Sunday, July 5, 2026 3:57 pm

स्टार्स प्रोजेक्ट के अंतर्गत 3 दिवसीय डिजिटल केपेसिटी बिल्डिंग प्रशिक्षण शुरू

भोपाल. राज्य शिक्षा केन्द्र ने स्टार्स परियोजना में भोपाल में सोमवार से शिक्षकों के लिये 3 दिवसीय डिजिटल केपेसिटी बिल्डिंग प्रशिक्षण प्रारंभ किया। यह प्रशिक्षण क्षेत्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज प्रशिक्षण केन्द्र में शुरू हुआ। प्रशिक्षण में प्रदेश के प्रत्येक जिले से समग्र शिक्षा मिशन के प्रोग्रामर और ब्लॉक एमआईएस समन्वयकों के साथ कुल 312 मास्टर ट्रेनर्स शामिल हो रहे हैं। प्रशिक्षण में मैदानी अमले को टेबलेट से स्कूल शिक्षा व्यवस्था पर निगरानी रखने की जानकारी दी जा रही है। स्टार्स परियोजना में शैक्षणिक सत्र 2023-24 में स्कूल शिक्षा विभाग के मैदानी अमले को टेबलेट उपलब्ध कराये गये हैं। यह प्रशिक्षण 3 स्तरों राज्य, जिला और सम्पूर्ण स्तर पर पूरा किया जायेगा। स्टार्स परियोजना प्रदेश में स्ट्रेन्थनिंग, टीचिंग, लर्निंग एण्ड रिजल्ट्स फॉर स्टेट्स (स्टार्स) परियोजना का क्रियान्वयन वर्ष 2020-21 से किया जा रहा है। स्टार्स परियोजना भारत सरकार की वर्ल्ड बैंक से वित्तीय सहायता प्राप्त परियोजना है। स्टार्स परियोजना के माध्यम से मुख्य रूप से प्रारंभिक वर्षों की शिक्षा का सुदृढ़ीकरण, सीखने के आंकलन की प्रणाली में सुधार, शिक्षक प्रदर्शन और कक्षागत कार्य में सुधार, सेवा प्रदाय का सुदृढ़ीकरण और व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण पर कार्य किया जा रहा है। प्रदेश में इसी प्रोजेक्ट में 46 डाइट्स में अर्ली चाइल्डहुड एज्युकेशन कक्ष का विकास किया गया है। इस प्रोजेक्ट में बच्चों में कौशल और नवीन नवाचार प्रदर्शन को बढ़ावा देने के लिये स्किल एक्सपो का आयोजन और बच्चों, शिक्षकों और अभिभावकों के उन्मुखीकरण के लिये एक्सपोजर विजिट भी कराया जाता है। recent visitors 113

पहले हिन्दुओं की रक्षा और धर्मस्थलों की सुरक्षा करें तय: विदेश सचिव विक्रम मिसरी

ढाका. पड़ोसी देश बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिन्दुओं पर बढ़ते हमलों के बीच पहली बार विदेश सचिव विक्रम मिसरी बातचीत के लिए ढाका पहुंचे हैं। ढाका पहुंचते ही उन्होंने बांग्लादेश को दो टूक लहजे में कहा है कि सबसे पहले हिन्दुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की रक्षा और उनके धार्मिक स्थलों की सुरक्षा तय करनी होगी। उन्होंने अपने समकक्ष के सामने सख्ती से ये मुद्दा उठाया। विदेश सचि‍व मिसरी ने बांग्‍लादेश के विदेश सलाहकार से कहा क‍ि भारत सकारात्मक, रचनात्मक और साझा हित चाहता है, इसलिए बांग्लादेश को भी उसी तरह का व्यवहार करना चाहिए। अपनी उच्च स्तरीय बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए मिसरी ने कहा, "मैंने आज बांग्लादेश प्राधिकरण की अंतरिम सरकार के साथ मिलकर काम करने की भारत की इच्छा को रेखांकित किया है।" दोनों देशों के संबंधों में आए तनाव के बीच विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने सोमवार को ढाका में अपने बांग्लादेशी समकक्ष मोहम्मद जशीमुद्दीन के साथ बैठक की। अगस्त में प्रधानमंत्री शेख हसीना की सरकार के अपदस्थ होने के बाद भारत की ओर से यह पहला उच्च-स्तरीय दौरा है। मिसरी की यह यात्रा हसीना के सत्ता से हटने के बाद बांग्लादेश में हिंदुओं सहित अल्पसंख्यकों पर हमलों को लेकर नई दिल्ली और ढाका के बीच संबंधों में बढ़ते तनाव के बीच हो रही है। अधिकारियों ने बताया कि मिसरी भारतीय वायुसेना के विमान से ढाका पहुंचे। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने हवाई अड्डे पर उनकी अगवानी की। भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा भी हवाई अड्डे पर मौजूद रहे। यहां पहुंचने के तुरंत बाद मिसरी ने जशीमुद्दीन के साथ बैठक की। बांग्लादेश विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हमारे विदेश सचिव जशीमुद्दीन और उनके समकक्ष विक्रम मिसरी के बीच बैठक राज्य अतिथि गृह में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हो रही है। पहले उन्होंने आमने-सामने संक्षिप्त बातचीत की और फिर दोनों पक्षों के प्रतिनिधियों के साथ औपचारिक बैठक शुरू हुई।’’ अधिकारी ने कहा कि बांग्लादेशी पक्ष सोमवार को वार्ता के बारे में मीडिया को जानकारी देगा, जिसमें द्विपक्षीय संबंधों के सभी मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। दो दिनी दौरे के दौरान मिसरी बांग्लादेश के कार्यवाहक विदेश मंत्री मोहम्मद तौहीद हुसैन से भी मुलाकात करेंगे। उनका बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के प्रमुख प्रोफेसर मोहम्मद यूनुस से शिष्टाचार भेंट करने का भी कार्यक्रम है। माना जा रहा है कि वह हिंदुओं पर हमलों को लेकर भारत की चिंताओं को ढाका के समक्ष उठाएंगे। अगस्त में बड़े पैमाने पर सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के चलते तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को देश छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा था। हसीना के भारत में शरण लेने के कुछ दिनों बाद ही यूनुस ने अंतरिम सरकार की बागडोर संभाल ली थी। पड़ोसी देश में हुए घटनाक्रम के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच संबंधों में तनाव आ गया। हालिया हफ्तों में बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों और हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के बाद दोनों देशों के संबंध और भी तनावपूर्ण हो गए। त्रिपुरा के अगरतला में बांग्लादेश उप उच्चायोग में प्रदर्शनकारियों के जबरन घुसने के मामले पर भी दोनों देशों के संबंधों पर असर पड़ा।पिछले कुछ हफ्तों में पड़ोसी देश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा की घटनाओं के साथ-साथ मंदिरों पर हमलों की घटनाएं हुई हैं, जिसे लेकर नई दिल्ली द्वारा गहरी चिंता जताई गई है। recent visitors 111

11 दिसम्‍बर से 26 जनवरी 2025 तक चलेगा अभियान

भोपाल. राज्‍य शासन के निर्देशानुसार मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्‍वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों के अंतर्गत राज्‍य शासन एवं कंपनी द्वारा चलाई जा रही विभिन्‍न जनकल्‍याणकारी योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत हितग्राहियों को पहॅुंचाने के उद्देश्‍य से ‘’मुख्‍यमंत्री जनकल्‍याण अभियान’’ चलाया जाएगा। यह अभियान कंपनी कार्यक्षेत्र के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 11 दिसंबर 2024 से 26 जनवरी 2025 तक चलाया जाएगा। इस विशेष अभियान के तहत कंपनी द्वारा हितग्राही संबंधित योजनाओं का लाभ उनके पात्र हितग्राहियों को दिलाये जाने के लिये शिविर लगाए जाएंगे तथा बिजली उपभोक्ताओं को हितग्राही मूलक योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी साथ ही बिजली संबंधित योजनाओं का लाभ प्रदान किया जाएगा। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने बिजली उपभोक्‍ताओं से अपील की है कि वे जिलों में प्रशासन द्वारा आयोजित ‘’मुख्‍यमंत्री जन कल्‍याण अभियान’’ के दौरान 11 दिसंबर 2024 से 26 जनवरी 2025 तक आयोजित शिविर के माध्‍यम से योजनाओं और सुविधाओं का लाभ उठाएं। recent visitors 147

शासकीय मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में विशेष जनजाति पहाड़ी कोरवा मरीज के जटिल फ्रैक्चर का हुआ सफल ऑपरेशन

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य मे स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर खासा ध्यान दिया जा रहा है। तरक्की और राज्य में सुशासन का सफर स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार के रूप में लगातार नजर आ रहा है।  स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग ने नई सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दिया है। इसी दिशा में स्व. लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय रायगढ़ से संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय रायगढ़ लगातार अपनी सुविधाओं को बढ़ाने के लिए और मरीजों के बेहतर इलाज के लिए प्रतिबद्ध है। इस कड़ी में अस्थि रोग विभाग में भर्ती विशेष जनजाति पहाड़ी कोरवा के सदस्य करण सिंह कोरवा के जटिल व दुर्लभ फ्रैक्चर का सफल ऑपरेशन किया गया। करण सिंह कोरवा कोरबा  जिले में अपने गांव सियान जाते समय मोटरसाइकिरल से गिर गये थे। इससे उनके घुटने में गहरी चोट आई थी। उनकी हालत को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल रायगढ़ में भर्ती कराया गया था । उनके घुटने के नीचे की अस्थि का टुकड़ा (टिबिया कॉन्डाइल) जोड़ से टूट कर पीछे की तरफ रक्त वाहनियों एवं नसों के बीच में फंसा हुआ था। इस तरह का केस सामने आना अत्यंत दुर्लभ है।  इससे रक्त वाहनियों तथा नसों (नर्व) को चोट लगने से पैरों में लकवा अथवा पैर काटने का खतरा लगातार बना होता है। ऑपरेशन के दौरान भी रक्त वाहनियों अथवा नसों में चोट लगने से पैरों में सुन्नपन का खतरा बना रहता है। मेडिकल कालेज रायगढ़ के अस्थि रोग विभाग के चिकित्सकों ने यह जटिल ऑपरेशन सफलता पूर्वक किया गया। इससे वर्तमान में मरीज अपना घुटना मोड़ पा रहा है  तथा मरीज का पैर भी बच गया है। कुछ ही दिनों में मरीज वॉकर के सहारे से चलना भी शुरु कर सकता है। इस तरह मेडिकल कॉलेज रायगढ़ एक और उपलब्धि के साथ प्रगति की ओर अग्रसर है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने राज्य के शासकीय मेडिकल कालेजों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए उन्हें 2 करोड़ रूपए तक के कार्यों के लिए वित्तीय स्वतंत्रता प्रदान की है। इससे मरीजों के त्वरित इलाज के लिए अब राज्य स्तर पर स्वीकृति लेने की आवश्यकता न होकर मेडिकल कालेज की स्वशासी सोसायटी खुद ही निर्णय ले सकती है। recent visitors 120

डोर-टू-डोर योजना बुजुर्ग उपभोक्ताओं के लिए बनी वरदान

भोपाल. इंदौर शहर के बुजुर्ग बिजली उपभोक्ता दयाराम हो या फिर महू क्षेत्र के सदाशिव देवास जिले के ग्रामीण क्षेत्र के रफीक भाई… इनके जैसे करीब आठ लाख बिजली उपभोक्ता इस बात से प्रसन्न है कि बिजली कंपनी बिल भुगतान के लिए डोर-स्टेप सुविधा प्रदान कर रही है। इस सेवा से बुजुर्ग, वयोवृद्ध, वे उपभोक्ता सबसे ज्यादा प्रसन्न है, जिन्हें ज्यादा उम्र के होने के कारण जोन वितरण केंद्र जाने में परेशानी होती है और उन्हें स्मार्ट फोन चलाना भी नहीं आता है। मप्र पश्चिम क्षेत्र बिजली वितरण कंपनी की प्रबंध निदेशक सुरजनी सिंह ने बताया कि बिजली बिल भुगतान को लेकर केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण और मप्र विद्युत नियामक आयोग के आदेशों का गंभीरता से पालन किया जा रहा हैं। उन्होंने बताय़ा कि इंदौर शहर सहित सभी सर्कल, जिलों में डोर-टू-डोर एप से भी बिजली बिलों का भुगतान संबंधित पंजीकृत अभिकर्ता उपभोक्ताओं के घर पहुंचकर प्राप्त करते है। बिल में दर्ज राशि के अतिरिक्त कोई अन्य राशि नहीं ली जाती है। ली गई राशि की हाथों-हाथ ई-रसीद भी प्रदान की जाती है। इससे जहां एक ओर अंतिम तिथि या उससे पहले भुगतान घर बैठे ही हो जाने से उपभोक्ता को न तो कनेक्शन कटने का डर सताता है, न हीं उन्हें अधिभार लगने संबंधी चिंता निर्मित होती है। प्रबंध निदेशक ने बताया कि शहर की स्लम बस्तियों में, कस्बों की साथ ही यह सेवा गांवों में ज्यादा लोकप्रिय हो रही है। औसत हर माह आठ लाख उपभोक्ताओं से पंजीकृत अभिकर्ता बिल राशि प्राप्त करते हैं। इससे एक ओर जहां कंपनी को समय पर राजस्व संग्रहण करने में मदद मिल रही है, वहीं समय पर घर बैठे राशि चुकाने से बिजली कनेक्शन कटने और अधिभार लगने से भी निजात मिल रही है। सुरजनी सिंह ने बताया कि कंपनी उपभोक्ताओं की सुविओं में बढ़ोत्तरी के लिए समय समय पर निर्णय लेती है, आगे भी यह क्रम जारी रहेगा। गांव वालों को विशेष राहत ग्रामीण क्षेत्र के विद्युत केंद्रों के अधीन 15-20 गांव आते हैं। कई गांव, विद्युत केंद्र वाले गांव से 10-15 किमी तक दूर होते हैं। ऐसे में दूरस्थ गांवों के बिजली उपभोक्ताओं के लिए डोर-टू-डोर एप योजना राहत प्रदान कर रही हैं। अब उपभोक्ताओं को बिजली बिल जमा करने के लिये लंबी दूरी तय करना पड़ती है। भुगतान की ये सुविधाएं उपलब्ध बिजली बिल भुगतान की ऑन लाइन कैशलेस सुविधा पेटीएम, फोन पे, गुगल पे, अमेजन, बिजली कंपनी के पोर्टल, ऊर्जस ऐप इत्यादि माध्यमों से उपलब्ध हैं। सभी वितरण केंद्र जोन काउंटर पर कार्यालय अवधि में भुगतान स्वीकारा जाता है। ड़ोर-टू-डोर ऐप के माध्यम से कार्मिक बगैर अतिरिक्त शुल्क के घर बैठे बिजली बिल भुगतान राशि प्राप्त करते हैं। recent visitors 73

संजय मल्होत्रा लेंगे शक्तिकांत दास की जगह, जानें कौन हैं RBI के नए गर्वनर

नई दिल्ली. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा बनाए गए हैं। सरकार ने रेवेन्यू सेक्रेटरी संजय मल्होत्रा ​​को भारतीय रिजर्व बैंक का 26वां गवर्नर नियुक्त किया है। समाचार एजेंसी एएनआई ने आधिकारिक कागजात का हवाला देते हुए बताया कि कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने मल्होत्रा ​​को 12 दिसंबर, 2024 से शुरू होने वाले तीन साल के कार्यकाल के लिए अगला आरबीआई गवर्नर नियुक्त किया है। बता दें कि मल्होत्रा, वर्तमान में वित्त मंत्रालय में रेवेन्यू सेक्रेटरी के रूप में कार्यरत हैं और 11 दिसंबर से तीन साल के कार्यकाल के लिए भारतीय रिजर्व बैंक का प्रभार संभालेंगे। मल्होत्रा 1990 बैच के राजस्थान कैडर के भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी हैं। वह मौजूदा गवर्नर शक्तिकान्त दास की जगह लेंगे, जिनका दूसरा कार्यकाल कल यानी मंगलवार (10 दिसंबर, 2024) को समाप्त हो रहा है। कौन हैं संजय मल्होत्रा? मल्होत्रा ​​के पास फाइनेंस, पावर, आईटी, टैक्सेशन और माइन्स समेत अलग-अलग सेक्टर में 33 साल से अधिक का अनुभव है। उन्होंने केंद्र और राज्य दोनों स्तरों पर वरिष्ठ भूमिकाओं में काम किया है। दिसंबर 2022 में रेवेन्यू सेक्रेटरी के रूप में नियुक्ति से पहले वह फाइनेंस सर्विस डिपार्टमेंट में सेक्रेटरी थे, जहां उन्होंने फाइनेंस सुधारों को आगे बढ़ाने और बैंकिंग सेक्टर को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने टैक्स कलेक्शन में वृद्धि को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और जीएसटी काउंसिल के एक्स-ओफ्फिसिओ सेक्रेटरी के तौर पर भी कार्य किया है। मल्होत्रा आईआईटी-कानपुर से कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग ग्रेजुएशन की डिग्री प्राप्त की है और प्रिंसटन विश्वविद्यालय, अमेरिका से पब्लिक पॉलिसी में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। अपनी रणनीतिक सोच के लिए जाने जाने वाले मल्होत्रा ​​पहले राज्य संचालित आरईसी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर का पद संभाल चुके हैं। बता दें कि मल्होत्रा ​​की नियुक्ति ऐसे समय पर हुई है जब अर्थव्यवस्था महत्वपूर्ण चुनौतियों और सुधारों से गुजर रही है। recent visitors 133

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “राईजिंग राजस्थान – ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट” के लिए दी शुभकामनाएं

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में सभी राज्य औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन देने के लिए कदम उठा रहे हैं। राजस्थान में औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए 9, 10 और 11 दिसम्बर 2024 को जयपुर में अंतर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में हो रहा है। राजस्थान और मध्यप्रदेश सगे भाईयों के समान हैं। दोनों राज्यों की अधिकांश जनसंख्या में सांस्कृतिक समानता होने के परिणामस्वरूप संबंधों में प्रगाढ़ता भी है। सौभाग्य का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी की गरिमामय उपस्थिति भी इस कार्यक्रम में रहेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राईजिंग राजस्थान – ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व की तीसरी आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है। इस लक्ष्य की प्राप्ति में सभी राज्यों को समान रूप से अपने प्रयत्नों की आहूति देनी है। मध्यप्रदेश में संभाग स्तर पर आरंभ की गई रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव की श्रृंखला में अगली कॉन्क्लेव शहडोल में जनवरी-2025 में होगी। इसके बाद फरवरी-2025 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का आयोजन भोपाल में किया जाएगा। हमारे लिए गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में हम भारत की प्रगति में सहभागी होंगे। recent visitors 76