Sunday, July 5, 2026 3:55 pm

एआई ट्रांसलेटर करेगा मदद से महाकुंभ में आए श्रद्धालुओं के इलाज में भाषा नहीं बनेगी बाधा

प्रयागराज महाकुंभ में देश-दुनिया के श्रद्धालु संगमनगरी में जुटेंगे। इस दौरान बाहरी राज्यों या विदेश से आए श्रद्धालु बीमार पड़ते हैं तो भाषा की दिक्कत से उनका इलाज नहीं रुकेगा। वह एआई ट्रांसलेटर एप की मदद से डॉक्टर को अपनी भाषा में बीमारी के बारे में बता सकेंगे। एप उनकी बोली गई भाषा को हिंदी या अंग्रेजी में बदलेगा। देश में पहली बार छावनी सामान्य अस्पताल के आईसीयू वार्ड में इसका इस्तेमाल होगा। एआई ट्रांसलेटर एप में देश की 22 और विदेश की 19 भाषाएं हैं। जिनको एप हिंदी या अंग्रेजी में बदलेगा। इस एप में तमिल, तेलगु, मलयालम, बंगाली सहित अन्य राज्यों की भाषाएं हैं। वहीं, अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में अंग्रेजी, अरबी, फ्रेंच समेत 19 भाषाएं हैं। देश-विदेश से आए मरीजों को इलाज में सहूलियत देने के लिए कैंटोनमेंट बोर्ड के छावनी अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों के फोन में एप को इंस्टाल कराया जाएगा। महाकुंभ को देखते हुए मेला क्षेत्र में पहली बार 30 बेड के आईसीयू की व्यवस्था भी की गई है। इसमें सेंट्रल हॉस्पिटल व अरैल के सब हॉस्पिटल में 10-10 बेड की व्यवस्था की गई है। वहीं, झूंसी के सब हॉस्पिटल में 10 बेड आईसीयू की सुविधा रायबरेली एम्स देगा। जबकि छावनी सामान्य अस्पताल अपने 20 आईसीयू बेड में एआई ट्रांसलेटर की सुविधा देगा। इसमें मरीजों के बेड के बगल में माइक लगा होगा। वह अपनी भाषा में डॉक्टर से संवाद कर सकेंगे और चिकित्सक जो भी बोलेंगे वह मरीज को उनकी भाषा में समझ आएगा। कैंटोनमेंट बोर्ड का दावा है कि अभी तक इस पद्धति का इस्तेमाल देश के किसी हॉस्पिटल में नहीं किया गया है। अस्पताल में लगेंगे एआई कैमरे छावनी सामान्य अस्पताल एआई कैमरों से लैस होंगे। इन कैमरों के जरिये लखनऊ के वरिष्ठ चिकित्सक मरीजों पर निगरानी रखेंगे। एआई कैमरों की मदद से मरीजों की तबीयत बिगड़ने की सूचना स्वत: ही डॉक्टर के पास पहुंच जाएगी। महाकुंभ को देखते हुए मरीजों के इलाज में एआई ट्रांसलेटर एप का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह प्रयोग देश के किसी अस्पताल में पहली बार हो रहा है। – एसके पांडेय, निदेशक छावनी सामान्य अस्पताल।   recent visitors 55

पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनिका गांधी से जुड़ा जमीन विवाद में पटवारी पर हेराफेरी का आरोप

रायसेन मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनिका गांधी से जुड़ा जमीन विवाद सामने आया है। यह जमीन पीपलखिरिया ग्राम पंचायत में है। ग्रामीणों ने हेराफेरी का आरोप लगाते हुए कहा, अंग्रेजों के जमाने का रास्ता बंद करा दिया गया है। रास्ता ब्लॉक होने से पांच गांव के लोग परेशान हो जाएंगे। रायसेन में राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित सेहतगंज टोल प्लाजा के पास पीपलखिरिया गांव का रास्ता वर्षों पुराना है। इसके किनारे पंचायत ने पेयजल लाइन डलवाई है। प्राचीन मंदिर भी यहीं पर स्थित है, लेकिन पटवारी और राजस्व निरीक्षक ने सीमांकन में रास्ते को निजी आराजी दर्शा दिया। खरीददार ने फेंसिंग के लिए पोल गड़वा दिए हैं। युद्धाभ्यास के लिए जाते थे ब्रिटिश सैनिक ग्रामीणों ने बताया कि इस सड़क का निर्माण अंग्रेजों ने कराया था। अंग्रेजों इसी रास्ते से जंगल में स्थित अपनी छावनी जाया करते थे। ब्रिटिश सैनिक वहां युद्धाभ्यास किया करते थे। अंग्रेजों के बनाई टंकी, स्टापडेम और बावड़ी भी वहां मौजूद है, लेकिन पटवारी और राजस्व निरीक्षक ने हेराफेरी कर रास्ता बंद करा दिया। मेनका गांधी के पिता को मिली थी जमीन ग्रामीणों के मुताबिक, अंग्रेजों ने यह जमीन भोपाल के बैरागढ़ निवासी सरदार दातारसिंह को बतौर इनाम दे गए थे। सरदार दातारसिंह मेनका गांधी के पिता थे। जमीन का बड़ा हिस्सा सीलिंग में चला गया था। शेष जमीन को मेनका गांधी ने हाल ही में बेचा है। लेकिन खरीददार ने सीमांकन कराकर रास्ता ब्लॉक कर दिया। ग्रामीणों ने रायसेन कलेक्टर से रास्ते खुलवाने की मांग की है।  recent visitors 64

राजनाथ सिंह की तीन दिवसीय रूस यात्रा के दौरानएस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की आपूर्ति में देरी का मुद्दा उठेगा

नई दिल्ली यूक्रेन से संघर्ष के चलते भारत को दो एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की आपूर्ति में देरी का मुद्दा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की तीन दिवसीय रूस यात्रा के दौरान उठेगा। इसके अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण हथियार प्लेटफार्मों के लिए पुर्जों की आपूर्ति को लेकर भी बातचीत होने की उम्मीद है। राजनाथ सिंह रूस में निर्मित दो गाइडेड-मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट में से पहले आईएनएस तुशील को नौसेना के बेड़े में शामिल करेंगे। रूस अब तक भारत को 3 एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की आपूर्ति कर चुका है, जबकि दो सिस्टम अभी मिलने हैं। चौथी प्रणाली मार्च, 2026 में और पांचवीं प्रणाली 2026 के अंत तक मिलने की संभावना है। यह दो साल की देरी यूक्रेन से संघर्ष के कारण आपूर्ति श्रृंखला संबंधी समस्याओं के कारण हुई है। वायु सेना ने अब तक मिले 03 सिस्टम की क्षमताओं का ट्रायल शुरू कर दिया है। भारत ने दो एस-400 स्क्वाड्रन को पूर्वी और उत्तरी सीमा पर तैनात किया है। तीसरी स्क्वाड्रन को पंजाब में इस तरह से तैनात किया गया है, ताकि पाकिस्तान की सीमा के साथ-साथ उत्तरी और पश्चिमी क्षेत्रों को भी कवर किया जा सके। यह सिस्टम 380 किलोमीटर की रेंज में दुश्मन के बमवर्षकों, जेट विमानों, जासूसी विमानों, मिसाइलों और ड्रोन का पता लगाकर उन्हें नष्ट कर सकते हैं। रक्षा मंत्री 8-10 दिसंबर तक तीन दिवसीय रूस की यात्रा पर रहेंगे। इस यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह 09 दिसंबर को कलिनिनग्राद में भारत को समुद्र का नया प्रहरी स्टील्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट 'तुशील' सौंपेंगे, जो ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों सहित सेंसर और हथियारों से लैस है। इसके अलावा रक्षा सहयोग को मजबूत करने के उपायों पर भारत-रूस अंतर-सरकारी सैन्य-तकनीकी सहयोग आयोग (आईआरआईजीसी-एमएंडएमटीसी) की बैठक के दौरान चर्चा की जाएगी, जिसकी सह अध्यक्षता सिंह और उनके समकक्ष एंड्री बेलौसोव 10 दिसंबर को मॉस्को में करेंगे। बैठक में भारत और रूस के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग और औद्योगिक साझेदारी सहित विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की जाएगी। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 2025 की शुरुआत में भारत की यात्रा पर आने वाले हैं, इसलिए दोनों पक्ष पहले चल रही सैन्य तकनीकी परियोजनाओं के साथ-साथ रणनीतिक हित के क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा करेंगे। 2021 के बाद आईआरआईजीसी-एमएंडएमटीसी की भी बैठक नहीं होने के कारण भारत रूस पर एस-400 मिसाइल सिस्टम से लेकर सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू जेट और टी-90एस मुख्य युद्धक टैंकों तक के हथियार प्रणालियों के लिए उचित रखरखाव सहायता और कलपुर्जों की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए दबाव डालना चाहता है। इसलिए एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम की आपूर्ति में देरी का मुद्दा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की तीन दिवसीय रूस यात्रा के दौरान उठेगा। यूक्रेन के साथ चल रहे युद्ध के चलते रूस से भारतीय सशस्त्र बलों के लिए पुर्जों की आपूर्ति एक बड़ी समस्या बन गई है। भारत ने स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने के साथ ही पिछले दशक में सैन्य हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के लिए पश्चिमी देशों की ओर रुख किया है। इसलिए रूस अभी भी भारत के लिए मुख्य हथियार आपूर्तिकर्ता बना हुआ है, जो हथियारों के आयात का 36 फीसदी से अधिक हिस्सा है।भारत को स्टील्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट 'तुशील' मिलने के बाद दूसरे फ्रिगेट को अगले वर्ष की शुरुआत में आईएनएस 'तमाल' के रूप में शामिल किया जाएगा। अन्य दो का निर्माण गोवा शिपयार्ड में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के साथ लगभग 13, 000 करोड़ रुपये की कुल लागत से किया जा रहा है, जिसमें से पहला इस साल जुलाई में 'त्रिपुट' के रूप में लॉन्च किया गया है।   recent visitors 43

विदेश सचिव विक्रम मिसरी आज बांग्लादेश का एक दिवसीय दौरा करेंगे

नई दिल्ली विदेश सचिव विक्रम मिसरी आज बांग्लादेश का एक दिवसीय दौरा करेंगे। इस दौरान वह हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर हमलों को लेकर भारत की चिंताओं को ढाका के समक्ष उठाएंगे। अगस्त में प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार को अपदस्थ करने के बाद भारत की ओर से यह पहला उच्चस्तरीय दौरा है। मिसरी का अपने बांग्लादेशी समकक्ष मोहम्मद जशीमुद्दीन के साथ व्यापक वार्ता करने। उनका बांग्लादेश के कार्यवाहक विदेश मंत्री मोहम्मद तौहीद हुसैन से भी मुलाकात करने का कार्यक्रम है। माना जा रहा है कि भारतीय विदेश सचिव ढाका की अपनी लगभग 12 घंटे की यात्रा के दौरान बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख सलाहकार मोहम्मद यूनुस से भी मुलाकात कर सकते हैं। सूत्रों ने बताया कि मिसरी की यात्रा के दौरान बांग्लादेश हसीना को भारत द्वारा शरण दिए जाने पर अपनी चिंता व्यक्त कर सकता है। पिछले महीने यूनुस ने कहा था कि उनकी सरकार भारत से हसीना के प्रत्यर्पण की मांग करेगी। अगस्त में बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के चलते हसीना को देश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था, जिसके बाद भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों तनाव में आ गया। हसीना के भारत में शरण लेने के कुछ दिनों बाद ही यूनुस ने अंतरिम सरकार की बागडोर संभाली थी। हालिया हफ्तों में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों और हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के बाद दोनों देशों के संबंध और भी तनावपूर्ण हो गए। पिछले कुछ हफ्तों में पड़ोसी देश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं के साथ-साथ मंदिरों पर हमलों की घटनाएं हुई हैं, जिसे लेकर नई दिल्ली द्वारा गहरी चिंता जताई गई है।   recent visitors 55

मुरैना में पुलिस के पास रखी 238 राइफल और कारतूस चोरी, मचा हड़कंप

मुरैना मध्य प्रदेश से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य में चोरों ने मुरैना में गठित रूप से सुरक्षित पुलिस लाइन के अंदर विशेष सशस्त्र बल के दो शास्त्रागरों से चोरी कर ली है। इसके बाद आरोपियों ने 238 राइफल और पिस्तौल के कारतूस भी चुरा लिए हैं। मीडिया से बातचीत के दौरान एसपी समीर सौरभ ने कहा कि चोरी शुक्रवार और शनिवार के रात को हुई है। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात पांच कांस्टेबलों को निलंबित कर दिया गया है। एसपी ने कहा कि कोई हथियार चोरी नहीं हुआ है और जांच के लिए फोरेंसिक फिंगरप्रिंट विशेषज्ञ और एक खोजी कुत्ता की टीम तैनात किया गया है। आपको बता दे इस घटना ने कोतवाली पुलिस और बटालियन अधिकारियों के बीच आरोप प्रत्यारोप का खेल शुरू किया है जिससे सुविधा में सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए जा रहा है। SAF पांचवी बटालियन मुख्यालय और बटालियन दो कि एक कंपनी मुरैना पुलिस लाइन में काम करती है जहां हथियारों को रखने के लिए अलग-अलग कमरा बनाया गया है। चोरी का पता उसे समय लगा जब पांचवी बटालियन के आमोरर का ताला टूटा हुआ था। जांच में चोरी का पता चला है और खतरे की घंटी बजने लगी। आईजी सुशांत सक्सेना के द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया। recent visitors 64

बांग्लादेश में हिंदुओ पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ दून व्यापार मंडल का 10 दिसंबर को आक्रोश मार्च

देहरादून बांग्लादेश में हिंदुओं सहित अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में देहरादून के व्यापारी सड़क पर उतरेंगे। दून उद्योग व्यापार मंडल के बैनर तले गीता भवन मंदिर में आयोजित बैठक में यह निर्णय लिया गया। दून उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष विपिन नागलिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में विभिन्न धार्मिक, सामाजिक और व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।बैठक में बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के मानवाधिकारों के उल्लंघन, उत्पीड़न, धार्मिक अत्याचार और सामूहिक हिंसा पर गहरी चिंता जताई गई। सभी ने मिलकर 10 दिसंबर को होने वाली आक्रोश मार्च में भाग लेने का संकल्प लिया। दून उद्योग व्यापार मंडल ने इस मार्च में अधिक से अधिक व्यापारियों को शामिल होने का आह्वान किया है। व्यापार मंडल ने बताया कि 10 दिसंबर को सुबह 10:30 बजे से रेंजर्स कॉलेज ग्राउंड से शुरू होकर यह मार्च प्रमुख चौकों से होते हुए जिलाधिकारी कार्यालय तक पहुंचेगा। व्यापारिक समुदाय से अपील की है कि वे दो घंटे के लिए अपने बाजार बंद रखें और इस प्रदर्शन का समर्थन करें। बैठक में बांग्लादेश सरकार से हिंदू नरसंहारों और धर्म परिवर्तन को तुरंत रोकने की मांग की गई। साथ ही संयुक्त राष्ट्र से बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के लिए शांति सेना भेजने का आग्रह किया गया।   recent visitors 53

हिमाचल प्रदेश में भीषण शीतलहर, लाहौल-स्पीति, किन्नौर और शिमला जिलों में माइनस में तापमान

शिमला हिमाचल प्रदेश में इस समय भीषण सर्दी की लहर चल रही है। पहाड़ों से लेकर मैदानों तक भयंकर सर्दी से जनजीवन प्रभावित हो गया है। राज्य के कई हिस्सों में तापमान शून्य से नीचे गिर गया है और बिना बारिश-बर्फबारी के लोगों को कड़ी शुष्क ठंड का सामना करना पड़ रहा है। लाहौल-स्पीति, किन्नौर और शिमला जिलों में माइनस में तापमान हिमाचल के उच्च पर्वतीय इलाकों में रात का तापमान माइनस में बना हुआ है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक लाहौल-स्पीति, किन्नौर और शिमला जिलों में न्यूनतम तापमान माइनस में रिकार्ड किया गया। शिमला शहर का पारा इस सीजन में पहली बार 3 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया। लाहौल-स्पीति के ताबो में सीजन की सबसे सर्द रात रही, जहां पारा -13.1 डिग्री सेल्सियस रहा। इसी जिला के कुकुमसेरी में -6.9 डिग्री, किन्नौर के रिकांगपिओ में -1 डिग्री और शिमला के नारकंडा में -0.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। एक दर्जन शहरों का पारा शून्य व इसके करीब पहुंच गया है। भुंतर व सियोबाग में शून्य डिग्री, बजुआरा में 0.1 डिग्री, मनाली में 0.2 डिग्री, कुफ़री में 0.4 डिग्री, सोलन व बरठीं में 0.5 डिग्री, भरमौर में 0.8 डिग्री, ऊना में 1 डिग्री, सुंदरनगर में 1.9 डिग्री, हमीरपुर में 2.1 डिग्री, शिमला में 2.8 डिग्री, बिलासपुर में 3.1 डिग्री, मंडी में 3.2 डिग्री, जुब्बड़हट्टी में 3.8 डिग्री, कांगड़ा में 4.5 डिग्री औऱ धर्मशाला में 4.9 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड हुआ है। पिछले 24 घण्टों के दौरान राज्य का औसतन न्यूनतम तापमान सामान्य से 2.8 डिग्री नीचे रिकार्ड हुआ। मौसम विभाग का पूर्वानुमान, आज से बादलों के बरसने की उम्मीद मौसम विभाग के अनुसार आज से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में बदलाव आएगा और पहाड़ों पर बर्फबारी व मैदानों में बारिश होगी। विभाग ने आठ मैदानी व मध्यवर्ती जिलों में बादलों के गरजने व आसमानी बिजली चमकने का येलो अलर्ट जारी किया है। नौ दिसम्बर को भी बारिश व बर्फबारी होने की सम्भावना है। 10 दिसम्बर को मध्यपर्वतीय व उच्च पर्वतीय इलाकों में मौसम खराब रहेगा, जबकि मैदानी भागों में मौसम साफ रहेगा। 11 से 14 दिसम्बर तक पूरे राज्य में मौसम के साफ रहने का अनुमान है। विभाग ने 10 व 11 दिसम्बर को मंडी और बिलासपुर जिलों के मैदानी इलाकों में घने कोहरे की चेतावनी दी है। बारिश-बर्फबारी से तापमान में और ज्यादा गिरावट आने से सर्दी का असर तेज़ होगा। इस बीच राजधानी शिमला सहित राज्य के अधिकांश हिस्सों में रविवार को मौसम साफ बना हुआ है। हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, सोलन और सिरमौर जिलों में धूप खिली है जिससे लोगों को ठंड से निजात मिल रही है।   recent visitors 60