Sunday, July 5, 2026 3:13 pm

बीजापुर में सुरक्षाबलों को मिली सफलता, दस हजार के इनामी समेत तीन नक्सली गिरफ्तार

बीजापुर  माओवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में बीजापुर जिले में संयुक्त सुरक्षा बल को बड़ी सफलता मिली है. मिरतुर व नेलसनार पुलिस ने अलग अलग कार्रवाई में तीन अलग अलग क्षेत्रों से 3 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है. विस्फोटक के साथ 1 नक्सली गिरफ्तार: अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बीजापुर के अनुसार 1 दिसंबर 2024 को माओवादियों के खिलाफ नक्सल ऑपरेशन चलाया जा रहा था. इसी दौरान मिरतुर पुलिस व छत्तीसगढ़ 15 ई बटालियन चेरली पिनकोंड़ा में साप्ताहिक बाजार की सुरक्षा व्यवस्था से लौट रही थीं. तभी पाटलीगुड़ा पुलिया के पास 5 किलोग्राम विस्फोटक के साथ 24 वर्षीय सुरेश कारम को गिरफ्तार किया गया. उसके साथ एक अन्य नक्सली भी गिरफ्तार किया गया.  अभियान से वापसी के दौरान पाटलीगुडा पुलिया के पास दो संदिग्ध व्यक्ति पुलिस पार्टी को देखकर भागने का प्रयास कर रहे थे। जिन्हें घेराबंदी कर पकड़ा गया। इनमें जन मिलिशिया सदस्य सुरेश कारम पिता स्व. कोसा कारम उम्र 24 निवासी हुर्रेपाल व जन मिलिशिया सदस्य राजेश माड़वी पिता स्व. मंगू माड़वी उम्र 23 निवासी हुर्रेपाल शामिल है। इनके पास रखे थैला की चेकिंग करने पर 5 किलो का टिफिन बम, कॉर्डेक्स वायर बरामद किया गया है। वही थाना नेलसनार की टीम द्वारा बोदली मरी नदी के किनारे से जनताना सरकार सदस्य व सीएनएम कमाण्डर दशरथ हेमला पिता वेल्ला उर्फ मंगू उम्र 29 निवासी फुलादी कुंजामपारा थाना मिरतुर को पकड़ा गया। पकड़ा गया नक्सली 17 अप्रैल 2019 को नगर सैनिक राजूराम गोंदे की हत्या में शामिल था। जिसकी गिरफ्तार के लिए पुलिस अधीक्षक बीजापुर ने 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पकड़े गए नक्सलियों के विरुद्ध मिरतुर व नेलसनार थाना में वैधानिक कार्यवाही कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय बीजापुर के समक्ष पेश किया  है। नगर सैनिक की हत्या में शामिल कमांडर गिरफ्तार: नक्सलियों के खिलाफ दूसरी कार्रवाई नेलनसार पुलिस ने किया. जवानों ने सीएनएम कमांडर दशरथ हेमला को गिरफ्तार किया. जो साल 2019 में नगर सैनिक राजू राम गोंदे की हत्या में शामिल था. दशरथ हेमला पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित था. पकड़े गए तीनों नक्सली सीएनएम सदस्य व जनताना सरकार से जुड़े माओवादी बताए जा रहे हैं. बीजापुर में मोबाइल टावर में नक्सलियों ने लगाई आग: रविवार देर रात नक्सलियों ने बीजापुर के मोरमेड गांव में लगाए गए निजी मोबाइल कंपनी के मोबाइल टावर में आग लगा दी. नक्सली सादी वेशभूषा में पहुंचे और टावर में लगे उपकरणों को जला दिया. हाल ही में दूरस्थ अंचल में कनेक्टिविटी बढ़ाने मोबाइल टावर लगाया गया था. recent visitors 60

जानिए अक्सर क्यों महसूस होती है उदासी और डिप्रेशन

ज्यादातर लोगों को अक्सर डिप्रेशन या उदासी महसूस होती है। लेकिन क्या आपको पता है कि आखिर ऐसा क्यों होता है? अगर नहीं, तो आइए जानते हैं ऐसा महसूस होने की वजह। कई बार बेवजह उदासी और डिप्रेशन महसूस हो सकता है। जब भी किसी व्यक्ति को ये भावना आती है तो कई तरह की चीजें आपको महसूस हो सकती हैं। इस स्थिति में अपसेट रहने के साथ-साथ भूख में कमी और थकान भी हो सकती है। जब भी कभी ऐसा महसूस होता है तो सबसे पहले यही बात ध्यान में आती है कि आखिए ऐसा क्यों महसूस हो रहा है। अगर आपको भी अक्सर उदास और डिप्रेस महसूस होता है तो जानिए आखिर ऐसा होने की वजह। नींद की कमी अच्छा महसूस करने के लिए नींद जरूरी है और नींद की कमी से चिंता, हताशा और गुस्से की भावनाओं का अनुभव हो सकता है। लगातार नींद की कमी दिमाग की एक्टिविटीज को बदल सकता है। जिसकी वजह से फीलिंग्स को नियंत्रित करने और समस्याओं से निपटना मुश्किल हो सकता है। ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव गलत खान-पान और मीठे या पैकेज खाने को खाने से ज्यादा कैलोरी के कारण अस्थिर ब्लड शुगर का लेवल मूड को प्रभावित कर सकता है। इसलिए मिक्स कार्बोहाइड्रेट, लीन प्रोटीन और हेल्दी फैट वाले बेलेंस खाने और स्नैक्स को खाना चाहिए। ऐसा करे आप ब्लड शुगर के लेवल को स्थिर बनाए रखने में मदद करता है। साथ ही एनर्जी लेवल को नुकसान पहुंचाने से रोकता है। जिससे चिड़चिड़ापन, खराब मूड और यहां तक ​​कि डिप्रेशन की फीलिंग हो सकती है। मौसमी बदलाव जैसे-जैसे दिन छोटे होते जाते हैं, तापमान गिरता जाता है और ठंड हो जाती है तो मौसम में बदलाव से उदासी, चिड़चिड़ापन और सुस्ती की भावनाएं हो सकती हैं। बदलते मौसम में इस तरह का डिप्रेशन महसूस हो सकता है, जो सर्दी के मौसम में अक्सर लोगों को महसूस हो सकता है। फैमिली और सोशल वातावरण कुछ लोगों के लिए निगेटिव, तनावपूर्ण या दुखी पारिवारिक जीवन डिप्रेशन का कारण बन सकता है। अपनों के साथ खाना शेयर करना, समय बिताना, पॉजिटिव रिलेशन रखने की प्रेक्टिस करने से जुड़ाव और भावनात्मक संतुष्टि की भावना महसूस हो सकती है। recent visitors 66

दिनभर बादल और बारिश के आसार, छत्तीसगढ़ में फेंगल चक्रवाती तूफान का असर

रायपुर. छत्तीसगढ़ के कई जिलों में इन दिनों बूंदाबांदी हो रही है। चक्रवाती तूफान फेंगल के प्रभाव से प्रदेश में हल्की मध्यम बारिश हो रही है। आज मंगलवार को सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा। साथ ही प्रदेश के एक-दो जगहों पर हल्की मध्यम बारिश के आसार हैं। बीते दिनों सारंगढ़ और बरमकेला इलाके में बारिश दर्ज की गई है। वहीं बादल छाए रहने की वजह से अब न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी चार दिनों तक दक्षिण छत्तीसगढ़ के कुल जिलों में आकाश आंशिक मेघमय में रहने की संभावना है। साथ ही एक दूजे के ऊपर हल्की मध्यम बारिश के आसार हैं। आगामी दो दिनों में न्यूनतम तापमान में हल्की वृद्धि होने की संभावना है। इसके अगले तीन दिनों बाद न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस गिरावट होने की संभावना है। आज भी बारिश के आसार मौसम एक्सपर्ट ने बताया कि चक्रवर्ती तूफान फेंगल अवशेष उत्तरी आंतरिक तमिलनाडु पर निम्न दबाव के क्षेत्र में बना हुआ है। शेष निम्न दबाव क्षेत्र के आज आसपास उत्तर केरल-कर्नाटक तटों से दूर दक्षिण-पूर्व और समवर्ती पूर्व-मध्य अरब सागर में उभरने की संभावना है। इसके प्रभाव से प्रदेश में एक दो जगह पर हल्की बारिश की संभावना है। न्यूनतम तापमान में फिर होगी गिरावट मौसम एक्सपर्ट का कहना है कि चक्रवर्ती तूफान की वजह से इन दोनों दिनभर बादल छाए हुए हैं। इसके प्रभाव से न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आगामी दिनों की तुलना में न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हुई है। वहीं अब बादल हटने से न्यूनतम तापमान में फिर से गिरावट दर्ज की जाएगी। हालांकि नामी हवाओं का आगमन जारी है, जिसके  वजह से ठंड बरकरार है। आने वाले दिनों में मौसम का हाल आगामी दो दिनों में मौसम का मिजाज ऐसे ही बने रहने की संभावना है। दिनभर बादल छाए रहने के साथ ही हल्की बारिश की संभावना रहेगी। बीते दिनों सोमवार को प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान बलरामपुर में 10.5 डिग्री दर्ज किया गया है। सर्वाधिक अधिकतम तापमान बीजापुर में 29.8 डिग्री रहा। सोमवार को प्रदेश के एक-दो जगह पर बहुत हल्की से हल्की मध्यम बारिश हुई है। वहीं सर्वाधिक बारिश बरमकेला स्टेशन में दर्ज की गई है। recent visitors 58

श्रीराम से पहले शिव धनुष किसने उठाया था शिव धनुष?

विवाह पंचमी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो भगवान राम और माता सीता के विवाह के पावन अवसर को मनाता है. यह पर्व मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को हरसाल मनाया जाता है. इस दिन भगवान राम और माता सीता की पूजा-अर्चना की जाती है और उनके पवित्र बंधन को याद किया जाता है. यह पर्व हमें रामायण काल की याद दिलाता है और हमें भगवान राम और माता सीता के आदर्श जीवन के बारे में बताता है. भगवान राम और माता सीता के पवित्र रिश्ते को पति-पत्नी के रिश्ते का आदर्श माना जाता है. इस दिन पति-पत्नी एक-दूसरे को उपहार देते हैं और एक-दूसरे के प्रति प्रेम और सम्मान व्यक्त करते हैं. यह दिन शुभ कार्यों के लिए भी माना जाता है. पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 05 दिसंबर को दोपहर 12 बजकर 49 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन यानी 06 दिसंबर को दोपहर 12 बजकर 07 मिनट पर समाप्त होगी. उदयातिथि के अनुसार, इस साल 06 दिसंबर को विवाह पंचमी का पर्व मनाया जाएगा. रामायण की कथा के अनुसार, राजा जनक ने अपनी पुत्री सीता का स्वयंवर आयोजित किया था. इस स्वयंवर में एक शर्त रखी गई थी कि जो भी राजकुमार शिव धनुष को उठाकर उसकी प्रत्यंचा चढ़ा देगा, वही सीता से विवाह कर सकेगा. कई राजकुमारों ने इस धनुष को उठाने की कोशिश की, लेकिन कोई भी सफल नहीं हो पाया. अंत में, भगवान राम आए और उन्होंने आसानी से धनुष को उठाकर उसे तोड़ दिया, लेकिन क्या आपको पता है कि श्रीराम से पहले शिव धनुष किसने उठाया था. सबसे पहले किसने उठाया था धनुष? कुछ लोकप्रिय मान्यताओं में यह भी कहा जाता है कि माता सीता ने बचपन में खेलते-खेलते इस धनुष को अपने बाएं हाथ से उठा लिया था. ऐसा कहा जाता है कि माता सीता ने स्वयंवर के समय इसी धनुष को उठाकर स्वयंवर भवन तक लाया था. राजा जनक को पता था कि माता सीता इस धनुष को आसानी से उठा सकती हैं. इस धनुष को कोई भी सैनिक उठा नहीं पा रहा था. राजा जनक को इस बात का डर था कि अगर यह धनुष रावण के हाथ लग गया, तो सृष्टि का विनाश हो जाएगा. भगवान राम ने इस धनुष को एक हाथ से उठाकर सबको चौंका दिया था. राम ने धनुष की प्रत्यंचा चढ़ाई और उसे झुकाते ही धनुष खुद व खुद टूट गया था. शिव धनुष को शक्ति और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है. भगवान राम विष्णु के अवतार थे और उन्होंने इस धनुष को उठाकर अपनी दिव्य शक्ति का प्रदर्शन किया था. धनुष को तोड़कर भगवान राम ने सीता से विवाह का अधिकार प्राप्त किया था. recent visitors 177

रात में चेकिंग से मचा हड़कंप, छत्तीसगढ़-जगदलपुर में मॉडिफाई साइलेंसर वाली 18 बुलेट पकड़ीं

जगदलपुर. शहर की सड़कों पर फर्राटेदार तरीके से बुलेट को चलाने के साथ ही मॉडिफाई साइलेंसर लगाकर लोगों को डराने व परेशान करने वाले बुलेट चालकों के खिलाफ बीती रात यातायात विभाग के द्वारा कार्यवाही की गई। इस कार्यवाही से बुलेट चालकों में हड़कंप मच गया। पुलिस को देख वाहनों को गली और भीड़ की आड़ लेकर भागते नजर भी आये। मामले की जानकारी देते हुए डीएसपी संतोष जैन ने बताया कि बीते कई दिनों से शहर के युवा वर्ग के द्वारा अपनी बुलेट वाहन में ओरिजन साइलेंसर को हटाकर मॉडिफाई साइलेंसर लगा कर शहर की सड़कों पर फर्राटेभरते नजर आ रहे थे। इसके अलावा युवा वर्ग के द्वारा आजकल अपने वाहनों के साइलेंसर में गोली साउंड की आवाज को लगाकर लोगों को डरा रहे हैं। भीड़भाड़ वाले इलाकों में इन युवा वर्ग के द्वारा तेज साउंड को बजाते हुए लोगों को परेशान करने की लगातार शिकायत मिल रही थी। जिसके बाद पुलिस ने चौक-चौराहों पर अपने जवान तैनात कर कार्रवाई की। जिसके चलते बीती रात 18 वाहन चालकों को पकड़ा। जिनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। recent visitors 56

ग्रामीणों ने बचाई जान, छत्तीसगढ़-रायगढ़ में गड्ढे में घंटों फंसा रहा हाथी का बच्चा

रायगढ़. छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक बार फिर से जंगलों में विचरण करने वाले जंगली हाथी के दल में से एक हाथी शावक का वीडियो सामने आया है। हाथी शावक खेत में बने तालाब नुमा गड्ढे में फंस गया था। जिसे घंटों बाद रेसक्यू कर बाहर निकाला जा सका। तब जाकर उसकी जान बच सकी। मिली जानकारी के मुताबिक, इन दिनों रायगढ़ जिले के जंगलों में कुल 99 जंगली हाथी अलग-अलग दल में अलग-अलग रेंज में विचरण कर रहे हैं। हाथियों के इस दल में नर हाथी 27, मादा हाथी 49 के आलावा 23 हाथी शावक शामिल हैं। हाथियों के दल मे सर्वाधिक हाथी की बात करें तो लैलूंगा रेंज में  41 हाथी, धरमजयगढ़ के सेमीपाली में 20 हाथी, कापू रेंज के रतनपुर 20 हाथी के आलावा अलग-अलग रेंज मे हाथी विचरण कर रहे। नहाते समय फंस गया शावक बताया जा रहा कि रायगढ़ वन मंडल के दनौट से वापस जाते समय घरघोड़ा और लैलूंगा सीमा के चिल्कागुढ़ा के खेत में पानी से भरे गड्ढे में 41 हाथी का दल सुबह 7 बजे के आसपास नहाने गया था। तभी सभी हाथी नहा का निकल गए और एक शावक उसमें फंस गया। निकल नहीं सका, जिसे तकरीबन एक घंटे बाद रेसक्यू कर बाहर निकाला जा सका। दो साल का था शावक गांव के ग्रामीणों ने बताया कि जो हाथी शावक खेत में पानी से भरे गड्ढे में फसा था उसकी उम्र करीब दो साल के आसपास है। इस घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीणों ने  लैलूंगा एसडीओ और घरघोड़ा एसडीओ समेत वन अमला को इस घटना से अवगत कराया और फावडे की मदद से हाथी शावक को बाहर निकाला जा सका। जिसके बाद अपने दल मे शामिल हो सका। मौके पर मौजूद था हाथियों का दल गांव के ग्रामीणों ने बताया कि जिस समय वे लोग पानी से भरे गड्ढे में फंसे हाथी शावक को निकालने का प्रयास में जुटे हुए थे। इस दौरान हाथियों का एक दल आसपास ही मौजूद था और इस दौरान पूरा क्षेत्र हाथियों के चिंघाड़ से गूंजता रहा। लेकिन गांव के ग्रामीण हाथी शावक की जान बचाने जुटे रहे और आखिरकार उन्हें सफलता मिली।। जानें एसडीओ ने क्या कहा इस सम्बन्ध मे घरघोडा एसडीओ केपी डिंडोरे ने बताया कि किसान पानी रखने के लिये खेत में गड्ढा खोदकर रखे रहते हैं। उसमें यह शावक गिर गया था। इस दौरान हाथियों का 41 दल यहा मौजूद था। घरघोड़ा और लैलूंगा रेंज की यह घटना है और दोनों रेंज के एसडीओ मौजूद थे, यह घटना सुबह सात बजे की घटना है, सफलता पूर्वक रेस्क्यू करके निकाल लिया गया। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को इस मामले की सूचना दिया और एक घंटे बाद शावक को बाहर निकाला गया। recent visitors 45

IG ने दी चेतावनी, छत्तीसगढ़-तेलंगाना सीमा में मरे सात में से छह नक्सली बीजापुर से

जगदलपुर. बीजापुर और तेलंगाना के सीमा से लगे गांव में बीते दिन हुए नक्सली-पुलिस मुठभेड़ में मारे गए सात नक्सलियों में छह नक्सली बीजापुर के बताए जा रहे हैं। वहीं इस मामले को लेकर बस्तर रेंज आईजी ने बाकी बचे नक्सलियों को सरेंडर करने की बात कही है। नहीं तो आने वाले दिनों में बड़ा आपरेशन किया जाएगा। बताया जा रहा है कि बीजापुर और तेलंगाना सीमा में हुए मुठभेड़ में मारे गए सात नक्सलियों में छह नक्सली बीजापुर जिले के रहने वाले हैं और ये नक्सली तेलंगाना कमेटी में रह कर काम करने की बात बताई जा रही थी। वहीं मामले की जानकारी देते हुए बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि नक्सलियों के खिलाफ एंटी नक्सल ऑपरेशन में ज्वॉइंट स्टेट कार्डिनेशन के बीच बने तालमेल से ही वहां के बड़े केडर्स मारे गए हैं और लगातार बस्तर सुरक्षा बलों के दबाव के चलते ही नक्सलियों की टीम बिखर रही हैं और बॉर्डर इलाकों में अपना ठिकाना बनाये हुए है। जिसके बाद वे उस इलाके में मौजूदगी के बाद ग्रेहाउंड के जवानों ने ऑपरेशन किया। जिसमें सात नक्सलियों को ढेर करने में सफकता मिली, साथ ही उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़, तेलंगाना, महाराष्ट्र और उड़ीसा सरकार के जवानों का लगातार दबाव बना है और नक्सलियों को जड़ से खत्म करने के लिए योजना बनाई गई है। बस्तर आईजी ने बचे नक्सलियों को अंतिम चेतावनी दी है और कहा कि नक्सलियों के सामने सरेंडर का ही एकमात्र रास्ता बना है। अन्यथा आने वाले दिनों में ऑपरेशन को और बड़ा किया जाएगा। recent visitors 41