लोकायुक्त में 6 इंस्पेक्टर और 27 कांस्टेबलों की पोस्टिंग, तीन दिन पहले ही 4 डीएसपी, 6 इंस्पेक्टर और 24 आरक्षकों का तबादला किया

 भोपाल मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पूर्व आरटीओ कांस्टेबल सौरभ शर्मा पर लोकायुक्त के छापों की गूंज दो हफ्ते बीत जाने के बाद भी सुनाई दे रही. वहीं, अब रेड की सूचना लीक होने के आरोप और शक़ के बाद लोकायुक्त में नई नियुक्तियां कर दी गई हैं. रविवार शाम को लोकायुक्त में 6 इंस्पेक्टर और 27 कांस्टेबलों की पोस्टिंग हुई है. बता दें कि तीन दिन पहले ही लोकायुक्त में लंबे समय से पदस्थ 4 डीएसपी, 6 इंस्पेक्टर और 24 आरक्षकों का तबादला कर दिया गया था. रविवार को जारी आदेश के मुताबिक, जबलपुर में पदस्थ इंस्पेक्टर सक्तूराम मरावी, मंडला में पदस्थ इंस्पेक्टर शशिकला मस्कुले, रतलाम के इंस्पेक्टर दिनेश कुमार भोजक, इंदौर में पदस्थ इंस्पेक्टर आनंद चौहान, पांढुर्ना में पदस्थ इंस्पेक्टर जितेंद्र यादव और ग्वालियर में पदस्थ कार्यवाहक निरीक्षक बलराम सिंह को लोकायुक्त संगठन भोपाल भेजा गया है. इन 6 इंस्पेक्टरों के अलावा 27 कांस्टेबलों को भी लोकायुक्त में भेजा गया है जिनकी सूची आप नीचे देख सकते हैं:- – आरक्षक रामेश्वर निगवाल – कार्यवाहक प्रधान आरक्षक रणजीत द्विवेदी – आरक्षक प्रदीप दुबे – आरक्षक रवि सिंह – आरक्षक आशीष आर्य – आरक्षक विनोद यादव – आरक्षक विनय कुमार घोघरे – आरक्षक प्रवीण कुमार – आरक्षक सतेंद्र बहादुर सिंह – आरक्षक संजीव कुमारिया – आरक्षक गौरव साहू – आरक्षक चैतन्य प्रताप सिंह – आरक्षक यशवंत पटेल – आरक्षक संदीप कुमार शुक्ला – आरक्षक कृष्ण कुमार सेन – आरक्षक राजेश सिंह ठाकुर – आरक्षक सतीश कौशल – आरक्षक पुनीत सिंह – आरक्षक नीलेश चौबे – आरक्षक राजेंद्र कुमार बकोरिया – आरक्षक पंकज सिंह बिष्ट – आरक्षक विपिन वर्मा – आरक्षक जितेंद्र सिंह – आरक्षक मेहबूब कुरैशी – आरक्षक दिलीप कुमार पटेल – आरक्षक मनोज मिश्रा – कार्यवाहक प्रधान आरक्षक यशवंत सिंह ठाकुर बता दें कि मध्य प्रदेश की लोकायुक्त पुलिस की ओर से गई छापेमारी में सौरभ शर्मा के ठिकानों से 234 किलो चांदी और करोड़ों रुपए कैश मिले थे. इसके बाद सौरभ के सहयोगी की कार से इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को 54 किलो सोना और 10 करोड़ रुपए नकद मिले थे. फिलहाल सौरभ फरार है.     recent visitors 91

ग्वालियर के योगेंद्र का इंडियन क्रिकेट टीम में चयन, श्रीलंका में 12 जनवरी से होंगे मैच

ग्वालियर श्रीलंका में 12 से 21 जनवरी 2025 तक आयोजित होने वाली इंटरनेशनल डिसएबल क्रिकेट चैंपियन ट्रॉफी के लिए ग्वालियर के योगेंद्र भदौरिया का चयन भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम में हुआ है। योगेंद्र भारतीय टीम में विकेटकीपर बल्लेबाज की भूमिका निभाएंगे। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारत के अलावा इंग्लैंड, पाकिस्तान और श्रीलंका की टीमें भी हिस्सा लेंगी। जयपुर में किया था शानदार प्रदर्शन मध्य प्रदेश दिव्यांग क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव संजय सिंह तोमर ने जानकारी दी कि दिव्यांग क्रिकेट काउंसिल ऑफ इंडिया ने देश भर से 25 खिलाड़ियों का चयन किया है। योगेंद्र भदौरिया का चयन उनके जयपुर में हुए चैलेंजर ट्रॉफी में बेहतरीन प्रदर्शन के आधार पर किया गया है। इससे पहले भी योगेंद्र ने इंग्लैंड के खिलाफ अपने प्रदर्शन से क्रिकेट जगत का ध्यान आकर्षित किया था। ग्वालियर को मिला गौरव योगेंद्र के चयन पर मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन के संरक्षक दीपक सचेती और अन्य पदाधिकारियों ने उन्हें बधाई दी। उन्होंने विश्वास जताया कि श्रीलंका में होने वाली इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भी योगेंद्र अपने खेल की अमिट छाप छोड़ेंगे और भारत को गौरवान्वित करेंगे।   recent visitors 49

सस्ते सामानों के लिए प्रसिद्ध भोजपाल महोत्सव मेला अब 5 जनवरी तक चलेगा

भोपाल  राजधानी के भेल दशहरा मैदान पर चल रहा भोजपाल महोत्सव मेला अब 5 जनवरी तक आयोजित किया जाएगा। पहले यह मेला 29 दिसम्बर तक चलना था। शहरवासियों के साथ मेले में आए दुकानदारों, झूला और सर्कस संचालकों की मांग पर मेला समिति ने यह निर्णय लिया है। भोजपाल महोत्सव मेला समिति के अध्यक्ष सुनील यादव ने बताया कि भोपाल शहरवासियों और व्यापारी बंधुओं की मांग पर मेल समिति ने 7 दिन और मेला बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब मेले का समापन 29 दिसम्बर की बजाय 5 जनवरी को किया जाएगा। यादव ने कहा कि शहरवासियों और व्यापारियों का लगातार सुझाव आ रहा था कि मेले को एक सप्ताह और बढ़ाकर 5 जनवरी तक किया जाए। ऐसे में शहरवासियों को दुकानदारों के सुझाव का स्वागत करते हुए मेले को एक सप्ताह और बढ़ाया गया है। इससे शहरवासियों को एक सप्ताह और घूमने फिरने, खरीदारी व मनोरंजन करने का मौका मिलेगा। मेला मंच पर रविवार को आयोजित बॉलीवुड नाइट में डेशी डियो बैंड ने बॉलीवुड गीतों की प्रस्तुति दी। मुख्य अतिथि सांसद आलोक शर्मा और विशिष्ठ अतिथि नर्मदापुरम जिले से सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। राजाभोज के नाम पर होने वाला प्रदेश का सबसे बड़ा आयोजन अध्यक्ष ने बताया कि राजभोज की नगरी में राजाभोज के नाम से होने वाले आयोजनों में प्रदेश में यह सबसे बड़ा आयोजन है। मेले में राजाभोज की 12 फीट ऊंची प्रतिमा लगाई गई है। छोटे-बड़े करीब 400 विभिन्न सामग्री के स्टाल लगाए गए हैं। यहां स्वागत द्वार, भव्य सांस्कृतिक मंच और टे्रडिशनल सेल्फी जोन बनाया गया है। मेले का साल भर रहता है इंतजार महामंत्री हरीश कुमार राम ने बताया कि मेले में रोजाना 25 से 30 हजार लोग पहुंचते हैं। शनिवार और रविवार को यह संख्या डेढ़ से दो लाख तक पहुंच जाती है। मेला देखने राजधानी भोपाल के साथ ही रायसेन, विदिशा, सीहोर, मंडीदीप, औबेदुल्लागंज सहित आसपास क्षेत्र से लोग परिवार सहित आते हैं। इस मेले का शहरवासियों को साल भर इंतजार रहता है। recent visitors 57

Bhopal Gas Tragedy के 40 साल बाद खत्म होगा जहरीला कचरा, शिफ्टिंग हुई शुरू

भोपाल  भोपाल गैस त्रासदी के 40 साल बाद जहरीले कचरे को हटाने की तैयारी शुरू कर दी गई है. गैस त्रासदी के करीब 40 साल बाद यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से 337 टन जहरीला कचरा हटाया जा रहा है. यह कचरा राजधानी भोपाल से पीथमपुर में ले जाकर जलाया जाएगा. कचरे को ले जाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा. सभी कचरे को 12 हैडार्डस वेस्ट कंटेनर से पीथमपुर ले जाया जाएगा. दरअसल, कोर्ट में सुनवाई के बाद आए निर्णय के बाद से यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री से कचरा हटाने की तैयारी की जा रही थी. इसको लेकर बीच में विवाद की भी स्थिति बनी हुई थी. लेकिन हाई कोर्ट के आदेश के बाद इसे निस्तारण के लिए पीथमपुर ले जाने की तैयारी पूरी हो गई है. इस बीच आज से पुलिस की निगरानी में यह कार्य शुरू हो गया. यह पूरा कचरा पीथमपुर की एक औद्योगिक अपशिष्ट निपटान इकाई में नष्ट किया जाएगा. मध्य प्रदेश सरकार ने हाई कोर्ट की फटकार के बाद ये एक्शन लिया है. एक सप्ताह पहले ही MP हाईकोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई थी. कोर्ट ने भोपाल में फैक्ट्री साइट से कचरा न हटाए जाने पर सवाल उठाए थे. अदालत ने सरकार से पूछा था कि लगातार निर्देश दिए जाने के बाद भी कचरे का निपटारा क्यों नहीं किया जा रहा है? जबकि इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट के साथ-साथ हाई कोर्ट भी निर्देश जारी कर चुका है. सुनवाई के दौरान HC ने कहा था कि 'निष्क्रियता की स्थिति' एक और त्रासदी का कारण बन सकती है. सुबह-सुबह फैक्ट्री पहुंचे GPS से लैस ट्रक जहरीले कचरे को इंदौर ले जाने के लिए रविवार सुबह GPS से लैस आधा दर्जन ट्रक यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री साइट पर पहुंचे. इनके साथ लीक प्रूफ कंटेनर भी थे. मौके पर PPE किट पहने कर्मचारी, भोपाल नगर निगम के कर्मचारी, पर्वायरण एजेंसियों के लोग, डॉक्टर्स और कचरा डिस्पोज करने वाले विशेषज्ञ भी शामिल थे. फैक्ट्री के आसपास पुलिकर्मियों की तैनाती भी की गई थी. एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक प्लान के तहत जहरीले कचरे को इंदौर के पीथमपुरा में जलाया जाएगा. यह इलाका राजधानी भोपाल से करीब 250 किलोमीटर दूर है.   बनाया जा रहा 250 KM लंबा कॉरिडोर मध्य प्रदेश के गैस राहत एवं पुनर्वास विभाग के डायरेक्टर स्वतंत्र कुमार सिंह का के मुताबिक पीथमपुरा तक जहरीला कचरा पहुंचाने के लिए 250 किलोमीटर का ग्रीन कॉरिडोर बनाया जा रहा है. हालांकि, उन्होंने कचरे के परिवहन और उसे डिस्पोज करने की तारीख नहीं बताई. लेकिन सूत्रों का कहना है कि 3 जनवरी तक कचरा पीथमपुरा पहुंच जाएगा. 3 महीने में जलकर राख हो जाएगा कचरा! डायरेक्टर स्वतंत्र कुमार सिंह ने एजेंसी को बताया कि शुरुआत में कचरे का कुछ हिस्सा पीथमपुर की कचरा निपटान इकाई में जलाया जाएगा और अवशेष (राख) की वैज्ञानिक जांच कर पता लगाया जाएगा कि उसमें कोई हानिकारक तत्व तो नहीं बचा है. डायरेक्टर ने कहा,'अगर सब कुछ ठीक रहा तो 3 महीने में कचरा जलकर राख हो जाएगा. लेकिन अगर जलने की गति धीमी रही तो इसमें 9 महीने तक लग सकते हैं. कचरा जलाने वाली 'भट्टी' से निकलने वाले धुएं को 4 लेयर फिल्टर्स से गुजारा जाएगा ताकि आसपास की हवा प्रदूषित न हो. इस प्रोसेस का हर पल रिकार्ड रखा जाएगा.' डबल लेयर के अंदर किया जाएगा डिस्पोज स्वतंत्र कुमार सिंह के मुताबिक,'एक बार जब कचरे को जला दिया जाएगा और हानिकारक तत्वों से मुक्त कर दिया जाएगा तो राख को दो-परत वाली मजबूत 'झिल्ली' से ढक दिया जाएगा और 'लैंडफिल' में दफना दिया जाएगा. ऐसा इसलिए किया जाएगा कि ताकि सुनिश्चित हो सके कि कचरा किसी भी तरह से मिट्टी और पानी के संपर्क में नहीं आएगा.' पीथमपुरा के आसपास के लोग कर रहे विरोध हालांकि, इस पूरी प्रोसेस का एक दूसरा पहलू भी है. पीथमपुरा के आसपास के लोग और सामाजिक कार्यकर्ताओं का समूह वहां कचरा जलाने का विरोध कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि 2015 में पीथमपुर में परीक्षण के तौर पर 10 टन यूनियन कार्बाइड का कचरा नष्ट किया गया था. इससे कारण आसपास के गांवों की मिट्टी, जमीन का पानी और पानी के सोर्स प्रदूषित हो गए. हालांकि, स्वतंत्र कुमार सिंह ने इस दावे को खारिज कर दिया. हाई कोर्ट ने सरकार को लगाई थी फटकार बता दें कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने 3 दिसंबर को 4 सप्ताह के अंदर जहरीले कचरे को फैक्ट्री से शिफ्ट करने की डेडलाइन दी थी. हाई कोर्ट ने कहा था कि यह खेदजनक स्थिति है. अदालत ने सरकार को चेतावनी दी थी कि अगर निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो अदालत की अवमानना के तहत कार्रवाई की जाएगी. हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस एसके कैत और जस्टिस विवेक जैन की डिवीजनल बैंच ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा था,'हम समझ नहीं पा रहे हैं कि समय-समय सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद भी जहरीले कचरे को हटाने का काम शुरू क्यों नहीं हुआ है, जबकि कचरा हटाने के लिए 23 मार्च 2024 की योजना पर काम किया जाना था.' इस मुद्दे को लेकर अब 6 जनवरी को हाई कोर्ट में अगली सुनवाई होगी. पांच हजार से ज्यादा लोंगों की हुई थी मौत बता दें कि 2 दिसंबर 1984 की रात भोपाल की यूनियन कार्बाइड कीटनाशक फैक्ट्री से जहरीली गैस मिथाइल आइसोसाइनाइट (MIC) का रिसाव हुआ था. इस हादसे में 5,479 लोगों की मौत हो गई थी. गैस लीक की वजह से पांच लाख से ज्यादा लोगों का स्वास्थ्य बुरी तरह से प्रभावित हुआ था. जिसका असर आज भी कई लोगों पर नजर आता है. इस हादसे के बाद कई लोग विकलांगता के शिकार हो गए थे. कचरा निपटारा मामले में अब तक क्या-क्या हुआ? 2004 में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई. कोर्ट ने भारत सरकार के रसायन और पेट्रोकेमिकल्स विभाग के सचिव की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स का गठन किया. केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के विशेषज्ञों ने 2005 में कचरे के सुरक्षित निपटान के लिए गुजरात के अंकलेश्वर में भरूच एनवायरो-इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (बीईआईएल) के स्वामित्व वाले एक विश्व स्तरीय भस्मक की पहचान की गई. लेकिन 2007 में गुजरात में विरोध प्रदर्शन और 2009 में सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद, … Read more

मुनाफे के लालच में फंसे लोग: सैनलुकर कंपनी ने हजारों को ठगी का शिकार बनाया, अब एसपी से कार्रवाई की कर रहे मांग

बैकुंठपुर/कोरिया कोरिया जिले में सैनलुकर कंपनी द्वारा सैकड़ों लोगों को झांसे में लेकर करोड़ों रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है। यह कंपनी लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर ऐप के माध्यम से पैसे निवेश करवाती थी। शुरुआत में कंपनी निवेशकों को उनके पैसे लौटाती रही, जिससे लोग कंपनी पर भरोसा करते गए और बड़े पैमाने पर निवेश किया। कंपनी की कथित मालिक कैथरीन ने कुछ दिन पहले अचानक कंपनी और उसका ऐप बंद कर दिया। इसके बाद से निवेशक परेशान हैं और अपने डूबे हुए पैसे वापस पाने के लिए प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। पीड़ितों ने बैकुंठपुर थाने और एसपी कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर कंपनी और उसकी मालिक कैथरीन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित निवेशकों का कहना है कि शुरुआत में कंपनी ने उनके द्वारा लगाए गए पैसे वापस किए, जिससे उनमें विश्वास बढ़ा। इसके बाद लोगों ने कंपनी के ऐप में दिए गए बारकोड के माध्यम से लगातार पैसे जमा किए। लेकिन बीते 15 दिन पहले कंपनी और उसका ऐप बंद हो गए, जिससे हजारों निवेशकों का पैसा फंस गया। ठगी के शिकार लोगों ने बताया कि कंपनी ने एक सुनियोजित तरीके से यह जाल बिछाया। पहले उन्हें नियमित रूप से पैसे लौटाए गए, फिर अचानक कंपनी गायब हो गई। अब लोग अपने पैसे की वापसी के लिए बैकुंठपुर थाने और एसपी कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। पुलिस प्रशासन से पीड़ितों की मांग है कि जल्द से जल्द कंपनी की मालिक कैथरीन को गिरफ्तार किया जाए और उनके डूबे हुए पैसे वापस दिलाए जाएं। इस मामले ने जिले में सनसनी फैला दी है, और ठगी के शिकार लोग न्याय पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। recent visitors 53

‘घरों में नहीं बनेगी खिड़की’, तालिबान में अब महिलाओं के बाहर झांकने पर भी बैन

काबुल अफगानिस्तान में महिलाओं के खिलाफ एक नया कानून बना दिया है। इसके मुताबिक नए बन रहे घरों में खिड़कियां नहीं होनी चाहिए। यह कानून इसलिए बनाया गया है ताकि महिलाएं बाहर की तरफ न देख पाएं। तालिबान सरकार के सर्वोच्च नेता ने इसको लेकर आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि महिलाओं की झलक मिलने से अश्लील हरकतें हो सकती हैं। तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने इस बारे में एक्स पर एक बयान भी पोस्ट किया है। इसमें उन्होंने कहाकि नई इमारतों में ऐसी खिड़कियां नहीं होनी चाहिए, जिससे आंगन, रसोईघर, पड़ोसी का कुआं या महिलाओं द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली जगह दिखाई देती है। जबीहुल्ला मुजाहिद ने लिखा है कि महिलाओं को किचन में काम करते हुए, बारामदे में आते-जाते या कुएं से पानी लेते हुए देखने से अश्लील हरकतें हो सकती हैं। तालिबान सरकार के मुताबिक म्यूनिसिपल अधिकारी और अन्य संबंधित विभाग नए बन रहे घरों पर नजर भी रखेंगे। उन्हें यह ध्यान रखना होगा कि इन घरों में पड़ासियों के घर की तरफ खिड़की या झरोखा न खुला हो। अगर किसी घर में पहले से पड़ोसी के घर की तरफ खिड़की खुली हुई है तो उसे इसके लिए इंतजाम करने होंगे। मकान मालिक को या तो खिड़की तरफ दीवार बनानी होगी या फिर कुछ ऐसा इंतजाम करना होगा, जिससे पड़ोसी उस जगह से घर में न देख पाए। तालिबान सरकार ऐसा इंतजाम करने में जुटी है कि न तो बाहर से उन्हें कोई देख पाए और न ही वो किसी बाहरी आदमी को देख पाएं। गौरतलब है कि अगस्त 2021 में सत्ता में आने के बाद से ही तालिबान सरकार महिलाओं के अधिकारों पर प्रतिबंध लगा रही है। यहां तक कि उन्हें नौकरियां करने की भी अनुमति नहीं है। महिलाओं के लिए तालिबान की नीतियों पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने भी नाखुशी जताई है। तालिबान अधिकारियों ने लड़कियों और महिलाओं के लिए प्राथमिक शिक्षा पर प्रतिबंध लगा दिया है। उनके पार्कों और अन्य सार्वजनिक स्थानों तक जाने पर भी रोक लगा दी गई है। हाल ही में यहां पर एक कानून बनाया गया है, जिसके मुताबिक महिलाओं पर सार्वजनिक रूप से गाना या कविता सुनाना भी प्रतिबंधित है। recent visitors 45

निशुल्क हेल्थ चेकअप कैंप, चिकित्सक किरन वर्मा करेंगी बॉडी स्कैनिंग टेस्ट

मनेद्रगढ़/एमसीबी स्वस्थ जीवन शैली एवं नियमित दिनचर्या से लंबे समय तक स्वस्थ शरीर एवं प्रफुल्लित मन प्राप्त किया जा सकता है। इसी पृष्ठभूमि पर आधारित स्वस्थ जीवन शैली के लिए निशुल्क हेल्थ चेकअप कैंप का आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर योग प्रांगण में नए वर्ष के उपलक्ष में 1 जनवरी को प्रातः 6:30 बजे से किया जा रहा है। पिछले दो वर्षों से स्वस्थ जीवन शैली के लिए समर्पित सुप्रसिद्ध चिकित्सक किरण वर्मा द्वारा पतंजलि योग समिति के माध्यम से निशुल्क हेल्थ चेकअप कैंप का आयोजन किया जा रहा है। कैंप में बॉडी कंपोजिशन के अतिरिक्त प्रोटीन ,बॉडी फैट,पानी ,विशरल फैट , आदि की जांच स्क्रीनिंग मशीन के माध्यम से की जाएगी निशुल्क चिकित्सा के बाद संबंधित मरीज को बॉडी हिस्ट्री के तहत रिपोर्ट भी निशुल्क प्रदान की जाएगी। अधिक जानकारी के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के सहायक नेत्राधिकारी आर डी दीवान एवं पतंजलि योग समिति के वरिष्ठ योग प्रशिक्षक सतीश उपाध्याय से संपर्क किया जा सकता है। recent visitors 48