Tuesday, July 7, 2026 12:15 am

प्रदेश में रजिस्ट्री की पूरी व्यवस्था अब वर्चुअल रहेगी, स्लाट बुकिंग से लेकर सब कुछ ऑनलाइन रहेगा

 भोपाल मध्य प्रदेश में जल्द ही प्रापर्टी की रजिस्ट्री कराना बहुत आसान हो जाएगा। दरअसल, भोपाल के अरेरा हिल्स स्थित पंजीयन भवन में साइबर पंजीयन कार्यालय बनाया जा रहा है। इसमें साइबर सब रजिस्ट्रार बैठेंगे और प्रदेश के किसी भी जिले में खरीदी गई जमीन, मकान, प्लाट सहित अन्य प्रापर्टी की रजिस्ट्री करवा सकेंगे। जानकारी के अनुसार यह पूरी व्यवस्था वर्चुअल रहेगी, जिसमें स्लाट बुकिंग से लेकर सब कुछ ऑनलाइन रहेगा। अब चाहे खरीदार मध्य प्रदेश का हो या फिर अन्य प्रदेश व विदेश का ही क्यों न हो, इस सुविधा का लाभ तय पंजीयन शुल्क जमा कर ले सकेगा। ट्रायल के तौर पर दो खरीदारों की रजिस्ट्री हुई बताया जा रहा है कि यह व्यवस्था संभवत: नए वर्ष में शुरू हो जाएगी। संपदा-टू सॉफ्टवेयर की शुरुआत के बाद यह सुविधा शुरू की जा रही है। ट्रायल के तौर पर विदेश के दो खरीदारों की प्रापर्टी की ऑनलाइन रजिस्ट्री हुई है। सात से 10 साइबर सब रजिस्ट्रार अरेरा हिल्स स्थित पंजीयन भवन में साइबर पंजीयन कार्यालय बनाया जा रहा है। यहां अत्याधुनिक मशीनों के साथ कंप्यूटर और कैमरे लगाए जा रहे हैं। यहां करीब सात से 10 साइबर सब रजिस्ट्रारों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है। यहां रजिस्ट्री की पूरी प्रक्रिया वर्चुअल होगी। इसके लिए इन सभी सब रजिस्ट्रारों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। वर्चुअल श्रेणी में बुक होंगे स्लाट साइबर पंजीयन कार्यालय से रजिस्ट्री कराने के लिए खरीदार को वर्चुअल श्रेणी में स्लाट बुक कराने होंगे। जिससे ऑनलाइन माध्यम से वीडियो कांफ्रेंस की मदद से रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी होगी। इसमें खरीदार को एक से दूसरे जिले में जाने की आवश्यकता नहीं रहेगी। विदेश से कराई गई हैं दो रजिस्ट्री पंजीयन विभाग के सूत्रों ने बताया कि साइबर पंजीयन कार्यालय शुरू करने से पहले दो रजिस्ट्री विदेश में बैठे खरीदारों ने कराई हैं। इनमें एक हांगकांग से भोपाल में और दूसरी हालैंड की खरीदार ने इंदौर में जमीन का सौदा किया है। उनको रजिस्ट्री कराने के लिए यहां आने की जरूरत नहीं पड़ी। recent visitors 35

साल 2025 में देश का सबसे बड़ा आईपीओ बाजार में दस्तक दे सकता है। जानिए पूरी डिटेल…

नई दिल्ली वर्ष 2024 आईपीओ का वर्ष था। इस दौरान हुंडई मोटर्स इंडिया, बजाज हाउसिंग फाइनेंस, स्विगी, एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी और ओला इलेक्ट्रिक जैसी बड़ी कंपनियों ने बाजार से पैसा जुटाया। इस सप्ताह 8 आईपीओ खुलने के साथ ही भारतीय कंपनियों ने इस साल आईपीओ, योग्य संस्थागत प्लेसमेंट (QIP) और राइट्स इश्यू से 3 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं। यह 2021 में 1.88 लाख करोड़ रुपये के पिछले रेकॉर्ड से 64% अधिक है। बैंकरों का कहना है कि यह ट्रेंड 2025 में भी जारी रहने की संभावना है। अगले साल देश का सबसे बड़ा आईपीओ बाजार में दस्तक दे सकता है। जानिए पूरी डिटेल… आईआईएफएल कैपिटल में कॉरपोरेट फाइनेंस के प्रमुख पिनाक भट्टाचार्य ने कहा, '2024 में भारतीय कंपनियों द्वारा जुटाई गई महत्वपूर्ण राशि का श्रेय अनुकूल व्यापक आर्थिक माहौल, मजबूत इक्विटी बाजार और स्थिर नीतियों और विकास से प्रेरित निवेशकों के बढ़ते विश्वास को दिया जा सकता है। www.primedatabase.com के आंकड़ों के अनुसार इस साल अब तक 90 कंपनियों ने 1.62 लाख करोड़ रुपये जुटाए हैं या इसकी घोषणा की है। यह पिछले साल के 49,436 करोड़ रुपये से 2.2 गुना अधिक है। जारी रहेगा आईपीओ बूम? भारत का आईपीओ बूम 2025 तक जारी रहने की संभावना है। अगले साल एलजी इंडिया और फ्लिपकार्ट जैसी दिग्गज कंपनियां बाजार में उतरने की तैयारी कर रही हैं। ब्लूमबर्ग के मुताबिक एलजी अपनी भारतीय यूनिट की वैल्यूएशन बढ़ाकर $15 अरब करने पर विचार कर रही है। भारत की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स फर्म फ्लिपकार्ट भी अगले साल आईपीओ लाने की तैयारी में है। कंपनी की वैल्यूएशन 36 अरब डॉलर है। यह देश के सबसे बड़े इश्यू में से एक हो सकता है। वॉलमार्ट के स्वामित्व वाली फर्म ने सिंगापुर से भारत में अपना एड्रेस स्थानांतरित करने के लिए आंतरिक अनुमोदन प्राप्त कर लिया है। इसे IPO की ओर पहला कदम माना जाता है। साथ ही कई दिग्गज कंपनियां भी अपनी सब्सिडियरी कंपनियों की लिस्टिंग की योजना बना रही हैं। इसमें HDFC बैंक, हीरो मोटोकॉर्प, रिलायंस इंडस्ट्रीज, मणप्पुरम फाइनेंस, मुथूट फाइनेंस, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज, केनरा बैंक और ग्रीव्स कॉटन शामिल हैं। दो सप्ताह पहले, ग्रीव्स कॉटन के बोर्ड ने अपनी सहायक कंपनी ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए IPO को मंजूरी दी। इससे पहले, HDFC बैंक की NBFC आर्म HDB फाइनेंशियल सर्विसेज ने 12,500 करोड़ रुपये के IPO के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया था। यह भारत की सबसे बड़ी NBFC पेशकश है। सबसे बड़ा आईपीओ 31 अक्टूबर को, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी ब्रिगेड होटल वेंचर्स ने 900 करोड़ रुपये के इश्यू के लिए DRHP दाखिल किया। अगस्त में, हीरो मोटोकॉर्प की वित्तीय सेवा शाखा, हीरो फिनकॉर्प ने 2,100 करोड़ रुपये के शेयरों के नए निर्गम और 1,568 करोड़ रुपये के OFS वाले IPO के लिए अपना DRHP दाखिल किया। केनरा बैंक के बोर्ड ने पब्लिक ऑफर के जरिए अपनी म्यूचुअल फंड शाखा, केनरा रोबेको में 13% हिस्सेदारी की बिक्री को मंजूरी दी है। बैंकिंग स्रोतों के अनुसार रिलायंस इंडस्ट्रीज और टाटा मोटर्स भी अपनी सहायक कंपनियों, रिलायंस जियो और टाटा पैसेंजर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए आईपीओ की योजना बना रहे हैं। साल 2024 में हुंडई मोटर इंडिया का 27,870 करोड़ रुपये का आईपीओ भारत के प्राथमिक बाजार में अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बन था। वर्ष 2025 में ऐसा आईपीओ आ सकता है जो हुंडई मोटर इंडिया के रेकॉर्ड को पीछे छोड़ सकता है। रॉयटर्स के मुताबिक भारत और एशिया के सबसे बड़े रईस मुकेश अंबानी इस साल अपने टेलीकॉम बिजनस जियो की लिस्टिंग कर सकते हैं। इसकी वैल्यू $100 अरब से अधिक है। रिलायंस की रिटेल कंपनी का आईपीओ भी बाद में लॉन्च किया जा सकता है। अंबानी ने 2019 में घोषणा की थी कि रिलायंस जियो और रिलायंस रिटेल को 5 साल में भीतर लिस्ट किया जाएगा लेकिन उसके बाद उन्होंने इस पर कोई अपडेट नहीं दिया है। कितनी है वैल्यूएशन हाल के वर्षों में अंबानी ने केकेआर, जनरल अटलांटिक और अबू धाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी जैसी कंपनियों से डिजिटल, टेलीकॉम और रिटेल व्यवसायों के लिए करीब $25 अरब जुटाए हैं। इससे जियो और रिलायंस रिटेल की वैल्यूएशन $100 अरब से अधिक हो गया है। रॉयटर्स के मुताबिक रिलायंस ने अब 2025 में रिलायंस जियो का आईपीओ लॉन्च करने की योजना बनाई है। उसे लगता है कि यह अब एक स्थिर व्यवसाय बन गया है और इसने रेवेन्यू फ्लो हासिल कर लिया है। हालांकि सूत्रों ने संकेत दिया कि समयसीमा बदल सकती है। रिलायंस का लक्ष्य 2025 का जियो आईपीओ भारत का अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ बनाना है। recent visitors 60

दुनियाभर की ऑयल कंपनियों की नजर इस समय भारत पर, बढ़ती ऑयल की मांग

नई दिल्ली  दुनियाभर की कई ऑयल कंपनियों की नजर इस समय भारत पर है। कारण है भारत में बढ़ती ऑयल की मांग। इस मामले में साल 2024 में भारत ने चीन को पीछे छोड़ दिया है। यही नहीं, अगले साल 2025 में भी चीन तेल की मांग के मामले में भारत के आसपास भी नहीं रहेगा। यह बात एसएंडपी ग्लोबल कमोडिटी इनसाइट्स ने कही है। एसएंडपी ग्लोबल कमोडिटी इनसाइट्स के अनुसार ईंधन खपत मामले में भारत दुनिया में तेजी से बढ़ रहा है। यही कारण भारत में रिफाइनरी में विस्तार हो रहा है। साथ ही क्रूड ऑयल की सोर्सिंग को भी बढ़ा रही है। भारत चूंकि तेल खपत में चीन को पीछे छोड़ चुका है। इसके चलते दुनिया की कई कंपनियां भारत में अपनी संभावनाएं तलाश रही हैं। भारत होगा दुनिया में आगे एसएंडपी ग्लोबल कमोडिटी इनसाइट्स में मैक्रो और ऑयल डिमांड रिसर्च के ग्लोबल हेड कांग वू ने कहा कि भारत में आगे वाले समय में ऑयल की मांग तेजी से बढ़ेगी। ऑयल मांग के मामले में भारत दक्षिण पूर्व एशिया और दक्षिण एशिया के कई देशों को पीछे छोड़ सकता है। भारत चीन से कितना आगे?  वू ने कहा कि साल 2025 में भारत में तेल की मांग में 3.2 फीसदी की तेजी रहने का अनुमान है। वहीं चीन में यह तेजी 1.7 फीसदी रह सकती है। एसएंडपी ग्लोबल कमोडिटी इनसाइट्स के आंकड़ों से पता चलता है कि वर्ष 2024 के पहले 10 महीनों में चीन की तेल मांग में 1,48,000 बैरल प्रतिदिन या 0.9 फीसदी की तेजी आई है। वहीं भारत में यह मांग 1,80,000 बैरल प्रतिदिन रही। ऐसे में भारत में ऑयल की मांग में 3.2 फीसदी की तेजी आई तो चीन के मुकाबले काफी ज्यादा है। इस वजह से माना जा रहा है कि भारत में साल 2025 में रिफाइनिंग क्षमता में काफी वृद्धि होगी। भारत कहां से करता है आयात? भारत मिडिल ईस्ट, अफ्रीका, यूरोप, नॉर्थ अमेरिका, साउथ अमेरिका और साउथ-ईस्ट एशिया के देशों सहित कई देशों से तेल और गैस आयात करता है। भारत अपनी कच्चे तेल की 80 फीसदी से अधिक जरूरत के लिए आयात पर निर्भर करता है। घरेलू कच्चे तेल का प्रोडक्शन बढ़ाने और आयात में कमी लाने के लिए सरकार की ओर से कई कदम उठाए गए हैं। रूस के साथ कम हुई निर्भरता भारत अपने तेल की जरूरत रूस से भी पूरी करता है। हालांकि रूस से आने वाले तेल की हिस्सेदारी काफी कम है। डेटा के मुताबिक नवंबर में भारत ने रूस से अक्टूबर के मुताबिक 13 फीसदी कम तेल खरीदा। वहीं भारत ने मिडिल ईस्ट के साथ तेल खरीदने की क्षमता बढ़ा दी है। चीन में क्यों आई कमी? चीन में तेल की मांग में पिछले कुछ वर्षों में कमी आई है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि चीन में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री काफी तेजी से बढ़ रही है। हालांकि चीन में पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट की मांग में कमी बेहद कम रहेगी। ऐसे में चीन में तेल की मांग आंशिक रूप से कम रहेगी। recent visitors 59

दिल्ली से सीधे श्रीनगर पहुंचेगी ट्रेन, PM नरेंद्र मोदी करेंगे पहला सफर

 श्रीनगर कश्मीर घाटी को हर मौसम में शेष भारत से जोड़े रखने के लिए सरकार ने लंबे समय से कनेक्टिविटी पर काम किया है. नए साल पर भारतीय रेलवे के लिए भी यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी क्योंकि जनवरी में दिल्ली से श्रीनगर(Shri nagar) को सीधे जोड़ने वाली एक रेल लाइन शुरू होने वाली है. उत्तर रेलवे के मुख्य प्रवक्ता हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि फिलहाल ट्रायल चल रहा है कि PM नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi)खुद दिल्ली से श्रीनगर जाने वाली पहली वंदे भारत(Vande Bhaat) एक्सप्रेस का उद्घाटन करेंगे. उत्तर रेलवे के मुख्य प्रवक्ता हिमांशु शेखर उपाध्याय ने बताया कि PM नरेंद्र मोदी उद्घाटन वाले दिन ट्रेन में यात्रा करेंगे. उत्तरी सर्किल के सेफ्टी कमिश्नर की ओर से 15 जनवरी से पहले अंतिम परीक्षण किया जाएगा, उन्होंने कहा, ‘कटरा रियासी के बीच 17 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर काम चल रहा है. रोड़ी से लदी मालगाड़ी, इंजन को टेस्टिंग के तहत इस रूट पर दौड़ाया जा रहा है. अंजी नदी पर भी इसे चलाकर देखा जा रहा है.’ इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद दिल्ली से श्रीनगर जाने वाली वंदे भारत की यात्रा कर सकते हैं. उपाध्याय ने कहा कि कटरा से रियासी के बीच 17 किलोमीटर लंबे सेक्शन पर काम पूरा हो चुका है, जो एक तेजी से चलने वाली प्रक्रिया थी, जिसे पूरा किया गया है.इसके अलावा, यहां सबसे मुश्किल काम था टी-33 टनल का निर्माण, जो अब पूरा हो चुका है. रेलवे के प्रवक्ता ने कहा कि अगर सेफ्टी ऑडिट में कोई कमी पाई जाती है तो उसे भी दूर करने की कोशिश की जाएगी. उन्होंने कहा कि भारत की आजादी के बाद ऐसा पहला मौका होगा कि कश्मीर हर मौसम में शेष भारत से किसी योजना के माध्यम से जुड़ा रहेगा, 17 किलोमीटर के रियासी कटरा खंड के चलते. भारतीय रेलवे ने कहा कि कश्मीर के लोगों के लिए भी यह गेमचेंजर होगा, उन्होंने कहा कि दिल्ली से सीधे कश्मीर तक ट्रेन का पहुंचना बड़ा कदम है, यह किसी सपने को सच करने जैसा होगा. उन्होंने कहा कि यह इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से बड़ा कदम है, इससे सप्लाई चेन मजबूत होगी और लोगों को महंगाई से राहत मिलेगी. रेलवे अधिकारी ने कहा कि पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है क्योंकि रेलवे का किराया एयर टिकट से काफी कम है. काजीगुंड बारामूला सेक्शन 2009 में शुरू हुआ था और जून 2013 में बनिहाल काजीगुंड सेक्शन शुरू हुआ था और जुलाई 2014 में उधमपुर से कटरा के बीच 25 किलोमीटर का सफर शुरू हुआ था. इसी साल फरवरी में बनिहाल से सांगलदन रेलवे स्टेशनों के बीच इलेक्ट्रिक ट्रेन का ट्रायल भी हुआ था. 2005-06 में शुरू हुई इस रेल लाइन पर उधमपुर, श्रीनगर और बारामूला के बीच 38 सुरंगें बनाई गईं, जिनमें से टी-49 12.75 किलोमीटर लंबी है, जो देश के रेलवे नेटवर्क की सबसे लंबी सुरंग है, और कुल 927 पुल बनाए गए हैं. recent visitors 64

उत्तर प्रदेश में अटल आवासीय में मुफ्त पढ़ाई करेंगे कामगारों के बच्चे

वाराणसी  उत्तर प्रदेश के श्रम विभाग में पंजीकृत मजदूरों के बच्चों को सीबीएससी बोर्ड की पढ़ाई कराने के लिए अटल आवासीय विद्यालय में मुफ्त प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए शैक्षिक सत्र 2025-26 में कक्षा 6 और कक्षा 9 में प्रवेश के लिए पंजीकृत निर्माण मजदूरों से आवेदन मांगे गए हैं। पात्र और इच्छुक पंजीकृत निर्माण श्रमिक अपने बच्चों के प्रवेश के लिए 25 जनवरी तक आफलाइन आवेदन कर सकते हैं। श्रम प्रवर्तन अधिकारी कुंवर रणंजय पांडेय ने बताया कि उत्तर प्रदेश भवन और अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बालक और बालिकाओं के प्रवेश अटल आवासीय विद्यालय समिति की ओर से संचालित अटल आवासीय विद्यालय में कराया जाएगा। यहां पर कक्षा 6 और 9 में 140-140 सीटों पर प्रवेश लिया जाएगा। इसमें 70-70 बालक और 70-70 बालिकाएं होगी। यह सीट गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी और चंदौली जिले के लिए है। प्रवेश के लिए आवेदन पत्र 20 जनवरी तक शहर के शास्त्रीनगर स्थित श्रमायुक्त कार्यालय से मुफ्त प्राप्त किए जा सकते हैं। इसके बाद पूर्ण रूप से भरे हुए आवेदन पत्र सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ 25 जनवरी तक यहीं पर जमा किए जा सकता है।श्रमिक जिनका पंजीयन 30 नवंबर तक कम से कम तीन वर्ष पूरा कर चुका हो। इन श्रमिकों के अधिकतम दो बच्चों को प्रवेश मिलेगा। कक्षा छह में प्रवेश के लिए जन्मतिथि एक मई 2013 से पहले और 31 जुलाई 2015 के बाद नहीं होना चाहिए। कक्षा नौ में प्रवेश पाने के इच्छुक उम्मीदवार की जन्मतिथि एक मई 2010 से पहले और 31 जुलाई 2012 के बाद नहीं होना चाहिए। आवेदन के लिए कहां मिलेगा फॉर्म वे छात्र जो इन स्कूलों में आवेदन करना चाहते हैं, वे अटल आवासीय स्कूलों में नए सेशन में दाखिला लेने के लिए हाथरस, अलीगढ़, एटा व कासगंज के योग्यता पूरी करने वाले स्टूडेंट्स जिला प्रोबेशन अधिकारी, बीईओ, बीएसए, बीडीओ और श्रम विभाग ऑफिस से आवेदन फॉर्म प्राप्त कर भरकर जमा करें। आवेदन के लिए जरूरी योग्यता अटल आवासीय विद्यालयों में एडमिशन लेने के लिए बच्चों का मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, कोरोना काल में बेसहारा बच्चे, पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के बच्चे इसके लिए पात्र होंगे। साथ ही अगर छात्र कक्षा-6 में दाखिला ले रहा है, तो उसका जन्म 01 मई, 2013 से 31 जुलाई, 2015 के बीच होना चाहिए। कक्षा-9 में एडमिशन लेने वाले बच्चे का जन्म 01 मई, 2010 से 31 जुलाई, 2012 में होना चाहिए। एक परिवार से अधिकतम 02 बच्चे ही इन स्कूलों में एडमिशन पा सकते हैं। वहीं श्रमिकों का रजिस्ट्रेशन 30 नवंबर, 2024 तक कम से कम 03 साल की सदस्यता पूरी कर चुके हो। कब आयोजित कराई जाएगी परीक्षा साल 2025-26 सेशन कक्षा-6 और कक्षा-9 में दाखिले के लिए 25 दिसंबर से ऑफलाइन प्रवेश प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वहीं इसकी अंतिम तिथि 31 जनवरी, 2025 है। बता दें, इसके तहत कोविड के दौरान बेसहारा बच्चों को जिला प्रोबेशन अधिकारी ऑफिस में आवेदन कर सकेंगे। आवेदन पूरे होने के बाद 02 मार्च को श्रम विभाग द्वारा प्रवेश परीक्षा कराई जाएगी। वहीं वर्तमान में गभाना के टमकौली के स्कूल में कक्षा-6, 7 और 9 का पढ़ाई सत्र चल रहा है, जिसमें लगभग 360 स्टूडेंट्स शामिल हैं। इसमें से 140 छात्र 2025-26 में होने वाले बोर्ड एग्जाम में बैंठेगे। एडमिशन ले चुके छात्रों को मिलेंगी ये सुविधाएं अटल आवासीय स्कूलों में दाखिला लेने वाले बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ रहना-खाना बिल्कुल फ्री होगा। साथ ही सीबीएसई पाठ्यक्रमों का पालन करते हुए उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा दी जाएगी। मॉर्डन क्लासरूम के साथ कंप्यूटर साइंस लैब आदि सुविधाएं दी जाएगी। recent visitors 60