Wednesday, July 8, 2026 6:13 am

बिना नोटिस अधिकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई पर लगे रोक, छत्तीसगढ़-बीजापुर में सर्व आदिवासी समाज की मांग

बीजापुर। बीजापुर में बिना नोटिस के आदिवासी अधिकारी कर्मचारियों पर होने वाली कार्रवाई पर रोक की मांग को लेकर सर्व आदिवासी समाज ने आदिवासी विकास परियोजना प्रशासक और बीजापुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी ने बताया कि बीते दिनों समाचार माध्यमों से ज्ञात हुआ है कि जिले के चिन्नाकोड़ेपाल और दुगईगुड़ा पोर्टा केबिन आवासीय विद्यालय के प्रभारी अधीक्षकों को अव्यवस्थाओं के लिए दोषी मानते हुए एक तरफा कार्रवाई की गई है जोकि न्याय संगत नहीं है। अनुसूचित जनजाति वर्ग के अधिकारी कर्मचारियों से बिना उनका पक्ष जाने और चेतावनी, नोटिस के बिना वेतन वृद्धि रोके जाने जैसी घटनाओं पर तत्काल अंकुश लगाते हुए ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई किए जाने की मांग की गई है। सर्व आदिवासी समाज के अध्यक्ष जग्गूराम तेलामी ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्र में कार्यरत सभी अधिकारी कर्मचारियों से अपेक्षा की जाती है कि यहां के आम जन मानस के समस्याओं के प्रति पूरी संवेदनशीलता के साथ समाधान में सहभागी बनेंगे। इसके साथ ही जिले में अधिकारी कर्मचारी निर्भय होकर अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे। जग्गूराम तेलामी ने कहा कि  बिना नोटिस आदिवासी अधिकारी कर्मचारियों पर कार्रवाई पर रोक नहीं लगने की स्थिति में सड़क की लड़ाई के लिए समाज मजबूर होगा जिसकी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। recent visitors 41

नाक के ऊपर जमे ब्लैकहेड्स घर पर ही इन तरीकों से करे साफ

आजकल फेस पैक और स्क्रब को छोड़कर लोग नाक और चिन से ब्लैकहेड्स हटाने के लिए टिशु पेपर का इस्तेमाल कर रहे हैं। ये सुनने में भले ही आपको थोड़ अटपटा लगे लेकिन कई महिलाओं ने इसे आजमाया है और इस नुस्खे को असरदार बताया है। हम बात कर रहे हैं ब्यूटी कंटेंट क्रिएकर इसरा अब्दुल्लाह के बताए घर पर नोज स्कीप बनाने के तरीके की। जी हां, और आज हम आपको भी घर पर नोज स्ट्रिप बनाने और इसे इस्तमाल करने का तरीका बताने वाले हैं। ये नुस्खा बनाने और लगाने, दोनों में ही आसान है। आपको इसके लिए टिशु पेपर के साथ कुछ और चीजों की भी जरूत होगी। आइए जानते हैं टिशु पेपस से नोज स्ट्रिप बनाने का तरीका। नोज स्ट्रिप बनाने के लिए क्या चाहिए?     टिशु पेपर- 1     अंडा- 1 छोटी कटोरी     चावल का आटा- 1/2 चम्मच     मुल्तानी मिट्टी- 1/2 चम्मच ऐसे तैयार और इस्तेमाल करें नुस्खा     सबसे पहले आप एक कटोरी लें और उसमें अंडे का सफेद भाग निकाल लें।     अब इसमें चावल का आटा और मुल्तानी मिट्टी डालकर अच्छे से मिक्स कर लें।     अब नोज स्ट्रिप बनाने के लिए आप अपने ब्लैकहेड्स और वाइटहेड्स वाले एरिया पर टिशु की डबल लेयर लगाएं।     इसके लिए पहले आप अंडे वाले पैक को अपनी नाक पर लगाएं और फिर उसपर टिशू पेपर चिपका दें।     इसी तरह जहां-जहां आपके चेहरे पर जैसे की नाक और ठुड्डी पर ब्लैकहेड्स हैं वहां अंडा और टिशू पेपर लगा दें।     अब इसे सूखने के लिए चेहरे पर ऐसे ही लगा रहने दें।     जब ये सूख जाए तो हल्क हाथों से इस स्ट्रिप को निकाल लें।     आप देखेंगे कि नाक एकदम साफ हो गई है और त्वचा काफी फ्लॉलेस दिख रही है।     इसमें सभी नेचुरल चीजों का इस्तेमाल किया गया है इसलिए आप इस नुस्खे को हफ्ते में दो से तीन बार या अपनी जरूरत के अनुसार भी इस्तेमाल कर सकते हैं। recent visitors 85

करंट लगने से मौत की आशंका, छत्तीसगढ़-कोरबा के जंगली तालाब में मिली हाथी की लाश

कोरबा. कोरबा जिले में एक दंतैल हाथी की मौत से हड़कंप मच गया है। हाथी का शव पानी में मिला है। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच आगे की कार्यवाही में जुट गई है। मौत की वजह करंट बताया जा है।मामला कोरबा वनमण्डल के कुदमुरा रेंज अंतर्गत गीतकुंवरी क्षेत्र का है जहां शनिवार की सुबह वन विभाग को हाथी की मौत के मामले की जानकारी मिली। हाथी की मौत किन परिस्थितियों में हुई इस बात का अभी पता नहीं लग सका है। बताया जा रहा है कि सुबह के वक्त ग्रामीण जंगल की ओर गए हुए थे इस दौरान अचानक हाथी पर नज़र पड़ी देखने के बाद मौके पर हड़कप मच गया है।वहीं देखते ही देखते ग्रामीणों के भीड़ एकत्रितहो गई। इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दी गई जहां मौके पर पहुंचे घटनाक्रम की जानकारी लेते हुए आगे की जांच कार्यवाही शुरू की जिस स्थान पर हाथी डूबा है वह नाला नुमा है और पानी ज्यादा नहीं है। वन विभाग की ओर से एसडीओ दक्षिण सूर्यकांत सोनी ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के टीम मौके पर पहुंची हुई है और जांच कार्यवाही शुरू कर दी है हाथी की मौत कब कैसे और किन परिस्थितियों में हुई है यह अब तक स्पष्ट नहीं हो पाया है हाथी कहां से आया है और किसी ओर से आया है इसकी जांच कर आगे की कार्यवाही की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि जंगली जानवर किसी कार्य करने के लिए करंट प्रवाहित तार लगाया गया था जिसकी चपेट में आने से उसकी मौत होने की आशंका जताई जा रही है फिलहाल करंट से मौत होने की पुष्टि नहीं की जा रही है। recent visitors 63

हड्डियों को मजबूत बनाने और स्किन को चमकदार बनाने के लिए सही तरीके से खाएं मूंगफली

सर्दियों के मौसम में मूंगफली सिर्फ टाइमपास स्नैक्स नहीं, बल्कि सेहत का खजाना है। ठंड के दिनों में लोग इसे खूब चाव से खाते हैं, क्योंकि यह न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होती है, बल्कि शरीर को गर्म रखने के साथ एनर्जी भी देती है। सलाह रुचि सहाय, फाउंडर, अर्थीलिया के अनुसार, मूंगफली में आयरन, कैल्शियम, विटामिन-ई और जिंक जैसे जरूरी नुट्रिएंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह न केवल इम्यूनिटी को मजबूत करती है, बल्कि हड्डियों को मजबूत बनाने और स्किन को चमकदार बनाए रखने में भी मददगार है। मूंगफली का सेवन दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद है, क्योंकि इसमें अच्छे फैट्स होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल में रखते हैं। साथ ही यह डायबिटीज और वेट कंट्रोल करने में भी सहायक है। सर्दियों में मूंगफली खाने के सही तरीके और फायदे मूंगफली को सर्दियों का सुपर फूड कहा जाता है, क्योंकि यह शरीर को अंदर से गर्म रखने में मदद करता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे सही तरीके से खाने से ही इसके अधिकतम फायदे मिल सकते हैं। रुचि सहाय, फाउंडर, अर्थीलिया के अनुसार, मूंगफली को खाने के सही तरीके अपनाकर आप इसके नुट्रिएंट्स को बेहतर तरीके से अपना सकते हैं। तो आइये जानते है मूंगफली खाने के सही तरीके और इसके फायदे।​ ​मूंगफली खाने के सही तरीके भुनी हुई मूंगफली का सेवन करें: डॉक्टर का मानना है कि भुनी हुई मूंगफली में नुट्रिएंट्स ज्यादा सुरक्षित रहते हैं। इसे बिना तेल के तवे पर भूनना या हल्का सेक कर खाना सबसे अच्छा विकल्प है। इससे न केवल मूंगफली का स्वाद बेहतर होता है, बल्कि डाइजेशन में भी आसान होता है। – सुबह के नाश्ते के बाद या शाम के समय मूंगफली खाने से शरीर को एनर्जी मिलती है और यह डाइजेशन को भी बेहतर बनाती है। यह उन लोगों के लिए आदर्श स्नैक है जो लंबे समय तक भूखे नहीं रहना चाहते। – गुड़ और मूंगफली का कॉम्बिनेशन न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि यह शरीर को आयरन और अन्य जरूरी नुट्रिएंट्स भी प्रदान करता है।​ ऊर्जा का बेहतर स्रोत मूंगफली में प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट्स की भरपूर मात्रा होती है। यह शरीर को तुरंत एनर्जी प्रदान करती है, खासकर उन लोगों के लिए जो दिनभर की व्यस्तता में थकावट महसूस करते हैं। दिल की सेहत के लिए अच्छा मूंगफली में मौजूद मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स और एंटीऑक्सीडेंट्स दिल को स्वस्थ रखते हैं। यह कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने में मदद करती है और हार्ट डिसीसेस का खतरा कम करती है। हड्डियों को मिलती है मजबूती कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे नुट्रिएंट्स से भरपूर मूंगफली हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करती है। यह बुजुर्गों के लिए खासतौर पर फायदेमंद है। recent visitors 93

20 नागरिकों की मौत, सूडान में दो कैंपों पर अर्धसैनिक बल ‘आरएसएफ’ ने किए हमले

खार्तूम। सूडान के एल फशर शहर में दो कैंपों पर अर्धसैनिक बल 'रैपिड सपोर्ट फोर्स' (आरएसएफ) के हमलों में कम से कम 20 नागरिक मारे गए और 17 अन्य घायल हो गए। एक स्थानीय सरकारी अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी। उत्तरी दारफुर राज्य के स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक इब्राहिम खातिर ने कहा, "कल रात आरएसएफ मिलिशिया ड्रोन ने एल फशेर में सैकड़ों विस्थापित लोगों के शिविर, कोज बेना स्कूल पर चार बम गिराए। इसमें 19 नागरिक मारे गए और 16 अन्य घायल हो गए।" उन्होंने कहा, "आज सुबह मिलिशिया ने एल फशर के उत्तर में अबू शौक विस्थापन शिविर पर गोलाबारी की। इसमें एक नागरिक की मौत हो गई और एक लड़की घायल हो गई।" आरएसएफ ने अबू ज़ेरिगा क्षेत्र पर हमले पर कोई टिप्पणी जारी नहीं की है। इससे पहले चार दिसंबर को, सूडान के दारफुर क्षेत्र के गवर्नर ने घोषणा की थी कि सूडान के उत्तरी दारफुर राज्य के एक क्षेत्र में अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स (आरएसएफ) द्वारा किए गए हमले में 20 नागरिक मारे गए थे। गवर्नर मिन्नी आर्को मिन्नावी ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट में कहा, "आरएसएफ ने एल फशर शहर के दक्षिण में अबू ज़ेरिगा क्षेत्र में नरसंहार किया, इसमें 20 नागरिक मारे गए और 20 अन्य घायल हो गए।" मिन्नावी ने कहा कि हमला 3 दिसंबर को हुआ था। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मानवीय संगठनों से अपराधों का की जांच करने और अपराधियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए अंतरराष्ट्रीय जांच दल भेजने की अपील की। साथ ही सहायता संगठनों से क्षेत्र में गहराते मानवीय संकट के बीच प्रभावित आबादी को मानवीय सहायता प्रदान करने के प्रयासों को तेज करने की भी अपील की। इस बीच, गैर-सरकारी सूडानी डॉक्टर्स नेटवर्क ने कहा कि हमले में 21 नागरिक मारे गए और 13 अन्य घायल हो गए। 10 मई से, सूडानी सशस्त्र बलों (एसएएफ) और आरएसएफ के बीच एल फशर में भीषण झड़पें हुईं, जो एक क्रूर संघर्ष में उलझी हुई थीं। अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के ताजा अनुमानों के अनुसार, सूडान अप्रैल 2023 के मध्य से एसएएफ और आरएसएफ के बीच विनाशकारी संघर्ष की चपेट में था। इसने कम से कम 29,683 लोगों की जान ले ली और 14 मिलियन से अधिक लोगों को विस्थापित कर दिया। recent visitors 45

ठंड में गलत तरीके से नहाने पर हार्ट अटैक का खतरा, जाने नहाने का सही तरीका

नहाने से शरीर की गंदगी दूर होती है और तरोताजा महसूस होता है। लेकिन ठंड में गलत तरीके से नहाने पर हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है। डॉक्टर ने बताया कि ठंडे मौसम में नहाने का सही तरीका क्या है और सबसे पहले कहां पानी डालना चाहिए। सर्दियों के मौसम में हार्ट अटैक के मामले बहुत ज्यादा देखने को मिलते हैं। इनमें से कई सारे मामलों में बाथरूम के अंदर हार्ट अटैक आता है। जिसमें से कई सारे लोगों की जान बच नहीं पाती। नहाने का गलत तरीका इसके पीछे का कारण हो सकता है और करीब 90 प्रतिशत लोग ऐसे ही नहाते हैं। ठंड में खून की नलियां सिकुड़ जाती हैं और दिल को ब्लड पंप करने में काफी मेहनत करनी पड़ती है। इससे हृदय पर तनाव बढ़ जाता है और हार्ट अटैक आ सकता है। कोलेस्ट्रॉल की समस्या इस खतरे को और ज्यादा कर देती हैं। इस मौसम में नहाते हुए गलती करना भारी पड़ सकता है। डॉक्टर निशांत गुप्ता का कहना है कि इस खतरे से गर्म पानी भी नहीं बचा सकता। ठंडे पानी से नहाएं या फिर गर्म पानी से, अगर तरीका सही नहीं है तो खतरा हमेशा मंडराता रहेगा। ​​ सिर पर पानी डालने की गलती जब कोई नहाने जाता है तो सबसे पहले सिर के ऊपर पानी डालता है और यहीं गलती हो जाती है। जो लोग शॉवर से नहाते हैं, वो अधिकतर बार यही गलती करते हैं। सिर पर पानी डालने से हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। नहाने का बेस्ट तरीका डॉक्टर कहते हैं कि पानी ठंडा हो या गर्म, लेकिन ठंड में एकदम से सिर पर पानी नहीं डालना चाहिए। सबसे पहले थोड़े पानी को पैरों पर डालकर मलें। इसके बाद पेट पर पानी डालकर मलें और फिर छाती पर मलें। इसके बाद सिर पर पानी डालना चाहिए। ऐसे बचेगी जान डॉक्टर का कहना है कि ठंड में नहाने का यह तरीका शरीर के अंदर एक तरह का थर्मोस्टेट बनाता है। जो कि बदन का तापमान सामान्य रखता है। बता दें कि थर्मोस्टेट एक डिवाइस है जिसे तापमान को कंट्रोल करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ये लोग रहें ज्यादा सावधान जिन लोगों का कोलेस्ट्रॉल या डायबिटीज हाई है उन्हें ज्यादा संभल कर रहना चाहिए। ठंड में पैरों में दर्द रहना, थकान, सीने में दर्द उठना जैसी दिक्कतें दिल की खराब हेल्थ का इशारा कर सकती हैं। जिसके बाद हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। यह किसी भी तरह से किसी दवा या इलाज का विकल्प नहीं हो सकता। ज्यादा जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क करें। recent visitors 70

प्रयागराज नगरी के साथ-साथ ट्रेन की बोगियों को महाकुंभ की थीम पर किया जा रहा तैयार

लखनऊ जनवरी में होने वाले महाकुंभ को लेकर रेलवे की तैयारियां तेज हो गई हैं। प्रयागराज जाने वाली ट्रेनों की बोगियों को महाकुंभ की थीम पर तैयार किया जा रहा है। इससे बोगियों का लुक बदल गया है। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के सीनियर डीसीएम कुलदीप तिवारी ने बताया कि महाकुंभ को लेकर युद्घस्तर पर तैयारियां चल रही हैं। शनिवार को डीआरएम सचिंद्र मोहन शर्मा ने प्रयाग स्टेशन का दौरा किया। वहां कराए जा रहे निर्माण कार्यों का जायजा लिया तथा तय समय से पहले काम पूरा करने के निर्देश दिए। वहीं दूसरी ओर लखनऊ या अन्य रूटों से प्रयागराज की ओर आने-जाने वाली ट्रेनों को नया लुक दिया जा रहा है। बोगियों को महाकुंभ की थीम की विनाइल कोटिंग की गई है, जो यात्रियों को महाकुंभ की ओर आकृष्ट करेगी। उन्होंने बताया कि यात्रियों की सुविधा को लेकर प्रयाग के स्टेशनों पर काफी काम किया जा रहा है। 3200 रेलकमी, अधिकारी संभालेंगे मोर्चा सीनियर डीसीएम ने बताया कि 700 कॉमर्शियल डिपार्टमेंट के अधिकारी, कर्मचारी महाकुम्भ के दौरान ड्यूटी देंगे। वहीं अन्य विभागों के अधिकारियों ने बताया कि आरपीएफ, ऑपरेटिंग, मैकेनिकल सहित कुल 32 सौ कर्मियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। महाकुम्भ के दौरान प्रयागराज के रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा पुख्ता करने के लिए सीसीटीवी चप्पे-चप्पे पर नजर रखेंगे। कुल 1680 एचडी सीसीटीवी लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त जीआरपी व आरपीएफ के जवानों को अतिरिक्त रूप से तैनात किया जाएगा। 5400 यात्रियों के लिए बनेंगे तीन होल्डिंग एरिया सीनियर डीसीएम ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के लिए तीन होल्डिंग एरिया बनाए जाएंगे, जो कलर कोडेड होंगे। होल्डिंग एरिया में 5400 यात्रियों के रुकने के इंतजाम होंगे। होल्डिंग एरिया यात्रियों की आवाजाही के अनुसार बनेंगे। पांच गुने तक रेलयात्रियों की होगी आवाजाही सीनियर डीसीएम ने बताया कि स्टेशनों पर पांच गुने तक रेलयात्रियों के आने की संभावनाएं हैं। बता दें कि वर्ष 2019 में हुए कुम्भ मेले में प्रयागराज, प्रयागराज संगम व फाफामऊ स्टेशनों पर कुल 2,62,000 यात्रियों की आवाजाही हुई थी, यह संख्या टिकटों की बिक्री से निकाली गई है। जबकि इस बार पांच गुना वृद्घि की संभावनाएं जताई जा रही हैं। recent visitors 52