक भवनों, परिवहन और डिजिटल सेवाओं को दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सुलभ बनाना है। ’’दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग’’ दिव्यांग व्यक्तियों के लिए शिक्षा, रोजगार और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराता है। वहीं ’’स्किल इंडिया’’ पहल के अंतर्गत दिव्यांग युवाओं को स्वरोजगार और रोजगार के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में दिव्यांग व्यक्तियों के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की गई हैं। समावेशी शिक्षा के तहत विशेष स्कूल और उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं।  दिव्यांगजन स्वरोजगार योजना के तहत दिव्यांग व्यक्तियों को रोजगार के अवसर देने के लिए वित्तीय सहायता और प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ’’सुगम छत्तीसगढ़ अभियान’’ के माध्यम से सार्वजनिक भवनों और परिवहन को दिव्यांग व्यक्तियों के लिए अनुकूल बनाया गया है। सरकार ने विभिन्न प्रकार के नि:शुल्क उपकरण वितरण और दिव्यांग पेंशन योजना के माध्यम से दिव्यांग व्यक्तियों को आर्थिक और भौतिक सहायता प्रदान की है। फिर भी आज दिव्यांग व्यक्तियों के समक्ष कई चुनौतियां हैं। इनमें समाज में भेदभाव, सुविधाओं की कमी और रोजगार और शिक्षा में सीमित अवसर प्रमुख हैं। इन चुनौतियों से निपटने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने, ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष स्कूल खोलने और तकनीकी नवाचार का उपयोग करने की आवश्यकता है। आज दिव्यांगता को शारीरिक, मानसिक, संवेदी और बौद्धिक श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है। शारीरिक दिव्यांगता जैसे पोलियो या रीढ़ की हड्डी में चोट, दृष्टिबाधित दिव्यांगता, श्रवण बाधित दिव्यांगता, मानसिक और बौद्धिक दिव्यांगता और न्यूरोलॉजिकल दिव्यांगता मुख्य प्रकार हैं। इनके प्रमुख कारणों में जन्मजात दोष, दुर्घटनाएं, संक्रमण, कुपोषण और मानसिक आघात शामिल हैं। इन समस्याओं का उपचार फिजियोथेरेपी, सर्जरी, काउंसलिंग और सहायक उपकरणों के माध्यम से किया जा सकता है। दिव्यांग व्यक्तियों को समाज में अनेक प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। आज भी उन्हें कहीं-कहीं भेदभाव का शिकार बनाया जाता है, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में उनके अवसर सीमित होते हैं, और सार्वजनिक स्थानों तक उनकी पहुंच नहीं होती। स्वास्थ्य सेवाओं और उपकरणों की कमी भी उनकी चुनौतियों को बढ़ाती है। इन समस्याओं से निपटने के लिए जागरूकता अभियान चलाने, सुलभता बढ़ाने, विशेष स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने और आर्थिक सहायता देने की आवश्यकता है। केंद्र और छत्तीसगढ़ सरकार ने दिव्यांग व्यक्तियों के कल्याण के लिए कई योजनाएं लागू की हैं। इनमें ’’सुगम्य भारत अभियान’’, ’’दिव्यांगजन स्वरोजगार योजनाएं’’ और ’’कृत्रिम अंग योजनाएं’’ प्रमुख हैं। छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय के नेतृत्व में समावेशी शिक्षा, स्वरोजगार योजना और ’’सुगम छत्तीसगढ़ अभियान’’ जैसी योजनाओं के माध्यम से दिव्यांग व्यक्तियों के लिए बेहतर अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। यह विश्व दिव्यांग दिवस केवल एक दिन का आयोजन नहीं है, बल्कि यह दिव्यांग दिवस हमें एक ऐसा समाज बनाने की प्रेरणा देता है जो समानता, अधिकार और समावेशिता के मूल्यों पर आधारित हो। केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ की सरकार ने इस दिशा में सराहनीय प्रयास किए हैं। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम इन प्रयासों को आगे बढ़ाएं और एक ऐसा वातावरण बनाएं जिसमें दिव्यांग व्यक्तियों को सम्मान और समान अवसर मिले। recent visitors 73

I am sorry हरदोई एसपी नीरज ने कैमरे पर माफी मांगी, बोले- ऐसा फिर कभी नहीं होगा

हरदोई   उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के पुलिस कप्तान ने कुछ ऐसा किया कि लोग कह रहे हैं अधिकारी हो तो ऐसा. दरअसल एक मामले में युवती को असंवदेनशील तरीके से उनके सामने लाया गया. जिसकी वजह से पहले तो उन्होंने पुलिसकर्मियों से नाराजगी जताई और फिर बाद में वीडियो जारी कर माफी मांगी. जानकारी के मुताबिक, एक हादसे में घायल हुए भाई-बहन पुलिस से इंसाफ की मांग कर रहे थे तभी भाई अपनी बहन को लेकर एसपी ऑफिस आया. बहन एक्सीडेंट में इतनी चोटिल हो गई थी कि चलने की स्थिति में नहीं थी तभी वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक दिया और अंदर नहीं आने दिया. इस दौरान चादर के सहारे युवती को एसपी के सामने लाया गया. युवती को इस तरह अपने सामने पेश किए जाने से कप्तान ने भी नाराजगी जताई और पीड़ितों ने भी इसे सही नहीं ठहराया. इसी मामले में एसपी नीरज सिंह जादौन ने वीडियो जारी कर माफी मांगी. हरदोई पुलिस की ओर से जारी वीडियो में एसपी कह रहे हैं, "आज हरदोई पुलिस ऑफिस में एक्सीडेंट में घायल एक महिला को असुविधा का सामना करना पड़ा. इस बात को लेकर मुझे बहुत दुख है. मैं हरदोई पुलिस चीफ या पुलिस कप्तान होने के नाते इस महिला से क्षमा मांगता हूं. साथ ही साथ मैं सभी को आश्वस्त करता हूं कि इस तरह की घटना की रिपीट नहीं होने दी जाएगी. हरदोई पुलिस को अत्यंत संवेदनशील बनाने का पूरा प्रयास करूंगा." 27 अक्टूबर को हुआ था एक्सीडेंट उन्होंने आगे इस घटना के बारे में बताते हुए कहा कि 27 अक्टूबर को एक एक्सीडेंट हुआ था, जिसमें 28 अक्टूबर को थाना लोनार में सुसंगत धाराओं में केस दर्ज किया गया था, इसमें जांच जारी है. आप सभी को फिर आश्वस्त करता हूं कि आज की जो घटना हुई है, इसको लेकर हरदोई पुलिस के बारे में कोई राय नहीं बनाएं. इस तरह की घटना रिपीट नहीं होने दी जाएगी. ऐसा बहुत कम ही देखने को मिलता है कि कोई आईपीएस अधिकारी पुलिसकर्मियों की असंवेदनशीलता के लिए खुद ही आगे बढ़कर माफी मांगे, लेकिन हरदोई के पुलिस कप्तान नीरज कुमार जादौन पुलिसकर्मियों के कृत्य को अपनी गलती मानी और इस पर वीडियो बनाकर पोस्ट किया. ये सोशल मीडिया पर काफी चर्चा का विषय बन गया है.       recent visitors 59

बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज के लिए ग्रीव्स, जंगू वेस्टइंडीज की टीम में शामिल

किंग्स्टन विकेटकीपर बल्लेबाज आमिर जंगू को बांग्लादेश के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज के लिए वेस्टइंडीज की वनडे टीम में पहली बार शामिल किया गया है। ऑलराउंडर जस्टिन ग्रीव्स की भी वनडे टीम में वापसी हुई है, जिन्हें पिछले महीने की शुरुआत में इंग्लैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज से बाहर रखा गया था। जंगू और ग्रीव्स दोनों को घरेलू सुपर 50 एकदिवसीय टूर्नामेंट में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया गया है। यह टूर्नामेंट पिछले महीने के अंत में असाधारण परिस्थितियों में संपन्न हुआ था, जब दो फाइनलिस्ट, बारबाडोस प्राइड और जमैका स्कॉर्पियन्स ने टॉस के लिए नहीं आने और फाइनल को छोड़ने का फैसला किया था। त्रिनिदाद और टोबैगो के लिए खेलने वाले जंगू ने टूर्नामेंट में सबसे ज़्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी के तौर पर सात पारियों में 89.20 की औसत से 446 रन बनाए, जिसमें तीन अर्द्धशतक और एक शतक शामिल है। इस बीच, ग्रीव्स रन बनाने की सूची में दूसरे स्थान पर रहे, उन्होंने पांच पारियों में 133.66 की औसत से 401 रन बनाए, जिसमें तीन बैक टू बैक शतक शामिल हैं। उन्होंने पिछले हफ़्ते बांग्लादेश के खिलाफ़ पहले मैच में अपना पहला टेस्ट शतक भी लगाया था, जिसे वेस्टइंडीज़ ने 201 रन से जीता था। वेस्टइंडीज के मुख्य कोच डेरेन सैमी ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कहा, ग्रीव्स शीर्ष छह में कहीं भी बल्लेबाजी करने में सक्षम हैं और टीम में वह वास्तविक ऑलराउंड क्षमता लाते हैं, जिसका इस स्तर पर स्वागत किया जाता है। सीजी यूनाइटेड सुपर 50 में जंगू की कुशलता हमारी बल्लेबाजी इकाई में एक और आयाम लाने के लिए उनके लचीलेपन को दर्शाती है। वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला 2-1 से जीतने वाली टीम से हेडन वॉल्श और ज्वेल एंड्रयू को बाहर रखा है। विज्ञप्ति में आगे कहा गया है कि एंड्रयू उभरते क्षेत्रीय बल्लेबाजों के समूह में शामिल होंगे जो चेन्नई अकादमी में बल्लेबाजी शिविर में भाग लेने के लिए भारत की यात्रा करेंगे, जिसमें मुख्य ध्यान स्पिनिंग परिस्थितियों में बल्लेबाजी करने पर होगा। सैमी ने कहा, हम पुरुषों के 50 ओवर के विश्व कप के मुख्य लक्ष्य की ओर बढ़ना जारी रखते हैं, जहाँ हम श्रृंखला जीतने के अल्पकालिक उद्देश्यों के साथ-साथ खिलाड़ियों के पूल को व्यापक बनाने की कोशिश कर रहे हैं, खासकर घरेलू मैदान पर। टीम के बाकी खिलाड़ी उम्मीद के मुताबिक ही हैं। कप्तान शाई होप और उनके डिप्टी ब्रैंडन किंग बल्लेबाजी इकाई की कमान संभालेंगे, जिसमें एविन लुईस, शिमरॉन हेटमायर, शेरफेन रदरफोर्ड, कीसी कार्टी और रोस्टन चेस शामिल हैं। अल्जारी जोसेफ, शमर जोसेफ, जेडन सील्स और मैथ्यू फोर्ड तेज गेंदबाजी इकाई का नेतृत्व करेंगे। गुडाकेश मोती स्पिन गेंदबाजी विभाग का नेतृत्व करेंगे। बांग्लादेश के खिलाफ तीनों वनडे मैच क्रमशः 8, 10 और 12 दिसंबर को बैसेटेरे में खेले जाएंगे। श्रृंखला के बाद 16 दिसंबर से किंग्सटाउन में तीन टी20 मैचों की श्रृंखला होगी। बांग्लादेश के खिलाफ वनडे के लिए वेस्टइंडीज की टीम- शाई होप (कप्तान), ब्रैंडन किंग (उप-कप्तान), कीसी कार्टी, रोस्टन चेस, मैथ्यू फोर्ड, जस्टिन ग्रीव्स, शिमरोन हेटमायर, आमिर जंगू (विकेट कीपर), अल्जारी जोसेफ, शमर जोसेफ, एविन लुईस, गुडाकेश मोती, शेरफेन रदरफोर्ड, जेडन सील्स, रोमारियो शेफर्ड।   recent visitors 60

टॉड ग्रीनबर्ग को क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का नया सीईओ नियुक्त किया गया

मेलबर्न नेशनल रग्बी लीग के पूर्व प्रमुख टॉड ग्रीनबर्ग अगले साल क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के रूप में निक हॉकले की जगह लेंगे। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने मंगलवार को इसकी घोषणा की। ग्रीन अभी ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर्स एसोसिएशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं। वह अगले साल मार्च में अपना नया पद संभालेंगे। हॉकले ने 2020 में अंतरिम आधार पर यह पद संभाला था। उन्होंने अगस्त में घोषणा की थी कि वह मौजूदा घरेलू सत्र के अंत में अपने पद से हट जाएंगे। ग्रीनबर्ग पहले क्रिकेट न्यू साउथ वेल्स के साथ काम कर चुके हैं। वह शीर्ष क्रम के बल्लेबाज के रूप में सिडनी के रैंडविक क्रिकेट क्लब की तरफ से खेलते थे। क्रिकेट.कॉम.एयू के अनुसार ग्रीनबर्ग ने कहा,‘‘यह क्रिकेट के लिए बेहद रोमांचक समय है, क्योंकि दुनिया भर में इस खेल के तेजी से विकास ने शानदार अवसर पैदा किए हैं। इसके साथ ही इसने यह सुनिश्चित करने के लिए कुछ चुनौतियां भी पेश की हैं कि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट खेल के शीर्ष पर अपना स्थान बरकरार रखे।’’   recent visitors 76

कलेक्टर की पहल: बच्चों को मिला जाति प्रमाण पत्र, चेहरे पर आई मुस्कान

बैकुण्ठपुर/कोरिया जिला कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने आज बच्चों के जीवन में नई उम्मीद की किरण जगाई। सोनहत विकासखंड के प्राथमिक शाला महुआपारा और मझारटोला के बच्चों को कलेक्टर कार्यालय में जाति प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर कलेक्टर ने बच्चों से आत्मीय संवाद कर उनकी जिज्ञासाओं और सपनों को प्रोत्साहित किया। कक्षा पहली, दूसरी और पांचवीं में अध्ययनरत राजकिशोर सिंह, कुमारी स्मृति और अजय कुमार जब कलेक्टर से मिले, तो उनकी मासूमियत और सादगी ने सभी का दिल जीत लिया। कलेक्टर ने मुस्कुराते हुए पूछा, "बच्चों, आप लोगों का नाम क्या है? और आपको यहां क्यों बुलाया गया है?" मास्टर अजय ने बड़ी मासूमियत से जवाब दिया, "हमें जाति प्रमाण पत्र देने के लिए बुलाया गया है' और तीनों बच्चों ने नाम व कक्षा भी बताया। प्रशासन की त्वरित कार्यवाही प्रशासन की इस पहल से बच्चों के अभिभावक बेहद खुश हैं। लंबे समय से लंबित जाति प्रमाण पत्र अब बच्चों को मिल रहे हैं, जिससे उनकी शिक्षा और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने का रास्ता आसान हो गया है। कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, एसडीएम राकेश साहू, जिला शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गुप्ता और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने बच्चों को न केवल प्रमाण पत्र दिए, बल्कि उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए प्रेरित भी किया। प्रेरणादायक माहौल कलेक्टर कार्यालय का माहौल आज एक विशेष उत्सव जैसा था। बच्चों की हंसी और उनकी सरल बातें वहां मौजूद सभी अधिकारियों के चेहरों पर मुस्कान ले आईं। यह कार्यक्रम न केवल प्रशासनिक कार्यवाही का उदाहरण है, बल्कि संवेदनशीलता और जनसरोकार का भी प्रतीक है। अभिभावकों की प्रतिक्रिया एक बच्चे के पिता ने कहा, "हमने कभी नहीं सोचा था कि इतने छोटे बच्चों के साथ कलेक्टर स्वयं संवाद करेंगे। यह दिन हमारे लिए अविस्मरणीय रहेगा।" जिला प्रशासन लगातार आम लोगों की समस्याओं को सुन रहे हैं साथ ही निराकरण भी कर रहे हैं। निश्चित ही इस तरह के त्वरित प्रयास से प्रशासन पर भरोसा और आत्मविश्वास भी बढ़ता है। recent visitors 76