साल की वो बड़ी घटनाएं, कुछ घटनाएं ऐसी रही, जिन्होंने पूरी दुनिया को झकझोर दिया, सवाल और विवाद पैदा किए

नई दिल्ली 2024 का साल भारत के लिए कई दर्दनाक, चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटनाओं से भरा रहा। यह साल न केवल राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना, बल्कि इसने कई संवेदनशील मुद्दों को भी सामने लाया। कुछ घटनाएं ऐसी रही, जिन्होंने पूरी दुनिया को झकझोर दिया और देश में बड़े पैमाने पर आक्रोश, सवाल और विवाद पैदा किए। आइए जानते हैं कुछ ऐसी प्रमुख घटनाओं के बारे में जिन्होंने इस साल भारतीय समाज को प्रभावित किया। 1. कोलकाता रेप कांड 9 अगस्त को कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में एक दिल दहला देने वाली घटना हुई। यहां पर एक महिला ट्रेनी डॉक्टर के साथ बलात्कार किया गया और उसके बाद बेरहमी से हत्या कर दी गई। इस घटना ने ना केवल पश्चिम बंगाल, बल्कि पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस घटना के बाद राज्यभर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुए। लोग सरकार से सख्त कानून बनाने की मांग करने लगे, ताकि इस तरह के अपराधों पर काबू पाया जा सके। राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठे और पुलिस की कार्यशैली पर भी सवालिया निशान लगे। यह घटना उस समय सामने आई, जब देशभर में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर चर्चा हो रही थी, जिससे इसे और भी संवेदनशील बना दिया। 2. वायनाड भूस्खलन 30 जुलाई को केरल के वायनाड जिले में एक भीषण भूस्खलन हुआ, जिसने कई किलोमीटर के इलाके को तबाह कर दिया। इस त्रासदी में 231 से ज्यादा लोगों की मौत की पुष्टि हुई, जबकि अन्य रिपोर्टों में मरने वालों की संख्या 420 से अधिक बताई गई। यह घटना मानसून के दौरान आई, और इसका असर इतना बड़ा था कि कई गांव पूरी तरह से बर्बाद हो गए। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण बचाव कार्य भी मुश्किल हो गया। इस दुर्घटना में लगभग 1200 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ और केरल सरकार ने पीड़ितों के लिए राहत उपायों की घोषणा की। यह घटना जलवायु परिवर्तन के असर को भी उजागर करती है, जिससे पर्यावरणीय संकट और बढ़ते हैं। 3. कर्नाटक का हैरान करने वाला मर्डर 2024 का एक और चौंकाने वाला मामला कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से सामने आया। यहां एक युवक ने अपनी प्रेमिका महालक्ष्मी की हत्या कर उसके शरीर के 59 टुकड़े किए और उन्हें फ्रिज में रख दिया। आरोपी ने अपने सुसाइड नोट में लिखा कि उसने यह हत्या इसलिए की, क्योंकि वह अपनी प्रेमिका के व्यवहार से परेशान था। यह एक ऐसा अपराध था, जिसने न केवल कर्नाटक बल्कि पूरे देश को हैरान कर दिया। इस घटना के बाद महिला सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे पर नए सिरे से बहस छिड़ी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और मामले की जांच शुरू की, लेकिन इस घटना ने रिश्तों और मानसिक तनाव से जुड़ी समस्याओं को सामने लाया।   4. तिरुपति लड्डू विवाद 18 सितंबर को तिरुपति मंदिर के प्रसाद लड्डू में जानवरों की चर्बी मिलाए जाने का विवाद सामने आया। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री और टीडीपी सुप्रीमो चंद्रबाबू नायडू ने आरोप लगाया कि मंदिर के प्रसाद में चर्बी का उपयोग किया जा रहा है। इस आरोप ने तिरुपति मंदिर प्रशासन को कठघरे में खड़ा कर दिया और मंदिर के प्रसाद के पवित्रता को लेकर सवाल उठने लगे। यह विवाद तब बढ़ा जब अन्य धार्मिक नेताओं और भक्तों ने इस आरोप को चुनौती दी। इस मुद्दे ने एक बड़ा धार्मिक और राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया, जो पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन गया। 5. रियासी आतंकी हमला 9 जून को जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के पौनी इलाके में आतंकवादियों ने एक बस पर हमला किया। बस शिव खोरी से कटरा जा रही थी, तभी आतंकवादियों ने उस पर गोलीबारी की। इसके बाद बस खाई में गिर गई, जिससे 9 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। इस हमले ने कश्मीर में सुरक्षा की स्थिति को लेकर सवाल उठाए और पूरे राज्य में आतंकवादियों द्वारा किए जा रहे हमलों के खिलाफ आक्रोश पैदा किया। जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के हमलों की बढ़ती संख्या ने सुरक्षा एजेंसियों को और अधिक सतर्क कर दिया। 6. हाथरस भगदड़ कांड उत्तर प्रदेश के हाथरस में 2 जुलाई को एक धार्मिक सत्संग के बाद भगदड़ मच गई, जिसमें 123 लोगों की मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब हजारों लोग एकत्रित हुए थे और पुलिस एवं प्रशासन की ओर से कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी। भगदड़ मचने से लोग दबकर मारे गए, और इस हादसे ने सुरक्षा व्यवस्थाओं के खिलाफ सवाल खड़े कर दिए। धार्मिक आयोजनों में भारी भीड़ के दौरान सुरक्षा इंतजामों की कमी ने प्रशासन की लापरवाही को उजागर किया। घटना के बाद आयोजक को गिरफ्तार किया गया और कई बड़े सवाल प्रशासन की कार्यशैली पर उठे। 7. इतिहास का सबसे गर्म साल 2024 को अब तक का सबसे गर्म साल माना गया है। जलवायु परिवर्तन के कारण वैश्विक तापमान में रिकॉर्ड वृद्धि देखी गई है, और भारत भी इससे अछूता नहीं रहा। देश में जुलाई और अगस्त के महीने में भीषण गर्मी पाई गई, जिसने लोगों के जीवन को कठिन बना दिया। तापमान की वृद्धि के कारण जल संकट और सूखा जैसी समस्याएं सामने आईं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी कि यदि जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को रोकने के लिए तत्काल कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में और भी गंभीर परिणाम हो सकते हैं। recent visitors 62

अब नजदीकी रिश्तेदारों को शेयर ट्रांसफर करने की सूचना सेबी को अलग से देने की जरूरत नहीं

मुंबई शेयरों की ऑनरशिप पैटर्न को लेकर सेबी ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है। दरअसल अब नजदीकी रिश्तेदारों में शेयर ट्रांसफर को ऑनरशिप चेंज या मैनेजमेंट कंट्रोलिंग अथॉरिटी नहीं माना जाएगा। नजदीकी रिश्तेदार जिसमें भाई-बहन, माता-पिता या पत्नी और संतान आते हैं। इन्हें ट्रांसफर करने पर इसे ऑनरशिप चेंज नहीं माना जाएगा। दरअसल इन नजदीकी रिश्तेदारों को विरासत या शेयर ट्रांसफर करने की सूचना सेबी को अलग से देने की जरूरत नहीं है। इसके साथ ही मैनेजमेंट चेंज या ऑनरशिप ट्रांसफर होने के कारण सेबी को अलग से सूचना देने की अब जरूरत नहीं होगी। शेयर ट्रांसफर को लेकर सेबी द्वारा गाइडलाइन जारी की गई दरअसल बिचौलिया फर्मों को शेयर ट्रांसफर को लेकर सेबी द्वारा गाइडलाइन जारी की गई थी, लेकिन इस गाइडलाइन में असमंजस की स्थिति देखने को मिली थी। सवाल उठ रहा था कि क्या नजदीकी रिश्तेदारों को शेयर ट्रांसफर करना भी ऑनरशिप चेंज माना जाएगा। लेकिन अब सेबी की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है, कि नजदीकी रिश्तेदारों को जिनमें पत्नी, माता-पिता, संतान और भाई-बहन शामिल है, को ऑनरशिप चेंज नहीं माना जाएगा। लेकिन उनके सिवा रिश्तेदारों को शेयर ट्रांसफर करना ओनरशिप चेंज माना जाएगा। इसके साथ ही अब शेयर ट्रांसफर करने की सूचना इन्वेस्टर एडवाइजर, रिसर्च एनालिस्ट या इनसे जुड़ी सेवा देने वाली कंपनियों को सेबी को देना होगी। सभी तरह के फर्म के लिए लागू किया गया दरअसल सेबी को जानकारी देने वाली इन कंपनियों को मध्यस्थ या बिचौलिया फर्म की श्रेणी में रखा जाएगा। दरअसल निवेशकों के हित की रक्षा के लिए सेबी द्वारा यह गाइडलाइन स्पष्ट की गई है। एक्सपर्ट्स की माने तो इन्वेस्टमेंट एडवाइजर और रिसर्च एनालिसिस तो फर्म कंपनी के साथ संबंधों का कानूनी स्वरूप भी अब तय हो चुका है। आसान भाषा में समझा जाए तो, अगर पिता की मौत हो जाती है और उसका पुत्र मैनेजमेंट संभालता है, तो इसे ऑनरशिप चेंज नहीं माना जाएगा। यह प्रोपराइटरी पार्टनरशिप और कॉर्पोरेट सभी तरह के फर्म के लिए लागू किया गया है। recent visitors 70

नए साल में नया फॉर्मूला लेकर चलेगी मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार, होगी बड़ी प्रशासनिक सर्जरी!

भोपाल मोहन सरकार नए साल में बड़ी प्रशासनिक सर्जरी की तैयारी में है। मंत्रालय से लेकर जिलों तक बदलाव होंगे। विकसित मध्य प्रदेश के लक्ष्य को इसका आधार बनाया जाएगा। सरकार के स्तर पर खाका तैयार हो रहा है। बीते साल में पिछड़ने वाले अधिकारियों से नए फार्मूले के आधार पर निपटा जाएगा। मध्य प्रदेश का विजन डॉक्यूमेंट तैयार हो रहा है।  सरकार इसमें उद्योग, कृषि-वनोत्पाद, अद्योसंरचनाएं एवं नगरीय विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, सेवाएं, सुशासन एवं नागरिक सेवाएं और वित्तीय नियोजन एवं संवर्धन जैसे 8 कार्य समूह तय किए हैं। माना जा रहा है कि इन समूहों में पहले से कुछ काबिल अफसर हैं लेकिन कुछ का परफार्मेंस बिल्कुल भी ठीक नहीं है। यहां बदली जा सकती है प्रशासनिक जमावट -प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग व राज्य निर्वाचन आयोग में आयुक्त की पदस्थापना। जिलों में विवादित हो चुके कलेक्टरों पर गाज गिरनी तय है, उनको भी वापस बुलाया जाना है जो 3 साल पूरे कर चुके हैं। -ऐसे जिले जहां पक्ष-विपक्ष के विधायकों ने सदन में गंभीर मुद्दे उठाए और शासन-प्रशासन को किरकिरी झेलनी पड़ी, वहां कलेक्टरों पर गाज गिरनी तय। -राजस्व महाभियान में खराब परफार्मेंस वाले कमिश्नर- कलेक्टर भी निशाने पर होंगे। खाद संकट के दौरान जिलों में बेहतर वितरण व्यवस्था नहीं बना पाने, किसानों को नहीं समझा पाने वाले कुछ कलेक्टर भी राडार पर बताए जा रहे हैं। -ऐसे जिले जहां से सीएम हेल्पलाइन व अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का ग्राफ कम करने के लिए बगैर वैधानिक निराकरण के बंद करने की दोबारा शिकायतें मिल रही हैं, उन संबंधित अधिकारियों को भी बदला जा सकता है। recent visitors 79

जल्द पूरा होगा भारत का सपना, लॉन्च होने वाला है ISRO का SPADEX मिशन… जानिए क्यों है खास ?

चेन्नई भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) वर्ष 2024 शानदार  विदाई देने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुये अपने दोहरे रिकॉर्ड कायम करने वाले ‘स्पैडेक्स’ अंतरिक्ष मिशन के लिए उलटी गिनती काम आज से शुरू करेगा। इसके तहत पहली अंतरिक्ष डॉकिंग तकनीक पर – स्पैडेक्स उपग्रह से जुड़ी डॉकिंग और अनडॉकिंग श्रृंखला है और दूसरा पीएसएलवी-सी60 प्रक्षेपण यान पर पीओईएम-4 के हिस्से के रूप में 24 वैज्ञानिक प्रयोगों का पीएसएलवी का चौथा चरण शामिल है। पीएसएलवी-सी60 स्पैडेक्स मिशन का प्रक्षेपण 30 दिसंबर को श्रीहरिकोटा के पहले अंतरिक्ष बंदरगाह पर पैड से 2158 बजे निर्धारित है। पीएसएलवी मिशन के लिए उलटी गिनती का काम जो आम तौर पर 24 से 25 घंटे का होता है, कल से शुरू होने की उम्मीद है, जिसके दौरान चार चरण वाले वाहन में प्रणोदक भरने का कार्य किया जाएगा। इसरो ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, प्रक्षेपण के करीब एक कदम और बढ़ाते हुये स्पैडेक्स के प्रक्षेपण यान के साथ दो उपग्रह एकीकृत हो गए है। कहा गया, “एकीकरण मील का पत्थर है, एसडीएससी शार ‘लिफ्टऑफ़’ के एक कदम और करीब स्पैडेक्स उपग्रहों को पीएसएलवी-सी60 के साथ सफलतापूर्वक एकीकृत किया गया है।” बताया गया,“ पीएसएलवी-सी60 पर पहली बार पीआईएफ सुविधा में पीएस 4 (चौथे चरण इंजन) तक पूरी तरह से एकीकृत कर इसे पहले लॉन्च पैड पर ले जाया गया।” इसरो अपने पहले सफल अंतरिक्ष डॉकिंग प्रदर्शन के साथ वर्ष 2024 की शानदार विदाई करने के लिए उत्सुक है, क्योंकि यह अग्रणी मिशन भारत को चौथा देश बनने के लिए प्रेरित करेगा। इससे दुनिया को पता चलेगा कि देश जटिल अंतरिक्ष डॉकिंग तकनीक में महारत हासिल कर रहा है” इसरो के लिए यह एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व मिशन होगा जिसके तहत अंतरिक्ष डॉकिंग प्रदर्शन के लिए दो उपग्रह चेज़र और टारगेट वाले स्पैडेक्स लॉन्च के अलावा, स्पैडेक्स मिशन के साथ पीएसलवी ऑर्बिटल एक्सपेरिमेंट मॉड्यूल-4 (पीओईएम-4) पर अंतरिक्ष में रिकॉर्ड 24 वैज्ञानिक प्रयोग किये जायेंगे।  क्या है यह मिशन? अंतरिक्ष में डॉकिंग तकनीक तब बहुत जरूरी होती है जब साझा मिशन उद्देश्यों को हासिल करने के लिए कई रॉकेट लॉन्च करने की जरूरत होती है। इसरो के अनुसार, स्पेडेक्स मिशन में दो छोटे अंतरिक्ष यान (प्रत्येक लगभग 220 किग्रा) शामिल हैं, जिन्हें पीएसएलवी-सी60 के जरिये स्वतंत्र रूप से और एक साथ, 55 डिग्री झुकाव पर 470 किमी वृत्ताकार कक्षा में प्रक्षेपित किया जाएगा, जिसका स्थानीय समय चक्र लगभग 66 दिन का होगा। अंतरिक्ष डॉकिंग प्रयोग का प्रदर्शन के लिए मिशन इस मिशन के माध्यम से, भारत अंतरिक्ष डॉकिंग तकनीक रखने वाला दुनिया का चौथा देश बनने की ओर अग्रसर है। 9 दिसंबर को पीएसएलवी-सी59/प्रोबास-3 मिशन के सफल प्रक्षेपण के बाद, इसरो के अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के सचिव, एस सोमनाथ ने कहा कि दिसंबर में ही पीएसएलवी-सी60 के प्रक्षेपण के साथ एक समान मिशन आने वाला है। सोमनाथ ने कहा, 'यह (पीएसएलवी-सी60 मिशन) स्पैडेक्स नामक अंतरिक्ष डॉकिंग प्रयोग का प्रदर्शन करने जा रहा है। रॉकेट अब तैयार है और हम प्रक्षेपण की ओर ले जाने वाली गतिविधियों के अंतिम चरण के लिए तैयार हो रहे हैं, संभवतः दिसंबर में ही।' बताया जाता है कि अंतरिक्ष में डॉकिंग की यह प्रक्रिया सबसे कठिन होती है और इसमें जरा सी चूक बड़ी मुसीबतें पैदा कर सकती है।   गोलाकार कक्षा में लॉन्च किया जाएगा मिशन इसरो के अनुसार, स्पेडेक्स मिशन को दो छोटे अंतरिक्ष यानों (एसडीएक्स01, जो कि चेजर है और एसडीएक्स02, जिसका नाम टारगेट है) के पृथ्वी की निचली वृत्ताकार कक्षा में तेज गति में मिलन, डॉकिंग और अनडॉकिंग को प्रदर्शित किया जाएगा। पीएसएलवी कक्षीय प्रयोग मॉड्यूल (पीओईएम) अंतरिक्ष में विभिन्न प्रौद्योगिकियों का प्रदर्शन करने के लिए 24 प्रयोग करेगा। इनमें 14 प्रयोग भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की विभिन्न प्रयोगशालाओं से और प्रयोग 10 निजी विश्वविद्यालयों तथा ‘स्टार्ट-अप’ से संबंधित हैं। डॉकिंग प्रक्रिया से ही बने हैं अमेरिका और रूस के स्पेस स्टेशन गौरतलब है कि अमेरिका और रूस धरती पर एक-दूसरे के दुश्मन हैं, हालांकि अंतरिक्ष में अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) स्थापित करने में दोनों देशों ने साथ काम किया है। जहां नासा के स्पेस शटल ने आईएसएस के एक भाग का निर्माण किया है, वहीं रूस ने भी अपने कई स्पेस शटल्स का इस्तेमाल किया। नासा के पा मौजूदा समय में कोलंबिया, चैलेंजर, डिस्कवरी, अटलांटिस, एंडियेवर जैसे स्पेस शटल हैं, वहीं रूसी स्पेस एजेंसी रॉस्कॉस्मोस ने अपने स्पेस शटल का नाम बुरान रखा है।   recent visitors 50

जबलपुर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने पुराने टर्मिनल की जगह कार्गो बिल्डिंग बनाने का प्रस्ताव बनाया

 जबलपुर  शहर के व्यापारी और व्यवसायी कार्गो विमान के जरिए अपना सामान बाहर भेज सकें वहीं बाहर से भी सामान आसानी से आ सके, इसके लिए जबलपुर एयरपोर्ट अथॉरिटी ने जबलपुर एयरपोर्ट से कार्गो विमान सेवाएं शुरू करने का प्लान बनाया। एयरपोर्ट के पुराने टर्मिनल की जगह कार्गो बिल्डिंग बनाने का प्रस्ताव बनाया, ताकि विमानों से लोड और अनलोड माल को वहां रखा जा सके। इसके लिए प्लान बनाकर एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के पास भेजा भी गया, लेकिन वहां मामला अटक गया। चार से पांच माह बीत जाने के बाद भी वहां से क्लीयरेंस नहीं मिल सका, जिस कारण न तो निर्माण शुरू हो सका और न ही कार्गो विमान सेवाएं। क्लीयरेंस मिलते ही बातचीत कार्गो बिल्डिंग को क्लीयरेंस का इंतजार, हेडक्वार्टर में अटका मामला शहर से भी शुरू होनी है कार्गो विमान सेवाएं, अनुमति मिलते ही शुरू होगा काम इधर जैसे ही क्लीयरेंस मिलता है, तो बिल्डिंग निर्माण के साथ ही एयरपोर्ट के अधिकारियों ने कार्गो विमान कम्पनियों से भी बातचीत की जाएगी। उन्हें जबलपुर में आने और यहां से जाने वाले माल की जानकारी और कार्गो विमान सेवा शुरू होने से विमान कम्पनियों को होने वाले फायदे की जानकारी दी जाएगी, ताकि यह सेवाएं शुरू हो सकें। यहां से आता-जाता है माल ट्रेन से दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, अहमदाबाद, कानपुर, आगरा से माल आता है, तो वहीं इलाहाबाद, पटना, लखनऊ, कानपुर, गुजरात समेत अन्य शहरों और प्रदेशों में यहां से माल भेजा जाता है। माल लाने ले जाने के लिए जबलपुर रेल मंडल के पास 14 एसएलआर और एक लीज कंटेनर है। लेकिन ट्रेन से समय अधिक लगता है। वहीं कई बार माल कहीं और जाने की बजाय कहीं और चला जाता है। ऐसे में लम्बे समय से शहर से कार्गो विमान सेवा शुरू करने की मांग की जा रही थी।  प्रदेश के अन्य एयरपोर्ट पर सुविधा प्रदेश के अन्य एयरपोर्ट्स पर कार्गो की सुविधा है। ऐसे में वहां से कार्गो विमान भी उड़ान भरते हैं, लेकिन जबलपुर एयरपोर्ट के शुरू होने के बाद से अब तक यहां कार्गो सुविधा नहीं थी, जिस कारण व्यपारियों और व्यवसाईयों को हवाई जहाज से सामान भेजने में परेशानी होती थी। यदि कुछ आवश्यक चीजें हवाई जहाज के माध्यम से दूसरे शहर या विदेश भेजनी होती थी, तो लोगों को नागपुर जाना पड़ता था। इन्हें मिलेगा फायदा शहर में गारमेंट क्लस्टर है, वही आईटी सेक्टर का भी बड़ा काम शहर में है। इसके अलावा कई ऐसी कम्पनियां हैं, जो देश के अन्य शहरों और विदेशों तक से सामान बुलवाती है। ऐसे में इन कम्पनियों को फायदा होगा। कार्गो विमान सेवा शुरू होने से माल भी वर्तमान समय से कम समय में पहुंच सकेगा। recent visitors 54

गुरुग्राम पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशियों के खिलाफ कार्रवाई का विशेष अभियान शुरू किया

गुरुग्राम  बिना पुलिस को सूचना दिए गुरुग्राम में विदेशियों को फ्लैट किराये पर दिए जा रहे हैं। पुलिस जांच में पहले इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं। एक बार फिर गुरुग्राम पुलिस ने अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। इसके तहत, वेरिफिकेशन के बिना रहने वाले किरायेदारों और मकान मालिकों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। गुरुग्राम में विशेष अभियान चलाया जाएगा पुलिस प्रवक्ता का कहना है कि सुरक्षा के मद्देनजर गुरुग्राम में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान अवैध रूप से रह रहे रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को चेक किया जा रहा है। झुग्गी-झोपड़ियों, कॉलोनियों, होटलों में विशेष रूप से चेकिंग की जा रही है। अवैध रूप से भारत में रह रहे लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई होगी। यदि किसी ने बिना पुलिस वेरिफिकेशन के किरायेदार रखा होता तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाएगी। उन्होंने बताया कि पुलिस सभी से अपील कर रही है कि किरायेदारों, घरों में काम करने वालों, होटल में काम करने वालों का वेरिफिकेशन जरूर कराएं। रोहिंग्या मुसलमानों की संख्या बढ़ती जा रहीवहीं सरकार को शक है कि मुस्लिम बाहुल्य मेवात (नूंह) में रोहिंग्या मुसलमानों की संख्या बढ़ती जा रही है। मेवात में कुछ लोग इन रोहिंग्या मुसलमानों को शरण दे रहे हैं। विश्व हिंदू परिषद ने भी सरकार के आगे शिकायत की कि यह रोहिंग्या देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं। इनके बारे में पूरी जानकारी के बगैर इन्हें रोकना मुमकिन नहीं। ऐसे में इन्हें बाहर निकाला जाना चाहिए और तब तक पूरी सख्ती बरती जानी चाहिए। हरियाणा सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, पूरे प्रदेश में 600 से 700 परिवार रोहिंग्या मुसलमानों के हैं। अकेले मेवात में करीब दो हजार रोहिंग्या रहते हैं। recent visitors 59

देश में लग्जरी कारों की बिक्री में तेजी , साल 2024 में लग्जरी कारों का नया रेकॉर्ड बनाया

नई दिल्ली  क्या सस्ती कारों के दिन लदने वाले हैं? साल 2024 में लग्जरी कारों की डिमांड कुछ ऐसा ही इशारा कर रही है। आंकड़े बताते हैं कि इस साल हर घंटे ऐसी 6 लग्जरी कारों की बिक्री हुई जिनकी कीमत 50 लाख रुपये से ज्यादा थी। यानी हर 10 मिनट में एक लग्जरी कार बिक्री है। इन कारों में ऑडी और मर्सिडीज-बेंज जैसे बड़े ब्रांड की कार शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक 5 साल पहले हर घंटे लग्जरी कारों की बिक्री की संख्या मात्र दो थी। ऐसे में इन 5 वर्षों में इसमें तीन गुना की तेजी आई है। इससे पता चलता है कि संपन्न वर्ग का विस्तार हो रहा है। इकॉनमिक टाइम्स के अनुसार साल 2025 में लग्जरी कार निर्माता दो दर्जन से ज्यादा नई गाड़ियां लॉन्च करने की तैयारी कर रहे हैं। कैसा होगा साल 2025? इंडस्ट्री के जानकारों के मुताबिक साल 2025 में लग्जरी कारों की बिक्री में और तेजी आने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि साल 2025 में लग्जरी कारों की बिक्री 50 हजार का आंकड़ा पार कर जाएगी। अगर ऐसा होता है तो यह पहली बार होगा। ऑडी इंडिया के प्रमुख बलबीर सिंह डिलियन ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि 2025 में इंडस्ट्री 8 से 10% की दर से बढ़ेगी।' वहीं मर्सिडीज-बेंज इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी संतोष अय्यर ने कहा, 'साल 2025 में लग्जरी कारों की बिक्री में तेजी आने की उम्मीद है।' साल 2024 में कैसी रही स्थिति? इस साल भी लग्जरी कारों की बिक्री में काफी तेजी आई है। मर्सिडीज-बेंज कारों की बिक्री की संख्या साल 2024 में 20 हजार हो जाएगी। कंपनी ने सितंबर तक नौ महीनों में बिक्री में 13% की वृद्धि दर्ज की जो 14,379 यूनिट थी। वहीं जनवरी से सितंबर के दौरान BMW इंडिया की बिक्री करीब 5% बढ़कर रेकॉर्ड 10,556 वाहन हो गई। ऑडी इंडिया ने कहा कि वह अगले साल बिक्री को फिर से बढ़ाने के लिए तैयार है। क्यों बढ़ रही लग्जरी कारों की बिक्री? देश में अरबपतियों की संख्या में तेज आ रही है। नाइट फ्रैंक की 'द वेल्थ रिपोर्ट 2024' के अनुसार अल्ट्रा-रिच भारतीयों की संख्या 2023 में 13263 से 2028 में 50% बढ़कर 19908 हो जाने की उम्मीद है। भारत के बाद चीन (47%), तुर्की (42.9%) और मलेशिया (35%) का स्थान होगा। इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स के मुताबिक देश में अरबपतियों की संख्या बढ़ने से लग्जरी कारों की बिक्री में तेजी आई है। recent visitors 64