Tuesday, July 7, 2026 5:45 am

‘अवैध जल कनेक्शन पर होगी सख्त कार्यवाही’, राजस्थान-जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने ली जोधपुर एवं फलोदी के अधिकारियों की समीक्षा बैठक

जयपुर। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं भूजल विभाग मंत्री श्री कन्हैयालाल चौधरी की अध्यक्षता में रविवार को जोधपुर एवं फलोदी जिले की विभागीय समीक्षा बैठक डिस्कॉम मीटिंग हॉल न्यू पॉवर हाउॅस में आयोजित हुई। बैठक में विभाग की गतिविधि, जल जीवन मिशन, अमृत 2.0 योजना सहित विभागीय योजनाओं और परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। चौधरी ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि प्रदेश के हर कोने में आमजन तक स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पेयजल समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव प्रयासरत है और इसके लिए आमजन के पैसे का सदुपयोग होगा।  अधूरे कार्य समय पर करें पूर्ण— जलदाय मंत्री ने जल जीवन मिशन और अमृत 2.0 के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी लंबित कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूर्ण किए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही करने वाले अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। सभी अधिकारी करे फील्ड में जाकर मॉनिटरिंग— श्री कन्हैयालाल चौधरी ने अवैध कनेक्शनों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि विभागीय अधिकारी अभियान चलाकर जांच करवाएं और इन कनेक्शनों को तत्काल प्रभाव से हटाये। उन्होंने कहा कि पानी की चोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हमारा प्रयास हो कि पानी की छीजत और चोरी रोककर अंतिम छोर तक सुचारू रूप से जलापूर्ति हो। सभी अधिकारी नियमित रूप से फील्ड में जाकर मॉनिटरिंग करें। जलदाय मंत्री ने कहा कि सरकार की प्रतिबद्धता है कि प्रदेश का हर नागरिक स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल सुविधाओं का लाभ उठाएं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे जनहित के कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता न बरतें और अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी तत्परता से करें। शहर विधायक ने जोधपुर की समस्याओं को रखा— बैठक में जोधपुर शहर के विधायक श्री अतुल भंसाली ने जोधपुर शहर की जल आपूर्ति व्यवस्थाओं और आवश्यकताओं को उठाते हुए सुझाव दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे शहर के विभिन्न क्षेत्रों में नियमित रूप से फील्ड विजिट करें और नागरिकों को पेयजल आपूर्ति में किसी प्रकार की परेशानी न हो, यह सुनिश्चित करें। विभागीय प्रगति रिपोर्ट पर चर्चा— मुख्य अभियंता श्री देवराज सोलंकी ने बैठक में जोधपुर और फलोदी जिलों में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने जल जीवन मिशन, अमृत 2.0 के तहत स्वीकृत कार्यों, क्षेत्रीय जल प्रदाय योजनाओं और राजीव गांधी लिफ्ट कैनाल फेज थ्री परियोजना की वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी दी। recent visitors 130

बच्चों के गिरने की घटनाओं पर प्रशासन सतर्क, राजस्थान-राज्य सरकार के निर्देश पर 746 खुले बोरवेल और कुंए ढकवाए

जयपुर। खुले बोरवेल में बच्चों के गिरने की घटना को लेकर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा बेहद संवेदनशील हैं। राज्य सरकार के निर्देशों की अनुपालन में आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं ऐसे हादसों को रोकने के लिए जयपुर जिला प्रशासन ने मुहिम के तहत विगत दो दिनों में कुल 746 खुले बोरवेल एवं कुंए ढकवाए। अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री मुकेश कुमार मूंड ने बताया कि अभियान के तहत जयपुर तहसील में 13,‌ आमेर तहसील में 30, कालवाड़ तहसील में 33, तूंगा तहसील में 69, जमवारामगढ़ तहसील में 24, माधोराजपुरा तहसील में 26, बस्सी तहसील में 30, चाकसू तहसील में 63, आंधी तहसील में 30, किशनगढ़- रेनवाल तहसील में 36 खुले बोरवेल एवं कुंए लोहे की प्लेट एवं जालियों से ढकवाए गए हैं। कोटखावदा तहसील में 11, सांभर तहसील में 68, जोबनेर तहसील में 16, रामपुरा डाबड़ी तहसील में 17, सांगानेर तहसील में 22, शाहपुरा तहसील में 82, चौमूं तहसील में 20, जालसू तहसील में 30, दूदू तहसील में 58, फागी तहसील में 27 और मोजमाबाद तहसील में 41 खुले बोरवेल एवं कुंए कवर करवाए गए। वहीं, राज्य सरकार के निर्देश पर जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने शनिवार को 328 तो वहीं 418 खुले बोरवेल एवं कुंए कवर करवाए। recent visitors 135

MP:समोसा बेचने के लिए लाइसेंस जरूरी: … नहीं तो 2 लाख का जुर्माना और 6 माह की होगी सजा

MP: License required to sell samosa: … otherwise there will be a fine of Rs 2 lakh and 6 months imprisonment जबलपुर ! अब आप सब्जी, समोसा-कचौरी, चाट की दुकान और ठेला पर कोई सामग्री बिना लाइसेंस के नहीं बेच सकेंगे। इसके लिए नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग ने स्ट्रीट वेंडर्स के लिए लाइसेंस जरूरी कर दिया है। बताते हैं यह कदम शहर में मिलावटखोरी पर रोक लगाने और स्वास्थ्य मानकों को बेहतर बनाने के लिए उठाया गया है। यदि स्ट्रीट वेंडर्स इसका उल्लंघन करेंगे तो उन्हें भारी जुर्माने के साथ सजा भी भुगतनी होगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम शिविर लगाकर वेंडर्स के लाइसेंस बनवा रही है। लाइसेंस के माध्यम से वेंडर्स को अपने व्यापार को आधिकारिक रूप से संचालित करने की अनुमति दी जाएगी। इसके अलावा जो वेंडर्स लाइसेंस नहीं बनवाएंगे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे वेंडर्स के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जुर्माना लगाया जाएगा। बताते हैं, जबलपुर में लगभग 12 हजार स्ट्रीट वेंडर्स बिना लाइसेंस के बिजनेस कर रहे हैं। इनमें से कई वेंडर्स के पास स्वच्छता और गुणवत्ता के मानकों का अभाव पाया गया है। मिलावटखोरी और खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ बेचने के बढ़ते मामलों को देखते हुए, स्वास्थ्य विभाग ने यह फैसला लिया है। शहर में कैंप के माध्यम से वेंडर्स को निशुल्क लाइसेंस बनवाने की सुविधा दी जा रही है। साथ ही उन्हें स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा से संबंधित दिशा-निर्देश भी दिए जा रहे हैं। अफसरों का कहना है कि यह पहल वेंडर्स को नियमित करने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित और स्वच्छ खाद्य सामग्री उपलब्ध करने में सहायक होगी। यह भी बताया गया कि स्ट्रीट वेंडर्स ने FSSAL का लाइसेंस नहीं बनवाया और उसके द्वारा बेची गई सामग्री से यदि कोई बीमार हो जाता है या फूड प्वाइजनिंग हो जाती है तो वेंडर पर दो लाख रुपए तक का जुर्माना और 6 महीने की सजा हो सकती है। recent visitors 179

सिविल डिफेंस के जवानों ने आपदा नियंत्रण में निभाई अहम जिम्मेदारी, राजस्थान-फैक्ट्री में लगी आग

जयपुर। जयपुर जिले में नागरिक सुरक्षा के साहसिक एवं समर्पित जवान आपदा प्रबंधन में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं। अपनी जान की परवाह किये बगैर सिविल डिफेंस के जांबाज जवान जिला कलक्टर के निर्देशन एवं उप नियंत्रक श्री अमित शर्मा के नेतृत्व में बेमिसाल कार्य कर रहे हैं। विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र के रोड नंबर 14 स्थित एक फैक्ट्री में रविवार को सुबह करीब 8 बजे आग लगने की सूचना नियंत्रण कक्ष में प्राप्त हुई। सूचना मिलने के पश्चात उप नियंत्रक अमित शर्मा के नेतृत्व में सिविल डिफेंस की रेस्क्यू टीम मौके के लिए तत्काल रवाना हुई एवं नागरिक सुरक्षा अग्निशमन सेवा के वाहनों को भी मौके पर रवाना किया गया। रेस्क्यू टीम ने मौके पर पहुंचकर पूरी फैक्ट्री का सर्च किया। इसके अतिरिक्त फायर कर्मियों का फायर फाइटिंग करने में सहयोग किया। 4 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद टीम ने आग पर काबू पाया। इससे पूर्व शनिवार रात को करीब 10 बजे नियंत्रण कक्ष को टाटीयावास टोल के पास सीकर रोड पर एक सीएनजी का टैंकर पलटने की सूचना प्राप्त हुई। जिसके बाद सिविल डिफेंस की रेस्क्यू टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मौके पर पहुंचे और टोरेंट गैस कंपनी की टेक्निकल टीम से समन्वय स्थापित करते हुए मौजूद गैस के प्रेशर को डॉउन करवाया। रेस्क्यू कार्य के दौरान जयपुर सीकर हाईवे को दोनों साइड से वाहनों की आवाजाही को बंद किया गया एवं बड़ी दुर्घटना पर समय रहते काबू पा लिया। ऑपरेशन पूरा होने के पश्चात हाईवे को आवागमन के लिए खोल दिया गया। recent visitors 103

82 आईएएस अफसरों को डाॅ. मोहन सरकार ने दिया नए साल का तोहफा, बने दो नए प्रमुख सचिव

भोपाल। मध्य प्रदेश के 82 आईएएस अफसरों को डाॅ. मोहन यादव की सरकार ने नए साल का तोहफा दिया है. अलग-अलग बैच के आईएएस का प्रमोशन करते हुए बढ़े हुए वेतनमान का लाभ देने के आदेश जारी किए गए हैं. प्रमोशन की इस लिस्ट में 2001 बैच के दो आईएएस अधिकारी सचिव से प्रमुख सचिव बनाए गए हैं. पर्यावरण विभाग में सचिव नवनीत मोहन कोठारी और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी के सचिव पी नरहरि प्रमुख सचिव बनाए गए हैं. मुख्य सचिव अनुराग जैन के अध्यक्षता में हुई विभागीय पदोन्नति समिति की बैठक के बाद पदोन्नति सूची जारी की गई. सभी अधिकारियों को पदोन्नति का लाभ एक जनवरी 2025 से मिलेगा. 2001 बैच के नवनीत मोहन कोठारी और पी नरहरि प्रमुख सचिव बने 2009 बैच के 16  अधिकारी अपर सचिव से सचिव बनाए गए 2011 बैच के 29 को प्रवर श्रेणी वेतनमान ये अधिकरी उप सचिव से अपर सचिन बने इन श्रेणी में मप्र के जिलों में पदस्थ 13 कलेक्टर के नाम शामिल हैं 2016 बैच के 26 अधिकारियों को कनिष्ठ प्रशासनिक ग्रेड 2021 बैच के नौ अधिकारियों को वरिष्ठ समय वेतनमान recent visitors 153

‘सरकार का लक्ष्य है जनआकांक्षाओं को पूरा करना’, राजस्थान-मुख्यमंत्री ने भरतपुर संभाग के विधायकों के साथ की बैठक

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के हर क्षेत्र की जनआकांक्षाओं को पूरा करते हुए प्रदेश के विकास को गति प्रदान करना राज्य सरकार का लक्ष्य है। इसी दिशा में सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास की भावना के साथ सभी विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, चिकित्सा, पानी, बिजली, सड़क आदि मूलभूत सुविधाओं एवं विभिन्न विकास कार्यों की बजटीय घोषणाएं राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। शर्मा रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर भरतपुर संभाग के विधायकों के साथ बजट वर्ष 2024-25 में की गई घोषणाओं के क्रियान्वयन को लेकर आयोजित बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विधायक, सरकार एवं जनता के बीच की अहम कड़ी है। ऐसे में सभी विधायक क्षेत्र के लोगों के साथ संवाद करने से लेकर बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन तक सक्रिय जनप्रतिनिधि की भूमिका निभाएं। ईआरसीपी से बहेगी विकास की गंगा- मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा से विधायकों ने कहा कि संशोधित पीकेसी-ईआरसीपी परियोजना का मार्ग प्रशस्त होने से पूर्वी राजस्थान के लोगों में उत्साह का माहौल है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगी। मुख्यमंत्री ने भरतपुर संभाग के विधायकों से विधानसभावार बजट घोषणाओं की अनुपालना में होने वाले विकास कार्यों की वित्तीय स्वीकृति, भूमि आवंटन और प्रगतिरत कार्यों के संबंध में चर्चा की। उन्होंने विधायकों से कहा कि क्षेत्र की आवश्यकता के अनुरूप आगामी बजट में शामिल किए जाने वाले जनहित के विकास कार्यों के सुझाव भी देवें। पंचगौरव के प्रोत्साहन से जिले को मिले नई पहचान- मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रत्येक जिले में एक उपज, एक उत्पाद, एक प्रजाति, एक पर्यटन एवं एक खेल को बढ़ावा देने के लिए पंच गौरव कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि संबंधित जिले में इन श्रेणियों में चयनित तत्वों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि इनके संरक्षण और प्रोत्साहन को बढ़ावा मिल सके। उन्होंने अटल ज्ञान केन्द्रों की स्थापना तथा मुख्यमंत्री सद्भावना केन्द्रों के संचालन के संबंध में भी विधायकों से विस्तृत चर्चा की। स्थानीय उद्योग क्षेत्र के विकास की धुरी- श्री शर्मा ने कहा कि स्थानीय उद्योगों का क्षेत्र के विकास में अहम योगदान होता है। इसी कड़ी में हाल ही में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट के तहत जिला स्तर पर भी एमओयू किए गए हैं। उन्होंने विधायकों से कहा कि समिट के दौरान हुए एमओयू की निरंतर मॉनिटरिंग की जाए, ताकि समय पर इनकी क्रियान्विति सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल, गृह राज्य मंत्री श्री जवाहर सिंह बेढ़म, विधायक श्री जगत सिंह, डॉ. शैलेश सिंह, श्री बहादुर सिंह, श्री जितेन्द्र गोठवाल, श्री दर्शन सिंह, श्री हंसराज मीना एवं डॉ. ऋतु बनावत उपस्थित रहे। recent visitors 167

2017 से 2023 के बीच दुनियाभर में 813 प्लेन हुए क्रैश, 1,473 यात्रियों की मौत, फिर भी सबसे सेफ मानी जाती है हवाई यात्रा!

नई दिल्ली दक्षिण कोरिया और अजरबैजान के पैसेंजर प्लेन के क्रैश होने की घटना ने हिलाकर रख दिया था. कभी पक्षी के टकराने, कभी तकनीकी खराबी या कभी खराब मौसम होने की वजह से दुनियाभर में प्लेन हादसे होते रहे हैं. विमान हादसों पर नजर रखने वाली संस्था एविएशन सेफ्टी की रिपोर्ट के मुताबिक, 2023 में दुनियाभर में 109 विमान हादसे हुए थे, जिनमें 120 लोगों की मौत हुई थी. इस हिसाब से हर महीने औसतन 9 विमान हादसे हुए जिनमें 10 लोगों की मौत हुई. एविएशन सेफ्टी के मुताबिक, पिछले साल सबसे ज्यादा 34 विमान हादसे अमेरिका में हुए थे. विमान हादसों पर नजर रखने वाली संस्था एविएशन सेफ्टी के आंकड़ों के मुताबिक, 2017 से 2023 के बीच दुनियाभर में 813 प्लेन क्रैश हो चुके हैं. प्लेन क्रैश की 813 घटनाओं में 1,473 यात्रियों की मौत हो चुकी है. सबसे ज्यादा विमान हादसे लैंडिंग के दौरान होते हैं. इन सात साल में लैंडिंग के दौरान 261 हादसे हुए हैं. उसके बाद 212 हादसे उड़ान के दौरान ही हुए हैं. इसी दौरान भारत में 14 हादसे हुए हैं. एविएशन सेफ्टी की मानें तो सबसे ज्यादा विमान हादसे टेक ऑफ के दौरान और फिर लैंडिंग के दौरान होते हैं. पिछले साल 109 ऐसी दुर्घटनाएं हुई थीं, जिनमें से 37 टेकऑफ और 30 लैंडिंग के दौरान हुई थीं.हर साल दुनियाभर में सैकड़ों विमान हादसे होने के बावजूद हवाई सफर को सबसे सेफ माना जाता है. आंकड़े देखें तो बीते 7 साल में हर साल औसतन 200 विमान हादसे हुए हैं. और सालभर में ही सैकड़ों से ज्यादा लोगों की जान गई है. लेकिन इसके बावजूद भी फ्लाइट के सफर को सबसे सुरक्षित माना जाता है. फिर भी सबसे सेफ मानी जाती है हवाई यात्रा! फ्लोरिडा की एम्ब्री-रिडल एयरोनॉटिकल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एंथनी ब्रिकहाउस ने सीएनएन को बताया कि हवाई सफर ट्रांसपोर्टेशन का सबसे सुरक्षित साधन है. उन्होंने कहा, 38 हजार की फीट की ऊंचाई पर उड़ना, जमीन पर ड्राइव करने से ज्यादा सुरक्षित है. इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (IATA) की रिपोर्ट की मानें तो 2023 में दुनियाभर में 3.7 करोड़ से ज्यादा विमानों ने उड़ान भरी थी. इसके बावजूद कुछ ही हादसों में लोगों की जान गई. पिछले साल नेपाल में एक विमान क्रैश हुआ था, जिसमें 72 लोग मारे गए थे. बता दें कि आईएटीए हर साल फ्लाइट सेफ्टी पर रिपोर्ट जारी करता है. IATA की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि 12.6 लाख विमान उड़ान भरते हैं, तब एक दुर्घटना होती है. IATA का दावा है कि जब कोई व्यक्ति 1,03,239 साल तक हर दिन विमान में सफर करेगा, तब जाकर कोई एक दिन ऐसा आएगा जब उसे घातक दुर्घटना का सामना करना पड़ेगा. कुछ साल पहले मैसाचुएट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के प्रोफेसर अर्नॉल्ड बार्नेट ने भी फ्लाइट सेफ्टी पर एक रिपोर्ट की थी, जिसमें दावा किया गया था कि 2018 से 2022 के बीच अगर 1.34 करोड़ यात्रियों ने हवाई सफर किया है तो उनमें से सिर्फ 1 को ही मौत का खतरा है. कब हुआ था दुनिया का पहला विमान हादसा? एयर ट्रैफिक के इतिहास पर नजर डालें तो 15 जून 1785 को फ्रांस के विमरेक्स के पास रॉजियरे एयर बैलून का हादसा पहली बार जानलेवा साबित हुआ था. इस हादसे में रॉजियरे एयर बैलून के आविष्कारक जीन फ्रैकुआ पिलैत्रे डी रॉजियरे की मौत हो गई थी. जबकि पावर्ड एयरक्राफ्ट का पहला हादसा 17 सितंबर 1908 को हुआ था जब अमेरिका के वर्जिनिया में मॉडल-ए एयरक्राफ्ट क्रैश कर गया था. इसमें इस विमान के सह-आविष्कारक और पायलट घायल हो गए थे जबकि सहयात्री की मौत हो गई थी.   recent visitors 52