शराब के नशे में वाहन चलाने वाले तीन चालको पर हुई कार्यवाही

अनूपपुर            पुलिस अधीक्षक महोदय अनूपपुर  मोतिउर रहमान द्वारा ड्रिंक एंड ड्राइव के विरुद्ध अभियान  चलाया जा रहा है, जिसमें नशे में वाहन चलाने वाले वाहन चालकों पर कार्यवाही एवं लाइसेंस निलंबित करवाए जा रहे हैं। जिससे ड्रिंक एंड ड्राइव की प्रवृत्ति में कमी लाई जाकर दुर्घटना को रोका जा सके। ट्रैफिक पुलिस द्वारा आज तीन वाहन चालक जिसमें एक ट्रक चालक भी सम्मिलित है। कार्यवाही करते हुए वाहन को जप्त किया , प्रकरण तैयार कर माननीय न्यायालय पेश किया जाएगा। शराब के नशे में वाहन चलाना है ,दुर्घटना का मुख्य कारण। वाहनों में लगाए गए रेडियम रिफ्लेक्टर           रात्रि के समय रोड किनारे खड़े वाहनों से टकराने के कारण दुर्घटनाएं घटित होती हैं जिसका मुख्य कारण वहां की पार्किंग लाइट ना जलना या रेडियम ना लगा होना है, इसके प्रति जन जागरूकता लाने हेतु ट्रैफिक पुलिस द्वारा वाहनों में रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए जा रहे हैं, जिससे रात्रि के समय खड़े वाहनों से टकराकर होने वाली दुर्घटनाओं को रोका जा सके। फास्ट ट्रैफिक पुलिस द्वारा लगभग 50 वाहनों में रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए गया। रोको टोको अभियान           ट्रैफिक पुलिस द्वारा वाहन चालकों को रोक कर उन्हें ट्रैफिक रूल्स के बारे में बताया जा रहा है, हेलमेट एवं सीट बेल्ट की उपयोगिता एवं महत्व के विषय में जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।   recent visitors 44

नए साल पर महाकाल भस्म आरती की ऑनलाइन बंद, बदली दर्शन व्यवस्था

उज्जैन बाबा महाकाल के भक्तों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। 2024 के आखिरी और नए साल 2025 के शुरुआती दिनों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए महाकालेश्वर मंदिर समिति ने बड़ा फैसला लिया है। उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में दर्शन को सुगम बनाने के लिए समिति ने नई व्यवस्था लागू की है। समिति अध्यक्ष व कलेक्टर नीरजकुमार सिंह ने निर्धारित किया है कि 31 दिसंबर और 1 जनवरी को ऑनलाइन-ऑफलाइन भस्मआरती बुकिंग बंद रहेगी। दोनों दिन चलित भस्मआरती का विकल्प रखा है। सुबह 4.15 बजे से श्रद्धालु कार्तिकेय मंडपम् से आरती का लाभ ले सकेंगे। 45 मिनट में दर्शन होने का दावा श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति का दावा है कि नई व्यवस्था के मुताबिक, 40 से 45 मिनट में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शन कर पाएंगे। मंदिर प्रबंध समिति ने महाशिवरात्रि पर आए दर्शनार्थियों को देखते हुए दिसंबर के आखिरी दिनों और नए साल के पहले सप्ताह में 10 से 15 लाख दर्शनार्थी आने की उम्मीद जताई है। कालभैरव मंदिर में प्रवेश बंद इधर उज्जैन के श्री कालभैरव मंदिर में 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक गर्भगृह में प्रवेश पूर्ण रूप से बंद रहेगा। मंदिरों में ड्यूटीरत कर्मियों को बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के साथ अच्छा व्यवहार करने की सीख दी गई है। कलेक्टर ने 29 दिसंबर से 5 जनवरी तक श्री महाकालेश्वर मंदिर में शिफ्टवार ड्यूटी लगाई जाने के निर्देश दिए हैं। कहां से होगी एंट्री, कैसे आएंगे बाहर सामान्य दर्शनार्थियों के लिए व्यवस्था सामान्य श्रद्धालु चारधाम मंदिर पार्किंग से प्रवेश करेंगे। यहां से संग्रहालय के पास नंदी द्वार भवन, फेसेलिटी सेंटर 1 टनल, शक्ति पथ, त्रिवेणी, श्री महाकाल, मानसरोवर, नवीन टनल 1, और गणेश मंडपम् होते हुए श्री महाकालेश्वर के दर्शन करेंगे। दर्शन के बाद आपातकालीन निर्गम द्वार से बाहर निकलकर बड़ा गणेश मंदिर के पास हरसिद्धि मंदिर तिराहे पहुंचेंगे और अंत में चारधाम मंदिर पर वापस आकर अपने गंतव्य की ओर रवाना होंगे। जब श्रद्धालुओं की संख्या बढ़े यदि दर्शनार्थियों की संख्या अधिक हो जाती है, तो फेसेलिटी सेंटर 1 से मंदिर परिसर के निर्गम रैंप, गणेश मंडपम् और नवीन टनल के दोनों ओर से दर्शन की व्यवस्था की जाएगी। भीड़ और अधिक होने पर श्रद्धालुओं को सीधे फेसेलिटी सेंटर 1 से कार्तिकेय मंडपम् में प्रवेश दिलाया जाएगा। दर्शन के बाद द्वार नंबर 10 या निर्माल्य द्वार से बाहर निकलने की व्यवस्था रहेगी। वीआईपी दर्शनार्थियों के लिए व्यवस्था विशेष श्रेणी के दर्शनार्थी नीलकंठ द्वार से प्रवेश करेंगे। यहां से त्रिनेत्र (महाकाल लोक कंट्रोल रूम के सामने) होते हुए शंख द्वार, कोटितीर्थ कुंड और सभा मंडपम् के जरिए मंदिर में प्रवेश किया जाएगा। दर्शन के बाद, सभा मंडपम् से कोटितीर्थ कुंड, शंख द्वार, त्रिनेत्र और नीलकंठ द्वार के माध्यम से बाहर जाने का मार्ग तय होगा। recent visitors 135

पनामा नहर का इस्तेमाल करने के लिए अमेरिका से अनुचित शुल्क वसूला जा रहा है: डोनाल्ड ट्रंप

वाशिंगटन दूसरी बार राष्ट्रपति की कुर्सी पर बैठने से पहले ही डोनाल्ड ट्रंप के विवादित बयानों ने दुनियाभर में हलचल मचा दी है। अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने हालिया बयान में ग्रीनलैंड को खरीदने, पनामा नहर पर कब्जा वापस लेने और मजाकिया अंदाज में कनाडा को अमेरिका में शामिल करने की इच्छा जताई है। उनके इन बयानों ने न केवल वैश्विक तनाव बढ़ा दिया है, बल्कि विश्व नेताओं को भी भ्रमित कर दिया है कि ट्रंप अपने बयानों में गंभीर हैं या यह उनकी सुर्खियां बटोरने की रणनीति है। ग्रीनलैंड और पनामा नहर पर ट्रंप के बयान ट्रंप ने हाल ही में एक रूढ़िवादी सम्मेलन में कहा कि पनामा नहर का इस्तेमाल करने के लिए अमेरिका से "अनुचित शुल्क" वसूला जा रहा है। उन्होंने धमकी दी कि अगर यह "लूट" बंद नहीं होती है, तो वे पनामा नहर को अमेरिका के नियंत्रण में वापस लेने की मांग करेंगे। हालांकि, उन्होंने इसे हासिल करने का तरीका स्पष्ट नहीं किया। पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो ने ट्रंप के बयान पर कड़ा जवाब देते हुए कहा, "पनामा नहर और उसका आस-पास का क्षेत्र हमारे देश का हिस्सा है और ऐसा ही रहेगा।" इसके अलावा, ग्रीनलैंड पर भी ट्रंप ने कुछ ऐसा कह दिया है जिससे तनाव बढ़ सकता है। ट्रंप ने इसे "अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अत्यावश्यक" बताते हुए एक बार फिर इस क्षेत्र को खरीदने की इच्छा व्यक्त की। ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री मूटे एगडे ने इस पर सख्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "ग्रीनलैंड बिकाऊ नहीं है और कभी नहीं होगा।" राष्ट्रीय सुरक्षा और व्यापार रणनीति विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप की ये टिप्पणियां उनके "अमेरिका फर्स्ट" दृष्टिकोण को दर्शाती हैं, जिसमें वे अमेरिकी व्यापार और राष्ट्रीय सुरक्षा हितों को लेकर विदेश नीति में आक्रामक रवैया अपनाना चाहते हैं। पनामा नहर पर चीन के बढ़ते प्रभाव का हवाला देते हुए, ट्रंप ने कहा कि नहर की तटस्थता सुनिश्चित करना अमेरिकी हित में है। चीन इस नहर का दूसरा सबसे बड़ा इस्तेमाल करने वाला देश है। यही वजह है कि चीन ने हाल के वर्षों में पनामा में बड़े आर्थिक निवेश किए हैं। ग्रीनलैंड के संबंध में, अमेरिका वहां पिटुफिक स्पेस बेस का संचालन करता है। ग्रीनलैंड प्राकृतिक संसाधनों, विशेष रूप से दुर्लभ खनिजों और तेल के लिए समृद्ध है, और आर्कटिक सर्कल में व्यापार के लिए एक रणनीतिक स्थान पर स्थित है। राजनीतिक प्रतिक्रिया और आगामी चुनौतियां डेनमार्क ने ट्रंप प्रशासन के साथ काम करने की इच्छा व्यक्त की है और ग्रीनलैंड के लिए अपने रक्षा बजट में भारी वृद्धि की घोषणा की है। ट्रंप की सोशल मीडिया पोस्ट ने भी विवादों को हवा दी है। उन्होंने "ट्रुथ सोशल" पर एक तस्वीर साझा की, जिसमें अमेरिकी झंडा पनामा नहर के बीच में लहराता हुआ दिख रहा है। उनके बेटे एरिक ट्रंप ने एक्स (ट्विटर) पर एक तस्वीर पोस्ट की, जिसमें ग्रीनलैंड, पनामा नहर और कनाडा को एक ऑनलाइन शॉपिंग कार्ट में जोड़ा गया दिखाया गया है। ग्रीनलैंड और पनामा नहर क्या है? ग्रीनलैंड- ग्रीनलैंड दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है, जो आर्कटिक और अटलांटिक महासागरों के बीच स्थित है। यह डेनमार्क के अधीन एक स्वायत्त क्षेत्र है। इसकी भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक संसाधनों के कारण यह रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। भौगोलिक स्थिति: ग्रीनलैंड का अधिकांश भाग बर्फ से ढका हुआ है, और इसका आर्कटिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान है। प्राकृतिक संसाधन: यहां दुर्लभ खनिज, तेल और गैस के बड़े भंडार पाए जाते हैं। सैन्य महत्व: अमेरिका का पिटुफिक स्पेस बेस (Thule Air Base) ग्रीनलैंड में स्थित है, जो सैन्य और अंतरिक्ष गतिविधियों के लिए अहम है। राजनीतिक स्थिति: ग्रीनलैंड डेनमार्क का हिस्सा है, लेकिन इसके लोग स्वायत्त शासन का आनंद लेते हैं। पनामा नहर- पनामा नहर एक कृत्रिम जलमार्ग है, जो मध्य अमेरिका में स्थित पनामा देश के जरिए अटलांटिक और प्रशांत महासागरों को जोड़ता है। इतिहास: यह नहर 1914 में अमेरिका द्वारा बनाई गई थी और 1999 तक अमेरिकी नियंत्रण में रही। 1977 के समझौते के तहत इसे पनामा को सौंप दिया गया। महत्व: यह वैश्विक व्यापार का एक प्रमुख केंद्र है। जहाजों को दक्षिण अमेरिका के चारों ओर यात्रा करने की आवश्यकता नहीं होती, जिससे समय और ईंधन की बचत होती है। चीन का प्रभाव: हाल के वर्षों में चीन ने पनामा में बड़े निवेश किए हैं, जिससे यह नहर भू-राजनीतिक विवादों का हिस्सा बन गई है। वर्तमान स्थिति: नहर का संचालन और स्वामित्व पनामा के पास है, और यह देश की अर्थव्यवस्था का मुख्य स्तंभ है। ग्रीनलैंड और पनामा नहर, दोनों ही क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों, भू-राजनीतिक स्थिति, और वैश्विक व्यापार के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण हैं। यही कारण है कि इन पर नियंत्रण के मुद्दे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा का विषय बनते रहते हैं। ट्रंप का यह आक्रामक रवैया उनकी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। पहले कार्यकाल के दौरान, उन्होंने इसी तरह के बयानों और कदमों से अपने समर्थकों के बीच लोकप्रियता हासिल की थी। अब यह देखना बाकी है कि 20 जनवरी को पदभार संभालने के बाद उनके बयान हकीकत में बदलते हैं या सिर्फ चुनावी रणनीति तक सीमित रहते हैं। recent visitors 121

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के बीच US के सुरक्षा सलाहकार ने लगाया मोहम्मद यूनुस को फोन, दी चेतावनी

ढाका बांग्लादेश में हिंदुओं पर जारी हमलों के बीच संयुक्त राष्ट्र और अमेरिका ने वहां की अंतरिम सरकार को सख्त चेतावनी दी है। हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा के मद्देनजर संयुक्त राष्ट्र ने ढाका से आग्रह किया है कि वह देश के सभी नागरिकों के मानवाधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) जेक सुलिवन और बांग्लादेश के अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस के बीच फोन पर हुई बातचीत के दौरान भी इस मुद्दे पर चर्चा हुई। सुलिवन के साथ फोन पर बातचीत के दौरान मोहम्मद यूनुस ने बांग्लादेश में मानवाधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्धता जताई है। व्हाइट हाउस द्वारा जारी बयान में कहा गया, "दोनों नेताओं ने धर्म की परवाह किए बिना सभी लोगों के मानवाधिकारों का सम्मान करने और उनकी रक्षा करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।" यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका में बाइडन प्रशासन से सत्ता डोनाल्ड ट्रंप को सौंपने में केवल एक महीने से भी कम समय बचा है। ट्रंप अगले साल 20 जनवरी को अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेंगे। बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों पर हमले और हिंसा की घटनाएं जारी हाल ही में बांग्लादेश में हिंदू समुदाय और उनके पूजा स्थलों पर लगातार हमले हो रहे हैं। यह घटनाएं खास तौर पर शेख हसीना सरकार के पतन के बाद से तेजी से बढ़ी हैं। व्हाइट हाउस ने 13 दिसंबर को कहा कि राष्ट्रपति जो बाइडन बांग्लादेश की स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और अमेरिका देश की अंतरिम सरकार को धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जवाबदेह ठहराएगा। कांग्रेसमैन थानेदार ने की बांग्लादेश सरकार से कड़े कदम उठाने की अपील भारतीय अमेरिकी डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद श्री थानेदार ने हाल ही में व्हाइट हाउस से अपील की कि वह बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या और मंदिरों को नष्ट करने के मुद्दे को प्रमुखता से उठाए। उन्होंने कहा, "अमेरिका को हमेशा से पीड़ितों की आवाज बनने का गौरव प्राप्त रहा है। हमें इस मामले में भी ऐसा ही करना चाहिए। प्रधानमंत्री मुहम्मद यूनुस को अपने वादे को पूरा करना होगा और शांति व समानता के सिद्धांतों पर देश का पुनर्निर्माण करना होगा।" मानवाधिकार संगठनों की चेतावनी रिपोर्ट के मुताबिक, हिंदूएक्शन जैसी मानवाधिकार संगठन ने कहा कि बांग्लादेश में पिछले कुछ महीनों में हिंसा की घटनाओं में तेजी आई है। संगठन के कार्यकारी निदेशक उत्सव चक्रवर्ती ने कहा कि "पिछले साढ़े पांच महीनों में जो कुछ हुआ है, वह दर्शाता है कि मुहम्मद यूनुस अपने जमात-ए-इस्लामी के सहयोगियों को रोकने में असफल रहे हैं। ये लोग देशभर में मंदिर जला रहे हैं, लोगों की हत्या कर रहे हैं और हिंदू समुदाय की महिलाओं पर अत्याचार कर रहे हैं।" उन्होंने कहा, "अमेरिका को बांग्लादेश पर प्रतिबंध लगाने और हिंदू, बौद्ध और ईसाई समुदाय के लिए सुरक्षित क्षेत्रों की स्थापना करने की दिशा में कदम उठाना चाहिए।" इस गंभीर स्थिति में बांग्लादेश की सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। हिंदू समुदाय और अन्य अल्पसंख्यक समूहों ने शांति और सुरक्षा की गुहार लगाई है। recent visitors 63

अनहोनी टली, राजस्थान-टोंक में ट्रक की टक्कर से पांच बार पलटी कार में लगी आग

टोंक। जिले के डिग्गी थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम हुए एक सड़क हादसे में डिग्गी से श्रीजी महाराज के दर्शन कर जयपुर लौट रहे समर शर्मा की कार को डेचवास मोड़ के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। टक्कर के बाद कार पांच से सात बार पलटी खाकर सड़क पर खड़ी हो गई और कार में सवार समर शर्मा कार के भीतर ही बेहोश हो गए। कुछ ही देर में कार आग की चपेट में आ गई। हादसा इतना भयंकर था कि कार पूरी तरह जलकर राख हो गई। हालांकि मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए समर शर्मा को जलती हुई कार से बाहर निकाल लिया, जिससे कोई अनहोनी होने से बच गई। हादसे के कारण जयपुर-डिग्गी-भीलवाड़ा स्टेट हाईवे पर लंबा जाम लग गया। यातायात ठप होने से सड़क पर वाहनों की कतार लग गई। सूचना मिलते ही डिग्गी थाना पुलिस, फायर ब्रिगेड और 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंचे और दमकल की मदद से आग पर काबू पाया गया और पुलिस ने यातायात बहाल किया। कार से बाहर निकाले जाने के बाद समर शर्मा को प्राथमिक उपचार दिया गया। समर ने बताया, "डिग्गी श्रीजी महाराज के दर्शन के बाद यह हादसा हुआ। मुझे ऐसा लगता है कि यह केवल महाराज की कृपा और ग्रामीणों की तत्परता थी, जिसने मेरी जान बचाई।" डिग्गी थाने के एएसआई रमेशचंद्र ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस मय जाब्ते मौके पर पहुंची और फायर ब्रिगेड की मदद से कार में लगी आग को बुझाया। कार मालिक की शिकायत के बाद अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू की जाएगी। हादसे के बाद जले हुए कार के मलबे को देखने के लिए सैकड़ों लोग घटनास्थल पर जुट गए, जिससे हाईवे पर लगभग एक घंटे तक जाम लगा रहा। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जाम खुलवाया और यातायात को सामान्य किया। recent visitors 83

बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में हुई बारिश, बदला मौसम का मिजाज: मौसम विभाग

नई दिल्ली दिल्ली एनसीआर में हुई बारिश के बाद देश की राजधानी की वायु गुणवत्ता में सुधार देखा गया। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में भी ऐसी ही स्थिति है। इसके अलावा, जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में बारिश हुई। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली में बुधवार को बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन गुरुवार शाम से हल्की बारिश हो सकती है। इसके कारण ठंड बढ़ने की संभावना है। दिल्ली में क्रिसमस के दिन 25 दिसंबर को साफ मौसम रहेगा, हालांकि कुछ क्षेत्रों में धुंध की संभावना है। 26 दिसंबर की रात से हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। वहीं, 27 दिसंबर को हल्की बारिश में बदल सकती है। इस दौरान दिल्ली का अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इसी तरह 28 दिसंबर को भी हल्की बारिश हो सकती है और 29 दिसंबर से साफ मौसम वापस आ सकता है। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के पड़ोसी क्षेत्रों के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ की बात कहते हुए दक्षिण पंजाब और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी एक चक्रीय परिसंचरण सक्रिय होने की बात कही है। 27 दिसंबर से एक नया सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ पश्चिमी हिमालय क्षेत्र और उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी क्षेत्रों की ओर बढ़ने की संभावना है। इसके कारण, आने वाले 24 घंटों में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश और बर्फबारी की संभावना है। वहीं, जम्मू और कश्मीर में भी बौछारें हो सकती हैं। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश के उत्तरी हिस्से, ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश, तटीय तमिलनाडु, तेलंगाना के कुछ हिस्सों, दक्षिण छत्तीसगढ़ और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। मौसम विभाग के मुताबिक, केरल और तटीय कर्नाटक में भी हल्की बारिश का अनुमान है। recent visitors 107

अरविंद केजरीवाल ने कहा- आतिशी को गिरफ्तार किया जा सकता है, मुझ पर भी रेड होगी

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संजोयक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में चुनाव से पहले आशंका जाहिर की है कि मुख्यमंत्री आतिशी को गिरफ्तार किया जा सकता है। केजरीवाल ने बुधवार को आतिशी, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए दावा किया कि एक बार फिर उनके खिलाफ भी रेड होगी। केजरीवाल ने आशंका जाहिर की कि ट्रांसपोर्ट विभाग के एक केस के तहत ऐसा किया जा सकता है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्हें सूत्रों से ऐसी जानकारी मिली है। पूर्व सीएम ने कहा, ‘हमें 3-4 दिन पहले हमें अपने सूत्रों से पता चला है कि ईडी, सीबीआई और इनकम टैक्स की मीटिंग हुई है। उस मीटिंग में ऊपर से आदेश आए हैं कि कुछ भी फर्जी केस करके आतिशी को गिरफ्तार किया जाए। मैं पूरी जिम्मेदारी से आरोप लगा रहा हूं कि इन तीनों एजेंसियों से कहा गया है कि कुछ भी फर्जी केस करके आतिशी को गिरफ्तार किया जाए।’ आप सुप्रीमो ने कहा कि चुनावी तैयारियों से रोकने के लिए उनके खिलाफ, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, आतिशी, सौरभ भारद्वाज के खिलाफ छापेमारी की जाएगी। केजरीवाल ने कहा, ‘ऐसा भी सूत्रों से पता चला है कि ट्रांसपोर्ट विभाग में कोई फर्जी केस तैयार किया जा रहा है। इनका मकसद है कि महिलाओं की फ्री यात्रा बंद कराना चाहते हैं। ट्रांसपोर्ट विभाग में फर्जी केस तैयार किया जा रहा है। हमें यकीन है कि लोग गंदी साजिशों का जवाब देंगे। देश की जनता इस तरह की राजनीति पसंद नहीं करती।’ मुझे न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा: आतिशी आतिशी ने कहा, 'हमें पुख्ता खबर मिली है कि ट्रांसपोर्ट विभाग के एक फर्जी केस के माध्यम से दिल्ली में महिलाओं की फ्री यात्रा बंद करने के लिए मेरे ऊपर फर्जी केस का प्रयास किया जा रहा है। हमने हमेशा ईमानदारी से काम किया है और करेंगे। मुझे विश्वास है कि यदि एजेंसियां मुझे गिरफ्तार करती हैं, आखिरकार सच्चाई सामने आएगी। मुझे देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। जिस तरह सीनियर नेताओं को फर्जी केस में गिरफ्तार किया गया और फिर सबको बेल मिली। मुझे संविधान और न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। आप हम पर झूठे केस करके दिल्लीवालों की सुविधाएं रोकना चाहते हैं, दिल्ली की जनता सब देख रही है।' महिला सम्मान योजना और संजीवनी पर क्या दी सफाई आतिशी ने महिला एवं बाल कल्याण विभाग और स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी नोटिस को गलत बताया है, जिनमें जनता से अपील की गई है कि वे इन योजनाओं के नाम पर अपने दस्तावेज किसी से साझा ना करें। मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा, 'जो नोटिस आज अखबारों में जारी हुए वे पूरी तरह गलत हैं। कुछ अफसरों पर भाजपा ने दबाव बनाकर गलत सूचना अखबार में छपवाई है। इन अफसरों पर पुलिस कार्रवाई भी की जाएगी। सूचना निकाली गई कि महिला सम्मान जैसी योजना नहीं, जबकि दिल्ली सरकार की कैबिनेट का नोटिफिकेशन है। 1000 की स्कीम नोटिफाई हो चुकी है। अफसरों पर सख्त कार्रवाई होगी, पुलिस कार्रवाई भी होगी। आम आदमी पार्टी की घोषणा है कि सरकार बनने के बाद संजीवनी योजना लाई जाएगी। सरकार बनने के बाद 1000 की स्कीम को 2100 किया जाएगा।' वहीं, पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘जाहिर तौर पर यह चुनावी घोषणा है, जनता को भरोसा है, जनता रजिस्टर कर रही है। जो लोग रजिस्टर कर रहे हैं, उन्हें चुनाव के बाद फायदा दिलाएंगे। यह हमारा, आम आदमी पार्टी का चुनावी वादा है तो आम आदमी पार्टी रजिस्टर कर रही है।’ recent visitors 67