Sunday, July 5, 2026 4:21 am

शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाना तंबाकू नियंत्रण के लिए अत्यंत आवश्यक : एमडी एनएचएम डॉ. सिडाना

तंबाकू नशा-मुक्ति के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाएं : एमडी एनएचएम डॉ. सिडाना युवाओं में तंबाकू सेवन की प्रवृति चिंताजनक, समन्वित प्रयास से निकालेंगे हल : एमडी एनएचएम डॉ. सिडाना शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाना तंबाकू नियंत्रण के लिए अत्यंत आवश्यक : एमडी एनएचएम डॉ. सिडाना राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम में राज्य स्तरीय स्मॉल वर्किंग ग्रुप की हुई बैठक भोपाल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की प्रबंध संचालक डॉ. सलोनी सिडाना ने कहा कि युवाओं में तंबाकू सेवन की प्रवृत्ति एक गंभीर समस्या है। बच्चों को बचपन में जो संस्कार मिलते हैं, वे जीवनभर उनके साथ रहते हैं। शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाना तंबाकू नियंत्रण के लिए अत्यंत आवश्यक है। डॉ. सिडाना ने कहा कि एनएचएम, ‘उमंग कार्यक्रम’ में स्कूलों में तंबाकू नियंत्रण के लिए शिक्षा विभाग के साथ मिलकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाएगा। एनएचएम कार्यालय भोपाल में गुरूवार को राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के तहत राज्य स्तरीय स्मॉल वर्किंग ग्रुप की बैठक में संचालित गतिविधियों, वर्तमान स्थिति और भविष्य की कार्य योजना पर मंथन किया गया। एम.डी. डॉ. सिडाना ने निर्देश दिए कि COTPA (सिगरेट्स एंड अदर टोबैको प्रोडक्ट्स एक्ट) और ToFEI (टोबैको-फ़्री एजूकेशनल इंस्टीट्यूशंस) गाइडलाइन्स का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिये विभागीय समन्वय से प्रयास किये जाए। उन्होंने कहा कि तंबाकू की लत छुड़ाने के लिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाया जाए और राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य नीति के अनुरूप नशा मुक्ति अभियान में तंबाकू सेवन करने वालों को भी सहयोग प्रदान किया जाये। आयुष विभाग के वेलनेस कार्यक्रम से भी तंबाकू सेवन करने वालों को मार्गदर्शन प्रदान किया जाये। वेलनेस गतिविधियाँ योग, ध्यान आदि मानसिक रूप से मजबूत बनाने और तंबाकू सेवन की लत से मुक्ति दिलाने में सहयोगी होंगी। एमडी एनएचएम ने जिलों में टीबी नियंत्रण सेल को तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रमों से समन्वय करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही नेशनल ओरल हैल्थ प्रोग्राम और राष्ट्रीय कैंसर नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत तंबाकू सेवन करने वालों की प्राथमिकता से स्क्रीनिंग करने को कहा। वरिष्ठ संयुक्त संचालक डॉ. प्रज्ञा तिवारी, मध्यप्रदेश वालिंटियरी हेल्थ एसोसिएशन के कार्यकारी निदेशक मुकेश कुमार सिन्हा सहित विभिन्न विभागों के राज्य स्तरीय स्मॉल वर्किंग ग्रुप के अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 70

छत्तीसगढ़ सरकार ने जो अधिसूचना जारी की है उसमे ओबीसी का आरक्षण खत्म कर दिया गया है: रामनरेश पटेल

मनेंद्रगढ़/एमसीबी मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ओबीसी वर्ग के लोगो ने एकजुट होकर पत्रकार भवन में कहा कि ओबीसी वर्ग के लिए अब आरक्षण की लड़ाई लड़ी जाएगी, वर्तमान में छत्तीसगढ़ सरकार ने जो अधिसूचना जारी की है उसमे ओबीसी का आरक्षण खत्म कर दिया गया है। जिलाध्यक्ष ओबीसी महासभा रामनरेश पटेल ने कहा कि ओबीसी का आरक्षण विलोपित किया गया है जिससे हम सब आक्रोशित है, सरकार हमारा आरक्षण बहाल करें। सभी ने प्रेसवार्ता में बताया कि छत्तीसगढ़ प्रदेश के सरगुजा और बस्तर संभाग के सभी जिलों में पाँचवी अनुसूची लागू है, जिसके कारण इन क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम की धारा 129 (ड.) के तहत ST वर्ग के लिए सरपंच या अध्यक्ष के समस्त पद ST वर्ग के सदस्यों के लिए आरक्षित रहेंगे, ST वर्ग के लिए आरक्षण स्थानों की कुल संख्या से आधे से कम नहीं होगा. परंतु इसी धारा के उपधारा (03) में स्पष्ट प्रावधान है कि अधिसूचित क्षेत्रों के पंचायतों में भी OBC वर्ग के लिए आरक्षण रहेगा लेकिन ST/SC एवम् OBC का कुल मिला कर आरक्षण 75% से अधिक नहीं होगा । छत्तीसगढ़ शासन द्वारा छत्तीसगढ़ पंचायत राज (संशोधन) अध्यादेश 2024 में उपरोक्त मूल अधिनियम की धारा 129 (ड.) की उपधारा (03) को लोप कर दिया गया है, जिसके कारण अधिसूचित क्षेत्रों में भी OBC वर्ग को मिलने वाली आरक्षण की पात्रता समाप्त (शून्य) हो गई है। इस प्रकार इन क्षेत्रों में निवासरत हम OBC वर्ग के मौलिक अधिकारों का हनन कर हमारे साथ घोर अन्याय एवम् छल किया गया है। बैठक में सभी ने एक स्वर में कहा है कि हम सभी OBC वर्ग के लोग मांग करते हैं कि OBC वर्गों को नगरीय निकायों एवं पंचायतो मे मिलने वाले आरक्षण को बहाल करें। इस अवसर पर रामनरेश पटेल,ओमप्रकाश विश्वकर्मा, विष्णु दास, हँसनारायण सिंह, रमेश यादव, मनोज चक्रधारी, दिलीप पंत, राम बसंत, गोपी राय, नसीम अंसारी, मो. ऱहमतुल्ला, सहित काफी संख्या में ओबीसी वर्ग के पधाधिकारी उपस्थित थे। ओबीसी महासभा द्वारा 27 दिसम्बर को  खड़गवा, 28 दिसम्बर को भरतपुर ब्लाक में धरना प्रदर्शन होगा 29 दिसम्बर को जिला मुख्यालय में धरना प्रदर्शन आयोजित है। recent visitors 55

उत्तर भारत शीतलहर के आगोश में, पहाड़ों पर बर्फबारी, UP और बिहार में घना कोहरा, बारिश से बढ़ेगी ठिठुरन

लखनऊ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत समूचा उत्तर भारत शीत लहर के आगोश में है। पहाड़ों पर गिर रही बर्फ से मैदानों में ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण दिल्ली समेत कई राज्यों में हल्की बारिश होने और कोहरा छाने की संभावना है। दिल्ली में आज अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने की संभावना है। अगले तीन दिन के लिए घने कोहरे की चेतावनी (येलो अलर्ट) जारी की गई है। राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्सों में आज सुबह कोहरे की पतली परत छाई रही और न्यूनतम तापमान गिरकर 7 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। विभाग के अनुसार एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने कारण 27 और 28 दिसंबर को उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में ओलावृष्टि के साथ हल्की से मध्यम वर्षा या गरज के साथ आंधी-तूफान आने की संभावना है। साथ ही दिल्ली में अगले कुछ दिनों तक कोहरा गिरने और हल्की बारिश की संभावना है। इससे ठंड में इजाफा होने की उम्मीद है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, अगले तीन दिनों तक सुबह के समय हल्का कोहरा छाए रहने की संभावना है। रविवार को कोहरा घना हो सकता है। दिल्ली में आज दिनभर आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। शाम और रात के समय हल्की बारिश हो सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान 23 और न्यूनतम 7 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। कल 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। समूचा हिमाचल प्रदेश शीत लहर की चपेट में है। कहीं-कहीं तो पारा शून्य से नीचे है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बर्फबारी के कारण मैदानी क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। मैदानी क्षेत्र में शीतलहर चल रही है, जिससे लोग कांप रहे हैं। न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है, वहीं कोहरा के कारण वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक लग गई है। पूरे क्षेत्र में धुंध के कारण हाईवे पर सुबह 10 बजे तक वाहनों को रेंगते हुए देखा गया। मौसम विभाग के मुताबिक, न्यूनतम तापमान में लगातार गिरावट आने से ठंड और बढ़ेगी। न्यूनतम तापमान छह डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। रात के समय न्यूनतम तापमान में और गिरावट आ जाती है। इसके चलते सर्दी का प्रकोप काफी हो जा रहा है। ठंड से बीमार पड़ रहे हैं लोग उल्लेखनीय है कि सर्दी के एकदम से बढ़ने से वायरल बीमारियों की चपेट में भी लोग आ रहे हैं। सिविल अस्पताल में सर्दी से बीमार होने वाले लोगों की संख्या बढ़ रही है।   recent visitors 87

रामलला के दर्शन जाने वालों के लिए खुशखबरी! 1 जनवरी से बढ़ जाएगी दर्शन की टाइमिंग, जानिए क्यों लिया ये फैसला

अयोध्या  उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए अयोध्या में भी रामलला के दर्शन का समय 1 जनवरी से एक घंटा बढ़ाए जाने की निर्णय लिया गया है। श्री जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य अनिल मिश्रा ने सोमवार को यह जानकारी दी। अनिल मिश्रा ने बुधवार को कहा कि प्रयागराज में आने वाले श्रद्धालुओं की सहूलियत को देखते हुए ट्रस्ट ने निर्णय लिया है कि रामलला के दर्शन का समय 1 जनवरी से एक घंटे के लिए बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस साल 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा के बाद देश और दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बहुत व्यवस्थित व्यवस्था की गई है। सात प्रवेश मार्गों का इस्तेमाल किया जाता है। यात्रियों की सुविधा के लिए वस्तुओं को रखने और उनके जूते-चप्पल रखने की व्यवस्था है। पास में दो हजार लोगों के बैठने की व्यवस्था है। पेयजल और चिकित्सा की व्यवस्था है। इन सब सुविधाओं का लाभ उठाया जा सकता है। उसके बाद दर्शन के लिए प्रस्थान करते हैं। सुरक्षा के बाद चार पंक्तियों से लोग जाते हैं। वहां पर रामलला के दर्शन बहुत दिव्यता से होते हैं। प्रतिदिन सुगमता पूर्वक तीन लाख लोग दर्शन कर सकते हैं। पंक्ति में रहकर नजदीक से दर्शन की व्यवस्था है। निकास मार्ग पर प्रसाद की व्यवस्था है। प्रत्येक श्रद्धालु जो यहां आता है उसे प्रसाद मिलता है। प्रत्येक लाइन में बैठने के लिए बेंच भी है। तीन लाख लोग 40 से 45 मिनट में दर्शन कर सकते हैं। अगले साल 1 जनवरी से दर्शन की अवधि बढ़ाने का फैसला किया गया है। दर्शन की अवधि करीब एक घंटे और बढ़ाएंगे जिससे 1 जनवरी को आने वाले श्रद्धालुओं और महाकुंभ में आने वाले भक्तों को सुविधा होगी। recent visitors 70

बर्फबारी के कारण शिमला-मनाली की 223 सड़कें समेत 3 नेशनल हाईवे बंद, आने से पहले देख लें किन रूट्स से जा सकेंगे

 शिमला हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी राज्य में शिमला और मनाली जैसे स्नोफॉल के कारण व्हाइट वंडरलैंड में बदल गए हैं। ऐसे में यहां आने वाले टूरिस्ट्स की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है, वहीं दूसरी ओर स्नोफॉल के कारण 200 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं और वाहन फिसलने की घटनाओं के कारण चार लोगों की मौत हो गई है। यहीं नहीं यहां आने वाले टूरिस्ट्स को होटल की बुकिंग के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है, क्योंकि होटल बुकिंग में वृद्धि हुई है, जिसकी वजह से टूरिस्ट को होटल मिल नहीं है और जो मिल रहे हैं, उनके रेट सातवें आसमान पर पहुंच गए हैं। अगर आप इन हिल स्टेशनों पर घूमने आ रहे हैं, तो अपना प्लान पोस्टपोन कर सकते हैं, वहीं यहां आने से पहले रूट्स के बारे में भी जान लेने में समझदारी है। शिमला, कुल्लू, मंडी, चंबा और सिरमौर जिलों के साथ किन्नौर, लाहौल और स्पीति में भारी स्नोफॉल हुआ है। हालांकि, इन बर्फ से लदे हिल स्टेशनों के रास्ते में खराब मौसम और सड़क पर घातक स्थितियों के बावजूद भी टूरिस्ट का यहां आना रुका नहीं। न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, शिमला में कमरे की बुकिंग 70 प्रतिशत है, जो पिछले दिसंबर की तुलना में 30 प्रतिशत से अधिक है। अधिकारियों ने मंगलवार को कहा कि हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में ताजा बर्फबारी से जहां टूरिस्ट्स खुश नजर आ रहे हैं, वहीं राज्य में तीन नेशनल हाईवे सहित कम से कम 223 सड़कें बंद हो गईं। पीटीआई ने मंगलवार को बताया कि अटारी और लेह, कुल्लू जिले में संज से औट और किन्नौर जिले में खाब संगम और लाहौल और स्पीति जिले में ग्रैम्फू के बीच नेशनल हाईवे सहित लगभग 223 सड़कें यातायात के लिए बंद कर दी गईं। बता दें, सोमवार को राज्य आपदा प्रबंधन टीम ने अटल टनल में फंसे करीब 500 वाहनों में सवार टूरिस्ट्स को बचाया। पिछले 24 घंटों में कई वाहनों के सड़क से फिसल जाने से कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए हैं। शिमला में 145, कुल्लू में 25 और मंडी जिले में 20 सड़कें बंद हैं। ट्रांसफॉर्मर फेलियर के 356 मामलों के कारण कई क्षेत्र बिजली के बिना काम कर रहे थे। हालांकि हिमाचल सरकार ने सड़कों को साफ करने के लिए दो स्नो ब्लोअर सहित 268 मशीनें लगाई हैं। ​हिमाचल प्रदेश के शिमला और मनाली ऐसे टूरिस्ट्स प्लेस हैं, जहां हर साल सर्दियों में लाखों की संख्या में टूरिस्ट्स घूमने आते है और यहां आकर नया साल और क्रिसमस सेलिब्रेट करते हैं। ऐसे में टूरिस्ट्स की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने एडवाइजरी जारी की है, जिसमें स्थानीय लोगों की बात सुनने और बर्फ में गाड़ी चलाने से बचने की सलाह दी है। इसी के साथ ऐसी जगह पर ट्रैवल करने से बचें, जहां एक्सीडेंट के ज्यादा चांस होते हैं। भारी स्नोफॉल और कड़ाके की ठंड पड़ने के कारण टूरिस्ट्स की तबीयत बिगड़ रही है, ऐसे में सभी टूरिस्ट्स को अपना ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। ठंड से बचने के लिए लेयरिंग में कपड़े पहनें और अपने साथ गर्म टोपी, दस्ताने और मफ्लर जरूर रखें। साथ ही खुद को हाइड्रेट करने के लिए पानी पीते रहें और गर्म खाना खाएं। recent visitors 147

5000 भक्तों के सामूहिक सुंदरकांड के पाठ से भक्तिमय होगा इंदौर

इंदौर अशोक नगर एयरपोर्ट रोड स्थित एमपी पब्लिक स्कूल में 30 दिसंबर को शाम 4 बजे संगीतमय सुंदरकांड पाठ एवं भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। स्कूल संचालक के अनुसार इसमें 5000 लोगों द्वारा सुंदरकांड का पाठ करने की संभावना है। recent visitors 181

रूस और यूक्रेन के बीच करीब तीन साल से चल रहा युद्ध और गहरा गया, अब रूस से भिड़ेगा पोलैंड?

वॉरसा रूस और यूक्रेन के बीच करीब तीन साल से चल रहा युद्ध और गहरा गया है। क्रिसमस के दिन यानी बुधवार को रूस ने यूक्रेन पर जल, थल और नभ से ताबड़तोड़ 78 मिसाइल और 106 ‘शाहेद’ और अन्य प्रकार के ड्रोन दागकर हमले किए। अधिकांश हमले यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों पर किए गए। इसकी वजह से यूक्रेनी लोगों को क्रिसमस की सुबह मेट्रो स्टेशनों में शरण लेने के लिए मजबूर होना पड़ा। पड़ोसी देश और नाटो सदस्य देश पोलैंड रूस के इस हमले से बौखला गया और फटाफट क्रिसमस की सुबह ही रूस सीमा पर फाइटर जेट विमान तैनात कर दिए। पोलिश सशस्त्र बलों की संचालन कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में ये जानकारी दी है रूस के मिसाइल हमलों को देखते हुए लड़ाकू विमानों को रवाना कर दिया गया है। पोस्ट में कहा गया है कि यूक्रेन से सटी सीमा पर एयर डिफेंस सिस्टम की भी तैनाती कर दी गई है। पोलिश कमांड ने कहा है कि पोलैंड सीमा पर इस तरह की तैयारी आसन्न खतरों से निपटने के तहत एक मानक प्रक्रिया है। पोलैंड के डिफेंस कमान ने कहा है कि नाटो क्षेत्र में रूस का मुकाबला करने के लिए यह त्तकाल उठाया गया कदम है। बता दें कि पोलैंड नाटो का सदस्य देश है। रूस से उसके भी रिश्ते अच्छे नहीं हैं। यह तीसरी बार है, जब पोलैंड ने सीमा पर फाइटर जेट विमानों की तैनाती है। इससे पहले इसी महीने की शुरुआत में भी पोलैंड ने यूक्रेन पर रूसी मिसाइल हमलों का जवाब लड़ाकू विमानों को भेजकर दिया था। इसके अलावा इसी साल अगस्त में भी पोलैंड ने बाल्टिक सागर के ऊपर अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में टोही मिशन पर आए एक रूसी विमान IL-20 को खदेड़ने के लिए दो F-16 फाइटर जेट विमानों को भेजा था। इस बीच, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने ‘एक्स’ पर एक बयान में कहा, ‘‘पुतिन ने जानबूझकर हमले के लिए क्रिसमस का दिन चुना। इससे अधिक अमानवीय क्या हो सकता है?’’ यूक्रेनी ऊर्जा मंत्री हरमन हालुशेंको ने फेसबुक पर दिए एक बयान में कहा कि रूस ने फिर से ‘‘ऊर्जा अवसंरचना पर बड़े पैमाने पर हमला किया है।’’ हालुशेंको ने कहा, ‘‘(बिजली) वितरण प्रणाली संचालक ने बिजली प्रणाली को हुई क्षति के प्रभाव को सीमित करने के लिए खपत न्यूनतम करने के उपाय किए हैं। जैसे ही सुरक्षा स्थिति अनुकूल होगी विद्युतकर्मी नुकसान का आकलन करेंगे।’’ यूक्रेन की वायुसेना ने कहा कि रूस द्वारा देश के पूर्व में खारकीव, निप्रो और पोल्टावा क्षेत्रों पर कई मिसाइल दागी गईं। यूक्रेन की सबसे बड़ी निजी बिजली कंपनी डीटीईके ने कहा कि रूस ने बुधवार सुबह उसके एक ताप विद्युत संयंत्र पर हमला किया। इसने बताया कि इस वर्ष यूक्रेन की विद्युत ग्रिड पर रूस का यह 13वां हमला है। recent visitors 51