भारतीय चीन में बढ़ते श्वसन रोगों को देखते हुए निगरानी बढ़ाई, WHO को ताजा जानकारी देने के लिए कहा

नई दिल्ली भारत में स्वास्थ्य मंत्रालय चीन में बढ़ते सांस की बीमारियों के मामलों पर नजर रखे हुए है। चीन में क्या हो रहा है,इसकी जानकारी के लिए WHO से भी संपर्क किया गया है।  को स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। इस बैठक में WHO,आपदा प्रबंधन, रोग निगरानी कार्यक्रम,राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र,भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद और AIIMS दिल्ली सहित कई अस्पतालों के विशेषज्ञ शामिल हुए। विशेषज्ञों ने बताया कि फ्लू के मौसम में सांस की बीमारियों का बढ़ना सामान्य है। रिपोर्ट्स के अनुसार,इस बार इन्फ्लुएंजा वायरस,RSV और HMPV के कारण मामले बढ़ रहे हैं। ये वायरस भारत समेत दुनिया भर में फैले हुए हैं। घबराने की जरूत नहीं हाल ही में,सोशल मीडिया पर चीन के अस्पतालों में मरीजों की भीड़ के वीडियो वायरल हुए थे। कुछ लोगों का दावा था कि यह संकट ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (HMPV) के कारण हुआ है। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक डॉ.अतुल गोयल ने शुक्रवार को कहा कि चीन में HMPV वायरस की खबरें चल रही हैं, जो गंभीर है। HMPV एक सामान्य सांस संबंधी वायरस है जो सर्दी जैसे लक्षण पैदा करता है। कुछ लोगों को,खासकर बुजुर्गों और शिशुओं को,फ्लू जैसे लक्षण हो सकते हैं। लेकिन यह कुछ गंभीर या चिंताजनक नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि सर्दियों में सांस के संक्रमण के मामले बढ़ जाते हैं। डॉ. गोयल ने कहा कि हमारे अस्पताल इस तरह की वृद्धि से निपटने के लिए तैयार हैं। हमारे पास पर्याप्त बिस्तर और ऑक्सीजन की आपूर्ति है।" उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक देश में सांस के संक्रमण के मामलों में कोई खास वृद्धि नहीं हुई है। कोविड से कितना अलग है एचएमपीवी वायरस कोविड-19 और अन्य श्वसन वायरस की तरह HMPV भी खांसने, छींकने और संक्रमित लोगों के निकट संपर्क से उत्पन्न बूंदों या एरोसोल के माध्यम से फैलता है। बुखार,सांस फूलना,नाक बंद होना,खांसी,गले में खराश और सिरदर्द इसके सामान्य लक्षण हैं। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि कुछ मरीजों को इस संक्रमण के कारण ब्रोंकाइटिस और निमोनिया हो सकता है। HMPV के खिलाफ कोई टीका या प्रभावी दवा नहीं है, और इलाज ज्यादातर लक्षणों को प्रबंधित करने के लिए होता है। भारत सरकार की पूरी नजर चीन में सांस की बीमारियों के बढ़ते मामलों की खबरों के बाद, भारत सरकार ने सतर्कता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने WHO से स्थिति पर लगातार अपडेट देने का अनुरोध किया है।  को विशेषज्ञों की एक बैठक में चीन की स्थिति और भारत में तैयारी की जरूरत पर विचार-विमर्श किया गया। विशेषज्ञों ने कहा कि फ्लू के मौसम में सांस की बीमारियों में वृद्धि असामान्य नहीं है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि मौजूदा उछाल इन्फ्लुएंजा वायरस, RSV और HMPV के कारण है, जो इस मौसम में पाए जाने वाले सामान्य रोगजनक हैं। ये वायरस पहले से ही भारत समेत दुनिया भर में फैले हुए हैं। सरकार सभी उपलब्ध माध्यमों से स्थिति पर नजर रख रही है और WHO से चीन की स्थिति के बारे में समय पर अपडेट साझा करने का अनुरोध किया गया है।   recent visitors 72

‘जनसहभागिता से पेयजल के पारंपरिक स्रोतों का जरूरी है संरक्षण’, राजस्थान-डूंगरपुर पहुंचे मुख्यमंत्री भजनलाल

जयपुर। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में जल उपलब्धता बढ़ाने के लिए राज्य सरकार के एक वर्ष के कार्यकाल में अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं। प्रदेश की 40 प्रतिशत आबादी को ईआरसीपी-पीकेसी लिंक परियोजना से पेयजल एवं सिंचाई के लिए जल मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि शेखावाटी क्षेत्र में यमुना जल लाने के लिए एमओयू किया गया है। उदयपुर में देवास योजना के माध्यम से जल उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही, माही बांध से बांसवाड़ा-डूंगरपुर को पेयजल एवं सिंचाई के लिए योजना प्रारंभ की गई है। श्री शर्मा शनिवार को डूंगरपुर के खड़गदा में नदियों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु आयोजित श्रीराम कथा कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी  की पहल पर जन भागीदारी से जल संचय का अभियान शुरू किया गया है। प्रदेश के 40 हजार गांवों में जल संचय के कार्य किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि खड़गदा एवं आस-पास के क्षेत्र के ग्रामीणों ने 9 महीने की कड़ी मेहनत और दृढ़संकल्प से एक किलोमीटर के दायरे में मोरन नदी को चौड़ा और गहरा कर जल की उपलब्धता बढ़ाकर अभूतपूर्व कार्य किया है। पेयजल के लिए पारम्परिक जल स्रोतों का संरक्षण जरूरी— मुख्यमंत्री ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि सभी को मिलकर गांवों में उपलब्ध पेयजल के पारंपरिक स्रोतों कुएं, तालाब, बावड़ी, नदी आदि के संरक्षण के लिए सहभागिता से काम करना चाहिए, ताकि हम इस पीढ़ी और आने वाली पीढ़ी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करा सकंे। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से खड़गदा वासियों ने प्रदेश को यह संदेश दिया है कि स्थानीय पारंपरिक जल स्रोतों का संरक्षण किया जाना बहुत आवश्यक है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी कर रहे हैं नदियों को जोड़ने का काम— श्री शर्मा ने कहा कि पिछले साल जनवरी में 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भगवान श्रीराम अयोध्या के भव्य मंदिर में विराजमान हुए। उन्होंने कहा कि जिस तरह भगवान श्रीराम ने सत्य की जीत के लिए समुद्र पर सेतु बनाकर एक छोर को दूसरे छोर से जोड़ने का काम किया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी आम आदमी को पानी उपलब्ध कराने के लिए नदियों को जोड़ने का काम कर रहे हैं। कर्मभूमि से जन्मभूमि कार्यक्रम में मिल रहा प्रवासी राजस्थानियों का सहयोग— मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं केन्द्रीय जलशक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने कर्मभूमि से जन्मभूमि कार्यक्रम की पहल की है। इसमें प्रवासी राजस्थानियों द्वारा गांवों में भू-जल रिचार्ज हेतु सहयोग दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जल जीवन मिशन के तहत हर घर तक नल से जल पहुंचाने का प्रयास कर रही है। इस मिशन के तहत डूंगरपुर जिले में लगभग 77 हजार कनेक्शन तथा 93 प्रतिशत स्कूलों में नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। डूंगरपुर जिले में बजट घोषणाओं के जरिये हो रहे विकास कार्य— श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा डूंगरपुर जिले के विकास के लिए वर्ष 2024-25 के बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं। सागवाड़ा में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का खंड खोला जाएगा तथा पेयजल के लिए विधानसभा क्षेत्रों में 2 वर्ष में कई हैंडपंप और ट्यूबवेल के निर्माण करवाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सोम-कमला-अंबा भीखाभाई सागवाड़ा फीडर परियोजना पर 125 करोड़ रुपये की लागत से 19 हजार 224 हेक्टेयर कमांड क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराए जाने की स्वीकृति भी जारी कर दी गई है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि डूंगरपुर में 44 करोड़ रुपये की लागत से शिल्पग्राम बनाया जाएगा। इससे सोमपुरा मूर्तिकारों, बांसड (बांस की लकड़ियों से कलाकृति बनाने वाले) एवं पारेवा पत्थरों से कलाकृति बनाने वाले स्थानीय कलाकारों एवं अन्य प्रतिभाओं को जिला स्तर पर मंच एवं प्रोत्साहन प्राप्त होगा। साथ ही, जिले में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। डूंगरपुर जिले के लिए हुए लगभग 1500 करोड़ रुपये के निवेश एमओयू— श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ने अपने पहले ही वर्ष में राइजिंग राजस्थान ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट आयोजित कर प्रदेश के औद्योगिक विकास का मार्ग प्रशस्त किया है। समिट में 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश एमओयू हुए हैं। उन्होंने कहा कि डूंगरपुर जिले के लिए भी लगभग 1500 करोड़ रुपये के निवेश एमओयू हुए हैं। इस निवेश से डूंगरपुर में लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। पूर्ण पारदर्शिता से हो रहा परीक्षाओं का आयोजन— मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने युवाओं की आशा और आकांक्षाओं के अनुरूप राजस्थान लोक सेवा आयोग और राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड का परीक्षाओं का कैलैंडर जारी करवाया है और पूरी पारदर्शिता के साथ परीक्षाओं का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने 47 हजार युवाओं को नियुक्तियां देने का काम किया है। जनवरी में होने वाले आयोजन में भी 10 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्तियां दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि लगभग 81 हजार नौकरियों के लिए वर्ष 2025 का परीक्षा कैलेण्डर जारी किया गया है। युवाओं को 5 वर्ष में 4 recent visitors 142

जेल सुधार और ओपन जेल पर सेमिनार आयोजित, राजस्थान-राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण भवन व मार्ग की सौगात

जयपुर। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के नव निर्मित भवन ‘विधिक सेवा सदन’ का उद्घाटन एवं ‘विधिक सेवा मार्ग’ सड़क का नामकरण न्यायाधिपति श्री बी.आर. गवई, न्यायाधिपति, उच्चतम न्यायालय एवं कार्यकारी अध्यक्ष राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, न्यायाधिपति श्री संदीप मेहता, न्यायाधिपति, उच्चतम न्यायालय एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं मुख्य न्यायाधिपति श्री एम. एम. श्रीवास्तव, न्यायाधीश राजस्थान उच्च न्यायालय एवं मुख्य संरक्षक राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण एवं न्यायाधिपति श्री पंकज भण्डारी, न्यायाधीश राजस्थान उच्च न्यायालय एवं कार्यकारी अध्यक्ष राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण तथा अन्य न्यायाधिपतिगण राजस्थान उच्च न्यायालय की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर न्यायाधिपति श्री बी.आर. गवई ने रालसा के नवनिर्मित ​भवन का अवलोकन किया तथा भवन में मौजूद डिजीटल इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक सुविधाओं की सराहना की। उन्होंने रालसा के नवीन लोगो का अनावरण भी किया। न्यायाधिपति श्री बी. आर. गवई ने राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित जेल सुधार और ओपन ​जेल के संबंध में सेमिनार, रालसा द्वारा पीरियोडिकल न्यूजपेपर न्याय रो साथी के उद्घाटन समारोह और विशेष योग्यजन बच्चों के लिए शुरू की गयी उड़ान स्कॉलरशिप समारोह को भी संबोधित किया। उन्होंने बताया कि पैरा लिगल वॉलेंटियर्स विधिक सेवा का महत्वपूर्ण स्तंभ है। उन्होंने रालसा द्वारा ओपन जेल एवं न्यायिक सेवाओं को सुलभ और प्रभावी बनाने के लिए किये जा रहे इन प्रयासों की सराहना की और कहा कि अन्य राज्यों के लिए रालसा एक रोल मॉडल के रूप में उभरेगा। उन्होंने रालसा के नवीन भवन में उपलब्ध कराई जा रही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा की भी सराहना करते हुए कहा कि इस सुविधा से ऑनलाइन ही न्यायिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेगी। इस अवसर पर न्यायाधिपति श्री बी.आर. गवई ने डेली डायरी कम रेडी रेकनर का भी विमोचन किया। इसमें प्राधिकरण द्वारा किये जाने वाले कार्यों एवं महत्वपूर्ण संपर्क की जानकारी दी गई है साथ ही उन्होंने पीएलवी (अधिकार मित्र) को बैजेज वितरीत किये। उन्होंने सेवानिवृत न्यायाधिपति राजस्थान उच्च न्यायालय श्री जसराज चोपड़ा द्वारा विधिक कार्यों के लिए दी गयी राशि के लिए धन्यवाद कर उनका सम्मान किया। उन्होंने महिला शिक्षा की दिशा में ज्योतिबा फुले एवं सवि​त्री बाई फुले के योगदान को भी याद किया तथा रालसा के नवीन लोगो 'अधिकार आपका कर्तव्य हमारा' की सराहना की। उन्होंने नालसा के नवीन कैंपेन नेशनवाईड कंपीटीशन फॉर लॉ कोलेजेज इन रील मेकिंग एंड शॉर्ट फिल्म टाइटल-कनेक्टिंग विद द कॉज  के संबंध में जानकारी दी। न्यायाधिपति श्री संदीप मेहता ने रालसा द्वारा किये गये नवीन पहलों की सराहना करते हुए ई-प्रीजन सॉफ्टवेयर के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने जेलों में जा​तिगत आधार पर काम के बंटवारे पर संज्ञान लेकर इस संबंध में नियमों में संशोधन किये जाने पर जोर दिया। मुख्य न्यायाधिपति राजस्थान उच्च न्यायालय श्री एम.एम श्रीवास्तव ने रालसा के नवनिर्मित भवन के डिजीटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सराहना की तथा ओपन जेल सिस्टम को राजस्थान में अग्रणी बताया। न्यायाधिपति श्री पंकज भंडारी ने रालसा द्वारा 6 से 18 वर्ष के विशेष योग्यजन बच्चों के लिए 2500 रूपये प्रतिमाह की स्कॉलरशिप देने की शुरूआत करते हुए इसे एक मानवीय पहल बताया। कार्यक्रम के अंत में न्यायाधिपति राजस्थान उच्च न्यायालय एवं अध्यक्ष राजस्थान उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति जोधपुर श्री पी एस भाटी द्वारा मुख्य न्यायाधिपति राजस्थान उच्च न्यायालय श्री एम.एम श्रीवास्तव को विधिक सेवा कार्यों को नई दिशा देने के लिए धन्यवाद दिया तथा सेवानिवृत न्यायाधिपति श्री जसराज चोपड़ा एवं उपस्थित सभी अतिथीगणों का धन्यवाद ज्ञापित किया। recent visitors 133

विवाह के बाद पहली बार किए दर्शन, राजस्थान-राजसमंद में मुकेश अंबानी की बहु राधिका अंबानी का श्रीनाथजी हवेली में भव्य स्वागत

राजसमंद। उद्योगपति मुकेश अंबानी की बहु और अनंत अंबानी की पत्नी राधिका अनंत अंबानी ने शनिवार को श्रीनाथजी हवेली में पहली बार विवाह के बाद श्रीजी प्रभु के शृंगार और राजभोग की झांकी के दर्शन किए। इस पावन अवसर पर उनके साथ उनके माता-पिता और परिवारजन भी उपस्थित रहे। उद्योगपति मुकेश अंबानी की पुत्र वधु राधिका अनंत अंबानी ने श्रीनाथजी मंदिर में श्रीजी प्रभु के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने श्रीजी प्रभु शृंगार और राजभोग झांकी के दर्शन किए। दर्शन के दौरान राधिका अंनत अंबानी के पिता सुधीर मर्चेंट व माता सहित परिवार के सदस्य भी साथ में थे। दर्शन के बाद मंदिर परंपरानुसार तिलकायत पुत्र विशाल बावा ने राधिका अंबानी एवं उनके परिवार जनों का रजाई एवं ऊपरना ओढ़ाकर एवं प्रसाद भेंट कर समाधान किया। जानकारी के अनुसार, राधिका अंबानी अपने विवाह के बाद पहली बार श्रीजी प्रभु के द्वार आई और उन्होंने प्रभु के शृंगार एवं राजभोग की झांकी के दर्शन किए। इस अवसर पर राधिका अंबानी ने विशाल बावा एवं दीक्षिता बहू से श्रीजी प्रभु के राग, भोग, शृंगार एवं पुष्टि मार्गीय सेवा एवं प्रभु की लीलाओं के संदर्भ में भी चर्चा की। इस अवसर पर राधिका अंबानी ने विशाल बावा से पूरे परिवार के साथ जल्द ही श्रीजी प्रभु के दर्शन करने की इच्छा जताई। इस अवसर पर मंदिर के अधिकारी सुधाकर उपाध्याय, मंदिर के मुख्य प्रशासक भारत भूषण व्यास, तिलकायत मुख्य सलाहकार अंजन शाह, सहायक अधिकारी अनिल सनाढ्य, तिलकायत सचिव लीलाधर पुरोहित, पीआरओ गिरीश व्यास, समाधानी उमंग मेहता, गोवर्धन सनाढ्य, जमादार हर्ष सनाढ्य, कैलाश पालीवाल मौजूद रहे। recent visitors 201

लिंक से डाउनलोड करें एडमिट कार्ड, छत्तीसगढ़-शीघ्रलेखन और मुद्रलेखन कम्प्यूटर कौशल परीक्षा 11 से

रायपुर। शीघ्रलेखन और मुद्रलेखन कम्प्यूटर कौशल परीक्षा 11 और 12 जनवरी को विभिन्न केन्द्रों में आयोजित की जाएंगी। परीक्षार्थीगण परिषद की वेबसाईट https://ctsp.cg.nic.in से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। शीघ्र लेखन और मुद्रलेखन कम्प्यूटर कौशल परीक्षा परिषद के सचिव से मिली जानकारी के अनुसार 11 जनवरी को विभिन्न केन्द्रों में परीक्षा आयोजित की जाएंगी। शीघ्र लेखन और मुद्रलेखन कम्प्यूटर कौशल परीक्षा परिषद के सचिव से मिली जानकारी के अनुसार 11 जनवरी को श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल मेनेजमेंट और टेक्नोलॉजी, मुजगहन रायपुर, श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नीकल केम्पस जुनवानी रोड भिलाई, डीपी विप्र महाविद्यालय, पुराना उच्च न्यायालय रोड बिलासपुर, धरमु माहरा शासकीय कन्या पॉलिटेक्निक, धरमपुरा-2 जगदलपुर में आयोजित की जाएगी। इसी प्रकार 12 जनवरी को श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफेशनल मेनेजमेंट एण्ड टेक्नोलॉजी, मुजगहन रायपुर, श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नीकल केम्पस जुनवानी रोड भिलाई, डी.पी विप्र महाविद्यालय, पुराना उच्च न्यायालय रोड बिलासपुर, धरमु माहरा शासकीय कन्या पॉलिटेक्निक, धरमपुरा-2 जगदलपुर एवं भिलाई इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी केन्द्र नवा रायपुर में आयोजित की जाएगी। परीक्षार्थी इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए शीघ्रलेखन एवं मुद्रलेखन कम्प्यूटर कौशल परीक्षा परिषद की वेबसाईट का अवलोकन कर सकते हैं। recent visitors 73

धनश्री से तलाक की अफवाहों के बीच युजवेंद्र चहल हुए भावुक, साझा किया ‘दर्द’

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेटर युजवेंद्र चहल ने धनश्री वर्मा से अलग होने की अफवाहों के बीच एक ऐसा पोस्ट शेयर किया जो उनकी निजी जिंदगी की दिक्कतों पर प्रकाश डालता है। चहल ने सोशल मीडिया पर दर्द बयां किया है। शनिवार देर शाम के इस इंस्टा स्टोरी ने पूरे दिन चली अफवाहों को और हवा दे दी है। दरअसल, शनिवार को युजवेंद्र चहल और धनश्री वर्मा के संभावित तलाक की अफवाहें उड़ीं। कहा गया कि दोनों ने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक-दूसरे को अनफॉलो कर दिया। कुछ रिपोर्टों में उनके करीबी लोगों के हवाले से तलाक को लेकर भी दावा किया गया। चहल ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, "कड़ी मेहनत लोगों के कैरेक्टर को स्पॉटलाइट में लाती है। आप अपनी यात्रा जानते हैं। आप अपना दर्द जानते हैं। आप जानते हैं कि यहां तक पहुंचने के लिए आपने क्या-क्या किया है। दुनिया जानती है, आप मजबूती से खड़े हैं।" उन्होंने आगे कहा, "आपने पिता और मां को गर्व कराने के लिए पूरा पसीना बहाया। हमेशा एक गौरवान्वित बेटे की तरह सीना तान कर खड़े रहो।" बता दें कि युजवेंद्र चहल ने 8 अगस्त 2020 को यूट्यूबर, डांस कोरियोग्राफर और डेंटिस्ट धनश्री से सगाई की थी। उन्होंने रियलिटी शो झलक दिख जा में भी हिस्सा लिया था और 22 दिसंबर, 2020 को दोनों ने गुरुग्राम में एक निजी समारोह में शादी की थी। हाल के दिनों में धनश्री ने चहल के समर्थन में पोस्ट भी किए थे लेकिन फिर दोनों ने सोशल मीडिया पर एक-दूसरे को अनफॉलो कर जता दिया कि शादीशुदा जिंदगी में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। वैसे साल 2023 में भी धनश्री और युजवेंद्र के तलाक की अफवाहों ने जोर पकड़ा था। कोरियोग्राफर ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'चहल' सरनेम हटा दिया था जिसके बाद उनके मनमुटाव और अलगाव की खबरें सुर्खियों में आ गई थीं। हालांकि युजवेंद्र चहल ने इन अफवाहों को खारिज कर फैंस से अफवाहें न फैलाने की अपील की थी।   recent visitors 60

आईसीसी अंडर-19 महिला टी-20 विश्व कप के लिए ऑस्ट्रेलिया का लूसी हैमिल्टन को कप्तान बनाया गया

सिडनी तेज गेंदबाज लूसी हैमिल्टन को 18 जनवरी से मलेशिया में शुरू होने वाले आगामी आईसीसी अंडर-19 महिला टी-20 विश्व कप के लिए ऑस्ट्रेलिया का कप्तान बनाया गया है। लेग स्पिनर हसरत गिल को 16 टीमों के इस टूर्नामेंट के लिए उप-कप्तान नियुक्त किया गया है। साल 2023 में लूसी 16 साल की उम्र में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित आईसीसी अंडर-19 महिला टी-20 विश्व कप में हिस्सा ले चुकी हैं। वह लगातार दूसरी बार अंडर-19 विश्व कप में खेलेंगी। इस ऑलराउंडर ने 2022 में क्वींसलैंड फायर के लिए 15 साल की उम्र में अपना पहला मैच खेला था, जिससे वह राज्य की दूसरी सबसे कम उम्र की डेब्यू खिलाड़ी बन गई थीं, जबकि उन्होंने 16 साल की उम्र में डब्ल्यूबीबीएल में डेब्यू किया था। बाएं हाथ से तेज गेंदबाजी करने वाली लूसी डब्ल्यूबीबीएल के इतिहास में पांच विकेट लेने वाली सबसे कम उम्र की क्रिकेटर बनी, जब उन्होंने पिछले साल नवंबर में ड्रमॉयन ओवल में मेलबर्न स्टार्स के खिलाफ ब्रिस्बेन हीट के लिए चार ओवर में 5-8 विकेट लिए थे। कप्तान बनाए जाने पर तेज गेंदबाज लूसी हैमिल्टन ने कहा, "अंडर 19 विश्व कप के लिए ऑस्ट्रेलिया का कप्तान बनाया जाना एक बहुत बड़ा सम्मान है, मैं अपनी टीम का नेतृत्व करने के अवसर के लिए अविश्वसनीय रूप से आभारी हूं।" क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया (सीए) द्वारा जारी एक बयान में लूसी ने कहा, "मैं ऑस्ट्रेलिया के लिए फिर से खेलने को लेकर रोमांचित हूं, विश्व कप युवा खिलाड़ियों के लिए सबसे बड़ा उत्सव है और एक टीम के रूप में हम अपने सामने मौजूद अवसर का लाभ उठाने के लिए उत्साहित हैं। इस ऑलराउंडर ने इस सीजन में डब्ल्यूबीबीएल में 12 विकेट लेकर संयुक्त रूप से सातवें सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली खिलाड़ी का स्थान हासिल किया। लूसी में वह प्रतिभा है जिसके दम पर उन्होंने विश्व कप में अपने देश का नेतृत्व करने का मौका पूरी तरह से अर्जित किया है।" ऑस्ट्रेलिया अंडर-19 कोच क्रिस्टन बीम्स ने कहा, विश्व मंच पर वह इससे पहले प्रदर्शन और अपनी क्षमता दिखा चुकी हैं और हम इस बात को लेकर उत्साहित हैं। लूसी हमारी टीम की कप्तान होंगी और उन्हें पूरी टीम का सपोर्ट हासिल है। ऑस्ट्रेलिया टीम: लूसी हैमिल्टन (कप्तान), क्लो ऐंसवर्थ, लिली बैसिंगथवेट, काओइम ब्रे, एला ब्रिस्को, मैगी क्लार्क, हसरत गिल (उपकप्तान), एमी हंटर, सारा कैनेडी, एलेनोर लारोसा, ग्रेस लियोन्स, इनेस मैककॉन, जूलियट मॉर्टन, केट पेले और टेगन विलियमसन।   recent visitors 92