Tuesday, July 7, 2026 11:17 am

सुपर फूड जैसा है अंकुरित भोजन

शरीर में प्रोटीन की कमी होने पर थकान महसूस होती हैं। ऐसे में लोग सप्लीमेंट के तौर पर प्रोटीन लेना शुरू करते हैं। नतीजा हमारे स्वास्थ्य पर उनका बुरा प्रभाव पड़ता है। जबकि प्रोटीन का भी विकल्प मौजूद है। दरअसल, स्प्राउट्स ऐसी चीज है, जिसके खाने से कभी परेशानी नहीं होती। यह प्रचुर मात्रा में पोषक तत्व व प्रोटीन से भरा है। नट्स, अनाज और फलियों को जब पानी में डाला जाता है तो इनमें मौजूद फाइटेट्स खत्म हो जाते हैं। जिससे इसे पचाने में बेहद आसानी होती है। किसी भी अनाज को जब अंकुरित किया जाता है, तो उसमें मिनरल्स, प्रोटीन, विटामिन और अन्य पोषक तत्व अच्छी तरह अवशोषित हो जाते हैं। जहां तक एंटी-आक्सीडेंट की बात है तो स्पाउट्स में प्रचुर मात्रा में एंटी-आक्सीडेंट पाए जाते हैं। एंटी-आक्सीडेंट शरीर की प्रक्रिया के सही ढंग से चलाने में सहायक होते हैं। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए हम मंहगी से महंगी दवाइयां खरीद लेते हैं पर अपना देसी और सस्ता इलाज भूल जाते हैं। जबकि स्प्राउट्स सबसे बढ़िया व सस्ता विकल्प हैं अपने आप को स्वस्थ रखने का चना, मूंग, राजमा और मटर को रात भर पानी में डाल कर रखें और अगले दिन इसे सब्जी के साथ पका कर या फिर अंकुरित कर खा सकते हैं। स्प्राउट्स बनाने की विधि कच्चे अनाज को सुपर फूड बना देती है। उनमें प्रोटीन, फाइबर और विटामिन की मात्रा काफी बढ़ जाती है। लंबे समय तक स्वस्थ रहने का सबसे अचछा तरीका है स्प्राउट्स। यह हमें कई तरह की बीमारियों और लाइफस्टाइल संबंधी परेशानी से बचाती है। स्प्राउट्स को पोषक तत्वों का बंडल भी कहा जाता है। अनाज जैसे गेहूं, मक्का रागी, बार्ली और बाजरे को 12 घंटे पानी में भिगोकर मिट्टी में डाल दिया जाता हैं। इनके नन्हें पौधे 10-12 दिनों में तैयार हो जाते हैं। इनका जूस सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। तिल, मूली और मेथी के बीज खाने में तो कड़वे होते हैं, पर इन्हें स्प्राउट्स के साथ मिलाकर खाया जा सकता हैं। हरे और काले चने, के स्प्राउट्स के साथ-साथ ओट्स, बकवीट में उच्च मात्रा में पोषक तत्व पाए जाते हैं। अलफा अलफा को स्प्राउट्स का राजा कहा जाता है। इसमें मैंग्नीज की उच्च मात्रा पाई जाती हैं और साथ में विटामिन ए, बी, सी, ई और के की प्रचुर मात्रा भी होते हैं। इसमें एमिनो एसिड और दूध से काफी ज्यादा कैल्शियम पाया जाता है। स्प्राउट्स में प्रोटीन, कैल्शियम, पोटाशियम, सोडियम, आयरन, फास्फोरस, विटामिन ए, थाइमिन या विटामिन बी-1, बी-2, बी-3, विटामिन सी मौजूद होते हैं, जो हमारे शरीर की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करते हैं। यह क्लोरोफिल का अच्छा स्रोत है और इसमें एंटीबैक्टेरियल व एंटीइनफ्लैमेटरी गुण मौजूद होते हैं। अगर आप अपना वजन कम करना चाहते हैं तो स्प्राउट्स से बेहतर कुछ नहीं। इसे खाने से पेट भरा-भरा सा रहता है और काफी दूर तक भूख नहीं लगती। स्प्राउट्स खाना सबसे सुरक्षित है। इसमें सही मात्रा में मौजूद पोषक तत्व आप को स्वस्थ रखते हैं।   recent visitors 63

मध्यप्रदेश में सामंती, पूंजीपतियों का नहीं अब गरीबों का दौर आयेगा, कमलनाथ लगभग भाजपा में चले ही गए थे- असलम शेर खान

बैतूल पूर्व केंद्रीय मंत्री और बैतूल में कांग्रेस के सांसद रहे असलम शेर खान ने प्रदेश में कांग्रेस की दुर्दशा के लिए कमलनाथ, दिग्विजय सिंह और सुरेश पचौरी जैसे नेताओं को जिम्मेदार ठहराया है। बैतूल में एक निजी कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे पूर्व मंत्री ने चर्चा में कहा कि मध्यप्रदेश में सामंती और पूंजीपतियों वाला दौर खत्म हो गया है। 2023 और 2024 में साफ हो गया कि मध्यप्रदेश में सामंती, पूंजीपतियों का नहीं अब गरीबों का दौर आयेगा। कमलनाथ लगभग भाजपा में चले ही गए थे- असलम शेर खान पूर्व केंद्रीय असलम शेर खान ने कहा कि मध्यप्रदेश में दो-तीन लोग तो कांग्रेस चला ही रहे थे। दो तो जाते-जाते रुक गए, एक भाजपा में चले गए, एक बुरी तरह हार गए, अब उनका रोल थोड़ी चलेगा। राहुल गांधी ने मध्यप्रदेश इन्हीं लोगों पर छोड़ा हुआ था। इन्हीं को टिकट बांटना और संगठन चलाना था। कमलनाथ लगभग भाजपा में चले ही गए थे। उन्होंने कांग्रेस की पूरी विचारधारा को ही बदलकर उसको भगवा रंग दे दिया। यहां तक कह दिया कि हम भी हिन्दू राष्ट्र के समर्थक हैं। असलम शेर खान ने कमलनाथ की इस रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि आप इस प्लेटफार्म पर भाजपा का मुकाबला कर सकेंगे क्या। उनका स्ट्रांग विकेट है वो। ये हिंदुओं का देश है मेजोरिटी का देश है। आप उनके पीछे-पीछे चले गए। उन्होंने गठरी बांध कर फेंक दिया। ये देश नेहरू, गांधी का था असलम शेर खान ने कहा कि ये देश नेहरू का था गांधी का था। ये सेकुलर देश था। राहुल गांधी इसी लाइन पर काम कर रहे हैं, सही दिशा में काम कर रहे है, लेकिन उसे राज्यों में संभालने वाला कोई नहीं। मक्कार नीचे रहेंगे तो उसके सब मंसूबे फैल हो जाएंगे। मौजूदा संगठन पर असलम शेर खान ने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि वे खुद को स्थापित करें। अपनी प्रतिभा बताएं, कर पाएंगे। बगैर किसी कोशिश के कांग्रेस को 40 प्रतिशत लोग वोट दे रहे हैं पूर्व केंद्रीय मंत्री असलम शेर खान ने कहा कि आज मैं देखता हूं हमारी टीम कहां कमजोर पड़ रही। कहां से हम हार रहे हैं। विधानसभा चुनाव में सिर्फ दो परसेंट वोट डिफरेंस था, जबकि उन्होंने मध्यप्रदेश को थाली में परोस कर दे दिया। असलम शेर खान ने कहा कि आज भी कांग्रेस को 40 परसेंट लोग वोट कर रहे बगैर किसी कोशिश के कोई संगठन नहीं, सही टिकट नहीं। 40 परसेंट लोग वोट दे रहे। उसी को तरतीब देने की जरूरत है। उन्होंने दावा किया कि साल 2028 में यह सरकार नहीं रहेगी। यह भी बोले पूर्व मंत्री हमें सीधे मतदाता के पास जाना चाहिए। अगर आप इस मुल्क को समझने की कोशिश करे तो मोदी, अमित शाह ने 2024 का इलेक्शन पूरा इस बुनियाद पर लड़ा था कि यहां हिन्दू राष्ट्र बनाना है। उनकी पूरी कोशिश थी कि इस इलेक्शन को पोलराइज करना है, जिस तरह के वो भाषण दे रहे थे कि आपने कांग्रेस को मौका दिया तो ये बहनों के मंगलसूत्र छीन लेंगे, गाय खोलकर ले जाएंगे। हर तरह का जोर लगा दिया कि यह देश हिंदू राष्ट्र की शक्ल में उनको पावर दे दे, ताकि वो संविधान बदलकर इसका नाम भी बदलते, ये उनका लक्ष्य था। लेकिन धन्य है इस देश की जनता उन्होंने इसको नकार दिया। उनको 350 के बहुमत से उतार कर 240 पर ला दिया। असलम शेर खान ने कहा कि ये देश की जनता को बड़ा संदेश है। हमारे जैसे कार्यकर्ताओं को कि ये देश क्या चाहता है। कांग्रेस खुद भूल गई कि उसकी विचारधारा क्या थी। कांग्रेस खुदगर्जो की पार्टी बन गई। recent visitors 54

नए गैजेट्स से रिमोट एक्सेस हुई आसान

नई दिल्ली अपने कंप्यूटर को दूर से एक्सेस करने की जरूरत कई बार महसूस होती है- जब आप बहुत ज़रूरी काम से किसी दूसरे शहर में गए हों, कोई इंटरव्यू या इम्तिहान देने के लिए घर से कुछ किलोमीटर दूर चल कर गए हों या फिर कहीं कोई महत्वपू्र्ण प्रेजेन्टेशन दे रहे हों। ऐसी परिस्थितियां दर्जनों बार आ सकती हैं, जब आप सोचते हैं कि काश इस समय मेरा कंप्यूटर मेरे पास होता। अब लैपटॉप तो आपके साथ कहीं भी यात्रा कर सकता है, लेकिन डेस्कटॉप के मामले में ऐसा नहीं है। अगर आप कोई जरूरी फाइल साथ ले जाना भूल गए हैं तो फिर घर या दफ्तर में रखे डेस्कटॉप कंप्यूटर के पास लौटने के सिवा कोई चारा नहीं है। बहरहाल, जो कंप्यूटर रिमोट एक्सेस युक्त नेटवर्क अटैच्ड स्टोरेज (नैस) के साथ जुड़े हुए हैं, उनके साथ ऐसी कोई सीमा या मजबूरी नहीं है। डेन-इलेक माइडिट्टो नाम की नैस डिवाइस इसी श्रेणी में आती है। यूं तो नेटवर्क अटैच्ड स्टोरेज डिवाइसेज का काम है दफ्तर भर के लोगों को अपनी फाइलें स्टोर करने के लिए बाहरी (एक्सटर्नल) स्टोरेज की सुविधा उपलब्ध कराना, लेकिन डेन-इलेक माइडिट्टो की बात कुछ और है। इसमें रिमोट एक्सेस की शानदार सुविधा शामिल है जो इंटरनेट के जरिए इसे दुनिया के किसी भी कोने से एक्सेस करने की सुविधा देती है। इसका अर्थ यह हुआ कि अगर आप अपनी सारी कंप्यूटर फाइलें इस डिवाइस पर स्टोर करते हैं तो फिर कहीं से भी इन फाइलों का इस्तेमाल करने के लिए स्वतंत्र हैं। है ना कमाल की चीज! आपके घर या दफ्तर में पड़ी एक डिवाइस, जिसमें 1000 जीबी या उससे अधिक डेटा स्टोर किया जा सकता है, किसी अदृश्य सुविधा की तरह दुनिया भर में मौजूद रहती है। जरूरत है तो एक इंटरनेट कनेक्शन और थोड़ी सी सेटिंग्स की। माइ़डिट्टो नैस डिवाइस को एक्सेस करने के लिए एक फ्लैश ड्राइव साथ आती है, जिसमें एक डेन इलेक का एक खास सॉफ्टवेयर मौजूद रहता है। इस ड्राइव को किसी भी लैपटॉप या डेस्कटॉप कंप्यूटर में डालिए और सॉफ्टवेयर लांच कीजिए। कुछ ही सैकंड में आप अपनी नैस डिवाइस से कनेक्ट हो जाएंगे और उसके बाद वैसे ही काम कर सकेंगे जैसे आप अपने घर या दफ्तर में ही हैं। शर्त यह है कि दोनों तरफ के सिस्टम इंटरनेट से कनेक्टेड होने चाहिए। विंडोज के साथ-साथ एपल मैकिन्टोश या लिनक्स कंप्यूटर पर भी अपनी नैस डिवाइस को एक्सेस करना संभव है। इसका सॉफ्टवेयर तीनों रूपों में उपलब्ध है। इतना ही नहीं, एक एप्लीकेशन की मदद से इसे आइफोन या आइपैड पर भी एक्सेस किया जा सकता है।   recent visitors 67

डॉ. जाकिर हुसैन का अवसान संगीत जगत की अपूरणीय क्षति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

डॉ. जाकिर हुसैन का अवसान संगीत जगत की अपूरणीय क्षति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने किया शोक व्यक्त भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विश्व विख्यात तबला वादक पद्म विभूषण से सम्मानित उस्ताद डॉ. जाकिर हुसैन के अवसान पर गहन दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्री हुसैन का अवसान संगीत जगत के लिए एक बड़ी और अपूरणीय क्षति है। उन्होंने संपूर्ण जीवन संगीत साधना को समर्पित कर गुरु-शिष्य परंपरा को प्रवाहमान बनाए रखा। उन्होंने तबला वादन के माध्यम से विश्व पटल पर भारत को गौरवान्वित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिवंगत डॉ. जाकिर हुसैन की आत्मा की शांति की प्रार्थना करते हुए उनके शोकाकुल परिजन और करोड़ों प्रशंसकों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त की है।   recent visitors 33

छात्रा संग यौन शोषण का मामले में एसआईटी जल्द ही मोहसिन के परिवार वालों के भी बयान करेगी दर्ज

कानपुर कानपुर के एसीपी मोहसिन खान पर लगे यौन शोषण के आरोपों की जांच में जुटी एसआईटी की टीम ने रविवार को भी आईआईटी कैंपस पहुंचकर पीड़िता समेत करीब 12 लोगों के बयान दर्ज किए। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी जल्द ही एसीपी के परिवार वालों के भी बयान दर्ज कर उसकी पत्नी से पीड़िता का आमना-सामना कराएगी। मामले की जांच में जुटी एडीसीपी ट्रैफिक अर्चना सिंह व एसीपी कल्याणपुर अभिषेक पांडेय रविवार को आईआईटी कैंपस पहुंचे। एडीसीपी ने पीड़िता के बयान दर्ज करने के साथ ही सिक्योरिटी गार्ड, साथ पढ़ने वाले छात्र छात्राओं से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए। एसीपी कल्याणपुर अभिषेक पांडेय का कहना है कि शनिवार और रविवार होने के चलते इस मामले से जुड़े कई लोगों के बयान नहीं दर्ज हुए हैं। लिहाजा सोमवार को टीम फिर से कैंपस जाएगी और बयान दर्ज किए जाएंगे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मोहसिन की पत्नी और पीड़िता की आमने-सामने बात हुई थी। लिहाजा मोहसिन के परिवार वालों के भी बयान दर्ज किए जाएंगे। एसआईटी ने एंट्री रजिस्टर, पीड़िता का मोबाइल, छह महीने की कॉल डिटेल और फुटेज कब्जे में लिए हैं। पीड़िता आज मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराएगी बयान पीएचडी छात्रा सोमवार को मजिस्ट्रेट के सामने अपना बयान दर्ज कराएगी। जानकारों का कहना है कि अगर छात्रा अपने बयान पर डटी रही तो ट्रायल होगा। इसमें आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। साथ ही जुर्माना और नौकरी भी जा सकती है।  फॉरेंसिक टीम भी एकत्रित कर रही है साक्ष्य आईआईटी परिसर से फॉरेंसिक टीम भी लगाता साक्ष्य एकत्रित कर रही है। दरअसल मामला हाईप्रोफाइल होने की वजह से एसआईटी और फाॅरेंसिक टीम हर कदम फूंक-फूंककर रख रही है। शासन से विधि विज्ञान विभाग को भी साफ निर्देश जारी किए गए हैं कि जो सैंपल लिए गए हैं, उसकी रिपोर्ट जल्द भेजी जाए, जिससे आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जा सके।  छात्रा ने अंग्रेजी में लिखी थी तहरीर, आईआईटी के ट्रांसलेटर ने किया था हिंदी डीसीपी पश्चिम राजेश कुमार सिंह ने बताया कि एसआईटी की टीम दूसरे दिन भी पीड़ित छात्रा के साथ, प्रोफसर, सिक्योरिटी गार्ड व अन्य छात्रों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए हैं। एसआईटी की पूछताछ में पता चला कि पीड़ित छात्रा ने पुलिस को अंग्रेजी में तहरीर दी थी। इसके बाद आईआईटी के एक ट्रांसलेटर से उसे हिंदी में लिखाया गया। टीम ने उस ट्रांसलेटर से भी पूछताछ कर उसके बयान दर्ज किए हैं। वहीं, टीम अबतक 20 से अधिक लोगों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज कर चुकी है। इनमें छात्रा के हास्टल के बाहर, मेस, क्लास रूम समेत कई जगहाें के सीसीटीवी फुटेज, हॉस्टल में आने जाने की प्रवेश रजिस्टर व छात्रा के मोबाइल को भी अपने कब्जे में ले लिया है। विवेचना में साक्ष्य के तौर पर शामिल किया गया है। … तो हो सकती है मोहसिन की गिरफ्तारी एसीपी पर यौन शोषण का आरोप लगाने वाली आईआईटी की छात्रा के शनिवार को मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज नहीं हो सके। सूत्रों के अनुसार शनिवार को लोकपाल की सुनवाई थी। इसके चलते शनिवार को पीड़िता पीएचडी छात्रा का मजिस्ट्रेटी बयान दर्ज नहीं हो सका। पुलिस सूत्रों के अनुसार एफआईआर और 161 के बयान के जैसे ही यदि छात्रा ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दिया तो एसीपी मोहसिन खान की गिरफ्तारी हो सकती है।   recent visitors 49

जल जीवन मिशन में अनियमितता पर पीएचई मंत्री बोले – प्रदेश में 994 टंकियां बनाने के बाद अब की जा रही जल स्त्रोत की व्यवस्था

रायपुर छत्तीसगढ़ विधानसभा के शीतकालीन सत्र के पहले दिन ध्यानाकर्षण पर चर्चा के दौरान जल जीवन मिशन में अनियमितता का मुद्दा उठा. पीएचई मंत्री अरुण साव ने बताया कि पहले जल स्त्रोत की व्यवस्था करने के बाद ढांचा बनाए जाने के नियम है. लेकिन प्रदेश में 994 टंकियां बनाने के बाद अब जल स्त्रोत की व्यवस्था की जा रही है. भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने ध्यानाकर्षण पर चर्चा के दौरान जल जीवन मिशन में अनियमितता का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि धमतरी जिले के कई गांवों में गड़बड़ी की गई. ग्रामीणों को नल कनेक्शन नहीं मिला. इस पर पीएचई मंत्री अरुण साव ने कहा कि कोविड के कारण योजना के क्रियान्वयन में विलंब हुआ. योजना के तहत अब तक 39 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन दिया गया है. इस पर अजय चंद्राकर ने पलटवार करते हुए कहा कि भारत सरकार की वेबसाइट और आपके द्वारा दिए आंकड़े में अंतर है. पहले जल स्त्रोत की व्यवस्था करनी चाहिए थी, या टंकी ढांचा का निर्माण करना था. इसके साथ ही उन्होंने इस संदर्भ में भारत सरकार की गाइडलाइन जानकारी मांगी. मंत्री अरुण साव ने कहा कि पहले जल स्त्रोत की व्यवस्था करने के बाद ढांचा बनाए जाने के नियम है. अजय चंद्राकर ने कहा कि कितने गांव में टंकी ढांचा, बिना जल स्त्रोत के तैयार हुए हैं. मंत्री ने कहा कि 994 टंकियां तैयार हैं, इनमें जल स्त्रोत की व्यवस्था की जा रही है. भाजपा विधायक भावना बोहरा और कांग्रेस विधायक अंबिका मरकाम ने भी ध्यानाकर्षण में जल जीवन मिशन में गड़बड़ियों का मुद्दा उठाया. recent visitors 47

रामपुर में डबल मर्डर: सिविल लाइंस क्षेत्र में मिस्त्री और चौकीदार की डंडों से पीट-पीटकर हत्या, जांच में जुटी पुलिस

रामपुर रामपुर के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में हाईवे पर स्थित पंक्चर दुकान के मिस्त्री और पास ही कार वर्कशॉप के चौकीदार की डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। इस दुस्साहसिक वारदात से इलाके में दहशत फैली हुई है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) समेत भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा और मामले की जांच शुरू की। पंक्चर मिस्त्री फरजद अली (50) अहमदनगर जागीर गांव का निवासी था। वह रात में अपनी दुकान पर सो रहे थे। वहीं, कुछ दूरी पर स्थित कार वर्कशॉप के बाहर चौकीदार ताहिर (45) ड्यूटी पर तैनात था। माना जा रहा है कि हमलावरों ने पहले फरजद पर हमला किया। जब ताहिर उसे बचाने पहुंचा तो उसे भी बेरहमी से मार डाला। सुबह बेटे ने देखा पिता का शव सुबह फरजद अली का बेटा दुकान खोलने पहुंचा तो वहां पिता का लहूलुहान शव देखकर उसके होश उड़ गए। उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस को दोनों के शव करीब 200 मीटर की दूरी पर मिले। इलाके में दहशत का माहौल डबल मर्डर से आसपास के लोगों में भय का माहौल है। पुलिस ने घटनास्थल की जांच कर साक्ष्य जुटाए हैं। प्राथमिक जांच में पता चला है कि दोनों की हत्या डंडों से पीटकर की गई। पुलिस ने शुरू की जांच एसपी ने बताया कि घटना की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है। हत्या के पीछे रंजिश या लूट की आशंका जताई जा रही है। इस नृशंस घटना ने स्थानीय लोगों को झकझोर दिया है। पुलिस ने कहा है कि जल्द ही अपराधियों को पकड़ लिया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।   recent visitors 56