Wednesday, July 8, 2026 12:12 pm

एमवाय अस्पताल में केवल सात दिन की दवाइयां मिलती थीं, अब एक साथ एक माह की दवाई मिलने लगी

 इंदौर  मरीजों को अब अपनी दवाई लेने के लिए बार-बार शासकीय अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाना पड़ेंगे, क्योंकि अब उन्हें एक साथ एक माह की दवाई मिलने लगी है। इससे सिर्फ शहर के ही नहीं एमवाय अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले संभागभर के मरीजों को लाभ मिलने लगा है। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि पहली बार प्रदेश की किसी शासकीय अस्पताल में इस तरह की पहल की जा रही है। अभी तक एमवाय अस्पताल में मरीजों को सिर्फ सात दिन की दवाईयां मिलती थी, जिसके कारण धार, झाबुआ, अलीराजपुर, देवास, खरगोन, खंडवा आदि से आने वाले मरीजों को समस्या होती थी। इसमें आने-जाने के खर्च के साथ ही समय भी खराब होता था। कई बीमारियां ऐसी होती है जिनकी दवाईयां लंबे समय तक चलती है। जैसे डायबीटिज, हाइपरटेंशन आदि। यह सुविधा उन्हीं मरीजों को दी जा रही है, जिन्हें बार-बार विशेषज्ञों के परामर्श की आवश्यकता नहीं होती है। फ्री मिलती हैं दवाईयां बता दें कि शासकीय अस्पतालों में सरकार की ओर से आने वाली विभिन्न बीमारियों की सभी दवाईयां मरीजों को निश्शुल्क दी जाती है। हालाकि अभी भी कई गंभीर बीमारियों की दवाईयां ऐसी है जो मरीज को बाहर से ही खरीदना पड़ती है। एमवाय अस्पताल सहित अन्य अस्पताल में भर्ती जिन मरीजों की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होती है, उनकी मदद के लिए कई संस्थाएं भी कार्य कर रही है। बार-बार आने जाने का खर्च बच जाता है     डायबीटिज, हाइपरटेंशन के मरीज जिन्हें एक ही दवाई लंबे समय तक लेनी है, उन्हें अब अस्पताल में एक माह की दवाईयां दी जा रही है। इससे उनका आने-जाने का खर्च भी बच जाता है। मरीजों की समस्याओं को देखते हुए यह सुविधा शुरू की गई है।   recent visitors 58

IPS GP Singh को विष्णु सरकार ने किया बहाल, इस मामले को लेकर दर्ज हुई थी FIR, अब डीजी पद की दौड़ में भी हुए शामिल

रायपुर  जीपी सिंह फिर से अपनी सर्विस में लौट आए हैं। केंद्र सरकार के बाद अब राज्य सरकार ने भी एडीजी जीपी सिंह को बहाल कर दिया है। छत्तीसगढ़ सरकार ने गुरुवार को इसे लेकर आदेश जारी किया। यह आदेश गृह विभाग की तरफ से जारी किया गया है। भूपेश बघेल के कार्यकाल में जीपी सिंह पर आय से अधिक संपत्ति, राजद्रोह और ब्लैकमेलिंग समेत कई केस दर्ज किए गए थे जिसके उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी गई थी। इसके खिलाफ उन्होंने याचिका लगाई थी। नौकरी में वापसी के बाद माना जा रहा है कि जीपी सिंह डीजी की रेस में शामिल हो सकते हैं। केंद्र ने जारी किया था बहाली का ऑर्डर 12 दिसंबर को केंद्र ने बहाली का ऑर्डर जारी किया था। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण के फैसले के बाद बहाली का आदेश दिया था। गृह मंत्रालय ने 20 जुलाई 2023 को जारी निलंबन आदेश को रद्द करते हुए उन्हें उसी दिनांक से फिर से उनके पद पर बहाल करने का ऑर्डर जारी किया था। क्या था जीपी सिंह पर आरोप राज्य में जब भूपेश बघेल की सरकार थी तब जीपी सिंह के यहां एसीबी ने 2021 में छापा मारा था। उनके रायपुर स्थिति निवास समेत उनके 15 ठिकानों पर छापेमारी की गई थी। 10 करोड़ रुपये की अषोघित संपत्ति कई आवश्यक दस्तावेज मिलने पर उनके खिलाफ केस दर्ज किया गया। उसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया और राजद्रोह का केस दर्ज किया गया। करीब 4 महीने तक जेल में रहे। बाद में राज्य सरकार की अनुशंसा पर उन्हें केंद्र ने कंपलसरी रिटायरमेंट दे दिया। इसके खिलाफ जीपी सिंह केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण में केस दर्ज किया। अपने रिटायमेंट को चुनौती दी। इस पूरे मामले में उन्हें फिर से बहाल करने का फैसला दिया गया। कौन हैं जीपी सिंह जीपी सिंह का पूरा नाम गुरजिंदर पाल सिंह है। उनका जन्म 1 जनवरी 1969 को हुआ। मैकेनिकल से बीई की डिग्री ली। यूपीएससी का एग्जाम क्लियर किया। 1994 बैच के आईपीएस अधिकारी बने। वह मूल रूप से ओड़िसा के रहने वाले हैं। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में एसपी रहे। बिलासपुर, रायपुर के आईजी रहे। दूरसंचार तकनीकी सेवाएं औऱ परिवहन में एडीजी रहे। एंटी करप्शन ब्यूरो के चीफ रहे। recent visitors 50

एनआईए की कई टीमें हवाला मामले में छापेमारी करने पहुंची, हवाला के जरिए करोड़ों रुपये की हेराफेरी

सोनीपत हरियाणा के सोनीपत जिले के दो गांवों में एनआईए की कई टीमें हवाला मामले में छापेमारी करने पहुंची। हवाला के जरिए करोड़ों रुपये की हेराफेरी की बात कही जा रही है। जानकारी के मुताबिक, एक टीम सोनीपत के शहजादपुर गांव में पहुंची और यहां हिमांशु (पुत्र जयप्रकाश) के घर पर छापेमारी कर रही है। वहीं दूसरी टीम भूर्री गांव में है। यहां पर योगेश (पुत्र प्रेम) के घर पर भी छापेमारी कर रही है। योगेश गुरुग्राम में काम करता है। जांच एजेंसी अभी हिमांशु और योगेश के परिजनों से इस मामले के संबंध में पूछताछ कर रही है। टीम इन दोनों के घर में रखे दस्तावेजों को भी खंगाल रही है। बताया जा रहा है कि दोनों के पास करोड़ों की संपत्ति है। इन पर करोड़ों की हेराफेरी का आरोप है जिसे लेकर जांच एजेंसी छापेमारी करने पहुंची। एनआईए ने अभी तक इस संबंध में किसी भी प्रकार का बयान नहीं दिया है। सोनीपत में पिछले कई दिनों से रंगदारी मांगने के मामले में काफी बढ़े हैं। अलग-अलग गिरोह व्यापारियों को फोन कर उनसे रंगदारी मांग रहे हैं। फोन करने के बाद यह गिरोह व्यापारियों से मिले पैसे को अपने रिश्तेदार और अपनी पहचान वाले लोगों के खातों में ट्रांसफर कराते हैं। हाल ही में पड़ोसी राज्य पंजाब में भी एनआईए ने रेड डाली थी। 11 दिसंबर को पंजाब के कई जिलों में एनआईए ने रेड डाली थी। एनआईए की टीम ने बठिंडा, मुक्तसर साहिब, मानसा जिलों में छापेमारी की थी। यह छापेमारी नशा तस्करों को पकड़ने के मकसद से की गई थी।   recent visitors 51

नारायणपुर के जंगल में IED ब्लास्ट, हादसे में 2 जवान घायल

नारायणपुर छत्‍तीसगढ़ के नारायणपुर में IED ब्‍लास्‍ट की चपेट में आने से 2 जवान घायल हो गए. घायलों जवानों को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है. फिलहाल जो जानकारी सामने आ रही है उसके मुताबिक ये जवान सड़क निर्माण कार्य के सुरक्षा में तैनात थे. यह घटना कोहकमेटा थाना के तोके गांव की है. जहां IED नक्सलियों द्वारा प्लांट किया गया था. इसी IED ब्लास्ट की चपेट में आने से दोनों जवाल घायल हो गए. अबूझमाड़ मुठभेड़ पर सवाल पिछले सप्ताह नारायणपुर जिले में हुई मुठभेड़ पर एक कार्यकर्ता और ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं. उनका दावा है कि मुठभेड फर्जी थी, जिसमें पुलिस ने सात नक्सलियों को मार गिराने का दावा किया था. उन्होंने दावा किया कि मारे गए लोगों में से पांच स्थानीय लोग थे जो खेतों में काम कर रहे थे. उन्होंने यह भी दावा किया कि अबूझमाड़ क्षेत्र में मुठभेड़ के दौरान एक लड़की समेत चार नाबालिग पुलिस की गोलीबारी में घायल हो गए. पुलिस ने किया क्या दावा दावों को खारिज करते हुए पुलिस ने कहा कि चारों नाबालिग नक्सलियों की गोलीबारी में घायल हुए थे और नक्सलियों ने मुठभेड़ के दौरान उन्हें मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल किया था. पुलिस ने 12 दिसंबर को दावा किया था कि नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिलों की सीमा पर दक्षिण अबूझमाड़ के कल्हाजा-दोंदरबेड़ा गांव की पहाड़ियों पर सुरक्षाकर्मियों की संयुक्त टीम के साथ मुठभेड़ में दो महिलाओं समेत सात नक्सली मारे गए. बाद में पुलिस ने बताया कि सभी सातों पर इनाम घोषित था. पुलिस ने बताया कि मारे गए माओवादियों में ओडिशा राज्य माओवादी समिति का सदस्य रामचंद्र उर्फ ​​कार्तिक उर्फ ​​दसरू शामिल था जिस पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित था और क्षेत्रीय समिति का सदस्य रमीला मदकम उर्फ ​​कोसी शामिल था, जिस पर पांच लाख रुपये का इनाम था. आदिवासी कार्यकर्ता सोनी सोरी ने ‘पीटीआई-भाषा' से कहा, ‘‘13 दिसंबर की रात को मुझे पता चला कि पुलिस की गोलीबारी में कुछ बच्चे घायल हो गए हैं, जिसके बाद मैंने 14 दिसंबर को इलाके का दौरा किया और घायल बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया.''   recent visitors 87

छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री तक की वृद्धि होने की संभावना

 रायपुर  छत्तीसगढ़ में अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री तक की वृद्धि होने की संभावना है। इसके बाद न्यूनतम तापमान में 1-2 डिग्री गिरावट होने के आसार हैं। शुक्रवार और शनिवार को प्रदेश में आकाश आंशिक मेघमय रहने तथा प्रदेश के दक्षिणी व पूर्वी भाग में एक-दो स्थानों पर हल्की वर्षा हो सकती है। शुक्रवार को बिलासपुर और रायपुर संभाग के पूर्वी जिले, जो ओड़िशा से लगे हुए हैं तथा बस्तर संभाग के जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है। 21 दिसंबर को रायगढ़ और उसके आसपास के जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना बनी हुई है। प्रदेश में सबसे अधिक तापमान 33.2 डिग्री सुकमा में तथा सबसे कम न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री बलरामपुर में दर्ज किया गया। इस सिस्टम से बारिश के आसार बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम से सटे पश्चिम-मध्य पर अच्छी तरह से चिह्नित निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ था। एक चक्रीय चक्रवात समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। अगले 12 घंटों के दौरान इस प्रणाली के उत्तर-पश्चिम की ओर उत्तरी तमिलनाडु और दक्षिणी आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके बाद अगले 24 घंटों में इसके आंध्र प्रदेश तट के साथ लगभग उत्तर की ओर बढ़ने की संभावना है। पश्चिमी हवाओं में एक द्रोणिका के रूप में पश्चिमी विक्षोभ अपनी धुरी के साथ औसत समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर बना हुआ है। इसके असर से प्रदेश में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। छाए हुए हैं बादल दो मौसमी तंत्र के प्रभाव से हवा की दिशा में परिवर्तन हुआ है, जिसके कारण दक्षिण छत्तीसगढ में बादल छाए हुए हैं। इसके असर से बीते 24 घंटे में प्रदेश के तापमान में 2 से 3 डिग्री की वृद्धि हुई है। अभी भी न्यूनतम तापमान में वृद्धि होने की प्रबल संभावना है। recent visitors 63

राष्ट्रीय बाल रंग का प्रति वर्ष भोपाल में होना देशभर में मध्यप्रदेश को गौरवान्वित करता- अमिताभ पांडे

भोपाल राष्ट्रीय बाल रंग का प्रति वर्ष भोपाल में होना देशभर में मध्यप्रदेश को गौरवान्वित करता है। यह एक ऐसा मौका होता है, जब देश के विभिन्न प्रांतों के बच्चे अपने राज्यों की संस्कृति को समेटे प्रतिभा का प्रदर्शन भोपाल में करते हैं। यह विचार शुक्रवार को निदेशक इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय प्रो. अमिताभ पांडे ने बाल रंग के शुभारंभ समारोह में व्यक्त किये। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न संभागों से आये एक हजार से अधिक और विभिन्न प्रांतों के बच्चे मौजूद थे। निदेशक प्रो. पांडे ने कहा कि प्रति वर्ष बाल रंग में बच्चों के आने से मानव संग्रहालय में रौनक आ जाती है। तीन दिवसीय समारोह में बच्चे अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं। प्रतियोगिता में बच्चों में टीम भावना भविष्य में उनको जिम्मेदार नागरिक बनाने में काफी मददगार साबित होती है। उन्होंने कहा कि देश की एकता विभिन्न राज्यों की संस्कृतियों के सौहार्द मिलन से मजबूत होती है। प्रो. पांडे ने बच्चों को विभिन्न राज्यों में अधिक से अधिक मित्र बनाने की सलाह भी दी। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन के लिये स्कूल शिक्षा विभाग को बधाई दी। संचालक लोक शिक्षण डी.के. कुशवाह ने बताया कि बाल रंग बच्चों में नयी ऊर्जा पैदा करता है। उन्होंने कहा कि बाल रंग में लगने वाली प्रदशर्नी की थीम वर्ष 2047 में विकसित भारत रखी गयी है। स्वागत संबोधन में शिक्षा विभाग के अधिकारी अरविन्द कुमार चौरगड़े ने बताया कि पहले दिन प्रदेश के विभिन्न संभागों के बच्चे लोक संस्कृति पर आधारित नृत्यों और विविध कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां देंगे। बाल रंग में 21 और 22 दिसम्बर को 17 राज्यों सहित 5 केन्द्र शासित प्रदेश के करीब 10 हजार बच्चे सहभागिता करेंगे। विविध गतिविधियां बाल रंग में स्कॉउट कैम्प, विजन-2024 पर केन्द्रित सजीव प्रदशर्नी, विभिन्न राज्यों के व्यंजनों के स्टॉल लगाये गये हैं। बाल रंग की सबसे खास बात यह है कि यहां प्रदेश के विभिन्न प्रांतों की संस्कृति की दर्शाने के लिये राज्यों की स्टॉल लगाये गये हैं। इन स्टॉलों में उन राज्यों के पुरातत्व स्थल, लोक संस्कृति, त्यौहार, मंदिर, पारंपरिक वेश-भूषा देखने को मिलेगी। केरल राज्य के पंडाल में भोपाल के जवाहर चौक स्थित कस्तूरबा स्कूल की बालिकाओं ने मॉडल के जरिये वहां की संस्कृति को दिखाने का प्रयास किया है। यहाँ पर केरल का प्रसिद्ध पद्मनाभस्वामी मंदिर का मॉडल प्रदर्शित किया गया है। प्राचार्य श्रीमती उषा भदौरिया और श्रीमती शालिनी श्रीवास्तव ने बताया कि केरल राज्य में ओणम का त्यौहार पारंपरिक रीति-रिवाजों और विशेष वेश-भूषा के साथ बनाया जाता है। बाल रंग में तात्कालिक भाषण, लोक गीत, शास्त्रीय नृत्य, सुगम संगीत, सामुहिक लोक नृत्य, दिव्यांगों की साहित्यिक एवं सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं, वेद पाठ, नृत्य नाटिका, योग जैसी अनेक प्रतियोगिताएं होंगी। बाल रंग में 21 और 22 दिसम्बर को प्रात: 10 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजन होंगे।   recent visitors 46

महाकुंभ का सबसे बड़ा स्नान मौनी अमावस्या पर होगा

प्रयागराज में अगले साल 13 जनवरी से महाकुंभ का आयोजन होने जा रहा है. ये दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक त्योहार है. इस अवसर पर प्रयागराज में श्रद्धालुओं और साधु संतों का जमावड़ा नजर आने वाला है. सभी इस महाकुंभ में आस्था की डुबकियां लगाते नजर आएंगे. इस महाकुंभ में कुल छह शाही स्नान किए जाएंगे. 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा पर शाही सन्नान की शुरुआत हो जाएगी, लेकिन आज हम आपको इस महाकुंभ के सबसे बड़े स्नान के बारे में बताने जा रहे हैं, जोकि मौनी अमावस्या का स्नान है. सबसे बड़े स्नान का शुभ मुहूर्त मौनी अमावस्या महाकुंभ का सबसे बड़ा स्नान माना जाता है. इस स्नान का विशेष महत्व है. मौनी अमावस्या पर इस महाकुंभ का तीसरा शाही स्नान किया जाएगा. मौनी अमावस्या अगले साल 29 जनवरी को मनाई जाएगी. मतलब मौनी अमावस्या का शाही स्नान भी 29 जनवरी को किया जाएगा. इस दिन सन्नान के शुभ मुहूर्त की बात कि जाए तो इसका ब्रह्म मुहूर्त 5 बजकर 25 मिनट से शुरू होगा. ये मुहूर्त 6 बजकर 18 मिनट तक रहेगा. मौनी अमावस्या का महत्व मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज समेत अन्य तीर्थ स्थलों पर स्नान करने से पितरों को मोक्ष मिलता है. इन दिन व्रत के साथ मौन रखने का भी महत्व है. हिंदू धर्म में मौनी अमावस्या पर स्नान के अलावा पितरों के श्राद्ध और दान-पुण्य का भी विशेष महत्व बताया गया है. दरअसल, सालभर में 12 अमावस्या होती है, लेकिन माघ मास की अमावस्या को अति विशेष माना गया है. मास की अमावस्या को ही मौनी अमावस्या के नाम से जाना जाता है. महाकुंभ और मौनी अमावस्या का संयोग धार्मिक दृष्टि से सबसे ज्यादा फल देने वाला कहा जाता है. इस दिन दान करना भी पुण्यकारी हिंदू मान्यताओं के अनुसार, मौनी अमावस्या पर स्नान के साथ-साथ दान करने को भी विशेष फलदायी और पुण्यकारी माना जाता है. इस दिन दान करने वाले व्यक्ति के जीवन के सभी पापों का प्रायश्चित हो जाता है. इस दिन पितरों के तर्पण, पूजा और दान से पितृ प्रसन्न होते हैं और आशिर्वाद प्रदान करते हैं. recent visitors 61