Tuesday, July 7, 2026 2:21 am

सांसद निधि योजना की राशि मौजूदा 5 करोड़ से बढ़ाकर 10 करोड़ करने के अनुरोध पर चर्चा करेगी संसदीय समिति

नई दिल्ली सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडीएस) पर नवगठित संसदीय समिति की पहली बैठक सात जनवरी 2025 को होगी जिसमें इस मद की निधि को मौजूदा 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने के अनुरोध पर चर्चा की जाएगी। राज्य सभा के उपसभापति हरिवंश इस समिति के अध्यक्ष हैं। एमपीएलएडीएस पर समिति के निर्धारित एजेंडे के अनुसार, ‘संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडीएस) पर नवगठित समिति की पहली बैठक 7 जनवरी 2025 को संसद भवन एनेक्सी में आयोजित की जाएगी जिसमें विभिन्न मुद्दों पर विचार किया जाएगा और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के प्रतिनिधियों के विचार सुने जायेंगे।’ आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सदस्य संजीव अरोड़ा ने 29 अक्टूबर 2023 को इस मद की राशि को मौजूदा 5 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये करने का आग्रह किया था। उन्होंने यह भी सुझाव दिया था कि दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित गरीब मरीजों के लिए एमपीएलएडी फंड के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाए। उनके इस सुझाव पर भी समिति द्वारा विचार विमर्श किया जाएगा। संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास प्रभाग को संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना (एमपीएलएडीएस) के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस योजना के अंतर्गत, प्रत्येक सांसद को अपने निर्वाचन क्षेत्र में प्रति वर्ष 5 करोड़ रुपये तक के कार्यों के लिए जिला कलेक्टर को सुझाव देने का प्रावधान है। योजना के तहत राज्य सभा सदस्य उस राज्य के एक या एक से अधिक जिलों में कार्यों की सिफारिश कर सकते हैं जहां से वे निर्वाचित हुए हैं। कोविड महामारी के मद्देनजर एमपीलैड्स को 6 अप्रैल, 2020 से 9 नवंबर, 2021 तक निलंबित कर दिया गया था और वित्त वर्ष 2020-21 के लिए इस योजना के लिए कोई धनराशि आवंटित नहीं की गई थी। वित्त वर्ष 2021-22 की शेष अवधि, यानी 10 नवंबर, 2021 से 31 मार्च, 2022 तक, प्रत्येक संसद सदस्य के लिए योजना के तहत 2 करोड़ रुपये आवंटित किए गए। 1993-94 में जब यह योजना शुरू की गई थी, तब प्रत्येक संसद सदस्य को 5 लाख रुपए की राशि आवंटित की गई थी जिसे 1994-95 में बढ़ाकर एक करोड़ रुपए प्रति वर्ष कर दिया गया। इसके बाद, इसे 1998-99 में बढ़ाकर 2 करोड़ रुपए और वित्तीय वर्ष 2011-12 से 5 करोड़ रुपए किया गया।   recent visitors 39

नक्सल प्रभावित बस्तर में एक नई हवा चलना शुरू, गोलियों की आवाज के बीच बदलाव की शांति

बस्तर  छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर में एक नई हवा चलना शुरू हुई है। यहां के अबूझमाड़ के दूर-दराज इलाके में जहाँ कभी गोलियों की तड़तड़ाहट गूंजती थी, अब सीमेंट मिक्सर की आवाज़ सुनाई दे रही है। रेकावया गांव में आज़ादी के बाद पहला स्कूल बन रहा है। यह बदलाव सुरक्षा बलों के आक्रामक अभियान का नतीजा है, जिसमें इस साल 222 माओवादियों को मार गिराया गया है। यहां विकास परियोजनाएं भी तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं। जिससे बस्तर में बिजली, सड़क और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंच रही हैं। सरकार आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के लिए पुनर्वास नीति में भी बदलाव कर रही है। हालांकि, इस सैन्य अभियान के कारण आम नागरिक भी हिंसा के शिकार हो रहे हैं। माओवादी भी आम लोगों पर हमले कर रहे हैं। शांति वार्ता की संभावना अभी धुंधली है। बस्तर के इस नए अध्याय का नेतृत्व एक आदिवासी मुख्यमंत्री कर रहे हैं, जिससे उम्मीद है कि वे इस क्षेत्र की समस्याओं को बेहतर समझेंगे। गोलियों की आवाज के बीच बदलाव की शांति यह गांव रायपुर से लगभग 300 किलोमीटर दूर अबूझमाड़ के घने जंगलों में स्थित है। गोलियों की आवाज के बीच बदलाव आसान नहीं था। इस साल की शुरुआत में रेकावया में आठ माओवादियों को मार गिराया गया था। इसके बाद ही यहां सुरक्षा शिविर स्थापित किए जा सके और स्कूल के निर्माण के लिए इंद्रावती नदी के रास्ते ईंट और सीमेंट पहुंचाना संभव हो पाया। यह वही स्कूल है, जिसे कभी माओवादी चलाते थे। बस्तर में खुले विकास के रास्ते बस्तर में माओवादियों के खिलाफ यह अभियान केवल रेकावया तक सीमित नहीं है। पूरे बस्तर में सुरक्षा बलों ने 222 माओवादियों को मार गिराया है। यह संख्या पिछले पांच सालों के मुकाबले कहीं ज्यादा है। विष्णु देव साई के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार के इस आक्रामक अभियान ने माओवादियों को उनके गढ़ अबूझमाड़ से भी खदेड़ दिया है। इससे बस्तर में विकास के रास्ते खुल गए हैं। बिजली, सड़क और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएँ अब उन इलाकों तक पहुँच रही हैं, जो कभी माओवादियों के कब्जे में थे। दो दशक पहले बंद हुए 50 स्कूल फिर खुले माओवादी हिंसा के कारण दो दशक पहले बंद हुए लगभग 50 स्कूलों को फिर से खोला गया है। इनमें से कुछ स्कूलों का पुनर्निर्माण उन्हीं माओवादियों ने किया है, जिन्होंने कभी इन्हें तोड़ा था। ये माओवादी अब हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में शामिल हो गए हैं। इसके साथ ही नई ज़िंदगी शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं। 222 माओवादियों का सफाया इस साल सुरक्षा बलों की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 2023 में जहां 20 माओवादी मारे गए थे, वहीं इस साल अब तक 222 माओवादियों को मार गिराया गया है। नारायणपुर में एक ही अभियान में 31 माओवादी मारे गए थे। खूंखार नक्सली का गांव पर पुनरुत्थान का प्रतीक छत्तीसगढ़ सरकार सुरक्षा बलों की सफलता के बाद विकास परियोजनाओं को तेज़ी से आगे बढ़ा रही है। खूंखार माओवादी कमांडर हिड़मा के पैतृक गांव पुवर्ती, बस्तर के पुनरुत्थान का प्रतीक बन गया है। इस साल नवंबर में पुवर्ती के आस-पास के कई गांवों में आज़ादी के बाद पहली बार बिजली पहुंची है। यहां सड़क का निर्माण भी चल रहा है। इस साल की शुरुआत में स्थापित एक सुरक्षा शिविर ने इस बदलाव में अहम भूमिका निभाई है। इस शिविर की बदौलत इस गणतंत्र दिवस पर दशकों बाद पुवर्ती में तिरंगा फहराया गया। माओवादियों का भी दिल जीत रही सरकार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मार्च 2026 तक माओवादियों का सफाया करने का वादा किया है। सरकार न केवल बस्तर के लोगों का बल्कि माओवादी कार्यकर्ताओं का भी दिल जीतने में कामयाब होती दिख रही है। इस साल सात साल में सबसे ज़्यादा 802 माओवादी कार्यकर्ताओं ने आत्मसमर्पण किया है। इन पर कुल 8.2 करोड़ रुपये से ज़्यादा का इनाम था। इससे पहले 2016 में 1,210 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया था। सरकार ने हाल ही में अपनी पुनर्वास नीति में बदलाव किया है। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों और नक्सली हिंसा के पीड़ितों के लिए 15,000 घरों को मंजूरी दी गई है। साथ ही, कौशल विकास के लिए 10,000 रुपये प्रति माह का वजीफा भी दिया जाएगा। बस्तर रेंज आईजी का कहना बस्तर रेंज के आईजी पी. सुंदरराज ने हमारे सहयोगी टीओआई को बताया कि 2024 बस्तर रेंज के जवानों के लिए सभी मोर्चों पर महत्वपूर्ण रहा। हमने उन इलाकों में भी सेंध लगाई, जिन्हें माओवादियों का अभेद्य गढ़ माना जाता था। अबूझमाड़ और दक्षिण बस्तर में अभूतपूर्व सफलताओं ने न केवल सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाया है, बल्कि स्थानीय लोगों को भी उम्मीद दी है कि नक्सली खतरा जल्द ही खत्म हो जाएगा। यह न केवल मारे गए नक्सलियों की संख्या है, बल्कि राज्य समिति स्तर के कैडर जैसे उच्च पदस्थ कैडर का नक्सली पारिस्थितिकी तंत्र से हटना है, जिसने हमें इस सीज़न में बढ़त दिलाई है। उन्होंने आगे कहा कि दक्षिण बस्तर, पश्चिम बस्तर और माड़ क्षेत्र के वंचित इलाकों में हमारी परिचालन और विकास पहुंच बढ़ाने से स्थिति बदल गई है। गांवों में पीडीएस दुकानें, आंगनवाड़ी केंद्र और घरेलू विद्युतीकरण जैसी बुनियादी सुविधाएं प्रदान करने से विकास की कमी दूर हुई है और स्थानीय आबादी और सरकार के बीच विश्वास बढ़ा है। हमें आगामी सीज़न में बेहतर परिणामों की उमीद है। recent visitors 56

रोहित, विराट और बुमराह लेंगे छुट्टी, चैंपियंस ट्रॉफी से पहले नहीं खेलेंगे ये बड़ी सीरीज

मुंबई टीम इंडिया इस वक्त ऑस्ट्रेलिया दौरे पर है, जहां वो बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में व्यस्त है. मेलबर्न टेस्ट में मिली हार के साथ ही टीम इंडिया इस सीरीज में पिछड़ गई है. इस सीरीज में अभी तक टीम के दो सबसे बड़े नाम, कप्तान रोहित शर्मा और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है और दोनों पर सवाल उठ रहे हैं. दोनों को ही टीम से ड्रॉप किए जाने की मांग हो रही है. ऐसी खराब फॉर्म के बीच अब एक बड़ी खबर आ रही है कि दोनों स्टार खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया से लौटने के बाद छुट्टी पर चले जाएंगे और इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज में नहीं खेलेंगे. इन दोनों के अलावा स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह भी इस सीरीज से ब्रेक लेंगे. वर्कलोड मैनेजमेंट के लिए लेंगे ब्रेक मेलबर्न टेस्ट में टीम इंडिया की करारी हार के एक दिन बाद 31 दिसंबर को एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इंग्लैंड के खिलाफ फरवरी में होने वाली वनडे सीरीज में कप्तान रोहित, विराट और बुमराह नहीं खेलेंगे. इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वर्कलोड मैनेजमेंट को देखते हुए तीनों खिलाड़ी इस सीरीज से ब्रेक लेंगे. इस तरह ये तीनों ही खिलाड़ी 3 जनवरी से सिडनी में शुरू हो रहे टेस्ट मैच के बाद अगले एक महीने तक छुट्टी पर रहेंगे और सीधे 19 फरवरी से शुरू हो रही चैंपियंस ट्रॉफी से वापसी करेंगे. इंग्लैंड की टीम जनवरी में भारत दौरे पर आ रही है और इस दौरान दोनों टीमों के बीच पहले 5 टी20 मैच की सीरीज होगी, जिसकी शुरुआत 22 जनवरी से होगी. इसके बाद 6 फरवरी से 3 वनडे मैच की सीरीज शुरू होगी. विराट और रोहित पहले ही टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके हैं. ऐसे में वो वैसे भी इस सीरीज का हिस्सा नहीं होते. हालांकि, रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि रोहित और विराट के खेलने को लेकर सेलेक्शन कमेटी अंतिम फैसला लेगी लेकिन अभी की स्थिति में दोनों इस सीरीज का हिस्सा नहीं होंगे. चैंपियंस ट्रॉफी से पहले आखिरी सीरीज जहां तक जसप्रीत बुमराह की बात है तो वो तीनों फॉर्मेट में सक्रिय हैं लेकिन पिछले 3 महीने से लगातार टेस्ट क्रिकेट खेल रहे हैं. ऐसे में चैंपियंस ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट के लिए उनको पूरी तरह से फ्रेश और फिट रखने के लिए इस पूरे दौरे से आराम दिया जाना तय है. भारत और इंग्लैंड के बीच 3 वनडे मैच खेले जाने हैं, जो कि चैंपियंस ट्रॉफी से पहले टीम इंडिया की आखिरी सीरीज होगी. बुमराह जिस तरह की फॉर्म में हैं, उसे देखते हुए उनको आराम देना कोई हैरानी की बात नहीं है लेकिन रोहित और विराट के हालिया प्रदर्शन के बाद उनके चैंपियंस ट्रॉफी से पहले रेस्ट लेने पर सवाल उठने तय हैं.   recent visitors 34

देशभर के गांव-गांव और कॉलोनियों में हनुमान चालीसा बागेश्वर धाम भक्त मंडल बनाया जाएगा : पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

छतरपुर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने पूरे भारत में बागेश्वर धाम भक्त मंडल बनाने का ऐलान कर दिया है. उन्होंने कहा है कि गांव-गांव और कॉलोनियों में बागेश्वर धाम भक्त मंडल बनाया जाएगा. उन्होंने तारीख का ऐलान भी कर दिया. इसका रजिस्ट्रेशन फरवरी 2025 से शुरू होगा. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सोशल मीडिया के माध्यम से ऐलान किया है कि उनके पास कुछ श्रद्धालुओं ने बागेश्वर धाम भक्त मंडल बनाने का प्रस्ताव रखा था, जो उन्होंन स्वीकार कर लिया है. उन्होंने कहा कि पूरे भारत में गांव-गांव और कॉलोनियों में हनुमान चालीसा बागेश्वर धाम भक्त मंडल बनाया जाएगा. यह भक्त मंडल हिंदुओं की रक्षा का काम करेगा. उन्होंने यह भी कहा कि फरवरी 2025 में इसका गठन किया जाएगा और 20 से 26 फरवरी तक बागेश्वर धाम भक्त मंडल बनाने के लिए सदस्यों का रजिस्ट्रेशन किया जाएगा. इस भक्त मंडल में सभी समाज के लोग शामिल हो सकते हैं. सोशल मीडिया के माध्यम से भेजा संदेश पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स है. इसी के चलते उन्होंने साल 2024 में इस बात का ऐलान कर दिया है कि साल 2025 में गांव-गांव व हर इलाके में बागेश्वरधाम भक्त मंडल बनाया जाएगा. यह भक्त मंडल धार्मिक आयोजनों में किस प्रकार से भाग लेगा? इसका खुलासा तो नहीं हुआ है लेकिन इतना जरूर कहा गया है कि हिंदुओं की रक्षा के लिए यह भक्त मंडल काम करेगा. हिंदुओं को एक करने के लिए यात्रा निकल चुके हैं धीरेंद्र शास्त्री धीरेंद्र शास्त्री कुछ समय पहले हिंदुओं को एक करने के लिए यात्रा भी निकल चुके हैं. इस यात्रा में बीजेपी सहित अन्य राजनीतिक दलों के दिग्गज नेताओं ने भाग लिया था. यात्रा में अभिनेता, कलाकार और समाजसेवी संगठनों ने भी अपनी सहभागिता दिखाई थी. अब हनुमान चालीसा बागेश्वर धाम भक्त मंडल के माध्यम से पंडित धीरेंद्र शास्त्री पूरे भारत में अपनी संस्था का गठन करना चाहते हैं. recent visitors 45

प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में आलोक शर्मा के नाम की सिफारिश शिवराज सिंह चौहान ने की ….

भोपाल  मध्य प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी इकाई को अगले साल 15 जनवरी तक नए अध्यक्ष के मिलने की संभावना है. रविवार को दिल्ली में हुई एक संगठनात्मक बैठक में यह निर्णय लिया गया, जिसकी अध्यक्षता भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और पार्टी के राष्ट्रीय संगठनात्मक महासचिव बीएल संतोष ने की. बैठक में शामिल होने वालों में प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा, प्रदेश पार्टी के संगठन महासचिव हितानंद शर्मा और मध्य प्रदेश भाजपा के संगठनात्मक चुनाव प्रमुख विवेक शेजवलकर शामिल थे. एक बार फिर प्रदेश अध्यक्ष बन सकते हैं वीडी शर्मा? वीडी शर्मा ने फरवरी 2020 में राज्य इकाई की कमान संभाली और फरवरी 2023 में अपना तीन साल का कार्यकाल पूरा किया. लेकिन विधानसभा चुनाव नौ महीने दूर होने के कारण, पार्टी ने उन्हें विस्तार दिया, और वह इस पद पर चार साल पूरे करने के करीब हैं. हालांकि वीडी शर्मा अभी भी प्रदेश अध्यक्ष के पद की दौड़ में हैं, लेकिन यह संभावना नहीं है कि उन्हें राज्य भाजपा प्रमुख के रूप में एक और कार्यकाल मिल सकता है. क्योंकि उन्होंने अपना कार्यकाल पूरा कर लिया है. वीडी शर्मा पर भी लागू होगा पार्टी का नियम पार्टी के सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय नेतृत्व ने निर्देश दिया है कि जिन जिला अध्यक्षों ने अपना कार्यकाल पूरा कर लिया है, उन्हें दोहराया नहीं जाना चाहिए. यही फॉर्मूला वीडी शर्मा पर भी लागू हो सकता है और इसकी बहुत कम संभावना है कि आरएसएस के पसंदीदा होने और प्रभावशाली संगठनात्मक रिकॉर्ड होने के बावजूद उन्हें दूसरा कार्यकाल मिलेगा. आलोक शर्मा के नाम की सिफारिश शिवराज सिंह चौहान ने की प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में तीन पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, बृजेंद्र प्रताप सिंह और अरविंद सिंह भदोरिया बताए जा रहे हैं. इसके अलावा भोपाल से पार्टी सांसद आलोक शर्मा भी दौड़ में हैं, जिनके नाम की सिफारिश केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और बैतूल विधानसभा सीट से विधायक हेमंत खंडेलवाल ने की है, जिन्हें तीन विधानसभा चुनावों के दौरान यूपी में 15 जिलों के समन्वय का प्रभार दिया गया था. बृजेंद्र प्रताप सिंह की भी एंट्री कहा जा रहा है कि भोपाल की हुजूर सीट से स्थानीय विधायक रामेश्वर शर्मा भी इस पद पर नजर गड़ाए हुए हैं और उनके समर्थक उनकी उम्मीदवारी के लिए जोर लगा रहे हैं. प्रस्तावित राज्य भाजपा अध्यक्षों की सूची में सबसे हालिया प्रविष्टि बृजेंद्र प्रताप सिंह की है, जिनका नाम रविवार को दिल्ली में बैठक के दौरान सामने आया था. राज्य पार्टी के पदाधिकारियों का दावा है कि दौड़ में अंतिम नाम के रूप में एक छुपा रुस्तम उभर सकता है. कब होगी नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति राज्य भाजपा प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा, “मध्य प्रदेश में पार्टी संगठन ने सदस्यता अभियान के लिए बहुत अच्छा काम किया है. हमारे पास 1.5 करोड़ से अधिक सदस्य और एक लाख सक्रिय सदस्य हैं. बूथ से लेकर मंडल स्तर तक चुनाव हुए हैं. अगला जिला अध्यक्षों का चुनाव है, जो अगले सप्ताह के भीतर पूरा हो जाएगा और फिर नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति की जाएगी. भाजपा के लिए संगठन ही लोगों की सेवा का मार्ग है, जिसे भी राज्य इकाई का नेतृत्व करने की जिम्मेदारी दी जाएगी वह पार्टी के आदर्शों के लिए काम करेगा.” मप्र में बूथ और मंडल स्तर पर चुनाव हुए और सदस्यों की नियुक्ति की गई. पार्टी का संगठन के चुनाव पर जोर 5 जनवरी तक 60 संगठनात्मक जिला अध्यक्षों की नियुक्ति कर दी जायेगी. रविवार को मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर हुई बैठक में उनकी सूची को अंतिम रूप भी दे दिया गया. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा और हितानंद शर्मा के साथ जिला अध्यक्षों की अंतिम सूची पर निर्णय लेने के लिए अन्य सभी बैठकें रद्द कर दीं. पार्टी के सूत्रों ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व चाहता है कि जिला अध्यक्षों की नियुक्तियां 5 जनवरी तक पूरी हो जाएं. हालांकि, अगर नामों की पसंद पर मतभेद हुआ तो सूची में 10 जनवरी तक की देरी हो सकती है. 431 सदस्य चुनेंगे पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष पार्टी कार्यालय के सूत्रों ने कहा, “लेकिन राज्य पार्टी अध्यक्ष की नियुक्ति 15 जनवरी तक कर दी जाएगी. नए राज्य अध्यक्ष के चुनाव के लिए 60 जिला अध्यक्षों, 230 प्रतिनिधियों (प्रत्येक विधानसभा सीट से एक) और 141 अन्य प्रतिनिधियों सहित 431 सदस्यों का एक निर्वाचक मंडल मतदाता है. इन 431 सदस्यों को बुलाया जाएगा और एक उपयुक्त राज्य पार्टी प्रमुख के नाम की सिफारिश करने के लिए कहा जाएगा.” recent visitors 54

1 जनवरी से बदल जाएंगे ये 10 नियम, जानें आपकी जेब पर क्या पड़ेगा असर

नई दिल्ली आज एक जनवरी है। आज से साल 2025 शुरू हो गया । इसी के साथ कई नियम भी बदले । इसमें एलपीजी से लेकर जीएसटी और यूपीआई तक शामिल हैं। इन नियमों के बारे में आपको पता होना चाहिए। क्योंकि इन नियमों में बदलाव सीधे आपकी जेब पर असर डालेंगे। हालांकि कई नियम हर महीने की पहली तारीख को बदलते हैं। लेकिन इस बार पहली तारीख से कुछ और नियमों में बदलाव हो रहा है। जानें एक जनवरी से हो रहे 10 प्रमुख बदलावों के बारे में: 1. LPG सिलेंडर की कीमत हर महीने की पहली तारीख को ऑयल कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की कीमतों को रिवाइज्ड करती हैं। इसमें घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के सिलेंडर शामिल होते हैं। इस दौरान कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़ा भी सकती हैं और कम भी कर सकती हैं। कई बार कंपनियों कीमत में कोई बदलाव भी नहीं करतीं। 2. GST नियम में बदलाव एक जनवरी से जीएसटी से जुड़े कई नियमों में बदलाव होने जा रहा है। इसमें मल्टी फैक्टर ऑथेंटिकेशन (MFA) भी शामिल है। यह प्रक्रिया उन सभी टैक्सपेयर्स पर लागू होगी जो जीएसटी फाइल करते हैं। इसका उद्देश्य जीएसटी फाइलिंग प्रक्रिया को और सुरक्षित बनाना है। 3. किसी भी बैंक से पेंशन ईपीएफओ ने एक जनवरी से पेंशन का नियम आसान बना दिया है। एक जनवरी से कर्मचारी अपनी पेंशन की रकम किसी भी बैंक से निकाल सकेंगे। इसके लिए उन्हें किसी भी अतिरिक्त सत्यापन की जरूरत नहीं होगी। इस नए नियम से पेंशन की रकम निकालना काफी आसान होगा। 4. यूपीआई 123Pay पर बढ़ी लिमिट वे यूजर्स जो स्मार्टफोन इस्तेमाल नहीं करते, वे अपने बेसिक या फीचर फोन से भी बैंक अकाउंट से पैसा ट्रांसफर कर सकते हैं। इसकी लिमिट पहले 5 हजार रुपये थी। एक जनवरी से इसे बढ़ाकर 10 हजार रुपये कर दिया गया है। अब लोग ज्यादा रकम का ट्रांजेक्शन कर सकेंगे। 5. किसानों को मिलेगा ज्यादा लोन एक जनवरी से किसानों को अब बिना गारंटी के दो लाख रुपये तक का लोन मिल सकेगा। रिजर्व बैंक ने हाल ही में इसके बारे में घोषणा की थी। रिजर्व बैंक ने कहा था कि किसानों दिए जाने वाले लोन की सीमा को 1.60 लाख रुपये से बढ़ाकर 2 लाख रुपये किया जाता है। 6. बढ़ेंगी कार की कीमतें एक जनवरी से कार खरीदना महंगा हो सकता है। कार कंपनियां जैसे मारुति सुजुकी, हुंडई, महिंद्रा, होंडा, बीएमडब्ल्यू आदि कीमत बढ़ाने पर विचार कर रही हैं। माना जा रहा है कि एक जनवरी से कार की कीमत 3 फीसदी तक ज्यादा हो सकती है। 7. FD के नियम भी बदलेंगे अगर आप निवेश के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) को तवज्जो देते हैं तो एक जनवरी से इसमें भी कुछ बदलाव होने जा रहे हैं। रिजर्व बैंक ने NBFCs और HFCs के लिए FD से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। ये बदलाव एफडी में जमा रकम को मैच्योरिटी से पहले निकालने से जुड़े हैं। 8. अमेजन प्राइम मेंबरशिप में लिमिट तय अमेजन प्राइम की मेंबरशिप में भी एक जनवरी से बदलाव हो रहे हैं। अब एक प्राइम अकाउंट से से केवल दो टीवी पर ही प्राइम वीडियो देख सकेंगे। अगर उस अकाउंट से तीसरे टीवी पर प्राइम वीडियो देखना चाहेंगे तो इसके लिए अलग से सब्सक्रिप्शन लेना होगा। पहले एक प्राइम अकाउंट से पांच डिवाइस (टीवी या स्मार्टफोन) तक पर वीडियो देखे जा सकते थे। 9. रुपे क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल एक जनवरी से रुपये क्रेडिट कार्ड से जुड़े कुछ नियम भी बदल रहे हैं। NPCI ने इसके लिए गाइडलाइन जारी कर दी हैं। नए नियमों के तहत प्रत्येक रुपे क्रेडिट कार्ड यूजर एयरपोर्ट पर लाउंज एक्सेस नहीं कर पाएगा। यह सुविधा क्रेडिट कार्ड से खर्च होने वाली रकम के आधार पर मिलेगी। 10. बदल जाएगा ट्रेनों का समय एक जनवरी से कई ट्रेनों के समय में भी बदलाव हो रहा है। नई समय सारिणी में उत्तर मध्य रेलवे की कई ट्रेन शामिल हैं। इनमें आगरा-वाराणसी के बीच चलने वाली वंदे भारत समेत कुल 15 ट्रेनों को शामिल किया है। वहीं दूसरी ओर इसमें अन्य रूट की और भी ट्रेन शामिल हैं। इसके अलावा कोरोना के समय जो ट्रेन स्पेशल नंबर से चलाई गई थीं, उनका भी नंबर बदल जाएगा। गाड़ियों की कीमतें बढ़ेंगी 1 जनवरी से मारुति, टाटा, हुंडई और अन्य कंपनियां अपनी गाड़ियों के दाम 2-3% तक बढ़ाने वाली हैं।  क्रिकेट में बदलाव 2025 में रोहित शर्मा टेस्ट क्रिकेट से रिटायर हो सकते हैं। वहीं, IPL में RCB की कप्तानी फिर से विराट कोहली को मिल सकती है।  शिक्षा के नियम बदलेंगे 2025 से 5वीं और 8वीं में फेल होने वाले छात्रों को प्रमोट नहीं किया जाएगा। उन्हें दो महीने के भीतर फिर से परीक्षा देकर पास होना होगा। साथ ही, कोचिंग सेंटरों में 16 साल से कम उम्र के बच्चों का ही एडमिशन होगा।  पुराने फोन में वॉट्सएप बंद 1 जनवरी से पुराने फोन, जिनका वर्जन एंड्रॉयड 4.4 या उससे पहले का है, उनमें वॉट्सएप काम नहीं करेगा। भारत में विदेशी डिग्री अब भारतीय और विदेशी विश्वविद्यालय मिलकर साझा कोर्स शुरू करेंगे। इससे लोग भारत में रहकर ही विदेशी डिग्री हासिल कर सकेंगे। recent visitors 57

आधी रात से लागू हुई नई समय सारिणी, कई पैसेंजर और एक्सप्रेस ट्रेनों का बदल रहा नंबर; यहां देखें

भोपाल यात्रीगण कृपया ध्यान न दें… एक जनवरी 2025 से भारतीय रेलवे ट्रेनों की समयसारिणी में बदलाव हुआ । 31 दिसंबर 2024 की रात्रि 12 बजे के बाद यह समयसारिणी लागू हुई । उत्तर मध्य रेलवे की बात करें तो नई समय सारिणी में आगरा-बनारस वंदे भारत समेत कुल 15 ट्रेनों को शामिल किया जा रहा है। दूसरी ओर ओर कोरोना काल में जो ट्रेनें स्पेशल नंबर से चलाई गई थीं, उनका नंबर भी एक जनवरी से पुराना हो जाएगा। यह दो बड़े फैसले होने के चलते स्टेशनों पर लग रहे डिजिटल और साधारण बोर्ड में बदलाव होना तय है। रेलवे की पिछली समय सारिणी एक अक्तूबर 2023 से प्रभावी हुई थी। तब समय सारिणी में उसकी अवधि अक्तूबर 23 से जून 24 दर्शाई गई थी। इस हिसाब से एक जुलाई 24 को नई समय सारिणी लागू होनी थी, लेकिन वह छह माह की देरी से अब एक जनवरी 25 से लागू हो रही है। फिलहाल नई समय सारिणी में एनसीआर से गुजरने वाली कन्याकुमारी-बनारस, आगरा-बनारस, खजुराहो-निजामुद्दीन समेत 15 नई ट्रेनों को शामिल किया गया है। इसके अलावा शिवगंगा समेत दस जोड़ी ऐसी ट्रेनों को भी इसमें दर्शाया गया है, जिनका विस्तार रेलवे द्वारा किया गया है। समय सारिणी में एनसीआर द्वारा संचालित 86 और अन्य जोनल रेलवे की 104 पैसेंजर ट्रेनें जो एनसीआर के प्रयागराज, कानपुर, आगरा आदि स्टेशनों पर आती हैं, उनका नंबर बदल दिया गया है। चार जनवरी से बदल रहा माता वैष्णो देवी जाने वाली ट्रेन का नंबर प्रयागराज के सूबेदारगंज से श्री माता वैष्णो देवी कटरा जाने वाली जम्मू मेल का नंबर भी नई समय सारिणी में बदलने जा रहा है। चार जनवरी से इस ट्रेन का सूबेदारगंज से नंबर 20433 और श्री माता वैष्णो देवी कटरा से 20434 रहेगा। जम्मू मेल समेत एनसीआर से गुजरने वाली कुल 18 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों के नंबर बदल रहे हैं। इसके अलावा समय सारिणी में एनसीआर जोन से गुजरने वाली 56 ट्रेनों के प्रायोगिक ठहराव वाले स्टेशनों का भी उल्लेख किया गया है। रात 8:50 की जगह 8:30 बजे रवाना होगी सूबेदारगंज-देहरादून एक्सप्रेस एक जनवरी से उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज, आगरा और झांसी मंडल की 80 ट्रेनों के आगमन-प्रस्थान के समय में बदलाव होने जा रहा है। नई व्यवस्था के तहत सूबेदारगंज से देहरादून जाने वाली 14113 देहरादून एक्सप्रेस अब रात 8:50 की जगह रात 8:30 बजे रवाना होगी। इसी तरह 22432 उधमपुर-सूबेदारगंज एक्सप्रेस अब यहां दोपहर 12:50 की जगह 12:55 बजे पहुंचेगी। 12404-22404 लालगढ़-प्रयागराज एक्सप्रेस का यहां पहुंचने का समय सुबह 4:45 की जगह 4:50 होने जा रहा है। इसी तरह कानपुर आने वाली छह, कानपुर अनवरगंज की दो, टूंडला की पांच, अलीगढ़ की पांच, खुर्जा की दो, दनकौर की दो, हाथरस किला की दो, हाथरस, फतेहपुर, मानिकपुर, मैनपुरी, फफूंद और इटावा आने वाली एक-एक ट्रेन के समय में बदलाव होने जा रहा है। इसी तरह झांसी मंडल के तमाम स्टेशनों की 17 और आगरा मंडल के स्टेशनों पर आने वाली 29 ट्रेनों के समय में एक जनवरी से बदलाव हो रहा है।   recent visitors 52