Friday, July 17, 2026 10:02 am

महाकुंभ 2025: साइबर अटैक और श्रद्धालुओं को ऑनलाइन फ्रॉड से बचाने, जमीन की निगहबानी का काम ड्रोन के जरिए किया जाएगा

लखनऊ प्रयागराज महाकुंभ को साइबर अटैक और श्रद्धालुओं को ऑनलाइन फ्रॉड से बचाने के लिए प्रदेश पुलिस ने पुख्ता बंदोबस्त किए हैं। साइबर स्पेस पर केंद्रीय खुफिया एजेंसियों की मदद से पैनी नजर रखी जा रही है तो जमीन की निगहबानी का काम ड्रोन के जरिए किया जाएगा। इसके अलावा महिलाओं की सुरक्षा के लिए भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। बता दें कि महाकुंभ में साइबर सिक्योरिटी के लिए साइबर थाना बनाया गया है, जिसमें तकनीकी रूप से दक्ष लोगों को तैनात किया गया है। आर्टिफिशयल इंटेलिजेंस, डार्क वेब और सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने वालों पर इसके जरिए नजर रखी जाएगी। श्रद्धालुओं को ऑनलाइन फ्रॉड से बचाने को चुनिंदा अफसरों की एक स्पेशल टीम बनाई गई है। साथ ही तमाम साइबर एक्सपर्ट्स भी साइबर सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हैं। संदिग्ध वेबसाइट्स पर नजर अधिकारियों के मुताबिक डार्क वेब के जरिए महाकुंभ में खलल डालने का प्रयास करने वालों का सामना करने और उनकी साजिशों को नाकाम करने की तैयारी हो चुकी है। पूरे आयोजन के दौरान एआई, एक्स, फेसबुक और गूगल का दुरुपयोग करना आसान नहीं होगा। ठगी के लिए साइबर अपराधियों द्वारा वायरल किए जाने वाले लिंक को निष्क्रिय कर दिया जाएगा। साइबर एक्सपर्ट की टीम 40 से अधिक संदिग्ध् वेबसाइट पर भी नजर बनाए हुए हैं। सोशल मीडिया पर पैसे मांगने वालों पर भी नजर जो साइबर अपराधी एआई, फेसबुक, एक्स या इंस्टाग्राम के माध्यम से लोगों से पैसे मांगते हैं, उन पर भी साइबर एक्सपर्ट नजर रख रहे हैं। कोई भी शिकायत मिलने पर उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने के साथ लोगों की रकम को भी वापस कराया जाएगा। इसके लिए मोबाइल साइबर टीम भी बनाई गई है।   recent visitors 62

बहराइच की हल्दी का आयुर्वेदिक दवाओं में होगा इस्तेमाल, विश्वपटल पर मिलेगी पहचान

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडेक्ट (ओडीओपी) योजना का असर लगातार दिख रहा है. अन्नदाता किसानों के लिए सीएम योगी के प्रयासों का ही नतीजा है कि योगगुरु स्वामी रामदेव बहराइच की हल्दी खरीदने के लिए आगे आए हैं. इसका इस्तेमाल वे आयुर्वेदिक दवाओं को बनाने में करेंगे. बता दें कि बहराइच की हल्दी की गुणवत्ता काफी अच्छी होती है, इस कारण इसकी डिमांड भी काफी रहती है. यही वजह है कि योगगुरु की कंपनी और बहराइच के तीन एफपीओ के बीच एमओयू साइन किया गया है. बहराइच की जिलाधिकारी मोनिका रानी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरुप जिले के उत्पादों को विश्वस्तर पर पहचान दिलाने और अन्नदाता किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रयास किये जा रहे हैं. इसके तहत बहराइच में 86 कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ) गठित किये गये हैं. जिलाधिकारी ने बताया कि सीएम योगी के निर्देश पर हल्दी और अन्नदाताओं को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए योगगुरु स्वामी रामदेव की कंपनी के साथ बहराइच की तीन एफपीओ के बीच एमओयू साइन किया गया है. यह एमओयू बहराइच की 3 एफपीओ प्रत्युष बायोएनर्जी फॉर्मर प्रोड्‌यूसर कंपनी लिमिटेड, वीरांगना लक्ष्मीबाई महिला किसान निर्माता कंपनी लिमिटेड और सीएससी राज किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड ने साइन किया है. हरिद्वार में हुए एमओयू में योगगुरु स्वामी रामदेव, आचार्य बालकृष्ण, बहराइच जिलाधिकारी मोनिका रानी, उप कृषि निदेशक टीपी शाही, सीएससी राज किसान उत्पादक कंपनी लिमिटेड मिहिंपुरवा के निदेशक अखिलेश सिंह आदि मौजूद रहे. हर साल 50 हजार टन हल्दी खरीदेंगे स्वामी रामदेव जिलाधिकारी मोनिका रानी ने बताया कि बहराइच का मिहिंपुरवा क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों, उपजाऊ भूमि और अनुकूल जलवायु होने के कारण कृषि के लिए काफी उपयुक्त है. यही वजह है कि यहां हल्दी, जिमीकन्द और हरी सब्जियों की काफी अधिक मात्रा में खेती की जाती है. इसे कई राज्यों के साथ ही प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी भेजा जाता है. इसके बावजूद अन्नदाताओं को उनके उत्पाद का उचित मूल्य नहीं मिल पाता था. इसे देखते हुए अन्नदाताओं की आय बढ़ाने के लिए प्रति वर्ष 20 से 25 टन प्रति हेक्टेयर के हिसाब से लगभग 2000 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 45-50 हजार टन हल्दी के विक्रय/विपणन स्वामी रामदेव की कंपनी से कराया गया है. उप कृषि निदेशक टीपी शाही ने बताया कि एफपीओ के 1,880 पुरुष किसान तथा 975 महिला किसान हल्दी उत्पादन से जुड़े हैं. इसी तरह यहां 150 हेक्टेयर में जिमीकन्द की खेती की जा रही है, जिसमें 30-35 टन प्रति हेक्टेयर में कुल 5,250 टन जिमीकन्द का उत्पादन हो रहा है. स्थानीय और राष्ट्रीय बाजारों में इसकी मांग ज्यादा है. इसी प्रकार लगभग 600 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में हरी सब्जियों की भी यहां खेती हो रही है. recent visitors 50

नवगठित पाठ्य-पुस्तक स्थायी समिति की प्रथम बैठक सम्‍पन्‍न

प्रचलित पाठ्य-पुस्तकों के पुनरीक्षण के संबंध में हुआ विचार-विमर्श भोपाल राज्य सरकार द्वारा हाल ही में पुर्नगठित मध्यप्रदेश पाठ्य-पुस्तक स्थायी समिति की प्रथम बैठक सोमवार 30 दिसम्बर को भोपाल के अरेरा हिल्स स्थित राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र में सम्‍पन्‍न हुई। बैठक की अध्‍यक्षता समिति के नव-नियुक्‍त अध्‍यक्ष डॉ. अलकेश चतुर्वेदी ने की। नवगठित समिति की प्रथम बैठक में पाठ्य-पुस्तकों में सम्मिलित करने के लिये विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। एनसीईआरटी स्वीकृत कक्षा-10वीं और 11वीं की अंग्रेजी पाठ्य-पुस्तक के विभिन्न पाठों और अंशों पर विचार किया गया। राष्‍ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के परिप्रेक्ष्य में प्रदेश से जुड़ी सामग्री भी पुस्तकों में शामिल करने की दृष्टि से कक्षा 1, 2, 3 और कक्षा-6 की प्रचलित पुस्तकों के पुनरीक्षण और सामग्री तैयार करने के संबंध में भी विस्तार से चर्चा की गई। बैठक के प्रारंभ में संचालक राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र श्री हरजिंदर सिंह ने पुर्नगठित समिति‍के अध्‍यक्ष डॉ. अलकेश चतुर्वेदी एवं अन्‍य सदस्‍यों का पुष्‍प-गुच्‍छ भेंटकर स्‍वागत किया। बैठक में समिति सदस्य डॉ. आशीष भारती, डॉ. बालाराम परमार, डॉ. रविन्द्र कुमार सोहोनी, डॉ. अनुपम जैन, डॉ. प्रेमलता नीलम, श्री रामकुमार वैद्य, डॉ. विनय सिंह चौहान, अपर संचालक लोक शिक्षण श्री आर.के. सिंह एवं सचिव, मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के प्रतिनिधि तथा राज्‍य शिक्षा केन्‍द्र के संयुक्‍त संचालक एवं नियंत्रक पाठ्यक्रम तथा पाठ्यपुस्तक डॉ. संजय पटवा सहित अकादमिक प्रकोष्‍ट के अन्‍य अधिकारी गण भी शामिल हुए।   recent visitors 57

उत्तर प्रदेश के नगर निगमों के कार्यों के आधार पर रैंकिंग, दस करोड़ का मिलेगा पुरस्कार

उत्तर प्रदेश उत्तर प्रदेश के नगर निगमों के कार्यों के आधार पर उनकी रैंकिंग की जाएगी। प्रदेश सरकार ने म्यूनिसिपल परफॉरमेंस रैंकिंग व्यवस्था शुरू की है। जिसमें पहला स्थान प्राप्त करने पर दस करोड़ रुपये पुरस्कार के रूप में दिए जाएंगे। पहली बार प्रदेश में नगर निगमों के बीच रैंकिंग हो रही है। शासन ने छह विषयों के आधार पर 30 मानक निर्धारित किए हैं और सभी के अलग-अलग अंक निर्धारित हैं। रैंकिंग का एक अहम आधार बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराने के साथ शहरवासियों के जीवन स्तर में सुधार भी है। शासन स्तर पर जो फ्रेमवर्क तैयार किया गया है। उसमें स्वच्छता, जीवन की गुणवत्ता, आत्मनिर्भरता, सतत पर्यावरण, सुशासन और नागरिक सुरक्षा शामिल हैं। स्वच्छता पर 24 प्रतिशत, आत्मनिर्भरता पर 25, जीवन की गुणवत्ता पर 18, सतत पर्यावरण और सुशासन पर 12, नागरिक सु्रक्षा पर 9 प्रतिशत अंक निर्धारित किए गए हैं। इन मानकों पर रैंकिंग शुरू हो गई है और जुलाई-अगस्त 2025 में परिणाम घोषित किए जाएंगे। नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के क्रम में नगर निकायों को जवाबदेह बनाने में रैंकिंग कारगर साबित होगी। इन मानकों के आधार पर मिलेंगे अंक घरों में पेयजल कनेक्शन, पार्कों और शहर में हरियाली, नाइट शेल्टर, सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को रोकने और जब्तीकरण अभियान, घर-घर कूड़ा उठान, नियमित सफाई व्यवस्था, आर्गेनिक कचरे का निस्तारण, कचरा निस्तारण प्लांट पर कूड़े के ढेर न होना, स्ट्रीट लाइटों के अभाव में डार्क स्पॉट न होना, जनसंख्या की तुलना में सफाईकर्मियों की संख्या, सीवर कनेक्शन की स्थिति आदि। मई-जून में डाटा का सत्यापन विभिन्न नगर निगमों की ओर से शासन को जो डाटा भेजा जाएगा। उसका सत्यापन मई-जून 2025 में किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के आधार पर तैयार डाटा रैंकिंग में शामिल किया जाएगा। recent visitors 61

महाकुम्भ 2025 में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण की बारीकियों से समझने MP पुलिस इन दिनों प्रयागराज में

 उज्जैन उज्जैन में 2028 में लगने वाले कुम्भ की तैयारियों के लिए मध्य प्रदेश पुलिस इन दिनों महाकुम्भ 2025 में उत्तर प्रदेश पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था के मॉडल का अध्ययन कर रही है। एसीपी राजकुमार मीणा ने बताया कि मध्य प्रदेश पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रयागराज का दो दिनों का दौरा किया। महाकुम्भ 2025 में सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण समेत अन्य व्यवस्थाओं को बारीकियों से समझने के लिए दोनों प्रदेशों के पुलिस अधिकारियों के बीच बैठक हुई। उन्होंने बताया कि इस बैठक में मध्य प्रदेश पुलिस ने महाकुम्भ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के इस्तेमाल, साइबर क्राइम से निपटने की प्रणाली आदि की जानकारी ली। उज्जैन के पुलिस अधिकारियों ने मेला क्षेत्र के विभिन्न स्थानों का भ्रमण करके उत्तर प्रदेश पुलिस की तैयारियों को देखा तथा समझा। अन्य प्रदेशों को भी यूपी पुलिस का मॉडल अपनाना चाहिए : तरुण कौशिक मध्य प्रदेश के पुलिस उपमहानिरीक्षक (एटीएस) तरुण कौशिक ने कहा कि अन्य प्रदेशों की पुलिस को उत्तर प्रदेश पुलिस के मॉडल को अपनाना चाहिए। मध्य प्रदेश पुलिस उज्जैन कुम्भ के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस से समन्वय बनाकर काम करेगी। कौशिक ने उत्तर प्रदेश पुलिस तथा प्रयागराज पुलिस की सराहना करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारी सभी स्तर के पुलिस कर्मियों के रहने, खान-पान और उनकी छोटी से छोटी जरूरतों का ध्यान रख रहे हैं, जो सीखने लायक है। राजकुमार मीणा ने बताया कि मध्य प्रदेश के पुलिस महानिरीक्षक (उज्जैन जोन) उमेश जोगा, पुलिस उपमहानिरीक्षक (उज्जैन रेंज) नवनीत भसीन और पुलिस उपाधीक्षक (उज्जैन) भारत सिंह यादव को कानून व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, कृत्रिम मेधा का विभिन्न तरह से इस्तेमाल, साइबर अपराध के खतरों से बचाव, जल पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था आदि कई तरह की जानकारी दी गईं। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश पुलिस से आए हुए अधिकारियों को आईसीसीसी और कुम्भ मेला क्षेत्र के विभिन्न स्थानों का भ्रमण भी कराया गया। recent visitors 51

नए साल का स्वागत करने सभी बेसब्री से इंतजार, ग्वालियर, शिवपुरी, चंदेरी और ओरछा तक सभी होटलों की बुकिंग पूरी तरह फुल

 ग्वालियर नए साल का स्वागत करने के लिए सभी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और हर कोई इस न्यू ईयर को सेलिब्रेट करने के लिए प्लान तैयार कर रहे हैं। अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि नई साल की स्वागत के लिए ग्वालियर, शिवपुरी, चंदेरी और ओरछा तक सभी होटलों की बुकिंग पूरी तरह फुल हो चुकी है। वहीं, एमपी टूरिज्म ने भी खास तैयारी की है। एमपी टूरिज्म ने चंदेरी ओरछा से लेकर चंबल सफारी तक तीन सर्किट तैयार किए हैं, जहां कपल्स और फैमिलीज न्यू ईयर को सेलिब्रेट कर सकते हैं। एमपी पर्यटन विभाग के जनरल मैनेजर नितिन कटारे ने बताया है कि नई साल को टूरिस्ट ऐतिहासिक स्थानों के साथ-साथ वन्य जीव भी देख सकेंगे, यह स्पेशल पैकेज दो दिन से लेकर सात दिन तक की है। उनकी बुकिंग लगभग पूरी तरह फुल हो चुकी है। वहीं, अंचल में माधव नेशनल पार्क, कूनो नेशनल पार्क, सफारी पार्क और मुरैना जिले में चंबल नदी पर बने राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण में टूरिस्ट की संख्या सबसे अधिक होती है। क्योंकि यह चारों ही वन्य जीवों और पशु पक्षियों के लिए बेहतर हैबिटेट माने जाते हैं, इसलिए इन स्थानों की डिमांड सबसे ज्यादा आ रही है। इन टूरिस्ट डेस्टिनेशन को पैकेज में किया है शामिल ग्वालियर: यहां कई ऐतिहासिक विरासत है। इसमें किला, वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई समाधि, तानसेन की समाधि, तिघरा मोती महल है। इसके साथ ही दतिया की हेरिटेज स्थलों को भी शामिल किया है। मुरैना श्योपुर: मुरैना में शनिचरा मंदिर, मितावली, पड़ावली, ककनमठ को शामिल किया गया है। वहीं, श्योपुर का मानपुर किला, बंजारा डैम और सहरिया संग्रहालय को देख सकते हैं। शिवपुरी: ग्वालियर के ऐतिहासिक स्थल देखने के बाद दूसरे दिन पर्यटक शिवपुरी जा सकते हैं। यहां रियासत काल में कहीं ऐतिहासिक स्थल और मध्यम नेशनल पार्क है। चंदेरी ओरछा: इसमें चंदेरी की मानुमेट्स,ओरछा का रामलला मंदिर सहित कई ऐतिहासिक पर्यटन स्थल खास है। ग्वालियर के हवाई और रेल मार्ग से देश वर्ष से जुड़े होने का फायदा यहां पर्यटकों को खूब मिलता है और भारी संख्या में पर्यटक नई साल में पहुंचने वाले हैं। आपको बता दें कि ग्वालियर-चंबल संभाग में पिछले दो साल से विदेशी पर्यटकों की संख्या काफी अधिक बढ़ी है। वहीं, देश के पर्यटकों की संख्या में चार गुना ज्यादा हुआ है। ऐसे में नई साल में भारी संख्या में पर्यटकों की आने की उम्मीद है और इसको लेकर मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। संभावना जताई जा रही है कि ग्वालियर चंदेरी और ओरछा में सबसे ज्यादा इस बार नई साल को लानियों की भीड़ मौजूद रहेगी। recent visitors 55

युवाओं में जागरूकता पैदा करने, सुरक्षा को बढ़ावा देने, नए साल के जश्न में कंडोम और ORS बांटेगा ये पब

पुणे  पुणे का एक पब अपने द्वारा आयोजित नए साल की पार्टी में आमंत्रित लोगों को कंडोम और ओआरएस (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) के पैकेट बांटने जा रहा है. पब का दावा है कि इन सामानों के वितरण का उद्देश्य युवाओं में जागरूकता पैदा करना, सुरक्षा को बढ़ावा देना और जिम्मेदारी को प्रोत्साहन करना है. फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर बवाल मच गया है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. साथ ही पुलिस ने पब प्रबंधन से भी पूछताछ शुरू कर दी है. लेकिन आयोजकों ने कहा कि कंडोम बांटना कोई अपराध नहीं है. दूसरी ओर पूरे मामले को लेकर युवा कांग्रेस ने पुणे पुलिस आयुक्त के पास शिकायत दर्ज कराई है. पुणे के मुंधवा में एक रेस्तरां-सह-पब, हाई स्पिरिट्स कैफे है. यह पब अपने नियमित युवा ग्राहकों को नए साल के जश्न के निमंत्रण के रूप में ओआरएस के साथ कंडोम के पैकेट बांट रहा है. पुणे कांग्रेस का कहना है कि ऐसा कृत्य पुणे की शैक्षिक और सांस्कृतिक विरासत के अनुरूप नहीं है. पुणे युवा कांग्रेस का कहना है कि इस तरह की चीजों से युवाओं में गलत संदेश जाने का खतरा है. जिससे गलतफहमियां पैदा हो सकती हैं और समाज में अनुचित आदतों को बढ़ावा मिल सकता है.   recent visitors 52