Friday, July 10, 2026 5:02 am

संभागीय अध्यक्ष दशरथ श्रीवास एवं उमरिया जिला अध्यक्ष श्याम गुप्ता व जिला अनूपपुर अध्यक्ष प्रवीण चंद्रवंशी नियुक्त

अनूपपुर अधिमान्य पत्रकार नेतृत्व समिति की बैठक होटल मंदाकनी अनूपपुर में आयोजित की गई जिसमें मुख्य अतिथि राष्टीय अध्यक्ष माननीय डल्लू कुमार सोनी के अगुवाई में आयोजन किया गया बैठक का अध्यक्षता प्रवीण चन्द्रवंशी द्वारा किया गया। जिसमें शहडोल, उमरिया, अनूपपुर जिला सहित क्षेत्र के ब्लाक  इकाई के पत्रकार गण इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए समिति का विस्तार एवं मूलभूत समस्याओं के बारे में चर्चा किया गया साथ ही  पत्रकारों की मूलभूत समस्याओं को लेकर जल्द ही शासन प्रशासन तक पत्रकारों की कई विषय पर मांग रखने में चर्चा किया गया है। समिति में लिया गया निर्णय का अपने निश्वार्थ भाव से निर्वाहन करने की बात कही गई और समिति में पूर्व में रहे पदाधिकारीयों के निष्क्रियता को देखते हुए समिति ने निर्णय लिया है कि उन्हें पद से पृथक किया जाए। और पद से पृथक कर नए पदाधिकारीयों की नियुक्ति किए जाने की बात रखी गई ।  जिसमें समिति  के अध्यक्ष ने अपनी सहमती दी और यह निर्णय लेते हुए पूर्व की कमेटी भंग कर दी हैं। और नई कमेटी गठित की गई जिसमें अनूपपुर जिला अध्यक्ष प्रवीण चंद्रवंशी एवं उमरिया जिला अध्यक्ष श्याम गुप्ता को मनोनीत किया गया l  साथ ही और पदाधिकारी को दायित्व सोपा गया । वहीं शहडोल संभाग के संभागीय अध्यक्ष दशरथ श्रीवास को नियुक्त किया गया । नवनियुक्त नवनियुक्त  प्रवीण चंद्रवंशी ने कहा है कि अपने जिले की कार्यकारिणी में  जिला महासचिव लक्ष्मी नारायण शुक्ला को मनोनित  किया वहीं फुलवारी टोला से चंद्रिका यादव को जिला उपाध्यक्ष का दायित्व सौपा  हैं। समिति के दायित्व का निर्वाहन  पूर्ण रूप से किया जाएगा।  ऐैसा  सभी लोगों ने अपने दायित्व का पूर्ण निर्वाहन  करने के लिए शपथ ली और समिति का विस्तार एवं सदस्यता अभियान के साथ साथ-साथ ज्यादा से ज्यादा संख्या में समिति सदस्यता ले और समिति को मजबूती  प्रदान करेंगे। इस कार्यक्रम मे शहडोल उमरिया अनूपपुर मनेद्रगढ़ के साथ-साथ अनूपपुर के ब्लॉक से पत्रकार गण उपस्थित हुए और उन्होंने सदस्यता ग्रहण ली तथा समिति को मजबूती प्रदान करने की बात कही गई l recent visitors 179

सरकार ने दिया तगड़ा झटका, केंद्रीय कर्मियों की ‘सामान्य भविष्य निधि’ पर नहीं बढ़ी ब्याज दर

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 'एक जनवरी से 31 मार्च' 2025 की तिमाही के लिए सामान्य भविष्य निधि 'जीपीएफ' पर मिलने वाले ब्याज की दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। पिछले छह वर्षों से ब्याज दरें एक ही प्वाइंट पर अटकी हैं। इसे केंद्रीय कर्मियों के लिए तगड़ा झटका बताया जा रहा है। वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग ने गत सप्ताह जीपीएफ पर मिलने वाले ब्याज की दरों की घोषणा की है। इसमें कहा गया है कि इस तिमाही के लिए भी ब्याज की दर 7.1 फीसदी ही रहेगी। इससे पहले 'एक अक्तूबर से 31 दिसम्बर' 2024 की तिमाही में भी जीपीएफ की ब्याज दर 7.1 फीसदी रही थी। सरकार से थी ब्याज दरों में बदलाव की उम्मीद वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग ने 'एक अक्तूबर से 31 दिसम्बर' तिमाही के दौरान जनरल प्रोविडेंट फंड और उससे मिलते जुलते अन्य प्रोविडेंट फंड के लिए ब्याज की दरें घोषित की थीं। उस वक्त ब्याज दर 7.1 प्रतिशत रखी गई। नव वर्ष में सरकारी कर्मियों को एनडीए सरकार से जनरल प्रोविडेंट फंड की दरों में बदलाव किए जाने की उम्मीद थी, लेकिन वित्त मंत्रालय ने ब्याज की दरों में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है। लंबे समय से ब्याज दरों को स्थिर रखा गया है। कोरोना के दौरान भी नहीं बढ़ाई गई दरें वर्ष 2021-22 के दौरान सामान्य भविष्य निधि तथा उसी प्रकार की अन्य निधियों के अभिदाताओं की कुल जमा रकमों पर दी जाने वाली ब्याज दर एक जुलाई 2021 से लेकर सितंबर 2021 तक 7.1 फीसदी रखी गई थी। आर्थिक कार्य विभाग के 19 अप्रैल 2021 को जारी संकल्प में भी सामान्य भविष्य निधि की राशि पर ब्याज दर 7.1 फीसदी तय की गई थी। उस वक्त देश में कोरोना की दूसरी लहर ने अपना कहर बरपा रखा था। तब केंद्रीय कर्मियों का महंगाई भत्ता भी 18 माह से रोका गया था। इसी वजह से कर्मियों को यह उम्मीद थी कि सरकार 'जीपीएफ' की राशि पर मिलने वाले ब्याज की दरों में बढ़ोतरी करेगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हो सका। एक जुलाई 2020 से लेकर 30 सितंबर 2020 तक जीपीएफ पर मिलने वाले ब्याज की दर 7.1 फीसदी रखी गई थी। इन विभागों में लागू होती हैं दरें ये दरें सामान्य भविष्य निधि (केंद्रीय सेवाएं), अंशदायी भविष्य निधि (भारत), अखिल भारतीय सेवा भविष्य निधि, राज्य रेलवे भविष्य निधि (रक्षा सेवाएं), भारतीय आयुद्ध विभाग भविष्य निधि, भारतीय आयुद्ध कारखाना कामगार भविष्य निधि, भारतीय नौसेना गोदी कामगार भविष्य निधि, रक्षा सेवा अधिकारी भविष्य निधि और सशस्त्र सेना कार्मिक भविष्य निधि पर लागू होती हैं। जीपीएफ में जमा कर्मियों की राशि पर बैंकों के मुकाबले ब्याज अधिक मिलता है, इसलिए बहुत से कर्मचारी अपना शेयर बढ़ा देते हैं। जीपीएफ में ज्यादा वेतन इसलिए कटवाया जाता था, ताकि कर्मचारी अपनी बड़ी जरूरत के समय इसका इस्तेमाल कर सकें। अब वार्षिक योगदान की सीमा 5 लाख रुपये तय कर्मचारी अपने जीपीएफ में से 90 फीसदी राशि निकाल सकते हैं। हालांकि इस लेकर नियम-शर्तें बदलती रहती हैं। बच्चों की शिक्षा, शादी, घर बनाना या उसके लिए प्लाट खरीदना, फ्लैट लेना है, पुश्तैनी मकान की रिपेयर करानी है और घर का लोन चुकाना है, जैसे कामों में जीपीएफ राशि काम आ जाती है। तीन वर्ष पहले केंद्र सरकार ने एक वित्त वर्ष में जनरल प्रोविडेंट फंड में वार्षिक योगदान की सीमा 5 लाख रुपये तय कर दी थी। नए प्रावधान के अनुसार, एक वित्त वर्ष में जीपीएफ खाते में जमा की गई कुल राशि पांच लाख रुपये से ज्यादा नहीं हो सकती है। recent visitors 55

ऑटोप्सी रिपोर्ट में खुलासा, पत्रकार मुकेश चंद्राकर के साथ हुई थी हैवानियत

रायपुर छत्तीसगढ़ में पत्रकार मुकेश चंद्राकर की हत्या के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। छत्तीसगढ़ पुलिस की एसआईटी ने हत्याकांड के मुख्य आरोपी को हैदराबाद से गिरफ्तार किया है। बीजापुर एसपी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि हत्याकांड का मुख्य आरोपी सुरेश चंद्राकर है, जो पत्रकार मुकेश चंद्राकर का रिश्तेदार है। सुरेश कांग्रेस नेता है और मुकेश ने उसके भ्रष्टाचार को उजागर किया था। इस बीच, मुकेश चंद्राकर की ऑटोप्सी रिपोर्ट में बड़े खुलासे हुए हैं। उनके लीवर के 4 टुकड़े मिले, जबकि 5 पसलियां टूट गई। सिर में 15 फ्रैक्चर, हार्ट फटा और गर्दन टूटी मिली है। डॉक्टरों ने कहा, उन्होंने 12 वर्ष के करियर में ऐसी हत्या नही देखी। हत्याकांड सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ में रोष है। पत्रकारों ने मुख्यमंत्री से अपील की थी कि मुकेश चंद्राकर की हत्या में शामिल अपराधियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए। इसके साथ ही, उन पर कड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी संपत्ति को कुर्क कर पत्रकार के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाए। साथ ही दिवंगत पत्रकार बलिदानी की दर्जा देने की मांग की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम ज्ञापन सौंपा पत्रकारों ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भी सौंपी है, जिसमें मांग की है कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ के पत्रकार स्वतंत्रता से अपनी कलम नहीं चला पा रहे हैं। हर दिन छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों में पत्रकारों की आवाज़ को दबाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर, ठेकेदारों, भू-माफियाओं, शराब माफियाओं और अन्य असामाजिक तत्वों द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं। जो पत्रकार अपनी कलम को नहीं रोकते, उनके साथ कोई न कोई गंभीर घटना घटित की जाती है। इस स्थिति के कारण छत्तीसगढ़ में पत्रकारिता इस समय अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रही है। जल्द लागू करेंगे पत्रकार सुरक्षा कानून: विष्णु देव साय इससे पहले मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने का भरोसा दिया। रविवार को गरियाबंद दौरे में पत्रकारों के प्रश्न पर उन्होने कहा कि पत्रकारों के लिए सुरक्षा कानून जल्द लागू किया जाएगा। सरकार पत्रकारों के साथ है। बता दें कि पूर्ववर्ती कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार में मार्च 2023 में छत्तीसगढ़ मीडियाकर्मी सुरक्षा विधेयक, 2023 विधानसभा से पारित कराया गया था। इस विधेयक को राजभवन से भी मंजूरी मिल चुकी है। जब मुख्यमंत्री से पूछा गया कि 'हर बार इस कानून पर चर्चा होती है, लेकिन इसे लागू क्यों नहीं किया जाता?' तो उन्होंने कहा, 'आप हमारी सरकार के कार्यों का विश्लेषण कर सकते हैं, लेकिन हमारी मंशा स्पष्ट है।' recent visitors 89

घंटों रोड पर पड़ा रहा युवक का शव, किसी काम को अंजाम देने की बजाय पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही

भोपाल मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की पुलिस के बीच सीमा विवाद के चलते सड़के हादसे से मृत एक युवक का शव घंटों तक सड़क पर पड़ा रहा। दोनों राज्यों की पुलिस की इस अमानवीयता से हर कोई हैरान है और कैसे किसी काम को अंजाम देने की बजाय पुलिस सीमा विवाद में उलझी रही। इसकी आलोचना की जा रही है। दरअसल यह मामला मध्य प्रदेश के हरपालपुर पुलिस थाने और उससे सटे यूपी के जिले महोबा के महोबकंठ थाने के बीच का है। राहुल अहीरवार नाम का 27 वर्षीय युवक दिल्ली के लिए निकला था। इसी दौरान जब वह सड़क पार कर रहा था तो अज्ञात वाहन ने उसे टक्कर मार दी। इस हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के तुरंत बाद वहां भारी भीड़ जमा हो गई और लोगों ने मध्य प्रदेश में आने वाले हरपालपुर थाने की पुलिस को इसकी सूचना दी। जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर तो पहुंची, लेकिन उन लोगों ने यह कहते हुए कुछ भी करने से इनकार कर दिया कि युवक की लाश जहां पड़ी है, वह तो महोबकंठ थाने में आता है, जो महोबा जिले में है। इसके बाद मध्य प्रदेश की पुलिस चली गई। अब बारी थी यूपी के महोबकंठ थाने की पुलिस की। गांव वालों ने सूचना दी तो यूपी पुलिस ने भी पल्ला झाड़ लिया और कहा कि यह तो मध्य प्रदेश का मामला है। इसके बाद गुस्साए लोगों की भीड़ ने रोड ही जाम कर दिया औऱ प्रदर्शन कर लगे। शव तब भी सड़क पर ही पड़ा रहा। अंत में करीब 4 घंटे के बाद मध्य प्रदेश पुलिस मौके पर पहुंची और शव को ले गई और पोस्टमार्टम कराया गया। कुछ वीडियो भी इस वाकये के सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इनमें से एक वीडियो में मृतक के परिवार के लोग कहते हैं कि यह घटना मध्य प्रदेश में ही हुई है, लेकिन पुलिस टाल रही है। एक पुलिसकर्मी आया था, जिसने हमें ही धमकाया और कहा कि इस शव को उठाना और जांच करना हमारी जिम्मेदारी नहीं है क्योंकि यह एरिया एमपी में नहीं आता। हम चाहते हैं कि जल्दी ही पोस्टमार्टम हो ताकि हम लोग अंतिम संस्कार कर सकें। इसके अलावा हम चाहते हैं कि टक्कर मारने वाले वाहन को भी पकड़ा जाए। राहुल अहीरवार के परिवार वालों का कहना है कि उसकी हाल ही में शादी हुई थी। वह मजदूरी के लिए दिल्ली जा रहा था। एक रिश्तेदार ने बताया कि राहुल की मौत शाम को करीब 7 बजे हादसे के तुरंत बाद हो गई थी। इसके बाद भी पुलिस ने 11 बजे कार्यवाही शुरू की और लगभग 4 घंटे बाद शव को वहां से उठाया गया। recent visitors 44

दिल्ली में भाजपा चलने जा रही ‘लाडली बहना कार्ड’, पीएम ने भी किया इशारा

नई दिल्ली दिल्ली में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान से पहले ही प्रचार की रफ्तार फुल स्पीड पकड़ चुकी है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजधानी के लिए 16 हजार करोड़ से अधिक की सौगातों के साथ दो जनसभाएं करके भाजपा के चुनावी अभियान को तेज कर दिया है। रविवार को रोहिणी के जापानी पार्क में पीएम ने एक तरफ जहां यह साफ कर दिया कि भाजपा की सरकार बनने पर दिल्ली में मुफ्त वाली स्कीमों को जारी रखा जाएगा तो वहीं दिल्ली की आधी आबादी को साधने की भरसक कोशिश की। पीएम ने यह भी इशारा कर दिया कि मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हरियाणा जैसे राज्यों की तरह दिल्ली में भी पार्टी 'लाडली बहना कार्ड' चलने जा रही है। महिला सम्मान योजना की काट की ताक में भाजपा आम आदमी पार्टी ने वादा किया है कि चौथी बार उन्हें सत्ता मिली तो दिल्ली की हर महिला को मासिक 2100 रुपए की सहायता दी जाएगी। 'आप' ने इसके लिए 'रजिस्ट्रेशन' का दावा करते हुए महिलाओं को पीले कार्ड का वितरण भी किया है। 'आप' को उम्मीद है कि 'महिला सम्मान योजना' से महिलाएं बहुत आकर्षित हुई हैं और चुनाव में पार्टी को इसका अच्छा फायदा मिल सकता है। एमपी, हरियाणा और महाराष्ट्र जैसे राज्यों में महिलाओं के लिए इस तरह की योजनाओं को लागू करके सत्ता बचाने में कामयाब रही भाजपा दिल्ली में भी 'लाडली बहना योजना' का वादा कर सकती है। दिल्ली भाजपा के कई नेता अनौपचारिक रूप से कई बार यह बात कह चुके हैं। पीएम मोदी ने क्या कहा? पीएम मोदी ने रोहिणी की 'परिवर्तन रैली' में गिनाया कि महिलाओं के लिए उनकी सरकार ने क्या-क्या काम किया है। शौचालय बनाने से लेकर उज्ज्वला योजना और सुकन्या समृद्धि योजना तक का जिक्र पीएम ने किया। पीएम ने कहा, 'महिलाओं के हित में केंद्र सरकार अनेकों योजनाएं चला रही हैं। भाजपा की अनेकों राज्य सरकारें भी माताओं-बहनों के लिए विशेष योजनाएं चला रही है। आज दिल्ली के 75 लाख जरूरतमंदों को मुफ्त राशन भाजपा दे रही है। दिल्ली में बनने वाली भाजपा सरकार सुनिश्चित करेगी कि माताओं बहनों के लिए घर चालाना आसान हो। बेटियों की पढ़ाई-लिखाई और नौकरी सहज और सुरक्षित हो। दिल्लीवालों की कमाई बढ़े और जेब में बचत अधिक हो।' पीएम मोदी के इस बयान को इस बात की ओर इशारा माना जा रहा है कि भाजपा दिल्ली में भी 'लाडली योजना' का वादा कर सकती है। भाजपा जल्द ही संकल्प पत्र जारी कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, इस योजना का ऐलान इसी के जरिए किया जाएगा। पार्टी घर-घर जाकर महिलाओं को इस संबंध में पर्ची भी दे सकती है। कितनी राशि का वादा कर सकती है भाजपा भाजपा से जुड़े कुछ सूत्रों ने बताया कि यह राशि 'आप' की ओर से घोषित 2100 रुपए से अधिक हो सकती है। पिछले साल मार्च में बजट के दौरान 'आप' सरकार ने महिलाओं को 1000 रुपए मासिक देने की घोषणा की थी। हाल ही में इसे कैबिनेट से पास करके लागू करने का दावा भी किया गया। हालांकि, दिल्ली सरकार ने कहा कि पैसा चुनाव बाद मिलेगा और राशि को बढ़ाकर 2100 रुपए किया जाएगा। भाजपा के एक नेता ने नाम गोपनीय रखने की शर्त पर बताया कि उनकी पार्टी 2100 रुपए का ऐलान करने वाली थी, यह जानकर 'आप' ने अपनी योजना में 1000 रुपए को बढ़ाकर 2100 कर दिया। उन्होंने बताया कि भाजपा अब इससे कुछ अधिक राशि देने का वादा कर सकती है। एक अन्य सूत्र ने बताया कि 2500 रुपए का वादा किया जा सकता है। recent visitors 61

कृषि मंत्री ने बताया- लड़की बहिन योजना से सालाना 46,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आने का अनुमान, भारी पड़ रही योजना

मुंबई महाराष्ट्र के कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे ने कहा कि लड़की बहिन योजना से राज्य के कोष पर भार पड़ रहा है और इसके कारण कृषि ऋण माफी योजना प्रभावित हो रही है। माना जाता है कि नवंबर 2024 में हुए राज्य विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ गठबंधन महायुति की जीत में इस योजना ने अहम भूमिका निभाई। लड़की बहिन योजना से राज्य पर सालाना लगभग 46,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आने का अनुमान है। इस योजना को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती सरकार ने पिछले साल अगस्त में शुरू किया था जिसके तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। रविवार को पुणे में कोकाटे ने संवाददाताओं से कहा कि लड़की बहिन योजना के कारण अतिरिक्त खर्च जुड़ने से राज्य के अधिशेष बनाने की क्षमता प्रभावित हुई। यह अधिशेष किसानों के ऋण माफ करने के लिए इस्तेमाल किया जाता। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता ने कहा, 'लड़की बहिन योजना के कारण जुड़े अतिरिक्त खर्च ने कृषि ऋण माफी के लिए धन अलग रखने की हमारी क्षमता को प्रभावित किया है। हम वित्तीय स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं और एक बार राज्य की आमदनी बढ़ने के बाद, हम अगले चार से छह माह में ऋण माफी योजना पर आगे का कदम उठाएंगे।' उन्होंने बताया कि ऋण माफी पर निर्णय अंततः मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों द्वारा लिया जाएगा जिसे लागू करना राज्य सहकारिता विभाग की जिम्मेदारी है। महाराष्ट्र की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिती तटकरे ने पिछले सप्ताह कहा था कि राज्य सरकार ने लाडकी बहन योजना के फर्जी लाभार्थियों के बारे में शिकायतों पर कार्रवाई करने का फैसला किया है और उनके सत्यापन के लिए आयकर तथा परिवहन विभागों से जानकारी मांगी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार केवल फर्जी लाभार्थियों से संबंधित शिकायतों पर ही कार्रवाई करेगी। recent visitors 49

डॉ. रोहित श्रीवास्तव बने इंडियन डेंटल एसोसिएशन के नए अध्यक्ष 2025, IDA के नए अध्यक्ष पद का ग्रहण किया

भोपाल IDA के वार्षिक उत्सव समारोह में मुख्य अतिथि आदरणीय डॉ .जी.डी अग्रवाल जी की उपस्थिति में कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही इमीडिएट पास्ट प्रेसिडेंट डॉ. सुगधा सिंह जी के द्वारा कार्यबार सोपा गया एवं शुभकामनाएं प्रेषित की। डॉ. श्रीवास्तव डेंटल सर्जन के साथ एक समाजसेवी, रेलवे ठेकेदार, आरोग्य भारती, नमो सेना भारत एवं राजनीति से भी जुड़े हुए हैं। IDA के वर्चस्व को बरकरार रखते हुए न‌ई ऊंचाइयों पर पहुंचने का संकल्प लिया। साथ ही भविष्य में आने वाले नय डेंटल सर्जनों के उज्जवल भविष्य के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार, नेशनल डेंटल काउंसिल एवं अन्य मेडिकल संस्थानों  के साथ मिलकर कार्य करने, ब्राइट स्माइल ब्राइट फ्यूचर, मुस्कान, प्राइमरी ओरल हेल्थ (रूअलर एवं अर्बन) प्रोग्राम के तहत डेंटल अवेयरनेस, ओरल हेल्थ प्रोग्राम और ओरल कैंसर स्क्रीनिंग प्रोग्राम को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसके तहत आम जनमानस को जागरूक करने का अभियान चलाया जाएगा। डॉ. श्रीवास्तव जी के साथ डॉ. सौरभ दांतरे -सचिव एवं डॉ. वेदांत गुप्ता -कोषाध्यक्ष के रूप में भी शपथ ली। डॉ रोहित ने भगवान के आशीर्वाद के साथ अपने माता-पिता, धर्मपत्नी- डॉ रितु, परिवारजनों एवं अपने सीनियर डॉ डी.के जोशी, डॉ.अरविंद दवे, डॉ सुरेंद्र अग्रवाल डॉ. अखिलेश जैन, डॉ. शिरीष पालीवाल, डॉ संजीव बाजपेई, डॉ सतीश मालवीय, डॉ मनीष वर्मा, डॉ अतुल वर्मा, डॉ. सिंगल, डॉ वाधवानी, डॉ अशोक डोबले जी -राष्ट्रीय सचिव, आइ.डी.ए हेडक्वार्टर टीम, जूनियर्स, मित्रों एवं अन्य डॉक्टरों का आभार व्यक्त किया। recent visitors 170