Sunday, July 5, 2026 2:39 pm

मुख्यमंत्री विष्णु देव आज विभिन्न योजनाओं के 4 हजार हितग्राहियों को सामग्री एवं राशि का वितरण

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 9 दिसम्बर को मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले को 549 करोड़ 26 लाख रूपए की लागत वाले विकास एवं निर्माण कार्यों की सौगात देंगे। चिरमिरी के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय चिरमिरी में निर्मित जिला चिकित्सालय को लोकार्पित करेंगे। राज्य शासन द्वारा चिरमिरी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का जिला चिकित्सालय के रूप में उन्नयन कर आवश्यक अधोसंरचना का निर्माण किया गया है। यह जिला चिकित्सालय 100 बिस्तरीय है। यहां शासन द्वारा 8 विशेषज्ञ चित्सिकों तथा 10 मेडिकल आफिसरों एवं पर्याप्त संख्या में पैरा मेडिकल टीम पदस्थ की गई है। इस अवसर पर कार्यक्रम की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री श्री अरूण साव करेंगे। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल कार्यक्रम के अति विशिष्ट अतिथि एवं सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, विधायक श्रीमती रेणुका सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती रेणुका सिंह, महापौर चिरमिरी श्रीमती कंचन जायसवावल सहित अन्य जनप्रतिनिधि विशिष्ट अतिथि होंगे।     मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में 31 करोड़ 43 लाख 46 हजार रूपए की लागत से निर्मित 141 कार्यों का लोकार्पण तथा 517 करोड़ 82 लाख 81 हजार रूपए की लागत से निर्मित होने वाले 306 विकास एवं निर्माण कार्यों का लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय इस मौके पर शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित 4002 हितग्राहियों को सामग्री एवं राशि का वितरण करेंगे। लाभान्वितों में किसान, स्व-सहायता समूह की महिलाएं, दिव्यांगजन, मछुआरे, वनाधिकार पत्र, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही आदि शामिल हैं। recent visitors 62

हिमाचल प्रदेश में 97 नए मंडल बने, अब प्रदेश में भाजपा के 74 की जगह 171 मंडल हो गए हैं

शिमला हिमाचल प्रदेश में संगठन चुनाव से पहले भाजपा ने 97 नए मंडलों का गठन कर दिया है। अब प्रदेश में भाजपा के 74 की जगह 171 मंडल हो गए हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने रविवार को इस फैसले की घोषणा की और कहा कि यह बदलाव पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को और मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है। डॉ. बिंदल ने बताया कि प्रदेश भाजपा महामंत्री त्रिलोक कूपर की अध्यक्षता में एक डिलिमिटेशन कमेटी का गठन किया गया था जिसने इन नए मंडलों का गठन किया। केंद्रीय नेतृत्व की स्वीकृति के बाद भाजपा ने प्रदेश में 171 संगठनात्मक मंडल बनाए हैं। जो पहले केवल 74 मंडल थे। इस प्रक्रिया का उद्देश्य पार्टी के कार्यकर्ताओं और नेताओं को अधिक प्रभावी ढंग से काम करने के लिए एक मजबूत और सुसंगठित ढांचा प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इससे पार्टी को नया बल मिलेगा। यह कदम भाजपा के संगठन को सशक्त बनाने के साथ ही आगामी चुनावों के लिए भी पार्टी को तैयार करेगा। उन्होंने बताया कि जिला चंबा में पूर्व में छह मंडल थे। अब कुल 16 मंडल होंगे जिनके नाम माँ बैरा, भंजराडू, कोटी, पांगी, त्रिलोचन महादेव, होली, भरमौर, खजियार, करीयां, साहू, सलूणी, भलेई, बनीखेत, मेल, चुवाडी और सिहुनता होंगे। इसकी प्रकार जिला नूरपुर पूर्व में चार मंडल थे औऱ अब कुल 12 मंडल होंगे जिनके नाम सदवां, भडवार, जसूर, गंगथ, इंदौरा, डमटाल, राजा का तालाब, फतेहपुर, रे, ज्वाली, कोटला और नगरोटा सुरियाँ हैं। जिला देहरा में पहले तीन मंडल थे। अब कुल छह मंडल होंगे जिनका नाम हरिपुर, ढलियारा, जसवां, प्रागपुर, ज्वालामुखी और खुन्ड़ियाँ होगा। जिला पामलपुर में पहले चार मंडल थे और अब 10 मंडल होंगे जिसका नाम पंचरुखी, जयसिंहपुर, आलमपुर, सुलह, थुरल, भवारना, पालमपुर ग्रामीण, पालमपुर शहरी, बैजनाथ अप्पर और बैजनाथ लोअर होगा। जिला कांगड़ा में पहले चार मंडल थे, अब नौ मंडल होंगे जिनका नाम नगरोटा वगवां, बड़ोह, वृजेश्वरी, जयंती, धारकंडी मंडल, शाहपुर मंडल, लदवाडा, धर्मशाला शहरी और धर्मशाला ग्रामीण होगा। जिला लाहौल स्पीति में तीन मंडलों को ही रखा गया जिनका नाम केलांग, उदयपुर और स्पिति ही रहा। जिला कुल्लू में पहले चार थे अब 12 मंडल होंगे जिसका नाम मनाली, नग्गर, कुल्लू सदर, पार्वती, भुंतर, बजौरा, सैंज, मंगलोर, बंजार, आनी, दलाश और निरमंड होगा। सुंदरनगर में पांच मंडल की जगह अब 13 मंडल होंगे जिनका नाम बगशाड, सराहन, करसोग, निहरी, डैहर, शहरी, नाचन, महादेव, नौंण, धर्मपुर, टीहरा, बल्डवाड़ा और सरकाघाट होगा। मंडी जिला में पांच की जगह अब 13 मंडल होंगे जिनका नाम थुनाग, बाली चौकी, जंजैहली, पद्धर, दरंग, सनौर, लड़भड़ोल, जोगेंद्र नगर, चौंतडा, कोटली, मंडी, बल्ह और नेर चौक होगा। ज़िला हमीरपुर में पहले पांच मंडल थे, अब 10 मंडल होंगे जिसका नाम समीरपुर, भोरंज खास, सुजानपुर टीहरा, बमसन (टोनी देवी), हमीरपुर शहरी, हमीरपुर ग्रामीण, धतवाल (बिझड़ी), बड़सर, नादौन और गलोड़ होगा। जिला ऊना में पहले पांच मंडल थे औऱ अब 10 मंडल होंगे जिनका नाम चिंतपूर्णी अप्पर, चिंतपूर्णी लोअर, दौलतपुर, गगरेट, हरोली खास, हरोली बीत, ऊना, बसदेहडा, कुटलैहड और डेरा बाबा रुद्रानन्द होगा। जिला बिलासपुर में पहले पांच मंडल थे अब आठ मंडल होंगे जिनका नाम झण्डुता, शाहतलाई, घुमारवीं, भराडी, बिलासपुर सदर, बिलासपुर, श्री नैना देवीजी (अप्पर) और श्री नैना देवीजी (लोअर) होगा। ज़िला सोलन में पहले पांच मंडल थे और अब 13 मंडल होंगे जिनका नाम अर्की, दाडला, जयनगर, नालागढ़ शहर, नालागढ़, पंजैहरा, राम शहर, पट्टा, दून, कंडाघाट, सोलन ग्रामीण, सोलन शहरी, धर्मपुर और कसौली होगा। ज़िला सिरमौर में पहले पांच मंडल थे, जो अब 12 मंडल होंगे जिनका नाम राजगढ़, सराहाँ, धारटी नाहन मण्डल, माता त्रिलोकपुर नाहन, माता कटासन नाहन, नौहरा धार, संगडाहा, ददाहू, पांवटा-साहिब, गिरीपार आंजभोज, शिलाई और नेडापार होगा। जिला महासू के पहले पांच मंडल थे अब 13 मंडल होंगे जिनका नाम बलसन, चौपाल, नेरवा, कुपवी, कुमारसेन, मत्याना, ठियोग, कोटखाई नावर, जुब्बल, रामपुर, ननखडी, सराहन, रोहडू मण्डल और छोहारा मण्डल होगा। ज़िला शिमला में पहले तीन मंडल थे अब छह मंडल होंगे जिनका नाम कसुम्पटी शहरी मण्डल, कसुम्पटी ग्रामीण मण्डल, शिमला, संजौली, शिमला ग्रामीण और शिमला ग्रामीण सुन्नी होगा। ज़िला किन्नौर में पहले तीन मंडल थे अब पांच होंगे जिसका नाम पुह, मुरंग, कल्पा, सांगला और निचार होगा।   recent visitors 63

मुख्यमंत्री ने की जन-कल्याण अभियान और पर्व की तैयारियों की समीक्षा, 11 दिसम्बर से शुरू होगा पर्व

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि युवा, नारी, किसान और गरीब के कल्याण एवं विकास के लिये प्रदेश में 11 दिसम्बर से 26 जनवरी, 2025 तक मुख्यमंत्री जन-कल्याण अभियान चलाया जायेगा। इसमें केन्द्र और राज्य सरकार की शत-प्रतिशत सैचुरेशन की चिन्हित हितग्राही मूलक योजनाओं और लक्ष्य प्रदान की गयी योजनाओं के हितग्राहियों को लाभान्वित किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 11 दिसम्बर से 26 दिसम्बर तक प्रदेश में जन-कल्याण पर्व भी मनाया जायेगा, इसके अंतर्गत विभिन्न विभागों की गतिविधियों और विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन भी होगा। साथ ही राज्य शासन की एक वर्ष की उपलब्धियों को प्रदर्शित भी किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मुख्यमंत्री जन-कल्याण अभियान और जन-कल्याण पर्व में होने वाली गतिविधियों की कार्य-योजना पर चर्चा कर रहे थे। मुख्यमंत्री जन-कल्याण अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन-कल्याण अभियान का मुख्य उद्देश्य केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के युवा, नारी, किसान तथा गरीब वर्ग के कल्याण एवं विकास के लिए दृढ़ संकल्पित होकर कार्य करना है एवं उनके हितार्थ चलाई जा रही योजनाओं को धरातल पर क्रियान्वित करना है। इसमें 34 हितग्राही मूलक, 11 लक्ष्य आधारित और 63 अन्य सेवाओं को आम नागरिकों तक सहज रूप से पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान अंतर्गत संचालित गतिविधियों की सीएम हेल्पलाइन डेशबोर्ड पर मॉनीटरिंग की जायेगी, जिसे मुख्यमंत्री, कलेक्टर एवं विभाग के अधिकारी भी देख सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व संबंधी मामलों के निराकरण के लिये संचालित राजस्व महाअभियान-3 की अवधि 26 जनवरी, 2025 तक के लिये बढ़ाई जाये। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लगेंगे शिविर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अभियान अवधि में शहरी और ग्रामीण अंचलों में शिविर लगाकर आमजन की समस्याओं का निराकरण और पात्र हितग्राहियों को चिन्हांकित कर योजनाओं का लाभ दिया जायेगा। आयुष्मान योजना में 70 वर्ष और इससे अधिक आयु वर्ग के नागरिकों के कार्ड बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि आयोजित शिविरों का माहौल और उनमें दी जाने वाली सुविधाओं को इस प्रकार से प्रचारित करें कि नागरिक स्वयं अपनी इच्छा से शिविर में आयें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जन-कल्याण अभियान के लिये समय-सीमा में अधिकारी-कर्मचारियों के सम्पर्क दल के गठन और योजनाओं के लाभ से वंचित नागरिकों को चिन्हांकित करने के निर्देश दिये। अभियान अंतर्गत लगने वाले शिविरों का निर्धारण जिले के प्रभारी मंत्री के मार्गदर्शन में जिला कलेक्टर द्वारा किया जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों के समस्त वार्डों में लगने वाले शिविरों के स्थान और तिथि का रोस्टर बनाकर प्रचारित-प्रसारित भी किया जाये। शिविरों की मॉनीटरिंग के लिये नगरीय क्षेत्रों में जोन स्तर पर और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक पंचायत क्लस्टर पर एक सेक्टर अधिकारी की नियुक्ति की जाये। जन-कल्याण पर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में 11 से 26 दिसम्बर 2024 तक मनाये जाने वाले मुख्यमंत्री जन-कल्याण पर्व में विभिन्न विकास गतिविधियाँ होंगी। पर्व का शुभारंभ 11 दिसम्बर को भोपाल में लाड़ली बहना योजना की राशि वितरण से किया जायेगा। साथ गीता जयंती पर वृहद गीता का पाठ होगा। पर्व अवधि में अलीराजपुर की सांडवा माईक्रो सिंचाई योजना का भूमि-पूजन, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा राज्य सरकार की एक वर्ष की उपलब्धियों पर केन्द्रित प्रदर्शनी, भोपाल, सीहोर एवं रायसेन से युवाओं की रातापानी अभयारण्य के निकट बाइक रैली, अक्षयपात्र कार्यक्रम अंतर्गत बच्चों को पोषण आहार किट का वितरण, ग्वालियर में तानसेन समारोह अंतर्गत सांस्कृतिक कार्यक्रम, कन्वेंशन सेंटर का लोकार्पण और महाराजा जीवाजी राव सिंधिया की मूर्ति का अनावरण होगा। जबलपुर में सरदार बल्लभ भाई पटेल की मूर्ति का अनावरण, उमरिया गाँव में गौशाला का भूमि-पूजन, वृहद युवा संवाद (स्व-रोजगार, रोजगार केन्द्रित कार्यक्रम), पुलिस बैण्ड द्वारा प्रस्तुतिकरण, वन मेले का शुभारंभ, पार्वती-कालीसिंध नदी जोड़ो परियोजना का शुभारंभ, साधु-संतों के साथ संवाद, पीएम स्वनिधि योजना के हितग्राहियों का सम्मेलन, डॉ. बी.आर. अम्बेडकर यूनिवर्सिटी इंदौर में दीक्षांत समारोह, खण्डवा-ओंकारेश्वर में सोलर पार्क का लोकार्पण, उज्जैन में आईटी पार्क का भूमि-पूजन, भोपाल में खेल प्रोत्साहन कार्यक्रम, विभिन्न योजनाओं के तहत हितलाीा का वितरण, सागर में तालाब सौंदर्यीकरण का लोकार्पण, चिंतन शिविर का आयोजन, नर्मदापुरम (पचमढ़ी) में राजा भभूत सिंह स्मृति में केबिनेट बैठक और भोपाल (रविन्द्र भवन) में छात्र-छात्राओं से संवाद कार्यक्रम होगा। बैठक में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने बताया कि 11 दिसम्बर से 26 जनवरी 2025 तक 47 दिन चलने वाले मुख्यमंत्री जन-कल्याण अभियान में प्रत्येक जिले में अंतरविभागीय अधिकारी और कर्मचारियों के दल गठित किये जायेंगे। यह दल हितग्राहियों को चिन्हित कर उनके आवेदन प्राप्त कर शिविर का आयोजन किया जायेगा। शिविर की मॉनीटरिंग के लिये प्रत्येक पंचायत स्तर पर एक सेक्टर अधिकारी नियुक्त किया जायेगा। शिविर के बाद 26 जनवरी 2025 तक शेष लंबित प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित किया जायेगा। हितग्राहियों को हित लाभ का वितरण शिविर के दौरान एवं गणतंत्र दिवस पर ग्राम सभाओं में किया जायेग- recent visitors 65

सुप्रीम कोर्ट में पहले एक याचिका दाखिल की गई थी, किसान आंदोलन के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी

नई दिल्ली शंभू बॉर्डर पर डटे किसानों ने एक ओर दिल्ली कूच स्थगित कर दिया है. वहीं किसान आंदोलन के मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी. दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में पहले एक याचिका दाखिल की गई थी, इसमें शंभू बॉर्डर समेत सभी हाईवे को खोलने के निर्देश केंद्र, पंजाब और हरियाणा सरकार को देने की मांग की गई थी. सुप्रीम कोर्ट कल इस मामले में सुनवाई करेगा. याचिका में कहा गया है कि इस तरह हाईवे को अवरुद्ध करना लोगों के मौलिक अधिकारों के खिलाफ है. साथ ही ये नेशनल हाईवे एक्ट और भारतीय न्याय संहिता यानी BNS के तहत भी अपराध है. ऐसे में हाईवे को रोकने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए. याचिका में गुहार लगाई गई है कि सुप्रीम कोर्ट केंद्र, पंजाब और हरियाणा सरकारों को प्रदर्शनकारी किसानों को हाइवे से हटाने के निर्देश दे. शंभू बॉर्डर से किसानों को हटाने के संबंध में 7 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी. इसी मामले में कल सुनवाई होनी है. याचिका में यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है कि आंदोलनकारी किसानों द्वारा सभी राष्ट्रीय राजमार्ग और रेलवे ट्रैक अवरुद्ध न किए जाएं और राज्य और केंद्र को आम जनता के लिए सुगम मार्ग सुनिश्चित करना चाहिए. बता दें कि शंभू बॉर्डर से 101 किसानों का जत्था दिल्ली कूच के इरादे से आगे बढ़ा, लेकिन हरियाणा के सुरक्षाकर्मियों द्वारा आंसू गैस के गोले दागे जाने के बाद प्रदर्शनकारी किसानों ने दिल्ली के लिए पैदल मार्च स्थगित कर दिया. पंजाब के किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि कम से कम 8 किसान घायल हुए हैं और उनमें से एक को चंडीगढ़ के पोस्ट-ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर) ले जाया गया है. उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि हमने 'जत्था' (101 किसानों का समूह) वापस बुला लिया है. recent visitors 55

मध्य प्रदेश में तूफान ‘फेंजल’ अब बेअसर, 13 जिलों में अगले 24 घंटे में बारिश की संभावना

भोपाल मध्य प्रदेश में तूफान ‘फेंजल’ अब बेअसर हो चुका है। वहीं हवाओं का रुख भी उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी की ओर हो गया है। सर्द हवाओं के असर से प्रदेश में एक बार फिर सर्दी बढ़ने लगी है। वहीं, वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) की वजह से प्रदेश के पूर्वी हिस्से के जिलों में अगले 24 घंटे में बारिश की संभावना हैं। जबलपुर समेत 13 जिलों में बारिश हो सकती है। जबकि ग्वालियर-चंबल संभाग में बर्फीली हवाएं चलेंगी और भोपाल, इंदौर-उज्जैन में ठंड का असर रहेगा। मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव ने बताया कि वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण उत्तरी इलाकों और पहाड़ों पर मौसम बदल सकता है। इस दौरान पहाड़ों पर बर्फबारी भी हो सकती है। ऐसा होने पर बर्फ पिघलने के बाद बर्फीली हवा प्रदेश में आएगी। वहीं, अगले 24 घंटे में पूर्वी हिस्से में बारिश हो सकती है। जिसमें जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, कटनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल और सिंगरौली में कहीं-कहीं बारिश होने का अलर्ट है। पूर्वी हिस्से में जहां बारिश और बादल रहेंगे वहीं, उत्तर और पश्चिमी हिस्से में ठंड का असर बढ़ जाएगा। बर्फीली हवाएं ग्वालियर-चंबल में सीधे आएंगी, जिससे यह ठिठुर सकता है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन में भी तेज ठंड का असर रहेगा। पिछले तीन-चार दिन की राहत के बाद प्रदेश एक बार फिर रात का तापमान लुढ़क गया है। शुक्रवार-शनिवार की रात 12 शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री के नीचे रहा। शहडोल के कल्याणपुर, नौगांव में 8 डिग्री, सिंगरौली के देवरा और रीवा में 8.2 डिग्री, सतना के चित्रकूट और शिवपुरी के पिपरसमा में 8.5 डिग्री, राजगढ़ में 9 डिग्री, टीकमगढ़ में 9.1 डिग्री, खजुराहो मंं 9.2 डिग्री, उमरिया में 9.4 डिग्री, पचमढ़ी में 9.6 डिग्री और सतना में 9.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गुना, सीधी, रायसेन और मंडला में तापमान 12 डिग्री से नीचे ही रहा। बड़े शहरों में भी रात के तापमान में गिरावट हुई है। इसके बाद भोपाल में 11.2 डिग्री, इंदौर में 16.3 डिग्री, ग्वालियर में 10.1 डिग्री, उज्जैन में 13.8 डिग्री और जबलपुर में 11.1 डिग्री दर्ज किया गया।   recent visitors 59

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने जारी किया सैंपल पेपर, इस बार अलग होगा 10वीं और 12वीं परीक्षा का पैटर्न

भोपाल माध्यमिक शिक्षा मंडल (माशिमं) की 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षा 25 फरवरी से शुरू होंगी। विद्यार्थियों को तैयारी करने के लिए करीब ढाई माह का समय शेष है। मंडल ने विद्यार्थियों को बदले पैटर्न पर परीक्षा की तैयारी कराने के लिए सैंपल पेपर वेबसाइट पर अपलोड कर दिए हैं। इसमें प्रत्येक विषय के प्रश्नों का पैटर्न और अंकयोजना को अपलोड किया है। 10वीं का प्रश्नपत्र 75 अंक का और आंतरिक मूल्यांकन 25 अंक का होगा। वहीं 12वीं का प्रैक्टिकल वाले विषयों का पेपर 70 अंक का और 20 अंक का आंतरिक मूल्यांकन होगा। नान प्रैक्टिकल वाले विषयों का पेपर 80 अंक का होगा। इस बार दो अंक के छोटे-छोटे प्रश्र ज्यादा हल करने होंगे। वस्तुनिष्ट प्रश्न 30 अंक के होंगे और इस बार दीर्घउत्तरीय प्रश्नों की संख्या कम होंगी। स्कूलों में सैंपल पेपर से तैयारी कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही छमाही परीक्षा के बाद भी कक्षा लगाकर तैयारी कराई जाएगी। दरअसल एमपी बोर्ड जुलाई में सभी विषयों के चैप्टरों का समूह बनाकर अंक योजना जारी कर चुका है। विषय के समूह बनाकर जारी किए गए है अंक माशिमं की 10वीं व 12वीं परीक्षा में पिछले साल तक विषयवार चैप्टरों के अनुसार अंक योजना निर्धारित की थी। इसमें बताया गया था कि किस विषय का कौन सा चैप्टर से कितने अंक के प्रश्र प्रश्नपत्र में आएंगे, लेकिन इस बार इसमें बदलाव किया गया है। वर्ष 2024-25 की परीक्षा में विषय में चैप्टरों का समूह बनाया गया है। छुट्टी के दिन भी लग रही है कक्षाएं भोपाल के कई स्कूलों में रविवार और त्योहार के दिन भी अतिरिक्त कक्षाएं लगाईं जा रही हैं। सीएम राइज स्कूलों में कमजोर विद्यार्थियों को चयनित कर उनकी जिम्मेदारी शिक्षकों को अलग से दी गई है। सीएम राइज स्कूल रशीदिया के प्राचार्य केडी श्रीवास्तव ने बताया कि 10वीं व 12वीं में कमजोर विद्यार्थियों को चयनित किया गया है। उनकी विशेष तैयारी कराई जा रही है। 12वीं में नान प्रैक्टिकल विषय प्रश्नपत्र – 80 अंक आंतरिक मूल्यांकन – 20 अंक इस तरह का होगा प्रश्नों का पैटर्न     वस्तुनिष्ठ प्रश्न – 32 अंक     10 प्रश्र – दो अंक(शब्द संख्या) -30 शब्द – 20 अंक     चार प्रश्र – तीन अंक (शब्द संख्या) – 75 शब्द – 12 अंक     चार प्रश्र – चार अंक(शब्द संख्या) -120 शब्द – 16 अंक     प्रैक्टिकल वाले विषय के प्रश्नपत्र-70 अंक     प्रैक्टिकल – 30 अंक 10वीं का प्रत्येक विषय का प्रश्नपत्र – 75 अंक आंतरिक मूल्यांकन – 25 अंक इस तरह का होगा प्रश्नपत्रों का पैटर्न     वस्तुनिष्ट प्रश्न – छह     रिक्त स्थानों की पूर्ति – छह अंक     सही गलत प्रश्न – छह अंक     सही जोड़ी बनाओ – छह अंक     एक वाक्य में उत्तर – छह अंक     12 प्रश्र – दो अंक(शब्द संख्या 30 शब्द) – 24 अंक     तीन प्रश्न – तीन अंक(शब्द संख्या 75 शब्द)- नौ अंक     तीन प्रश्न – चार अंक (शब्द संख्या 120 शब्द) – 12 अंक   recent visitors 142

उत्तराखंड में एंट्री करने वाले वाहनों पर लगेगा ग्रीन सेस, फास्टैग वॉलेट से कटेगा पैसा

उत्तराखंड उत्तराखंड सरकार जल्द ही दूसरे राज्यों से आने वाले वाहनों पर हरित उपकर लगाएगी। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह राशि 20 रुपए से लेकर 80 रुपए तक होगी तथा यह वाणिज्यिक और निजी वाहनों दोनों पर समान रूप से लागू होगी। वाहन मालिकों के फास्टैग वॉलेट से कटेगी राशि अधिकारी ने बताया कि दोपहिया, इलेक्ट्रिक और सीएनजी वाहन, उत्तराखंड में पंजीकृत वाहन और एंबुलेंस तथा फायर ब्रिगेड जैसी आवश्यक सेवाओं में लगे वाहनों को छूट दी जाएगी। संयुक्त आयुक्त (परिवहन) सनत कुमार सिंह ने बताया कि उपकर लगाने की व्यवस्था को लागू करने के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य दिसंबर के अंत तक इस प्रणाली को चालू करना है।'' अधिकारी ने कहा कि स्वचालित नंबर प्लेट पहचान कैमरे उत्तराखंड के बाहर पंजीकृत वाहनों की पहचान करेंगे और वाहन मालिकों के फास्टैग वॉलेट से सीधे राशि काट ली जाएगी। संयुक्त आयुक्त ने कहा कि तिपहिया वाहनों पर 20 रुपए, चार पहिया वाहनों पर 40 रुपए, मध्यम वाहनों पर 60 रुपए और भारी वाहनों पर 80 रुपए का शुल्क लगेगा। अधिकारी ने बताया कि उपकर एक दिन के प्रवेश के आधार पर लगाया जाएगा, लेकिन वाहन मालिकों के पास विस्तारित वैधता पास के लिए उच्च दर का भुगतान करने का विकल्प भी होगा, जैसे कि त्रैमासिक पास के लिए दैनिक दर का 20 गुना और वार्षिक पास के लिए दैनिक दर का 60 गुना भुगतान करना होगा।   recent visitors 81