Monday, July 6, 2026 11:41 pm

प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 की हुई शुरूआत, 22 हजार 800 करोड़ रूपये की राशि हुई जारी

भोपाल नगरीय विकास एवं आवास विभाग प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 की शुरूआत हो गई है। इस योजना में प्रदेश के जरूरतमंद हितग्राहियों के लिये 10 आवास बनाये जायेंगे। इस योजना का लाभ उन हितग्राहियों को दिया जायेगा, जिन्हें किसी कारण से अब तक आवास योजना का लाभ प्राप्त नहीं हुआ है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने मैदानी अमले को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिये हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के आवेदन संबंधी जानकारी नजदीकी नगरीय निकायों से प्राप्त की जा सकती है। योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिये केन्द्र सरकार ने यूनीफाइड वेब पोर्टल पर भी जानकारी अपलोड की है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 में 4 प्रकार के घटक शामिल किये गये हैं। हितग्राही आवेदन करते समय अपनी पात्रता और आवश्यकता के अनुसार घटक का चयन कर सकते हैं। योजना संबंधी निर्देशिका https://pmaymis.gov.in/PMAYMIS2_2023/PmayDefault.aspx पोर्टल से प्राप्त की जा सकती है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 में देश में एक करोड़ आवास और मध्यप्रदेश में 10 लाख आवास बनाये जाने का कार्यक्रम तैयार किया गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 में विशेष वर्गों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया गया है। इनमें पीएम स्वनीधि योजना, भवन निर्माण श्रमिक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, पीएम विश्वकर्मा योजना के कारीगर, सफाई कर्मी और झुग्गी बस्ती में रहने वाले परिवार शामिल है। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 1.0 में 8 लाख 25 हजार आवास बनकर हो गये हैं तैयार प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी में अब तक 8 लाख 25 हजार जरूरतमंद हितग्राहियों के आवास निर्माण पूरे किये जा चुके हैं। प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना के पहले चरण में 9 लाख 45 हजार आवास स्वीकृत किये गये थे। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के प्रथम चरण के क्रियान्वयन की सम्पूर्ण अवधि में मध्यप्रदेश देशभर में अग्रणी स्थान पर है। योजना के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिये मध्यप्रदेश और प्रदेश की कई नगरीय निकायों को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार भी प्राप्त हुए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के प्रथम चरण में प्रभावी क्रियान्वयन का श्रेय न्यूनतम दर पर आवास उपलब्ध कराने के लिये राज्य सरकार द्वारा किये गये कई नवाचारों को जाता है। स्वीकृत आवासों के निर्माण कि लिये केन्द्रांश और राज्यांश की अनुदान राशि 19 हजार 700 करोड़ रूपये एवं क्रेडिट लिंक सब्सिडी स्कीम (सीएलएसएस) घटक के लिये ब्याज अनुदान के रूप में 3 हजार 900 करोड़ रूपये, इस प्रकार कुल राशि 23 हजार 600 करोड़ रूपये स्वीकृत की जा चुकी है। हितग्राहियों को अब तक 22 हजार 800 करोड़ रूपये की राशि जारी की जा चुकी है।   recent visitors 59

खुलासा : शादी करने वाले कैडर आंदोलन से मुंह मोड़ सकते हैं, नतीजतन, शादी करने वाले किसी भी कैडर के लिए नसबंदी अनिवार्य है

जगदलपुर छत्तीसगढ़ के जगदलपुर में गृहमंत्री अमित शाह के साथ मिलने आए पूर्व नक्सलियों ने नक्सली नेताओं के बारे में कई खुलासे किए हैं. उनका कहना है कि यदि कोई नक्सल कैडर शादी करना चाहता है, तो उसे पहले नसबंदी करवानी पड़ती है. माओवादी शब्दावली में नसबंदी एक बहुत ही आम शब्द है. शादी से वरिष्ठ सीपीआई (माओवादी) नेताओं के निर्देश पर इस प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. तेलंगाना के एक पूर्व नक्सली को शादी से पहले नसबंदी की प्रक्रिया से गुजरने का निर्देश दिया गया था. कई साल बाद जब उसने सरेंडर किया, तो प्रक्रिया को उलटने के लिए दूसरी सर्जरी करवाई. इसके बाद एक लड़के का पिता बन पाया. ज्यादातर नक्सली सरेंडर के बाद इसी तरह परिवार शुरू करने के लिए प्रक्रिया को चुनते हैं.  केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इसके प्रभाव से अवगत कराया गया. पूर्व नक्सली ने बताया, "जब मैं सीपीआई (माओवादी) का सदस्य था, तो मुझे शादी से पहले नसबंदी करवानी पड़ी. लेकिन जब मैं सरेंडर के बाद मुख्यधारा में शामिल हो गया, तो मैंने एक ऑपरेशन करवाया ताकि मैं पिता बन सकूं. दूसरे ऑपरेशन के बाद, मैं एक बच्चे का पिता बन गया." दरअसल, नक्सल नेताओं के बीच ये धारणा है कि बच्चे पैदा होने के बाद उनके कैडर के लोग परिवार के मोह में पड़ जाएंगे. इस वजह से नक्सल आंदोलन को नुकसान पहुंचेगा. इस बात की भी आशंका है कि शादी करने वाले कैडर आंदोलन से मुंह मोड़ सकते हैं. नतीजतन, शादी करने वाले किसी भी कैडर के लिए नसबंदी अनिवार्य है. छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली मरकम दुला ने कहा कि नक्सली नेता नहीं चाहते कि कोई भी सदस्य भावनात्मक रूप से अपनी संतान से जुड़े, इसलिए 'नसबंदी' करवा दी जाती है. ओडिशा के मलकानगिरी के एक पूर्व माओवादी ने भी ऐसी ही कहानी साझा की है. सुकांति मारी ने कहा, "मेरे साथी कैडर से शादी करने से पहले उसे 'नसबंदी' करवानी पड़ी." उसके पति को पुलिस मुठभेड़ में मार दिया गया. इसके बाद में उसने अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. इस बातचीत के दौरान अमित शाह ने कहा कि वो इस बात से बेहद संतुष्ट हैं कि युवा हिंसा का रास्ता छोड़कर हथियार डाल रहे हैं. उन्होंने नक्सलियों से हथियार छोड़ने और मुख्यधारा में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि उनका पुनर्वास सरकार की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा, "मैं नक्सलियों से अपील करता हूं कि कृपया आगे आएं. हथियार छोड़ दें, आत्मसमर्पण करें और मुख्यधारा में शामिल हों. आपका पुनर्वास हमारी जिम्मेदारी है." केंद्र ने आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों और नक्सलियों के लिए पुनर्वास नीति बनाई है.   recent visitors 71

आईटी रिटर्न में गड़बड़ी वालों से सरकार ने डेटा और एनालिटिक्स का उपयोग कर, वसूले 37,000 करोड़ रुपये

नई दिल्ली इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने पिछले 20 महीनों में ऐसे लोगों से ₹37,000 करोड़ वसूले हैं, जो टैक्सेबल इनकम होने के बावजूद रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शंस के एनालिसिस के बाद ऐसे लोगों की पहचान की। यह खर्च नकद में किया गया था। इन लोगों ने 2019-20 के दौरान रत्न और आभूषणों की खरीद, प्रॉपर्टी और लग्जरी होलिडेज पर जमकर खर्च किया था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने ईटी को बताया कि ये ऐसे मामले हैं, जहां लोग बड़ी खरीदारी करने के बावजूद टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे थे। विभाग ने पिछले 20 महीनों में उनसे संपर्क किया था। अधिकारी ने कहा कि व्यापक और अधिक सख्त टैक्स कलेक्शन और स्रोत पर कटौती (TDS) व्यवस्था ने हाई वैल्यू ट्रांजैक्शन को ट्रैक करने में मदद की है। ये ऐसे ट्रांजैक्शन थे जो किसी तरह टैक्स अधिकारियों की नजरों से छूट गए थे। कई ऐसे भी मामले भी हैं जिनमें लोगों ने जमकर खर्च किया और टैक्स देनदारी के बावजूद जीरो इनकम घोषित करते हुए रिटर्न दाखिल किया। अधिकारी ने कहा कि ₹37,000 करोड़ में से हाई वैल्यू ट्रांजैक्शन करने वाले लोगों से ₹1,320 करोड़ की वसूली की गई। विभाग उन टैक्सपेयर्स से संपर्क साध रहा है जिनका खर्च पैटर्न और आईटी रिटर्न में गड़बड़ी है। कैसे पकड़ी गई चोरी इनकम टैक्स विभाग टैक्स चोरी का पता लगाने के लिए डेटा और एनालिटिक्स का उपयोग कर रहा है और ऐसे व्यक्तियों की पहचान करने के लिए वित्त वर्ष 2021 से गैर-फाइलर मॉनीटरिंग सिस्टम को तैनात किया गया है। अधिकारी ने कहा कि कई स्रोतों से प्राप्त डेटा टैप और सिंक्रोनाइज किया जा रहा है। इससे विभाग के लिए टैक्स चोरी की पहचान करना और ऐसे लोगों को पकड़ना आसान हो जाता है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक अप्रैल-नवंबर में प्रत्यक्ष कर संग्रह 15.4% बढ़कर ₹12.10 लाख करोड़ हो गया। इसमें ₹5.10 लाख करोड़ का कॉर्पोरेट कर और ₹6.61 लाख करोड़ का गैर-कॉर्पोरेट कर शामिल है। recent visitors 59

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी Navi Mumbai के खारघर में Iskcon Temple का करेंगे उद्घाटन

 मुंबई नवी मुंबई के खड़गपुर में 12 साल की मेहनत के बाद भव्य इस्कोन मंदिर बनकर तैयार हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने 15 तारीख को इस मंदिर का उद्घाटन करने वाले हैं। मंदिर का नाम राधा मदनमोहनजी मंदिर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक इस मंदिर के निर्माण में 170 करोड़ रुपये का खर्च आया है। मंदिर के ट्रस्टी और अध्यक्ष सूरदास प्रभु ने कहा कि आधुनिक समय में यह मंदिर बड़ा आध्यात्मिक केंद्र बनने वाला है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां कल्चरल सेंटर और वैदिक संग्रहालय का भी शिलान्यास करेंगे। इसमें भारत की महान संस्कृति की छवि देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि निर्माण के दौरान भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर देखने आ चुके हैं। 12 अक्टूबर को नवी मुंबई दौरे के समय वह यहां आए थे। उन्होंने कहा कि नवी मुंबई में हरियाली के बीच यह मंदिर बहुत बहुत भव्य नजर आता है। मंदिर के उद्घाटन का कार्यक्रम 9 जनवरी से ही शुरू हो जाएगा। इसके बाद यह कार्यक्रम एक सप्ताह तक चलेगा। 15 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। मंदिर की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक मकर संक्रांति के मौके पर इसका उद्घाटन किया जाना है। इस मंदिर में भक्तिवेदंत कॉलेज ऑफ वैदिक एजुकेशन, एक लाइब्रेरी, आयुर्वेदिक हीलिंग सेंटर, गौशाला, वरिष्ठ नागरिकों के लिए आश्रम, जैविक खेत भी होंगे। इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन,मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और अजित पवार भी शामिल हो सकते हैं। एक सप्ताह के कार्यक्रम के दौरान आध्यात्मिक सेमिनार, भजन संध्या, सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। इस मंदिर में दशावतार की मूर्तियां भी स्थापित की गई हैं। recent visitors 62

फ्रांस में चक्रवात आने से 1000 लोगों के मरने की आशंका, हर तरफ तबाही

पेरिस फ्रांस के मायोट क्षेत्र में चक्रवात ‘चिडो’ के कारण सैकड़ों लोगों की मौत हो गई है। कई इलाकों पर तबाही का ऐसा मंजर पसरा हुआ है, मानो परमाणु हमले के बाद की तबाही हो। स्थानीय लोगों का हाल इतना बुरा है कि कई दिनों से पीने को पानी नहीं है, खाने को भोजन नहीं और कइयों के तो घर तूफान में उड़ गए। अधिकारियों का कहना है कि मरने वालों की संख्या हजारों में भी जा सकती है। चक्रवात चिडो के कारण मायोट इलाके में 225 किमी/घंटा (140 मील प्रति घंटे) से अधिक की गति से हवाएं चलीं। इससे वे क्षेत्र नष्ट हो गए जहां बेसहारा लोग टिन की छत वाली झुग्गियों में रह रहे थे। इलाके के एक स्थानीय ममूदज़ौ ने बीबीसी से बातचीत में कहा, "हमें तीन दिनों से पानी नहीं मिला है।" एक अन्य ने कहा, "मेरे कुछ पड़ोसी भूखे और प्यासे हैं।" मलबे से शवों को निकालने में लगेंगे कई दिन बचावकर्मी मलबे में जीवित बचे लोगों की तलाश कर रहे हैं। बचाव कर्मियों का कहना है कि इलाके में तबाही इतनी ज्यादा है कि मलबे से शवों को निकालने में ही कई दिन लग सकते हैं। उन्होंने कहा कि मरने वालों की संख्या हज़ारों तक पहुंच सकती है। चक्रवात के कारण हवाई अड्डे सहित सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है, इलाके तबाह हो गए हैं और बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। फ्रांस ने 90 साल बाद देखी ऐसी तबाही फ्रांस के एक टीवी चैनल मायोट लाएरे की रिपोर्ट के मुताबिक, यह 90 वर्षों में आया अब तक का सबसे भयंकर तूफान है। इस तबाही में सैकड़ों लोग मारे गए हैं, शायद संख्या लगभग एक हजार के करीब हो सकती है या फिर हजारों में भी पहुंच सकती है।” फ्रांस के गृह मंत्रालय ने सोमवार को कम से कम 11 लोगों की मौत और 250 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि की थी लेकिन कहा कि यह संख्या काफी बढ़ने की आशंका है। अफ्रीका के तट से दूर दक्षिण-पूर्वी हिंद महासागर में स्थित मायोट, फ्रांस का सबसे गरीब द्वीप क्षेत्र और यूरोपीय संघ का सबसे गरीब क्षेत्र है। recent visitors 59

WEATHER UPDATE:  एमपी में ठंड का सितम जारी , भोपाल में टूटा 58 साल का रिकॉर्ड 

WEATHER UPDATE: Cold wave continues in MP, 58 year old record broken in Bhopal  भोपाल । मध्यप्रदेश में इस बार जनवरी से भी ठंडा दिसंबर है। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पिछले 8 दिन से शीतलहर चल रही है, जो 9वें दिन मंगलवार को भी चलेगी। मौसम विभाग ने भोपाल, जबलपुर समेत 20 जिलों में कोल्ड वेव यानी, शीतलहर चलने का अलर्ट जारी किया है। कड़ाके की ठंड की वजह से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है, जबकि भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए हैं। सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, मंगलवार के बाद शीतलहर का दौर खत्म होने का अनुमान है और कुछ दिन तक थोड़ी राहत मिल सकती है। मंगलवार को 20 जिलों में शीतलहर चलने का अनुमान है। इनमें से 6 जिले- शाजापुर, आगर-मालवा, सीहोर, रायसेन, मंडला और छतरपुर में पेड़-पौधों की पत्तियों पर बर्फ भी जम सकती है। पचमढ़ी में 1.9 डिग्री, शहडोल का कल्याणपुर भी रहा ठंडा  प्रदेश में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। रविवार-सोमवार की रात में इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा। यहां पारा 1.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीती रात की तुलना में 0.9 डिग्री की बढ़ोतरी जरूर हुई है। शहडोल के कल्याणपुर में तापमान 2.3 डिग्री रहा। राजधानी भोपाल में पारे में गिरावट हुई और यह 3.3 डिग्री पर आ पहुंचा। मंडला में 3 डिग्री और उमरिया, शाजापुर के गिरवर में 3.3 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़, खजुराहो में पारा 5 डिग्री के नीचे ही रहा। भोपाल में टूटा 58 साल का रिकॉर्ड, पारा 3.3 डिग्री रहा भोपाल में दिसंबर की सर्दी का 58 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। 15-16 दिसंबर की रात में टेम्प्रेचर 3.3 डिग्री रहा। अब पारा 0.3 डिग्री लुढ़का तो ओवरऑल रिकॉर्ड टूट जाएगा। कड़ाके की ठंड की वजह से भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों के लिए हीटर लगाए गए हैं। वहीं, हाउस की खिड़कियों को बंद किया गया है। ताकि जानवरों को ठंड न लगे। recent visitors 277