Sunday, July 5, 2026 4:19 pm

मध्य प्रदेश के जंगल में अब आजाद हो जाएंगे चीते, कूनो में पर्यटकों की भी मौज

भोपाल अंतर्राष्ट्रीय चीता दिवस, 4 दिसंबर को, कूनो नेशनल पार्क में चीते अग्नि और वायु को खुले जंगल में छोड़ा जाएगा। यदि सब ठीक रहा, तो बाकी चीतों को भी चरणबद्ध तरीके से उनके बाड़ों से आजाद किया जाएगा। यह चीता पुनर्स्थापना परियोजना का एक महत्वपूर्ण कदम है, जो लगभग 70 वर्षों के बाद भारत में चीतों की आबादी को पुनर्जीवित करने के लिए महत्वपूर्ण है। पर्यटकों को इन राजसी जानवरों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का अनोखा अवसर मिलेगा। आधे से अधिक हैं शावक कूनो में 24 चीते, जिनमें से आधे शावक हैं, एक साल से भी ज्यादा समय से सुरक्षा के लिए बाड़ों में रह रहे हैं। कई चीतों की मौत हो गई है, कुछ का कारण भारतीय परिस्थितियों के अनुकूल होने में कठिनाई बताया गया है, और कुछ की मौत के कारण अस्पष्ट हैं। भटकने वाला पवन नाम का चीता अकेला जंगल में था, लेकिन इस साल अगस्त में रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाया गया। उसकी मौत एक बड़ा झटका थी और बाकी 24 चीतों के जंगल में छोड़ने पर एक सवालिया निशान लग गया। चीता दिवस पर मिलेगी खुशखबरी लेकिन 2024 का चीता दिवस खुशियों की किरण लाने वाला है। राजेश गोपाल की अध्यक्षता वाली एक संचालन समिति 3 दिसंबर को कूनो का दौरा करेगी। यह चीतों को छोड़ने की अंतिम तैयारियों की समीक्षा करेगी। समिति यह सुनिश्चित करेगी कि संरक्षित बाड़ों से जंगल में सुचारु रूप से बदलाव के लिए सभी साजो-सामान, सुरक्षा और बचाव के उपाय मौजूद हों। अग्नि और वायु हैं सबसे मजबूत अग्नि और वायु सबसे तेज और सबसे मजबूत चीतों में से हैं, इसलिए उन्हें पथप्रदर्शक के रूप में चुना गया है। जंगल में उन पर कड़ी नजर रखी जाएगी ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि वे अपने नए वातावरण में अच्छी तरह से ढल जाएं। अधिकारियों ने कहा कि पर्यटकों को इन राजसी जानवरों को उनके प्राकृतिक आवास में देखने का अनोखा अवसर मिलेगा। चीतों को देखने का मिलेगा मौका पिछले चीता रिलीज के विपरीत, जहां आगंतुक केवल तेज चीतों की दूर से झलक ही पाते थे, खुला जंगल करीब से देखने का मौका दे सकता है, हालांकि उनकी सुरक्षा के लिए अभी भी एक नियंत्रित वातावरण में। भाग्यशाली लोग चीतों को शिकार करते हुए भी देख सकते हैं। 70 साल बाद चीते देखने को मिलेंगे चीतों को जंगल में छोड़ना चीता पुनर्स्थापना परियोजना में एक मील का पत्थर होगा। यह लगभग 70 वर्षों के बाद जंगली चीता आबादी को पुनर्जीवित करने के लिए महत्वपूर्ण है। कई चीतों की मौत चिंता का विषय रही है। कुछ मौतें भारतीय परिस्थितियों के अनुकूलन की कठिनाई के कारण हुईं, जबकि कुछ अस्पष्टीकृत रहीं। पवन की रहस्यमयी मौत ने लोगों की चिंता बढ़ा दी थी। यह चीता पुनर्स्थापना परियोजना के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ है, जो भारत में चीतों की आबादी को पुनर्जीवित करने का प्रयास है। संचालन समिति चीतों के जंगल में सफलतापूर्वक संक्रमण सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं करने के लिए प्रतिबद्ध है। recent visitors 49

डोली देवी अहिरवाल के महापरिनिर्वाण पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित

Tribute meeting organized on Mahaparinirvana of Doli Devi Ahirwal भोपाल। मध्य प्रदेश सर्व जाटव संघ के पूर्व अध्यक्ष रामसिंह अहिरवाल की धर्मपत्नी श्रीमती डोली देवी अहिरवाल का 15 नवंबर 2024 को महापरिनिर्वाण हो गया था। उनके परिवार को संबल प्रदान करने द बुद्ध भूमि धम्मदूत संघ मप्र के अध्यक्ष भदंत शाक्यपुत्र सागर थैरोजी, कोषाध्यक्ष भंते राहुलपुत्र के सानिध्य में बुद्ध वंदना की गई। इसी दिवस 26 नवंबर 2024 को संविधान दिवस होने के कारण उपस्थित जन समूह के साथ भारतीय संविधान की उद्देशिका का भी वाचन कराया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से भदंत शाक्यपुत्र सागर थैरोजी व भंते राहुलपुत्र, स्व श्रीमती डोली देवी अहिरवाल के पति एवं सर्व जाटव संघ के पूर्व अध्यक्ष रामसिंह अहिरवाल, बेटे एवं पुत्रवधू श्रीमती लक्ष्मी -दिनेश बिजोले, श्रीमती चंचल-महेश बिजोले, श्रीमती मनोरमा-अरुण बिजोले, श्रीमति श्रुति-चंद्रशेखर बिजोले तथा बेटी-दामाद श्रीमती सरोज-सत्य विजय चन्दन, श्रीमती मीना-डॉक्टर शेखर अहिरवार तथा नाती-नातिन अभिजीत चन्दन, अभिषेक चन्दन, प्रिंसी अहिरवार, मिशेख अहिरवार तथा पोता-पोती पलक बिजोले, तनिष्क बिजोले, डिंपी बिजोले, मिली बिजोले, मेहुल बिजोले, गुनगुन बिजोले, टीशा बिजोले, पल्लवित बिजोले के साथ दलित इंडियन चैंबर आफ कमर्स एंड इंडस्ट्रीज (डिक्की) के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिरवैया व उनके अन्य पदाधिकारीगण एवं परिवार के समस्त नाते रिश्तेदार ईष्ट मित्र एवं सहयोगी, मार्गदर्शक उपस्थित रहे। recent visitors 264

ये 3 सेटिंग करें ऑन नहीं होगा डेटा लीक

नई दिल्ली जब भी नया फोन लेते हैं तो उसमें पुराने फोन का डेटा डाल लेते हैं. लेकिन डेटा ट्रांसफर करने के प्रोसेस में एक टेंशन हमेशा रहती है कि कहीं डेटा लीक तो नहीं हो जाएगा? इस प्रोसेस में थर्ड पार्टी ऐप्लिकेशन की मदद ली जाती है जिसमें डेटा लीक के चांस हमेशा बने रहते हैं. ऐसे में हम आपको 3 ऐसी सेटिंग के बारे में बताएंग जिन्हें फॉलो करके डेटा लीक के चांस कम हो जाते हैं. इससे आपका पर्सनल डेटा भी सेफ रहता है और आपका काम भी हो जाता है. इसमें नए फोन में फाइल, फोटो, वीडियो शेयरिंग से लेकर नए ऐप्लिकेशन इंस्टॉल करने और सिस्टम अपडेट करने से पहले की सेटिंग बताई गई हैं. इन सेटिंग को पहले ही करले ताकि आप डेटा लीक की टेंशन से बच जाएं. ये तीन सेटिंग हैं जरूरी इसके लिए जब भी कोई फाइल, फोटो या वीडियो शेयर या रिसीव करें तो क्विक शेयर में जाना है, इसमें बाई डिफॉल्ट कॉन्टैक्ट्स सलेक्ट होता है, इसे हटाकर योर डिवाइस का ऑप्शन सलेक्ट करें. अगर कोई फाइल रिसीव करनी है तो एव्रीवन पर टिक करें. नए फोन में ऐप इंस्टॉल करने से पहले करें सेटिंग अब नया फोन लिया है तो उसमें ऐप्स की भी जरूरत पड़ेगी, तो नए ऐप्स इंस्टॉल कपने से पहले सेटिंग में जाएं. सेटिंग में सर्चबार में अननोन लिख कर सर्च करें, अननोन पर क्लिक करने के बाद नीचे स्क्रॉल करें और इंस्टॉल अननोन ऐप्स पर जाएं. यहां पर लिस्ट में आपको क्रोम, ड्राइव, फाइल्स, जीमेल और वॉट्सऐप शो होंगे इन सब को नॉट अलाउड करें. टाइम टू टाइम सिस्टम अपडेट ऊपर बताए गए स्टेप्स के बाद आपका फोन सेटअप हो जाएगा. आखिरी में आपको फोन की सेटिंग में जाना है और अपडेट लिख कर सर्च करना है. आपके सामने सिस्टम अपडेट का ऑप्शन दिख जाएगा इस पर क्लिक करें. इससे टाइम टू टाइम सिस्टम अपेडट होता रहेगा.   recent visitors 59

कोतवाली पुलिस द्वारा नाबालिग बालिका के अपहरण के मामले में चार वर्षों से फरार ईनामी स्थाई वांरटी गिरफ्तार

अनूपपुर      पुलिस अधीक्षक  अनूपपुर श्री मोती उर रहमान जी के निर्देशन में जिले में फरार चल रहे अपराधियों एवं  गिरफ्तारी वारंटी  की लगातार धरपकड़ कर गिरफ्तारी की जा रही है।         इसी क्रम में  मंगलवार की सुबह टी. आई कोतवाली निरीक्षक अरविंद जैन के नेतृत्व में उपनिरीक्षक सतानंद कोल  एवं आरक्षक पूर्णानंद मिश्रा ने नाबालिक बालिका के अपहरण  एवं बलात्कार के मामले में चार वर्षो से फरार चल रहे  स्थाई वारंटी शंकर रौतेल उर्फ सलोने पिता मोतीलाल रोतेल उम्र 20 साल निवासी ग्राम करिवाह  अनूपपुर को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।         गिरफ्तार आरोपी शंकर उर्फ़ सलोने रोतेल के विरुद्ध  दिनांक 17. 09.2020 को 15 वर्षीय नाबालिक बालिका को  भगाकर ले जाने के  थाना कोतवाली में दर्ज अपराध क्रमांक 389/ 20 में  धारा 363, 366 ए, 376 (3) 376(2 ) भारतीय दंड विधान एवं 3/4, 5/6 पाक्सो एक्ट  में गिरफ्तार किया जाकर  नयायालय पेश किया गया था जो आरोपी  लगातार फरार होने से माननीय न्यायालय अंजलि शाह प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट,  किशोर न्याय बोर्ड, अनूपपुर के द्वारा प्रकरण क्रमांक 49 / 20 धारा 363, 366 ए, 376 (दो ) भारतीय दंड विधान एवं 3/4, 5/6  पाकसो एक्ट में स्थाई गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। उक्त फरार आरोपी के गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री मोती उर रहमान जी द्वारा ₹2000 इनाम भी  उद्घोषित  किया गया था recent visitors 66

छिंदवाड़ा में बस हुई हादसे का शिका , अयोध्या से दर्शन कर लौट रहे 15 श्रद्धालु घायल

 छिंदवाड़ा छिंदवाड़ा में मगंलवार (3  दिसंबर) को बड़ा सड़क हादसा हो गया. यहां चौरई के पास यात्रियों से भरी बस पलट गई. इस हादसे में 15 श्रद्धालु घायल हो गए. बताया जा रहा है कि ये श्रद्धालु अयोध्या से दर्शन करके लौट रहे थे, तब ही ये दुर्घटना हुई. ये एक्सीडेंट की घटना छिंदवाड़ा के चौरई में केंद्रीय विद्यालय हुई. जानकारी के मुताबिक बस में छिंदवाड़ा के यात्री सवार थे जो अयोध्या दर्शन कर छिंदवाड़ा लौट रहे थे. घायलों को पुलिस 108 एंबुलेंस वाहन द्वारा अस्पताल भेज रही है. एसपी अजय पांडेय ने बताया कि हादसे में कुल 21 लोग घायल हुए हैं। श्रद्धालु 27 नवंबर को छिंदवाड़ा से काशी विश्वनाथ और अयोध्या दर्शन के लिए निकले थे। 108 एम्बुलेंस वाहन द्वारा घायलों को सिविल अस्पताल या जिला अस्पताल रवाना कर दिया गया है। छिंदवाड़ा एडिशनल एसपी अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि जिस बस का एक्सीडेंट हुआ है वह छिंदवाड़ा की राहुल बस है, जो श्रद्धालुओं को लेकर अयोध्या दर्शन से लौट रही थी। recent visitors 48

निगम ने शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए टॉस्क फोर्स और कार्य योजना बनाई

भोपाल भोपाल में लगातार बढ़ते वायु प्रदूषण के चलते निगम प्रशासन को मैदान में उतरकर अब कमान संभालनी पड़ रही है, निगम ने शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए टॉस्क फोर्स और कार्य योजना बनाई है निगम ने शहर में अलाव जलाने को पूर्णतः प्रतिबंधित करने, आग जलाने की घटना पर सख्त कार्यवाही करने, वाहनों का प्रदूषण नियंत्रित करने और नागरिकों में जागरूकता हेतु अनाउंसमेंट कर व्यापक प्रचार-प्रसार करने जैसे महत्वपूर्ण कदम उठाए जायेंगे। अहम बैठक में लिया फैसला निगम आयुक्त हरेन्द्र नारायन की अध्यक्षता में वायु गुणवत्ता सुधार हेतु अहम बैठक में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी भी मौजूद थे। बैठक में पी.सी.बी. के अधिकारियों ने निगम द्वारा फागर मशीन से जल के छिड़काव की सराहना करते हुए कहा कि इसके सकारात्मक प्रभावी परिणाम भी देखने को मिल रहे है। निगम आयुक्त श्री नारायन ने कचरा जलाने की प्रवृत्ति को रोकने के लिए सहायक स्वास्थ्य अधिकारियों का एक टॉस्क फोर्स भी गठित किया और इसकी सूचना फोन नंबर (155304) पर देने हेतु कहा साथ ही रहवासी संघों, मैरिज गार्डन, होटल आदि को पत्र लिखा जाएगा। बनी कार्ययोजना, लगेगा इन पर प्रतिबंध बैठक में शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए टॉस्क फोर्स और कार्य योजना बनाई गई। शहर में अलाव जलाने को पूर्णतः प्रतिबंधित करने, आग जलाने की घटना पर सख्त कार्रवाई करने, मैरिज गार्डनों, रहवासी संघ, होटलों को पत्र लिखकर अलाव न जलाने हेतु निर्देशित किया जाएगा। निगम के रैन बसेरों, बस स्टैंडों में अलाव के स्थान पर इलेक्ट्रॉनिक हीटर जैसे वैकल्पिक संसाधन उपलब्ध कराए जायेंगे। इसके साथ ही जागरूकता हेतु निगम के वाहनों से अनाउंसमेंट किया जाएगा और कचरा, सूखी पत्तिया, लकड़ी, टायर न जलाने तथा पर्यावरण प्रदूषित होने से बचाने हेतु सचेत किया जाएगा। निगम आयुक्त हरेन्द्र नारायन ने वायु गुणवत्ता में सुधार हेतु आग लगाने की घटना को रोकने हेतु रात्रिकालीन सुपरवाईजर, वाहन चालकों एवं सहायक स्वास्थ्य अधिकारियों का एक टॉस्क फोर्स गठित किया और सख्त निर्देश दिए कि कचरा, पत्तिया, अलाव जलते पाए जाने पर फोन नंबर (155304) पर कॉल करें। स्पॉट फाईन की कार्रवाई को और सख्त करने के निर्देश निगम आयुक्त हरेन्द्र नारायन ने स्पॉट फाईन की कार्रवाई को और सख्त करने, सेंट्रल वर्ज एवं साईड वर्ज के दोनों ओर की धूल को हटाने तथा 10 मेकनाईज्ड रोड स्वीपिंग वाहन को शीघ्र ही सड़क की साफ-सफाई हेतु संलग्न करने के निर्देश दिए। निगम आयुक्त श्री नारायन ने निगम के संसाधनों और टीम के साथ वायु गुणवत्ता सुधार हेतु प्रतिबद्धता जताई और इस कार्य में सभी रहवासियों को भी जागरूक होकर वायु प्रदूषण रोकने में सहयोग और योगदान देने का आव्हान किया। निगम आयुक्त ने आग जलाने के स्थलों को चिन्हित कर वहां पर जन-जागरूकता और संवाद आयोजित करने के निर्देश दिए। वही निगम आयुक्त ने आर.टी.ओ. से वाहनों के पी.यू.सी चेक कराने हेतु सघन अभियान हेतु पत्र व समन्वय करने के लिए भी  कहा है, साथ ही सभी विभागों के साथ मिलकर सतत् रूप से प्रयास किये जायेंगे। ट्राफिक पुलिस द्वारा जहां सिग्नल नहीं है उन स्थानों पर यातायात बाधित न हो और प्रदूषण न बढ़े इस हेतु अतिरिक्त टीम की तैनाती की जाएगी और इसके लिए पत्राचार किया जाएगा। recent visitors 46

ग्वालियर में आयुर्वेदिक डॉक्टर से 21 लाख की ठगी, 29 घंटे डिजिटल अरेस्ट रखा

 ग्वालियर ग्वालियर में आयुर्वेदिक डॉक्टर को ठगों ने 29 घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया। इसके बाद मनी लॉन्ड्रिंग में गिरफ्तारी का डर दिखाकर उनसे 21 लाख रुपए ऐंठ लिए। डॉक्टर को ठगों का कॉल आया था। डॉक्टर को बदमाशों ने उनके आधार नंबर पर महालक्ष्मी ट्रांसपोर्टेशन कंपनी बनाकर करोड़ों रुपए मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए इधर-उधर करने की बात कहकर डराया। ठगों ने कहा गया कि आपको और आपके परिवार को उम्रकैद तक हो सकती है। बाद में एक बदमाश ने खुद को सीबीआई का अधिकारी बताकर उनसे बात की। मदद का कहकर अपने अकाउंट में 21 लाख रुपए आरटीजीएस के जरिए डलवा लिए। जब डॉक्टर को एहसास हुआ कि वे ठग लिए गए, तो उन्होंने पुलिस के पास पहुंचकर शिकायत की। बता दें शहर के गोला का मंदिर इलाके में हनुमान नगर निवासी मुकेश शुक्ला आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं। वे घर से ही प्रैक्टिस करते हैं। उनके मोबाइल पर कॉल आया। कॉल करने वाला उनसे बोला कि वह आईटी कंपनी से बोल रह है। उनके नाम पर चल रही महालक्ष्मी ट्रांस्पोर्टेशन कंपनी पर 9 लाख 40 हजार 44 रुपए की रिकवरी निकली है। इसके बाद कहा कि लगता है कि आपके आधारकार्ड का गलत यूज किया गया है। उसने पुलिस मुख्यालय दिल्ली में दो घंटे में शिकायत करने के लिए कहा। ऐसा नहीं करने पर उनकी गिरफ्तारी की बात कही। इस पर बुजुर्ग डॉक्टर घबरा गए। डॉक्टर ने कहा कि वे ग्वालियर में हैं और दो घंटे में दिल्ली कैसे पहुंच सकते हैं। इस पर कॉल करने वाले ने दिल्ली पुलिस में ऑनलाइन एफआईआर कराने में मदद करने का वादा किया। ऐसे समझिए पूरा मामला शहर के गोला का मंदिर स्थित हनुमान नगर निवासी 63 वर्षीय मुकेश पुत्र केके शुक्ला आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं। वह घर पर ही प्रैक्टिस करते हैं। 29 नवंबर की सुबह 10.13 बजे उनके मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने उनसे बातचीत करते हुए बताया कि वह इनकम टैक्स से बोल रह है और उनके नाम पर चल रही महालक्ष्मी ट्रांसपोर्ट कंपनी पर 9 लाख 40 हजार 44 रुपए की रिकवरी निकली है। जब उन्होंने महालक्ष्मी ट्रांसपोर्ट कंपनी उनकी नहीं होने की बात कही तो कॉल करने वाले ने बताया कि कंपनी तो आपके आधार नंबर पर ही बनी है। इस पर कॉल करने वाले ने कहा कि लगता है कि आपका आधार कार्ड का गलत उपयोग किया गया है। इसके बाद उसने पुलिस मुख्यालय दिल्ली में दो घंटे में शिकायत करने के लिए कहा। ऐसा नहीं करने पर उनकी गिरफ्तारी की बात कही। इस पर बुजुर्ग डॉक्टर घबरा गया। डॉक्टर ने कहा कि वह ग्वालियर में हूं और दो घंटे में दिल्ली कैसे पहुंच सकता हूं। इस पर कॉल करने वाले ने दिल्ली पुलिस में ऑनलाइन एफआईआर में मदद करने का वादा किया। कॉल करते ही आरोपी ने मनी लॉन्ड्रिंग का जाल बिछाया इसके बाद डॉक्टर को कॉल करने वाले ने दिल्ली पुलिस मुख्यालय में पदस्थ सब इंस्पेक्टर अजय शर्मा का मोबाइल नंबर दिया और कहा कि आप इनको कॉल कीजिए। मैं भी उनको आपकी मदद के लिए बोलता हूं। जब उन्होंने अजय शर्मा से कॉल लगाकर बातचीत की तो अजय शर्मा ने उनके दस्तावेज मांगे और बताया कि उनके आधार कार्ड पर मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज है। कुछ दिन पहले मनीष चौधरी के यहां पर CBI (सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन) की रेड हुई थी। वहां आपका यह आधार कार्ड मिला था। जिस पर करोड़ों रुपए का लेनदेन हुआ है। इसके बाद अजय ने डॉक्टर का फोटो लगा गोल्डन कार्ड दिखाया। साथ ही गिरफ्तारी वारंट भी दिखाया। जिसे देखने के बाद उनके पैरों तले जमीन निकल गई, क्योंकि कार्ड पर उनका नाम और फोटो लगा हुआ था। ठगों ने अगले दिन डॉक्टर से 21 लाख रुपए अकाउंट में आरटीजीएस करा लिए। डॉक्टर बोले-डरा दिया था किसी से जिक्र तक नहीं कर सका डॉक्टर मुकेश कुमार शुक्ला का कहना है कि ठगी करने वाले अपने शिकार के दिमाग से खेलते हैं। ठगों ने उनको जमकर डराया। कहा कि किसी से इस बात का जिक्र करने पर पूरे परिवार को 10 मिनट में ग्वालियर पुलिस से अरेस्ट करा देंगे। साथ ही बदनामी भी होगी। इसी कारण डॉक्टर शुक्ला अपनी दूसरी पत्नी को भी कुछ नहीं बता पा रहे थे। पत्नी को उन्होंने एहसास भी नहीं होने दिया कि वह किस मुसीबत से गुजर रहे हैं। वह मन में सोच रहे थे कि वह परिवार को बचा रहे हैं, जबकि वह ठगी के शिकार हो रहे थे। पत्नी-बेटे को खोने की बात बताते हुए भावुक हो गया फरियादी डॉक्टर मुकेश कुमार शुक्ला से जब उनके पत्नी और बेटे के कोविड में जान गंवाने के सवाल पर ठगों का क्या रवैया था यह पूछा गया तो कुछ कहने से पहले ही वह भावुक हो गए थे। उनका कहना है कि मैं सामने आकर इसलिए सारी बात बता रहा हूं जिससे मेरी तरह और कोई इन ठगों के शिकार न हों। मेरे जीवन भर की जमा पूंजी को ठगों ने मुझे डराकर ठग लिया है। इस मामले में टीआई क्राइम ब्रांच अजय पवार ने बताया कि- कॉल करने वाले ने डॉक्टर को एक नंबर यह कहते हुए दिया कि यह दिल्ली पुलिस मुख्यालय में पदस्थ सब इंस्पेक्टर अजय शर्मा का मोबाइल नंबर है। इन्हें कॉल कर लीजिए, मैं भी उनसे आपकी मदद के लिए बोल देता हूं। डॉक्टर ने जब दिए गए नंबर पर बात की, तो खुद को सब इंस्पेक्टर अजय बताने वाले ने उनसे डॉक्यूमेंट्स मांगे, फिर बोला कि आपके आधारकार्ड पर मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज है। आपका आधारकार्ड मिला था। इसके जरिए करोड़ों रुपए का लेनदेन हुआ है। इसके बाद ठग ने डॉक्टर का फोटो लगा गोल्डन कार्ड दिखाया। साथ ही गिरफ्तारी वारंट भी दिखाया। इसमें भी उनका फोटो था। इसे देखने के बाद वह और भी घबरा गए। खुद को अजय बताने वाले ने डॉक्टर को निगरानी में रहने की बात कही। आरोपी वीडियो कॉलिंग के जरिए नजर रखे हुए था। इसके बाद उसने डॉक्टर को मदद करने का कहकर किसी तीसरे से बात कराई। इसे सीबीआई अधिकारी प्रवीण सूद बताया। सीबीआई अधिकारी बने तीसरे बदमाश ने भी उन्हें गिरफ्तारी का डर दिखाया। कहा कि फ्रॉड आपके पीछे पड़े हुए हैं, … Read more