Wednesday, July 8, 2026 4:04 am

मिचेल स्टार्क को ऋषभ पंत के एक बेहतरीन थ्रो के चलते पवेलियन लौटना पड़ा, ऐसे हुआ मिचेल स्टार्क का काम तमाम

नई दिल्ली ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी का थ्रो और विकेटकीपर ऋषभ पंत की मुस्तैदी भारतीय टीम के लिए वरदान साबित हुई और भारत को बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच में 8वीं सफलता मिली। मिचेल स्टार्क को ऋषभ पंत के एक बेहतरीन थ्रो के चलते पवेलियन लौटना पड़ा। भारत के लिए ये बड़ा विकेट रहा, क्योंकि स्टार्क भी बल्लेबाजी कर लेते हैं और दूसरे छोर पर पैट कमिंस थे, जो काफी तेज गति से रन बनाने के लिए जाने जाते हैं। बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच में रोमांचक तड़का लगता ही जा रहा है। मैच पांचवें दिन तक चलने वाला है। दरअसल, ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी का 59वां ओवर जसप्रीत बुमराह लेकर आए। उनकी पहली गेंद को मिचेल स्टार्क ने स्क्वायर लेग की बाएं ओर खेला और एक रन दौड़े। हालांकि, उनको लगा कि दूसरा रन हो सकता है। स्टार्क ने पहले 2 का ही कॉल किया था, लेकिन पैट कमिंस ने देखा कि सिर्फ यहां एक ही रन है। ऐसे में कमिंस तो रुक गए, लेकिन स्टार्क उस समय तक आगे निकल आए…रोहित शर्मा ने थ्रो विकेटकीपर की ओर फेंका, जहां कमिंस सुरक्षित थे, लेकिन यहां विकेटकीपर ऋषभ पंत की मुस्तैदी काम आई। आप वीडियो में भी देख सकते हैं कि कैसे पंत ने सामने थ्रो मारा और स्टंप्स बिखेरे। ऋषभ पंत पहले तो तेजी से दौड़कर स्टंप्स के पास पहुंचे और रोहित शर्मा के थ्रो को अच्छे से कलेक्ट किया और जैसे ही देखा कि मिचेल स्टार्क नॉन स्ट्राइक एंड से आगे निकल आए तो जल्दी से उन्होंने नॉन स्ट्राइक पर थ्रो मारा जो सीधे स्टंप्स पर लगा और रिप्ले में देखने को मिला कि स्टार्क काफी पीछे रह गए। इस तरह भारत को 8वीं सफलता मिली। मिचेल स्टार्क 5 रन बनाकर पवेलियन लौटे। ये विकेट काफी अहम था, क्योंकि स्टार्क और कमिंस बल्लेबाजी कर सकते हैं। भारत चाहेगा कि ऑस्ट्रेलिया जल्द से जल्द ऑलआउट हो जाए। recent visitors 163

जसप्रीत बुमराह ने बरपाया कहर, 51 साल के बाद ऑस्ट्रेलिया के मिडिल ऑर्डर का हुआ हाल बेहाल

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया की टीम पहली पारी के आधार पर भारत के खिलाफ बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच में आगे थी, लेकिन दूसरी पारी में भारत ने दमदार गेंदबाजी कर खुद को मैच में जीवित रखा है। इसका पूरा श्रेय जसप्रीत बुमराह को जाता है। जसप्रीत बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया के मिडिल ऑर्डर की हालत खस्ता कर दी। यहां तक कि साल 1973 के बाद पहली बार ऐसा था, जब उनके नंबर 4 से नंबर 7 के बल्लेबाज कुल 20 रन भी नहीं बना पाए। 51 साल के बाद पहली बार ऑस्ट्रेलिया का इतना हाल बेहाल हुआ है। मेलबर्न के एमसीजी में जारी बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच में टीम इंडिया ने 16 रनों के भीतर नंबर 4 से नंबर 7 तक के बल्लेबाज को आउट कर दिया। इससे पहले अपने घर पर ऑस्ट्रेलिया की टीम ने इन बल्लेबाजों को 16 या इससे कम रन पर साल 1973 में खोया था। 51 साल पहले सिडनी क्रिकेट ग्राउंड यानी एससीजी में जनवरी 1973 में पाकिस्तान के खिलाफ 15 रन मिडिल ऑर्डर के बल्लेबाजों ने बनाए थे। इस तरह इस मैच की दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया की हालत खराब हो गई। ऑस्ट्रेलिया को दूसरी पारी में तीसरा झटका 80 पर लगा था, जब स्टीव स्मिथ को मोहम्मद सिराज ने आउट किया। इसके बाद चौथा झटका ऑस्ट्रेलिया को ट्रैविस हेड के रूप में लगा, जो जसप्रीत बुमराह का शिकार बने। इसी ओवर की आखिरी गेंद पर मिचेल मार्श को जसप्रीत बुमराह ने 85 के कुल स्कोर पर पवेलियन भेजा। एलेक्स कैरी महज को 91 रन के कुल स्कोर पर जसप्रीत बुमराह ने बोल्ड किया। इस तरह नंबर 4 से लेकर नंबर 7 तक के बल्लेबाज 16 से कम रन पर आउट हो गए। बुमराह ने इसी दौरान 200 विकेट टेस्ट क्रिकेट में पूरे किए। वे सबसे कम मैचों में 200 टेस्ट विकेट निकालने वाले भारत के पहले तेज गेंदबाज बन गए। recent visitors 50

चौथे टेस्ट के चौथे दिन ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में 9 विकेट के नुकसान पर 228 रन बना लिए

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस ऑस्ट्रेलिया 5 मैच की बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी का चौथा मुकाबला मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड में खेला जा रहा है। चौथे दिन के अंत तक ऑस्ट्रेलिया की लीड 333 रनों की हो गई है। नाथन लायन और स्कॉट बोलैंड की आखिरी जोड़ी ने भारत की नाक में दम किया हुआ है। 10वें विकेट के लिए दोनों के बीच अर्धशतकीय साझेदारी हो गई है। इन दोनों ने अभी तक मिलकर 110 गेंदों का सामना किया है। लायन 41 तो बोलैंड 10 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद हैं। 105 रनों की बढ़त के बाद ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में 9 विकेट के नुकसान पर 228 रन बना लिए हैं। एक समय ऐसा था जब कंगारुओं ने 91 पर 6 विकेट गंवा दिए थे, लेकिन इसके बाद निचले क्रम के बल्लेबाजों ने शानदार बैटिंग कर भारत को परेशान किया। इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 484 रन बनाए थे, जिसके जवाब में टीम इंडिया 369 रनों पर सिमट गई थी। जसप्रीत बुमराह भी नई गेंद से भारत को आखिरी विकेट नहीं दिला पाए। दिन के आखिरी ओवर में बुमराह ने जरूर लायन को अपने जाल में फंसा लिया था और स्लिप में केएल राहुल ने अच्छा कैच भी पकड़ा था, मगर बुमराह की वह नो बॉल थी जिस वजह से लायन को जीवनदान मिला। आज भारत ने कई ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को जीवनदान दिए हैं। दिन का खेल खत्म होने तक ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 9 विकेट के नुकसान पर 228 रन है। मेजबानों की लीड 333 रनों की हो गई है। नाथन लायन और स्कॉट बोलैंड की आखिरी जोड़ी ने 108 गेंदों का सामना कर अर्धशतकीय साझेदारी कर ली है। ये पार्टनरशिप भारत पर भारी पड़ने वाली है। भारत ने ली दूसरी नई गेंद पुरानी गेंद से तो भारत को आखिरी विकेट मिला नहीं, अब दिन का खेल खत्म होते-होते टीम इंडिया ने दूसरी नई गेंद ले ली है। अब देखने वाली बात यह होगी कि नई गेंद से कुछ कमाल हो पाएगा या नहीं। recent visitors 29

देश के निर्माण में युवाओं की योजना भूमिका सबसे अहम, प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना युवाओं के सपनों को साकार कर रही

भोपाल देश के निर्माण में युवाओं की योजना भूमिका सबसे अहम है। इसी सोच को साकार करने के लिए भारत सरकार ने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना शुरू की है। यह योजना युवाओं को डिग्री से आगे बढ़कर व्यावसायिक अनुभव और कौशल विकास का अनमोल अवसर देती है, जिससे वे अपने कैरियर में एक मजबूत कदम रख सकें। आज के दौर में जहां व्यावहारिक ज्ञान सबसे बड़ी जरूरत बन गया है, यह योजना युवाओं को इंडस्ट्री की मांगों के अनुरूप तैयार कर रही है। इसका उद्देश्य है युवाओं को सशक्त बनाना और देश के आर्थिक विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना। प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना में सतना के आयुष पांडे ने अपने कैरियर की नई शुरुआत की। मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्र आयुष ने ग्रेसिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड (नागदा) में इंटर्नशिप के दौरान अपने कौशल को निखारते हुए आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास पाया। आयुष पांडे ने अपने मन की बात बताते हुए कहा कि इस योजना ने मेरे करियर को एक नई दिशा दी। इससे मुझे व्यावहारिक ज्ञान और तकनीकी क्षमता को बढ़ाने का सुनहरा अवसर मिला। आयुष की यह प्रेरक यात्रा हर उस युवा के लिए मिसाल है, जो अपने सपनों को साकार करने के लिए मेहनत कर रहा है। प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना का उद्देश्य युवाओं का भविष्य बेहतर बनाना है। यह योजना तकनीकी और व्यावसायिक कौशल को बढ़ावा देती है। इंडस्ट्री की आवश्यकताओं को समझने का अवसर प्रदान करती है।रोजगार के बेहतरीन विकल्प प्रदान करती है।आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूती देती है। यह योजना युवाओं को सशक्त बनाने और राष्ट्र निर्माण में उनकी अहम भूमिका सुनिश्चित करने का एक बड़ा प्रयास है। सतना के आयुष पांडे जैसे युवाओं की सफलता यह साबित करती हैं कि यह योजना हर युवा के सपनों को पंख देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित हो रही है।   recent visitors 38

अस्पताल में मौत से छाया मातम, गुना में 16 घंटे तक रेस्क्यू के बाद बोरवेल से बहार निकला बच्चा

गुना। मध्य प्रदेश के गुना जिले की राघौगढ़ तहसील के पिपलिया गांव में शनिवार शाम 9 साल का बच्चा सुमित खेत में बने बोरवेल में गिर गया था। भोपाल से पहुंची एनडीआरएफ की टीम ने रातभर रेस्क्यू अभियान चलाकर रविवार सुबह करीब 10 बजे उसे बाहर निकाला। बच्चे को गुना जिला अस्पताल के आईसीयू में ले जाया गया है। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद वहां मौजूद सभी लोगों की आंखे नम हो गई। बच्चे के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। रातभर 45 फीट खुदाई के बाद एनडीआरएफ की टीम ने 10 फीट टनल बनाने के बाद बच्चे तक पहुंची। बच्चा 39 फीट पर फंसा था और गड्ढे में पानी भी था। विधायक और कलेक्टर सहित कई अधिकारी रातभर मौके पर ही रहे। बच्चे में अभी कोई हलचल नहीं देखी जा रही है। खेलते समय गिरा बच्चा शनिवार शाम करीब 6.30 बजे दशरथ मीना का नौ वर्षीय पुत्र सुमित खेलते हुए गांव के फूलसिंह मीना के खेत में पहुंच गया, वहां बोरवेल का गड्ढा खुला हुआ था। बच्चा उस बोरवेल में गिर गया। काफी देर तक बालक नहीं दिखा तो स्वजनों ने तलाशी शुरू की और गड्ढे मे उसके गिरने की जानकारी हुई। 100 फीट गहरा बोरवेल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए दो जेसीबी, स्वास्थ्य, पुलिस, एमपीईबी और जनरेटर सहित सभी आवश्यक संसाधन जुटाए गए थे। कलेक्टर डॉक्टर सत्येंद्र सिंह भी मौके पर पहुंच गए थे। गुना के कलेक्टर डॉ. सतेंद्र सिंह ने बताया कि रेस्क्यू के माध्यम से सबसे पहले गड्ढे में बच्चे को ऑक्सीजन पहुंचाई जा रही थी। बोरवेल एक साल पहले ही कराया गया था। यह 100 फीट गहरा बताया गया। कलेक्टर डॉ. सत्येंद्र सिंह ने बताया कि फूलसिंह के खेत में बने बोरवेल में बच्चा गिरा था। प्रशासन और स्थानीय टीम बच्चा बचाने के लिए सभी उपायों का उपयोग कर रही थी। राघौगढ़ विधायक जयवर्धन सिंह भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर से घटना की जानकारी भी ली। recent visitors 38

महीनों पहले मरे पति का शव भी कब्र से निकालने की तैयारी, ब्राजील में क्रिसमस केक खाकर तीन महिलाओं की मौत

टोरेस। ब्राजील के टोरेस में क्रिसमस केक खाकर एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। पुलिस को आशंका है कि केक में जहर मिला था और पुलिस घटना की जांच में जुट गई है। जिस महिला ने केक बनाया था, उसके पति की भी बीते सितंबर में मौत हुई थी। ऐसे में अब पुलिस पति के शव को भी कब्र से निकालकर उसकी जांच करने पर विचार कर रही है। 61 वर्षीय जेली तेरेज़िन्हा सिल्वा डॉस अंजोस ने 23 दिसंबर, 2024 को एक पारिवारिक समारोह के लिए केक तैयार किया था। जिसे खाकर परिवार की तीन महिलाओं की मौत हो गई और एक 10 वर्षीय बच्चे की तबीयत बिगड़ गई। बच्चे को अस्पताल में भर्ती कराया गया और अब उसकी हालत स्थिर है। पीड़ितों में जेली की बहनें, मैडा बेरेनिस फ्लोरेस दा सिल्वा (58) और न्यूजा डेनिज सिल्वा डॉस अंजोस (65) और उनकी भतीजी तातियाना डेनिज सिल्वा डॉस अंजोस (43) शामिल हैं। शुरुआती जांच में मृतकों के रक्त में आर्सेनिक पाया गया है, जिसके बाद घटना की गहन जांच की जा रही है। जेली के पति पाउलो लुइज की भी बीते सितंबर में मौत हो गई थी। ऐसे में अब जांच अधिकारी लुइज के शव को भी कब्र से निकलवाकर फिर से जांच कराने पर विचार कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि लुइज की मौत भी तो जहर से नहीं हुई थी। जांच में घर से मिला संदिग्ध पदार्थ जांच के दौरान, पुलिस को जेली के घर पर एक्सपायर हो चुके खाद्य उत्पाद और एक संदिग्ध सफेद तरल पदार्थ मिला। जेली भी ये केक खाकर बीमार हुई है, लेकिन वह अब ठीक है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं परिवार में विरासत को लेकर तो कोई विवाद नहीं था। खाने में जहर कैसे आया, यह अभी तक पता नहीं चल सका है। पुलिस जेली के पड़ोसियों और रिश्तेदारों से भी पूछताछ कर रही है। recent visitors 68

‘संविधान निर्माताओं ने जो संविधान सौंपा, वह समय की हर कसौटी पर खरा उतरा’, पीएम मोदी ने की ‘मन की बात’

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिए लोगों को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने लोगों को नए साल की शुभकामनाएं दीं। इसके अलावा पीएम मोदी ने संविधान पर भी बात की। 'मन की बात' के 117वें एपिसोड में पीएम मोदी ने कहा कि 2025 में 26 जनवरी को हमारे संविधान को लागू हुए 75 वर्ष होने जा रहे हैं। हम सभी के लिए बहुत गौरव की बात है। हमारे संविधान निर्माताओं ने हमें जो संविधान सौंपा है, वो समय की हर कसौटी पर खरा उतरा है। संविधान हमारे लिए दिशा दिखाने वाली रोशनी है, हमारा मार्गदर्शक है। उन्होंने कहा कि देश के नागरिकों को संविधान की विरासत से जोड़ने के लिए constitution75.com नाम से एक खास वेबसाइट भी बनाई गई है। इसमें आप संविधान की प्रस्तावना पढ़कर अपना वीडियो अपलोड कर सकते हैं। अलग-अलग भाषाओं में संविधान पढ़ सकते हैं, संविधान के बारे में प्रश्न भी पूछ सकते हैं। 'मन की बात' के श्रोताओं से, स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों से, कॉलेज में जाने वाले युवाओं से, मेरा आग्रह है, इस वेबसाइट पर जरूर जाकर देखें, इसका हिस्सा बनें। महाकुंभ की विशेषताएं बताईं पीएम मोदी ने कहा कि महाकुंभ की विशेषता केवल इसकी विशालता में ही नहीं है। कुंभ की विशेषता इसकी विविधता में भी है। इस आयोजन में करोड़ों लोग एक साथ एकत्रित होते हैं। लाखों संत, हजारों परम्पराएं, सैकड़ों संप्रदाय, अनेकों अखाड़े, हर कोई इस आयोजन का हिस्सा बनता है। कहीं कोई भेदभाव नहीं दिखता है, कोई बड़ा नहीं होता है, कोई छोटा नहीं होता है। अनेकता में एकता का ऐसा दृश्य विश्व में कहीं और देखने को नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि पहली बार कुंभ आयोजन में एआई चैटबॉट का प्रयोग होगा। इसके माध्यम से 11 भारतीय भाषाओं में कुंभ से जुड़ी हर तरह की जानकारी हासिल की जा सकेगी। इस चैटबॉट से कोई भी टेक्स्ट टाइप करके या बोलकर किसी भी तरह की मदद मांग सकता है। बच्चों की पसंदीदा एनिमेशन सीरीज का जिक्र किया प्रधानमंत्री ने कहा कि  KTB यानि कृष, तृष और बाल्टीबॉय। आपको शायद पता होगा बच्चों की पसंदीदा एनिमेशन सीरीज और उसका नाम है KTB- भारत हैं हम और अब इसका दूसरा सीजन भी आ गया है। ये तीन एनिमेशन कैरेक्टर हमें भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के उन नायक-नायिकाओं के बारे में बताते हैं जिनकी ज्यादा चर्चा नहीं होती। हाल ही में इसका सीजन-2 बड़े ही खास अंदाज में अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिव ऑफ इंडिया, गोवा में लॉन्च हुआ। राज कपूर और रफी साहब को किया याद पीएम मोदी ने कहा कि 2024 में हम फिल्म जगत की कई महान हस्तियों की 100वीं जयंती मना रहे हैं। इन विभूतियों ने भारतीय सिनेमा को विश्व-स्तर पर पहचान दिलाई। राज कपूर ने फिल्मों के माध्यम से दुनिया को भारत की सॉफ्ट पावर से परिचित कराया। रफी साहब की आवाज में वो जादू था, जो हर दिल को छू लेता था। उनकी आवाज अद्भुत थी। भक्ति गीत हों या रोमाटिंग गानें, दर्द भरे गाने हों, हर भाव को उन्होंने अपनी आवाज से जीवंत कर दिया। एक कलाकार के रूप में उनकी महानता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आज भी युवा-पीढ़ी उनके गानों को उतनी ही शिद्दत से सुनती है। यही तो है टाइमलेस आर्ट की पहचान। अक्किनेनी नागेश्वर राव और तपन सिन्हा को सराहा उन्होंने कहा कि अक्किनेनी नागेश्वर राव गारू ने तेलुगु सिनेमा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। उनकी फिल्मों ने भारतीय परंपराओं और मूल्यों को बखूबी प्रस्तुत किया। तपन सिन्हा की फिल्मों ने समाज को एक नई दृष्टि दी। उनकी फिल्मों में सामाजिक चेतना और राष्ट्रीय एकता का संदेश रहता था। हमारी पूरी फिल्म इंडस्ट्री के लिए इन हस्तियों का जीवन प्रेरणा जैसा है। वर्ल्ड ऑडियो विजुअल इंटरटेनमेंट समिट अगले साल पीएम मोदी ने कहा कि अगले साल हमारे देश में पहली बार वर्ल्ड ऑडियो विजुअल इंटरटेनमेंट समिट यानि WAVES summit का आयोजन होने वाला है। आप सभी ने दावोस के बारे में सुना होगा, जहां दुनिया के अर्थजगत के महारथी जुटते हैं। उसी तरह वेव्स समिट में दुनिया भर के मीडिया और इंटरटेनमेंट इंडस्ट्री के दिग्गज, क्रिएटिव वर्ल्ड के लोग भारत आएंगे। यह समिट भारत को ग्लोबल कंटेंट क्रिएशन का हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भारतीय संस्कृति की वैश्विक धाक के तीन उदाहरण बताए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कुछ ही हफ्ते पहले मिस्र के करीब 23 हजार छात्रों ने एक पेंटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। वहां उन्हें भारत की संस्कृति और दोनों देशों के ऐतिहासिक संबंधों को बताने वाली पेंटिंग्स तैयार करनी थी। मैं इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेने वाले सभी युवाओं की सराहना करता हूं। उनकी क्रिएटिविटी की जितनी भी प्रशंसा की जाए वो कम है। उन्होंने कहा कि दक्षिण अमेरिका का एक देश है पराग्वे। वहां रहने वाले भारतीयों की संख्या एक हजार से ज्यादा नहीं होगी। पराग्वे में एक अद्भुत प्रयास हो रहा है। वहां भारतीय दूतावास में एरीका ह्युबर फ्री आयुर्वेद परामर्श देती हैं। आयुर्वेद की सलाह लेने के लिए आज उनके पास स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि ये हमारे लिए बहुत गर्व की बात है कि दुनिया की सबसे प्राचीन भाषा तमिल है और हर हिन्दुस्तानी को इसका गर्व है। दुनियाभर के देशों में इसे सीखने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले महीने के आखिर में फिजी में भारत सरकार के सहयोग से तमिल टीचिंग प्रोगाम शुरू हुआ। बीते 80 वर्षों में यह पहला अवसर है, जब फिजी में तमिल के ट्रेंड टीचर्स इस भाषा को सिखा रहे हैं। recent visitors 63