Friday, July 17, 2026 7:55 pm

जयपुर और जैसलमेर समेत कई शहरों में सोमवार सुबह विजिबिलिटी 30 मीटर से भी कम रही

जयपुर राजस्थान के कुछ हिस्से शीत लहर से जूझ रहे हैं, जयपुर शहर में कोहरे के कारण दृश्यता कम हो गई है। जयपुर में सोमवार सुबह तापमान नौ डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। राजस्थान के माउंट आबू ने आज फिर बर्फ की चादर ओढ़ ली है। यहां के इस एकमात्र हिल स्टेशन में पिछले दो दिनों से तापमान में लगातार गिरावट आई है। प्रदेश के अधिकांश हिस्से घने कोहरे और शीतलहर की चपेट में हैं। जयपुर, जैसलमेर, चूरू, श्रीगंगानगर, बाड़मेर, कोटा, अजमेर, अलवर, भरतपुर, दौसा, झुंझुनूं, सवाई माधोपुर, सीकर सहित कई शहरों में कोहरे के कारण गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो गई है। कड़ाके की ठंड और गलन के साथ मौसम विभाग ने 12 जिलों में कोहरे और शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है। माउंट आबू का तापमान जमाव बिंदु से चार डिग्री नीचे -4 डिग्री सेल्सियस  माउंट आबू का तापमान जमाव बिंदु से चार डिग्री नीचे -4 डिग्री सेल्सियस था। सोमवार को इसमें एक डिग्री का सुधार जरूर हुआ। लेकिन, फिर भी माउंट आबू बर्फ से ढका हुआ है। माउंट आबू के उद्यान, मैदान और सड़कें सभी जगह बर्फीला मौसम है। नया साल आने में सिर्फ एक दिन पहले पर्यटकों के लिए यह मौसम और भी रोमांचक हो गया है। कश्मीर और हिमाचल का एहसास उन्हें अब माउंट आबू में हो रहा है। नया साल आने में सिर्फ एक दिन पहले पर्यटकों के लिए यह मौसम और भी रोमांचक हो गया है। कश्मीर और हिमाचल का एहसास उन्हें अब माउंट आबू में हो रहा है। प्रदेश के अधिकांश हिस्से घने कोहरे और शीतलहर की चपेट में राजस्थान के अधिकांश हिस्से घने कोहरे और शीतलहर की चपेट में हैं। जयपुर, जैसलमेर, चूरू, श्रीगंगानगर, बाड़मेर, कोटा, अजमेर, अलवर, भरतपुर, दौसा, झुंझुनूं, सवाई माधोपुर, सीकर सहित कई शहरों में कोहरे के कारण गाड़ियों की रफ्तार धीमी हो गई है। कड़ाके की ठंड और गलन के साथ मौसम विभाग ने 12 जिलों में कोहरे और शीतलहर का येलो अलर्ट जारी किया है। 21 दिसंबर को राजस्थान के चुरू जिले में सर्दी ने जमकर कहर बरपाया था बता दें कि इससे पहले 21 दिसंबर को राजस्थान के चुरू जिले में सर्दी ने जमकर कहर बरपाया था। तब रेतीले धोरों और वाहनों पर बर्फ की परत जमने लगी थी। इसके अलावा, खेतों में भी बर्फ की चादर देखने को मिल रही थी, जिससे किसानों की परेशानी बढ़ गई थी, फसलों को नुकसान हो रहा था। जिले का तापमान जमाव बिंदु के निकट पहुंच चुका था। रात का न्यूनतम तापमान काफी नीचे गिर गया था। खेतों में सरसों और अन्य फसलों की पत्तियों पर बर्फ की परत जमने से किसानों को भारी नुकसान हुआ था। जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई थी। जयपुर और जैसलमेर समेत कई शहरों में सोमवार सुबह विजिबिलिटी 30 मीटर से भी कम रही जयपुर और जैसलमेर समेत कई शहरों में सोमवार सुबह विजिबिलिटी 30 मीटर से भी कम रही। जयपुर शहर में सुबह 7:30 बजे तक घना कोहरा रहा, और विजिबिलिटी 100 मीटर से कम रही। गाड़ियों की लाइट जलाकर लोग वाहन चलाते नजर आए। दुपहिया वाहन चालकों को सर्द हवाओं के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा। सवाई माधोपुर में सोमवार सुबह घना कोहरा छाया रहा, विजिबिलिटी 30 मीटर से भी कम रही। मावठ के बाद शीतलहर के चलते यहां तापमान गिरा। रविवार को अधिकतम तापमान 21 डिग्री और न्यूनतम 10 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। जोधपुर और उसके आसपास हल्की धुंध के साथ ठंड का असर महसूस हुआ। दौसा में मौसम साफ रहा लेकिन ठंड तेज हो गई। जिले का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले तीन दिनों में तापमान में 9 डिग्री तक की गिरावट आई। टोंक के ग्रामीण इलाकों में लगातार आठवें दिन कोहरा छाया रहा। सोमवार को विजिबिलिटी केवल 20 मीटर रही। अगले तीन-चार दिनों तक इसी तरह के ठंडे मौसम की संभावना आपको बता दें, बीकानेर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभागों में घना कोहरा रहा। सीकर, झुंझुनूं, चूरू, हनुमानगढ़ और गंगानगर में कोल्ड-वेव के कारण गलन और सर्दी बनी रही। हालांकि कोटा, अजमेर और जोधपुर संभागों में दोपहर बाद धूप निकलने से थोड़ी राहत मिली। फलोदी में दिन का अधिकतम तापमान 25.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जो राज्य में सबसे अधिक था। बाड़मेर में 24.8 डिग्री, जालौर में 24, जैसलमेर और जोधपुर में 23, जबकि जयपुर में अधिकतम तापमान 17.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। न्यूनतम तापमान में गिरावट जारी है, और अगले तीन-चार दिनों तक इसी तरह के ठंडे मौसम की संभावना जताई गई है। लोग ठंड से बचने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं और सरकार और प्रशासन ने गरीब लोगों के लिए रैन बसेरों की व्यवस्था की है। recent visitors 49

लोग बोले- ‘ऐसा लग रहा मानो हम हम कश्मीर आए’, राजस्थान-माउंट आबू में बिछी बर्फ की चादर

आबू. राजस्थान के एकमात्र हिल स्टेशन माउंट आबू में रविवार को एक बार फिर मौसम का बदला मिजाज देखने को मिला। चल रही सर्द हवा के साथ यहां का तापमान -4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके चलते सुबह घरों के बाहर खड़े वाहनों और खुले मैदान में बर्फ की चादर बिछ गई। माउंटआबू घूमने आए पर्यटक इस सर्द मौसम का जमकर मजा ले रहे हैं। दरअसल, हिल स्टेशन माउंट आबू में शनिवार शाम से ही तेज ठंडी हवाओं का दौर शुरू हो गया था। रात में कड़ाके की ठंड के बाद सुबह-सुबह जागे लोगों को बर्फ की चादर बिछी मिली। पोलो ग्राउंड, ओरिया, गुरुशिखर, अचलगढ़ अैर देलवाड़ा जैन मंदिर समेत शहर के खुले मैदानों, पार्कों और पार्किंग स्थलों पर खड़े वाहनों पर बर्फ नजर आई। वहीं, नलों और बर्तनों में रखा गया पानी जम गया। तापमान में आई गिरावट से सुबह धूप खिलने तक बर्फ की धुंध बनी रही। इससे विजिबिलिटी भी काफी कम रही। नक्की लेक सहित विभिन्न  पर्यटकों ने बोटिंग का लुत्फ उठाया और प्रकृति के नजारों का मजा लिया।  लगातार हो रही है पर्यटकों की आवाजाही उधर, शनिवार और रविवार वीकेंड पर समीपवर्ती गुजरात सहित विभिन्न क्षेत्रों से पर्यटकों की लगातार आवाजाही हो रही है। यहां का खुशनुमा मौसम पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बना है। अहमदाबाद के जितेशभाई जैन ने बताया कि यहां का मौसम अकल्पनीय है। रविवार को बर्फ देखकर ऐसा लग रहा है कि वे कश्मीर में घूमने आए हैं। वहीं, मोनिका ने कहा कि माउंटआबू किसी स्वर्ग से कम नहीं है। recent visitors 142

हिमाचल प्रदेश की वादियां बर्फ में लिपटी, 174 स्टेट और 3 नेशनल हाईवे बंद, 1000 से अधिक गाड़ियां फंस गईं

श्रीनगर/ मनाली लंबे इंतजार के बाद आखिरकार पहाड़ सफेद चादर से ढक गए हैं. हिमाचल प्रदेश की वादियां बर्फ में लिपट गई हैं. मनाली, कुल्लू, रोहतांग और कई अन्य इलाकों में हुई भारी बर्फबारी ने संकट को तो बढ़ा दिया लेकिन पर्यटकों की भीड़ बढ़ गई है. कल इस बर्फबारी की वजह से मनाली-केलांग मार्ग पर वाहनों की आवाजाही अस्थाई रूप से रोकनी पड़ी. अटल टनल के रास्ते पर तो करीब 1000 गाड़ियां फंस गईं. हालांकि प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए रेस्क्यू अभियान चलाया. हिमाचल में 3 नेशनल हाईवे बंद हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी के चलते पिछले 24 घंटे में 174 स्टेट और 3 नेशनल हाईवे ( NH 03, NH 305, NH 505) बंद किए गए हैं.बिजली और पानी का भी कुछ ज़िलों के डिवीज़नल एरिया कनेक्शन काटा गया है.जबकि 6 ज़िलों में 683 जगह बिजली बाधित है.बदले मौसम और बर्फ़बारी के कारण जन सेवाएं बाधित है. आपदा सूचना विभाग ने जिले के अनुसार रिपोर्ट जारी की है. वहीं, सैलानियों के लिए भी एडवाइज़री जारी की गई है. हिमाचल प्रदेश जैसे हालात उत्तराखंड में भी होने लगे हैं. राज्य के कई ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी हुई है. हालांकि हिमाचल की तुलना में अभी यहां बर्फबारी कम है. फिर भी औली, उत्तरकाशी, चकराता, बद्रीनाथ, केदारनाथ जैसे ऊंचाई वाले इलाके सफेद चादर से ढंक गए हैं. केदारनाथ धाम में इस सीजन की दूसरी बर्फबारी है. बर्फबारी की वजह से वहां चल रहा पुनर्निर्माण कार्य भी प्रभावित हुआ है. केदारनाथ धाम में कल से लगातार बर्फबारी जारी है. धाम में अभी तक एक फ़ीट से अधिक तक बर्फ गिर चुकी है. मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि क्रिसमस और न्यू ईयर पर ज्यादा ठंड रह सकती है. उत्तराखंड के मशहूर पर्यटन स्थल और स्की रिजॉर्ट औली भी एक बार फिर से जबरदस्त बर्फ की आगोश में आ चुका है. औली की वादियां में तस्वीरों में देख सकते हैं किस तरह से पेड़ पौधे, मकान, रास्ते सब कुछ यहां बर्फ की आगोश में दिखाई दे रहा है, जिसके बाद औली का नजारा अपने आप में बहुत ही खूबसूरत दिखाई दे रहा है. जिसका इंतजार पर्यटकों को और स्थानीय होटल व्यवसाईयों को लंबे समय से था वह अब जाकर यहां पर देखने को मिल रहा है. आधा फीट बर्फ की मोटी चादर के नीचे औली की वादियां हर तरफ सफेद दिखाई दे रही है. वहीं कल क्रिसमस है और इस समय वीकेंड के चलते बड़ी संख्या में पर्यटक उत्तराखंड के औली आ रहे हैं. ऐसे में उनके लिए यह बर्फबारी किसी तोहफे से कम नहीं है क्योंकि अब औली की वादियां बर्फ से लकदग हो चुकी है. ऐसे में यहां पहुंचे पर्यटकों को मन मांगी मुराद पूरी हो चुकी है औली अब एक बार फिर से जबरदस्त बर्फ की आगोश में आ चुका है. जम्मू-कश्मीर में भी मौसम का रूख काफी हद तक बदल गया है. वहां भी ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी तेज है. कल पीर पंजाल और सोनमर्ग में बर्फबारी हुई. कई अन्य इलाकों में भी मौसम विभाग का अलर्ट है. इन दिनों कश्मीर का तापमान लगातार गिरा है. अभी श्रीनगर में रविवार की रात माइनस 3.6 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. मशहूर डल झील गिरते पारे की वजह से जमने लगी है. वहीं पहलगाम में माइनस 5 डिग्री तापमान रहा. मौसम विभाग की मानें तो बुधवार तक तापमान और झटका देने वाला है.   recent visitors 71