Sunday, July 5, 2026 3:13 pm

जब भारत में चीतों की संख्या 500 तक पहुंचेगी, तब सफल माना जाएगा प्रोजेक्ट चीता

भोपाल  देश में चीतों के इकलौते रहवास मध्य प्रदेश के कूनो पालपुर नेशनल पार्क में चीतों की संख्या बीते दो वर्ष में बढ़ गई है। वर्तमान में शावकों सहित 24 चीते यहां हैं। हालांकि इसे विशेषज्ञ प्रोजेक्ट की आंशिक सफलता ही मान रहे हैं। जानकारों के अनुसार, जब तक चीतों की संख्या 500 तक नहीं पहुंचती, तब तक प्रोजेक्ट को पूर्ण सफल नहीं माना जाएगा। इसमें भी 15 वर्ष का समय लग सकता है। विशेषज्ञ यह भी कहते हैं कि अब चीतों का कुनबा तेजी से बढ़ेगा। 20 चीते कूनो लाए गए, आठ की मौत     17 सितंबर, 2022 को नामीबिया से आठ और 18 फरवरी, 2023 को दक्षिण अफ्रीका से 12, इस तरह 20 चीते कूनो लाए गए थे। अब तक आठ वयस्क चीतों की मौत हो गई है।     इस बीच भारत की धरती पर 19 शावकों ने जन्म भी लिया। इनमें से सात शावकों की मौत हो गई। अब यहां 12 चीता शावक और 12 वयस्क को मिलाकर कुल 24 चीता हैं।     प्रदेश में तीसरी बार चीतों को केन्या से लाने की भी तैयारी है। इन्हें मंदसौर जिले के गांधीसागर अभयारण्य में रखा जाएगा। कूनो के चीतों की निगरानी और संरक्षण के लिए मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश मिलकर काम कर रहे हैं। एक साल में नर और डेढ़ साल में माता चीता हो जाती है वयस्क चीता का नर शावक करीब एक साल में और मादा शावक डेढ़ साल में वयस्क हो जाते हैं। इन चीता शावकों को प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने की आशा के तौर पर देखा जा रहा है। यहां जन्म लेने वाली एक मादा चीता वयस्क भी हो चुकी है। दरअसल, इन सभी शावकों के सामने नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से लाए गए चीतों की तरह जलवायु अनुकूलता न होने जैसी चुनौती नहीं है। ये सभी यहां की जलवायु में पूरी तरह से रचे-बसे होने के साथ बड़े हो रहे हैं। इसी के साथ कूनो वन्यप्राणी वनमंडल श्योपुर के क्षेत्रफल को नए इलाके शामिल कर बढ़ा दिया गया है। अब कूनो का कुल वन क्षेत्र एक लाख 77 हजार 761 हेक्टेयर हो गया है। दो नर चीतों को खुले जंगल में छोड़ा जाएगा दो चीतों को कूनो के खुले जंगल में छोड़ने से पूर्व चीता स्टीयरिंग कमेटी की बैठक होगी। नर चीता अग्नि और वायु को छोड़ा जाएगा। अगले चरण में प्रभाष और पावक को छोड़े जाने की तैयारी है। अब खुले जंगल में पर्यटक चीतों की झलक देख सकेंगे। इनके नाम हुए हैं तय कुनो के सूत्रों से मिली जानकारी  के अनुसार चीता कमेटी लंबे समय से बाड़े में कैद करके रखे गए चीतों मे से दो नर और एक मादा चीता को खुले जंगल मे छोड़े जाने को लेकर सहमति दे सकती है. फिलहाल जिन चीतों को खुले जंगल मे आजादी की रफ्तार भरने के लिए छोड़ा जा सकता है, उनमें अग्नि वायु या फिर प्रभास और प्रभात के नाम शामिल हैं. कुछ समय पहले भी कुछ चीतों को पर्यटको के दीदार के लिए खुले जंगल मे आजाद किया गया था, लेकिन कुछ सुरक्षा कारणों की वज़ह से चीतों को वापस बाड़े मे लाकर कैद कर लिया था. अभी कुनो मे 12 छोटे ओर 12 वयस्क चीते हैं. recent visitors 154

तेलंगाना में आया भूकंप, छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के जिलों में भी महसूस हुए झटके

रायपुर तेलंगाना के मुलूगु जिले में बुधवार सुबह करीब 7.30 बजे भूकंप आया। रिक्टर स्केल पर भूकंप 5.3 तीव्रता का था। इस भूकंप के झटके छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के जिलों में भी महसूस हुए। सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा और जगदलपुर तक लोगों ने झटके महसूस किए। बीजापुर में भोपालपटनम, उसूर, आवापल्ली सहित पूरे जिले मे भूकंप के लगे झटके से लोग डरकर घरों से बहार निकले। झटकों से खिड़की, दरवाजे, टीन शेड बहुत तेजी से हिलने लगे।   recent visitors 60

जयपुर में मंत्री अविनाश गहलोत ने सराहा, राजस्थान-बाड़मेर कलेक्टर टीना डाबी को मिला सम्मान

बाड़मेर. अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर विशेष दिव्यांगजन के कल्याण और सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए बाड़मेर जिला कलेक्टर टीना डाबी को सम्मानित किया गया। इस दौरान बाड़मेर जिले में नवो बाड़मेर के तहत समन्वित प्रयास और सशक्त समाज अभियान की सराहना की गई। राजधानी जयपुर में भगवंत सिंह सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के दौरान सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत और आयुक्त एवं विशिष्ट सचिव एच गुइटे ने बाड़मेर जिला कलेक्टर टीना डाबी को स्मृति चिन्ह एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान बाड़मेर जिले में दिव्यांगजन कल्याण संबंधित कार्यों, नवो बाड़मेर के तहत समन्वित प्रयास, सशक्त समाज अभियान की सराहना करते हुए प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसकी तर्ज पर अभियान चलाने के बारे में अवगत कराया गया। बाड़मेर जिला कलेक्टर टीना डाबी की ओर से जिला प्रशासन एवं सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहयोग से दिव्यांगजन कल्याण एवं सशक्तिकरण के लिए ‘नवो बाड़मेर-समन्वित प्रयास सशक्त समाज अभियान’ के रूप अभिनव पहल की गई। इस अभियान के माध्यम से दिव्यांगजन कल्याण की दिशा में बाड़मेर मॉडल जिला बनकर उभरा। बाड़मेर जिले में नवो बाड़मेर के तहत समन्वित प्रयास, सशक्त समाज अभियान के जरिए 7025 लोगों की स्क्रीनिंग करने के साथ 2130 दिव्यांग प्रमाण पत्र अनुमोदित किए गए। प्रदेश में पहली मर्तबा दिव्यांगों के मार्गदर्शन एवं सुविधाओं के बारे में जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पोर्टल लॉच किया गया। उपखंड मुख्यालयों पर शिविर लगाकर मेडिकल बोर्ड से प्रमाण पत्र जारी करवाकर सरकारी योजनाओं से जोड़ा गया। इसके अलावा वृहद स्तर पर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के जरिए दिव्यांगजनों को सहायक अंग उपकरण उपलब्ध करवाए गए। बाड़मेर जिले में छह अक्तूबर 2024 को नवो बाड़मेर समन्वित प्रयास सशक्त समाज अभियान की शुरूआत हुई। बाड़मेर मरुस्थलीय जिला होने के कारण अनेक चुनौतियां होने के बावजूद राज्य सरकार एवं प्रशासन के समन्वित प्रयास से यह अभियान दिव्यांगजनों के लिए वरदान साबित हुआ। कलेक्टर टीना डाबी ने अभियान के सफल आयोजन के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग,पंचायतीराज एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं संबंधित हितधारकों के साथ बैठकें करके शिविरों में विभागीय समन्वय के माध्यम से आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करवाई। दिव्यांगजनों के रजिस्ट्रेशन एवं योजनाओं की जानकारी के लिए हेल्प डेस्क स्थापित किए गए। प्रत्येक शिविर स्थल पर सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग की ओर से 10 ई-मित्र काउंटर की व्यवस्था की गई। recent visitors 161

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बोले- प्रदेश में हर गरीब के पक्के मकान का सपना होगा साकार

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत तेजी से पूर्ण किए आवासों और योजना में अच्छे प्रदर्शन के कारण भारत सरकार द्वारा राज्य के लिए 15 हजार नए आवास स्वीकृत किए गए हैं। केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत 15 हजार नए आवासों की मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने नए आवासों की मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी तथा केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल के प्रति आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शहरों के लिए 15 हजार नए आवासों की स्वीकृति पर केंद्र सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि राज्य में जल्दी ही हर गरीब के पक्के मकान का सपना पूरा होगा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आवासों का निर्माण तेजी से पूरा किया जा रहा है। सरकार अंतिम छोर पर खड़े हर व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुँचाना सुनिश्चित करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल और उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव की कोशिशों से राज्य के सभी शहरों के लिए ये आवास स्वीकृत किए गए हैं।   भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अन्तर्गत 15 हजार नवीन आवासों की सैद्धांतिक स्वीकृति का पत्र प्रेषित किया गया है। पत्र में केंद्र सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ को मार्च-2025 तक 15 हजार नए आवासों की स्वीकृति के साथ ही इन नए आवासों को मंजूरी प्रदान करने के पीछे राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के त्वरित क्रियान्वयन का भी उल्लेख है। राज्य के सभी नगरीय निकायों के लिए आवास स्वीकृत करते हुए मंत्रालय ने इसकी सूची भी भेजी है। केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने राज्य शासन को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के दिशा-निर्देशों के अनुरूप पात्र हितग्राहियों का परीक्षण करते हुए विधिवत प्रस्ताव भारत सरकार को भेजने के निर्देश दिए हैं। भारत सरकार द्वारा शहरी क्षेत्रों में 'सबके लिए आवास’ मिशन के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 का क्रियान्वयन 1 सितम्बर 2024 से प्रारंभ किया गया है। इसके तहत कमजोर आय वर्गों, निम्न आय वर्गों और मध्यम आय वर्गों के शहरी गरीब व मध्यमवर्गीय परिवारों को किफायती दरों पर आवास निर्माण, खरीदी या किराए पर उपलब्ध कराने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। छत्तीसगढ़ में योजना को सभी नगरीय निकायों में लागू करते हुए भारत सरकार के यूनिफाइड वेब पोर्टल पर हितग्राही सर्वेक्षण कार्य (रैपिड असेसमेंट सर्वे) 15 नवम्बर से प्रारंभ कर दिया गया है। सर्वेक्षण के दौरान हितग्राहियों की जानकारी भारत सरकार के पोर्टल पर दर्ज की जा रही है।  उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नए आवासों की स्वीकृति पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार हर पात्र परिवार को आवास दिलाने प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को ज्यादा से ज्यादा हितग्राहियों तक योजना का लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। श्री साव ने वर्तमान में चल रहे हितग्राही सर्वेक्षण के दौरान अनिवार्य दस्तावेजों की कमी के कारण आवेदनों को तत्काल निरस्त नहीं करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दस्तावेजों की पूर्ति के लिए संबंधित परिवारों को पर्याप्त समय देने के साथ ही नगरीय निकायों को राजस्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने हरसंभव प्रयास करने को कहा है। उप मुख्यमंत्री श्री साव के निर्देश पर नगरीय प्रशासन विभाग के सचिव ने राजस्व कार्यालयों में हितग्राहियों के लंबित जाति प्रमाण पत्र एवं आय प्रमाण पत्र प्राथमिकता से जारी करने राजस्व विभाग को पत्र भी लिखा है। recent visitors 48

बहुत समय बाद आपको एक महत्वपूर्ण समाचार प्रकाशित करने हेतु भेज रहा हूं

भोपाल आज भोपाल में हरियाणा और पंजाब में राज्यपाल रहे माननीय महामहिम श्री कप्तान सिंह सोलंकी जी द्वारा डा अजित बाबू जैन लिखी गई पुस्तक मप्र वेतन निर्धारण नियम 2025 का विमोचन किया गया। इस अवसर पर भोपाल की ACP महोदय भी उपस्थित थीं। माननीय राज्यपाल महोदय द्वारा डा अजित जैन को बधाई देते हुए कहा कि कर्मचारियों अधिकारियों को अधिक भुगतान वसूली से बचाने हेतु लेखक ने सराहनीय प्रयास किया है। इस पुस्तक में नियम और शासनादेशो का सरलीकरण किया गया है और काव्य कला का उपयोग करते हुए इस पुस्तक को आकर्षक बनाया गया है। उन्होंने कहा शासकीय कार्यालयों के लिए यह पुस्तक उपयोगी बने यही कामना है । पुस्तक लेखक ने अपने उदबोधन में बताया कि इस पुस्तक को लिखने में  3 वर्षों से अधिक समय लगा है। यह पुस्तक अधिक भुगतान वसूली की समस्या समाप्त करने के उद्देश्य से लिखी गई है। क्यों कि ऐसे लगभग 5000  प्रकरण माननीय न्यायालय के समक्ष लंबित है।   recent visitors 50

स्कॉर्पियो की टक्कर से हुई थी मौत, छत्तीसगढ़-रामानुजगंज कलेक्टर ने छतरपुर भिजवाया मजदूर का शव

बलरामपुर रामानुजगंज. बलरामपुर रामानुजगंज में रोजी-रोटी के तलाश में आठ माह पूर्व युवक मध्य प्रदेश से रामानुजगंज में अपने रिश्तेदार के यहां आया था जो मेहनत मजदूरी करके अपने तीन मासूम बच्चों एवं पत्नी का पालन पोषण कर रहा था। रविवार को उसका तबीयत ठीक नहीं था। रविवार को छुट्टी रहता है परंतु उसके बाद भी वह अपने बच्चों के लिए काम करने गया था। शाम को जब वह काम करके वापस आ रहा था तो तबीयत ठीक नहीं लगा तो सड़क किनारे बैठ गया था इसी दौरान स्कॉर्पियो के चपेट में आ जाने से उसकी मौत हो। रविवार को हुई घटना के बाद सोमवार को शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका वही आज शव का पोस्टमार्टम हुआ। मृतक के परिवार जनों की ऐसी स्थिति नहीं थी कि शव को वे क्रिया कर्म के लिए अपने गांव ले जा सकें। कलेक्टर राजेंद्र कुमार कटारा के पहल पर शव को मध्य प्रदेश भेजने की व्यवस्था बनाई गई। गौरतलब है कि बिहारी लाल अहिरवार उम्र 38 वर्ष जो ग्राम कोडयला जिला छतरपुर मध्य प्रदेश का रहने वाला है।वह यहां अपने साढू के यहां रहकर काम करता था। रविवार को तबीयत खराब होने के बाद भी वह काम करने गया था काम करके वापस लौट के दौरान जब तबीयत थोड़ा ठीक नहीं लगा तो रिंग रोड में मुर्गा दुकान के आगे वह सड़क किनारे बैठा था परंतु रविवार की शाम तेज रफ्तार स्कॉर्पियो के चपेट में आ गया जिससे उसकी मृत्यु हो गई। रविवार के शाम को घटना होने के बाद भी सोमवार को पोस्टमार्टम नहीं हो पाया था। आज शव का पोस्टमार्टम हुवा। कलेक्टर की पहल पर शव भेजा गया मध्यप्रदेश आज जब शव का पोस्टमार्टम करने के बाद दूसरे प्रदेश में शव भेजने से स्वास्थ्य विभाग के द्वारा हाथ खड़े कर दिए गए तो मृतक के परिजनों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई उनकी ऐसी आर्थिक स्थिति नहीं थी कि वह शव को मध्य प्रदेश ले जा सके इस बीच कलेक्टर को जानकारी दी गई तो तात्कालिक उनकी पहल पर शव को मध्य प्रदेश भेजा गया। 'मां पापा को घर ले चलो' मृतक बिहारी लाल के 11 वर्षीय पुत्र अभिषेक 5 वर्षीय पुत्री सपना कुमारी एवं 3 वर्षीय पुत्री अनुष्का कुमारी है घटना के बाद सभी का रो-रोकर बोला हाल था सोमवार 5 वर्षीय पुत्री कहते रही मां पापा सो रहे हैं इनका घर ले चलो वहां इलाज कराएगे उसे क्या पता निष्ठुर सिस्टम तक उसके रोने की आवाज नहीं पहुंचेंगे। नगर वासियों ने भी दिखलाई संवेदनशीलता आज जब शव के पोस्टमार्टम नहीं होने एवं शव के मृतक के गृह ग्राम नहीं भेजे जाने की सूचना मिली तो बड़ी संख्या में लोग 100 बिस्तर अस्पताल पहुंचना प्रारंभ हो गए थे। इस बीच नगर वासियों ने संवेदनशीलता दिखलाते हुए जन सहयोग से 20 हजार रुपय पूर्व नगर पंचायत उपाध्यक्ष शैलेश गुप्ता सहित अन्य लोगों के द्वारा प्रदान किए गए। recent visitors 89

19.25 करोड़ का मिला चढ़ावा, राजस्थान-चित्तौड़गढ़ के कृष्ण मंदिर के खजाने के टूटे सभी रिकॉर्ड

चित्तौड़गढ़. चित्तौड़गढ़ जिले के प्रख्यात कृष्णधाम श्री सांवलियाजी मंदिर में खोले गए भंडार से चढ़ावा राशि का एक नया रिकॉर्ड बना है। इस बार दो महीने में खोले भंडार के तीन चरण की गणना पूरी हो चुकी है और 19 करोड़ 22 लाख रुपये गिने जा चुके हैं। वहीं, गत वर्ष इसी अमावस्या पर करीब 13 करोड़ 86 लाख रुपये का चढ़ावा राशि निकली थी। इस बार तीन दिन और चढ़ावा राशि की गणना की जानी है। ऐसे में अब तक का हाईएस्ट रिकॉर्ड बन जाएगा। श्री सांवलियाजी मंदिर में अब चढ़ावा राशि की गणना का चौथा चरण बुधवार सुबह से होगा। जानकारी में सामने आया कि श्री सांवलियाजी मंदिर में दीपावली वाली अमावस्या पर भंडार नहीं खोला जाता है। ऐसे में अगली अमावस्या पर दो महीने का भंडार खुलता है। श्री सांवलियाजी मंदिर में 30 नवंबर को चतुर्दशी के अवसर पर भंडार खोला गया था। इसमें पहले दिन 11 करोड़ 34 लाख 75 हजार रुपये की गणना हुई। इसके बाद अमावस्या पर आने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण चढ़ावा राशि की गणना नहीं की गई थी। वहीं, दूसरे चरण में सोमवार को तीन करोड़ 60 लाख रुपये की गणना हुई। इसी प्रकार शेष रही चढ़ावे राशि की गणना मंगलवार को तीसरे चरण में हुई। इसमें चार करोड़ 27 लाख 80 हजार रुपये की गणना की गई। शाम होने के बाद चढ़ावा राशि की गणना को रोक दिया गया। ऐसे में तीन चरण में हुई गणना में अब तक 19 करोड़ 22 लाख 55 हजार रुपये प्राप्त हुए हैं। मंदिर प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, गत वर्ष दीपावली के बाद वाली इसी अमावस्या पर जो भंडार खोला गया था। उसमें करीब 13 करोड़ 86 लाख रुपये की चढ़ावा राशि ही प्राप्त हुई थी। भंडार से नकद चढ़ावे की बात की जाए तो सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड करीब 15 करोड़ का है। वहीं, अब तक 19 करोड़ से ज्यादा नकद राशि भंडार से गणना की जा चुकी है। मंदिर प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, दो अब भी दो पेटियां और एक भंडार की गणना शेष है। वैसे तो नकद चढ़ावा राशि का नया रिकॉर्ड बन चुका है। फिर भी तीन दिन और भंडार की गणना की जानी है। इसके अलावा भेंट कक्ष में जो राशि आती है, वह अलग है। इसके अलावा भंडार से निकलने वाले तथा भेंट कक्ष में आने वाले सोना-चांदी का वजन भी शेष है, जिसे आगामी दिनों में पूरा किया जाएगा। सांवलियाजी मंदिर में मंगलवार को की गई गणना के दौरान मंदिर बोर्ड अध्यक्ष भैरूलाल गुर्जर, सदस्य संजय कुमार मंडोवरा, अशोक शर्मा, शंभूलाल सुथार, संजय मंडोवरा, प्रशासनिक अधिकारी प्रथम शिव शंकर पारीक, प्रशासनिक अधिकारी द्वितीय नंदकिशोर टेलर, संपदा सहायक प्रभारी राधेश्याम अहीर, संस्थापन अधिकारी लेहरी लाल गाडरी, मंदिर प्रभारी राजेंद्र शर्मा, स्टोर प्रभारी मनोहरलाल चौबीसा, सुरक्षा सहायक भारत सिंह के अलावा बैंक कर्मचारी और मंदिर मंडल के कर्मचारी मौजूद रहे। recent visitors 87