Saturday, July 4, 2026 3:52 am

सरकार के विकास कार्यों का मूल्यांकन समाज करेगा: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि विगत एक वर्ष में सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों का मूल्यांकन समाज द्वारा किया जाना बेहतर होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार विकास और जनकल्याण के बड़े लक्ष्य तय कर प्रगति पथ पर आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अपने काम पर संतोष कर लेने से प्रगति रुक जाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित "एजेंडा आजतक" कार्यक्रम में यह बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में निवेश और व्यापार की सुगमता के लिए निरंतर काम किए जा रहे हैं। सरकार प्रदेश के संभागीय मुख्यालयों में रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव और देश के प्रमुख औद्योगिक नगरों में रोड-शो आयोजित कर निवेश आकर्षित कर रही है। उन्होंने बताया कि यूके यात्रा से 60 हजार करोड़ और जर्मनी दौरे से लगभग 20 हजार करोड़ के निवेश प्राप्त हुए हैं। मध्यप्रदेश संसाधन संपन्न राज्य है और व्यापार-अनुकूल एवं श्रम-हितैषी नीतियों के माध्यम से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को बढ़ाया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि प्रदेश में कृषि की विकास दर 25% पहुंच चुकी है। आगामी समय में दुग्ध उत्पादन जैसे संबद्ध क्षेत्रों में विकास की संभावना को देखते हुए सहकारिता के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से एनडीडीबी के साथ समझौता किया गया है। पूर्व प्रधानमंत्री स्व. श्री अटल बिहारी वाजपेयी की नदी जोड़ो परिकल्पना को मध्यप्रदेश पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर यथार्थ में बदल रहा है। केंद्र सरकार की सहायता से केन-बेतवा तथा पार्वती-कालीसिंध-चंबल परियोजनाओं का शीघ्र ही शिलान्यास होने जा रहा है। इससे उद्योग और कृषि की पानी की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सरकार प्रदेशवासियों के जीवन स्तर में सुधार के लिए कृतसंकल्पित है। प्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लाडली बहना योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1250 रुपए की राशि और गैस सिलेंडर क्रय के लिए 450 रुपए की राशि अंतरित की जाती है। राज्य में पीएम आवास योजना के अंतर्गत सर्वाधिक पक्के मकान बनाए गए हैं। स्वच्छता में भी प्रदेश सबसे आगे है। प्रदेश में वंदे मेट्रो के परिचालन पर विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नई शिक्षा नीति को सबसे पहले लागू कर प्रदेश में 12वीं तक की शिक्षा मुफ्त की गई है। अत्याधुनिक अधोसंरचना वाले सीएम राइज स्कूल और पीएमश्री एक्सीलेंस कॉलेज के माध्यम से प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। सुशासन के क्षेत्र में भी व्यवस्थाओं में सुधार किया जा रहा है। पुलिस थानों के क्षेत्राधिकार जनता की सुविधा के अनुसार बदले गए हैं। राज्य में परिसीमन आयोग बनाया गया है और जिलों की सीमाओं का युक्तियुक्तकरण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सिंहस्थ 2028 के लिए विकास कार्य अभी से शुरू कर दिये गए है, जिससे लगभग 15 करोड़ श्रद्धालुओं को सुविधा होगी। राज्य सरकार सांस्कृतिक विरासत और विकास दोनों पहलुओं पर काम कर रही है।   recent visitors 15

उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ आज ग्वालियर में अत्याधुनिक जीएसआई भूविज्ञान संग्रहालय का करेंगे उद्घाटन

भोपाल उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ आज ग्वालियर में जीएसआई भूविज्ञान संग्रहालय का उद्घाटन करेंगे। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्री मंगूभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय संचार और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री श्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया, केंद्रीय कोयला और खान राज्य मंत्री श्री सतीश चंद्र दुबे, विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के महानिदेशक श्री असित साहा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहेंगे। ग्वालियर का यह अत्याधुनिक संग्रहालय भूविज्ञान शिक्षा और जन सहभागिता का केंद्र बनने के लिए तैयार है। जीएसआई भूविज्ञान संग्रहालय भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण द्वारा पृथ्वी विज्ञान से जुड़ी अनूठी घटनाओं और गतिविधियों को दर्शाने की विशिष्ट पहल का प्रतिनिधित्व करते हुए लोगों में वैज्ञानिक सोच और ज्ञान-साझाकरण को बढ़ावा देता है। संग्रहालय में दो गैलरी हैं जिन्हें पृथ्वी, वायुमंडलीय और महासागर विज्ञान के साथ-साथ जीवन के विकास के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। अत्याधुनिक प्रदर्शनियों, संवादात्मक गतिविधियों, दुर्लभ भूवैज्ञानिक नमूनों और मल्टीमीडिया डिस्प्ले के साथ, संग्रहालय शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, छात्रों और आम जनता को आकर्षित करेगा। ग्वालियर नगर निगम और राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद (एनसीएसएम) के समन्वय से विकसित यह संग्रहालय भूविज्ञान के क्षेत्र में जानकारी को बढ़ावा देने और पृथ्वी तथा इसके संसाधनों के बारे में जिज्ञासा उत्पन्न करने के लिए जीएसआई की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।   recent visitors 20

आज देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार का होगा विस्तार

मुंबई महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली महायुती सरकार में नए मंत्रियों का शपथग्रहण आज होने जा रहा है। यह शपथग्रहण समारोह शाम 4 बजे के आसपास होने की संभावना है। राजभवन में मंत्रियों की शपथ लेने के लिए पर्याप्त क्षमता वाला सभागृह नहीं है, इसलिए इस कार्यक्रम को राजभवन के लॉन में आयोजित किया जाएगा। शपथग्रहण के इस कार्यक्रम के लिए जोरदार तैयारियां चल रही हैं। महायुती सरकार में भाजपा के 21, शिवसेना के 12 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के 10 मंत्री शामिल होंगे। तीनों ही पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं ने संभावित मंत्रियों को शपथ ग्रहण के लिए फोन करना शुरू कर दिया है। इसी बीच भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट) और अजित पवार की एनसीपी से मंत्री पद के लिए संभावित नामों की सूची भी सामने आई है। भाजपा के संभावित मंत्रियों की लिस्ट 1) मंगलप्रभात लोढा, मुंबई 6) शिवेंद्रसिंहराजे भोसले, पश्चिम महाराष्ट्र 7) गोपीचंद पडळकर, पश्चिम महाराष्ट्र 8) माधुरी मिसाल, पश्चिम महाराष्ट्र 9) राधाकृष्ण विखे पाटील, पश्चिम महाराष्ट्र 10) चंद्रशेखर बावनकुले, विदर्भ 12) गिरीश महाजन, उत्तर महाराष्ट्र 13) जयकुमार रावल, उत्तर महाराष्ट्र 14) पंकजा मुंडे, मराठवाड़ा शिवसेना से इन्हें बनाया जा सकता है मंत्री 1) उदय सामंत, कोकण 2) शंभुराजे देसाई, पश्चिम महाराष्ट्र 3) गुलाबराव पाटील, उत्तर महाराष्ट्र 4) दादा भुसे, उत्तर महाराष्ट्र 6) संजय शिरसाट, मराठवाड़ा 8) प्रकाश अबिटकर, पश्चिम महाराष्ट्र अजित पवार गुट के संभावित मंत्री 1) छगन भुजबल महायुती सरकार के मंत्रिमंडल में भाजपा से 21, शिवसेना के 12 और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 10 विधायक शामिल होंगे। इनमें से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने पहले ही शपथ ले ली है। ऐसे में आज भाजपा के 20, शिवसेना के 11 और राष्ट्रवादी कांग्रेस के 9 विधायक मंत्री पद की शपथ लेंगे। यह शपथग्रहण समारोह नागपुर के राजभवन में चार बजे के बाद आयोजित होगा। इसके लिए राजभवन के लॉन में विशेष तैयारी की गई है। 1991 में शिवसेना के विभाजन के बाद नागपुर में शपथग्रहण समारोह हुआ था। 33 साल बाद आज फिर नागपुर में मंत्रिमंडल का शपथग्रहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस शपथग्रहण कार्यक्रम को लेकर राज्य भर से नेताओं और कार्यकर्ताओं की नजरें इस पर लगी हुई हैं। recent visitors 45

अगर पेंशन किसी वजह से रुकी हो या उसमें देरी हुई हो तो सरकार देगी एरियर, कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी होगी तय

भोपाल राज्य सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन के भुगतान में देरी और पेंशन रुकने की स्थिति में एक अहम निर्णय लिया है। अब पेंशनरों को पेंशन के साथ-साथ एरियर (बकाया राशि) भी दी जाएगी, अगर पेंशन किसी वजह से रुकी हो या उसमें देरी हुई हो। इस नए नियम के तहत जितने महीने की पेंशन रुकी होगी, उतने महीने का एरियर भी पेंशनर को दिया जाएगा। राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है कि जिन पेंशन योजनाओं के तहत पेंशन का भुगतान असफल रहा है, या पेंशन स्वीकृति में विलंब हुआ है, उन्हें एरियर के साथ भुगतान किया जाएगा। सामाजिक न्याय विभाग ने यह निर्देश जारी किया है कि अब से इस तरह के भुगतान को ऑनलाइन पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा, जिससे हितग्राही की पात्रता की पुष्टि की जा सके। पेंशनर की पेंशन रोकने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।   जिम्मेदार अधिकारियों पर होगी कार्रवाई इस नए प्रविधान के तहत अगर किसी अधिकारी की वजह से पेंशन रुकी है या विलंब हुआ है, तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही अगर पेंशन स्वीकृति में अनावश्यक देरी हुई, तो संबंधित अधिकारियों पर भी कार्रवाई की जाएगी। यह निर्णय पेंशन योजनाओं के सुचारू और समय पर भुगतान को सुनिश्चित करेगा। अधिकारियों के स्तर पर एरियर की स्वीकृति नगर निगम, नगरीय निकाय और पंचायत क्षेत्रों में पेंशन के एरियर की स्वीकृति संबंधित अधिकारियों द्वारा दी जाएगी। इसके लिए सामाजिक न्याय विभाग के क्षेत्रीय अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है, जो एरियर स्वीकृति की प्रक्रिया को पूरा करेंगे। कौन-कौन सी योजनाएं प्रभावित होंगी इस नए प्रविधान का असर 12 प्रमुख सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं पर पड़ेगा। जिनमें शामिल हैं…     इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना     इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना     इंदिरा गांधी राष्ट्रीय नि:शक्त पेंशन योजना     कन्या अभिभावक पेंशन योजना     मंदबुद्धि और बहुविकलांग को आर्थिक सहायता     सामाजिक सुरक्षा वृद्धावस्था पेंशन योजना     सामाजिक सुरक्षा परित्यक्ता पेंशन योजना     सामाजिक सुरक्षा नि:शक्त पेंशन योजना     दिव्यांग शिक्षा प्रोत्साहन सहायता राशि     वृद्धावस्था में निवासरत अंत:वासियों की पेंशन     मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा कल्याणी पेंशन योजना     मुख्यमंत्री अविवाहिता पेंशन योजना   recent visitors 17

एमपी में शीतलहर, जिलों में ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी

भोपाल मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। आलम यह कि शहडोल जिले के कल्याणपुर न्यूनतम तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। सूबे में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 28.5 डिग्री सेल्सियस खंडवा में रिकॉर्ड किया गया। मध्य प्रदेश के कई जिलों में शीत लहर चल रही है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान विभिन्न जिलों में शीत लहर चलने का ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। कुछ जगहों पर पाला पड़ने की भी चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के दौरान मध्य प्रदेश के विदिशा, रायसेन, सिहोर, शाजापुर, भोपाल, शहडोल, जबलपुर जिलों में कहीं कहीं तीव्र शीतलहर चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। कुछ जगहों पर पाला पड़ने की आशंकाएं भी जताई गई हैं। वहीं नर्मदापुरम, बड़वानी, रतलाम, देवास, मंदसौर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, सिंगरौली, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, उमरिया, कटनी, सिवनी, मंडला, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान कहीं कहीं शीत लहर चलने का यलो अलर्ट जारी किया गया है। नीमच, राजगढ़, बैतूल, धार, इंदौर, उज्जैन, सीधी और नरसिंहपुर जिलों में कहीं-कहीं शीतल दिन देखा जा सकता है। कुछ जगहों पर शीत लहर भी चल सकती है। मौसम विभाग का कहना है कि 15 दिसंबर को मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में शीत दिवस की स्थिति देखी जाएगी। इसको लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। देश के बाकी हिस्सों की बात करें तो 15 दिसंबर को पंजाब के कुछ हिस्सों में शीत लहर की स्थिति रहने की संभावना है। 14-16 दिसंबर के दौरान जम्मू-कश्मीर, 15 दिसंबर को पंजाब और हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल के गंगा के मैदानी इलाके, ओडिशा जबकि 17 से 20 दिसंबर के दौरान पश्चिमी राजस्थान, 15 से 20 दिसंबर के दौरान पूर्वी राजस्थान और 16 दिसंबर को मध्य प्रदेश में कुछ इलाकों में शीत लहर की स्थिति रहने की संभावना है। recent visitors 44

MP के रातापानी टाइगर रिजर्व में बाघिन की मौत, जांच जारी

रायसेन मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में 'रातापानी टाइगर रिजर्व' के बफर जोन में एक्सीडेंट से बाघिन की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि टाइगर रिजर्व के नेशनल हाईवे 45 पर बिनेका के पास हादसा हुआ है. अज्ञात वाहन की टक्कर से  एक साल की युवा बाघिन की जान चली गई. वन मंडल ओबेदुल्लागंज के डॉ. प्रशांत ओढ़ और वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन ट्रस्ट के डॉ प्रशांत ने मृत बाघिन का पोस्टमार्टम किया. इसमें जानकारी दी गई कि सड़क हादसे में लगी चोट के कारण बाघिन की मौत हुई. वनरक्षक भोपाल और एनटीसीए के प्रतिनिधियों के सामने मृत बाघिन का अंतिम संस्कार किया गया. बाघिन की मौत की जांच शुरू वन विभाग ने बाघिन की मौत को लेकर फॉरेस्ट क्राइम केस रजिस्टर्ड कर मामले की जांच शुरू की. मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने शुक्रवार (13 दिसंबर) को ही रातापानी टाइगर रिजर्व का उद्घाटन किया था. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस अभयारण्य को अनुमति देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार जताया था. इस दौरान उन्होंने कहा था इससे राज्य में वन और वन्यजीवों को और बढ़ावा मिलेगा. मुख्यमंत्री ने राज्य के आठवें टाइगर रिजर्व का उद्घाटन करने के बाद कहा था, 'देश के सभी राज्यों की राजधानियों में से भोपाल एकमात्र ऐसी राजधानी है जिसके पिछले हिस्से में रातापानी बाघ अभयारण्य है. उन्होंने ये भी कहा, ''टाइगर रिजर्व का नाम प्रसिद्ध पुरातत्वविद् विष्णु वाकणकर के नाम पर रखा जाएगा, जिन्हें विश्व धरोहर स्थल भीमबेटका रॉक गुफाओं की खोज का श्रेय दिया जाता है.'' भीमबेटका रातापानी अभयारण्य वन क्षेत्र में स्थित है. मुख्यमंत्री ने बॉलीवुड अभिनेता रणदीप हुड्डा की मौजूदगी में झिरी गेट से रातापानी टाइगर रिजर्व का उद्घाटन किया. एमपी के सीएम यादव ने आगे कहा कि राज्य का अगला टाइगर रिजर्व जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा. एक अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने राज्य में नौ बाघ अभयारण्यों को मंजूरी दी है, लेकिन राज्य सरकार ने अभी तक माधव बाघ अभयारण्य को अधिसूचित नहीं किया है. recent visitors 57

मंत्री सारंग ने किया 41वीं इलीट पुरुष एवं 7वीं महिला एम.पी. राज्य स्तरीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2024 का शुभारंभ

भोपाल खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने तात्या टोपे स्टेडियम, भोपाल में स्थित मार्शल आर्ट कॉम्प्लेक्स में "41वीं इलीट पुरुष एवं 7वीं महिला एम.पी. राज्य स्तरीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2024" का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए खेल भावना को बनाए रखने का आह्वान किया। मंत्री सारंग ने कहा कि राज्य सरकार खेलों के उन्नयन और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिये निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खेल युवाओं के शारीरिक और मानसिक विकास का सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजन न केवल प्रतिभाओं को उभारने का कार्य करते हैं, बल्कि उनमें अनुशासन और आत्मविश्वास भी पैदा करते हैं। उत्कृष्ट खिलाड़ियों का प्रादेशिक टीम में होगा चयन इस चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से सैकड़ों पुरुष एवं महिला बॉक्सर्स ने भाग लिया है। प्रतियोगिता में प्रतिभागी अपनी उत्कृष्ट खेल प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। यह चैंपियनशिप विभिन्न भार वर्गों में आयोजित की जा रही है, जिसमें खिलाड़ी अपनी कौशल और तकनीकी दक्षता के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 16 दिसंबर तक आयोजित इस प्रतियोगिता से मेन इलीट बॉक्सिंग चौम्पियनशिप बरेली,यूपी एवं इलीट वूमेन बॉक्सिंग चौम्पियनशिप,भोपाल के लिए खिलाड़ियों का चयन किया जायेगा। खेल अधोसंरचनाओं के विकास पर विशेष जोर मंत्री सारंग ने बताया कि प्रदेश में खेल अधोसंरचनाओं के विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि बॉक्सिंग जैसे खेलों में मध्यप्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहे हैं। उद्घाटन समारोह में विशेष उपस्थिति इस अवसर पर खेल संचालक रवि गुप्ता, संयुक्त संचालक बीएल यादव, मध्यप्रदेश बॉक्सिंग संघ के तकनीकी डायरेक्टर वीरेंद्र सिंह ठाकुर, वरिष्ठ खेल अधिकारी, कोच, और खेल प्रेमी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान मंत्री सारंग ने युवा खिलाड़ियों से आत्मीय संवाद कर उनका उत्साहवर्धन भी किया। recent visitors 178