कुछ सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को 10 से 15 हजार रुपये के बीच पेंशन मिलने की बात पर कोर्ट ने कहा- यह ‘दयनीय’ है

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि यह 'दयनीय' है कि उच्च न्यायालय के कुछ सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को 10 से 15 हजार रुपये पेंशन मिल रही है। जस्टिस बीआर गवई और जस्टिस के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने कहा, 'आप हर मामले में कानूनी दृष्टिकोण नहीं अपना सकते। कभी-कभी आपको मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत होती है।' उच्च न्यायालय के कुछ सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को 10,000 से 15,000 रुपये के बीच पेंशन मिलने की बात पर गौर करते हुए पीठ ने कहा, 'यह दयनीय है।' उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की पेंशन से संबंधित एक याचिका बुधवार को पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध थी। अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख किया और अनुरोध किया कि इस पर जनवरी में सुनवाई की जाए। वेंकटरमणी ने कहा कि सरकार इस मुद्दे को सुलझाने का प्रयास करेगी। पीठ ने कहा, 'बेहतर होगा कि आप उन्हें (सरकार को) समझाएं कि (इस मामले में) हमारे हस्तक्षेप से बचा जाए तो बेहतर है।' पीठ ने कहा कि मामले का फैसला व्यक्तिगत मामलों के आधार पर नहीं किया जाएगा और शीर्ष अदालत जो भी आदेश देगी, वह सभी उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों पर लागू होगा। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई के लिए आठ जनवरी की तारीख तय की। पिछले महीने इस मामले में एक याचिका पर सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया था कि उच्च न्यायालय के कुछ सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को 6,000 से 15,000 रुपये के बीच मामूली पेंशन मिल रही है। पीठ उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। न्यायाधीश ने कहा था कि उन्हें 15,000 रुपये पेंशन मिल रही है। याचिकाकर्ता, जिला अदालत में 13 साल तक न्यायिक अधिकारी के रूप में सेवा देने के बाद इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत किए गए थे। उन्होंने दावा किया कि अधिकारियों ने पेंशन की गणना करते समय उनकी न्यायिक सेवा पर विचार करने से इनकार कर दिया था। पीठ ने कहा था, 'हमारे सामने उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश हैं, जिन्हें 6,000 रुपये और 15,000 रुपये पेंशन मिल रही है, जो चौंकाने वाला है। ऐसा कैसे हो सकता है?' recent visitors 56

लखनऊ मंडल में नॉन इंटर लॉकिंग कार्यों के चलते गाड़ियाँ प्रभावित

भोपाल , उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के बाराबंकी-अयोध्या कैंट-जफराबाद खण्ड पर अयोध्या कैंट स्टेशन यार्ड रिमाडलिंग कार्य के चलते भोपाल मंडल से गुजरने वाली कुछ गाड़ियों को शार्ट टर्मीनेट/ओरिजिनेट या मार्ग परिवर्तित किया गया है जिसका विवरण निम्नानुसार है : मार्ग परिवर्तित गाड़ियाँ : 1 .    गाड़ी संख्या 15023 गोरखपुर – यशवंतपुर एक्सप्रेस 03 ट्रिप दिनांक 24, 31 दिसम्बर एवं 07 जनवरी को एवं गाड़ी संख्या 15024 यशवंतपुर – गोरखपुर एक्सप्रेस 03 ट्रिप दिनांक 19, 26, दिसम्बर एवं 02 जनवरी को अपने प्रारम्भिक स्टेशन से प्रस्थान करने वाली गाड़ी परिवर्तित मार्ग से होकर जाएगी अर्थात यह गाड़ी दोनों दिशाओं में 03-03 ट्रिप अपने पूर्व मार्ग के बजाय गोरखपुर – गोंडा – बाराबंकी होकर जाएगी । 2 .    गाड़ी संख्या 15101 छपरा – एलएलटी एक्सप्रेस 02 ट्रिप दिनांक 24 एवं 31 दिसम्बर को एवं गाड़ी संख्या 15102 एलएलटी – छपरा एक्सप्रेस 02 ट्रिप दिनांक 19 एवं 26 दिसम्बर को अपने प्रारम्भिक स्टेशन से प्रस्थान करने वाली गाड़ी परिवर्तित मार्ग से होकर जाएगी अर्थात यह गाड़ी दोनों दिशाओं में 02-02 ट्रिप अपने पूर्व मार्ग के बजाय छपरा – गोरखपुर – गोंडा – बाराबंकी – ऐशबाग – कानपुर सेंट्रल होकर जाएगी । शार्ट टर्मीनेट/ओरिजिनेट गाड़ियाँ: 1.    गाड़ी संख्या 22129 एलटीटी- अयोध्या कैंट तुलसी एक्सप्रेस 05 ट्रिप दिनांक 22, 24, 29,  31 दिसम्बर एवं 05 जनवरी को एवं गाड़ी संख्या 22130 अयोध्या कैंट – एलटीटी एक्सप्रेस 05 ट्रिप दिनांक 23, 25, 30 दिसम्बर तथा 01 एवं 06 जनवरी को सुल्तानपुर स्टेशन से शार्ट ओरिजिनेट / टर्मीनेट होगी I 2.    गाड़ी संख्या 22183 एलटीटी- अयोध्या कैंट एक्सप्रेस 06 ट्रिप दिनांक 18, 21, 25, 28 दिसम्बर एवं 01 व 04 जनवरी को एवं गाड़ी संख्या 22184 अयोध्या कैंट – एलटीटी एक्सप्रेस 06 ट्रिप दिनांक 19, 22, 26, 29 दिसम्बर तथा 02 व 05 जनवरी को सुल्तानपुर स्टेशन से शार्ट ओरिजिनेट / टर्मीनेट होगी I निम्न दो जोड़ी गाड़ियां मार्ग परिवर्तन के साथ साथ सुल्तानपुर स्टेशन से शार्ट ओरिजिनेट / टर्मीनेट होगी : 1.    गाड़ी संख्या 22103 एलटीटी- अयोध्या कैंट एक्सप्रेस 03 ट्रिप दिनांक 23, 30 दिसम्बर एवं 06 जनवरी को एवं गाड़ी संख्या 22104 अयोध्या कैंट – एलटीटी एक्सप्रेस 03 ट्रिप दिनांक 24, 31, दिसम्बर एवं 07 जनवरी को अपने प्रारम्भिक स्टेशन से प्रस्थान करने वाली गाड़ी परिवर्तित मार्ग से होकर जाएगी अर्थात यह गाड़ी दोनों दिशाओं में 03-03 ट्रिप इस मार्ग पर अपने पूर्व मार्ग के बजाय जफराबाद-जौनपुर सिटी – सुल्तानपुर होकर जाएगी । 2.    गाड़ी संख्या 22613 रामेश्वरम – अयोध्या कैंट श्रद्धा सेतु एक्सप्रेस 03 ट्रिप दिनांक 24, 31 दिसम्बर एवं 07 जनवरी को एवं गाड़ी संख्या 22614 अयोध्या कैंट – रामेश्वरम एक्सप्रेस 02 ट्रिप दिनांक 22, 29 दिसम्बर को अपने प्रारम्भिक स्टेशन से प्रस्थान करने वाली गाड़ी परिवर्तित मार्ग से होकर जाएगी अर्थात अपने पूर्व मार्ग के बजाय जफराबाद-जौनपुर सिटी – सुल्तानपुर होकर जाएगी ।            इस संबंध में यात्रियों से अनुरोध है कि ट्रेन की उचित स्थिति की जानकारी स्टेशनों, एनटीईएस, रेल मदद 139 एवं ऑनलाइन प्राप्त कर यात्रा करें। recent visitors 52

छात्रावास में आयुष विभाग द्वारा प्रकृति परीक्षण एवं स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

महासमुंद पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या छात्रावास में आयुष विभाग द्वारा छात्रावासी बच्चों के लिए विशेष प्रकृति परीक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को उनके शरीर की प्रकृति और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था। छात्रावास अधीक्षक चित्ररेखा खांडे के अनुसार, आयुष विभाग महासमुंद के आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी सरोज कुमार धृतलहरे की उपस्थिति में यह परीक्षण किया गया। उन्होंने आयुर्वेदिक चिकित्सा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि शरीर में वात, कफ और पित्त जैसे दोष किस प्रकार संतुलन बिगाड़ सकते हैं और इनके असंतुलन से विभिन्न बीमारियाँ हो सकती हैं। चिकित्सा अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा संविधान दिवस पर लॉन्च किए गए प्रकृति परीक्षण ऐप के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस ऐप के माध्यम से व्यक्ति अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरकर अपने शरीर की प्रकृति को जान सकता है। साथ ही, यह ऐप मौसमी बीमारियों से बचाव, उचित आहार, जीवनशैली और स्वास्थ्य संबंधी सुझाव समय-समय पर संदेश के माध्यम से प्रदान करता है। बच्चों को आयुर्वेद और प्रकृति परीक्षण से संबंधित उपयोगी जानकारी दी गई। उन्हें यह भी बताया गया कि विभिन्न ऋतुओं में भोजन और दिनचर्या कैसी होनी चाहिए। कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने उत्साहपूर्वक आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सुझावों को समझा और प्रकृति परीक्षण ऐप को उपयोग करने का संकल्प लिया। recent visitors 53

बीमारियों का घर बढ़ती तोंद

बढ़ती तोंद शरीर को बेडौल तो बना ही देती है, अब नए अध्ययनों से यह बात सामने आई है कि इससे उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय संबंधी बीमारियों के शिकार होने का खतरा भी बढ़ रहा है। हमारे देश में ज्यादातर लोग इस बात को स्वीकार नहीं करते कि उनकी तोंद बढ़ रही है। शायद वे इस बात से भी अनजान हैं कि कमर का बढ़ता आकार उनके स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक है। देश और दुनिया के स्तर पर हुए कई शोध साफ तौर पर यह कहते हैं कि पेट के उभार का सीधा संबंध उच्च रक्तचाप, हृदय संबंधी बीमारियों और मधुमेह से है। दुनिया भर में हुए शोधों में यह सामने आया है कि पुरुषों में तोंद ज्यादा होती है। वहीं महिलाओं में कूल्हे के आसपास अधिक मांस होता है। भारत में यह आंकड़ा कुछ उल्टा है। यहां छह राज्यों (ग्रामीण व शहरी राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम, महाराष्ट्र और कर्नाटक) में 7,000 लोगों पर किए गए शोध से सामने आया है कि भारत में पुरुषों की तुलना में महिलाओं की तोंद अधिक है। पेट पर उभरा यह मांस 50 वर्ष की आयु के बाद हर चार में से एक महिला के स्वास्थ्य के लिए खतरा बन रहा है। ऑनलाइन जर्नल बीएमजी ओपन में दो सप्ताह पहले इस अध्ययन की रिपोर्ट छापी गई है। इसके अनुसार अध्ययन में शामिल लोगों में से 14 प्रतिशत ओवरवेट यानी तय सीमा से अधिक वजन वाले लोग थे। इनमें हर तीन में से एक की तोंद (35.4 इंच से अधिक कमर पुरुषों में, 31.4 इंच से अधिक कमर महिलाओं में) थी। लगभग दो तिहाई (69 फीसदी) तोंद वाली महिलाएं अमीर परिवारों की थीं, जबकि करीबन आधी यानी 46 प्रतिशत महिलाएं मध्यमवर्गीय व निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों से थीं। बीमारियों से संबंध:- ज्यादा परेशान करने वाले तथ्य उस अध्ययन से पता चलते हैं, जो अब तक प्रकाशित नहीं हुआ है। यह अध्ययन ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज यानी एम्स, दिल्ली ने किया है। यह 20 से 60 साल के आयु वर्ग के 500 से अधिक लोगों पर किया गया। इस अध्ययन में सामने आया कि पेट पर बढ़ता मांस महिलाओं के लिए कई बीमारियों की जद में आने का खतरा बन सकता है। इस अध्ययन में शामिल रहे एम्स में अतिरिक्त प्रोफेसर डॉक्टर नवल विक्रम कहते हैं, हमने इस अध्ययन में पाया कि उच्च रक्तचाप, मधुमेह और हृदय संबंधी बीमारियां होने का खतरा बढ़ी तोंद वाले पुरुषों में 12 गुना व महिलाओं में 20 गुना अधिक हो जाता है। पेट पर जो मांस जमा है, उसके स्वरूप से भी बीमारियों के खतरे से आगाह किया जा सकता है। गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में क्लिनिकल एवं प्रिवेंटिव कार्डियोलॉजी के अध्यक्ष डॉक्टर आर आर कासलीवाल कहते हैं, आन्त्र से निकलता फैट, खून में फैटी एसिड्स रिलीज करता है। यह एसिड्स हार्मोंस के साथ मिल कर सूजन, बैड कोलेस्ट्रॉल, क्रिगलीसेरेड्स, रक्त ग्लूकोज और रक्तचाप को बढ़ाते हैं। ये न केवल हृदय संबंधी बीमारियों और हृदयाघात के खतरे को बढ़ाते हैं, बल्कि कुछ एस्ट्रोजन सेंसिटिव कैंसर जैसे रजोनिवृत्ति के बाद ब्रेस्ट और गर्भाश्य के कैंसर के खतरे को बढ़ा देते हैं। कैसे बढ़ी समस्या:– फोर्टिस सी-डॉक के अध्यक्ष डॉक्टर अनूप मिश्रा (जिन्होंने एम्स में अपने कार्यकाल के दौरान अध्ययन करने वाले दल की अध्यक्षता की थी) के अनुसार, भारत में हमने जो अध्ययन किया, उसमें पुरुषों के कमर का साइज 78 सेमी निर्धारित किया था और महिलाओं के लिए 72 सेमी। जो भी इससे अधिक कमर वाले पाए गए, वे अच्छा वजन होने के बावजूद भी कम से कम एक मेटाबॉलिक बीमारी की जद में आने के खतरे में थे। कई अन्य अंतरराष्ट्रीय अध्ययन भी बढ़ती कमर और हृदय संबंधी बीमारियों व मधुमेह के संबंध को स्वीकार करते हैं। अमेरिका में हुए एक अध्ययन में 45,000 महिलाओं का 16 साल के लिए अध्ययन किया गया। इसमें पाया गया कि बढ़ी कमर वाली महिलाएं (35 इंच या इससे अधिक कमर) हृदयाघात से मरने के दोगुने खतरे में थीं, बनिस्पत उन महिलाओं के, जिनकी कमर 28 इंच से कम थी। यह शोध नर्सेज हेल्थ स्टडी में छपा था। डॉक्टर विक्रम कहते हैं, जब हमारा शरीर फैट एकत्रित करता है तो उसके कई कारण हो सकते हैं। यह आनुवंशिक हो सकता है या फिर हार्मोन के कारण भी। हालांकि सबसे प्रमुख कारण खान-पान पर नियंत्रण है। अच्छे वजन वाले फिट लोगों की भी तोंद हो सकती है, इसलिए पैकेट वाले भोजन से बचना चाहिए और शारीरिक तौर पर अधिक परिश्रमी होना चाहिए, ताकि शरीर शेप में रहे। तनाव पर नियंत्रण और पूरी नींद भी इसमें अहम रोल अदा करती है। डॉक्टर कासलीवाल कहते हैं, कुल मिला कर सब कुछ स्वस्थ जीवनशैली पर निर्भर करता है। जिस तरह से आप जीते हैं, वह आपके स्वास्थ्य पर भी झलकता है। इसलिए जितना जल्दी आप तनावमुक्त जीवन जीना आरंभ करेंगे, उतनी जल्दी आपका शरीर सही आकार में आ जाएगा। परेशान होने का समय… -अगर आपके शरीर में अतिरिक्त फैट है -अगर आप प्रतिदिन 6 से 7 घंटे की नींद नहीं ले रहे हैं -ट्रांस फैट वाला भोजन, पैकेट वाला खाना, प्रिजरवेटिव वाला भोजन अधिक मात्रा में कर रहे हैं -फल और सब्जियों का पर्याप्त मात्रा में सेवन नहीं कर रहे -दिन में दो गिलास शराब से अधिक पी रहे हैं -अत्यधिक तनाव में हैं और शारीरिक श्रम नहीं कर रहे -फैटी लिवर है तोंद है या पेट के आसपास सूजन है बढ़ता खतरा:– आन्त्र द्वारा निकला फैट शरीर के भीतर ही जमा होता जाता है। पेट के भीतर यह लिवर, किडनी और आंत के आसपास जमा हो जाता है। इसके कारण मेटाबॉलिक बदलाव होते हैं, जो टोटल कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा देते हैं। इसके साथ एलडीएल यानी बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है और एचडीएल यानी अच्छा कोलेस्ट्रॉल कम हो जाता है। इससे रक्तचाप बढ़ता है और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। पांच तरीके फ्लैट पेट के लिए:– पर्सनल ट्रेनर शालिनी भार्गव कहती हैं कि पेट को फ्लैट करने में समय लगता है। इसके लिए आपको वचनबद्ध, एकाग्र और धैर्यवान बनना होगा। इसके लिए ये उपाय अपनाएं… -पेट की चर्बी कम करने में सबसे कारगर है एरोबिक व्यायाम। पेट के व्यायाम करें। -स्टेबिलिटी बॉल और डंबल्स की मदद से क्रंचेज करें। -पेट … Read more

आज पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्की और इंडोनेशिया जैसे 8 मुस्लिम देशों के संगठन की होनी है मीटिंग, सऊदी अरब ने दे दिया झटका

रियाद, तेल अवीव पाकिस्तान, बांग्लादेश, तुर्की और इंडोनेशिया जैसे 8 मुस्लिम देशों के संगठन की गुरुवार को मीटिंग होनी है। यह मिस्र में होनी है और इसमें इजरायल के खिलाफ प्रस्ताव पेश किए जाने की तैयारी है। इस बीच दुनिया के सबसे ताकतवर मुस्लिम मुल्क की पहचान रखने वाले सऊदी अरब ने बड़ा झटका दिया है। सऊदी अरब की इजरायल के साथ बैकडोर से बातचीत जारी है और कहा जा रहा है कि संबंध सामान्य करने को लेकर एक डील भी हो सकती है। सूत्रों का कहना है कि सऊदी अरब ने बस एक शर्त रख दी है कि यदि गाजा में जंग रुक जाए तो फिर इजरायल के साथ संबंधों को आगे बढ़ाया जा सकता है। बातचीत की यह पूरी प्रक्रिया डोनाल्ड ट्रंप के माध्यम से चल रही है। येरूशलम पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान की लीडरशिप में एक प्रतिनिधिमंडल की डोनाल्ड ट्रंप के करीबियों से मुलाकात हुई थी। खासतौर पर ट्रंप की ओर से मध्य पूर्व के लिए दूत घोषित किए गए स्टीव विटकॉफ इस मीटिंग में मौजूद थे। बैठक में सऊदी अरब ने साफ किया कि यदि गाजा में युद्ध को खत्म कर दिया जाए तो फिर सऊदी अरब संबंध सामान्य करने के लिए तैयार है। यही नहीं सऊदी अरब का कहना है कि अमेरिका की ओर से फिलिस्तीन को लेकर बयान जारी किया जाए। ऐसा होने पर उसके लिए संबंधों को सामान्य करने की दिशा में आगे बढ़ना आसान होगा। इस तरह तुर्की, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, बांग्लादेश और ईरान जैसे इस्लामिक देशों से अलग ही राह पर सऊदी अरब बढ़ रहा है। उसने अब तक गाजा पर इजरायली हमलों को लेकर औपचारिक निंदा ही की है, लेकिन कोई ठोस प्रस्ताव नहीं लाया। यही नहीं अब संबंधों को आगे बढ़ाने की पहल से भी साफ कर दिया है कि वह गाजा की बजाय अपने आर्थिक हितों को ज्यादा प्राथमिकता दे रहा है। सऊदी और इजरायल के रिश्तों की समझ रखने वाले इसके पीछे कई कारण गिनाते हैं। जानकारों का कहना है कि सऊदी अरब नहीं चाहता कि मजहब के नाम पर ध्रुवीकरण की वैश्विक राजनीति में वह फंसे। इसकी जगह पर वह विजन 2030 में जुटा है ताकि इजरायल, अमेरिका जैसे देशों से निवेश हासिल किया जा सके। सऊदी अरब की विजन 2030 के पीछे यह नीति है कि तेल की सप्लाई से इतर भी अर्थव्यवस्था खड़ी की जा सके। ऐसी स्थिति में उसके लिए इजरायल, अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन जैसे देशों से संबंध मधुर रखना अहम है। इजरायल के हथियारों की भी सऊदी अरब को जरूरत सऊदी अरब का एक और मकसद इजरायल से हथियारों की खरीद भी है। सऊदी अरब चाहता है कि वह इजरायल के मिसाइल डिफेंस सिस्टम आयरन डोम को खरीद ले। यही नहीं अब भी सऊदी अरब इजरायल में तैयार स्पाईवेयर का इस्तेमाल करता है। इनकी मदद से वह किंगडम के विरोधियों पर नजर रखता है। यही नहीं कहा जाता है कि 2020 में अब्राहम अकॉर्ड वाली पहल के पीछे भी सऊदी अरब का हाथ था। वह चाहता है कि इजरायल से कड़वाहट को भुलाकर संबंध सामान्य किए जाएं ताकि देश में आर्थिक प्रगति पर फोकस किया जा सके। recent visitors 48

गुरु घासीदास जयंती पर हुआ जिला स्तरीय अस्पृश्यता निवारणार्थ सद्भावना शिविर

गरियाबंद सतनाम पंथ के प्रवर्तक बाबा गुरु घासीदास की जयन्ती के अवसर पर आज 18 दिसम्बर को वन विभाग के ऑक्सन हॉल में जिला स्तरीय अस्पृश्यता निवारणार्थ सद्भावना शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर उपस्थित अतिथियों ने बाबा गुरु घासीदास तथा संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के छायाचित्र पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलन कर समाज एवं देश की प्रगति की कामना की। इस दौरान स्कूली छात्र-छात्राओं के द्वारा गीत एवं नृत्य के माध्यम से सतनाम पन्थ की शिक्षा से सभी को अवगत कराया, इसके साथ ही बच्चों के द्वारा दी गई विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सभी का मनमोहा। इस दौरान अस्पृश्यता उन्मूलन के सम्बंध में आयोजित भाषण, निबंध लेखन, रंगोली, पोस्टर जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में नगर पालिका परिषद गरियाबंद के उपाध्यक्ष सुरेन्द्र सोनटेके ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज बहुत शुभ दिवस है, इस अवसर पर हम सभी सद्भावना दिवस मना रहे हैं। अस्पृश्यता उन्मूलन शिविर का आयोजन जिला प्रशासन द्वारा किया गया है। उन्होंने कहा कि इस दिवस के मायने बहुत से हैं। उन्होंने कहा कि बाबा ने जो मार्ग लोगों को बताया है, उसे हमारे देश के संविधान निर्माता डॉ.भीमराव अंबेडकर ने पहचाना और उसे आगे बढ़ाया। उन्होंने कहा कि बाबा का उद्देश्य समाज को जागृत करना, समाज मे समरसता, समानता की भावना लाना था, उन्होंने मनखे-मनखे एक समान का संदेश दिया जिसका अर्थ है, सभी मनुष्य एक है। उन्होंने समाज मे फैली कुरीतियों को दूर करने, शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रति प्रयास किया। अपर कलेक्टर एवं सहायक आयुक्त श्री नवीन भगत ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि शासन द्वारा प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी अपृश्यता निवारण सद्भावना शिविर का आयोजन किया जा रहा है। सतनाम पंथ के प्रर्वतक गुरू घासीदास जी ने मनखे-मनखे एक समान का नारा सभी समाज के लिए दिया था, जिसमें सभी मानव समाज बराबर है। कोई ऊंच नीच का भेदभाव न हो राज्य शासन द्वारा बौलादाबाजार जिला के गिरौदपुरी धाम में विश्व का सबसे बड़ा जैतखाम बनाया गया है। जहां गुरू घासीदास जी का जन्म हुआ था। वहां प्रतिवर्ष 18 दिसम्बर को गुरू घासीदास जी की भव्य जयंती मनाई जाती है। जहां प्रदेश के साथ-साथ देश-विदेश के लोग भी दर्शन करने के लिए आते है। इस अवसर पर उन्होंने बाबा गुरु घासीदास की शिक्षा का उल्लेख करते हुए उनका अनुसरण करने की बात कही तथा बाबा की जीवनी के बारे में लोगों को बताया। इस दौरान श्री सुरेन्द्र बंजारे, श्री के.के. निर्मलकर, श्री हेमलाल रात्रे सहित अन्य अतिथियों ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक नृत्य, चित्रकला, रंगोली ईत्यादि प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। इस दौरान विभाग के मंडल संयोजक, छात्रावास अधीक्षक एवं छात्रावासी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। recent visitors 65

PM मोदी अमित शाह के विरोध में प्रदर्शन के बीच उतरे, गिनाए आंबेडकर के खिलाफ कांग्रेस के 4 ‘पाप’

नई दिल्ली भारत रत्न बाबासाहब भीमराव आंबेडकर मामले में जारी राजनीतिक हलचल में अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी एंट्री हो गई है। विपक्ष के प्रदर्शन के बीच उन्होंने डॉक्टर आंबेडकर के खिलाफ किए कांग्रेस के '4 पाप' भी गिनाए हैं। साथ ही कहा है कि 'एक पार्टी' ने डॉक्टर आंबेडकर की विरासत को खत्म करने की हर संभव कोशिश की है। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के लोकसभा में दिए भाषण का वीडियो भी शेयर किया है। पीएम मोदी ने लिखा, 'संसद में गृहमंत्री अमित शाह जी ने डॉक्टर आंबेडकर को अपमानित करने और एससी एसटी समुदायों की अनदेखी करने के कांग्रेस के काले इतिहास का खुलासा किया। यह साफ है कि उनकी तरफ से पेश किए गए तथ्यों से वो स्तब्ध हो गए हैं। यही वजह है कि वो अब नौटंकी पर उतर आए हैं। दुखद है, लेकिन लोग सच जानते हैं।' उन्होंने कहा, 'हम जो भी हैं उसकी वजह डॉक्टर बाबासाहब आंबेडकर हैं। हमारी सरकार ने बीते एक दशक में डॉक्टर बाबासाहब आंबेडकर के सपनों को पूरा करने के लिए बगैर थके मेहनत की है। कोई भी सेक्टर ले लें, फिर चाहे वह 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालना हो, एससी एसटी एक्ट को मजबूत करना हो। हमारी सरकार ने स्वच्छ भारत, पीएम आवास योजना, जल जीवन मिशन, उज्जवला योजना और कई कार्यक्रम शुरू किए। इन सभी ने गरीब और हाशिए पर मौजूद लोगों के जीवन को छुआ है।' कांग्रेस के 'पाप' पीएम मोदी ने डॉक्टर आंबेडकर के खिलाफ कांग्रेस को 'पाप' याद दिलाए हैं। उन्होंने कहा, 'उन्हें चुनाव में एक नहीं दो बार हराया गया। पंडित नेहरू उनके खिलाफ प्रचार कर रहे थे और उनकी हार को प्रतिष्ठा का मुद्दा बना रहे थे। उन्हें भारत रत्न देने से इनकार कर दिया। उनकी तस्वीर को संसद में सम्मानीय जगह लगाने से इनकार कर दिया।' उन्होंने कहा, 'अगर कांग्रेस और उसके सड़े हुए तंत्र को लगता है कि उनका झूठ कई सालों के गलत काम और खासतौर से डॉक्टर आंबेडकर के किए अपमान को छिपा सकता है, तो वो बहुत बड़ी गलती कर रहे हैं।' उन्होंने लिखा, 'भारत के लोगों ने कई बार देखा है कि कैसे एक वंशवाद से चलने वाले एक पार्टी ने डॉक्टर आंबेडकर की विरासत को खत्म करने और एससी एसटी समुदायों का अपमान करने का हरसंभव प्रयास किया।' विपक्ष का प्रदर्शन संसद में कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल शाह के भाषण को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार पर आंबेडकर के अपमान के आरोप लगाए जा रहे हैं। इधर, भारतीय जनता पार्टी ने गृहमंत्री के भाषण का पूरा वीडियो शेयर किया और कांग्रेस पर एडिटेड क्लिप पोस्ट करने के आरोप लगाए हैं। recent visitors 50