Wednesday, July 8, 2026 1:38 am

आगरा में पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर खुद को लगाई फांसी

आगरा आगरा के बाह में शादी के आठ महीने बाद ही पति ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। इसके बाद उसने फंदे पर लटक कर खुद की भी जान दे दी। घर में एक साथ दो लाशें देख परिजनों में चीत्कार मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद दोनों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बाह के बिजौली गांव में धीरज (24) का शव फंदे पर लटका मिला, जबकि पत्नी किरन (20) का शव बिस्तर पर पड़ा था। उसके सिर पर चोट के निशान थे। दंपती के शव मिलने से परिवार में कोहराम मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भेज दिए हैं।   परिजनों ने बताया कि धीरज की शादी आठ महीने पहले ही फतेहाबाद के चमन पुरा गांव की किरन के साथ हुई थी। धीरज बेलदारी का काम करता था। धीरज और उसकी पत्नी किरन छत पर बने कमरे में रहते थे, जबकि बड़े बेटे राजेश की पत्नी अपनी सास गुड्डी देवी के साथ नीचे कमरे में रहती हैं। गुड्डी देवी ने पुलिस को बताया कि दोनों रविवार रात को खाने के बाद सोए थे। दोनों में अक्सर झगड़ा होता रहता था। किरन मरने की धमकी देती रहती थी। मायके वालों को भी यह बात बताई थी। सोमवार सुबह तड़के जब शौच गई, तब भी दोनों को बतियाते सुना था। सुबह 9 बजे के करीब काम के लिए बुलाने मिस्त्री आया तो दरवाजा अंदर से बंद था। पड़ोस के लोगों की मदद से दरवाजा तोड़ा तो अंदर का मंजर देख चीख निकल गई। एसओ बाह सुरेश चंद ने बताया कि शव पोस्टमार्टम को भेजे हैं। मामले की जांच को पूछताछ की जा रही है। मायके वाले भी बुलाए हैं।   recent visitors 57

मेरठ में युवक ने दोस्त को मारने में बर्बरता की सभी हदें पार

मेरठ उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से दिल दहलाने वाला मामला सामने आया है। मेरठ के कंकरखेड़ा के रोहटा रोड स्थित वर्णिका स्टेट कॉलोनी के रहने वाले 16 वर्षीय किशोर ने अपने दोस्त अभिनव (17) की हथौड़े से पीट-पीटकर हत्या कर दी। किशोर ने दोस्त को मारने में बर्बरता की सभी हदें पार कर दीं। पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर भी लाश का हाल देख हैरान रह गए। लोगों ने शव को देख को कलेजा कांप गया। किशोर ने हत्याकांड को ऐसे अंजाम दिया जैसे एक पेशेवर अपराधी अंजाम देता है। 16 साल की उम्र में आरोपी ने ऐसा कारनामा किया है जो पेशेवर अपराधी से भी ज्यादा क्रूर है। आरोपी ने दोस्त अभिनव के सिर पर हथौड़े से दम निकलने तक अनगिनत वार किए। चेहरे को बुरी तरह कूच दिया। आइए जानते हैं आरोपी किशोर ने इतनी क्रूरता से अभिनव को क्यों मारा? मेरठ के कंकरखेड़ा के रोहटा रोड स्थित वर्णिका स्टेट कॉलोनी निवासी 16 वर्षीय किशोर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसकी निशानदेही पर ही छात्र अभिनव का शव गढ़ रोड पर एक ट्यूबवेल के पास से बरामद किया गया। हत्या के आरोपी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसका दोस्त प्रेमिका के न्यूड फोटो और वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल कर रहा था। इसीलिए उसे मौत के घाट उतार दिया। किशोर और अभिनव के बीच तीन साल से दोस्ती थी। दोनों अलग-अलग स्कूलों में पढ़ते थे। आरोपी ने 12वीं और अभिनव ने 11 कक्षा में पंजीयन करा रखा था। दोनों आईआईटी की तैयारी कर रहे थे। दोनों एक साथ ही कोचिंग जाते थे। दोनों की अच्छी दोस्ती थी। आरोपी के मुताबिक, अभिनव ने उसके फोन से उसकी गर्लफ्रेंड के फोटो और वीडियो ले लिए थे।   हथौड़े से अभिनव के सिर और चेहरे पर ताबड़तोड़ वार उन्हीं के बल पर वह उसकी गर्लफ्रेंड को ब्लैकमेल करने लगा था। अभिनव को उसने कई बार समझाया, मगर वह नहीं माना। तब उसने हत्या की योजना बनाई। हथौड़ा उसने घर से ही बैग में रख लिया था। शनिवार को वह अपने दोस्त अभिनव के साथ उसकी स्कूटी से कोचिंग के लिए निकला। वह बहाने से उसे गढ़ रोड पर ले गया। वहां चकरोड से टयूबवेल के पास ले लिया। बातचीत के दौरान उसने थैले में पहले से रखे हथौड़े को निकालकर अभिनव के सिर और चेहरे पर ताबड़तोड़ वार किए। उसकी मौत होने पर भी वह सिर पर हथौड़े मारता रहा। दोस्त की हत्या कर वह देर शाम को घर पहुंचा और रात को आराम से सो गया। उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं था। उधर, एसएसपी डॉ विपिन ताडा का भी कहना है कि चेहरे पर काफी प्रहार किए गए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी काफी चोटें आई हैं। हत्यारोपी ने अभिनव का आईफोन बेच दिया परिजनों ने अभिनव के नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन फोन बंद था। पुलिस पूछताछ के दौरान हत्यारोपी ने बताया कि उसने आबूलेन स्थित एक दुकान पर अभिनव का मोबाइल बेच दिया है। वहीं आरोपी ने भी अपना मोबाइल पहले ही दुकान पर बेचकर आठ हजार रुपये जुटाए थे। उन्हीं पैसों से दावत कर वह अभिनव को बहकाकर ले गया था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी किशोर ने मेरठ में मॉल से कपड़े खरीदकर पहने थे। बेटे को इंजीनियर बनाना चाहते थे सुनील वर्णिका स्टेट कॉलोनी में सुनील अपने परिवार के साथ खुशहाली से रह रहे थे। बेटा अभिनव आईआईटी की तैयारी कर रहा था। पिता ने रोते हुए बताया कि उनका बेटा पढ़ने में बहुत होशियार था। वह आईआईटी कर इंजीनियर बन कर अपने पिता का सीना गर्व से चौड़ा करना चाहता था। बेटे की बात करते-करते पिता की आंखें नम हो गईं। पूर्व सैन्य कर्मी का बेटा है हत्यारोपी हत्यारोपी के पिता हवलदार के पद पर थे। तीन साल पहले ही रिटायर हुए हैं। वह मूल रूप से बागपत जिले के रहने वाले हैं। रिटायर होने के बाद उन्होंने वर्णिका स्टेट कॉलोनी में मकान बना लिया था। मौत की सूचना पर परिजनों का रोकर बुरा हाल इकलौते बेटे की हत्या की सूचना मिलने के बाद पिता सुनील और मां कविता का बुरा हाल हो गया। मां बेबस होकर बार-बार बेटे को याद कर रही थी। मां के आंसू देख कर अन्य लोगों की आंखें नम हो गईं। पड़ोसियों व रिश्तेदारों ने किसी तरह मां को संभाला। छोटी बहन आराध्या भाई अभिनव को याद कर फफक पड़ी। गर्लफ्रेंड को ब्लैकमेल करने पर किशोर ने छात्र की हत्या की है। हत्या में प्रयुक्त हथौड़ा बरामद कर लिया है। मृतक छात्र की स्कूटी भी आरोपी से बरामद हुई है। शव बरामद कर लिया है। – डॉ. विपिन ताडा, एसएसपी recent visitors 57

सहगल बोले– अफसर यदि समय रहते अतिक्रमण हटवा देते तो, निजी प्लॉट पर नहीं बनती सड़क

 भोपाल शाहपुरा, ई 7/डी प्लॉट मालिक महेश कुमार गुर्जर के मुख्यतारेआम सचिन सहगल ने बताया कि वे प्लाॅट पर हो रही अवैध पार्किंग सहित अन्य अतिक्रमण को हटवाने के लिए बीते ढाई महीने से लगातार शिकायतें कर रहे हैं। खुद मप्र गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अधिकारी 4 अक्टूबर 2024 को प्लॉट से अतिक्रमण–वाहन पार्किंग को हटाए जाने के लिए नगर निगम कमिश्नर, एसडीएम एवं हबीबगंज पुलिस को पत्र लिख चुके हैं। जिसके बाद तहसीलदार ने भी त्वरित कार्रवाई के लिए 6 नवंबर 2024 को दल भी गठित कर दिया था। लेकिन मौके पर कार्रवाई के लिए कोई नहीं आया। इससे पहले जुलाई में खुद जिला कलेक्टर ने भी अतिक्रमण हटाने के लिए पत्र लिखा था। कलेक्टर ने दूसरी बाद 13 दिसंबर को पेड़ों की कटाई के बाद निजी प्लॉट पर सड़क बनाए जाने के मामले में एसडीएम को कार्रवाई करने के लिखा। लेकिन अब तक कोई एक्शन नहीं लिया गया। recent visitors 50

आईटीआई पास आउट युवाओं को मिलेगा रोजगार के लिए पांच लाख तक का लोन

उत्तर प्रदेश आईटीआई पास आउट और कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं के लिए अच्छी खबर हैं। उन्हें नौकरी के लिए अब दौड़ भाग करने की जरूरत नहीं है। नौकरी की बजाय वह खुद का रोजगार स्थापित करने को ऋण ले सकते हैं। यह अवसर मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान में दिया गया है। ऋण मुहैया होने के बाद कारोबार के माध्यम से आईटीआई पास आउट आर्थिक रूप से मजबूत हो सकेंगे। जनपद में जिला मुख्यालय समेत तहसील क्षेत्रों में चार राजकीय आईटीआई हैं। इसके साथ ही कई मिनी आईटीआई भी हैं जो कि निजी स्तर पर संचालित हो रही हैं। आईटीआई में विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद भी पास आउट को नौकरी के अवसर अपेक्षानुरूप नहीं प्राप्त हो रहे हैं। रोजगार मेलों के माध्यम से जो भर्तियां होती हैं उनमें इतनी पगार भी नहीं होती है कि परिवार को सही तरीके से गुजारा हो सके। ऐसे में पास आउट रोजगार मेले के माध्यम से विभिन्न संस्थानों में नौकरी तो पा जा जाते हैं। मगर कुछ ही समय बाद उनके पास वापस लौटने के अलावा कोई विकल्प नहीं रहता है। युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ऋण ऐसे में अब शासन स्तर से आईटीआई और कौशल विकास मिशन से पास आउट युवाओं के लिए खुद के रोजगार के अवसर पैदा करने पर फोकस किया गया है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान में पास आउट युवाओं को ऋण प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जाएगा। रोजगार के लिए ऐसे युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाएगा। योजना का लाभ लेने को आईटीआई पास आउट या कौशल विकास प्रशिक्षण् प्राप्त युवा एमएसएमई पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। recent visitors 123

इंस्पेक्टर और दरोगा समेत पांच पुलिस कर्मचारियों को भारी पड़ा युवक को झूठे केस में फ़साना, एडीजी के निर्देश पर ऐक्शन

फर्रुखाबाद उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद में इंस्पेक्टर और दरोगा समेत पांच पुलिस कर्मचारियों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच तत्कालीन सीओ अरुण कुमार ने की। जिन्हें पुलिस कर्मियों की भूमिका संदिग्ध मिली थी। फर्रुखाबाद में वाहन ठीक कराने के बहाने बुलाए गए बाइक मैकेनिक को तमंचा बरामद दिखाकर जेल भेजने के मामले में एडीजी के निर्देश पर मोहम्मदाबाद कोतवाली के तत्कालीन इंस्पेक्टर मनोज भाटी, दरोगा महेंद्र सिंह, सिपाही अंशुमन चाहर, राजन पाल और यशवीर सिंह पर एफआईआर दर्ज की गई है। पिपरगांव निवासी कृष्ण कुमार की ओर से सीओ को शिकायत की गई थी कि उसके भाई बाइक मैकेनिक नंदू को प्रधान और मोहम्मदाबाद कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने षड़यंत्र करके 18 अगस्त को बाइक सही कराने के बहाने बुलाया। अगले दिन नंदू को पुलिसकर्मी नदी किनारे ले गए। आरोप है कि इस दौरान पुलिस ने नंदू को तमंचा पकड़ाकर भागने के लिए कहा। धमकी दी कि यदि नहीं भागे तो गोली मार देंगे। इस पर नंदू भागने को मजबूर हो गया। पुलिस ने उसके भागने का वीडियो बनाया और पकड़कर वापस थाने ले आए। नंदू के खिलाफ धारा 25 में मुकदमा दर्जकर उसे जेल भेज दिया। मामले की जांच तत्कालीन सीओ अरुण कुमार ने की। जिन्हें पुलिस कर्मियों की भूमिका संदिग्ध मिली थी। वर्तमान सीओ राजेश द्विवेदी ने आरोपी पुलिसकर्मियों पर रविवार को न्यायिक कार्य में गलत साक्ष्य देने के तहत बीएनएस की धारा 229 में मोहम्मदाबाद कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई। इसमें अधिकतम सात वर्ष की सजा हो सकती है। वाराणसी में थाना प्रभारी प्रमोद पांडेय हाजिर वाराणसी में फरियादियों से अभद्रता की शिकायत पर पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने खुद जांच कराकर दशाश्वमेध थाना प्रभारी प्रमोद पांडेय को लाइन हाजिर कर दिया। उन्होंने यह कार्रवाई रविवार रात ट्रैफिक पुलिस लाइन सभागार में हुई अपराध समीक्षा बैठक में की। सीपी को बीते कई दिनों से थाने में आम जनता के साथ हो रहे दुर्व्यवहार की शिकायत मिल रही थी। इसके बाद उन्होंने खुद एक महिला को मोबाइल चोरी की शिकायत दर्ज कराने थाने भेजा था। प्रभारी ने उस महिला के साथ भी अशिष्टता की थी। बैठक में कार्रवाई करने के बाद उन्होंने अन्य थानेदारों को भी ताकीद की है। कहा कि इस तरह की कार्यशैली अक्षम्य है। पर्यटन थाना प्रभारी रहे योगेंद्र प्रसाद को दशाश्वमेध थाने की कमान दी गई है। recent visitors 50

यूनियन कार्बाइड के 377 टन जहरीले कचरे को 250 KM दूर भेजने की तैयारी, बनेगा ग्रीन कॉरिडोर, 100 से ज्यादा पुलिस जवान तैनात

भोपाल  यूनियन कार्बाइड का कचरा भोपाल से पीथमपुर भेजने की तैयारी शुरू हो गया। रविवार से इसके पैकेजिंग की शुरुआत हो गई है। इस बीच भोपाल गैस त्रासदी राहत विभाग के निदेशक स्वतंत्र कुमार सिंह ने रविवार को लोगों की चिंता दूर की। उन्होंने बताया कि यूनियन कार्बाइड प्लांट के जहरीले कचरे को पीथमपुर में जलाने से आसपास के गांवों की जमीन और मिट्टी पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा। यह कचरा 1984 की भोपाल गैस त्रासदी का है। इसे पीथमपुर में सुरक्षित तरीके से नष्ट किया जाएगा। यूनियन कार्बाइड का है कचरा सिंह ने बताया कि पीथमपुर में जो रासायनिक कचरा नष्ट किया जा रहा है, वह यूनियन कार्बाइड फैक्ट्री में बने कीटनाशक का अवशेष पदार्थ है। उन्होंने कहा कि यह मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) जितना खतरनाक नहीं है। MIC का इस्तेमाल कीटनाशक बनाने में होता है। 2-3 दिसंबर, 1984 की रात को भोपाल में MIC गैस का रिसाव हुआ था, जिससे भयानक त्रासदी हुई थी। अलग से लैंडफिल का निर्माण किया गया सिंह ने आश्वासन दिया कि कचरे को जलाने के दौरान यह पानी या मिट्टी के संपर्क में न आए, इसके लिए लैंडफिल बनाया गया है। उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेश पर विशेषज्ञों की निगरानी में 10 टन कचरा पहले ही नष्ट किया जा चुका है। इससे आसपास के इलाके में कोई नुकसान नहीं हुआ है। 337 मीट्रिक टन है कचरा 1984 की त्रासदी का लगभग 337 मीट्रिक टन पैक किया हुआ जहरीला कचरा सुरक्षित निपटान के लिए पीथमपुर ले जाया जाएगा। भोपाल के यूनियन कार्बाइड प्लांट से पीथमपुर के रासायनिक कचरा निपटान केंद्र तक 250 किलोमीटर का ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा। सिंह ने बताया कि अभी सही समय नहीं बताया जा सकता। लेकिन, पैक किए गए कचरे के निपटान के बारे में 3 जनवरी को MP उच्च न्यायालय में एक हलफनामा पेश किया जाएगा। यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी कि उससे पहले कचरा पीथमपुर पहुंच जाए। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के निर्देशों के अनुसार पैकिंग सिंह ने कहा कि जहरीले कचरे की पैकिंग, लोडिंग, परिवहन और अनलोडिंग केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के दिशानिर्देशों के अनुसार की जाएगी। जहरीले कचरे को जलाने के लिए सुरक्षित रूप से उसके गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा। लंबे समय से मुआवजे की मांग भोपाल गैस त्रासदी के बाद, ज़हरीले कचरे के निपटान और पर्यावरणीय मुआवजे की मांग लंबे समय से चली आ रही है। 1984 की त्रासदी के बाद, स्वास्थ्य देखभाल और आर्थिक पुनर्वास पर ध्यान केंद्रित किया गया था। लेकिन पर्यावरणीय क्षति को अनदेखा कर दिया गया। 2004 में, आलोक प्रताप ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें जहरीले कचरे के वैज्ञानिक निपटान की मांग की गई। उनके बेटे अनन्या अब इस लड़ाई को आगे बढ़ा रहे हैं। एनजीओ ZGKSM, जो त्रासदी पीड़ितों के लिए लड़ रहा था, को हाल ही में उसके परिसर से हटा दिया गया है। मिट्टी भी जहरीली अनुमान है कि फैक्ट्री के नीचे लगभग 1.5 मिलियन टन ज़हरीली मिट्टी दबी हुई है। 1984 की भोपाल गैस त्रासदी के बाद, ZGKSM नाम के एक NGO ने एक मार्मिक लोगो अपनाया। इस लोगो में "नो हिरोशिमा, नो भोपाल" लिखा था। साथ ही एक अज्ञात बच्चे के दफनाने की एक काली और सफेद तस्वीर भी थी। उस समय, पर्यावरण की चिंताएं गौन थीं। ऑर्गेनिक खाने का कोई महत्व नहीं था। इनका ध्यान रासायनिक उर्वरकों के इस्तेमाल पर था। भोपाल प्लांट में भी ऐसे ही उर्वरक बनते थे। इनका इस्तेमाल वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए किया जाता था। विशेष पीपीई किट पहने कई कर्मचारी और भोपाल नगर निगम, पर्यावरण एजेंसियों, डॉक्टरों और भस्मीकरण यानी कूड़ा जलाने वाले विशेषज्ञों के अधिकारी साइट पर काम करते देखे गए. फैक्ट्री के आसपास पुलिस भी तैनात की गई थी. सूत्रों ने बताया कि जहरीले कचरे को भोपाल से करीब 250 किलोमीटर दूर इंदौर के पास पीथमपुर में एक भस्मीकरण स्थल पर ले जाया जाएगा. मप्र हाईकोर्ट ने 3 दिसंबर को फैक्ट्री से जहरीले कचरे को हटाने के लिए चार सप्ताह की समय सीमा तय की थी. अदालत ने कहा था कि गैस त्रासदी के 40 साल बाद भी अधिकारी 'निष्क्रियता की स्थिति' में हैं, जिससे 'एक और त्रासदी' हो सकती है. इसे 'दुखद स्थिति' बताते हुए उच्च अदालत ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि उसके निर्देश का पालन नहीं किया गया तो उसके खिलाफ अवमानना ​​की कार्यवाही की जाएगी. राज्य के गैस राहत एवं पुनर्वास विभाग के निदेशक स्वतंत्र कुमार सिंह ने एक न्यूज एजेंसी से कहा, "भोपाल गैस त्रासदी का कचरा एक कलंक है, जो 40 साल बाद मिट जाएगा. हम इसे सुरक्षित तरीके से पीथमपुर भेजकर इसका निपटान करेंगे." उन्होंने कहा कि भोपाल से पीथमपुर तक कचरे को कम से कम समय में ले जाने के लिए यातायात का प्रबंधन करके करीब 250 किलोमीटर का ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा. स्वतंत्र कुमार सिंह ने कचरे के परिवहन और उसके बाद पीथमपुर में उसके निपटान की कोई निश्चित तिथि बताने से इनकार कर दिया, लेकिन सूत्रों ने बताया कि हाईकोर्ट के निर्देश के मद्देनजर प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो सकती है और कचरा 3 जनवरी तक अपने गंतव्य तक पहुंच सकता है. अधिकारी ने बताया कि शुरुआत में कचरे का कुछ हिस्सा पीथमपुर की निपटान इकाई में जलाया जाएगा और अवशेष (राख) की वैज्ञानिक जांच की जाएगी ताकि पता लगाया जा सके कि उसमें कोई हानिकारक तत्व तो नहीं बचा है. सिंह ने कहा, "अगर सब कुछ ठीक पाया गया तो कचरा तीन महीने में जलकर राख हो जाएगा. अन्यथा जलने की गति धीमी कर दी जाएगी और इसमें नौ महीने तक का समय लग सकता है." उन्होंने बताया कि भस्मक से निकलने वाले धुएं को चार परत वाले विशेष फिल्टर से गुजारा जाएगा ताकि आसपास की हवा प्रदूषित न हो और इस प्रक्रिया का हर पल रिकॉर्ड रखा जाएगा. सिंह ने बताया कि जब कचरे को जलाकर हानिकारक तत्वों से मुक्त कर दिया जाएगा, तो राख को दो परतों वाली मजबूत 'झिल्ली' से ढक दिया जाएगा और 'लैंडफिल' में दफना दिया जाएगा, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि यह किसी भी तरह से मिट्टी और पानी के संपर्क में न आए. उन्होंने बताया कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारियों की देखरेख … Read more

दिल्ली ड्रम सर्कल के ताल वादकों ने जाकिर हुसैन को दी श्रद्धांजली, राजस्थान-बीकानेर हाउस के संडे मार्केट में संगीत वाद्यों की गूंज

जयपुर। नई दिल्ली के बीकानेर हाउस में हर रविवार को लगने वाली संडे मार्केट में इस रविवार विभिन्न संगीत वाद्यो की गूंज ने उपस्थित आगंतुकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दिल्ली की गुलाबी ठंड के इस मौसम में सैकड़ों पर्यटकों और आगंतुकों ने संडे मार्केट में आकर विभिन्न मनोरंजक कार्यक्रमों का आनंद लिया। आवासीय आयुक्त कार्यालय के अधिकारियों ने बताया कि इस साप्ताहिक संडे मार्केट में विभिन्न आयु वर्ग के लोगों के आकर्षण के लिए बीकानेर हाउस को नए वर्ष की थीम के अनुसार सजाया गया था। आगंतुकों के मनोरंजन के लिए प्रसिद्ध दिल्ली ड्रम सर्कल के तालवादकों द्वारा तबलों पर एक विशेष प्रस्तुति आयोजित की। यह प्रस्तुति तबला वादक जाकिर हुसैन को श्रद्धांजलि के रूप में आयोजित की गई थी। इसके अतिरिक्त इस संगीतमय प्रदर्शन में सैक्सोफोन वादक के साथ तालवादकों का एक समूह शामिल था। उन्होंने बताया कि इस वर्ष के अंतिम रविवार को आयोजित इस साप्ताहिक बाजार में विभिन्न वर्गो की सैकड़ों की भीड़ और सर्दी की मौसम को देखते हुए विभिन्न प्रकार के व्यंजनों की भी व्यवस्था की गई थी। जिसके स्वाद को सभी लोगों ने खूब सराहा। उन्होंने बताया कि इस बाज़ार में जैविक उत्पाद, बैग, ऊनी कपड़े, टिकाऊ फैशन, कारीगर चॉकलेट, प्राचीन वस्तुएँ और अन्य उत्पादों के स्टॉलों के प्रति लोगों में बाजार के प्रति जबरदस्त उत्साह और उमंग दिखा। उन्होंने बताया कि 10 नवम्बर से शुरू हुए इस साप्ताहिक बाजार में आने वाले पर्यटकों और आगंतुकों की सप्ताह दर सप्ताह बढ़ती संख्या इसकी प्रसिद्धि का प्रमाण है। recent visitors 148