विरोध को किया खारिज’, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बोले, ‘एच-1बी’ वीजा पर है विश्वास

न्यूयॉर्क। राष्ट्रपति-चुनाव डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की कि वे "एच-1बी" वीजा में विश्वास करते हैं, उन्होंने योग्य पेशेवरों के विरोध को लेकर चल रही खबरों को खारिज कर दिया। "यह एक शानदार कार्यक्रम है," उन्होंने शनिवार को न्यूयॉर्क पोस्ट को एक फोन साक्षात्कार में बताया। अपने अनूठे अंदाज में उन्होंने कहा, "मुझे हमेशा से वीजा पसंद रहे हैं, मैं हमेशा से वीजा के पक्ष में रहा हूं। इसलिए हमारे पास ये हैं।" उन्होंने रूपर्ट मर्डोक-नियंत्रित न्यूज कॉर्प का हिस्सा अखबार से कहा, "मेरी संपत्तियों पर कई एच-1बी वीजा हैं। मैं एच-1बी में विश्वास करता रहा हूं। मैंने इसका कई बार इस्तेमाल किया है।" ट्रंप ने आव्रजन प्रणाली में सुधार का समर्थन किया है ताकि इसे योग्यता के अनुरूप ढाला जा सके। कनाडा या ऑस्ट्रेलिया की तरह एक अंक प्रणाली को अपनाया जा सके जो शैक्षणिक और रोजगार योग्यताओं को महत्व देती है। उन्होंने कहा कि वे चाहते हैं कि अमेरिकी विश्वविद्यालयों से स्नातक करने वाले विदेशी छात्रों को उनके डिप्लोमा के साथ ग्रीन कार्ड मिले। उन्होंने इस साल अपने अभियान के दौरान कहा, "मैं जो करना चाहता हूं और जो मैं करूंगा, वह यह है कि आप कॉलेज से स्नातक हों, मुझे लगता है कि आपको अपने डिप्लोमा के हिस्से के रूप में इस देश में रहने में सक्षम होने के लिए स्वचालित रूप से ग्रीन कार्ड मिलना चाहिए।" एच-1बी वीजा और उच्च योग्यता वाले व्यक्तियों के आव्रजन पर मतभेद ट्रंप तब उभरा जब उन्होंने एक भारतीय अप्रवासी श्रीराम कृष्णन को अपना एआई सलाहकार नियुक्त किया। सबसे पहले हमला लॉरा लूमर ने विरोध में आवाज उठाई। जिन्हें ट्रंप के वफादारों में से एक माना जाता है। उन्होंने मस्क के एक्स पर पोस्ट किया, "श्रीराम कृष्णन की नियुक्ति को देखकर बहुत परेशान हूं।" लॉरा ने दावा किया कि कृष्णन ग्रीन कार्ड की संख्या पर सभी पाबंदी हटाने की ख्वाहिश रखते हैं। डेविड सैक्स, जिन्हें ट्रंप ने क्रिप्टो और एआई जार का नाम दिया है और जो कृष्णन के बॉस होंगे, ने एक्स पर बताया कि उन्होंने केवल उन ग्रीन कार्डों की सीमा को हटाने का सुझाव दिया था जो अलग-अलग देशों को दिए जा सकते हैं, जबकि समग्र सीमा को बनाए रखा ताकि ग्रीन कार्ड उन लोगों को वितरित किए जा सकें जिनके पास बहुत अधिक बैकलॉग हैं। जब कृष्णन के खिलाफ व्यक्तिगत हमले और झूठे आरोप लगे तो सैक्स फिर से उनके बचाव में आए और एक्स पर लिखा कि "झूठ बस बदल गया, जिसमें उन पर कुछ हमले भी शामिल थे।" मस्क ने व्यक्तिगत दृष्टिकोण अपनाया और एक्स पर पोस्ट किया, "मैं अमेरिका में इतने सारे महत्वपूर्ण लोगों के साथ हूं, जिन्होंने स्पेसएक्स, टेस्ला और सैकड़ों अन्य कंपनियों का निर्माण किया, जिन्होंने अमेरिका को मजबूत बनाया, इसका कारण एच-1बी है।" उन्होंने चेतावनी दी कि दुनिया की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को आकर्षित किए बिना अमेरिका "हार" जाएगा। उन्होंने एक्स पर लिखा, "उत्कृष्ट इंजीनियरिंग प्रतिभा की स्थायी कमी है। यह सिलिकॉन वैली में मूलभूत सीमित कारक है।" उन्होंने लिखा, "यदि आप दुनिया की सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को दूसरे पक्ष के लिए खेलने के लिए मजबूर करते हैं तो अमेरिका हार जाएगा और आलोचकों को चुनौती देते हुए पूछा कि क्या वे अमेरिका को जीतते या हारते देखना चाहते हैं। भारतीय अब तक एच-1बी वीजा के सबसे बड़े प्राप्तकर्ता हैं, जिन्हें पिछले साल 72.3 प्रतिशत प्राप्त हुए। recent visitors 71

राष्ट्रीय पंचायत संघ को समाजसेविका मृणालिनी सेंगर ने दिया समर्थन

Social worker Mrinalini Sengar supported the National Panchayat Union  सुशील दामले (विशेष संवाददाता) भोपाल। विगत 25 दिसंबर से राजधानी भोपाल के तुलसी नगर स्थित अंबेडकर मैदान में राष्ट्रीय पंचायत संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में सरपंच भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। अब तक सरकार का कोई भी नुमाइंदा उनकी समस्या और मांगों को जानने नहीं पहुंचा। इससे उनका गुस्सा और बढ़ता जा रहा है। इधर भोपाल की वरिष्ठ समाजसेविका मृणालिनी सेंगर भी सरपंचों के समर्थन में मैदान में आ गई है। उन्होंने 28 दिसंबर को तुलसी नगर अपने समर्थकों के साथ पहुंचकर भूख हड़ताल पर बैठे सरपंचो काे समर्थन दिया और सरकार पर जमकर हमला बोला। उनके समर्थन से अब सरपंचो की और ताकत बढ़ गई है।  यह सरकार गूंगी और बहरी : श्रीमति सेंगर  उन्होंने कहा कि यह सरकार गूंगी और बहरी है, जिसे अपनी विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल पर बैठे प्रदेश भर के सरपंच की व्यथा सुनाई नहीं देती है। यह बड़ी विडंबना है कि सरकार की सभी योजनाओं को निचले स्तर पर अमली जामा पहुंचाने वाले सरपंच आज अपने अधिकारों को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं और सरकार गहरी नींद में सोई हुई है। जबकि सरकार के मुखिया को याद होना चाहिए कि सरकार बनाने में सरपंचों का सबसे बड़ा हाथ होता है। वह सीधे जनता से जुड़े हुए होते हैं। जनता के जो छोटे काम होते हैं, वह सरपंचों के माध्यम से ही होते हैं। गांव की जनता भोली भाली होती है, वह हर काम के लिए भोपाल तक नहीं जा सकती है। राष्ट्रीय सरपंच संघ की बैनर तले बैठे सरपंचों की भूख हड़ताल को मैं पूरा समर्थन करती हूं और उनके साथ हर स्तर पर लड़ाई लड़ने के लिए तैयार हूं। recent visitors 121

‘पूर्व शासन के अवशेषों’ पर कार्रवाई, सीरिया के तटीय इलाकों में सैन्य हेलिकॉप्टरों की तैनाती

दमिश्क। सीरिया की अंतरिम प्रशासन के सैन्य बलों ने "पूर्व शासन के अवशेषों" के खिलाफ हवाई हमले तेज कर दिए हैं। अंतरिम प्रशासन "पूर्व शासन के अवशेष" असद सरकार के लिए लड़ रहे सशस्त्र लड़ाकों को कह रहा है। मीडिया चैनलों ने प्रशासन के एक बयान का हवाला देते हुए बताया कि हेलीकॉप्टर ग्रामीण लताकिया में इस्तामो एयरफील्ड से उड़ान भर रहे हैं, जो तटीय ग्रामीण इलाकों में अभी भी सक्रिय सशस्त्र तत्वों को निशाना बना रहे हैं। जिसमें उपयोग में आने वाले हेलीकॉप्टरों की संख्या या ऑपरेशन के दायरे के बारे में विस्तार से नहीं बताया गया है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, यह तैनाती राष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा उपायों की एक श्रृंखला के तहत की गई है, जिसका उद्देश्य नए नेतृत्व की सत्ता को मजबूत करना है। शनिवार को सीरिया के नवनियुक्त खुफिया प्रमुख अनस खत्ताब ने एक आधिकारिक बयान में देश की सुरक्षा व्यवस्था को "हमारे लोगों की बलिदानों और लंबी धरोहर के अनुरूप" पुनर्गठित करने का वादा किया। खत्ताब ने कहा कि सीरिया की सभी मौजूदा सुरक्षा शाखाओं को खत्म कर दिया जाएगा और उनका पुनर्गठन किया जाएगा। हालांकि, उन्होंने इस पुनर्गठन के लिए कोई समयसीमा या विशिष्ट विवरण प्रदान नहीं किया। खत्ताब की ओर से यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब सीरिया 8 दिसंबर को पिछली सरकार के पतन के बाद एक संवेदनशील राजनीतिक परिवर्तन से गुजर रहा है। हयात तहरीर अल-शाम के नेतृत्व में एक सैन्य गठबंधन ने 27 नवंबर को उत्तरी सीरिया से एक बड़े सैन्य अभियान की शुरुआत की। इसने दक्षिण की ओर बढ़ते हुए राजधानी दमिश्क पर कब्जा किया और 12 दिनों के भीतर पूर्व सीरियाई राष्ट्रपति बशर अल-असद की सरकार को उखाड़ फेंका। सीरियाई सूचना मंत्रालय ने सीरियाई लोगों के बीच विभाजन फैलाने के उद्देश्य से सांप्रदायिक लहजे वाली किसी भी मीडिया सामग्री या समाचार के प्रसार या प्रकाशन पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की। सीरियाई गृहयुद्ध ने सांप्रदायिक रूप लिया क्योंकि असद ने मध्य पूर्व से शिया मिलिशिया को अपने यहां पैर जमाने की खुली छूट दी। मीडिया ने बताया कि पुलिस ने हिंसक प्रदर्शन के बाद बुधवार रात कर्फ्यू लगा दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार प्रदर्शन में अलावी और शिया धार्मिक समुदायों के सदस्य शामिल थे। होम्स से बुधवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए फुटेज में लोगों की भीड़ को तितर-बितर होते हुए और उनमें से कुछ को भागते हुए दिखाया गया। असद के लंबे समय तक सहयोगी रहे ईरान ने हाल के दिनों में सीरिया में हुई घटनाओं की आलोचना की। ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने सीरियाई युवाओं से अपील की कि वह उन लोगों के खिलाफ दृढ़ संकल्प के साथ खड़े होने का आह्वान किया जिन्होंने इस असुरक्षा को अंजाम दिया है। उन्होंने भविष्यवाणी की कि सीरिया में एक मजबूत और सम्मानजनक समूह भी उभरेगा क्योंकि सीरियाई युवाओं के पास खोने के लिए कुछ भी नहीं है। सीरिया के नवनियुक्त विदेश मंत्री, असद हसन अल-शिबानी ने मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरान को सीरियाई लोगों की इच्छा और सीरिया की संप्रभुता और सुरक्षा का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हम उन्हें सीरिया में अराजकता फैलाने के खिलाफ चेतावनी देते हैं और हम उन्हें नवीनतम टिप्पणियों के नतीजों के लिए जिम्मेदार ठहराते हैं। recent visitors 71

जाम से रातभर यातायात प्रभावित, जयपुर-आगरा नेशनल हाईवे पर माल से भरा ट्रेलर पलटा

दौसा। जयपुर आगरा नेशनल हाईवे 21 के आगरा रोड बाइपास तिराहे के पास माल से भरा ट्रेलर पलट गया। इसमें किसी के हताहत नहीं होने से बड़ा हादसा टल गया। शनिवार रात्रि करीब 1:00 बजे जयपुर की ओर से आ रहा ट्रेलर अचानक पलटी खा गया। जिससे ट्रेलर में भरा ट्रांसपोर्ट का सामान हाईवे पर बिखर गया। ट्रेलर के पलटने से रात भर हाईवे पर जाम की स्थिति बनी रही। सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। एनएचएआई की क्रेन से सुबह ट्रेलर को हटवाकर यातायात सुचारू किया गया। ट्रेलर जयपुर से बिहार की ओर जा रहा था। recent visitors 71

बीते साल के साथ ही इन आदतों करें बॉय-बॉय, साल 2025 में मिलेगी सक्सेज

साल 2024 गुजरने वाला है और इसके साथ ही लोग अपने इस साल के अच्छे और बुरे पलों को याद कर रहे हैं। जो लोग इस साल कुछ बड़ा अचीवमेंट नहीं पा सके या जिन्हें सक्सेज नहीं मिली। उन्हें अपनी रूटीन और हैबिट्स से इन चीजों को नेक्स्ट ईयर जरूर निकाल देना चाहिए। जिससे साल 2025 में सक्सेज जरूर मिल जाए। तो चलिए जानें वो कौन सी आदतें हैं जिन्हें लाइफ से बाहर कर देने से सफलता मिलनी आसान हो जाएगी। टॉक्सिक फ्रेंड्स अभी भी आप किसी ऐसे फ्रेंड के साथ दोस्ती निभाने में बिजी हैं जो आपको केवल पीछे की ओर खींचता है और अच्छे रास्ते की बजाय बुरे रास्तों पर चलने की सलाह देता है। माइंड में हमेशा निगेटिविटी भरता है तो आने वाले साल 2025 में ऐसे टॉक्सिक फ्रेंड से दूरी बना लें। जिससे आप अपनी सही मंजिल की ओर बढ़ सकें। बीती बातों में उलझे रहना जो बातें बीत चुकी हैं और उन्हें ठीक नहीं किया जा सकता। उस बारे में सोचकर अपने फ्यूचर को खराब ना करें। हमेशा बीती हुई बातें ही सोचते रहते हैं तो इस आदत को फौरन खत्म करने की कोशिश करें। पास्ट को भूलकर और उन गलतियों से सबक लेकर आगे बढ़ना सीखिए। तभी आने वाले साल में सफलता मिलेगी। बेवजह का स्ट्रेस हर इंसान की अपनी ओपिनियन होती है और जरूरी नहीं कि लाइफ में सबकुछ आपके मनमुताबिक हो। इसलिए हर छोटी बात को लेकर स्ट्रेस ना लें। अपने बिना वजह अंदर के डर को बाहर निकालें और स्ट्रेस ना लें। तभी 2025 में सक्सेज से मिलना आसान होगा। 'ना' कहना भी सीखें कुछ लोगों के सामने ना बोलना भी जरूरी होता है। ऑफिस हो या फिर घर, अगर कोई चीज बुरी लग रही या आप उसे नहीं कर सकते, तो फौरन ना बोलना सीखें। एक ना आपकी लाइफ को आसान बना देगी और माइंड पर अननेसेसरी बर्डेन से बच जाएंगे। बहाने बनाना बंद करें सक्सेज नहीं मिली क्योंकि मैं ये हो गया या फिर काम पूरा नहीं कर पाया क्योंकि वो हो गया। ऐसे टाइप के बहाने छोड़ दें। अपने फेलियर की जिम्मेदारी लेना सीखें। चीजों को कल पर टालने की बजाय पूरी लगन से करने और सीखने की कोशिश करें। तभी सफलता मिलेगी। अपनी सोच को छोटा रखना सोच को छोटा रखना या फिर फिक्स्ड माइंडसेट रखना। अगर सफलता चाहते हैं तो अपनी सोच के दायरे को बढ़ाएं। तभी नए साल में सफलता के रास्ते पर चल पाएंगे। recent visitors 186

पीड़‍िता बोली- ‘मेरी सुनवाई नहीं हो रही’, भोपाल में आरबीआई ऑफिसर पर रेप का केस

भोपाल। भारतीय रिजर्व बैंक के भोपाल मुख्यालय में तैनात एक सहायक प्रबंधक पर उसकी पूर्व सहकर्मी ने दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है। पुलिस कार्रवाई की जगह पीड़िता को ही थाने का चक्कर लगवा रही है। पीड़िता का आरोप है कि वह जब भी अपने केस की प्रगति जानने थाने जाती है वहां की थाना प्रभारी बात को घुमा देती हैं। अभी उन्होंने कहा है कि आरोपित का ट्रांसफर मुंबई हो गया और उच्च अधिकारी उन्हें वहां जाने की अनुमति नहीं दे रहे हैं। ऐसे में कार्रवाई अटकी हुई है। पीड़िता का दावा है कि आरोपित अब भी भोपाल कार्यालय में ही है। वह परिवार के साथ शहर में ही रह रहा है। पीड़िता के मुताबिक उसने वर्ष 2013 में आरबीआई में नौकरी शुरू की थी। शुरुआत में उसकी पोस्टिंग मुंबई में थी। इसी दौरान मूल रूप से महाराष्ट्र के बुलढाणा निवासी आरोपित भी वहां नियुक्त हुआ था। कुछ समय बाद दोनों का भोपाल ट्रांसफर हो गया था और दोनों यहां एक ही कैंपस में रहते थे। 2017 में आरोपित ने पीड़िता को बताया कि उसके घर में पार्टी है और सभी दोस्त आएंगे। नशीला पदार्थ मिलाकर किया रेप जब पीड़िता वहां पहुंची तो सिर्फ आरोपित ही मौजूद था। उसने जूस में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। वह बेहोश हो गई तो उसका फायदा उठाकर उसने दुष्कर्म किया। आरोपित ने उसका वीडियो भी बना लिया था और उससे शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बना रहा था। इससे वह काफी डरी हुई थी। वर्ष 2021 में उसने पुलिस को इसकी शिकायत की। तीन साल तक लगातार महिला थाना के चक्कर काटने के बावजूद पीड़िता की सुनवाई नहीं हुई थी। महिला अपनी फरियाद लेकर पुलिस आयुक्त के पास पहुंची तो उनके निर्देश पर इस साल 28 नवंबर को मामला दर्ज हुआ। महिला के खिलाफ चोरी की एफआईआर कर चुका है आरोपित बताया जा रहा है कि आरोपित ने दुष्कर्म का केस दर्ज कराने वाली महिला पर चोरी की एफआईआर दर्ज कराई थी। यह रिपोर्ट 2019 में दर्ज हुई थी। इसी आधार पर आरबीआई ने महिला को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। मामला न्यायालय में लंबित है। दूसरे राज्य में गिरफ्तारी की मांग आती है तो अनुमति दी जाती है पीड़‍िता की शिकायत पर एफआईआर तो दर्ज हो गई है। मेरे संज्ञान में यह नहीं है कि महिला थाने ने दूसरे राज्य में गिरफ्तारी के लिए कोई अनुमति मांगी है। इसको चेक करा लेंगे। अगर किसी थाने से ऐसी मांग आती है तो अनुमति दी जाती है। – हरिनारायणचारी मिश्र, पुलिस आयुक्त, भोपाल recent visitors 78

मासिक शिवरात्रि का व्रत, जानें सही नियम

हिंदू धर्म शास्त्रों में मासिक शिवरात्रि पावन और बड़ी ही महत्वपूर्ण मानी गई है. इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के पूजन का विधान है. साथ ही इस दिन विधिपूर्वक भगवान भोलेनाथ का व्रत भी किया जााता है. मासिक शिवरात्रि का दिन बड़ा ही विशेष माना जाता है. इस दिन भगवान शिव का व्रत और शिव जी के परिवार की विधिपूर्वक पूजा से जीवन की तमाम बधाएं दूर हो जाती हैं. पूजा का शुभ मुहूर्त हिंदू पंचाग के अनुसार, मासिक शिवरात्रि आज मनाई जा रही है. इसका व्रत भी आज ही है. इसके व्रत का पारण कल 3 0 दिसंबर को किया जाएगा. आज विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 7 मिनट से शुरू होगा. ये मुहूर्त 2 बजकर 48 मिनट तक है. इसके बाद गोधूलि मुहूर्त शाम 5 बजकर 31 मिनट से शुरू होगा. ये मुहूर्त 5 बजकर 58 मिनट तक है. इस दिन रात में पूजा की जाती है. इस वजह से निशिता मुहूर्त में भगवान शिव का पूजन करें. निशिता मुहूर्त रात के 11 बजकर 56 मिनट से शुरू होगा. ये मुहूर्त रात 12 बजकर 51 मिनट तक है. हिंदू धर्म शास्त्रों में इस दिन व्रत का विशेष महत्व बताया गया है. हिंदू धर्म शास्त्रों में मासिक शिवरात्रि के व्रत और इसके महत्व के साथ ही इसके पारण के नियम भी बताए गए हैं. आइए जानते हैं क्या है व्रत के पारण के नियम क्या है. व्रत पारण के सही नियम     व्रत पारण वाले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करके साफ वस्त्र पहन लेने चाहिए.     इसके बाद शिव जी की पूजा करनी चाहिए. उन्हें बेलपत्र और गंगाजल चढ़ाना चाहिए.     ब्राह्मणों को दान-दक्षिणा देनी चाहिए.     पारण के भोजन में लहसुन-प्याज न डालें.     व्रत पारण के समय तला भोजन खाने से बचें.     व्रत खोलने के बाद सात्विक भोजन भोजन खाएं मासिक शिवरात्रि के व्रत का महत्व मासिक शिवरात्रि के व्रत के महत्व को शिव पुराण में बताया गया है. धार्मिक मान्यता है कि जो भी मासिक शिवरात्रि का व्रत करता है उसका वैवाहिक जीवन सुखमय रहता है. पति-पत्नी के बीच रिश्ते मजबूत होते हैं. मनचाहे वर के लिए भी कुंवारी कन्याओं की ओर से ये व्रत किया जाता है. मासिक शिवरात्रि वा व्रत करने वालों की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं और भगवान भोलेनाथ आशिर्वाद देते हैं. recent visitors 77