आउट होकर पवेलियन लौटते समय घटना, राजस्थान-जोधपुर में क्रिकेटर की हार्ट अटैक से मौत

जोधपुर। इन दिनों हार्ट अटैक की घटना तेजी देखी जा रही है। अभी कुछ दिन पहले एक पुलिस अधिकारी को मॉर्निंग वॉक करते हुए हार्ट अटैक आया तो जोधपुर में गोशाल मैदान में क्रिकेट खेलते हुए एक क्रिकेट खिलाड़ी को भी हार्ट अटैक आने से मौत हो गई। युवक आउट होकर जब पवेलियन की ओर जा रहा था, अचानक उसके सीने में दर्द हुआ और वह कुर्सी पर बैठा। इसी दौरान उसे हार्ट अटैक आया। दोस्तों ने उसे आनन-फानन में अस्पताल भिजवाया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही क्रिकेटर की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि जोधपुर के गोशाला क्रिकेट संगम मैदान में अरोड़ा खत्री सुपर लीग मैच चल रहे हैं। इसी मैच के दौरान इस क्रिकेटर को हार्ट अटैक आया और मौत हो गई। मौत के बाद इस लीग मैच को रद्द कर दिया गया था। बताया जा रहा है कि इस क्रिकेटर का नाम नीरज अरोड़ा है और मकराना मोहले जोधपुर में रहता था। एमपीसी क्लब की ओर से यह खेलता था। मैच के दौरान घटना के बाद क्रिकेटर की मौत हुई थी। वहीं, दूरभाष पर हुई बात पर उनके दोस्तों ने बताया कि नीरज को एक साल पहले भी हार्ट अटैक आया था। इसलिए दोस्त तुरंत कार में बैठाकर मथुरादास माथुर अस्पताल लेकर गए। लेकिन दो मिनट बाद ही रास्ते में नीरज को उल्टी हुई और दोस्तों ने यहां तक की सीपीआर भी दी, लेकिन नीरज को बचा नहीं पाए। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने नीरज को मृत घोषित कर दिया। आपको बता दें कि दो जनवरी को मॉर्निंग वॉक करते हुए सब इंस्पेक्टर को भी हार्ट अटैक आया था। वह भी अचेत होकर नीचे गिरे थे और उन्हें भी अस्पताल ले जाते-जाते उन्होंने भी दम तोड़ दिया था। वहीं, डॉक्टर से हुई दूरभाष की बातचीत में उन्होंने बताया कि अचानक सीने मे दर्द होना और रुक-रुक कर चक्कर आना पुरुषों के सीने में तेज दर्द होना तेज पसीना आना, इस तरह की घटना हो तो तुरंत व्यक्ति को अस्पताल पहुंचना चाहिए, जिससे की हार्ट अटैक से बचाया जा सके। recent visitors 130

मुख्यमंत्री साय का गरियाबंद दौरा, 338 करोड़ रुपए से अधिक के 193 विभिन्न विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

गरियाबंद  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गरियाबंद दौरे के दौरान 338 करोड़ रुपए से अधिक के 193 विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया. इनमें 219.03 करोड़ रुपए के 149 विकास कार्यों का भूमिपूजन और 119.77 करोड़ रुपए के 44 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल हैं. इसके साथ ही विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण कर हितग्राहियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं से लाभान्वित किया. मुख्यमंत्री साय ने जिन मुख्य कार्यों का लोकार्पण किया, उनमें देवभोग – अमलीपदर – उरमाल मार्ग लम्बाई 23 किलोमीटर का 36 करोड़ 84 लाख रुपए की लागत से चौड़ीकरण, मजबूतीकरण एवं उन्नयन कार्य. राजिम – पोखरा मार्ग (लम्बाई 20 किलोमीटर) का 24 करोड़ 5 लाख रुपए की लागत से उन्नयन कार्य शामिल है. इसके अलावा गरियाबंद जिले के बारदुला-नगरी-कांकेर-भानुप्रतापपुर-मानपुर मार्ग 47.60 किलोमीटर का 18 करोड़ 9 लाख रुपए की लागत से उन्नयन कार्य, नगर पंचायत राजिम अंतर्गत 14 करोड़ रुपए की लागत से सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापना एवं मैनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम उरमाल में 2 करोड़ 56 लाख रुपए की लागत से बने 33/11 के.व्ही उपकेन्द्र शामिल है. इसके साथ ही जिन मुख्य कार्यों का भूमिपूजन किया, उनमें 70 करोड़ की लागत से कोपरा – पोखरा 25 किलोमीटर मार्ग का उन्नयन कार्य, 4 करोड़ 43 लाख रुपए की लागत से ग्राम पंचायत कोमा से ग्राम पीपरछेड़ी तक पहुंच मार्ग का निर्माण, 10 करोड़ 20 लाख रुपए की लागत से गरियाबंद जिले के सिकासार जलाशय का जीर्णोद्धार शामिल है. इसके अलावा 4 करोड़ 65 लाख रूपये की लागत से गरियाबंद विकासखंड के जड़जड़ा तटबंध निर्माण, प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत ग्राम धवलपुर, जिडार, जुगाड़ एवं पीपरछेड़ी में विशेष पिछड़ी जनजाति विद्यार्थियों के लिए 10 करोड़ की लागत से छात्रावास का निर्माण और शासकीय कन्या महाविद्यालय गरियाबंद में 4 करोड़ 66 लाख रुपए की लागत से भवन निर्माण शामिल है. recent visitors 61

भाई बोला- दो लोग करते थे तंग, एमपी-दतिया में BJP नेता ने लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मारी

दतिया. ग्वालियर के दतिया में भाजपा नगर महामंत्री और खटीक समाज के जिलाध्यक्ष जितेंद्र मेवाफरोश ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। घटना रविवार सुबह करीब 12 बजे की है। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। परिवार के सदस्यों ने बताया कि गोली चलने की आवाज सुनकर वे घर से बाहर आए। इस दौरान उन्होंने देखा कि जितेंद्र मेवाफरोश ने खुद को गोली मार ली है। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक के भाई वीरेंद्र मेवाफरोश ने आरोप लगाया है कि अंकित श्रीवास्तव और पार्षद रिंकू दुबे द्वारा रुपयों के लेन-देन को लेकर जितेंद्र को लगातार टॉर्चर किया जा रहा था। दोनों भाई पर जमीन और घर उनके नाम करने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने बताया कि जितेंद्र और आरोपियों के बीच सहारा के पैसों को लेकर लेन-देन हुआ था। हालांकि, कितनी राशि का लेन-देन था, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। भाई वीरेंद्र का आरोप है कि आरोपियों की प्रताड़ना से परेशान होकर जितेंद्र ने यह कदम उठाया है। वीरेंद्र ने बताया कि अचानक तेज पटाखा चलने जैसी आवाज और चीख-पुकार सुनाई दी। भाभी के चिल्लाने की आवाज सुनकर सब लोग बाहर आए तो घटना का पता चला। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, जांच के बाद ही कुछ साफ हो पाएगा। ग्वालियर के दतिया में भाजपा नगर महामंत्री और खटीक समाज के जिलाध्यक्ष जितेंद्र मेवाफरोश ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। घटना रविवार सुबह करीब 12 बजे की है। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। परिवार के सदस्यों ने बताया कि गोली चलने की आवाज सुनकर वे घर से बाहर आए। इस दौरान उन्होंने देखा कि जितेंद्र मेवाफरोश ने खुद को गोली मार ली है। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक के भाई वीरेंद्र मेवाफरोश ने आरोप लगाया है कि अंकित श्रीवास्तव और पार्षद रिंकू दुबे द्वारा रुपयों के लेन-देन को लेकर जितेंद्र को लगातार टॉर्चर किया जा रहा था। दोनों भाई पर जमीन और घर उनके नाम करने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने बताया कि जितेंद्र और आरोपियों के बीच सहारा के पैसों को लेकर लेन-देन हुआ था। हालांकि, कितनी राशि का लेन-देन था, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। भाई वीरेंद्र का आरोप है कि आरोपियों की प्रताड़ना से परेशान होकर जितेंद्र ने यह कदम उठाया है। वीरेंद्र ने बताया कि अचानक तेज पटाखा चलने जैसी आवाज और चीख-पुकार सुनाई दी। भाभी के चिल्लाने की आवाज सुनकर सब लोग बाहर आए तो घटना का पता चला। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, जांच के बाद ही कुछ साफ हो पाएगा। ग्वालियर के दतिया में भाजपा नगर महामंत्री और खटीक समाज के जिलाध्यक्ष जितेंद्र मेवाफरोश ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। घटना रविवार सुबह करीब 12 बजे की है। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। परिवार के सदस्यों ने बताया कि गोली चलने की आवाज सुनकर वे घर से बाहर आए। इस दौरान उन्होंने देखा कि जितेंद्र मेवाफरोश ने खुद को गोली मार ली है। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक के भाई वीरेंद्र मेवाफरोश ने आरोप लगाया है कि अंकित श्रीवास्तव और पार्षद रिंकू दुबे द्वारा रुपयों के लेन-देन को लेकर जितेंद्र को लगातार टॉर्चर किया जा रहा था। दोनों भाई पर जमीन और घर उनके नाम करने का दबाव बना रहे थे। उन्होंने बताया कि जितेंद्र और आरोपियों के बीच सहारा के पैसों को लेकर लेन-देन हुआ था। हालांकि, कितनी राशि का लेन-देन था, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। भाई वीरेंद्र का आरोप है कि आरोपियों की प्रताड़ना से परेशान होकर जितेंद्र ने यह कदम उठाया है। वीरेंद्र ने बताया कि अचानक तेज पटाखा चलने जैसी आवाज और चीख-पुकार सुनाई दी। भाभी के चिल्लाने की आवाज सुनकर सब लोग बाहर आए तो घटना का पता चला। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है, जांच के बाद ही कुछ साफ हो पाएगा। ग्वालियर के दतिया में भाजपा नगर महामंत्री और खटीक समाज के जिलाध्यक्ष जितेंद्र मेवाफरोश ने आत्महत्या कर ली। उन्होंने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को गोली मार ली। घटना रविवार सुबह करीब 12 बजे की है। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया।परिवार के सदस्यों ने बताया कि गोली चलने की आवाज सुनकर वे घर से बाहर आए। इस दौरान उन्होंने देखा कि जितेंद्र मेवाफरोश ने खुद को गोली मार ली है। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक के भाई वीरेंद्र मेवाफरोश ने आरोप लगाया है कि अंकित श्रीवास्तव और पार्षद रिंकू दुबे द्वारा रुपयों के लेन-देन को लेकर जितेंद्र को लगातार टॉर्चर किया जा रहा था। दोनों भाई पर जमीन और घर उनके नाम करने का दबाव बना रहे थ। recent visitors 70

जसप्रीत बुमराह ने कहा- सीरीज में गेंदबाजों के सबसे मददगार विकेट पर बॉलिंग को मिस किया

सिडनी जसप्रीत बुमराह को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में 32 विकेट लेने के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया है। बुमराह सीरीज के पहले और अंतिम टेस्ट में बतौर कप्तान खेलने के लिए उतरे थे। हालांकि अंतिम टेस्ट मैच में वह फिटनेस के कारण गेंदबाजी नहीं कर पाए और इस पर उन्होंने निराशा व्यक्त की है। भारत ने यह सीरीज 1-3 से गंवा दी। सिडनी टेस्ट में मिली हार के बाद बुमराह ने कहा कि वह तीसरे दिन गेंदबाजी न कर पाने से थोड़े निराश थे। उन्होंने उस दिन की पिच को सीरीज की सबसे चुनौतीपूर्ण पिच बताया। हालांकि बुमराह ने यह भी कहा कि शरीर का ध्यान रखना जरूरी है, खासकर जब उन्हें दूसरे दिन पीठ में तकलीफ महसूस हुई और स्कैन करना पड़ा। उनकी गैरमौजूदगी में भारत को 162 रन बचाने का मौका गंवाना पड़ा, और ऑस्ट्रेलिया ने 6 विकेट से मैच जीतकर ट्रॉफी 3-1 से अपने नाम कर ली। बुमराह ने मैच के बाद कहा, "थोड़ा निराश हूं, लेकिन कभी-कभी शरीर की बात माननी पड़ती है। उससे लड़ नहीं सकते। मुझे सीरीज की सबसे चुनौतीपूर्ण पिच पर गेंदबाजी करना अच्छा लगता, लेकिन पहली पारी के बाद पीठ में थोड़ी तकलीफ थी।" तीसरे दिन टीम के मूड पर बुमराह ने कहा, "टीम में बातचीत विश्वास को लेकर थी। बाकी गेंदबाजों ने पहली पारी में भी शानदार प्रदर्शन किया। सुबह भी हमने एक-दूसरे को विश्वास दिलाया। पूरी सीरीज कड़ी टक्कर वाली रही। आज भी हम मैच में थे, ऐसा नहीं कि सब कुछ एकतरफा था। जो टीम अंत तक धैर्य रखती और एकजुट रहती है, वही जीतती है। यह एक शानदार सीरीज थी।" सीरीज से सीखे गए सबक पर बुमराह ने कहा, "लंबे समय तक खेल में टिके रहना, दबाव बनाना और सहना, और परिस्थिति के हिसाब से खेलना जरूरी है। टेस्ट क्रिकेट में आपको इन चीजों को अपनाना पड़ता है, और ये अनुभव भविष्य में हमारे काम आएंगे। कई युवा खिलाड़ी टीम में आए हैं, उन्होंने बहुत कुछ सीखा है और आगे और मजबूत बनेंगे। ये सबक हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं, और हम इन्हें आगे ले जाना चाहेंगे। यह एक बेहतरीन सीरीज थी। ऑस्ट्रेलिया को बधाई। हम फिर से एकजुट होकर आगे बढ़ेंगे।"   recent visitors 78

3-1 से सीरीज जीतने पर कमिंस ने कहा कि अपनी धरती पर यह जीत हासिल करना बहुत खास है, हमें इस उपलब्धि पर गर्व

सिडनी ऑस्ट्रेलिया के कप्तान पैट कमिंस ने 2024/25 सीजन में पहली बार बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीती। इससे पहले उन्होंने कभी यह प्रतिष्ठित ट्रॉफी नहीं जीती थी। इस जीत से उन्होंने और उनकी टीम ने एक दशक बाद सीरीज अपने नाम की। सिडनी में भारत को छह विकेट से हराने के बाद 3-1 से सीरीज जीतने पर कमिंस ने कहा कि अपनी धरती पर यह जीत हासिल करना बहुत खास है। उन्होंने कहा, "यह अविश्वसनीय है। यह वो ट्रॉफी थी जो कुछ खिलाड़ियों के पास नहीं थी। सबकी नजर इस पर थी और इसने उम्मीदों पर खरा उतरा। हमने अपनी योजनाओं को साफ रखा। हमारा मकसद रन रोकना था। हमें पता था कि पिच चुनौतीपूर्ण होगी। बल्लेबाजों ने अच्छी रणनीति अपनाई और आखिर में सब सही रहा।" कमिंस ने अपनी टीम पर गर्व जताते हुए कहा, "हमने एक ग्रुप के रूप में बहुत समय बिताया। पर्थ का अनुभव उतना बुरा नहीं था जितना लगा। इस सफर में हमें मजा भी आया और सफलता भी मिली। जो हमने हासिल किया, उस पर हमें गर्व है। यह हमारे जीवन का सबसे खास समय है, और हमें खुशी है कि इसे एक साथ जी रहे हैं।" उन्होंने इस सीरीज को अपने टेस्ट करियर की सबसे पसंदीदा सीरीज बताया। खासकर तब जब पांच मैचों में कुल 8,37,879 दर्शकों ने मैच देखे। कमिंस ने कहा, "यह मेरी सबसे पसंदीदा सीरीज में से एक रहेगी। रोहित और जसप्रीत को धन्यवाद। फैंस ने इसे खास बना दिया। यह दिखाता है कि टेस्ट क्रिकेट सबसे बेहतरीन फॉर्मेट क्यों है। हर मैदान का माहौल शानदार था। एमसीजी बेहतरीन था, और सिडनी में तीन बार स्टेडियम खचाखच भरा। पिंक टेस्ट कैलेंडर में खास जगह रखता है। यह वो है, जिसके साथ मैं बड़ा हुआ हूं। हम एक महान उद्देश्य का जश्न मना रहे हैं।" कमिंस ने सीरीज में डेब्यू करने वाले नाथन मैकस्वीनी, सैम कोंस्टास और ब्यू वेबस्टर की तारीफ की। साथ ही ट्रेविस हेड और स्टीव स्मिथ जैसे अनुभवी बल्लेबाजों को भी सराहा। उन्होंने कहा, "इस सीरीज में तीन खिलाड़ियों ने डेब्यू किया और सभी ने शानदार योगदान दिया। आज ब्यू वेबस्टर ने बेहतरीन खेल दिखाया।" कमिंस ने अपनी परफॉरमेंस पर बात करते हुए कहा, "मैं सीरीज में अपने प्रदर्शन से खुश हूं। कुछ अहम मौकों पर हमारे मुख्य खिलाड़ी आगे आए और टीम के लिए बड़ी भूमिका निभाई। भारत जैसी मजबूत टीम को हराने के लिए यही जरूरी है।" इस मैच के हीरो स्कॉट बोलैंड, जिन्हें 10-76 के आंकड़े के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उन्होंने इस जीत को खास बताया। उन्होंने कहा, "यह शानदार अनुभव है। पिछले कुछ महीनों का सफर बहुत मजेदार रहा। मुझे नहीं लगा था कि मैं इस सीरीज में ज्यादा भूमिका निभा पाऊंगा। लेकिन मैंने अपनी तैयारी की और सही समय पर योगदान दिया। 3-1 से भारत के खिलाफ जीतना एक बड़ा पल है। मैं खुश हूं कि टीम की सफलता में अपनी भूमिका निभा सका।"   recent visitors 77

शंकराचार्य नर्सिंग कॉलेज की कुसुमावती गौड़ा का भारतीय मिलिट्री नर्सिंग सर्विस में बनी लेफ्टिनेंट

रायपुर जगदगुरु शंकराचार्य कॉलेज ऑफ नर्सिंग की 2023 बैच की बीएससी नर्सिंग छात्रा कुसुमावती गौड़ा का भारतीय मिलिट्री नर्सिंग सर्विस (MNS) में लेफ्टिनेंट के पद पर चयन हुआ है. कुसुमावती की यह शानदार उपलब्धि एक वर्ष की कठिन तैयारी के बाद 2024 में सफलता के रूप में सामने आई है. कुसुमावती केवल अकादमिक में ही नहीं, बल्कि खेल और सांस्कृतिक गतिविधियों में भी उत्कृष्ट रही हैं. उनकी बहुआयामी क्षमताओं ने उन्हें अन्य छात्रों के लिए आदर्श बना दिया और कॉलेज के लिए गर्व का कारण बना. जगदगुरु शंकराचार्य कॉलेज ऑफ नर्सिंग की निदेशक सुमन त्रिपाठी कहती हैं कि कुसुमावती हमेशा एक असाधारण छात्रा रही हैं, जिन्होंने हर काम में दृढ़ नायकता और जुनून दिखाया. उनकी सफलता उनके कठिन परिश्रम, अनुशासन और उनके परिवार और कॉलेज की ओर से मिले प्रोत्साहन का परिणाम है. कुसुमावती की यात्रा चुनौतियों से मुक्त नहीं थी. आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद उनके परिवार ने उन्हें पूरी तरह से समर्थन दिया, जिससे वह अपने सपनों को साकार कर सकीं. उनकी सफलता की कहानी संकल्प, महत्वाकांक्षा और लक्ष्य की प्राप्ति में एक सहायक वातावरण के महत्व को साबित करती है. अपना बीएससी नर्सिंग पूरा करने के बाद कुसुमावती ने MNS परीक्षा की तैयारी के लिए एक वर्ष का कोचिंग लिया. उनका दृढ़ संकल्प तब रंग लाया, जब उन्होंने प्रतियोगी परीक्षा में सफलता प्राप्त की और भारतीय मिलिट्री नर्सिंग सर्विस में लेफ्टिनेंट के रूप में स्थान हासिल किया. उनके कॉलेज और परिवार ने इस सफलता पर गर्व व्यक्त किया. श्रीमती त्रिपाठी ने कहा कि कुसुमावती की सफलता कॉलेज के सभी नर्सिंग छात्रों के लिए प्रेरणा का स्रोत है. उनकी सफलता ने पूरे कॉलेज समुदाय में उम्मीद और संकल्प का संचार किया है. कुसुमावती का चयन उनके करियर के एक नए अध्याय की शुरुआत है, जब वह भारतीय सशस्त्र बलों में एक प्रतिष्ठित और सार्थक मार्ग पर चलने जा रही हैं, और देश की सेवा में अपनी कर्तव्यनिष्ठा और कौशल का योगदान देंगी. recent visitors 119

अबूझमाड़ में चार नक्सलियों की मौत पर सीएम साय का बयान, कहा- नक्सलियों का अंतिम समय नजदीक

रायपुर अबूझमाड़ में चल रहे एंटी नक्सल ऑपरेशन पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुरक्षा बलों के साहस को नमन करते हुए कहा कि पिछले एक साल से नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बल के जवान मजबूती के साथ लड़ रहे हैं. लड़ाई अब भी जारी है, हमारे एक जवान भी शहीद हुए है. निश्चित रूप से हम लोगों को सफलता मिलेगी. अब नक्सलियों का अंतिम समय आ रहा है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गरियाबंद रवाना होने से पहले पत्रकारों से चर्चा में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या मामले में कहा कि कोई भी दोषी बख्शा नहीं जाएगा. एसआईटी टीम का गठन किया गया है, तीन अपराधी पकड़े भी गए हैं. ठेकेदार के ऊपर कार्रवाई हुई है, उसके सारे अकाउंट सील कर दिए हैं. इसके साथ ही अवैध कब्जे को हटाया गया है. मामले को लेकर सरकार मुस्तैद है. कोई भी आरोपी इस पर बक्शा नहीं जाएगा. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने वहीं आज गरियाबंद जिले के दौरे को लेकर कहा कि लगातार कई जिलों का दौरा जारी है. सैकड़ों कार्यों का लोकार्पण किया जा रहा है. इसी कड़ी में आज गरियाबंद में करोड़ों के विकास कार्यों का भूमिपूजन और शिलान्यास होगा. साथ ही बीजेपी के जिला कार्यालय का भी लोकार्पण करेंगे. recent visitors 58