कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन ने गंगा में चलने वाली सभी मोटर बोट पर रेट लिस्ट लगाने का फैसला किया

वाराणसी महाकुंभ को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। आस्था की संगम नगरी प्रयागराज में 13 जनवरी को लगने जा रहे महाकुंभ को लेकर एक पूरा महाकुंभ नगर बसा दिया गया है। प्रयागराज में विभिन्न अखाड़ों का छावनी प्रवेश भी शुरू हो चुका है। भव्य और दिव्य पेशवाई ने आमजन को मुग्ध किया है तो वहीं वाराणसी में भी कुंभ का व्यापक असर देखा जा रहा है। महाकुंभ की तैयारियों के लिए केवल प्रयागराज ही नहीं, बल्कि वाराणसी में भी लगातार अधिकारियों की बैठक हो रही है। पूरे कुंभ के दौरान वाराणसी में 10 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने गंगा में चलने वाली सभी मोटर बोट पर रेट लिस्ट लगाने का फैसला किया है जो नाव चलाने वालों के साथ पर्यटकों के लिए भी बहुत फायदे का सौदा साबित होने जा रहा है। किसी भी तीर्थ पर विशेष अवसर के समय जुटने वाली बड़ी भीड़ स्थानीय साधन और संसाधनों की मांग बहुत बढ़ा देती है। ऐसे में श्रद्धालुओं की ओर से भी कई बार यह शिकायत आती है कि उनसे किसी सेवा और चीज के बदले बहुत अधिक चार्ज कर लिया गया। उनको ठगी का शिकार होने का भय रहता है। वहीं, मांग में वृद्धि के कारण स्थानीय दुकानदारों या सेवा प्रदाताओं को शिकायत होती है कि उनको ग्राहकों से उचित रकम नहीं मिल पा रही है। ऐसे में सरकार का ये फैसला सभी पक्षों के लिए सही है। इस बारे में बात करते हुए स्थानीय निवासी गौरव द्विवेदी ने आईएएनएस को बताया, "काशी के घाटों पर अब नाव पर रेट लिस्ट चिपकेगी। यह सरकार की तरफ से बहुत अच्छी पहल है। क्योंकि अभी यह सीजन चल रहा है और बनारस में अगर देखा जाए तो कुछ दिनों से पर्यटन एकाएक बढ़ रहा है। यदि कोई ऐसा पर्यटक बनारस आता है जिसकी कोई जान-पहचान नहीं होती है तो सबसे बड़ी शिकायत यही सामने आती है कि नाव वालों ने ओवरचार्ज कर दिया। ऐसे में यह सरकार की बड़ी अच्छी पहल है।" उन्होंने आगे कहा कि रेट लिस्ट के हिसाब से पेमेंट तय हो जाएगा। पर्यटकों की सुविधाओं को अगर देखा जाए तो ये बहुत अच्छी चीज है। साथ ही इसमें नाव वालों का भी पक्ष देखते हुए दाम को मार्केट रेट से थोड़ा सा ऊपर रखा गया है। क्योंकि सीजन के समय में बहुत पर्यटक आते हैं जिससे डिमांड बढ़ते ही रेट काफी ज्यादा हो जाते हैं। ऐसे में नाव वालों को भी इस रेट लिस्ट से शिकायत नहीं होगी। सरकार ने काफी अच्छे से रेट तय किए हैं और देखा जाए तो टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है। recent visitors 100

मध्यप्रदेश में तबादलों पर दो वर्ष से लगा प्रतिबंध मार्च से हटेगा, कलेक्टर-कमिश्नर के इसी माह होंगे स्थानांतरण

भोपाल प्रदेश में तबादलों पर दो वर्ष से लगा प्रतिबंध अब मार्च में ही हटेगा। हालांकि, कलेक्टर-कमिश्नर सहित अन्य अधिकारियों के तबादले जनवरी में होंगे। छह जनवरी को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होने के बाद कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर, एसडीएम तहसीलदार सहित 65 हजार कर्मचारियों के तबादले पर लगा प्रतिबंध हट जाएगा। प्रदेश में वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए सरकार ने तबादला नीति घोषित नहीं की थी, तब से तबादले केवल मुख्यमंत्री समन्वय के माध्यम से ही हो रहे हैं। चुनाव के बाद से लगातार मंत्री और जनप्रतिनिधि तबादला नीति जारी करने की मांग भी कर रहे हैं।   मार्च से हटाया जा सकता है प्रतिबंध मुख्यमंत्री ने अनौपचारिक कैबिनेट में मंत्रियों को आश्वस्त भी किया है कि तबादले पर से प्रतिबंध जल्द ही हटाया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि मार्च से प्रतिबंध हटाया जा सकता है। इसमें भी सीमित संख्या में ही तबादले करने के अधिकार मंत्रियों को दिए जाएंगे। प्रभार के जिले में पूरा अधिकार प्रभारी मंत्री का रहेगा। प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा पदस्थ उधर, सरकार जनवरी में मैदानी स्तर पर जमावट करेगी। इसमें उन अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर जिलों में पदस्थ किया जाएगा, जिन्हें दो वर्ष तक काम करने का मौका दिया जा सके। इसके लिए मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान में प्रदर्शन के साथ जनप्रतिनिधियों से समन्वय को भी आधार बनाया जाएगा। वही मंत्रालय स्तर पर भी कुछ परिवर्तन होंगे अपर मुख्य सचिव गृह एसएन मिश्रा एक फरवरी को सेवानिवृत हो जाएंगे। कई अधिकारी सचिव और प्रमुख सचिव के पद पर पदोन्नति हो चुके हैं। उनकी जिम्मेदारियां में भी परिवर्तन किया जाएगा। recent visitors 77

महाकुंभ: श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए हर श्रेणी के लिए अलग-अलग ई-पास जारी किए जा रहे

प्रयागराज महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम व्यवस्था और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए छह अलग-अलग रंग के ई-पास जारी किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार, इस बार श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए हर श्रेणी के लिए अलग-अलग ई-पास जारी किए जा रहे हैं। ई-पास को विभिन्न कैटेगिरी के आधार पर वितरित किया जाएगा, जैसे कि उच्च न्यायालय, वीआईपी, विदेशी राजदूत, विदेशी नागरिक और अप्रवासी भारतीयों के लिए सफेद रंग का पास, अखाड़ों और संस्थाओं के लिए केसरिया रंग का पास, कार्यदायी संस्थाओं, वेंडर, फूड कोर्ट, और मिल्क बूथ के लिए पीला रंग का पास, मीडिया के लिए आसमानी रंग का पास, पुलिस बल के लिए नीला रंग का पास, और आपातकालीन सेवाओं के लिए लाल रंग का पास जारी किया जाएगा। सुरक्षा के साथ-साथ व्यवस्थाओं की सुचारु कार्यप्रणाली के लिए प्रत्येक विभाग में नोडल अधिकारी नामित किए जा रहे हैं, जो आवश्यकताओं और अनुमोदन के आधार पर पास जारी करेंगे। इसके अतिरिक्त, महाकुंभ के दौरान वाहनों के लिए भी ई-पास जारी किए जाएंगे। इन पासों का वितरण विभागीय स्तर पर होगा और प्रत्येक वाहन पास के लिए आवेदक को अपना व्यक्तिगत विवरण, कलर्ड पासपोर्ट फोटो, आधार कार्ड अथवा पैन कार्ड, वाहन रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र, और ड्राइविंग लाइसेंस की स्वहस्ताक्षरित छाया प्रति प्रस्तुत करनी होगी। बाइक या कार के लिए पास प्राप्त करने प्रक्रिया 1. पास की श्रेणियाँ और रंग: महाकुंभ में विभिन्न श्रेणियों के लिए अलग-अलग रंग के ई-पास जारी किए जाएंगे: सफेद रंग: उच्च न्यायालय, वीआईपी, विदेशी राजदूत, विदेशी नागरिक, अप्रवासी भारतीय, केंद्र और राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के लिए। केसरिया रंग: अखाड़ों और संस्थाओं के लिए। पीला रंग: कार्यदायी संस्थाओं, विक्रेताओं, फूड कोर्ट और मिल्क बूथ के लिए। आसमानी रंग: मीडिया कर्मियों के लिए। नीला रंग: पुलिस बल के लिए। लाल रंग: आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं के लिए। 2. आवेदन प्रक्रिया: आवेदन पत्र: ऑनलाइन आवेदन पत्र भरें, जिसमें व्यक्तिगत विवरण, वाहन की जानकारी और आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करें। दस्तावेज़: आवेदक का आधार कार्ड या पैन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, वाहन का रजिस्ट्रेशन प्रमाण पत्र और ड्राइविंग लाइसेंस की स्वहस्ताक्षरित छाया प्रति आवश्यक होगी। प्रक्रिया: यूपी डेस्को (यूपी राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम) के माध्यम से ई-पास प्रणाली लागू की जाएगी। विभागीय स्तर पर नोडल अधिकारी नामित किए जाएंगे, जो पास के अनुमोदन के लिए जिम्मेदार होंगे। 3. पास की प्राप्ति: स्वीकृति: आवेदन की स्वीकृति के बाद, ई-पास संबंधित विभाग द्वारा जारी किया जाएगा। प्रिंटिंग: ई-पास को प्रिंट करके मेला पुलिस कार्यालय से प्राप्त किया जा सकेगा। 4. सुरक्षा और नियंत्रण: बार कोड: ई-पास पर बार कोड होगा, जिससे पासधारक और वाहन की जानकारी सत्यापित की जा सकेगी। रंग कोडिंग: पास के रंग से यह पता चलेगा कि पासधारक मेला क्षेत्र में कहां तक जा सकता है, जिससे अनावश्यक भीड़ से बचा जा सकेगा। उत्तर प्रदेश की नोडल आईटी संस्था यूपीडेस्को द्वारा ई-पास प्रणाली की व्यवस्था लागू की गई है, जिससे वाहनों के पास के लिए ऑनलाइन आवेदन और स्वीकृति की प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित किया जाएगा। विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी, मेला पुलिस और संस्थाओं के प्रतिनिधि वाहन पासों के आवेदनों की सत्यता की जांच करेंगे। इस व्यवस्था से महाकुंभ के आयोजन को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं।   recent visitors 84

EPFO नया सिस्‍टम बैंकिंग सिस्‍टम्‍स के बराबर सुविधाएं प्रोवाइड कराएगी, वेबसाइट इंटरफेस अधिक यूजर्स-अनुकूल होगा

नईदिल्ली ईपीएफ खाताधारकों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है. केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने ऐलान किया है कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) इस साल जून तक अपना नया सॉफ्टवेयर सिस्टम, EPFO 3.0 शुरू करने के लिए तैयार है.  पत्रकारों से बात करते हुए मंडाविया ने कहा कि नया सिस्‍टम देश में बैंकिंग सिस्‍टम्‍स के बराबर सुविधाएं प्रोवाइड कराएगी. साथ ही वेबसाइट इंटरफेस अधिक यूजर्स-अनुकूल होगा. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि EPFO 3.0 के लॉन्च के बाद ईपीएफओ अपने सदस्यों को ATM कार्ड जारी करेगा. उन्होंने आगे बताया कि वेबसाइट और सिस्टम में सुधार के शुरुआती चरण को जनवरी 2025 के अंत तक अंतिम रूप दे दिया जाएगा. EPFO 3.0 कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) सदस्यों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए तैयार है. इसका उद्देश्य पहुंच में सुधार, प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करना और कर्मचारियों को उनके रिटायरमेंट फंड पर अधिक कंट्रोल देने के लिए नई सुविधाएं पेश करना है. कबसे निकाल सकेंगे एटीएम से पैसा? नए EPF विड्रॉल दिशा-निर्देशों के साथ कर्मचारियों को जल्द ही ATM कार्ड का उपयोग करके अपनी EPF सेविंग तक तेजी से पहुंचने की क्षमता मिल सकती है. इससे वे फाइनेंशियल इमरजेंसी या अप्रत्याशित खर्चों को प्रभावी ढंग से मैनेज कर सकेंगे. पिछले महीने श्रम सचिव सुमिता डावरा ने घोषणा की थी कि EPFO के कस्‍टमर्स साल 2025 तक ATM के माध्यम से अपने PF की निकासी कर सकेंगे. डावरा ने बताया कि श्रम मंत्रालय वर्तमान में ईपीएफओ से संबद्ध भारत के कर्मचारियों को लाभ पहुंचाने के लिए आईटी सेवाओं को बढ़ाने पर काम कर रहा है. कितना निकाल सकते हैं पैसा? डावरा के अनुसार, सभी सदस्‍य और बीमित व्यक्ति एटीएम के माध्यम से अपने भविष्य निधि (PF) को निकाल सकेंगे. हाल ही में मीडिया रिपोर्ट्स से पता चलता है कि लाभार्थी के खाते में कुल शेष राशि के 50% तक निकासी सीमित होगी. इसी तरह, ईपीएफओ पेंशन कंट्रीब्‍यूशन में अधिक लचीलापन पेश करने के लिए एक नई योजना लागू करने पर विचार कर रहा है. इस प्रस्ताव के तहत, कर्मचारियों के पास कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में मौजूदा 12 प्रतिशत सीमा से अधिक या कम अंशदान करने का विकल्प होगा. मोबाइल ऐप की भी होगी सुविधा मोबाइल बैंकिंग की तरह ईपीएफ खातों के लिए एक विशेष ऐप भी तैयार हो रहा है जिसके जरिए सदस्य अपने खाते में आने वाले मासिक योगदान, पेंशन फंड से लेकर पूर्व की नौकरियों के कंट्रीब्‍यूशन आदि चीजें देख सकते हैं. इतना ही नहीं वे मोबाइल ऐप के जरिए अपने पीएफ अकाउंट को मॉनिटर भी कर सकते हैं. अभी कितना है कंट्रीब्‍यूशन? वर्तमान में, कर्मचारी और नियोक्ता दोनों ही कर्मचारी के मूल वेतन, महंगाई भत्ते और किसी भी रिटेनिंग भत्ते का 12 प्रतिशत EPF में योगदान करते हैं. कर्मचारी का पूरा योगदान EPF में आवंटित किया जाता है, जबकि नियोक्ता का 12 प्रतिशत योगदान EPF में 3.67 प्रतिशत और EPS में 8.33 प्रतिशत के रूप में विभाजित किया जाता है. इसके अतिरिक्त भारत सरकार 15,000 रुपये से कम कमाने वालों के लिए कर्मचारी पेंशन में 1.16 प्रतिशत का योगदान देती है.   recent visitors 112

MP वालों सावधान 7 जनवरी से तेज ठंड का दूसरा दौर: पारे में 2-3 डिग्री की गिरावट के आसार; कईं जिलों में आज कोहरा

MP residents beware, second round of intense cold from January 7: mercury likely to drop by 2-3 degrees; fog in many districts today भोपाल । वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के असर से मध्यप्रदेश में जनवरी में तेज ठंड का दूसरा दौर अगले 48 घंटे बाद यानी कल 7 जनवरी से शुरू होगा। प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में रविवार से यह सिस्टम एक्टिव हुआ है, जिसका असर दो दिन बाद दिखेगा। इससे पहले ग्वालियर-चंबल, उज्जैन, सागर और रीवा संभाग में कोहरे का असर देखने को मिलेगा। सोमवार सुबह करीब 20 जिलों में कोहरा छाया हुआ है। मौसम वैज्ञानिक वीएस यादव ने बताया- वेस्टर्न डिस्टरबेंस की एक्टिविटी से उत्तर से बर्फीली हवाएं आने लगेंगी। जिनकी रफ्तार तेज होगी। ये ठंड का असर बढ़ाएंगी। दिन-रात दोनों के तापमान में गिरावट होगी। जनवरी में मावठे की बारिश भी हो सकती है। 10 जनवरी को वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर उत्तर-पश्चिमी भारत में देखने को मिल सकता है। प्रदेश में इससे बूंदाबांदी होने के आसार भी हैं। बर्फ पिघलने पर गिरेगा पारा जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख में बर्फबारी होने से सर्द हवाएं प्रदेश में आ रही हैं। रविवार को 12.6 किमी की ऊंचाई पर 240 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से जेट स्ट्रीम चलती रहीं। इस कारण ठंड का असर बना रहा। आने वाले दिनों में बर्फ पिघलेगी। जिससे हवा की रफ्तार तेज होगी और प्रदेश में ठंड का असर बढ़ जाएगा। मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी में प्रदेश का मौसम ठंडा ही रहेगा। 20 से 22 दिन तक शीतलहर चलने का अनुमान है। अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम 5 जनवरी: ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, छतरपुर, सतना, रीवा, मऊगंज और सिंगरौली में घना कोहरा रहेगा। नीमच, मंदसौर, गुना, अशोकनगर, मैहर, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़ और सीधी में मध्यम कोहरा रहेगा। 6 जनवरी: ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, सीधी, मऊगंज, सिंगरौली, सीधी, मैहर, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर में कोहरे का अलर्ट है। 7 जनवरी: ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, अनूपपुर, शहडोल में मध्यम कोहरा छाया रहेगा। recent visitors 250

पूरा उत्तर भारत शीतलहर की चपेट में, दिल्ली में छाया घना कोहरा, कई राज्यों में कड़ाके की ठंड, ऑरेंज अलर्ट जारी

नई दिल्ली भारत मौसम विज्ञान विभाग ने दिल्ली में ठंड और कोहरे को लेकर चेतावनी जारी की है। जम्मू कश्मीर, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान समेत उत्तर भारत के कई राज्यों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इसके चलते कहीं ऑरेंज तो कहीं येलो अलर्ट जारी किया गया है। आईएमडी के मुताबिक उत्तर पश्चिम और मध्य भारत में अगले 2 दिन तक शीत दिवस और कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। हरियाणा, चंडीगढ़ एवं दिल्ली के अलग-अलग स्थानों में 3 और 4 जनवरी को देर रात/सुबह के समय बहुत घना कोहरा छाए रहने की संभावना पहले ही जताई गई थी। वहीं उत्तर प्रदेश में भी जबरदस्त ठंड पड़ रही है। विजिबिलिटी भी काफी कम है। कई जगहों पर विजिबिलिटी घटकर 50-100 मीटर रह गई है। यूपी में अति घना कोहरा छाए रहने की चेतावनी जारी कर दी गई थी। राजधानी दिल्ली से सटे बहादुरगढ़ में भी विजिबिलिटी महज 10 मीटर रही। 5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवा चल रही है। यहां वायु प्रदूषण का स्तर भी बेहद खराब रिकॉर्ड किया गया। एक्यूआई 300 पार पहुंच गया है। वहीं, दिल्ली एनसीआर में ठंड के कारण लोग संभल कर निकल रहे हैं। सड़क पर वाहन रेंगते देखे जा सकते हैं। इसका असर हवाई और रेल सेवा पर भी पड़ा है। घने कोहरे की वजह से आईजीआई पर फ्लाइट्स परिचालन प्रभावित हुआ है। आवाजाही और प्रस्थान रोक दिया गया। इंदिरा गांधी एयरपोर्ट से शुक्रवार को संचालित होने वाली 100 से ज्यादा विमान देरी से रवाना हुईं। रनवे पर लो विजिबिलिटी प्रोसीजर लागू कर विमानों की आवाजाही कराई गई। इससे कई विमानों के संचालन में देरी हुई। दिल्ली-एनसीआर में भी घना कोहरा छाया हुआ है। गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद, गुरुग्राम में भी शीतलहर का प्रकोप जारी है। तापमान लगातार गिर रहा है। मौसम पूर्वानुमान में न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस रहने का संकेत दिया गया है। वहीं शनिवार सुबह बहादुरगढ़ का न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।   recent visitors 88

केन्द्र सरकार की गाइडलाइन के तहत कोचिंग सेंटर्स का करें पंजीकरण-High Court

जयपुर  राजस्थान हाईकोर्ट ने कोचिंग विद्यार्थियों की ओर से आए दिन आत्महत्या करने से जुडे मामले में कहा है कि कोचिंग सेंटर्स के लिए केन्द्र सरकार की ओर से बनाई गई गाइडलाइन के तहत उनका पंजीकरण किया जाए। वहीं गाइड लाइन में बताए पैरामीटर की पालना भी सुनिश्चित की जाए। सीजे एमएम श्रीवास्तव और जस्टिस उमाशंकर व्यास की खंडपीठ ने यह आदेश प्रकरण में लिए गए स्वप्रेरित प्रसंज्ञान पर सुनवाई करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार से पूछा कि क्या केन्द्र सरकार की ओर से बनाए गए रेगुलेशन लागू हो सकते हैं या नहीं, क्योंकि इनमें सजा और जुर्माने का प्रावधान है और यह कानून बनने पर ही लागू किया जा सकता है। वहीं राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि कोचिंग सेंटरों के लिए बिल बन चुका है और जल्दी कानून भी बना लिया जाएगा। वहीं राज्य सरकार की ओर से अदालती आदेश की पालना में 33 जिलों के कोचिंग सेंटरों की सूची पेश की। इस पर अदालत ने शेष जिलों के कोचिंग सेंटरों की सूची भी पेश करने को कहा है। दूसरी ओर कोचिंग सेंटर्स की ओर से कहा गया कि गाइडलाइन की पालना नहीं करने पर जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं कोचिंग सेंटरों की बढती संख्या को विनियमित करने के लिए उनका पंजीकरण किया जाना चाहिए। कोचिंग सेंटर्स की ओर से यह भी कहा गया कि गाइड लाइन के बजाए इस संबंध में कानून बने तो बेहतर होगा। इस पर अदालत ने कहा कि फिलहाल गाइडलाइन के तहत कोचिंग सेंटरों का पंजीकरण कर उसमें बताए पैरामीटर की पालना सुनिश्चित की जाए। गौरतलब है कि कोचिंग सेंटरों के विद्यार्थियों की ओर से आए दिन आत्महत्या करने को लेकर हाईकोर्ट ने कुछ वर्षो पहले स्वप्रेरणा से प्रसंज्ञान लिया था।   recent visitors 107