Tuesday, July 7, 2026 10:03 am

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजनाः कोरिया जिले में बढ़ी रुचि, 300 घरों का लक्ष्य

सौर ऊर्जा ग्रीन एनर्जी है और  पर्यावरण के अनुकूल कोरिया प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना कोरिया जिले में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। इस योजना का उद्देश्य घरों की छतों पर सोलर पैनल लगाकर बिजली बिल से मुक्ति दिलाना और ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना है। 39 हितग्राहियों ने कराया पंजीयन जिले में 300 घरों में सोलर रूफटॉप प्लांट लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब-तक 39 लाभार्थियों ने इस योजना के लिए पंजीयन करवा लिया है। वहीं, मोबाइल ऐप के माध्यम से 2,000 से अधिक लोगों ने रुचि दर्ज कराई है। हितग्राहियों को राहत बैकुंठपुर-तलवापारा निवासी श्री विष्णु पटेल और स्कूलपारा निवासी श्री मिथिलेश कुमार ने क्रमशः 3 किलोवाट और 2 किलोवाट के सोलर पैनल लगवाने का निर्णय  लिया है। उन्होंने बताया कि इस योजना की जानकारी समाचार पत्रों से मिली और उन्होंने तुरंत विद्युत विभाग से संपर्क किया। दोनों लाभार्थियों ने कहा कि इससे न केवल बिजली बिल में राहत मिलेगी, बल्कि वे ऊर्जा आत्मनिर्भर भी बनेंगे। सब्सिडी का लाभ योजना के तहत, सोलर पैनल की कुल लागत का एक हिस्सा सरकार द्वारा सब्सिडी के रूप में दिया जा रहा है। दो किलोवाट तक की सौर इकाई पर 60 प्रतिशत सब्सिडी। दो से तीन किलोवाट तक की क्षमता पर 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। अधिकतम 78,000 रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। पंजीयन प्रक्रिया योजना का लाभ लेने के लिए नागरिकों को ऑनलाइन पंजीयन करना होगा। पंजीयन के बाद पात्र हितग्राहियों को बैंक खाते की जानकारी और कैंसिल चेक जमा करना होगा। सब्सिडी की प्रक्रिया पूर्ण होने में लगभग 30 दिन का समय लगेगा। कलेक्टर ने की अपील कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने जिलेवासियों से योजना का लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा, ‘सौर ऊर्जा ग्रीन एनर्जी है और यह पर्यावरण के अनुकूल है। छत पर सोलर पैनल लगाने से बिजली मुफ्त में उपलब्ध होगी और बची हुई बिजली पावर कंपनी को देकर अतिरिक्त लाभ भी मिलेगा।‘ कलेक्टर ने आम बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के पोर्टल या मोबाइल ऐप पर पंजीयन कराकर अपने घर को सौर ऊर्जा से रोशन करें और ऊर्जा आत्मनिर्भर बनें। recent visitors 21

व्यापम मामले में विशेष न्यायालय ने चार आरोपियों को सात-सात साल की सजा और 10-10 हजार का जुर्माना लगाया

भोपाल मध्य प्रदेश के व्यापम मामले में चार आरोपियों को सजा सुनाई गई है। भोपाल की विशेष न्यायालय ने चार आरोपियों को सात-सात साल की सजा और 10-10 हजार का जुर्माना लगाया है। आरोपियों ने अपने स्थान पर दूसरे छात्रों को बिठाकर परीक्षा पास की थी। सीबीआई व्यापम प्रकरण के विशेष न्यायाधीश नीतिराज सिंह सिसोदिया ने एसटीएफ भोपाल के अपराध क्रमांक 12/2015 जो कि 15.04.2014 एसटीएफ भोपाल द्वारा कायम किया गया था। जिसमें माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार सीबीआई ने अग्रिम विवेचना कर पूरक अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया था। इस पूरे मामले में कुल 4 आरोपीयों को प्रत्येक को सात-सात साल के कठोर कारावास और दस-दस हजार रुपये के अर्थ दंड से भी दंडित किया है। सी.बी.आई. के लोक अभियोजक सुशील कुमार पांडेय ने बताया कि व्यापम ने वर्ष 2012 में मध्य प्रदेश वन रक्षक भर्ती परीक्षा-2012 आयोजित की थी। जिसमें 4 अभ्यथियों रामचित्र कौशल, भूप सिंह, शेर सिंह जाटव और राजेश सोलंकी ने अपने स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति (प्रतिरूपक) को लिखित परीक्षा में बैठाकर पास करने के लिए दलालों के व मध्यस्तों से मिलीभगत कर परीक्षा पास की थी। इन चारों आभ्यर्थी के स्थान पर अज्ञात प्रतिरूपको ने परीक्षा दी थी। परिणाम स्वरूप ये चारों अभ्यार्थी मध्य प्रदेश वन रक्षक भर्ती परीक्षा-2012 में पास हो गए थे। आज मंगलवार को न्यायालय ने कई गवाहों, दस्तावेजों और आर्टिकल्स आधार पर चारों अभ्यथियों रामचित्र कौशल, भूप सिंह, शेर सिंह जाटव और राजेश सोलंकी को सजा सुनाई है। सभी को न्यायालय ने सात-सात वर्ष कठोर कारावास के साथ ही दस-दस हजार रुपए अर्ध दण्ड से भी दण्डित किया है। recent visitors 25

विधान सभा के रजत जयंती वर्ष में ‘‘स्मृतियां’’ छायाचित्रों की प्रदर्शनी का शुभारंभ

  विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष ने किया शुभारंभ रायपुर छत्तीसगढ़ विधान सभा के ‘‘रजत जयंती वर्ष’’ के उपलक्ष्य में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने आज विधान सभा परिसर में ‘‘स्मृतियां’’ छायाचित्रों की प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। प्रदर्शनी के शुभारंभ के पश्चात विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित मंत्रियों एवं विधायकों ने छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उसकी सराहना की। इस अवसर पर विधानसभा सचिव श्री दिनेश शर्मा भी उपस्थित थे । छायाचित्र प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ विधानसभा की स्थापना से लेकर वर्तमान तक के 25 वर्षों के ऐतिहासिक सफर के महत्वपूर्ण अवसर के छायाचित्रों को प्रदर्शित किया गया है। छायाचित्रों की इस प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ विधान सभा के आरंभ से लेकर वर्तमान तक विशिष्ट अतिथियों के छत्तीसगढ़ विधानसभा में विभिन्न कार्यक्रमों में आगमन एवं अन्य महत्वपूर्ण अवसरों के छायाचित्रों को प्रदर्शित किया गया है। यह प्रदर्शनी रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में पूरे वर्ष भर विधान सभा परिसर में लगी रहेगी। प्रदर्शनी स्थल पर नवा रायपुर में निर्माणाधीन नवीन विधान सभा भवन के ‘‘मॉडल’’ को भी प्रदर्शित किया गया है। recent visitors 22

राजस्थान: कंटेनर एवं ट्रेलर में भिड़ंत के बाद आग लगने से दोनों वाहनों के चालक जिंदा जले

जयपुर राजस्थान में नागौर जिले के सदर थाना क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार सुबह एक कंटेनर एवं ट्रेलर में भिड़ंत के बाद आग लगने से दोनों वाहनों के चालक जिंदा जल गये। उप पुलिस अधीक्षक राम प्रताप बिश्नोई ने बताया कि नागौर-बीकानेर राष्ट्रीय राजमार्ग 58 पर बाराणी गांव के पास आज सुबह करीब छह बजे एक कंटेनर और ट्रेलर की बीच भीषण भिड़ंत हो गई। हादसे के बाद दोनों वाहनों में आग लग गई। घटना में दोनों वाहनों के चालक फंस गए और जिंदा जल गए। दुर्घटना की सूचना मिलने पर नागौर की सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची तथा आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी तेज थी कि उसे बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। दोनों वाहनों के चालकों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। सूचना मिलने पर पुलिस, एंबुलेंस और दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।   recent visitors 47

केन्द्र सरकार के 2014 के बाद से किसानों की आय में वर्ष 2018-19 तक करीब पांच गुना वृद्धि हो चुकी थी: शिवराज

नई दिल्ली कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज संसद में कहा कि केन्द्र सरकार के 2014 के बाद से किसानों की आय में वर्ष 2018-19 तक करीब पांच गुना वृद्धि हो चुकी थी और नये आंकड़े आने पर यह उससे भी दोगुना होने की संभावना है। श्री चौहान ने लोकसभा में आज प्रश्नकाल में किसानों की आय से जुड़े एक सवाल के जवाब में कहा कि वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के आने के पहले वर्ष 2013-14 में किसानों की औसत आय 2115 रुपए हुआ करती थी जो वर्ष 2018-19 में बढ़ कर 10218 रुपए हो गयी थी। उसके बाद अब तक कोई गणना नहीं हुई है। अगले साल किसानों की आय की गणना की जानी है। उन्हें विश्वास है कि किसानों की आय इस आंकड़े की दोगुनी से अधिक दर्ज की जाएगी। श्री चौहान ने कहा कि सरकार ने 2014 से ही किसानों की आय को दोगुना करने का संकल्प लिया था। इसके लिए छह सूत्रीय योजना पर काम किया गया है जिसमें कृषि उत्पादन बढ़ाना, उत्पादन की लागत कम करना, कृषि पर लागत का डेढ़ गुना न्यूनतम समर्थन मूल्य देना, किफायती वित्तीय सहायता देना, कृषि विविधीकरण और जैविक खेती को बढ़ावा देना शामिल है। उन्होंने कहा कि मोटे अनाज के उत्पादन को भी बढ़ावा दिया गया है। किसान सम्मान निधि के अंतर्गत बहुत से राज्यों में किसानों के नाम नहीं जोड़े जाने के बारे में पूछे जाने पर कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि चूंकि राज्यों का भी विषय रहता है तो इससे संबंधित सभी निर्णयों में क्रियान्वयन की शक्ति राज्य सरकारों के पास होती है। बहुत से राज्यों में कुछ नाम छूट भी गये थे। उन्होंने कहा कि विकसित भारत संकल्प यात्रा के दौरान लगभग एक करोड़ किसानों के नाम प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि याेजना के अंतर्गत जोड़े गये हैं। उन्होंने कहा, “मैं वचन देता हूं कि प्रत्येक पात्र किसान का नाम जोड़ा जाएगा और योजना का लाभ दिया जाएगा।”   recent visitors 38

सरकारी अस्पताल में लड़खड़ाते मिला डॉक्टर, आरोपी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल

सूरजपुर शराबी शिक्षक के बाद अब छत्तीसगढ़ में नशे में धुत सरकारी डॉक्टर का मामला सामने आया है। सूरजपुर के शासकीय मातृत्व और शिशु अस्पताल में तैनात डॉ. अनीष नशे की हालत में पाए गए। डॉक्टर की हालत इतनी खराब थी कि वे ठीक से खड़े भी नहीं हो पा रहे थे। इस कारण कई महिलाओं और बच्चों को बिना इलाज कराए ही लौटना पड़ा। वहीं अस्पताल में गर्भवती महिलाओं और करीब 85 बच्चे भर्ती हैं, जिनकी जिम्मेदारी डॉक्टर पर है। इस बीच, भिलाई से खबर है कि भिलाई इस्पात संयंत्र के सेक्टर- 9 स्थित अस्पताल में भर्ती एक मरीज के स्वजनों ने विगत दिनों अस्पताल में जमकर हंगामा किया। लोहे के टेबल को नर्सिंग स्टेशन में ले जाकर फेंक दिया। टेबल फेंकने से अस्पताल की अटेंडेंट व नर्स और सफाई कर्मियों को चोटें आई है। इस मामले में प्रबंधन द्वारा हंगामा मचाने वालों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने से अस्पताल के कर्मचारियों में नाराजगी है। संयंत्र के सबसे बड़े अस्पताल सेक्टर-9 अस्पताल भिलाई के बी-1 वार्ड के बेड नंबर तीन में भर्ती मरीज ललिता बाई(53) के स्वजनों ने 13 दिसंबर की रात पाली में अस्पताल में खूब हंगामा मचाया। बताया जा रहा है कि मरीज के स्वजनों ने डॉक्टर को बुलाया था। चूंकि उस दिन आपातकालीन ड्यूटी नहीं रहती है, इसलिए जो डॉक्टर वार्ड में थे, वे दूसरे वार्ड में मरीज को देखने गए थे। इस दौरान बी-1 वार्ड में भर्ती मरीज के स्वजनों ने हंगामा मचाना शुरू कर दिया। इनके द्वारा वार्ड में मरीज के बिस्तर के पास रखे लोहे के टेबल को नर्सिंग स्टेशन में ले जाकर फेंक दिया गया। इससे वहां बैठी अटेंडेट गुंजन के सिर में काफी चोंटे आई है। इसके अलावा प्रशिक्षु नर्स दीपाली वर्मा और सफाई कर्मी उमा देवी को भी चोटें आई है। इन्हें तत्काल केजुअल्टी ले जाया गया, लेकिन पूरे मामले में अस्पताल प्रबंधन द्वारा हंगामा करने वालों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गई। recent visitors 38

भारतीय सेना की एक पहल के तहत दक्षिण भारत के शैक्षणिक दौरे पर ले जाया गया, प्रमुख संस्थानों के बारे में ली जानकारी

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती जिले कुपवाड़ा के 15 छात्रों को भारतीय सेना की एक पहल के तहत दक्षिण भारत के शैक्षणिक दौरे पर ले जाया गया, जहां उन्हंक देश के शीर्ष शैक्षणिक, तकनीकी और सांस्कृतिक स्थलों से परिचित कराया गया। सेना ने बताया कि नौ से 15 दिसंबर तक चलने वाले दौरे का उद्देश्य इन युवा मस्तिष्कों के क्षितिज को व्यापक बनाना, अत्याधुनिक अनुसंधान में अंतर्दृष्टि प्रदान करना और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के माध्यम से राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देना है। इस दौरे का आयोजन ऑपरेशन सद्भावना के हिस्से के रूप में 68 माउंटेन ब्रिगेड के तत्वावधान में सेना की 41 आरआर (मराठा ली) ‘हमदर्द-ए-कुपवाड़ा’ द्वारा किया गया। बेंगलुरु की अपनी यात्रा के दौरान, छात्रों ने भारत के कुछ सबसे प्रतिष्ठित शैक्षणिक और कॉर्पोरेट संस्थानों के बारे में जानकारी हासिल की। उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज (एनआईएएस) में विद्वानों के साथ सार्थक बातचीत की और मूल्यवान शैक्षणिक अंतर्दृष्टि प्राप्त की। करीब 115 साल पुराने प्रमुख संस्थान भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएससी) में उन्हें पारिस्थितिक विज्ञान, सामग्री अनुसंधान और सुपरकंप्यूटिंग में प्रगति से परिचित कराया गया। इस दौरान सुपरकंप्यूटर इंजीनियरिंग एंड रिसर्च सेंटर (एसईआरसी) में अत्याधुनिक सुपरकंप्यूटिंग सुविधा परम प्रवेगा पर ब्रीफिंग एक मुख्य आकर्षण रही।   recent visitors 23