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मुख्यमंत्री ने रीवा एवं शहडोल संभाग में चल रहे विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा की

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सभी प्रकार के लंबित अधोसंरचनात्मक विकास एवं निर्माण कार्य नियोजित ढंग से जल्द से जल्द पूरे किए जाएं। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में कोई कमी न रहे। कार्य की गुणवत्ता से ही अधिकारियों का कार्य प्रदर्शन मूल्यांकन किया जाएगा। सुनिश्चित करें कि सभी प्रकार के कार्य तय समय-सीमा में ही पूरे हों। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) में रीवा एवं शहडोल संभाग के विकास एवं निर्माण कार्यों संबंधी उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को उक्त आशय के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य मापदंडों के अनुरूप या गुणवत्ताविहीन पाए गए, तो इसके लिए संबंधित अधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे। बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र कुमार शुक्ल, मुख्यमंत्री कार्यालय में अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, रीवा संभाग के प्रभारी अपर मुख्य सचिव श्री जे.एन. कंसोटिया, शहडोल संभाग के प्रभारी अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई सहित अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन, प्रमुख सचिव श्री संजय शुक्ला, प्रमुख सचिव श्री दीपाली रस्तोगी, प्रमुख सचिव श्री विवेक पोरवाल एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक में दोनों संभागों के सांसद, विधायक भी वर्चुअली शामिल हुए। बैठक में जल संसाधन विभाग/म.प्र. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, लोक निर्माण विभाग, ऊर्जा विभाग, वन विभाग, उच्च शिक्षा विभाग, नगरीय प्रशासन एवं आवास विकास विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास,जनजातीय कार्य विभाग, स्कूल शिक्षा, संस्कृति विभाग से जुड़े बिन्दुओं एवं लंबित कार्यों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। जन-प्रतिनिधियों के सुझाव सुनें, उन पर अमल भी करें मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जनता से जुड़े कार्यों में जन-प्रतिनिधियों के सुझाव लिये ही जाने चाहिए। इसलिए सभी विभागीय अधिकारी अपने-अपने विभाग के निर्माण कार्यों के संबंध में स्थानीय सांसद, विधायक एवं अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संवाद करें, उनसे सुझाव लें और इन सुझावों को अमल में भी लाएं। उन्होंने कहा कि जिन निर्माण कार्यों के पूरा होने से जनता को तुरंत राहत एवं सुविधा मिले ऐसे निर्माण कार्य प्राथमिकता से पूरे किए जाएं। प्रभारी अपर मुख्य सचिव करें जिलेंवार समीक्षा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संभाग स्तरीय बैठकों में जिले के जन-प्रतिनिधियों को अपनी बात रखने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता है। इसलिए अब सभी संभागों के प्रभारी अपर मुख्य सचिव पहले जिलेंवार समीक्षा करें, सभी विधायकों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की बात और सुझाव सुनें, इसके बाद ही संभाग स्तर की बैठक में समन्वित रूप से लंबित निर्माण कार्यों की समीक्षा करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निर्देश दिए कि सीधी जिले की गोड सिंचाई परियोजना का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए। सीधी -सिंगरौली राष्ट्रीय राजमार्ग के उन्नयन कार्य की पूर्णता में आ रहे अवरोधों को दूर कर शेष काम भी शीघ्रता पूर्वक पूरा कराया जाए। मैहर एवं मऊगंज में बनेगा नया कलेक्ट्रेट रीवा संभाग के प्रभारी अपर मुख्य सचिव ने बताया कि रिडेन्सीफिकेशन योजना के अंतर्गत नवगठित मैहर एवं मऊगंज जिले में नवीन कलेक्ट्रेट भवन का निर्माण किया जाएगा। मऊगंज में 3 सी टाईप के आवास गृहों का निर्माण भी पीडब्ल्यूडी (भवन विंग) द्वारा किया जाएगा। दोनों जिलों के नए कलेक्ट्रेट भवन करीब 43-43 करोड़ रुपए की लागत से बनाए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश के अन्य जिलों में बने स्टैंडर्ड मॉडल के आधार पर दोनों नए जिलों में नवीन कलेक्ट्रेट भवन बनाने के निर्देश दिए। जन-प्रतिनिधियों की मांग पर मुख्यमंत्री ने सिंगरौली जिले के चितरंगी में शासकीय जगन्नाथ सिंह स्मृति महाविद्यालय में स्नातक स्तर पर संस्कृत, समाजशास्त्र एवं गृह विज्ञान आदि संकायों तथा इसी कॉलेज में स्नातकोत्तर स्तर पर हिन्दी साहित्य, समाज शास्त्र, भूगोल, संस्कृत, राजनीति शास्त्र एवं इतिहास संकाय का भी संचालन करने की स्वीकृति दी। चित्रकूट का अयोध्या की तर्ज पर होगा विकास नगरीय विकास एवं आवास विकास विभाग की समीक्षा में चित्रकूट के विकास पर विस्तृत चर्चा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पवित्र नगरी चित्रकूट का अब अयोध्या की तर्ज पर विकास किया जाएगा। प्रभारी अपर मुख्य सचिव ने बताया कि चित्रकूट के समग्र विकास के लिए नगर परिषद चित्रकूट द्वारा 60 करोड़ रुपए और म.प्र. हाऊसिंग बोर्ड द्वारा 88 करोड़ रुपए का विकास प्रस्ताव शासन को भेजा गया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट के सर्वांगीण विकास के लिए एक इक्जाई डेवलेपमेंट प्लान बनाया जाए। इसके लिए सबसे सुझाव भी लिए जाएं और सबके सुझावों को समाहित कर चित्रकूट का रामनगरी अयोध्या की तरह वास्तविक विकास किया जाए। मैहर में माँ शारदा लोक के निर्माण की तैयारी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मैहर के विश्व प्रसिद्ध माँ शारदा मंदिर के समग्र विकास के लिए यहां माँ शारदा लोक का निर्माण किया जाएगा। संस्कृति, पर्यटन एवं धर्मस्व विभाग मिलकर यह काम करें, जिससे माँ शारदा लोक का निर्माण जल्द से जल्द हो सके। कमिश्नर रीवा श्री बी.एस. जामोद ने बताया कि माँ शारदा लोक निर्माण के लिए कार्यपालन यंत्री पर्यटन विभाग, रीवा द्वारा प्रारंभिक डिजाइन तैयार कर ली गई है। इसके निर्माण के लिए उच्च स्तर पर स्वीकृति की कार्यवाही की जा रही है। प्रभारी अपर मुख्य सचिव 7 जनवरी को शहडोल में करें समीक्षा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहडोल संभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि जन-प्रनिधियों के सभी सुझावों पर कार्यवाही की जाएगी। आवश्यकतानुसार विकास कार्य कराए जाएगें। व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया जाएगा। शहडोल संभाग के अंतर्गत सोन नदी में सेतू भी बनाया जाएगा। संभाग में जरूरी मानव संसाधन की पूर्ति की जाएगी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों को बताया कि शहडोल संभाग के प्रभारी अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई 7 जनवरी 2025 को शहडोल में बैठक लेंगे। सभी जनप्रतिनिधि अपने सुझाव-पत्र दें। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति … Read more

बिलासपुर में सौतेले पिता ने 8 साल के मासूम को मार कर जंगल में फेंका शव, पुलिस को अब भी नहीं मिली लाश

बिलासपुर बिलासपुर जिले के बेलगहना थाना क्षेत्र में 22 दिसंबर से रहस्यमय तरीके से गायब 8 साल के मासूम का मामला अब भी अनसुलझा है. पुलिस ने शुरुआत में बच्चे के अपहरण और हत्या की आशंका जताई थी और इस मामले में उसके सौतेले पिता को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि सौतेले पिता ने 8 साल के मासूम का गला घोंटकर हत्या कर दी. बताया जा रहा है कि आरोपी की दूसरी पत्नी उसके साथ जाने को तैयार नहीं थी, जिस वजह से उसने इस घटना को अंजाम दिया. आरोपी ने हत्या कर बच्चे के शव को जंगल में फेंकने की बात कबूल की है. हालांकि, अब तक बच्चे का शव बरामद नहीं हो पाया है. ऐसे में यह मामला पुलिस के लिए मिस्ट्री बन गया है. दरअसल, ग्राम आमागोहन निवासी रेवती गोड़ का 8 साल का बेटा माधव अपने घर से गायब है. पुलिस की जांच में पता चला कि, करीब 10 साल पहले रेवती की शादी कसडोल के प्रमोद साहू से हुई थी. इस बीच दो बच्चे हुए. इनमें आठ वर्षीय माधव बड़ा बेटा था और छोटा बेटा अभी चार साल का है। कोरोना के पहले पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ तो रेवती पहले छोटे बेटे को लेकर मायके आमागोहन आकर रहने लगी. बड़ा बेटा माधव अपने पिता प्रमोद के साथ रह गया था. प्रमोद उसे कसडोल से लेकर आया और खोंगसरा में छोड़कर चला गया. जिसके बाद से वो अपनी मां के साथ रहने लगा. इस दौरान रेवती का परिचय जांजगीर जिले के ग्राम कैथा निवासी गौरव साहू से हुई. दोनों पति-पत्नी के रूप में रहने लगे. पिछले 10 दिसंबर को गौरव साहू अपने सौतेले बेटे माधव को लेकर घर से निकला. जिसके बाद वो मोबाइल बंद कर गायब हो गया. इधर, रेवती अपने बेटे माधव और गौरव की तलाश में भटकती रही. यह जानकारी पूरे गांव के लोगों को हुई. इस बीच 22 दिसंबर को गौरव अचानक आमागोहन आया, तो लोगों ने उसे पकड़ लिया. गांव वालों ने जब माधव के बारे में उससे पूछताछ की, तो वह घबरा गया. डर के कारण उसने खुद ही डॉयल 112 में कॉल कर पुलिस को बुला लिया. पुलिस पहुंची तो ग्रामीणों ने उसके बारे में बताया फिर पुलिस गौरव को बेलगहना चौकी लेकर गई. यहां पुलिस उससे बच्चे के बारे में पूछताछ शुरू की, तो उसने बच्चे की हत्या करने की जानकारी दी और शव को जंगल में फेंकने की बात बताई. जिसके बाद से पुलिस बच्चे के शव की तलाश कर रही है. इस बीच फॉरेस्ट कॉलोनी रेस्ट हाउस के पास सागौन के प्लाट में पूजापाठ के निशान मिले. पास में ही एक लाठी भी मिला, जिसमें खून लगा था. पुलिस ने उसे जब्त कर फोरेंसिक लैब भेजा है. फिलहाल, पुलिस इस मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने में जुटी हुई है. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 33

जयपुर और जैसलमेर समेत कई शहरों में सोमवार सुबह विजिबिलिटी 30 मीटर से भी कम रही

जयपुर राजस्थान के कुछ हिस्से शीत लहर से जूझ रहे हैं, जयपुर शहर में कोहरे के कारण दृश्यता कम हो गई है। जयपुर में सोमवार सुबह तापमान नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजस्थान के माउंट आबू ने आज फिर बर्फ की चादर ओढ़ ली है। यहां के इस एकमात्र हिल स्टेशन में पिछले दो दिनों से तापमान में लगातार गिरावट आई है। प्रदेश के अधिकांश हिस्से घने कोहरे और शीतलहर की चपेट में हैं। जयपुर, जैसलमेर, चूरू, श्रीगंगानगर, बाड़मेर, कोटा, अजमेर, अलवर, भरतपुर, दौसा, झुंझुनूं, सवाई माधोपुर, सीकर सहित कई शहरों में कोहरे के कारण गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो गई है। कड़ाके की ठंड और गलन के साथ मौसम विभाग ने 12 जिलों में कोहरे और शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है। माउंट आबू का तापमान जमाव बिंदु से चार डिग्री नीचे -4 डिग्री सेल्सियस  माउंट आबू का तापमान जमाव बिंदु से चार डिग्री नीचे -4 डिग्री सेल्सियस था। सोमवार को इसमें एक डिग्री का सुधार जरूर हुआ। लेकिन, फिर भी माउंट आबू बर्फ से ढका हुआ है। माउंट आबू के उद्यान, मैदान और सड़कें सभी जगह बर्फीला मौसम है। नया साल आने में सिर्फ एक दिन पहले पर्यटकों के लिए यह मौसम और भी रोमांचक हो गया है। कश्मीर और हिमाचल का एहसास उन्हें अब माउंट आबू में हो रहा है। नया साल आने में सिर्फ एक दिन पहले पर्यटकों के लिए यह मौसम और भी रोमांचक हो गया है। कश्मीर और हिमाचल का एहसास उन्हें अब माउंट आबू में हो रहा है। प्रदेश के अधिकांश हिस्से घने कोहरे और शीतलहर की चपेट में राजस्थान के अधिकांश हिस्से घने कोहरे और शीतलहर की चपेट में हैं। जयपुर, जैसलमेर, चूरू, श्रीगंगानगर, बाड़मेर, कोटा, अजमेर, अलवर, भरतपुर, दौसा, झुंझुनूं, सवाई माधोपुर, सीकर सहित कई शहरों में कोहरे के कारण गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो गई है। कड़ाके की ठंड और गलन के साथ मौसम विभाग ने 12 जिलों में कोहरे और शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है। 21 दिसंबर को राजस्थान के चुरू जिले में सर्दी ने जमकर कहर बरपाया था बता दें कि इससे पहले 21 दिसंबर को राजस्थान के चुरू जिले में सर्दी ने जमकर कहर बरपाया था। तब रेतीले धोरों और वाहनों पर बर्फ की परत जमने लगी थी। इसके अलावा, खेतों में भी बर्फ की चादर देखने को मिल रही थी, जिससे किसानों की परेशानी बढ़ गई थी, फसलों को नुकसान हो रहा था। जिले का तापमान जमाव बिंदु के निकट पहुंच चुका था। रात का न्यूनतम तापमान काफी नीचे गिर गया था। खेतों में सरसों और अन्य फसलों की पत्तियों पर बर्फ की परत जमने से किसानों को भारी नुकसान हुआ था। जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई थी। जयपुर और जैसलमेर समेत कई शहरों में सोमवार सुबह विजिबिलिटी 30 मीटर से भी कम रही जयपुर और जैसलमेर समेत कई शहरों में सोमवार सुबह विजिबिलिटी 30 मीटर से भी कम रही। जयपुर शहर में सुबह 7:30 बजे तक घना कोहरा रहा, और विजिबिलिटी 100 मीटर से कम रही। गाड़ियों की लाइट जलाकर लोग वाहन चलाते नजर आए। दुपहिया वाहन चालकों को सर्द हवाओं के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा। सवाई माधोपुर में सोमवार सुबह घना कोहरा छाया रहा, विजिबिलिटी 30 मीटर से भी कम रही। मावठ के बाद शीतलहर के चलते यहां तापमान गिरा। रविवार को अधिकतम तापमान 21 डिग्री और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। जोधपुर और उसके आसपास हल्की धुंध के साथ ठंड का असर महसूस हुआ। दौसा में मौसम साफ रहा लेकिन ठंड तेज हो गई। जिले का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले तीन दिनों में तापमान में 9 डिग्री तक की गिरावट आई। टोंक के ग्रामीण इलाकों में लगातार आठवें दिन कोहरा छाया रहा। सोमवार को विजिबिलिटी केवल 20 मीटर रही। अगले तीन-चार दिनों तक इसी तरह के ठंडे मौसम की संभावना आपको बता दें, बीकानेर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभागों में घना कोहरा रहा। सीकर, झुंझुनूं, चूरू, हनुमानगढ़ और गंगानगर में कोल्ड-वेव के कारण गलन और सर्दी बनी रही। हालांकि कोटा, अजमेर और जोधपुर संभागों में दोपहर बाद धूप निकलने से थोड़ी राहत मिली। फलोदी में दिन का अधिकतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो राज्य में सबसे अधिक था। बाड़मेर में 24.8 डिग्री, जालौर में 24, जैसलमेर और जोधपुर में 23, जबकि जयपुर में अधिकतम तापमान 17.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान में गिरावट जारी है, और अगले तीन-चार दिनों तक इसी तरह के ठंडे मौसम की संभावना जताई गई है। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं और सरकार और प्रशासन ने गरीब लोगों के लिए रैन बसेरों की व्यवस्था की है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 10

भिलाई में मूलभूत समस्याओं और निगम में कमीशन खोरी से परेशान लोग, निगम कार्यालय के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन

दुर्ग भिलाई शहर की मूलभूत समस्या और निगम में कमीशन खोरी व भ्रष्टाचार के मुद्दे पर लोगों ने प्रदर्शन किया. इस दौरान निगम कार्यालय के मुख्य द्वार के सामने किए गए बैरिकेडिंग को हटाकर प्रदर्शनकारी अंदर घुसने लगे थे. आखिरकार निगम आयुक्त ने राजीव पांडेय ने बाहर आकर लोगों से ज्ञापन लिया. बोलबम सेवा एवं कल्याण समिति के अध्यक्ष और उपनेता प्रतिपक्ष दया सिंह के नेतृत्व में किए गए प्रदर्शन में भाजपा के कई पार्षद शामिल हुए. भिलाई निगम के तीन वार्डों में होने वाले उपचुनाव के मद्देनजर इस प्रदर्शन के कई मायने निकाले जा रहे हैं. प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए निगम कार्यालय के मेन गेट पर बैरिकेडिंग करने के साथ तीन थाना प्रभारी अमले के साथ मौके पर तैनात थे. लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए अंदर प्रवेश किया. प्रदर्शन में भाजपा जिला महिला मोर्चा की अध्यक्ष सहित कई पदाधिकारी भी पहुंची थीं. इसके अलावा छत्तीसगढ़ बजरंग दल के लोगों ने भी प्रदर्शन को समर्थन दिया था. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 21

महाकालेश्वर मंदिर में 31 दिसंबर और 1 जनवरी को शीघ्र दर्शन टिकट बंद, भक्तों को आसानी से दर्शन कराने की गई विशेष व्यवस्था

उज्जैन भगवान महाकाल के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को 31 दिसंबर और एक जनवरी के दिन मंदिर समिति इस बार विशेष तैयारी कर रही है। भक्तों को आसानी से दर्शन कराने के लिए व्यवस्थाएं की गई हैं। भक्तों को कर्कराज पार्किंग से शक्तिपथ होते हुए महाकाल लोक से मंदिर में प्रवेश मिलेगा। 31 और एक को शीघ्र दर्शन टिकट व्यवस्था बंद रहेगी। कार्तिक मंडपम में सामान्य श्रद्धालुओं को बड़ी संख्या में प्रवेश कराकर दर्शन करवाए जाएंगे। इन दोनों दिन भस्मार्ती में श्रद्धालुओं की संख्या को आधा कर दिया जाएगा। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में 31 दिसंबर और एक जनवरी को देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु भगवान महाकाल के दर्शन करने आएंगे। दर्शनार्थियों की संख्या को देखते हुए मंदिर समिति सुविधा के इंतजाम जुटा रही है। भक्तों को आसानी से दर्शन हो सकते इसलिए व्यवस्थाएं बदली जा रही हैं। भक्तों को कर्कराज पार्किंग से शक्तिपथ के रास्ते श्री महाकाल महालोक से मंदिर में प्रवेश मिलेगा। इस व्यवस्था से श्रद्धालुओं को करीब ढाई किलोमीटर चलने के बाद भगवान के दर्शन होंगे। प्रशासन का दावा है कि सुगम दर्शन व्यवस्था से भक्त करीब 45 मिनट में भगवान के दर्शन कर सकेंगे। यहां वाहन पार्क कर सकेंगे श्रद्धालु     हरिफाटक ब्रिज के नीचे तथा हाटबाजार परिसर     कर्कराज, कलोता व भील समाज धर्मशाला परिसर     कार्तिक मेला ग्राउंड     माधव सेवा न्यास परिसर भक्तों को यहां से मिलेगा प्रवेश सामान्य दर्शनार्थी: चारधाम मंदिर के सामने से दर्शन की कतार में लगने के बाद शक्तिपथ के रास्ते श्री महाकाल महालोक, मानसरोवर फैसिलिटी सेंटर, महाकाल टनल-1 से गणेश मंडप में पहुंचेंगे तथा भगवान महाकाल के दर्शन करेंगे। वीआईपी: प्रोटोकाल के तहत आने वाले वीआईपी दर्शनार्थी हरिफाटक ओवर ब्रिज से होकर बेगमबाग के रास्ते नीलकंठ द्वार से मंदिर में प्रवेश करेंगे। यहां वीआइपी पार्किंग की व्यवस्था भी रहेगी। वृद्ध, दिव्यांग: नए साल पर भगवान महाकाल के दर्शन करने आने वाले वृद्ध और दिव्यांग दर्शनार्थियों का प्रवेश मंदिर कार्यालय के सामने अवंतिका से होगा। यहीं निशुल्क व्हील चेयर की सुविधा उपलब्ध रहेगी। दर्शन के बाद यहां से होगा निर्गम भगवान महाकाल के दर्शन उपरांत भक्त गेट नंबर 10 अथवा निर्माल्य द्वार से मंदिर के बाहर आएंगे। इसके बाद निर्धारित मार्ग से बड़ा गणेश मंदिर के सामने से होते हुए हरसिद्धि चौराहा से पुन: चारधाम मंदिर पहुंचेंगे। भक्तों के लिए ये सुविधाएं रहेंगी फ्री जूता स्टैंड: भील समाज की धर्मशाला, चारधाम मंदिर के सामने, अवंतिका द्वार के समीप नि:शुल्क जूता स्टैंड की सुविधा उपलब्ध रहेगी। भोजन प्रसादी: श्री महाकाल महालोक के सामने मंदिर समिति के अन्नक्षेत्र में भक्तों को निशुल्क भोजन प्रसादी की सुविधा उपलब्ध रहेगी। पेयजल: करीब ढाई किलो मीटर लंबे मार्ग पर कई स्थानों पर पेयजल के इंतजाम रहेंगे। यहां से प्रसाद खरीद सकेंगे भक्त मंदिर समिति द्वारा चारधाम मंदिर के समीप और पार्किंग में लड्डू प्रसाद काउंटर स्थापित किए जाएंगे। भक्त यहां से लड्डू प्रसाद खरीद सकेंगे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 17

आष्टा में लोकायुक्त की छापेमारी, करोड़ों का आसामी निकला पंचायत सचिव

सीहोर आष्टा में तीन दिन पहले पंचायत सचिव के आष्टा, कालापीपल के ठिकानों पर उज्जैन की लोकायुक्त की टीम ने छापामार कार्रवाई की थी। इस दौरान लोकायुक्त को पंचायत सचिव मुरलीधर शर्मा का आष्टा में पेट्रोल पंप में पार्टनरशिप और टाइल्स की दुकान भी पाई गई। वहां से कुल 5.82 करोड़ की संपत्ति मिली है। शाजापुर जिले की ग्राम पंचायत हरूखेड़ी में पदस्थ पंचायत सचिव मुरलीधर शर्मा के आष्टा स्थित मकान, दुकान में गुरुवार को उज्जैन लोकायुक्त की टीम ने दबिश देकर छापामार कार्रवाई की थी। करीब 12 घंटे तक चली जांच, पड़ताल के बाद टीम जमीन आदि के महत्वपूर्ण दस्तावेज साथ ले गई थी। टीम ने सचिव की संपत्ति का ब्योरा निकाला है। आंकलन में सचिव के पास आष्टा में ही मकान, दुकान, जमीन, वाहन सहित अन्य सभी को मिलाकर पांच करोड़ 82 लाख रुपये की संपत्ति होना सामने आया है। अब यह संपत्ति कैसे सचिव ने जुटाई उसकी भी जांच की जा रही है। बता दें कि आय से अधिक संपत्ति होने की शिकायत मिलने पर एक साथ लोकायुक्त की टीम ने पंचायत सचिव की कालापीपल, बमूलिया मुछाली, आष्टा स्थित मकान में कार्रवाई की थी। उज्जैन लोकायुक्त डीएसपी राजेश पाठक खुद 15 सदस्यीय टीम के साथ पांच वाहनों से अलसुबह 5.30 बजे आष्टा पहुंचे थे। उन्होंने दस्तावेजों के आधार पर संपत्ति का ब्योरा निकाला तो पंचायत सचिव पौने 6 करोड़ से अधिक का आसामी निकला है। कालापीपल, बमूलिया मुच्छाली की संपत्ति अलग बताई जा रही है। ब्याज से पैसा देने के भी दस्तावेज मिले सचिव से बेनामी संपत्ति मिलने के बाद लोकायुक्त टीम कड़ी दर कड़ी जानकारी जुटा रही है। प्रारंभिक जानकारी में टीम को यह भी पता चला है कि पंचायत सचिव ब्याज से भी लोगों को उधार पैसा देता था। कितने पैसे ब्याज से दिए अभी उसका पता नहीं चल पाया है। टीम अब किन लोगों को कितनी राशि दी गई उसके बारे में भी डिटेल खंगाल रही है। इस संबंध में डीएसपी लोकायुक्त उज्जैन राजेश पाठक का कहना है कि पंचायत सचिव के दस्तावेजों के आधार पर संपत्ति का आंकलन किया गया है। जिसमें करीब 5 करोड़ 82 लाख रुपये की संपत्ति सामने आई है। जांच-पड़ताल जारी है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 9

मध्यप्रदेश ने वर्ष 2024 में लिखा नया अध्याय, देश की दो बड़ी नदी जोड़ो परियोजनाओं का हुआ आगाज

भोपाल प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के अथक प्रयासों के फलस्वरुप वर्ष 2024 में मध्यप्रदेश में सिंचाई के क्षेत्र में नया अध्याय लिखा गया है। पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेई के "नदी जोड़ो" के सपने को साकार करते हुए प्रदेश में देश की दो बड़ी अति महत्वाकांक्षी एवं बहुउद्देशीय सिंचाई परियोजनों का आगाज हुआ। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में 17 दिसंबर को जयपुर में पार्वती- कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना पर मध्य प्रदेश, राजस्थान और केन्द्र सरकार के बीच अनुबंध सहमति पत्र (मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट) हस्ताक्षरित किए गए। इसी प्रकार प्रधानमंत्री श्री मोदी ने 25 दिसंबर को खजुराहो, छतरपुर में केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का शिलान्यास किया। केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना, देश में भूमिगत दाब युक्त पाइप सिंचाई प्रणाली अपनाने वाली सबसे पहली और बड़ी सिंचाई परियोजना है। मध्यप्रदेश सरकार किसान हितैषी सरकार है। इसे सबसे ज्यादा फिक्र अपने अन्नदाता की रहती है। सरकार निरंतर हर खेत तक पानी पहुंचाने के कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी राम सिलावट के नेतृत्व में प्रदेश के जल संसाधन विभाग की विभिन्न वृहद, मध्यम एवं सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं के माध्यम से मध्य-प्रदेश में निरंतर सिंचाई का रकबा बढ़ रहा है। किसान पहले दो फसल ले पाते थे, अब तीसरी फसल भी लेने लगे हैं। साथ ही कृषि उत्पादन में भी वृध्दि हुई है। प्रदेश की धरती सुजलाम सुफलाम हो रही है। सरकार के निरंतर प्रयासों से प्रदेश में सिंचाई के रकबे में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। वर्ष 2003 में जहां प्रदेश का सिंचाई रकबा लगभग 3 लाख हेक्टेयर था, आज बढ़कर लगभग 50 लाख हेक्टेयर हो गया है। प्रदेश की निर्मित और निर्माणाधीन सिंचाई परियोजनाओं से प्रदेश में वर्ष 2025-26 तक सिंचाई का रकबा लगभग 65 लाख हेक्टेयर होने की संभावना है। सरकार ने वर्ष 2028-29 तक प्रदेश की सिंचाई क्षमता 1 करोड़ हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है और उसके लिए प्रदेश में तेज गति से कार्य किया जा रहा है। सरकार ने विभाग के लिए बजट में भी पर्याप्त राशि का प्रावधान किया है। वर्ष 2024-25 के बजट में सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण एवं संधारण के लिए 13 हजार 596 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इस परियोजना से मध्यप्रदेश के 10 जिलों छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, निवाड़ी, दमोह, शिवपुरी, दतिया, रायसेन, विदिशा और सागर में 8 लाख 11 हजार हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई की सुविधा मिलेगी और 44 लाख किसान परिवार लाभान्वित होंगे। फसलों के उत्पादन एवं किसानों की आय में वृद्धि से ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी और जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण से हरित ऊर्जा में 103 मेगावॉट योगदान के साथ रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। बेहतर जल प्रबंधन एवं औद्योगिक इकाइयों को पर्याप्त जल आपूर्ति से औद्योगिक विकास होगा और रोजगार को बढ़ावा भी मिलेगा। इस परियोजना से उत्तर प्रदेश में 59 हजार हेक्टेयर वार्षिक सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी एवं 1.92 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में मौजूदा सिंचाई का स्थिरीकरण किया जायेगा, जिससे उत्तर प्रदेश के महोबा, झांसी, ललितपुर एवं बांदा जिलों में सिंचाई सुविधा प्राप्त होगी। परियोजना से मध्यप्रदेश की 44 लाख और उत्तर प्रदेश की 21 लाख आबादी को पेयजल की सुविधा उपलब्ध होगी पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना से मालवा और चंबल क्षेत्र की तस्वीर एवं तकदीर बदलेगी। सामाजिक और आर्थिक क्षेत्र में तरक्की होगी। इस परियोजना से प्रदेश के मालवा और चंबल क्षेत्र में 6 लाख 13 हजार 520 हेक्टेयर में सिंचाई होगी और 40 लाख की आबादी को पेयजल उपलब्ध होगा। इसके अतिरिक्त लगभग 60 वर्ष पुरानी चंबल दाईं मुख्य नहर एवं वितरण तंत्र प्रणाली के आधुनिकीकरण कार्य से भिंड, मुरैना एवं श्योपुर जिलों के 1205 ग्रामों में 03 लाख 62 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में कृषकों की मांग अनुसार पानी उपलब्ध कराया जाएगा। परियोजना से प्रदेश के 13 जिलों गुना, मुरैना, शिवपुरी, भिंड, श्योपुर, उज्जैन, सीहोर, मंदसौर, इंदौर, धार, आगर मालवा, शाजापुर और राजगढ़ जिलों के 3217 ग्रामों को लाभ मिलेगा। पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना मध्यप्रदेश एवं राजस्थान दोनो़ं राज्यों के किसानों और नागरिकों के लिए वरदान साबित होगी। इससे किसानों को भरपूर सिंचाई के लिए पानी मिलेगा और विकास के नये द्वार खुलेंगे। परियोजना से दोनों राज्यों में समृद्धि आयेगी। परियोजना से मिलने वाले जल से किसान अपनी उपज को दोगुना कर सकेंगे, जिससे उनके परिवार के साथ प्रदेश भी समृद्ध होगा। पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी लिंक परियोजना की अनुमानित लागत 72 हजार करोड़ है, जिसमें मध्यप्रदेश 35 हजार करोड़ और राजस्थान 37 हजार करोड़ रूपये व्यय करेगा। केन्द्र की इस योजना में कुल लागत का 90 प्रतिशत केन्द्रांश और 10 प्रतिशत राज्यांश रहेगा। परियोजना की कुल जल भराव क्षमता 1908.83 घन मीटर होगी। साथ ही 172 मिलियन घन मीटर जल, पेयजल और उद्योगों के लिये आरक्षित रहेगा। परियोजना अंतर्गत 21 बांध/बैराज निर्मित किये जाएंगे। परियोजना से प्रदेश के 13 जिलों गुना, मुरैना, शिवपुरी, भिंड, श्योपुर, उज्जैन, सीहोर, मंदसौर, इंदौर, धार, आगर मालवा, शाजापुर और राजगढ़ जिलों के 3217 ग्रामों को लाभ मिलेगा। परियोजना मध्यप्रदेश एवं राजस्थान दोनो़ं राज्यों के किसानों और नागरिकों के लिए वरदान साबित होगी। इससे किसानों को भरपूर सिंचाई के लिए पानी मिलेगा और विकास के नये द्वार खुलेंगे। परियोजना से दोनों राज्यों में समृद्धि आयेगी। परियोजना से मिलने वाले जल से किसान अपनी उपज को दोगुना कर सकेंगे, जिससे उनके परिवार के साथ प्रदेश भी समृद्ध होगा। परियोजना की अनुमानित लागत 72 हजार करोड़ है, जिसमें मध्यप्रदेश 35 हजार करोड़ और राजस्थान 37 हजार करोड़ रूपये व्यय करेगा। केन्द्र की इस योजना में कुल लागत का 90 प्रतिशत केन्द्रांश और 10 प्रतिशत राज्यांश रहेगा। परियोजना की कुल जल भराव क्षमता 1908.83 घन मीटर होगी। साथ ही 172 मिलियन घन मीटर जल, पेयजल और उद्योगों के लिये आरक्षित रहेगा। परियोजना अंतर्गत 21 बांध/बैराज निर्मित किये जाएंगे। प्रदेश में "पर ड्रॉप मोर क्रॉप" के उद्देश्य की पूर्ति के लिए 133 बृहद एवं मध्यम प्रेशराइज्ड सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली आधारित परियोजना निर्माणाधीन हैं। प्रदेश में 1320 करोड रुपए की लागत वाली चितरंगी दाब युक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना स्वीकृत हुई है। इस परियोजना से सिंगरौली जिले में 32125 हेक्टेयर सिंचाई क्षेत्र विकसित होगा। इसी प्रकार 4197 करोड़ 58 लाख रुपए की लागत की जावद नीमच दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को भी स्वीकृत किया गया है। … Read more