Sunday, July 5, 2026 3:11 am

गृह मंत्रालय ने आईपीएस जीपी सिंह के निलंबन आदेश को खारिज कर किया बहाल

रायपुर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 12 दिसंबर को आदेश जारी कर आईपीएस जीपी सिंह को पुन: सेवा में बहाल कर दिया है. केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (CAT) द्वारा पारित आदेश के मद्देनजर गृह मंत्रालय ने आदेश जारी किया है. 20 जुलाई 2023 को पारित निलंबन आदेश को खारिज करते हुए उसी दिनांक से पद पर बहाल किया है. बता दें कि बैच 1994 बैच के छत्तीसगढ़ कैडर के आईपीएस गुरजिंदर पाल सिंह (जीपी सिंह) को 20 जुलाई 2023 गृह मंत्रालय के आदेश के तहत सेवानिवृत्त किया गया था. इसके आईपीएस ने कैट में चुनौती दी. CAT ने 10 अप्रैल 2024 गृह मंत्रालय का आदेश रद्द करते हुए उन्हें सेवा में बहाल करने और सभी लाभ देने के निर्देश दिए. गृह मंत्रालय ने CAT के आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी, लेकिन हाई कोर्ट ने 23 अगस्त को याचिका खारिज कर दी थी. इसके बाद गृह मंत्रालय ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की, जिसे 10 दिसंबर 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने भी खारिज कर दिया. सुप्रीम कोर्ट के फैसले और अन्य कानूनी राय को ध्यान में रखते हुए गृह मंत्रालय ने अब जाकर जीपी सिंह को सेवा में बहाल करने का आदेश दिया है. साथ ही उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए आदेश की प्रति छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव को भेज दी गई है. recent visitors 58

असमाजिक तत्वों ने शिव मंदिर में लगाई आग, घटना से लोगों में भारी आक्रोश

अंबिकापुर अंबिकापुर के गांधी चौक स्थित एक मंदिर में असमाजिक तत्वों ने आगजनी की घटना को अंजाम दिया है. जिससे मंदिर के अंदर रखी छोटी मूर्तियों और पूजन सामग्री को नुकसान पहुंचा है. इतना ही नहीं असमाजिक तत्वों ने शिव मंदिर में स्थापित शिवलिंग में लगे कॉपर नाग के साथ पूजा सामाग्री को भी आग के हवाले कर दिया. मंदिर में पूजा करने वाले लोगों ने जब घटना को देखा तो वे आक्रोशित हो गए. पुलिस जांच में जुट गई हैं. जानकारी अनुसार, असमाजिक तत्वों ने शिव मंदिर में आग लगा दी. भगवान की छोटी मूर्तियों और पूजा के सामानों में भी असमाजिक तत्वों ने आग लगाई. घटना गांधी चौक के पास शिव मंदिर की है. मंदिर में आगजनी की घटना से लोगों का गुस्सा फूटा हैं. recent visitors 61

ईरान के नए हिजाब कानून से हिली दुनिया, सजा सुनकर उड़े महिलाओं के होश!

तेहरान ईरान सरकार हिजाब को लेकर सख्त होती जा रही है. ईरान के नए शुद्धता और हिजाब कानून की पत्रकारों और एक्टिविस्टों की ओर से अलोचना की जा रही है. जिसके अंदर उल्लंघन करने वालों को मृत्युदंड और कोड़े मारने जैसी कठोर सजाएं दी जा सकती हैं. नए हिजाब कानून को सितंबर 2023 में संसद में पारित किया गया था और एक साल बाद गार्जियन काउंसिल द्वारा इसे अंतिम रूप दिया गया है. इस कानून में हिजाब को अनिवार्य बनाने के लिए कठोर दंड का प्रावधान है, जिसमें भारी जुर्माना, लंबी जेल की सजा और रोजगार और शिक्षा पर प्रतिबंध शामिल हैं. शुक्रवार को मानवाधिकार एडवोकेट शदी सद्र ने नए कानून के चरम प्रावधानों के बारे में बताया, इनमें से एक प्रावधान न्यायपालिका को विदेशी संस्थाओं के साथ मिलकर नग्नता, पर्दा डालने या अनुचित पोशाक पहनने के आरोपी व्यक्तियों को मौत की सजा देने का अधिकार देता है. इसके अलावा ऐसे कृत्यों को ‘धरती पर भ्रष्टाचार” के तौर पर देखता है. हिजाब न पहनने पर हो सकती है मौत की सजा रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स से जुड़ी फ़ार्स न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक नए हिजाब और शुद्धता कानून के एक खंड में लिखा है, “कोई भी व्यक्ति जो विदेशी सरकारों, नेटवर्क, मीडिया आउटलेट, समूहों या राज्य के प्रति शत्रुतापूर्ण संगठनों, या उनसे जुड़े व्यक्तियों के साथ मिलकर, या संगठित तरीके से नग्नता, अनैतिकता, पर्दा हटाने या अनुचित पोशाक को बढ़ावा देने या विज्ञापन देने में संलग्न है, उसे चौथी डिग्री कारावास और तीसरी डिग्री जुर्माने की सजा दी जाएगी, जब तक कि उनका अपराध इस्लामी दंड संहिता के अनुच्छेद 286 के अंतर्गत न आता हो.” इस्लामी दंड संहिता का आर्टिकल 286 ‘पृथ्वी पर भ्रष्टाचार फैलाने’ को परिभाषित करता है, जिसके लिए मृत्यु दंड दिया जा सकता है. यदि अधिकारी हिजाब उल्लंघन को इस अनुच्छेद के अंतर्गत मानते हैं, तो इसके लिए मृत्यु दंड दिया जा सकता है. कोड़े मारने की सजा दूसरा प्रावधान में हिजाब नियमों का पालन न करने पर कोड़े मारना एक दंड शामिल है जो नए कानून में भी बना रहेगा, जिसमें महिलाओं, ट्रांस व्यक्तियों और गैर-बाइनरी लोगों को लक्षित किया जाता है. पत्रकारों और एक्टिविस्टों का विरोध इस कठोर कानून के खिलाफ 140 से ज्यादा पत्रकारों ने आवाज़ उठाई है, इसे नागरिक अधिकारों का उल्लंघन और प्रेस की स्वतंत्रता पर हमला बताया है. दूसरी और महिला अधिकारों पर बात करने वाले संगठन पहले से ईरान पर और कड़े प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं. पत्रकार और महिला अधिकार कार्यकर्ता मसीह अलीनेजाद ने इस कानून को महिलाओं को कुचलने, उनकी आवाज़ दबाने और समानता की लड़ाई को खत्म करने का सोचा-समझा हथियार” बताया है. उन्होंने कहा, “यह कोई कानून नहीं है; यह आतंक का एक हथियार है.” रिपोर्ट के मुताबिक विदेशी मीडिया या संगठनों में हिजाब विरोधी विचारों को बढ़ावा देने के आरोपी लोगों को 10 साल तक की जेल की सजा मिलेगी। साथ ही 12,500 पाउंड तक का जुर्माना भी भरना पड़ सकता है। इसके अलावा कानून का उल्लंघन करने वाली महिलाओं की गिरफ्तारी को रोकने या हस्तक्षेप करने की कोशिश करने वाले लोगों को भी नहीं बख्शा जाएगा। ईरान की सरकार ऐसे लोगों को सीधे जेल में डाल सकती है। ईरान के मुताबिक नए कानूनों का उद्देश्य हिजाब की संस्कृति की पवित्रता को बनाए रखना है। ईरान ने कहा है कि ढंग से कपड़े ना पहनने, नग्नता को बढ़ावा देने या चेहरे को ढकने का विरोध करने पर कठोर से कठोर सजा दी जाएगी। गौरतलब है कि 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से ईरान ने महिलाओं को सार्वजनिक जगहों पर बाल ढकने का कानून लागू किया है। 2022 में इन कानूनों के विरोध में देश भर में प्रदर्शन हुए थे। ईरान में 16 सितंबर, 2022 को 22 वर्षीय कुर्द महिला महसा अमिनी की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। महसा को तेहरान में तैनात मोरल पुलिस ने देश के ड्रेस कोड का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उसकी मौत के बाद पूरे देश में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। इन प्रदर्शनों में कई सुरक्षाकर्मियों सहित सैकड़ों लोगों की मौत हो गई थी। तब ईरानी सरकार ने इन प्रदर्शनों को रोकने के लिए हजारों प्रदर्शकारियों को गिरफ्तार किया था। अब इसके दो साल बाद पहले से भी ज्यादा सख्त कानून लागू किए गए हैं।   recent visitors 39

नॉलेज शेयरिंग कार्यशालाओं से एम.पी. ट्रांसको में आया गुणात्मक परिवर्तन

भोपाल. एम.पी. ट्रांसको (एम.पी. पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी) के मुख्यालय जबलपुर में प्रदेश के फील्ड इंजीनियर्स के दैनंदिन तकनीकी कार्यों को आसान बनाने के उद्देश्य से पिछले 6 महीने से आयोजित की जा रही टेक्निकल नॉलेज शेयरिंग कार्यशाला 2024 का अंतिम सत्र आज पूरा हुआ। इसमें प्रदेश भर के लगभग 30 युवा फील्ड इंजीनियर विषय विशेषज्ञों द्वारा दिए गए टेक्निकल नॉलेज से लाभान्वित हुए। कार्यशालाएँ स्किल डेवलपमेंट के लिये उपयोगी दो दिवसीय इस कार्यशाला के प्रारंभिक सत्र को संबोधित करते हुए एम.पी. ट्रांसको के प्रबंध संचालक ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं जहां फील्ड इंजीनियर के स्किल डेवलपमेंट के लिए बेहद उपयोगी साबित हुई हैं वहीं इन कार्यशालाओं से एमपी ट्रांसको में गुणात्मक परिवर्तन आया है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि एम.पी. ट्रांसको के युवा फील्ड इंजीनियर विपरीत परिस्थितियों, सीमित संसाधनों और मैनपॉवर की कमी के बीच अब और बेहतर तरीके व पूर्ण आत्मविश्वास के साथ प्रो-एक्टिव कार्य करेंगे। 6 माह में हुए 6 ट्रेनिंग सेशन कार्यशालाओं के संयोजक अधीक्षण अभियंता श्री सुनील यादव ने बताया कि पिछले 6 माह में प्रदेश के 45 फील्ड इंजीनियर लाभान्वित हुए। इसके पूर्व 65 ऑनलाइन क्लासेज के द्वारा भी नॉलेज शेयरिंग सेशन्स किए गए थे। उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला में प्रशिक्षित युवा इंजीनियर अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर निचले स्तर तक के तकनीकी कर्मचारियों को प्रशिक्षित कर रहे हैं, जो कंपनी के लिये एक अच्छा संकेत है। recent visitors 34

देवेंद्र यादव की जमानत अर्जी पर हाई कोर्ट में हुई सुनवाई, फैसला सुरक्षित

बिलासपुर बलौदाबाजार हिंसा मामले में आरोपी भिलाई विधायक देवेंद्र यादव की जमानत अर्जी पर हाई कोर्ट में आज सुनवाई हुई. जस्टिस एनके व्यास की सिंगल बेंच ने सभी पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा है. मामले में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव पर भीड़ को उकसाने का आरोप है. बता दें कि बलौदाबाजार जिले में 10 जून को हुई आगजनी की घटना में कांग्रेस विधायक देवेंद्र यादव को मुख्य आरोपी बनाया गया है. उनके खिलाफ बलौदाबाजार पुलिस ने 449 पेज का विस्तृत अभियोग पत्र तैयार कर न्यायालय में पेश किया था. अभियोग पत्र में देवेंद्र यादव पर हिंसा, दंगा फैलाने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अन्य गंभीर आरोप लगाए गए हैं. मामले में उनको बलौदाबाजार पुलिस ने 17 अगस्त को भिलाई स्थित निवास से गिरफ्तार किया था. recent visitors 38

गत श्रावण मास में 1 करोड़ से अधिक संत-महंत-श्रध्दालुओं ने त्रिनेत्रधारी अवंतिकानाथ भगवान श्री महाकाल के दर्शन किए

भोपाल. उज्जयिनी एक महान धार्मिक सांस्कृतिक, साहित्यिक, पौराणिक एवं ऐतिहासिक सिध्द नगरी है। पृथ्वी के नाभिस्थल पर स्थित होने से कुण्डलिनी शक्ति-जागरण के सुविज्ञ योगियों एवं आध्यात्मविदों के लिए यह सफलदायी महत्ती सिध्द भूमि है। यहां पर प्रत्येक 12वें वर्ष में सिंह राशि में गुरू के स्थित होने पर कुम्भ महापर्व का आयोजन सुदीर्घकाल से होता आ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव प्रदेश के साथ-साथ उज्जैन के विकास में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं और निरंतर विकास के कार्य कर रहे हैं। उज्जयिनी नगरी का विश्व प्रसिध्द बारह ज्योर्तिलिंगों में से एक दक्षिणमुखी श्री भगवान महाकालेश्वर का मंदिर उज्जैन की जीवन शैली का केन्द्र बिन्दू है। अवंतिकानाथ भगवान श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्री महाकाल महालोक बनने के बाद से देश-विदेश से श्रध्दालुओं का अधिकाधिक संख्या में आगमन हो रहा है और निरंतर श्रध्दालुओं की संख्या में वृध्दि हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव की मंशानुरूप भगवान श्री महाकालेश्वर की श्रावण-भादौ मास की सवारियों व राजसी सवारी ने सम्पूर्ण भारतवर्ष का ध्यान आकर्षित किया। भगवान श्री महाकालेश्वर का राजसी वैभव व ठाट-बाट देखने देश-विदेश से 1 करोड़ से अधिक श्रध्दालु सिर्फ श्रावण के एक माह में पधारें। मुख्यमंत्री डॉ.यादव के निर्देशानुसार इस वर्ष सवारी में आकर्षण का केन्द्र देश की विभिन्न जनजातिय दलों के कलाकारों द्वारा लोक नृत्यों की आकर्षक प्रस्तुतियां, पुलिस बैंड द्वारा मधुर धुन की सवारी मार्ग में प्रस्तुति, डमरूवादन का विश्व रिकॉर्ड व राजसी सवारी में भगवान श्री महाकालेश्वर की पालकी रामघाट पहुंचने पर हेलीकाप्टर से पुष्पवर्षा रही। श्रावण मास 22 जुलाई 2024 से 19 अगस्त 2024 में 1 करोड़ से अधिक श्रध्दालुओं ने उज्जैन आकर भगवान श्री महाकाल के देव दर्शन कर श्री महाकाल महालोक को निहारा व सवारियों में सम्मिलित हुए। उज्जयिनी में दिन-प्रतिदिन श्रध्दालुओं की संख्या में वृध्दि होने से उज्जैन, मालवा क्षेत्र का प्रमुख पर्यटन, आर्थिक, सामाजिक केन्द्र बनकर उभरा है। व्यापार के क्षेत्र में बढ़ोतरी होने से नागरिकों को बहुआयामी रोजगार प्राप्त हुए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशानुरूप सम्राट विक्रमादित्य के समय का गौरव अवंतिका नगरी पुन: प्राप्त करें इसके लिए सम्पूर्ण भारतवर्ष के साधु-संत-महंत, विद्वानों, चिन्तकों, विचारकों, साहित्यकारों, अनुसंधानकर्ताओं का केन्द्र उज्जैन विभिन्न आयोजनों, सेमीनार, संगोष्ठी, महोत्सवों से सम्पूर्ण वर्ष रहा। क्षिप्रा नदी के पावन तट रामघाट पर चैत्र नवरात्रि गुडी पड़वा के अवसर पर "शिवज्योति अर्पणम" भव्य कार्यक्रम आयोजित कर दीप दान किया गया। विक्रमोत्सव व अखिल भारतीय कालिदास महोत्सव के अंतर्गत विविध सांस्कृतिक, साहित्यिक, धार्मिक व विज्ञान के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में देश-विदेश की महान विभूतियां पधारी और उज्जैन निरंतर वर्ष भर साहित्यकारों, विचारकों, चिंतकों और वैज्ञानिकों का केन्द्र बना रहा।  recent visitors 31

सुरक्षाबलों के साथ हुए मुठभेड़ में मारे गए 7 नक्सली, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जवानों को दी बधाई

रायपुर नारायणपुर-दंतेवाड़ा जिले के दक्षिण अबूझमाड़ क्षेत्र में सुरक्षाबलों के साथ हुए मुठभेड़ में 7 नक्सलियों के मारे गए हैं. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म में जानकारी साझा करते हुए इसे सुलक्षाबलों की बड़ी सफलता करार देते हुए जवानों को बधाई दी है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर किए अपने पोस्ट में कहा कि इस अभियान में शामिल सभई सुरक्षा अधिकारियों, जवानों की बहादुरी को सलाम करता हूं, बधाई देता हूं. नक्सलवाद के खात्मे तक हमारी यह लड़ाई जारी रहेगी. बता दें कि अबूझमाड़ क्षेत्र में 40 से 50 बड़े कैडर की नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर दंतेवाड़ा, नारायणपुर, कोण्डागांव और बस्तर जिले से जवानों ने इलाके की घेराबंदी की थी. इंद्रावती एरिया कमेटी के नक्सलियों की मौजूदगी की खबर पर इलाके को घेरने पहुंचे जवानों ने रात तीन बजे से ही नक्सलियों पर फायरिंग चालू कर दी थी. recent visitors 35