Saturday, July 4, 2026 2:38 am

पीएम जन-मन: हितग्राहियों को मिले पक्के घर, कच्चे घर की कठिनाईयों से मिली निजात

भोपाल केन्द्र सरकार द्वारा प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान (पीएम जन-मन) प्रदेश की तीन विशेष पिछड़ी जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के सभी पात्र परिवारों के पक्के घर तैयार किये जा रहे हैं। 'सबको पक्का घर' देने की लक्ष्य पूर्ति ‍के लिये प्रदेश के पीवीटीजी आबादी बहुल 24 जिलों में बड़ी संख्या में पीवीटीजी परिवार सर्वेक्षित किये गये थे। सभी चिन्हित/पात्र परिवारों को पक्के घर बनाकर देने के लिये केन्द्र सरकार द्वारा दो चरण में कुल एक लाख 87 हजार 138 पीएम आवास मंजूर किये जा चुके हैं। 'पहले चरण में' केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा 1 लाख 54 हजार पीएम आवासों को मंजूरी दी गई थी। इन मंजूर आवासों में वित्त वर्ष 2023-24 एवं 2024-25 में 1 लाख 44 हजार 200 पक्के घरों का निर्माण कार्य पूरा कर लेना तय किया गया। करीब 288 करोड़ 400 लाख रूपये की लागत से बनने वाले इन पक्के घरों का निर्माण कार्य दिसम्बर 2024 तक पूरा कर लेने का लक्ष्य रखा गया है। लक्ष्य के विरूद्ध अब तक 36 हजार 720 से अधिक पक्के घर तैयार कर संबंधित पीवीटीजी हितग्राहियों को प्रदाय किये जा चुके हैं। केन्द्र सरकार द्वारा इन पक्के आवासों के निर्माण के लिये पीएम आवास राशि चरणबद्ध रूप से हितग्राहियों के खाते में अंतरित की गई। पहली किश्त में एक लाख 4 हजार 242 हितग्राहियों, दूसरी किश्त में 80 हजार 866 हितग्राहियों एवं तीसरी किश्त 56 हजार 198 हितग्राहियों को निर्माण राशि उनके बैंक खाते में हस्तांतरित की जा चुकी है। 'दूसरे चरण में' इस महाअभियान में केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा प्रदेश को 33 हजार 138 अतिरिक्त आवास मंजूर किये गये हैं। केन्द्रीय मंत्रालय द्वारा प्रदेश के 21 जिलों में निवासरत शेष रह गये पीवीटीजी परिवारों को भी पक्के घर की सौगात देने के लिये यह विशेष मंजूरी दी गई है। केन्द्रीय मंत्रालय द्वारा हाल ही में श्योपुर जिले को 7561, शिवपुरी को 5154, उमरिया को 4092, शहडोल 2591, अशोकनगर 2294, गुना 2084, सिंगरौली 1895, डिंडोरी 1532, अनूपपुर 1522, सीधी 1042, मंडला 903, मुरैना 695, विदिशा 448, बालाघाट 401, ग्वालियर 266, छिंदवाड़ा 202, नरसिंहपुर 158, सिवनी 117, दतिया 110, जबलपुर 42 एवं रायसेन जिले को 29 पीएम (पक्के) आवास मंजूर किये गये हैं। इस प्रकार दो चरणों में मध्यप्रदेश को अब तक 1 लाख 87 हजार 138 पीएम आवास की मंजूरी मिल चुकी है। पीवीटीजी परिवारों के ये पक्के घर केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के निर्देशानुसार राज्य के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कार्ययोजना के अनुसार तैयार कराये जा रहे है। इन्हीं नवनिर्मित पक्के घरों में विद्युतिकरण का कार्य केन्द्रीय विद्युत मंत्रालय के तकनीकी मार्गदर्शन में प्रदेश के ऊर्जा विभाग द्वारा कार्ययोजना के अनुरूप चरणबद्ध रूप से कराया जा रहा है। केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा सभी पीवीटीजी बहुल गांवों तक सम्पर्क/पहुंच रोड का निर्माण भी स्टेप-बाय-स्टेप कराया जा रहा है।   recent visitors 42

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बहुमुखी फिल्मकार स्व. राज कपूर को किया नमन

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दादा साहब फाल्के पुरस्कार एवं पद्मभूषण से सम्मानित प्रख्यात फिल्म निर्माता, निर्देशक एवं कलाकार स्व. राज कपूर की सौवीं जयंती पर उन्हें सादर नमन किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हिन्दी फिल्म जगत के विकास में फिल्म अभिनेता, निर्माता और निर्देशक के रूप में स्व. कपूर का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। स्व. राजकपूर का मध्यप्रदेश से भी पारिवारिक संबंध रहा है। स्व. राजकपूर को कला और सिनेमा जगत में हमेशा याद किया जाएगा।   recent visitors 42

प्रदूषण को रोकने के लिए ग्रेप-2 के नियम हुए सख्त, अन्य डीजल इंजन बसों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगाई

नई दिल्ली दिल्ली सहित एनसीआर में सर्दी के मौसम में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम) ने ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) दो, तीन और चार के प्रावधानों को संशोधित किया है। इसके तहत ग्रेप तीन के कुछ प्रावधानों को ग्रेप दो शामिल कर उसे सख्त बनाया गया है। इसके तहत बीएस छह डीजल इंजन, इलेक्ट्रिक और सीएनजी बसों को छोड़कर एनसीआर के रास्ते दूसरे राज्यों से दिल्ली आने वाले अन्य डीजल इंजन बसों के दिल्ली में प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। पहले यह प्रावधान ग्रेप तीन में शामिल था। लेकिन अब सीएक्यूएम ने इसे ग्रेप दो में शामिल कर दिया है। मौजूदा समय में दिल्ली एनसीआर में ग्रेप दो के प्रावधान लागू हैं। इसलिए ग्रेप दो में शामिल नए प्रावधान भी तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। सीएक्यूएम ने दिल्ली और एनसीआर से संबंधित राज्यों के परिवहन विभाग, पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और संबंधित एजेंसियों को इस पर अमल करने का निर्देश दिया है। सीएक्यूएम के अनुसार सर्दी के मौसम में लंबे समय तक हवा की गुणवत्ता खराब श्रेणी में रहती है। ग्रेप के प्रावधानों में कुछ अहम संशोधन किए गए इसके मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ग्रेप के प्रावधानों में कुछ अहम संशोधन किए गए हैं और ग्रेप तीन के शुरुआती तीन प्रावधानों को ग्रेप दो में शामिल कर दिया गया है। इसके तहत चिन्हित सड़कों की प्रतिदिन मशीन से सफाई और पानी का छिड़काव करना होगा। इसके लिए मशीनों की कार्य अवधि बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। सभी हाट स्पाट व वाहनों के अधिक दबाव वाले सड़कों पर धूल की रोकथाम लिए पानी में रसायन मिलाकर प्रतिदिन छिड़काव करना होगा। ठंड से बचाव के लिए इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध कराने के निर्देश सार्वजनिक परिवहन की मजबूती के लिए सीएनजी व इलेक्ट्रिक बसें और मेट्रो के फेरे बढ़ाने के साथ-साथ सुबह-शाम व्यस्त और गैर व्यस्त समय के लिए अलग-अलग किराए का प्रावधान करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही सीएक्यूएम ने सभी आरडब्ल्यूए को सुरक्षा कर्मचारियों के अलावा सफाई, बागवानी के कर्मचारियों को भी ठंड से बचाव के लिए इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। ताकि कर्मचारी ठंड से बचाव के लिए लकड़ी, उपले या कूड़ा न जलाएं। ग्रेप तीन में ये प्रतिबंध होंगे लागू     ग्रेप तीन में दिव्यांग लोगों को दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गौतम बुद्ध नगर जिले में व्यक्तिगत जरूरत के लिए बीएस तीन पेट्रोल इंजन और बीएस चार डीजल इंजन के हल्के वाहन (कार) का इस्तेमाल की छूट रहेगी।     दिल्ली में माल ढुलाई के लिए बीएस चार के डीजल इंजन वाले एमजीवी (मीडियम गूड्स व्हीकल) पर प्रतिबंध रहेगा। इस प्रतिबंध से सिर्फ आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को छूट रहेगी।     दिल्ली से बाहर पंजीकृत बीएस चार और उससे कम मानक के डीजल इंजन वाहनों को ग्रेप तीन के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश वर्जित रहेगा। पहले ये प्रावधान चौथे चरण में शामिल थे।     ग्रेप तीन में दिल्ली एनसीआर के स्कूल पांचवीं कक्षा तक की पढ़ाई हाइब्रिड मोड में करा सकते हैं। अभिभावक अपनी सुविधा के अनुसार आनलाइन या आफलाइन क्लास का विकल्प चयन कर सकते हैं।     ग्रेप चार में स्कूल छठवीं से नौवीं व 11वीं की कक्षा भी हाइब्रिड मोड में चला सकते हैं। ग्रेप तीन में दिल्ली सरकार और एनसीआर से संबंधित राज्य सरकारें सरकारी विभागों व सिविक एजेंसियों के कार्यालय के समय में बदलाव कर सकती हैं।     आने वाले समय में जब भी ग्रेप तीन व चार लागू होंगे तो उसमें शामिल नए प्रावधानों का पालन संबंधित एजेंसियों को सुनिश्चित करना होगा। हवा की गुणवत्ता के आधार पर लगते हैं ग्रेप के प्रावधान     एयर इंडेक्स खराब श्रेणी- 201-300: ग्रेप एक     एयर इंडेक्स बेहद खराब श्रेणी- 301-400: ग्रेप दो     एयर इंडेक्स गंभीर श्रेणी- 401-450: ग्रेप तीन     एयर इंडेक्स खतरनाक श्रेणी-450 से अधिक: ग्रेप चार   recent visitors 60

अध्ययन में पाया गया कि पैरासिटामोल के कारण वृद्ध लोगों में पाचन तंत्र, हृदय और गुर्दे पर पड़ता दुष्प्रभाव

नई दिल्ली चिकित्सक की पर्ची के बिना मिलने वाली दवाओं में शामिल पैरासिटामोल 65 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों में आंत, हृदय और गुर्दे से संबंधित बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकती है। एक नये अध्ययन में यह दावा किया गया है। हल्के से मध्यम बुखार के दौरान आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली पैरासिटामोल, अस्थियों से जुड़ी बीमारियों के उपचार के लिए भी चिकित्सक द्वारा परामर्श दी जाने वाली पहली दवा है क्योंकि इसे प्रभावी, अपेक्षाकृत सुरक्षित और सुलभ माना जाता है। हालांकि, दर्द निवारण में पैरासिटामोल की प्रभावशीलता पर कुछ अध्ययनों में सवाल उठाये गए हैं, जबकि अन्य अध्ययनों ने लंबे समय तक इसके उपयोग से पाचन तंत्र संबंधी दुष्प्रभावों, जैसे अल्सर और रक्तस्राव, के बढ़ते जोखिम को रेखांकित किया है। ब्रिटेन के नॉटिंघम विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए नवीनतम अध्ययन में पाया गया कि पैरासिटामोल के उपयोग से पेप्टिक अल्सर रक्तस्राव (पाचन तंत्र में अल्सर के कारण रक्तस्राव) के जोखिम में क्रमशः 24 प्रतिशत और 36 प्रतिशत की वृद्धि होती है और आंत संबंधी रक्तस्राव में कमी आती है। अध्ययन के मुताबिक, पैरासिटामोल के सेवन से गुर्दे के गंभीर रोग का खतरा 19 प्रतिशत, दिल का दौरा पड़ने का खतरा नौ प्रतिशत तथा उच्च रक्तचाप का खतरा सात प्रतिशत बढ़ सकता है। आर्थराइटिस केयर एंड रिसर्च पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, ‘‘यह अध्ययन वृद्ध लोगों में गुर्दा, हृदय और आंत संबंधी दुष्प्रभावों को दर्शाता है।’’ नॉटिंघम विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मेडिसिन के प्रमुख अनुसंधानकर्ता वेया झांग ने कहा, ‘‘कथित तौर पर सुरक्षित होने की वजह से पैरासिटामोल को अस्थियों से जुड़े रोगों के लिए कई उपचार दिशानिर्देशों में प्राथमिक दवा के रूप में अनुशंसित किया गया है, विशेष रूप से वृद्ध लोगों में, जिनमें दवा से उत्पन्न जटिलताओं का उच्च जोखिम होता है।’’ शोधकर्ताओं ने इन नतीजों पर पहुंचने के लिए 1,80,483 लोगों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का विश्लेषण किया, जिन्हें बार-बार पैरासिटामोल दी गई थी।शोधकर्ताओं ने इसके बाद इन स्वास्थ्य रिपोर्ट की तुलना उसी आयु के 4,02,478 (4.02 लाख) लोगों से की, जिन्हें कभी भी बार-बार पैरासिटामोल नहीं दी गई थी।   recent visitors 54

मुख्यमंत्री ने मऊगंज को दी स्टेडियम, सिविल अस्पताल, देवतालाब मंदिर के विकास की सौगात

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में चलाये जा रहे जनकल्याण अभियान में प्रत्येक पात्र हितग्राही को शासन की विकास योजनाओं से लाभांवित किया जायेगा। इसके लिये ग्राम पंचायत एवं नगरीय क्षेत्रों में वार्ड स्तर पर शिविर लगाकर पात्र नागरिकों को योजनाओं से जोड़ा जायेगा। उन्होंने कहा कि मऊगंज विकास की दौड़ में पीछे छूट गया था। हमारी सरकार ने मऊगंज को जिला बनाया और अब सरकार ही मऊगंज को विकास की सौगाते दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 5041 करोड़ की सीतापुर-हनुमना लिफ्ट इरिगेशन परियोजना का शिलान्यास किया। इस परियोजना से मऊगंज जिले के 400 से अधिक गांवों में सिंचाई की सुविधा मिलेगी। समारोह में 5175 करोड़ रुपए के 57 निर्माण कार्यों का शिलान्यास और लोकार्पण भी किया गया। मुख्यमंत्री ने खटखरी को नगर परिषद बनाने, दो सड़कों के उन्नयन, देवतालाब महाविद्यालय में 5 करोड़ रुपए की लागत से स्टेडियम के निर्माण, हनुमना में सिविल अस्पताल बनाने और देवतालाब शिव मंदिर में 5 करोड़ रुपए की लागत से विभिन्न विकास कार्य कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को मऊगंज में आयोजित जनकल्याण पर्व समारोह को संबोधित कर रहे थे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नई शिक्षा नीति में सनातन मूल्यों को समाहित कर शिक्षा को नई दिशा दी है। सनातन मूल्यों का जो विरोध करेगा, देश उसके साथ खड़ा नहीं होगा मुख्यमंत्री ने कहा कि मऊगंज रीवा और सतना सहित पूरा विंध्य क्षेत्र सादगी, सरलता और सदभाव का क्षेत्र है। भगवान श्रीराम ने अपने जीवन के वनवास के 11 वर्ष इसी क्षेत्र के चित्रकूट में बिताये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि क्षेत्र के विकास के लिए हर मांग पूरी की जाएगी। जन कल्याण अभियान में 16,100 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की कार्ययोजना पूरे प्रदेश के लिए बनाई गई है। इनमें से अकेले मऊगंज जिले को 5041 करोड़ रुपए की सौगात मिली है। पूरे क्षेत्र में विकास के कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। आज ही बाणसागर बांध के बीच स्थित मनोरम सरसी टापू का लोकार्पण हुआ है। इससे क्षेत्र में पर्यटन को गति मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मध्यप्रदेश को दो नदी जोड़ों परियोजनाओं के लिए एक लाख 70 हजार करोड़ रुपए की मंजूरी देकर किसानों को बहुत बड़ी सौगात दी है। प्रधानमंत्री मोदी सच्चे अर्थों में आधुनिक भागीरथ हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के 60 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की प्रथम किश्त के रूप में 332 करोड़ रुपए सिंगल क्लिक से जारी किए। मुख्यमंत्री ने पोषण आहार योजना के तहत दो गर्भवती और धात्री महिलाओं को पोषण आहार से युक्त अक्षय पात्र भेंट किए। मुख्यमंत्री ने विभिन्न योजनाओं में हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण किया। कार्यक्रम स्थल पर मुख्यमंत्री का जनजातीय लोकनृत्य गुदुम बाजा के मधुर स्वरों से स्वागत किया गया। महिलाओं ने पुष्पवर्षा कर अपने लाड़ले मुख्यमंत्री की अगवानी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गौ-पूजन कर गौ-माता का सम्मान किया और गौ-संवर्धन का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने मऊगंज जिले के 100 से अधिक गायों की सेवा कर रहे सौखीलाल यादव को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने पुलिस बैण्ड की सराहना की। समारोह में मुख्यमंत्री को धातु निर्मित राधा-कृष्ण की प्रतिमा और डिजिटल गीता भेंट की गई। समारोह में विधायक देवतालाब एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम और विधायक मऊगंज प्रदीप पटेल ने मुख्यमंत्री का स्वागत कर क्षेत्र के विकास से संबंधित अपने सुझाव रखे। उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, जिले के प्रभारी और पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल, विधायक मनगवां नरेन्द्र प्रजापति, विधायक त्योंथर सिद्धार्थ तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, कमिश्नर बी.एस. जामोद, आईजी एम.एस. सिकरवार, कलेक्टर अजय श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक सुश्री रसना ठाकुर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती सपना त्रिपाठी, जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। recent visitors 36

विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार डेंगू का स्वरूप बदला हुआ रहा, लिवर पर भी हो सकता है इसका असर

इंदौर इंदौर शहर में बुधवार रात 13 वर्षीय बच्चे की डेंगू से मौत होने के बाद लोगों की चिंता बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग इसे लेकर चिंता में आ गया है, क्योंकि उसके रिकॉर्ड में 20 नवंबर के बाद डेंगू का कोई नया मरीज दर्ज ही नहीं है। डेंगू हर दो-तीन वर्ष में अपना स्वरूप बदल लेता है। इस कारण मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ने लग जाती है। इंदौर में इस वर्ष अब तक डेंगू के 550 मरीज मिल चुके हैं। इनमें से 327 पुरुष और 223 महिलाएं हैं। वहीं मलेरिया के सात और चिकनगुनिया के 20 मरीज मिल चुके हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार डेंगू का स्वरूप बदला हुआ रहा, क्योंकि बड़ी संख्या में मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने की आवश्यकता पड़ी थी। वहीं कई मरीज ऐसे भी थे, जिनमें डेंगू के लक्षण थे लेकिन जांच रिपोर्ट निगेटिव आ रही थी। अचानक से प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं डेंगू में मरीज को लगता है कि वह स्वस्थ हो रहा है, लेकिन अचानक से इसमें प्लेटलेट्स कम हो जाते हैं। इसलिए इसका समय पर उपचार करवाना काफी आवश्यक होता है। डेंगू के कारण प्लेटलेट्स बहुत तेजी से गिरते हैं। लिवर पर तेजी से असर होता है। मरीजों की बढ़ती संख्या सिर्फ इंदौर में ही नहीं रही, पूरे प्रदेश में इस वर्ष अधिक संख्या रही है। इसके वैरिएंट की जांच के लिए पुणे स्थित लैब में सैंपल भेजे जाते हैं, लेकिन अभी नहीं भेजे गए हैं। डेंगू के लक्षण वाले मरीजों को वायरल हिमोरेजिक फीवर बता दें कि इंदौर में इस वर्ष सात हजार लोगों में डेंगू के लक्षण नजर आने पर अलाइजा टेस्ट किया गया है। इसमें से लगभग 550 लोगों में डेंगू की पुष्टि हुई है। बाकी मरीजों में लक्षण होने के बाद भी रिपोर्ट निगेटिव पाई गई। सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल के डॉ. अमित अग्रवाल ने दावा किया है कि निगेटिव रिपोर्ट आने वाले मरीजों में से 50 फीसदी में वायरल हिमोरेजिक फीवर पाया गया। इसके सारे लक्षण डेंगू बुखार जैसे ही होते हैं। हालांकि इसमें मरीज को डेंगू की अपेक्षा खतरा बहुत रहता है। निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद लोग समझते हैं कि वह बिल्कुल ठीक है, उन्हें विशेषज्ञ की सलाह से उपचार लेना चाहिए। इससे ठीक होने में पांच से आठ दिन तक का समय भी लग जाता है। वायरल हिमोरेजिक फीवर में प्लेटलेट्स धीरे-धीरे कम होती है। recent visitors 33

आधार कार्ड अपडेशन के लिए मुफ्त ऑनलाइन डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने की सुविधा 14 जून 2025 तक बढ़ी

नई दिल्ली आधार कार्ड जारी करने वाली संस्था भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने लाखों आधार धारकों को राहत दी है। अपडेशन के लिए मुफ्त ऑनलाइन डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने की सुविधा 14 जून 2025 तक बढ़ा दी है। मुफ्त अपडेट की समय सीमा शुरू में 14 जून, 2024 के लिए निर्धारित की गई थी, फिर 14 दिसंबर, 2024 तक बढ़ाने से पहले इसे बढ़ाकर 14 सितंबर, 2024 कर दिया गया था। एक्स पर प्राधिकरण ने पोस्ट किया है कि UIDAl लाखों आधार संख्या धारकों को लाभान्वित करने के लिए 14 जून 2025 तक मुफ्त ऑनलाइन दस्तावेज अपलोड करने की सुविधा का विस्तार करता है। यह मुफ्त सेवा केवल myAadhaar पोर्टल पर उपलब्ध है। यूआईडीएआई लोगों को अपने Aadhaar में दस्तावेजों को अपडेट रखने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। जो लोग अपने आधार कार्ड की जानकारी बदलने की योजना बना रहे हैं, उनके पास ऐसा करने के लिए 14 जून 2025 तक का समय है। इससे पहले, मुफ्त अपडेट के लिए विंडो 14 दिसंबर को बंद हो गई थी। ऑनलाइन आधार डिटेल्स अपडेट करने के स्टेप्स 1. यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट पर आधार सेल्फ सर्विसपोर्टल पर जाएं अपने मोबाइल पर भेजे गए अपने आधार नंबर, कैप्चा और ओटीपी का उपयोग करके लॉग इन करें। अब दस्तावेज़ अपडेट वाले मेन्यू पर जाएं और मौजूदा डिटेल्स की समीक्षा करें। 4. ड्रॉप-डाउन सूची से उपयुक्त दस्तावेज के प्रकार का चयन करें और सत्यापन के लिए मूल दस्तावेजो की स्कैन की गई प्रतियां अपलोड करें। 5. सेवा अनुरोध संख्या को नोट करना याद रखें। यह आपके आधार अपडेट अनुरोध की प्रक्रिया के चरण को ट्रैक करने में आपकी सहायता करेगा। क्यों जरूरी है आधार अपडेट करना यदि आपके आधार डेटाबेस में कोई बदलाव शामिल करने की आवश्यकता है, तो आपको बाद में किसी भी परेशानी से बचने के लिए इसे अपडेट करना चाहिए। बच्चों के लिए, आपको यह ध्यान रखना होगा कि यदि आपने अपने बच्चे को आधार के लिए नामांकित किया है , जब वह पांच वर्ष से कम आयु का था, तो आपको कम से कम दो बार बायोमेट्रिक रिकॉर्ड अपडेट करवाना होगा- एक बार 5 वर्ष की आयु पार करने के बाद और दूसरा 15 वर्ष पूरा करने के बाद। बॉयोमीट्रिक जैसे फिंगरप्रिंट, आईरिस स्कैन या फोटो से जुड़े अपडेट के लिए, व्यक्तियों को आधार नामांकन केंद्र या आधार सेवा केंद्र पर जाना होगा। ऑफ़लाइन अपडेट के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें… फॉर्म डाउनलोड करें: यूआईडीएआई की वेबसाइट से नामांकन/अपडेट फॉर्म डाउनलोड करें। केंद्र पर जमा करें: फॉर्म भरें, आवश्यक दस्तावेज लगाएं और जमा करें। बायोमेट्रिक डेटा प्रदान करें: बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रॉसेस को पूरा करें। रसीद प्राप्त करें: ट्रैकिंग प्रगति को ट्रैक करने के लिए अपने यूआरएन के साथ एक पर्ची प्राप्त करें। recent visitors 58