Sunday, July 5, 2026 12:02 pm

पांच वाहनों से लगभग 30 आरोपित हमला करने आए थे, बंदूक-तलवारों से दलित परिवार पर किया हमला, महिला की मौत

मंदसौर सरकारी जमीन पर गाय बांधने के विवाद में शुक्रवार को फायरिंग कर महिला की हत्या कर दी गई। वहीं चार लोग घायल हो गए है इनका उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। मामला गरोठ तहसील के ढाकनी गांव का है। पांच वाहनों से लगभग 30 आरोपित हमला करने आए थे। हमलावर बंदूकें, तलवार और लाठी-डंडे लेकर आए थे। हमले में महिला की मौत के बाद आरोपितों को जल्द गिरफ्तार करने को लेकर गरोठ में चक्काजाम भी किया। लगभग दो घंटे बाद पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद चक्काजाम खोला। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। शुक्रवार सुबह ग्राम ढाकनी में पांच चार पहिया वाहनों से आए 30 लोगों ने दलित परिवार पर हमला कर दिया। फायरिंग में सुगनाबाई पत्नी बालाराम सूर्यवंशी की मौत हो गई। जबकि चार लोग घायल है। हमले के बाद घायलों को गरोठ अस्पताल ले जाया गया। वहां से एक घायल रामगोपाल को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। सुगना के बेटे सुखदेव और पति बलराम ने बताया कि गांव के नरेंद्रसिंह और उसके पिता ने हमला कराया है। बलराम के हाथ में भी गोली लगी है। उन्हें मंदसौर रेफर कर दिया गया है। घटना के बाद गरोठ अस्पताल में काफी भीड़ जमा हो गई। गरोठ एएसपी हेमलता कुरील भी अस्पताल पहुंची। लोगों ने किया चक्काजाम हमले के बाद समाज के लोगों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया। हत्या के आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दलित समाज के लोगों ने गरोठ नगर में थाने के पास सरदार वल्लभ भाई पटेल चौराहे पर धरने पर बैठ गए। इससे जाम लग गया। इसके अलावा बोलिया रोड, शामगढ़ रोड पर भी चक्काजाम किया गया। लगभग दो घंटे में बोलिया, शामगढ़, भानपुरा, खड़ावदा आने-जाने वाले रास्तों पर आवागमन करने वाले परेशान होते रहे। शामगढ़, भानपुरा, सुवासरा आदि थानों का पुलिस बल भी तैनात रहा है। लगभग 2 घंटे में पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद लोगों ने चक्काजाम समाप्त किया। गरोठ एएसपी हेमलता कुरील ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में हमलावरों के नाम अर्जुनसिंह, नरेंद्रसिंह, जेलरसिंह, प्रतापसिंह पता चले हैं। सभी की तलाश की जा रही है। ग्राम ढाकनी निवासी बालराम और उसके परिवार का विवाद शासकीय भूमि पर शेड निर्माण को लेकर हुआ। जानकारी के अनुसार बालाराम का बैंड व्यवसाय है। घटना के समय वह शासकीय भूमि पर अपनी गायों के लिए शेड बना रहा था, जिसको लेकर विवाद हो गया। विवाद में गोली चली और सुगनाबाई मौके पर ही मौत हो गई। घायलों में शामिल मृतका के ससुर रामगोपाल की स्थिति गंभीर बनी हुई है। recent visitors 48

बीना विधायक निर्मला सप्रे की मुश्किल बढ़ी, कोर्ट में याचिका पर सुनवाई के लिए 9 दिसंबर तारीख की निर्धारित

 सागर  सागर जिले के बीना की कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे की विधायकी पर खतरा मंडराने लगा है. निर्मला सप्रे की सदस्यता समाप्त करने को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाई गई याचिका हाई कोर्ट ने स्वीकार कर ली है. इंदौर हाई कोर्ट में याचिका पर सुनवाई के लिए 9 दिसंबर तारीख निर्धारित की गई है. उल्लेखनीय है कि सागर जिले के बीना की एकमात्र कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे को विधानसभा की सदस्यता से बर्खास्त करने के लिए कांग्रेस विधायक दल ने विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर को पत्र सौंपा था. इस पत्र में उल्लेख किया गया था कि लोकसभा चुनाव के पहले निर्मला सप्रे में भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली है, इसलिए उन्हें विधानसभा की सदस्यता से निष्कासित किया जाए. इसी मुद्दे को लेकर अभी तक फैसला नहीं हुआ है. मध्य प्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का कहना है कि विधानसभा अध्यक्ष की ओर से फैसला नहीं लिए जाने पर उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.  हाई कोर्ट की ओर से उनकी याचिका स्वीकार कर ली गई है. अब 9 दिसंबर को सुनवाई होना है. जानिए क्या है पूरा मामला कांग्रेस विधायक निर्मला सप्रे विधानसभा चुनाव के बाद अचानक बीजेपी के मंच पर दिखाई दीं. उन्हें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बीजेपी की पट्टिका भी पहनाया. यह पूरा घटनाक्रम लोकसभा चुनाव के पहले घटित हुआ. हालांकि निर्मला सप्रे की ओर से दूसरी पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के बावजूद अभी तक विधानसभा से इस्तीफा नहीं दिया गया है. उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को लिखित में यह पत्र दिया है कि उन्होंने बीजेपी ज्वाइन नहीं किया, जबकि उनका कांग्रेस से मोह भंग हो चुका है. अब कांग्रेस उनकी सदस्यता समाप्त करना चाहती है. बीजेपी ने भी किनारा किया और कांग्रेस भी विरोध में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा के मुताबिक निर्मला सप्रे लिखित में दिया है कि उन्होंने बीजेपी की औपचारिक सदस्यता ग्रहण नहीं की है. यदि वे बीजेपी में आना चाहे तो उनका स्वागत है. दूसरी तरफ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का कहना है कि निर्मला सप्रे को बीजेपी की ओर से आने वाले समय में बीना से चुनाव लड़ना चाहिए. उन्होंने भाजपा ज्वाइन की है लेकिन अब निर्मल सप्रे अपनी बात से मुकर रही है. हाई कोर्ट में जो याचिका दायर की गई है उसमें सबूत के तौर पर कांग्रेस ने वीडियो फोटो और समाचार पत्रों में प्रकाशित की गई ख़बरों को आधार बनाकर निर्मला सप्रे की विधानसभा की सदस्यता समाप्त करने की गुहार लगाई है. याचिका पर 9 दिसंबर को पहली सुनवाई होना है. यदि दल बदल कानून के तहत सदस्यता समाप्त होने का फैसला सामने आता है तो बीना में उपचुनाव होना तय है. recent visitors 76

राजस्व मंत्री वर्मा ने ग्राम बुडगहन में नवनिर्मित महतारी सदन, पानी टंकी और राशन दुकान का किया लोकार्पण

रायपुर,   राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने बालौदाबाज़ार जिले के ग्राम पंचायत बुडगहन में नवनिर्मित महतारी सदन,पानी टंकी और राशन दुकान का लोकार्पण किया।पहले किश्त में बालौदाबाज़ार विधानसभा के 40 ग्रामों में महतारी सदन निर्माण का कार्य तेजी से हो रहा है। इसी तरह क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों में प्रार्थना शेड निर्माण के अलावा शौचालय,पानी और बिजली की समुचित व्यवस्था की जा रही है। इस दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका तथा मितानिनों का सम्मान किया।     कार्यक्रम में मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि  छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं का संचालन सरकार द्वारा किया जा रहा है। पिछले एक वर्ष में विभिन्न निर्माण कार्याे के साथ-साथ बस्तर में शांति स्थापित करने नक्सल उन्मूलन में तेजी से कार्य किया जा रहा है। बस्तर ओलंपिक के विभिन्न खेलों में बस्तर संभाग के 1 लाख 65 हज़ार युवक-युवतियां हिस्सा ले रहे है। बस्तर ओलंपिक देश मे अपनी तरह का बहुत बड़ा खेल आयोजन है। उन्होंने कहा कि खेल के माध्यम से व्यक्ति को अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करने का अवसर मिलता है,जिससे व्यक्ति की छिपी प्रतिभा का ज्ञान लोगो को होता है। मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि हमे परस्पर सहयोग और समन्वय के साथ विकास कार्याे में सहभागी बनकर ग्राम के विकास में भागीदारी अदा करना चाहिए,जिससे ग्राम को आदर्श ग्राम के रूप में स्थापित कर सके।     इस अवसर पर जिला पंचायत बालौदाबाज़ार के अध्यक्ष श्री राकेश वर्मा, सदस्य श्रीमती अदिति बघमार, जनपद सदस्य श्रीमती उमा अनंत, सरपंच श्रीमती मानेश्वरी साहू सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे। recent visitors 54

एक निजी कंसल्टेंसी सेवा कंपनी साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो गई और उसे 1.30 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ

मुंबई एक निजी कंसल्टेंसी सेवा कंपनी साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो गई और उसे 1.30 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। यह धोखाधड़ी तब सामने आई, जब कंपनी के चीफ अकाउंटेंट को एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप पर मैसेज मिला, जिसमें खुद को कंपनी का प्रबंध निदेशक बताने वाले व्यक्ति ने पैसे ट्रांसफर करने का आदेश दिया। एफआईआर के मुताबिक, चीफ अकाउंटेंट ने पहले एक अज्ञात कॉल को काट दिया, जब कॉल पर उस व्यक्ति की आवाज़ नहीं सुनाई दी। इसके बाद, उन्हें एक मैसेज मिला, जिसमें लिखा था, "मैं तन्वी औती हूं, मेरा नेटवर्क सिग्नल खराब है, यह मेरा व्हाट्सएप नंबर है, कृपया इसे सेव कर लें।" चीफ अकाउंटेंट ने तन्वी औती का व्हाट्सएप प्रोफाइल देखा और यह मान लिया कि यह वही नंबर है, जो प्रबंध निदेशक का है। नकली प्रबंध निदेशक ने आगे बातचीत में कहा कि वह अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं, और सीएएफओ से कंपनी के खाता शेष का स्क्रीनशॉट लेने और उसे भेजने को कहा। इसके बाद, उन्होंने खाता संख्या देकर 1.30 करोड़ रुपये ट्रांसफर करने का आदेश दिया, जिसे चीफ अकाउंटेंट ने बिना किसी संकोच के पूरा कर दिया। घोटालेबाज ने अगले कुछ दिनों में अतिरिक्त 2 करोड़ रुपये की मांग भी की थी, लेकिन धोखाधड़ी का पता तब चला, जब 2 दिसंबर को सीएएफओ ने अपने असली प्रबंध निदेशक से संपर्क किया। उस वक्त तक पैसे ट्रांसफर हो चुके थे और धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। नवी मुंबई साइबर सेल ने आईपीसी और आईटी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है और मामले की जांच जारी है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गजानंद कांबले के मुताबिक पैसे के स्रोत का पता लगाने के लिए पुलिस प्रयासरत है। यह घटना पहचान की चोरी और ऑनलाइन धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे को उजागर करती है, जिसमें हैकर्स अक्सर असली लोगों की पहचान का उपयोग कर धोखाधड़ी करते हैं। recent visitors 58

7 साल की बेटी के साथ मां ने लगायी फांसी, पति और परिजन से पूछताछ कर रही पुलिस

अंबिकापुर सरगुजा जिले के लखनपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कुन्नी के माध्यमिक शाला के पीछे मां व बेटी की फांसी पर लटकी लाश मिली है। इसी स्कूल में मृतका का पति बतौर शिक्षक पदस्थ है। पति के स्कूल के पीछे महिला द्वारा बेटी के साथ फांसी लगाकर आत्महत्या कर किए जाने की आशंका है। पुलिस ने घटनास्थल पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतका के स्वजन और गांव वालों से जानकारी जुटाई जा रही है।     कुन्नी के सकरिया रोड निवासी मीना गुप्ता पति संजय गुप्ता (35) व उसकी सात साल की बेटी आस्था गुप्ता की फांसी की फंदे पर लटकी लाश कुन्नी के पूर्व माध्यमिक शाला परिसर के पीछे पलाश के पेड़ में मिली। मृतका का पति संजय गुप्ता हाई स्कूल कुन्नी में शिक्षक के पद पर पदस्थ है। महिला और उसके पति के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। इसे लेकर दोनों परिवारों के बीच मनमुटाव भी चल रहा था। इसी से तंग आकर महिला द्वारा अबोध बेटी के साथ पति के स्कूल के पीछे फांसी लगाने का अंदेशा है। सुबह लोगों ने महिला व उसकी बेटी की लाश देखी गई। घटना की सूचना पति संजय गुप्ता के द्वारा कुन्नी पुलिस चौकी पहुंच कर दी गई है। पिता की मृत्यु के बाद पुत्र को मिली आरक्षक की नौकरी एक अन्य घटनाक्रम में छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में पुलिस विभाग में बारह वर्ष के बच्चे को नियुक्ति दी गई। बाल आरक्षक के रुप में भर्ती किए गए बच्चे के पिता के आकस्मिक निधन के बाद उसे अनुकंपा नियुक्ति दी गई है। अपनी मां व छोटे भाई के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे बच्चे को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार ठाकुर ने नियुक्ति का आदेश प्रदान किया। एसएसपी ने नियुक्ति आदेश के साथ बच्चों को पसंदीदा चॉकलेट भी भेंट किया और बाल आरक्षक को बेहतर शिक्षा दिलाने की दिशा मे उसकी मां को मार्गदर्शन दिया। एसएसपी ठाकुर ने बताया कि दिव्यांश जायसवाल को बाल आरक्षक के पद पर नियुक्ति दी गई है। इनके पिता मुन्ना प्रसाद आरक्षक के पद पर जिला सूरजपुर में पदस्थ थे। नौकरी के दौरान आकस्मिक मृत्यु होने पर अनुकम्पा नियुक्त के प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए अनुकम्पा नियुक्ति संबंधी सभी कार्रवाई पूरी करते हुए अनुकम्पा नियुक्ति दी गई है। सभी प्रक्रिया पूर्ण होने पर दिव्यांश जायसवाल को पुलिस विभाग में बाल आरक्षक के पद पर पदस्थ किया गया है। 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर आरक्षक के पद पर पदस्थ किया जाएगा। इस दौरान स्टेनो अखिलेश सिंह सहित बाल आरक्षक के स्वजन मौजूद रहे। recent visitors 51

खनिज विभाग और राजस्व विभाग की टीम ने संयुक्त की कार्रवाई, 4 चेन माउंटेन मशीन जब्त

आरंग छत्तीसगढ़ के आरंग क्षेत्र के पारागांव रेत खदान में शुकवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. जहां महानदी का सीना चीर कर रेत उत्खनन कर रही चार चेन माउंटेन मशीन को जब्त किया गया है. आरंग तहसीलदार सीता शुक्ला के नेतृत्व में खनिज विभाग और राजस्व विभाग की टीम ने संयुक्त कार्रवाई की है. इस कार्रवाई के बाद से रेत माफियाओं में हड़कप मच गया है. आपको बता दें कि रेत खदान में मशीनों के जरिए रेत उत्खनन पर पूर्णतः प्रतिबंधित है. इसके बावजूद पारागांव रेत खदान में 4 चेन माउंटेन मशीन से रेत निकाला जा रहा था। साथ ही महानदी में पानी के बीच से रैम बनाकर चैन माउंटिंग मशीन से रेत निकाला जा रहा था। पारागांव में हुई इस कार्रवाई से रेत माफियाओं में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने क्षेत्र में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर लगातार कार्रवाई कर रेत चोरों की कमर ही तोड़ दी है। पिछले साल की अपेक्षा इस वर्ष लगातार कार्रवाई से आम जनता के बीच प्रशासन की सक्रियता देखने को मिल रही है। recent visitors 50

पुलिस कर्मियों के लिए आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा का बनेगा मजबूत आधार : मुख्यमंत्री साय

पुलिस कर्मियों के कल्याण के लिए छत्तीसगढ़ सरकार की ऐतिहासिक पहल: 8 बैंकों के साथ सैलरी पैकेज के लिए हुआ समझौता रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 8 प्रमुख बैंकों के साथ पुलिस सैलरी पैकेज के तहत समझौता (एमओयू) किया है। इस समझौते में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, कैनरा बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और आईडीबीआई बैंक शामिल हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पहल को पुलिस कर्मियों के लिए सुरक्षा और सहयोग का एक मजबूत आधार बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता पुलिस विभाग के कर्मचारियों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह समझौता न केवल पुलिस कर्मियों को आर्थिक रूप से सशक्त करेगा, बल्कि उनके परिवारों की आवश्यकताओं को भी पूरा करेगा। यह पहल छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन और पारदर्शिता की नीति को और मजबूत करेगी और पुलिस कर्मियों के कार्यक्षमता और मनोबल में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस पहल को पुलिस विभाग के कल्याण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों को यह स्वतंत्रता दी गई है कि वे अपनी सुविधा और आवश्यकता के अनुसार किसी भी बैंक में सैलरी खाता खोल सकते हैं। इसके लिए किसी भी प्रकार की बाध्यता या अतिरिक्त शुल्क नहीं होगा। सभी बैंकों से प्राप्त प्रस्ताव पुलिस इकाइयों को भेजे जाएंगे ताकि पुलिस कर्मी अपनी आवश्यकताओं के अनुसार सबसे उपयुक्त बैंक का चयन कर सकें। यह समझौता पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों के लिए कई लाभ प्रदान करेगा। इसमें सामान्य मृत्यु के मामलों में 1 लाख से ₹10 लाख तक की जीवन बीमा राशि, दुर्घटना में मृत्यु के मामलों में  ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक की सहायता, स्थायी विकलांगता के मामलों में ₹30 लाख से ₹1 करोड़ तक और आंशिक विकलांगता के लिए ₹22.5 लाख से ₹1 करोड़ तक की बीमा राशि का प्रावधान शामिल है। बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए ₹4 लाख से ₹20 लाख तक और कन्या विवाह के लिए ₹5 लाख से ₹10 लाख तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध होगी। नक्सल हिंसा में शहीद होने वाले पुलिस कर्मियों के परिवारों के लिए ₹10 लाख से ₹50 लाख तक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। recent visitors 46