रेस्क्यू टीम कमांडर बोले- जल्द पहुंचेगी टीम, राजस्थान-जयपुर में बोरवेल में अब डेढ़ फीट दूर है बच्ची

जयपुर। बीते 8 दिन से लगातार जिस मासूम चेतना को बोरवेल से निकालने लिए कोशिशें की जा रही है, वह आज लगभग पूरी होती नजर आ रही है। रेस्क्यू टीमें चेतना के करीब पहुंच चुकी है। करीब 170 फीट गहराई में मौजूद टीम के कमांडर का दावा है कि आज दोपहर तक चेतना तक हम पहुंच जाएंगे। एनडीआरएफ की टीम सोमवार सुबह 6:30 बजे तक करीब 7 फीट टनल की खुदाई कर चुकी है। अब सिर्फ 1.5 फीट चौड़े चट्टान को ड्रिल करना बाकी है। हालांकि चेतना किस स्थिति में है, इस पर अभी प्रशासन की तरफ से कोई अपडेट नहीं आया है। कलेक्टर कल्पना अग्रवाल ने दावा किया है कि ये राजस्थान का सबसे मुश्किल ऑपरेशन है। 23 दिसंबर को हुआ था हादसा बता दें कि 23 दिसंबर की दोपहर चेतना खेलते हुए बोरवेल में गिर गई थी। वह करीब 170 फीट की गहराई में फंसी थी। बोरवेल में गिरने के बाद से उसे पानी तक नहीं पहुंचाया जा सका है। इसके बाद बारिश के चलते रेस्क्यू ऑपरेशन में कुछ दिक्कतें और आईं। मंगलवार (24 दिसंबर) शाम से वह कोई मूवमेंट भी नहीं कर रही है। अधिकारी बीते कई दिनों से उसके कैमरे की इमेज या विजुअल को भी नहीं दिखा रहे हैं। recent visitors 162

दिल्ली गए नीतीश कुमार महागठबंधन में करेंगे वापसी? सियासी अटकलों पर तेजस्वी यादव की दो टूक

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार क्या महागठबंधन में वापसी करने जा रहे हैं? यह सवाल इन दिनों प्रदेश के सियासी गलियारों में तैर रहा है। बीते कुछ समय से जोर पकड़ रही ऐसी चर्चाओं पर अब नेता प्रतिपक्ष और राजद नेता तेजस्वी यादव ने इस पर अपना दो टूक जवाब दे दिया है।बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इन दिनों दिल्ली गए हुए हैं। तेजस्वी यादव ने इसके साथ ही बीपीएससी छात्रों के प्रदर्शन, उन पर लाठीचार्ज, परीक्षा रद कराने की मांग और भारतीय जनता पार्टी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने 2025 में होने वाले चुनावों की तैयारी पर भी अपनी बात रखी। बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सबसे पहले कहा कि मुख्यमंत्री टायर्ड हैं और रिटायर्ड अधिकारी सरकार चला रहे हैं। प्रतियोगिता परीक्षा का पेपरलीक बिहार में पहली बार नहीं हुआ है। इसके लिए कौन जिम्मेदार है?उन्होंने सवाल करते हुए कहा है कि बिहार की जनता जानना चाहती है। दोषियों पर क्या कार्रवाई हुई? वे सोमवार को शहर के राजोपट्टी स्थित परिसदन में पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। वे कार्यकर्ता दर्शन सह संवाद कार्यक्रम, के तहत सीतामढ़ी पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि हमारे सरकार से हटने के तीन माह बाद से ही पेपरलीक होने लगा। मैट्रिक से लेकर बीपीएससी तक की परीक्षा का पेपर लीक हो रहा है। उन्होंने सवाल किया कि जब शिक्षा विभाग मेरे पास था तो कहां पेपर लीक हो रहा था?उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री किसी बात का जवाब नहीं देते हैं न सदन में और न बाहर। यह सरकार जनता की नहीं है। आने वाले समय में जनता इसका मुंहतोड़ जवाब देगी। राजद नेता तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि राजधानी पटना के गर्दनीबाग में छात्र 15 दिन से शांतिपूर्ण धरना दे रहे थे। लेकिन भाजपा की बी टीम के नेताओं ने गुमराह कर उन्हें गांधी मैदान में ले गए, जो प्रतिबंधित क्षेत्र है और उन पर वहां बर्बरतापूर्ण लाठी चार्ज किया गया।पानी के बौछार हो रही है। मुकदमा हो रहा है। सभी परेशान हैं। छात्र-छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने आंदोलन कर रहे छात्रों से कहा कि जात-पात में नहीं बंटें, तभी सफलता मिलेगी। इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के फिर पलटने की चर्चा के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पलटू चाचा के लिए महागठबंधन के दरवाजे बंद हैं। बता दें कि नीतीश कुमार इस समय दिल्ली में हैं। ऐसे में सियासी अटकलों को और हवा मिल रही है।हालांकि, तेजस्वी ने यह भी कहा कि वह पटना लौटने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने के लिए समय मांगेंगे। यदि सीएम के ऑफिस से समय मिलता है तो मुख्यमंत्री से मिलकर बीपीएससी के छात्रों की मांगों पर चर्चा जरूर करेंगे।इसके साथ ही नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर पर उनका नाम लिए बिना हमला बोला।तेजस्वी यादव ने जीतन राम मांझी, चिराग पासवान के साथ दोनों उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा पर हमला बोलते हुए सवाल किया कि कहां हैं ये लोग?पेपर लीक होने पर परीक्षा रद करने की मांग कर रहे छात्रों पर लाठी चार्ज हो रहा है, समस्या आती है तो गायब रहते हैं। नहीं तो ऊंची-ऊंची बातें करते हैं। recent visitors 274

आरक्षण कटौती से नाराज Obc समाज ने बस्तर में किया चक्काजाम, मांगें पूरी नहीं होने पर उग्र

जगदलपुर/कांकेर आगामी दिनों में छत्तीसगढ़ में होने वाले नगरीय निकाय व पंचायत चुनाव में आरक्षण की प्रक्रिया बीते दिनों सभी जिलों में संपन्न हुई. आरक्षण में हुई कटौती को लेकर आज पिछड़ा वर्ग समाज ने बस्तर बंद बुलाया, जिसका बड़ा असर बस्तर में देखने को मिला. सुबह से सभी दुकानें बंद रही. वहीं बड़ी संख्या में समाज के लोग प्रदर्शन करते हुए माकड़ी के पास चक्काजाम कर सड़क पर बैठे हैं. वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है. पिछड़ा वर्ग समाज का कहना है कि सरकार द्वारा नगरीय निकाय चुनाव में जो आरक्षण तय किया गया है उसे निरस्त किया जाए. फिर से आरक्षण कराकर ओबीसी समाज को आरक्षण का लाभ दिया जाए. मांगें पूरी नहीं होने पर समाज ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है. वही पिछड़ा वर्ग समाज के इस प्रदर्शन का कांग्रेस ने भी समर्थन किया है. जगदलपुर में भी सुबह से ही बंद को सफल बनाने पिछड़ा वर्ग समाज के सदस्य रैली की शक्ल में हाथों में तख्ती लेकर जगदलपुर शहर का भ्रमण किया. शहर के संजय मार्केट, गोल बाजार और में रोड में अधिकतर दुकानें बंद रही. पिछड़ा वर्ग समाज के संभागीय अध्यक्ष तरुण सिंह धाकड़ ने कहा कि विधानसभा-लोकसभा के बाद छत्तीसगढ़ में नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव आगामी दिनों में होगा. इस चुनाव में पिछड़ा वर्ग समाज की सीटों को काटा गया है. आरक्षण की प्रक्रिया में पिछड़ा वर्ग समाज को नुकसान झेलना पड़ा है. इसके कारण पिछड़ा वर्ग समाज ने आज बस्तर संभाग बंद करने का आह्वान किया. यदि धरना प्रदर्शन, बस्तर बंद और चक्काजाम के बाद भी पिछड़ा वर्ग समाज की मांगों को सरकार पूरा नहीं करेगी तो आगामी दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा. recent visitors 91

पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार, राजस्थान-बीकानेर में रंजिशन युवक की हत्या कर रेल की पटरियों पर रखा शव

बीकानेर। बीकानेर के महाजन थाना क्षेत्र में युवक की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। दरअसल शुक्रवार रात को रेल की पटरियों पर शेरपुरा निवासी सुनील मेघवाल का शव मिला था। पहले पुलिस आत्महत्या का मामला समझकर जांच कर रही थी। घटनास्थल के पास मृतक की बोलेरो गाड़ी भी लावारिस हालत में मिली, जिसमें खून के धब्बे मौजूद थे। यह गाड़ी मोखमपुरा के पास से बरामद हुई। मृतक के पिता ओमप्रकाश मेघवाल ने इस मामले में हत्या की आशंका जताते हुए महाजन थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनका बेटा शुक्रवार शाम से लापता था और रात को उसका शव मिलने की सूचना मिली। पुलिस ने सुनील के दोस्तों से पूछताछ शुरू की तो सामने आया कि उसे आखिरी बार नेतराम जाखड़ के साथ देखा गया था। मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर पुलिस ने आरोपी नेतराम जाखड़, निवासी शेरपुरा को गिरफ्तार कर लिया। महाजन थाना प्रभारी कश्यप सिंह ने जानकारी दी कि आरोपी से पूछताछ जारी है और जल्द ही हत्या के कारणों का खुलासा किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में आपसी रंजिश का मामला सामने आ रहा है। फिलहाल महाजन थाना पुलिस नेतराम जाखड़ से पूछताछ कर मामले की जांच में जुटी हुई है। recent visitors 103

मदन राठौड़ का गहलोत पर तंज, राजस्थान-अल्पमत सरकार के सहयोगी विधायकों को खुश करने बनाए थे नए जिले

जयपुर। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने गहलोत के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि गहलोत अपनी अल्पमत सरकार को सहयोग करने वाले विधायकों को खुश करने के लिए आनन-फानन में नए जिलों की घोषणा कर दी थी। इतना ही नहीं, गहलोत ने पूर्व सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी रामलुभाया की अध्यक्षता में समिति तो गठित की, लेकिन नए जिलों की घोषणा के बाद स्वयं रामलुभाया ने आश्चर्य व्यक्त किया था। इसका मतलब साफ है कि गहलोत ने समिति को भी अंधेरे में रखकर विधायकों को खुश करने के लिए जिलों की रेवडियां बांटी थी ताकि उनकी अस्थिर सरकार को सहारा मिल सकें। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि भाजपा सरकार ने सभी जिलों की समीक्षा करने के बाद भूपपूर्व प्रशासनिक अधिकारी ललित के पंवार की अध्यक्षता में समिति का गठन किया। मंत्रीमंडल की समिति बनाई और इनकी रिपोर्ट के बाद कैबिनेट बैठक में 9 जिलें एवं 3 संभाग समाप्त करने का प्रस्ताव किया है। समिति के साथ भाजपा सरकार ने राजस्थान की भौगोलिक, सांस्कृतिक और जनसंख्या के आधार पर जनता की मांग को देखते हुए 41 जिले और सात संभाग रखने का फैसला किया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि गहलोत सरकार ने नए जिले तो घोषित कर दिए, लेकिन उन जिलों को चलाने के लिए ना तो आर्थिक प्रबंधन किया और ना ही उनके कार्यालय संसाधन आदि की व्यवस्था की। गहलोत तो 5 साल तक सरकार बचाने में जुटे रहे। सचिन पायलट के बीच शीत युद्ध जनता के सामने है। गहलोत और पायलट दोनों अपने खेमों के विधायकों को लेकर होटलों में कैम्प चलाते रहे। ऐसे में गहलोत विधायकों को संतुष्ट करने में जुटे रहे और गहलोत सरकार ने बिना गहन चिंतन किये चुनावी आचार संहिता लगने से एक दिन पूर्व अचानक नए जिलों की घोषणा कर दी। गहलोत ने ऐसे भी नए जिले बना दिए जिसकी कभी किसी ने कोई मांग तक नहीं की। क्या था अशोक गहलोत ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा था कि हमारी सरकार द्वारा बनाए गए नए जिलों में से 9 जिलों को निरस्त करने का भाजपा सरकार का निर्णय अविवेकशीलता एवं केवल राजनीतिक प्रतिशोध का उदाहरण है। हमारी सरकार के दौरान जिलों का पुनर्गठन करने के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रामलुभाया की अध्यक्षता में 21 मार्च 2022 को समिति बनाई गई थी जिसको दर्जनों जिलों के प्रतिवेदन प्राप्त हुए। इन्हीं प्रतिवेदनों का परीक्षण कर समिति ने अपनी रिपोर्ट दी,. जिसके आधार पर नए जिले बनाने का निर्णय किया गया। मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ के अलग होने के बाद राजस्थान देश का सबसे बड़ा राज्य बन गया, परन्तु प्रशासनिक इकाइयों का पुनर्गठन उस अनुपात में नहीं हुआ था। राजस्थान से छोटा होने के बाद भी मध्य प्रदेश में 53 जिले हैं। नए जिलों के गठन से पूर्व राजस्थान में हर जिले की औसत आबाादी 35.42 लाख व क्षेत्रफल 12,147 वर्ग किलोमीटर था (हालांकि त्रिपुरा राज्य का क्षेत्रफल 10,492 वर्ग किलोमीटर, गोवा राज्य का क्षेत्रफल 3,702 वर्ग किलोमीटर, दिल्ली केन्द्र शासित प्रदेश का क्षेत्रफल 1,484 वर्ग किलोमीटर है) जबकि नए जिले बनने के बाद जिलों की औसत आबादी 15.35 लाख व क्षेत्रफल 5268 वर्ग किलोमीटर हो गया था। जिले की आबादी व क्षेत्र कम होने से शासन-प्रशासन की पहुंच बेहतर होती है एवं सुविधाओं व योजनाओं की बेहतर डिलीवरी सुनिश्चित हो पाती है। छोटी प्रशासनिक इकाई होने पर जनता की प्रतिवेदनाओं का निस्तारण भी शीघ्रता से होता है। भाजपा सरकार द्वारा जिन जिलों को छोटा होने का तर्क देकर रद्द किया है वो भी अनुचित है। जिले का आकार वहां की भौगोलिक परिस्थितियों के आधार पर होता है। हमारे पड़ोसी राज्यों के जिले जैसे गुजरात के डांग (2 लाख 29 हजार), पोरबंदर (5 लाख 85 हजार) एवं नर्बदा (5 लाख 91 हजार), हरियाणा के पंचकुला (5 लाख 59 हजार) एवं चरखी दादरी (लगभग 5 लाख 1 हजार), पंजाब के मलेरकोटला (लगभग 4 लाख 30 हजार), बरनाला(5 लाख 96 हजार) एवं फतेहगढ़ साहिब (6 लाख) जैसे कम आबादी वाले जिले हैं। कम आबादी वाले जिलों में सरकार की प्लानिंग की सफलता भी ज्यादा होती है। छोटे जिलों में कानून व्यवस्था की स्थिति को बहाल रखना भी आसान होता है क्योंकि वहां पुलिस की पहुंच अधिक होती है। परिस्थितियों के आधार पर जिलों की आबादी में भी अंतर होना स्वभाविक है जैसे उत्तर प्रदेश में प्रयागराज जिले की आबादी करीब 60 लाख है जबकि चित्रकूट जिले की आबादी 10 लाख है। परन्तु सरकार के लिए प्रशासनिक दृष्टि से छोटे जिले ही बेहतर लगते हैं। सरकार की तरफ से एक तर्क यह दिया जा रहा है कि एक जिले में कम से कम 3 विधानसभा क्षेत्र होने चाहिए जबकि भाजपा द्वारा 2007 में बनाए गए प्रतापगढ़ मे परिसीमन के बावजूद भी केवल दो विधानसभा क्षेत्र हैं। सरकार द्वारा जहां कम दूरी का तर्क दिया जा रहा है वो भी आश्चर्यजनक है क्योंकि डीग की भरतपुर से दूरी केवल 38 किमी है जिसे रखा गया है परन्तु सांचौर से जालोर की दूरी 135 किमी एवंअनूपगढ़ से गंगानगर की दूरी 125 किमी होने के बावजूद उन जिलों को रद्द कर दिया गया। हमारी सरकार ने केवल जिलों की घोषणा ही नहीं की बल्कि वहां कलेक्टर, एसपी समेत तमाम जिला स्तरीय अधिकारियों की नियुक्ति दी एवं हर जिले को संसाधनों के लिए बजट भी दिया। हम भाजपा सरकार द्वारा उठाए गए इस अदूरदर्शी एवं राजनीतिक प्रतिशोध के कारण लिए गए निर्णय की निंदा करते हैं। ""हमारी सरकार द्वारा बनाए गए नए जिलों में से 9 जिलों को निरस्त करने का भाजपा सरकार का निर्णय अविवेकशीलता एवं केवल राजनीतिक प्रतिशोध का उदाहरण है।    हमारी सरकार के दौरान जिलों का पुनर्गठन करने के लिए वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी रामलुभाया की अध्यक्षता में 21 मार्च 2022 को समिति बनाई गई…""     — Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) December 28, 2024 recent visitors 80

जीतू पटवारी बोले- सौरभ शर्मा की हो सकती है हत्या:अगर गिरफ्तारी हुई तो कई चेहरे होगे बेनकाब

भोपाल। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है कि आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की हत्या हो सकती है। क्योंकि वह जब भी सामने आएगा, कई लोगों के चेहरे बेनकाब होंगे। इसलिए सरकार को चाहिए कि उसकी गिरफ्तारी कर उसे सुरक्षा दे और भ्रष्टाचार का सच सामने लाए। सौरभ शर्मा के वकील भी उनके एनकाउंटर की आशंका जता चुके हैं। पटवारी ने सोमवार को भोपाल में मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि बीजेपी के राज में भ्रष्टाचारी चेहरा कैसा होता है, यह दिखने लगा है। जनता को साफ हो गया है कि यह करप्शन, क्राइम, कर्ज और कमीशन की सरकार है। उन्होंने कहा कि सौरभ शर्मा की हत्या हो सकती है, यह बात मैं पहले भी कह चुका हूं, जब सौरभ के भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ था। अब फिर इस आशंका को दोहरा रहा हूं। जीतू पटवारी ने कहा कि यह लूट के पैसे की लड़ाई है। जिन लोगों को जिम्मेदारी सौंपी गई, वे सभी लूटपाट कर रहे हैं और एक से डेढ़ करोड़ तक की अवैध कमाई कर रहे हैं। पटवारी ने उज्जैन में भगवान महाकाल के दर्शन के लिए वसूले जा रहे पैसों का जिक्र करते हुए कहा कि बीजेपी के शासन में भगवान के दर्शन के लिए भी पैसे वसूले जा रहे हैं। ये ऐसे भोलेनाथ के भक्त हैं। यह भाजपा की सरकार है। यह आरएसएस से जुड़े लोगों का नैतिक दायित्व है, जो ऐसा करा रहे हैं। बीजेपी पर घोटाले और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए पटवारी ने कहा कि कांग्रेस लगातार इनके खिलाफ प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने कहा कि हाल ही में विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस ने सच्चे विपक्ष की भूमिका निभाई है। एनसीआरबी के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि दलितों पर अत्याचार लगातार बढ़ रहे हैं। संविधान की रक्षा के लिए महू में एक बड़ा कार्यक्रम किया जा रहा है। इसमें राहुल गांधी और कमलनाथ समेत पार्टी के सभी वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। बता दें कि सौरभ शर्मा की ओर से भोपाल जिला कोर्ट में अग्रिम जमानत के लिए याचिका लगाई गई थी जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया था। सौरभ शर्मा की ओर से ग्वालियर के वकील राकेश पाराशर पैरवी कर रहे हैं। याचिका खारिज होने के बाद उन्होंने कहा था कि मुझे नहीं पता सौरभ कहां है। याचिकाकर्ता की मां के कहने पर ग्वालियर से भोपाल आया हूं। हमें डर है कि कहीं सौरभ का एनकाउंटर न हो जाए। recent visitors 232

रायगढ़ में अवैध कबाड़ पर पुलिस ने कसा शिकंजा, 1.87 लाख रुपए का स्क्रैप किया जब्त, 2 गिरफ्तार

रायगढ़ जिले में अवैध कबाड़ परिवहन के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. कार्रवाई में आरोपियों के पास से 2 लाख रुपए के करीब का स्क्रैप जब्त किया गया है. पहली कार्रवाई 28 दिसंबर को  मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर  पुलिस टीम ने सलासर चौक के पास माजदा वाहन (क्रमांक CG11BM-6416) को रोका. जांच में वाहन में 4 टन 500 किलोग्राम कबाड़ पाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1.41 लाख है. वाहन चालक परदेशी यादव (32 वर्ष), निवासी छिंदमुडा, जिला सक्ती, कबाड़ से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका. दूसरी कार्रवाई 29 दिसंबर को पुलिस ने ग्राम गेरवानी में मुखबिर की सूचना पर टाटा माजदा (क्रमांक CG13AR-1693) को रोका. वाहन में 2 टन 120 किलोग्राम कबाड़ मिला, जिसकी कीमत 46,000 रुपए है. वाहन चालक रायगढ़ निवासी नामधारी विश्वकर्मा (32 वर्ष) भी कबाड़ परिवहन के लिए वैध दस्तावेज नहीं दिखा सका. आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज दोनों मामलों में पुलिस ने कुल 6 टन 620 किलोग्राम कबाड़ और दो वाहनों को जब्त किया है. दोनों आरोपियों के खिलाफ पूंजीपथरा थाना में धारा 35(क)(ड) BNSS/303(2) BNS के तहत मामले दर्ज किए गए हैं. recent visitors 76