क्या आप जानते है मकर संक्रांति पर क्यों कहते है खिचड़ी

हिंदू धर्म में सभी त्योहारों की तरह मकर संक्रांति का खास महत्व है. इस दिन सूर्य देव धनु राशि से निकल कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं. पूरे देश में यह पर्व अलग-अलग नामों से मनाया जाता है. वहीं कुछ राज्यों में इस खिचड़ी के नाम से जाना जाता है. क्योंकि इस दिन खिचड़ी खाना और दान करने की परंपरा है. वैदिक पंचांग के अनुसार, साल 2025 में मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी को मंगलवार के दिन मनाया जाएगा इस दिन सूर्य देव सुबह 9 बजकर 3 मिनट पर धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे. कैसे शुरू हुई खिचड़ी खाने की परंपरा? मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी खाने की परंपरा से जुड़ी एक कहानी प्रचलित हैं. जिसके अनुसार, जब खिलजी ने देश पर आक्रमण किया तो चारों तरफ लगातार संघर्ष चल रहा था. ऐसे में योगी मुनियों को अपनी जमीनों को बचाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ता था. कई बार वे भूखे भी रह जाते थे. तब एक दिन बाबा गोरखनाथ ने उनकी समस्या को हल करने के लिए काली उड़द की दाल में चावल, घी और कुछ सब्जियां डालकर पका दिया ताकि उनका पेट भी भर जाए और इसे बनाने में ज्यादा समय भी नहीं लगा. बाबा गोरखनाथ ने दिया नाम जब खिचड़ी बनकर तैयार हुई तो सबको बहुत पसंद आयी और इससे योगियों को आसानी से भूख मिटाने का रास्ता भी मिल गया. साथ ही काफी स्वादिष्ट और त्वरित ऊर्जा देने वाला भी होता था. इस व्यंजन को बाबा गोरखनाथ ने खिचड़ी का नाम दिया. जिस दिन इसे पहली बार तैयार किया गया था, उस दिन मकर संक्रांति का दिन था. इसके बाद से तमाम जगहों पर मकर संक्रांति के दिन खिचड़ी बनाने की परंपरा शुरू हो गई. गोरखपुर में खिचड़ी मेला मकर संक्रांति के दिन हर साल गोरखपुर के गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी मेले का आयोजन किया जाता है. जिसकी शुरुआत बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी का भोग लगाकर की जाती है. इसके बाद पूरे मेले में खिचड़ी को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है. इस दिन गोरखनाथ मंदिर खिचड़ी चढ़ाई भी जाती है. Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 60

‘पशु पालकों के विकास के लिए राज्य सरकार कृत संकल्पित’, राजस्थान-पशुपालन निदेशक का डॉ. आनंद सेजरा ने संभाला कार्यभार

जयपुर। डॉ. आनंद सेजरा ने बुधवार को पशुपालन विभाग के निदेशक का कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर शासन सचिव डॉ समित शर्मा ने डॉ सेजरा को बधाई दी। डॉ. सेजरा ने 1992 में आरपीएससी से चयनित होकर पशुपालन विभाग में अपनी सेवा की शुरूआत की। इसके बाद 1996 में सीधी भर्ती से सहायक निदेशक के पद पर चयनित हुए। पशुपालन निदेशालय में लंबे समय से कार्यरत डॉ सेजरा ने कई महत्वपूर्ण अनुभागों का दायित्व बहुत कुशलता से संभाला है। वे आयोजना तथा विधानसभा मामलों के विशेषज्ञ माने जाते हैं। वर्तमान में कई अनुभागों के दायित्व के साथ साथ आरएलडीबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का कार्यभार भी डा.ॅ सेजरा के पास है। कार्यभार संभालते हुए डॉ सेजरा ने कहा कि राज्य सरकार पशुपालकां के विकास के लिए कृत संकल्पित होकर काम कर रही है। विकसित और समृद्ध राजस्थान बनाने तथा विभाग को एक नई ऊंचाई तक ले जाने के लिए पशुपालन विभाग अपना भरपूर प्रयास करेगा। उन्होंने विभाग के सभी कार्मिकों को नए साल की शुभकामनाएं देते हुए नए साल में नई ऊर्जा के साथ काम करने का आग्रह किया। विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने डॉ. सेजरा को निदेशक पद का कार्य भार ग्रहण करने पर बधाई और शुभकामना दी। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 172

मध्यप्रदेश में शिक्षक पद के लिए बंपर भर्ती निकली, आवेदन की प्रक्रिया 28 जनवरी, 2025 से शुरू होगी

भोपाल शिक्षा के क्षेत्र में अपना करियर बनाने की सोच रहे युवाओं के लिए शानदार मौका आया है। दरअसल, मध्यप्रदेश में इन दिनों शिक्षक पद के लिए बंपर भर्ती निकली है। इस भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया 28 जनवरी, 2025 से शुरू होगी। अप्लाई करने के इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी आधिकारि वेबसाइट https://esb.mp.gov.in/e_default.html पर एप्लीकेशन प्रोसेस शुरू होने के बाद आवेदन कर सकते हैं। यह भर्ती मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल के जरिए की जाएगी।  जारी भर्ती अधिसूचना के मुताबिक स्कूल शिक्षा विभाग के तहत माध्यमिक शिक्षक (विषय, खेल एवं संगीत गायन वादन) और प्राथमिक शिक्षक (खेल संगीत गायन-वादन व नृत्य) और जनजातीय विभाग के अंतर्गत माध्यमिक शिक्षक (विषय) और प्राथमिक शिक्षक (खेल, संगीत, गायन वादन , नृत्य) की भर्ती की जाएगी। इस भर्ती के लिए 28 जनवरी से 11 फरवरी 2025 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। 28 जनवरी से 16 फरवरी तक आवेदन में संशोधन कर सकेंगे। परीक्षा 20 मार्च से शुरू होगी। एग्जाम दो शिफ्टों में होगा। पहली शिफ्ट सुबह 9 से 11 बजे तक होगी जबकि दूसरी शिफ्ट दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक होगी। बता दें कि मध्यप्रदेश में शिक्षकों की भर्ती में अतिथि शिक्षकों को अब 50% आरक्षण मिलेगा। इसके लिए वहीं अतिथि शिक्षक पात्र होंगे, जिन्होंने 3 शैक्षणिक सत्रों में 200 दिन सरकारी स्कूलों में पढ़ाया हो। इसका लाभ अतिथि शिक्षकों को हाल ही में होने वाली शिक्षकों की भर्ती में मिलेगा। राज्य कर्मचारी चयन मंडल ने 10 हजार शिक्षकों की भर्ती का कार्यक्रम घोषित किया है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 183

50 बरस में बिजली के खम्बे पहुंची और 77 बरस में पहुंची कोरिया के सुदूर गांवों में बिजली की रोशनी

कोरिया  छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सुदूर गांवों में बिजली पहुंचने की यह कहानी केवल तकनीकी विकास की नहीं है, बल्कि धैर्य, संघर्ष और आशा की जीत का प्रतीक है। यह एक ऐसा अवसर है जो इन गांवों के लोगों की जिंदगी में एक क्रांतिकारी बदलाव लेकर आया है। अंधकार से उजाले तक का सफर 1947 में देश को आजादी मिलने के बाद विकास की गंगा देश के हर कोने में बहने लगी। लेकिन कोरिया जिले के तर्रा, बसेर और मेन्द्रा जैसे गांवों को इस गंगा का इंतजार करते-करते 77 वर्ष लग गए। 1997-98 में जब इन गांवों में बिजली के खंभे लगाए गए, तब ग्रामीणों ने सोचा कि अब उनका जीवन भी रोशन होगा। लेकिन वर्षों तक तारों में करंट नहीं दौड़ा। इस दौरान गांव के लोग सौर ऊर्जा या फिर मिट्टी के तेल के दीयों के सहारे जिंदगी गुजारते रहे। मुख्यमंत्री मजराटोला विद्युतीकरण योजना: एक नई शुरुआत छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने मुख्यमंत्री मजराटोला विद्युतीकरण योजना के तहत इन गांवों को रोशन करने का बीड़ा उठाया। ग्राम तर्रा में 55 लाख रुपए की लागत से 12 किमी 11 केवी और 9 किमी एलटी लाइन बिछाई गई। 3 ट्रांसफार्मर लगाए गए और 88 घरों को बिजली कनेक्शन मिला। ग्राम बसेर में 1.08 करोड़ रुपए की लागत से 8 किमी 11 केवी और 6 किमी एलटी लाइन का विस्तार हुआ। 7 ट्रांसफार्मर लगाए गए और 230 घरों में बिजली पहुंची। ग्राम मेन्द्रा में 54 लाख रुपए की लागत से 9 किमी 11 केवी और 6 किमी एलटी लाइन बिछाई गई। 2 ट्रांसफार्मर लगाए गए और 64 घरों में बिजली की सप्लाई शुरू हुई। ग्रामीणों के लिए बदलाव की नई किरण गांवों में बिजली पहुंचने के बाद न केवल रातें रोशन हुईं, बल्कि जीवन की दिशा भी बदली। ग्राम बसेर की छात्रा सुखमतिया ने कहा, "अब मैं देर रात तक पढ़ाई कर सकती हूं। बिजली ने मेरी पढ़ाई को आसान बना दिया है।" सुखमतिया की मां शांति बाई ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, "गर्मी में अब पंखा खरीदेंगे। जीवन पहले से आसान और आरामदायक हो जाएगा।"  बिजली से गांवों में छोटे व्यवसाय शुरू करने की संभावनाएं भी बढ़ी हैं। बिजली आने से घरों में रोशनी ही नहीं, रोजगार और आय के साधन भी आएंगे। अब अगला लक्ष्य 4जी टॉवर जिले के कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने बताया, "सही योजनाओं के कारण ही इन गांवों में बिजली पहुंच पाई है।" उन्होंने कहा कि, "हमने मार्गों का गहन सर्वेक्षण कराया, सड़कें बनाई गईं और वन विभाग से मदद मांगकर बिजली के खंभे लगाए गए और गांवों में बिजली पहुंचाई गई। शुरुआत में चीजें कठिन थीं क्योंकि यह घने जंगल और सुदूर क्षेत्र था।" एप्रोच रोड भी नहीं था, लेकिन लोगों की इच्छाशक्ति और  समाज के विभिन्न तबकों के सहयोग की वजह से सम्भव हुआ है। श्रीमती त्रिपाठी ने कहा कि अगला लक्ष्य उन्हें 4जी बीएसएनएल मोबाइल नेटवर्क दिलाना है।" उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने मुख्यमंत्री मजराटोला विद्युतीकरण योजना के तहत इन गांवों को रोशन करने का काम अपने हाथ में लिया है। कलेक्टर ने कहा जिन गांवों, पारा-मोहल्ले में बिजली नहीं पहुंची है, वहां भी शीघ्र पहुंचाने कार्य चल रही है। निश्चित ही इन ग्रामीणों के घरों में बिजली कनेक्शन होने से अंधेरे से मुक्ति मिली है। संघर्ष और आशा की कहानी ग्राम पंचायत बसेर के सरपंच नाहर सिंह ने बताया कि 1997-98 में जब खंभे लगाए गए थे, तब ग्रामीणों ने कई सपने देखे थे। लेकिन बिजली न होने के कारण उन सपनों पर अंधकार छा गया। हालांकि इन गांवों में सोलर पैनल के माध्यम से  बिजली पहुंचने से कुछ हद तक राहत मिली थी। सरपंच ने बताया कि लगातार प्रशासन से मांग और प्रयास के बाद आखिरकार 2024 में इन गांवों में बिजली पहुंची। बिजली का गांवों में पहुंचना केवल रोशनी का आगमन नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक उन्नति के नए द्वार खोलने का संकेत है। आजादी के 77 वर्षों बाद बिजली का पहुंचना विकास की एक नई लहर है। यह गांवों के लिए एक नई शुरुआत है, जो उनकी जिंदगी में उजाले के साथ-साथ नई संभावनाओं को भी लेकर आई है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 59

लोक देवताओं, वीर- वीरांगनाओं और महापुरुषों की प्रमुखता से दी है जानकारी, राजस्थान-विधानसभा कैलेण्डर का विमोचन

जयपुर। राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने बुधवार को विधानसभा में राजस्थान विधानसभा वार्षिक कैलेण्डर 2025 का विमोचन किया। श्री देवनानी ने कहा कि वर्ष 2025 के कैलेण्डर में लोक देवताओं, वीर-वीरागंनाओ और महापुरुषों का प्रमुखता से उल्लेख किया गया है। उन्होंने बताया कि महापुरुषों के आदर्श आम जन के प्रेरणा स्त्रोत होते हैं। जिस माह में जिन लोकदेवताओं, वीर-वीरागंनाओ और महापुरुषों के पर्व, जयंती आते हैं, उसी माह में उनका उल्लेख किया गया है। इससे आम जन को स्थानीय लोक देवताओं के साथ वीर-वीरागंनाओं के ‌द्वारा किये गये राष्ट्र के लिये बलिदान और त्याग की जानकारी मिल सकेगी। इस मौके पर विधान सभा के विशिष्ट सचिव श्री भारत भूषण शर्मा और विशिष्ट सहायक श्री के. के. शर्मा मौजूद थे। विधानसभा अध्यक्ष ने सदन का किया अवलोकन – राजस्थान विधान सभा अध्यक्ष श्री वासुदेव देवनानी ने बुधवार को राजस्थान विधान सभा के सदन को हाईटेक बनाने के लिये किये जा रहे कार्य का अवलोकन किया। श्री देवनानी ने सदन में विधान सभा के प्रत्येक सदस्य की सीट पर लगाये जा रहे टैब, उसके स्टैण्ड और उसको उचित दिशा में लगाये जाने के बारे में अधिकारियों को निर्देश दिये। श्री देवनानी ने सदन में किये जा रहे अपग्रेडेशन कार्य की विस्तार से जानकारी ली। इस मौके पर विधान सभा के अधिकारीगण मौजूद थे। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 60

थाने में गाड़ी की जमानत कराने पहुंची महिला, किया ऐसा किया काम, थाना प्रभारी ने जारी किया नोटिस

शिवपुरी  लोगों को ऑनलाइन दुनिया में फेमस होने का ऐसा चस्का लगा है कि वे किसी भी हद जाने को तैयार हैं। इसमें कुछ महिलाएं तो एक नया ही उदाहरण बनकर सामने आ रही हैं। उन्हे इस चीज का ध्यान ही नहीं है कि कहां खड़े हैं और क्या कर रहे हैं, एक पल का मौका मिला नहीं कि बस फोन चालू करके रील बनाने शुरू! ऐसा ही एक मामला शिवपुरी जिले के पिछोर से सामने आया है। यहां एक तेजस्वी महिला थाने में रील बनाने लगी। इतना ही नहीं उन्होंने अपने हाथों से उसे इंटरनेट पर वायरल भी किया। गजब की बात यो यह है कि वह यहां किसी जरूरी काम से आई थी। उसे छोड़ कर महिला ने रील बनाना ज्यादा महत्वपूर्ण समझा। महिला की इस हरकत पर पुलिस ने भी एक्शन लिया है। गाड़ी की जमानत कराने पहुंची थी महिला महिला रील बनाने की आदी है। इससे पूर्व भी वह जेल व थानों पर रील बना चुकी है। दरअसल, नई बस्ती पिछोर निवासी रूचि लोधी की गाड़ी से कोई सड़क हादसा घटित हो गया था। बीते रोज महिला अपनी गाड़ी की जमानत कराने के लिए पिछोर थाने पर पहुंची। इसी दौरान उसने थाने से निकलते समय अमने सहयोगी की मदद से रील बना डाली। उसने रील को इंटरनेट मीडिया पर इसे वायरल कर दिया । पुलिस ने लिया ये एक्शन इस मामले में पुलिस ने उक्त महिला से जवाब मांगा है। यह मामला थाना प्रभारी जितेंद्र मावई के संज्ञान में आते ही उन्होंने महिला को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। उन्होंने महिला से पूछा है कि थाने में रील क्यों बनाई। इस पर उसके खिलाफ क्यों न कानूनी कार्रवाई की जाए। घटनाक्रम के बाद से मामला सुर्खियों में है। Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 48

पीथमपुर में कड़ी सुरक्षा के बीच आज से यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाया जाएगा

 पीथमपुर  भोपाल से यूनियन कार्बाइड का 337 जहरीला कचरा लेकर 12 कंटेनर गुरुवार अल सुबह पीथमपुर की रामकी कंपनी पहुंचे। आज से ही कचरे को जलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। स्थानीय आमजन के विरोध के चलते यहां कड़ी सुरक्षा इंतजाम के बीच यह प्रक्रिया वैज्ञानिक तरीके से अंजाम देने की तैयारी की गई है। परीक्षण के तौर पर पहले 90 किलोग्राम, 180 किलोग्राम और फिर 270 किलोग्राम कचरे को भस्मक में जलाकर देखा जाएगा। इस दौरान विज्ञानियों द्वारा जो मात्रा उचित निष्पादन के लिए मान्य होगी, उसी के आधार पर इसे जलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में करीब तीन दिन का समय लगेगा। 2015 में भी यहां जलाया गया था कचरा बता दें कि पीथमपुर स्थित भस्मक में 13 अगस्त 2015 को भी यूनियन कार्बाइड से 10 टन जहरीले कचरा निस्पादन के लिए भेजा गया था। तब परीक्षण के तौर पर तीन दिन जलाया गया था। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रायल रन के दौरान भस्मक में हर घंटे 90 किलो कचरा जलाया गया था। इसी ट्रायल रन रिपोर्ट के आधार पर उच्च न्यायालय ने जहरीले कचरे का निपटान पीथमपुर में करने के निर्देश दिए हैं। ग्रीन कॉरीडोर बनाकर लाया गया भोपाल से यूनियन कार्बाइड का जहरीला कचरा 250 किमी का ग्रीन कॉरीडोर बनाकर लाया गया। पूरे रास्ते में जगह-जगह पुलिस तैनात रही। जहरीले कचरे से भरे 12 कंटनरों के साथ फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सहित पुलिस के वाहन भी चल रहे थे। इस तरह टोटल 18 गाड़‍ियां चल रही थीं। पीथमपुर में जारी है विरोध पीथमपुर के रामकी कंपनी में यूनियन कार्बाइड का कचरा जलाने का लगातार विरोध चल रहा है। आज शहर में इसके विरोध में रैली भी निकाली जाएगी। शुक्रवार को शहर बंद रखने की अपील की गई है। विरोध करने वालों का कहना है कि जहरीला कचरा जलाए जाने से शहर के लोगों पर इसका बुरा प्रभाव पड़ेगा। रखने के लिए बनाया 25 फीट से ऊंचा प्लेटफार्म पीथमपुर रामकी कंपनी में कचरे का वजन किया जाएगा। इसके बाद यहां जमीन से 25 फीट ऊंचे बनाए गए लकड़ी के प्लेटफार्म पर रखा जाएगा, जिससे यह कचरा पानी, हवा किसी के भी संपर्क में न आ सके। परीक्षण के बाद विज्ञानियों की टीम तय करेगी कि कचरे को कितने तापमान पर और कितनी मात्रा में जलाया जाए। यदि 90 किलोग्राम वाला परीक्षण सफल होता है तो करीब पांच महीने का समय लगेगा और यदि 270 किलोग्राम सफल हुआ तो इसे खत्म करने में 51 दिन का समय लगेगा। ऐसे पैक किया गया जहरीला कचरा जहरीला कचरा भरते हुए विशेष सावधानी बरती गई। फैक्ट्री में तीन जगह एयर क्वालिटी की निगरानी के लिए उपकरण लगाए गए। इनसे पीएम 10 और पीएम 2.5 के साथ नाइट्रोजन आक्साइड, सल्फर डाई ऑक्साइड की जांच की गई। कचरा जिस स्थान पर रखा था, उस इलाके की धूल भी कचरे के साथ कंटेनरों के जरिये भेजी गई है। जिन जंबो बैग में पैक किया गया, वह एचडीपीई नान रिएक्टिव लाइनर के बने हैं। इसके मटेरियल में कोई रिएक्शन नहीं हो सकता है। ऊंचाई पर रखा जाएगा कचरा     पीथमपुर रामकी कंपनी में अतिसुरक्षित साइट पर कचरे को जमीन व पानी से दूर ऊंचाई पर रखा जाएगा। यहां विज्ञानियों द्वारा इसका अलग-अलग भार में परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद जल्द ही इसके निष्पादन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। – स्वतंत्र कुमार सिंह, संचालक, गैस राहत एवं पुनर्वास विभाग, भोपाल   Pushpendra“माय सीक्रेट न्यूज़” यह एक ऑनलाइन वेबसाइट है, जो आपको देश – दुनिया और आपके आसपास की हर छोटी-बड़ी खबरों को आप तक पहुंचाती है। इस वेबसाइट का संचालन वरिष्ठ पत्रकार पुष्पेन्द्र जी कर रहे हैं। उन्होंने पत्रकारिता में BJC (बेचलर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) और MJC (मास्टर ऑफ़ जर्नलिज्म एंड कम्युनिकेशन) की डिग्री 2011 में हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय सागर मप्र से हासिल की है। उन्होंने भोपाल के स्वदेश, राज एक्सप्रेस, राष्ट्रीय हिंदी मेल, सांध्य प्रकाश, नवदुनिया और हरिभूमि जैसे बड़े समाचार पत्र समूहों में काम किया है।  और पढ़ें इस वेबसाइट का संचालन मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से हो रहा है, जहाँ से प्रदेश की राजनीति से लेकर विकास की योजनाएं तैयार होती हैं।दे श व प्रदेश जिले की ताजा अपडेट्स व राजनीतिक प्रशासनिक खबरों के लिए पढ़ते रहिए हमारी वेबसाइट (my secret news. Com )👈 ✍️ पुष्पेन्द्र , (वरिष्ठ पत्रकार) भोपाल, मप्र  mysecretnews.com recent visitors 41