Sunday, July 5, 2026 12:02 pm

जबलपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ पर मेहरबान विभाग, अब तक कोई एक्शन नहीं : जबलपुर विकास प्राधिकरण का घोटाला

जबलपुर जबलपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के खिलाफ आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ द्वारा अपराध पंजीकृत किए जाने के बाद से शहर में एक नई बहस छिड़ गई है। यह मामला न केवल भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को उजागर करता है, बल्कि शहर के विकास कार्यों पर भी सवाल खड़े करता है। करप्शन सामने आने के बाद भी अब तक भ्रष्टाचारी अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उधर, पीङित किसान परेशान हैं। न्याय के लिए भटक रहे हैं। जिम्मेदारों ने साध रखी चुप्पी सरकार की ओर से अभी तक इस मामले में कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। यह चुप्पी लोगों में और अधिक संदेह पैदा कर रही है। क्या सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है? यह एक गंभीर सवाल है जिसका जवाब सरकार को कारॅवाई कर देना होगा।   यह था मामला… जेडीए की जमीन में फर्जीवाड़ा कर सरकार को 2 करोड़ 40 लाख चपत लगाने एवं 25 लाख की स्टाम्प ड्यूटी की हानि पहुँचाने के मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने जेडीए के सीईओ दीपक वैद्य सहित अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में गढ़ा मानस स्कूल के पास रहने वाली विद्याबाई प्यासी और उनके बेटे हरीश प्यासी, सौरभ प्यासी, प्रवीण प्यासी और आशीष प्यासी को भी आरोपी बनाया गया है। ज्ञात हो कि पूर्व में संजीवनी नगर थाने में विद्याबाई और उसके बेटों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया जा चुका है। जानकारी के अनुसार ईओडब्ल्यू को गढ़ा निवासी अशोक प्यासी द्वारा दी गई शिकायत में बताया गया था कि कछपुरा में योजना क्रमांक 6 और 41 की कुछ जमीन को जेडीए द्वारा अधिग्रहित किया गया था। इसके एवज में जेडीए ने भू-स्वामियों को दो करोड़ 50 लाख रुपए का मुआवजा दिया। जेडीए इस जमीन के दस्तावेजों में अपना नाम नहीं चढ़वा पाई। इस दौरान विद्या बाई और उनके बेटों ने जेडीए अधिकारियों के साथ साँठगाँठ कर अधिग्रहित की गई जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाए और जमीन को बेच दिया। इसमें 25 लाख रुपए के स्टाम्प की भी हानि शासन को पहुँचाई। गलत जानकारी प्रस्तुत की थी जाँच के दौरान ईओडब्ल्यू ने सीईओ दीपक वैद्य से जानकारी माँगी, तो उनके द्वारा ईओडब्ल्यू को गलत जानकारियाँ दी गईं। इस पूरे मामले में तत्कालीन जेडीए सीईओ समेत भू-अर्जन अधिकारी और राजस्व अधिकारी की भूमिका भी संदेह के दायरे में है। इनकी भी जाँच की जा रही है। जाँच में जिन अधिकारियों की मिलीभगत होगी उन्हें भी आरोपी बनाया जा सकता है। यह सवाल लोगों के जेहन में उठ रहे  * क्या इस मामले में राजनीतिक दखल है?  * क्या विभाग इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है?  * क्या भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की नीतियां कागजों पर ही सिमट कर रह गई हैं? recent visitors 57

मुख्यमंत्री बालाघाट में स्वदेशी मेले में हुए शामिल, कहा- उद्यमशीलता के संवर्धन का सशक्त माध्यम हैं मेले

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वदेशी स्टार्ट-अप, मेक-इन-इंडिया और वोकल-फॉर-लोकल के प्रेरणादायक आह्वान ने देश में उद्यमिता के पुनर्जागरण की अलख जगाई है। भारत आज इंग्लैंड को पीछे छोड़कर दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बन गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव  मंगलवार को बालाघाट में स्वदेशी मेले को संबोधित कर रहे थे। डॉ. यादव ने मेले में शासकीय विभागों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। साथ ही युवाओं को ऑफर लेटर और दिव्यांगता प्रमाण-पत्र प्रदान किए और उपस्थित युवाओं से संवाद किया। स्वदेशी विचारक श्री भैया जी जोशी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने स्वदेशी मेले में आने के लिए श्री भैयाजी जोशी का आभार माना। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेला का अर्थ मेल-जोल है और इसमें व्यापार के साथ ही सांस्कृतिक मेलजोल को बढ़ावा देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी मेले का प्रारंभ वर्ष 1999 से निरंतर विभिन्न स्थानों पर किया जा रहा है। मुम्बई से प्रारंभ स्वदेशी मेले में स्वदेशी उत्पादों के प्रदर्शन और विक्रय से छोटे-बड़े उद्योगों को बल मिला है। यह केवल मेला ही नहीं स्वदेशी मेले के रूप में मिनी इंडिया का स्वरूप देखने को मिल रहा है। यहाँ अलग-अलग प्रांतों की लोककला और कारीगरी को एक स्थान और एक मंच पर देखने का अवसर मिलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पहले हमारा देश सोने की चिड़िया हुआ करता था, हम दुनिया की शीर्षस्थ अर्थव्यवस्था थे और हमारे उद्योग, धंधे, मसाले, रेशम और मलमल जैसे चमत्कारी वस्त्र दुनिया भर में मशहूर थे। कहा जाता है कि ढाका का बना मलमल अंगूठी के छल्ले से निकल जाता था। अंग्रेजों ने हमारी इसी स्वदेशी ताकत को कमजोर बना दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री के प्रोत्साहन और प्रेरणा से देश के साथ ही प्रदेश के युवा ने भी नौकरी मांगने नहीं, देने वाले बनने के गंभीर और दूरदर्शी संदेश को समझा। आज हमारे यहां 37 हजार से भी अधिक स्वदेशी स्टार्ट-अप सक्रिय हैं। हमारा युवा उद्यमशील होकर नौकरी देने वाला बन रहा है। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से आगे बढ़ रही प्रदेश की अर्थव्यवस्था मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के कंसेप्ट को आगे बढ़ाने में हमें प्रधानमंत्री का प्रोत्साहन भी मिला है। हमारे प्रयास सफल रहे, हमने सागर, रीवा, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर जैसे शहरों में भी सफलतापूर्वक रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का सफल आयोजन किया और अब जल्द ही नर्मदापुरम में भी करने जा रहे हैं। नर्मदापुरम में इंडस्ट्री के लिए पूर्व में आरक्षित 250 हेक्टेयर भूमि को बढ़ाकर 500 हेक्टेयर कर दिया गया है। इसे हम 750 हेक्टेयर तक बढ़ायेंगे। इसमें नवकरणीय ऊर्जा पार्क और अन्य दूसरे उद्योगों की स्थापना के प्रस्ताव भी मिले हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि अब तक हुई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव से 2.5 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए और इनसे 2 लाख रोजगार सृजित होने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने बताया कि  हम उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए पॉलिसी को इंडस्ट्री-फ्रेंडली बनाने के लिये हर स्तर पर जाने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए हम उद्योगों को पारिश्रमिक के रूप में प्रति कर्मचारी 5 हजार रुपए की प्रारंभिक सहायता भी दे रहे हैं। प्रदेश में हुए 17 मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के अंतिम छोर के नागरिक के लिए भी अच्छे स्वास्थ्य और उसे चिकित्सा सुविधाएं सुलभ कराने के लिए प्रदेश सरकार संकल्पबद्ध है।  प्रदेश में वर्ष 2003-04 में 5 मेडिकल कॉलेज थे, जिन्हें बढ़ाकर हमने 17 कर दिया है। इतना ही नहीं प्रदेश में निजी चिकित्सा महाविद्यालयों की संख्या भी 13 हो गई है। आने वाले वर्ष में 12 और सरकारी कॉलेज स्थापित किए जाएंगे। साथ ही 13 नए आयुर्वेदिक कॉलेज भी खोले जाएंगे, इनमें से एक बालाघाट में भी होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वदेशी मेले की सराहना करते हुए कहा कि इसमें आयुर्वेदिक औषधियों को बिक्री के लिए प्रदर्शित किया जाना अच्छी पहल है। कोविड त्रासदी के दौर में हमारी स्वदेशी आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली की जीवन-रक्षक शक्ति की महत्ता पूरे देश ने जानी समझी। आयुर्वेद में असीम संभावनाएं हैं, इसलिए प्रदेश सरकार इसे बढ़ावा देने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार के प्रयासों से आज प्रदेश का बजट 3.25 लाख करोड़ से बढ़कर 3.5 लाख करोड़ हो चुका है। हमारा लक्ष्य इसे 7 लाख करोड़ रुपए तक ले जाना है, जिससे हम प्रधानमंत्री श्री मोदी के देश को 2027 तक 5 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें। मेला हमारे जीवन का अभिन्न अंग बालाघाट में आयोजित स्वदेशी मेले के शुभारंभ में स्वदेशी विचारक श्री भैयाजी जोशी ने कहा कि मेले हमारे जीवन के अभिन्न अंग हैं और इनमें स्वदेशी के समावेश से हम आर्थिक रूप से शक्तिशाली बन रहे हैं। श्री जोशी ने प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से भारत सभी क्षेत्रों में विश्व में अग्रणी बन रहा है। चिकित्सा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी हमने इतना विकास किया है कि आज विदेशी भी इलाज के लिये भारत आते हैं। स्वदेशी मेले में आयोजक पूर्व मंत्री श्री गौरीशंकर बिसेन, आयोजक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे। इसमें जनजातीय कलाकारों ने आकर्षक लोकनृत्य की प्रस्तुति दी।   recent visitors 69

शिवाजी महाराज की भूमिका में दिखा ऋषभ शेट्टी का ऐतिहासिक लुक

मुंबई, भारतीय राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता अभिनेता ऋषभ शेट्टी ने इस ऐतिहासिक फिल्म "द प्राइड ऑफ भारत: छत्रपति शिवाजी महाराज" में छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म का पहला पोस्टर कुछ ही देर पहले ऋषभ शेट्टी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर साझा किया है, जिसे लेकर कंतारा स्टार ऋषभ के प्रशंसक बेहद खुश और उत्साहित हैं। ऋषभ ने इंस्टाग्राम पर फिल्म का पोस्टर साझा किया और लिखा, ''हमारा सम्मान और विशेषाधिकार, भारत के महानतम योद्धा राजा – भारत के गौरव की महाकाव्य गाथा प्रस्तुत है।'' इसके साथ ही ऋषभ ने बताया कि फिल्म 21 जनवरी 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी शिवाजी की बायोपिक शिवाजी की बायोपिक निर्देशक के तौर पर यह संदीप की पहली फीचर फिल्म होगी। इस प्रोडक्शन में महान योद्धा राजा की कहानी को पर्दे पर लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय तकनीकी और बेहतरीन ग्राॉफिक्स का इस्तेमाल किया जाएगा।  ऋषभ शेट्टी निर्देशक संदीप की फिल्म "द प्राइड ऑफ भारत: छत्रपति शिवाजी महाराज" में छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमिका में नजर आएंगे। ऋषक्ष शेट्टी ने कहा, "छत्रपति शिवाजी महाराज की भूमिका निभाना शब्दों से परे सम्मान की बात है। वे एक राष्ट्रीय नायक हैं जिनका प्रभाव इतिहास से परे है और मुझे उनकी कहानी को स्क्रीन पर लाने में बहुत गर्व महसूस होगा।"   फिल्म को लेकर संदीप सिंह का बयान संदीप सिंह ने टोरंटो टाइटल, बॉक्सिंग बायोपिक ''मैरी कॉम'' में उन्होंने सह-निर्माता के रूप में काम किया। इसके अलावा संदीप ने “अलीगढ़” और स्लम सॉकर फिल्म “झुंड” सहित कई फिल्मों का निर्माण किया है। उन्होंने ZEE5 स्ट्रीमिंग ओरिजिनल, ट्रांसजेंडर-थीम वाली “सफेद” के साथ अपने निर्देशन की शुरुआत की थी। संदीप ने बायोपिक "पीएम नरेंद्र मोदी" और बायोपिक "मैं अटल हूं" का भी निर्माण किया है। संदीप सिंह ने कहा, "ऋषभ शेट्टी इस भूमिका के लिए मेरी पहली और एकमात्र पसंद थे। ऋषक्ष वाकई में छत्रपति शिवाजी महाराज की ताकत, भावना और वीरता का प्रतीक हैं। यह फिल्म कई सालों से मेरा सपना रही है और इस कहानी को सिल्वर स्क्रीन पर लाना मेरे लिए सौभाग्य और सम्मान की बात है।" शिवाजी महाराज शिवाजी (1630-1680), ने मराठा साम्राज्य की स्थापना उस समय की थी, जब भारत का अधिकांश हिस्सा मुस्लिम राजाओं के शासन में था। उन्होंने सैन्य चालों और रणनीतिक सूझबूझ के मिश्रण का उपयोग करके अपने क्षेत्रों को जीता था। ऐसे समय में जब मुगल सम्राट औरंगजेब हिंदुओं पर अत्याचार कर रहा था, समुदाय ने शिवाजी के नेतृत्व में एकजुट होकर उन्हें छत्रपति (सम्राट) का ताज पहनाया। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान, शिवाजी को एक हिंदू राष्ट्रवादी नायक के रूप में बहुत सम्मान दिया गया था, जिसे लोग आज भी नहीं भुला पाए हैं।     recent visitors 190

मुनगंटीवार ने कहा कि 2025 दीपावली से लड़की बहन योजना की राशि 1500 से बढ़ाकर 2100 कर दी जाएगी

मुंबई महाराष्ट्र में महायुति की जीत में बड़ा फैक्टर मानी जा रही लड़की बहन योजना में विस्तार की तैयारी चल रही है। खबर है कि राज्य की नई सरकार अगले साल से रकम बढ़ाने पर विचार कर रही है। हालांकि, इसे लेकर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने ऐसे संकेत दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुनगंटीवार ने कहा कि 2025 दीपावली से लड़की बहन योजना की राशि 1500 से बढ़ाकर 2100 कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा के घोषणापत्र में राशि बढ़ाने की बात कही गई थी, जिसक चलते पार्टी पर जनता का भरोसा बनाए रखने के लिए राशि में इजाफा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर वादा पूरा नहीं किया गया, तो इससे पूरे देश में पार्टी की छवि खराब होगी। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भी लिखेंगे। उन्होंने कहा, 'हमें अपने वादा पूरा करना चाहिए।' रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, 'हमारी सरकार हमारी प्यारी बहनों को 2100 रुपये देने में सक्षम है। हम फैसला करेंगे कि इसे जनवरी, जुलाई या फिर अगले महीने से शुरू किया जाए। हम लोगों से किया वादा पूरा करेंगे।' रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, 'हमने बीते साल भाई दूज पर योजना की शुरुआत की थी और हम अगले साळ भाई दूज से राशि बढ़ा देंगे।' उन्होंने जानकारी दी है कि मुख्यमंत्री की प्यारी बहनों के खाते में पहले ही पांच किश्तें जमा हो चुकी हैं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 20 नवंबर को हुआ था जिसके परिणाम तीन दिन बाद घोषित हुए थे, ‘महायुति’ गठबंधन ने 288 विधानसभा सीट में से 230 सीट पर जीत दर्ज की थी। भाजपा 132 सीट के साथ आगे रही जबकि शिवसेना को 57 और राकांपा को 41 सीट मिली थीं। कब तक सरकार का गठन संभव महाराष्ट्र में बड़ी जीत के बाद भी मुख्यमंत्री के नाम पर अंतिम फैसला नहीं हो सका है। खबरें हैं कि बुधवार को भाजपा के पर्यवेक्षक विधायक दल के नेता का चुनाव करेंगे। इसके बाद 5 दिसंबर को शपथ ग्रहण समारोह हो सकता है। सीएम पद भाजपा के खाते में आने के आसार हैं। जबकि, डिप्टी सीएम शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से बनाए जा सकते हैं। recent visitors 77

अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस: 6 सूत्रीय मांगों को लेकर आज रायपुर पहुंचे दिव्यांग, विरोध- प्रदर्शन करने से रोका

रायपुर इसे लाचारी कहें, या फिर मजबूरी. अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस के अवसर पर आज दिव्यांग विरोध- प्रदर्शन कर रहे हैं. प्रदेश के सभी जिलों से राजधानी रायपुर पहुंचे है. सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करते इससे पहले ही दिव्यांगों को पुलिस ने रोक दिया. दिव्यांग 6 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. इनमें से प्रमुख मांग है कि फर्जी सर्टिफिकेट के सहारे नौकरी कर रहे लोगों का राज्य मेडिकल बोर्ड से भौतिक परीक्षण कराकर बर्खास्त किया जाए. दिव्यांगजनों को प्रतिमाह 5000 रुपए पेंशन दिया जाए. बीपीएल की बाध्यता को ख़त्म किया जाए. इसके अलावा 18 वर्ष से ऊपर की अविवाहित दिव्यांग युवती-महिला को महतारी वंदन योजना में शामिल किया जाए. दिव्यांगजनों के लिए विशेष भर्ती अभियान चलाया जाए. शासकीय दिव्यांग कर्मियों को पदोन्नति में 4% आरक्षण दिया जाए, बेरोजगार दिव्यांगों को बिना गारंटी के लोन दिलाया जाए और कोरोना पूर्व दिए गए समस्त ऋण माफ़ किया जाए. recent visitors 65

दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक 300 के पार रहा, सांस पर संकट बरकरार

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली के लोगों को मंगलवार को भी प्रदूषण से राहत नहीं मिली है। दिल्ली के अधिकांश इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 300 के पार रहा। लोगों में सांस लेने की समस्या, आंखों में जलन की शिकायत भी देखने को मिली है। हालांकि, दिल्ली में वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार लगातार युद्ध स्तर पर काम कर रही है। दिल्ली सरकार के द्वारा एंटी स्मॉग गन चलाई जा रही हैं। जिससे डस्ट प्रदूषण को कम किया जा सके। इसके अलावा प्रदूषण को कम करने के लिए कई चीजों पर प्रतिबंध भी लगाया गया है। बता दें कि केंद्रीय प्रदूषण एवं नियंत्रण बोर्ड सीपीसीबी के अनुसार 3 दिसंबर को सुबह 7:30 बजे तक औसतन वायु गुणवत्ता सूचकांक 274 अंक बना हुआ है। दिल्ली से सटे फरीदाबाद में 255, गुरुग्राम में 222, गाजियाबाद में 181, ग्रेटर नोएडा में 195 और नोएडा में 162 अंक बना हुआ है। दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में एक्यूआई 300 से लेकर 400 के बीच दर्ज किया गया है। बवाना में 305, जहांगीरपुरी में 307, मुंडका में 325, नेहरू नगर में 304, आरके पुरम में 303, रोहिणी में 302, शादीपुर में 342, सिरी फोर्ट में 306 बना हुआ है। वहीं, दिल्ली के अन्य इलाकों में एक्यूआई का स्तर 200 से ऊपर 300 के बीच रहा है। अलीपुर में 272, आनंद विहार में 293, अशोक विहार में 285, चांदनी चौक में 249, मथुरा रोड में 235, डॉ करणी सिंह शूटिंग रेंज में 293, डीटीयू में 265, द्वारका सेक्टर 8 में 299, आईजीआई एयरपोर्ट में 257, दिलशाद गार्डन में 262,आईटीओ में 235, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 250, लोधी रोड में 232, मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में 271, मंदिर मार्ग में 262, नजफगढ़ में 237, नरेला में 260, नॉर्थ कैंपस डीयू में 261, द्वारका में 252, ओखला फेस 2 में 278, पटपड़गंज में 271, पंजाबी बाग में 252, पूषा में 248, सोनिया विहार में 289, श्री अरविंदो मार्ग में 238 दर्ज किया गया है।   recent visitors 76

प्रधान पाठक और महिला बीईओ के बीच हुई हाथापाई, पुलिस ने प्रधान पाठक के खिलाफ दर्ज किया मामला

अभनपुर अभनपुर में महिला बीईओ के साथ प्रधान पाठक का विवाद इस कदर बढ़ा कि मामला हाथापाई तक जा पहुंचा. बीईओ की शिकायत पर अभनपुर पुलिस प्रधान पाठक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में जुट गई है. बताया जा रहा है कि सोमवार को परसदा गांव स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय के प्रधान पाठक राजन बघेल अपने CR में श्रेणी की मार्किंग करवाने के लिए अभनपुर स्थित विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय आए थे. इस दौरान श्रेणी की मार्किंग के लिए बीईओ धनेश्वरी साहू पर दबाव बनाने लगे. बीईओ के इंकार करने पर गाली-गलौज करते हुए फाइलों को उनके टेबल पर पटकने लगे. इस पर कार्यालय स्टाफ ने उन्हें नियंत्रित कर कक्ष से बाहर लाकर पानी पिलाया गया. लेकिन इसके बाद प्रधान पाठक फिर से बीईओ कक्ष में गए और अपनी CR श्रेणी में तत्काल सुधार करने का दबाव बनाने लगा. बीईओ के पुनः इनकार करने पर वे इस कदर आक्रोशित हो गए मामला हाथापाई तक पहुंच गया. कार्यालय के स्टाफ ने बीच-बचाव कर दोनों को छुड़ाते हुए प्रधान पाठक को बाहर ले गए. पूरी घटना विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय के कक्ष में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है. मामले में प्रार्थीया की रिपोर्ट पर थाना अभनपुर द्वारा प्रधान पाठक के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 115(2), 296 और 351(2) के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है. recent visitors 52