Saturday, July 4, 2026 10:58 am

न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड पर 340 रनों की बनाई बढ़त

हैमिल्टन. न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे तीन मैचों की टेस्ट सीरीज का तीसरा और आखिरी मुकाबला हैमिल्टन में खेला जा रहा है। टेस्ट मैच के दूसरे दिन न्यूजीलैंड 347 रनों पर ऑल आउट हो गई है। उसके बाद न्यूजीलैंड ने इंग्लैंड को 143 रनों पर समेट दिया। पहली पारी के आधार पर 204 रनों की बढ़त हासिल की। वहीं न्यूजीलैंड ने दूसरी पारी में बल्लेबाजी करते हुए 3 विकेट के नुकसान पर 136 रन बनाए है। कीवी टीम के पास अब कुल 340 रनों की बढ़त हो गई है। मैट हेनरी और विलियम ओरूर्क ने 82 रन तक इंग्लैंड की आधी टीम को पवेलियन भेज दिया था। कप्तान बेन स्टोक्स (27) और ओली पोप (24) ने छठे विकेट के लिए 52 रन की साझेदारी कर मैच में वापसी की कोशिश की। सेंटनर ने हालांकि तीन रन के अंदर दोनों को चलता किया जिससे इंग्लैंड ने 10 रन के अंदर आखिरी के पांच विकेट गंवा दिये। टीम के लिए जो रूट ने सबसे ज्यादा 32 रन का योगदान दिया। इससे पहले न्यूजीलैंड ने नौ विकेट पर 303 रन से आगे से दिन की शुरुआत की। सेंटनर (76) और ओ’राउर की की आखिरी जोड़ी ने दिन की शुरुआत में 15 ओवर से ज्यादा बल्लेबाजी कर इंग्लैंड के गेंदबाजों को परेशान किया। शुरूआती नौ टेस्ट में महज 13 रन बनाने वाले ओरूर्क ने इस दौरान गस एटकिंसन के खिलाफ अपने करियर का पहला चौका जड़ा। मैथ्यू पॉट्स ने इस साझेदारी को तोड़कर न्यूजीलैंड की पारी को 347 रन पर खत्म किया। सेंटनर और ओ’राउरकी ने 44 रन की साझेदारी की। ओरूर्क ने इंग्लैंड की पहली पारी को 35.5 ओवर में समेटने में अहम योगदान दिया। उन्होंने लगातार गेंदों पर जैकब बेथेल (12) और हैरी ब्रुक (शून्य) को चलता करने के बाद अपने अगले ओवर में रूट को पवेलियन की राह दिखायी। इससे पहले जैक काउली ने आक्रामक बल्लेबाजी की कोशिश की लेकिन हेनरी ने 14 गेंद में 21 रन की उनकी पारी को खत्म करने के बाद बेन डकेट (11) को पगबाधा कर इंग्लैंड को एक रन के अंदर दो झटके दिये। ओरूर्क (33 रन पर तीन विकेट) और मिचेल सेंटनर (सात रन पर तीन विकेट) की शानदार गेंदबाजी करके इंग्लैंड को 143 रनों पर समेट दिया। दूसरे दिन स्टंप्स से ठीक पहले दिग्गज केन विलियमसन (50) ने अपना 38वां अर्धशतक पूरा किया। क्रीज पर उनके साथ रचिन रवींद्र (दो) मौजूद है। टॉम लाथम (19) और विल यंग (60) ने दूसरी पारी में टीम को सतर्क शुरुआत दिलाई। एटकिंसन ने कप्तान लाथम को आउट कर 35 रन की साझेदारी को तोड़ा। यंग ने इसके बाद विलियमसन के साथ् दूसरे विकेट के लिए 89 रन जोडकर मैच पर न्यूजीलैंड की पकड़ और मजबूत कर दी। यंग ने 85 गेंद की पारी में नौ चौके जड़े। इंग्लैंड शुरुआती दो टेस्ट जीतकर पहले ही श्रृंखला अपने नाम कर चुका है। recent visitors 48

प्रयागराज महाकुंभ मेले का लोगो भोपाल में यूपी के दो मंत्रियों ने किया लॉन्च

भोपाल  मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रयागराज महाकुंभ मेले के लोगो का यूपी के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और कृषि राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने लॉन्च किया। यूपी सरकार के मंत्रियों ने मध्यप्रदेश की जनता को कुंभ में आने का न्यौता दिया। इस अवसर पर मंत्री सिंह ने कहा कि- महाकुंभ एकता का वैश्विक प्रतीक बनेगा। पिछले कुंभ से दिव्य और अद्भुत होगा। दावा किया कि इस बार कुंभ में 45 करोड़ लोगों के आने की संभावना है। बता दें कि प्रयागराज में 13 जनवरी से 26 फरवरी तक महाकुंभ मेला लगेगा। यह कुंभ प्लास्टिकमुक्त रहेगा। श्रद्धालु डिजिटल कुंभ का अनुभव भी करेंगे। कुंभ स्थल स्वच्छ, स्वास्थ्य, सुरक्षा, शुद्ध पेयजल, स्मार्ट पार्किंग की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं को पहचान के लिए रिस्ट बैंड भी दिए जाएंगे। मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के बंगले यूपी सरकार के दो मंत्री पहुंचे। यूपी के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह और स्वतंत्र देव सिंह नेता प्रतिपक्ष के बंगले पहुंचे और प्रयागराज कुंभ आने के लिए निमंत्रण दिया। नेता प्रतिपक्ष ने मंत्रीद्वय का स्वागत किया और आने की सहमति दी है। recent visitors 42

देश की सबसे बहादुर पुलिस बलों में से है छत्तीसगढ़ पुलिस : केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह

राष्ट्रपति निशान हमारे जवानों की कर्तव्यनिष्ठा, साहस और समर्पण का प्रतीक : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए ऐतिहासिक दिन : गृह मंत्री अमित शाह ने सौंपा राष्ट्रपति निशान छत्तीसगढ़ पुलिस की 24 वर्षों की सेवा का सम्मान, यह गौरव हासिल करने वाला देश का सबसे युवा राज्य है छत्तीसगढ़ रायपुर छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ पुलिस के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने आज रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित बेहद गरिमामय कार्यक्रम में राज्य की पुलिस को राष्ट्रपति निशान (पुलिस कलर्स अवार्ड-2024) सौंपा। यह देश के सशस्त्र बलों को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। विगत 24 वर्षों में छत्तीसगढ़ पुलिस की असाधारण सेवाओं, बहादुरी और कर्तव्यपरायणता के लिए राज्य को यह सम्मान मिला है। छत्तीसगढ़ यह सम्मान हासिल करने वाला देश का सबसे युवा राज्य है, जिसने अपने गठन के मात्र 24 वर्षों में ही यह उपलब्धि हासिल की है। गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रपति निशान अलंकरण समारोह में छत्तीसगढ़ पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि    राष्ट्रपति का पुलिस कलर्स अवार्ड केवल एक सम्मान नहीं है, यह सेवा और कर्तव्य का प्रतीक है। छत्तीसगढ़ पुलिस ने नक्सलवाद, संगठित अपराध और मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में जो साहस और प्रतिबद्धता दिखाई है, वह अभूतपूर्व है। छत्तीसगढ़ पुलिस देश के सर्वश्रेष्ठ और बहादुर पुलिस बलों में से एक बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार छत्तीसगढ़ और देश को नक्सलमुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ और देश से नक्सलवाद का पूर्णतः खात्मा हो जाएगा। श्री शाह ने छत्तीसगढ़ पुलिस की तारीफ करते हुए कहा कि इसने न केवल कानून और व्यवस्था को बनाए रखा है, बल्कि जनता के विश्वास को भी मजबूत किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि राष्ट्रपति का पुलिस कलर्स अवार्ड पुलिस बल के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा, उनका हौसला और मनोबल बढ़ाएगा। केन्द्रीय गृह मंत्री शाह ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जांबाज पुलिस को राष्ट्रपति निशान सौंपना मेरे लिए भी गर्व की बात है। यह सम्मान छत्तीसगढ़ की पुलिस की कड़ी मेहनत, समर्पण और जनता के प्रति लगाव का द्योतक है। छत्तीसगढ़ की पुलिस नक्सलियों के ताबूत में आखिरी कील ठोंकने की तैयारी में है। यहां की पुलिस ने कानून-व्यवस्था और नक्सल मोर्च के साथ ही कोरोना महामारी में भी बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने नक्सलियों से हथियार छोड़कर मुख्य धारा में लौटने की अपील की। श्री शाह ने समारोह में देश के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभ भाई पटेल को आज उनकी पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि सरदार पटेल ने देश को एकता के सूत्र में पिरोने का जो कार्य किया, उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनुच्छेद-370 को हटाकर और मजबूत किया है।          मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों और अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के केवल 24 वर्षों में हमारे पुलिस बल को उनकी असाधारण सेवाओं और जनता के प्रति समर्पण के लिए मिला है। यह सम्मान न केवल पुलिस बल के मनोबल को बढ़ाएगा, बल्कि उन्हें और अधिक उत्साह के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। मुख्यमंत्री ने एंटी-नक्सल ऑपरेशनों में छत्तीसगढ़ पुलिस की सफलता पर कहा कि बड़ी संख्या में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर मुख्य धारा में लौटने का निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास की बेहतर व्यवस्था और विशेष प्रावधान सरकार द्वारा किए गए हैं। भारत सरकार की नीति के अनुरूप हिंसा का रास्ता छोड़ आत्मसमर्पण करने वालों को तत्काल ट्रांजिट कैम्प में रखने की व्यवस्था की जा रही है। इसके साथ ही उन्हें तीन साल तक 10 हजार रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड के तौर पर देने की व्यवस्था की गई है। उनके कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाएगा। श्री साय ने कहा कि पुनर्वास नीति के तहत 5 लाख या उससे अधिक के इनामी माओवादी के आत्मसमर्पण करने पर उन्हें आवास हेतु शहरी क्षेत्र में अधिकतम 4 डिसमिल जमीन या ग्रामीण क्षेत्र में अधिकतम 1 हेक्टेयर कृषि भूमि दिए जाने का प्रावधान किया गया है। प्रदेश के आत्मसमर्पित नक्सलियों और नक्सल प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और उन्हें सुरक्षित जीवन प्रदान करने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार द्वारा इनके लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 15,000 पक्के आवास स्वीकृत किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की पुलिस द्वारा महिलाओं की सुरक्षा के लिए शुरू किए गए ‘महिला थाना’, महिला हेल्प डेस्क और ‘अभिव्यक्ति’ ऐप जैसे प्रयास उनकी संवेदनशीलता और जनता के प्रति उनके समर्पण को दर्शाते हैं। उप मुख्यमंत्री तथा गृह मंत्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रपति निशान छत्तीसगढ़ पुलिस के साहस, सेवा और कर्तव्यपरायणता का सशक्त प्रतीक है। राष्ट्रपति पुलिस निशान का यह अलंकरण न केवल पुलिस बल को गर्वित करता है, बल्कि उन्हें नई ऊर्जा और उत्साह के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा। राज्य की पुलिस ने यह सिद्ध किया है कि वह दुर्जनों के लिए भय और सज्जनों के लिए सम्मान का पर्याय है। पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा ने अपने स्वागत भाषण में छत्तीसगढ़ पुलिस की उपलब्धियों की जानकारी देते हुए कहा कि 1 नवम्बर 2000 को राज्य की स्थापना के बाद से पुलिस बल ने हर मोर्चे पर साहस और दृढ़ता का परिचय दिया है। उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे एंटी-नक्सल ऑपरेशनों, पुनर्वास नीतियों और मादक पदार्थों के खिलाफ अभियानों का उल्लेख करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ पुलिस जनता की सेवा में हर समय तत्पर रही है। राष्ट्रपति निशान अलंकरण समारोह में परेड द्वारा मुख्य अतिथि श्री अमित शाह को सलामी दी गई। श्री शाह ने सलामी के बाद परेड का निरीक्षण किया। महिला और पुरुष प्लाटून द्वारा मार्चपास्ट भी किया गया। मुख्य अतिथि श्री शाह ने धर्मगुरूओं द्वारा मंत्रोच्चार के बाद आकाश में तिरंगे गुब्बारों और शानदार आतिशबाजी के बीच छत्तीसगढ़ पुलिस को राष्ट्रपति निशान सौंपा। उन्होंने कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पुलिस की 24 वर्षों के सफर पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन और आसूचना ब्यूरो के निदेशक तपन कुमार डेका सहित पुलिस प्रशासन के अधिकारी, जवान … Read more

गृह मंत्रालय ने ली मांगों की लिस्ट, 20वें दिन भी अनशन तोड़ने को तैयार नहीं जगजीत डल्लेवाल

नई दिल्ली. शंभू बॉर्डर पर डटे किसानों ने शनिवार को दिल्ली कूच करने की कोशिश की। प्रशासन की सख्ती की वजह से किसान आगे नहीं बढ़ पाए। पुलिस ने किसानों पर आंसू गैस और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया। किसानों का कहना है कि अब वे 16 दिसंबर को ट्रैक्टर मार्च करेंगे। वहीं खनौरी बॉर्डर पर किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल 20वें दिन भी आमरण अनशन कर रहे हैं। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा, हम यही आश्वासन देने की कोशिश कर रहे हैं कि किसानों की सरकार से बातचीत का रास्ता खुलेगा और उनकी मांगें भी पूरी होंगी। उन्होंने कहा, हमने जगजीत सिंह डल्लेवाल और अन्य किसान नेताओं से अपील की। इसके अलावा उनकी चिकित्सा सुविधा का इंतजाम किया गया। यादव ने कहा, हम उनके साथ मिलकर इस मामले को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। डल्लेवाल ने हमसे कहा कि हमारी मांगों को सरकार के सामने रखा जाए। वहीं गृह मंत्रालय में डायरेक्टर मयंक मिश्रा ने किसानों से मुलाकात के बाद कहा, हमने किसानों की मांगों की सूची ले ली है और हमें सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का भी पालन करना है। पंजाब के डीजीपी ने कहा, हमने किसान नेता डल्लेवाल की स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। हमने उन्हें सीएम भगवंत मान का संदेश दिया है कि मुख्यमंत्री उनको लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि जगजीत सिंह डल्लेवाल का जीवन कीमती है। डल्लेवाल 26 नवंबर से पंजाब और हरियाणा के बीच खनौरी बॉर्डर पर अनशन पर बैठे हुए हैं ताकि केंद्र पर फसलों के एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की कानूनी गारंटी सहित आंदोलनकारी किसानों की मांगों को स्वीकार करने के लिए दबाव बनाया जा सके। सुरक्षा बलों द्वारा किसानों के दिल्ली कूच को रोके जाने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) के बैनर तले किसान 13 फरवरी से पंजाब और हरियाणा के बीच शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डेरा डाले हुए हैं। चिकित्सकों ने पहले ही डल्लेवाल को अस्पताल में भर्ती करने की सिफारिश की है और कहा है कि लंबे समय तक अनशन के कारण वह कमजोर हो गए हैं। खनौरी में मीडिया को अपने संक्षिप्त संबोधन के दौरान डल्लेवाल ने उनके स्वास्थ्य पर चिंता व्यक्त करने के लिए उच्चतम न्यायालय को धन्यवाद दिया। recent visitors 56

ऋण पुनर्गठन और नई प्रतिभूति हासिल करने में मिलेगी मदद, श्रीलंका में अंतरराष्ट्रीय सॉवरेन बांड एक्सचेंज ऑफर का समापन

कोलंबो. श्रीलंका ने अपने अंतर्राष्ट्रीय सॉवरेन बॉन्ड एक्सचेंज ऑफर के सफल समापन की घोषणा की है, जिसमें 98 प्रतिशत बॉन्डधारकों ने भाग लिया। यह कदम देश को अपने ऋण का पुनर्गठन करने और नई बॉन्ड प्राप्त करने में मदद करेगा। श्रीलंका ने यह घोषणा शुक्रवार को की गई, जो 14.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर के ऋण पुनर्गठन समझौते के कुछ दिनों बाद आई है, जिसे पिछले शासन में तय किया गया था। इस समझौते के तहत मौजूदा बॉन्ड के बदले नए बॉन्ड जारी किए जाएंगे और यह कदम आईएमएफ द्वारा कर्ज स्थिरता बनाए रखने के लिए जरूरी था। श्रीलंका के राष्ट्रपति और वित्त मंत्री अनुरा कुमारा दिसानायके ने इस उच्च भागीदारी को एक विश्वासमत के रूप में स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि इस विनिमय में बाजार प्रतिभागियों की बड़ी भागीदारी यह दिखाती है कि सरकार की योजना में विश्वास है। श्रीलंका के राष्ट्रपति ने विश्वासमत के रूप में सराहा श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने शुक्रवार को अंतर्राष्ट्रीय और स्थानीय हितधारकों से उच्च भागीदारी को एक विश्वासमत के रूप में सराहा। उन्होंने कहा हम अपने अंतर्राष्ट्रीय और स्थानीय बॉन्डधारकों से इस विश्वास को देखकर बहुत प्रसन्न हैं। पिछले कुछ साल श्रीलंकाई जनता के लिए बहुत चुनौतीपूर्ण रहे हैं, लेकिन हमारे सामूहिक प्रयास अब फल दे रहे हैं। उन्होंने आगे कहा इस ऋण विनिमय का कार्यान्वयन, जो दो वर्षों की गहन वार्ता का परिणाम है। श्रीलंका को पर्याप्त ऋण राहत प्रदान करेगा। इससे हमारे विकास और सामाजिक योजनाओं को वित्तपोषित करने के लिए अल्प और मध्यम अवधि में संसाधन मिलेंगे और हमारे सार्वजनिक वित्त की दीर्घकालिक स्थिरता बहाल होगी। उन्होंने कहा कि आज हम अपने इतिहास का एक नया अध्याय शुरू कर रहे हैं और कई वर्षों के संकट के बाद एक नया रास्ता चुन रहे हैं। अमेरिकी डॉलर की विस्तारित निधी सुविधा जानकारी के अनुसार IMF ने श्रीलंका को 2.9 बिलियन अमेरिकी डॉलर की विस्तारित निधि सुविधा (EFF) प्रदान की है। IMF ने शनिवार को स्टाफ-स्तरीय समझौते को मंजूरी दी, जिससे चार वर्षीय सुविधा की चौथी किश्त – लगभग 330 मिलियन अमेरिकी डॉलर – प्राप्त होगी। श्रीलंका को अप्रैल 2022 में संप्रभु डिफ़ॉल्ट घोषित करने के बाद गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा था, जो 1948 में स्वतंत्रता मिलने के बाद से उसका पहला डिफ़ॉल्ट था। इस संकट के कारण महीनों तक सार्वजनिक विरोध हुए, और तत्कालीन राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को देश छोड़ना पड़ा। श्रीलंका ने धारकों को दिया था निमत्रण बता दें कि श्रीलंका ने 25 नवंबर को अपने आईएसबी (अंतर्राष्ट्रीय सॉवरेन बॉन्ड) धारकों को नए ऋण साधनों के बदले पुराने बॉन्ड्स का आदान-प्रदान करने के लिए आमंत्रित किया था। इन धारकों में अंतर्राष्ट्रीय निवेशक और घरेलू वित्तीय संस्थान शामिल थे, जिनके पास आईएसबी की कुल बकाया राशि का लगभग 50 प्रतिशत हिस्सा था। श्रीलंका को मिलेगी राहत जानकारी के अनुसार इस ऋण पुनर्गठन से श्रीलंका को पर्याप्त ऋण राहत मिलेगी। इससे विकास और सामाजिक योजनाओं को वित्तपोषित करने के लिए संसाधन उपलब्ध होंगे और सार्वजनिक वित्त की दीर्घकालिक स्थिरता भी सुनिश्चित होगी। जहां इससे पहले, 26 नवंबर को सरकार ने 14.2 बिलियन डॉलर के ऋण पुनर्गठन समझौते की पुष्टि की थी, जिसे आईएमएफ ने कर्ज को स्थिर बनाए रखने के लिए जरूरी माना था। recent visitors 50

बीएसएफ का जवान आईईडी डिफ्यूज करते हुए हुआ घायल

कांकेर नक्सलियों द्वारा लगाए गए आईईडी को डिफ्यूज करते समय बीएसएफ का जवान घायल हो गया. घायल जवान का कैंप में इलाज जारी है, जहां उसकी हालत स्थित बताई जा रही है. मामला कोयलीबेड़ा थाना क्षेत्र का है. पानीडोबीर कैंप से बीएसएफ के जवान सर्च ऑपरेशन पर निकले थे. इस दौरान हेटारकसा के पास नक्सलियों ने प्लांट कर रखा था, जिसे जवान डिफ्यूज करने में जुटा था. इस दौरान हादसा हो गया. घायल जवान को पानीडोबीर कैंप में प्राथमिक इलाज के बाद हेलिकॉप्टर से रायपुर भेजा गया है. recent visitors 45

भारतीय दूतावास ने दी जानकारी, म्यांमार में नौकरी के झांसे में फंसे छह भारतीय लौट रहे घर

नेपीडाॅ. भारतीय दूतावास ने म्यांमार में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाया है। दूतावास ने जानकारी दी कि मायावडी में फंसे छह और भारतीयों को भारत वापस भेजा जा रहा है। इन लोगों को स्थानीय थाने पहुंचा दिया गया है, जहां से उन्हें जल्द भारत भेजा जाएगा। ये भारतीय मायावडी इलाके में फंसे हुए थे, जहां नौकरी के नाम पर धोखाधड़ी या अवैध गतिविधियां होती हैं। जो छह भारतीय नागरिक म्यांमार से भारत वाप आ रहे हैं, उनका नाम अजय कुमार, मुस्तफा, सुखचैन, बचू मणिकांत, समीर अहमद और कुलदीप है। दूतावास ने बताया कि अब तक 101 भारतीय नागरिकों को जुलाई 2024 से अब तक म्यांमार से भारत वापस भेजा जा चुका है। दूतावास ने एक बार फिर एडवाइजरी जारी कर म्यांमार में नौकरी की पेशकश को लेकर भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने को कहा है। इसमें कहा गया है कि बिना दूतावास की सलाह के इस क्षेत्र में नौकरी की पेशकश पर भरोसा न करें। विद्रोही बलों के नियंत्रण में मायावडी इलाका भारतीय नागरिकों को फर्जी नौकरी का रैकेट चलाने वाले जालसाजों के चंगुल से छुड़ाना और उन्हें वापस भेजना एक जटिल प्रक्रिया है। मायावडी क्षेत्री म्यांमार के विद्रोही बलों के नियंत्रण में है और म्यांमार के सुरक्षा बलों की वहां तक पहुंच नहीं है। म्यांमार सरकार मदद करने की कोशिश करती है, लेकिन उसकी पहुंच सीमित है। भारतीय दूतावास स्थानीय थाने तक नागरिकों के पहुंचने के बाद ही उन्हें सुरक्षित रूप से वापस भेज सकता है। भारतीय दूतावास ने पहले भी जारी की थी एडवाइजरी दूतावास ने इससे पहले मई में भी एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें म्यांमार-थाईलैंड सीमा पर स्थित मायावडी इलाके में सक्रिय अपराधियों के अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के बारे में चेतावनी दी गई थी। दूतावास ने भारतीय नागरियों को आगाह किया था कि वहां से नौकरी की पेशकश को लेकर सतर्क रहें। दूतावास ने अपनी एडवाइजरी में कहा था कि म्यांमार में काम करने से पहले नौकरी की पेशकश को स्वीकार करने से पहले भारतीय मिशन से संपर्क करें। recent visitors 48