Tuesday, July 7, 2026 8:01 am

मंत्री संपतिया उइके ने दिव्यांगजनों को ई-साईकिल रिक्शा और हेलमेट का वितरण किया

मंडला प्रदेश शासन की लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार दिव्यांगजनों के लिए सेवाभाव से काम कर रही है। सरकार ने दिव्यांगजनों के विकास और उत्थान के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने विकलांग के स्थान पर दिव्यांगजन नाम देकर उन्हें गौरवान्वित किया है। दिव्यांगजनों की सेवा करना ही सच्ची मानवता की सेवा करना है। मंत्री श्रीमती संपतिया उइके सोमवार को निषादराज भवन में आयोजित सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन उपकरण वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी। मंत्री श्रीमती संपतिया उइके के आगमन पर उन्हें पौधा भेंट कर स्वागत किया गया। उन्होंने मां सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष श्री विनोद कछवाहा, जनपद पंचायत मंडला अध्यक्ष श्री सोनू भलावी, भाजपा नगर अध्यक्ष श्री शिवा रानू राजपूत, सांसद प्रतिनिधि श्री जयदत्त झा, कलेक्टर श्री सोमेश मिश्रा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री श्रेयांश कूमट, डिप्टी कलेक्टर श्री आशुतोष ठाकुर, मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्री गजानंद नाफड़े, श्री प्रफुल्ल मिश्रा सहित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी मौजूद थे। मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि सरकार के द्वारा दिव्यांगजनों के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन के माध्यम से प्रतिमाह दिव्यांग पेंशन दिया जाता है। जिससे दिव्यांगजनों को किसी भी प्रकार से आर्थिक समस्याओं का सामना न करना पड़े। शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कर दिव्यांगजनों के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाते हैं। दिव्यांगजनों को स्कूल और कॉलेजों में छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। शिविर लगाकर उन्हें निःशुल्क ट्राईसिकल, बैसाखी, श्रवण यंत्र और कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए जाते हैं। मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच और सचिवों के माध्यम से दिव्यांगजनों को चिन्हित कर उनकी सूची उपलब्ध कराई जाए। जिससे समस्त दिव्यांगजनों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित और कृत्रिम उपकरणों का वितरण किया जा सके। मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि सरकार दिव्यांगजनों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, रोजगार और सुरक्षा की दिशा में लगातार काम कर रही है। शासकीय सेवाओं में दिव्यांगजनों के लिए सीटें आरक्षित की जाती हैं, जिससे दिव्यांगजनों को भी शासकीय सेवाओं में जाने का अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में दिव्यांगजनों के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिससे दिव्यांगजनों को भी अपने पसंद के वर-वधु का चयन करने का अवसर मिल सके। मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने आयोजित कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को ई-साईकिल रिक्शा और हेलमेट का वितरण किया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा के लिए ई-साईकिल रिक्शा चलाते समय हेलमेट जरूर पहनें। recent visitors 64

‘पीएम मोदी ने देश को ‘चलता है’ से ‘होगा कैसे नहीं’ की सोच में बदला’, प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में विदेश मंत्री जयशंकर शामिल

भुवनेश्वर/नई दिल्ली। 18वां प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन बुधवार को ओडिशा के भुवनेश्वर में शुरू हो गया। तीन दिवसीय इस सम्मेलन के दौरान देश और विदेश से पांच हजार से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल होंगे। प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन की शुरुआत युवा प्रवासी भारतीय दिवस कार्यक्रम से हुई। सम्मेलन का उद्घाटन ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर और युवा और खेल मामलों के मंत्री मनसुख मंडाविया ने किया। इस दौरान 18वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश को 'चलता है' से 'होगा कैसे नहीं' वाली सोच में बदल दिया है। विदेश मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के विकास में युवा पीढ़ी की अहम भूमिका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के युवा पीढ़ी पर प्रभाव को समझाते हुए विदेश मंत्री ने बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु का उदाहरण दिया। विदेश मंत्री ने कहा कि 'एक बार पीवी सिंधु ने बताया था कि पीएम मोदी युवाओं के लिए आदर्श क्यों हैं। उन्होंने कहा था कि पीएम मोदी ने देश को 'चलता है' वाले रवैये से 'बदल सकता है' और फिर 'होगा कैसे नहीं' वाली सोच में बदल दिया है।' विदेश मंत्री ने कहा कि 'एआई, इलेक्ट्रिक वाहन तकनीक, स्टार्टअप्स और खेलों से लेकर वैश्विक बदलाव में युवा पीढ़ी बड़े बदलाव ला रही है। खुद का विकास करना बेहद जटिल है, लेकिन जब हमें ये विश्वास है कि कुछ भी असंभव नहीं है तो इस सोच के चलते ये आसान हो गया है।' विदेश मंत्री ने प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के दौरान भारतीय डायस्पोरा के सदस्यों से भारतीय पर्यटन को बढ़ावा देने और प्रवासी भारतीयों की युवा पीढ़ी से नियमित अंतराल पर भारत आने की अपील की, ताकि उनका भारत से जुड़ाव हो सके। प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन 8-10 जनवरी तक भुवनेश्वर में आयोजित किया जा रहा है। गुरुवार को पीएम मोदी करेंगे शिरकत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार को समापन सत्र की अध्यक्षता करेंगी। राष्ट्रपति मुर्मू विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियों हासिल करने वाले प्रवासी भारतीय समुदाय के सदस्यों को प्रवासी भारतीय सम्मान से सम्मानित भी करेंगी। त्रिनिदाद और टोबैगो की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन की मुख्य अतिथि हैं। वह सम्मेलन को वर्चुअली संबोधित करेंगी। इस सम्मेलन की थीम 'विकसित भारत में प्रवासी भारतीयों का योगदान' है। ओडिशा पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद मुख्य सचिव मनोज आहूजा ने कहा कि ओडिशा सरकार 50 देशों के प्रवासी भारतीयों के सामने राज्य की समृद्ध संस्कृति और विरासत को प्रदर्शित करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही है। उन्होंने कहा, 'सम्मेलन का प्रत्येक प्रतिनिधि ओडिशा पर्यटन के राजदूत की भूमिका निभाएगा और हमें उम्मीद है कि राज्य की समृद्ध संस्कृति और विरासत विभिन्न देशों से पर्यटकों को आकर्षित करेगी।' recent visitors 50

बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी टीम इंडिया 3-1 से ऑस्ट्रेलिया से हार गई, BGT में किस फेज में मात खा गए भारतीय गेंदबाज, हारने का सच निकला

नई दिल्ली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी टीम इंडिया 3-1 से ऑस्ट्रेलिया से हार गई। इस हार के पीछे का कारण बल्लेबाजों को माना जा रहा है। ये सच भी है, लेकिन बल्लेबाजों के साथ-साथ भारत की इस हार के दोषी भारतीय गेंदबाज भी हैं। जसप्रीत बुमराह को छोड़ दें तो बाकी सभी गेंदबाजों ने निराश किया है या फिर टुकड़ों में प्रदर्शन किया है। यही कारण है कि भारतीय टीम ना सिर्फ सीरीज हारी, बल्कि वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2025 के फाइनल में भी नहीं पहुंच पाई। उन आंकड़ों पर एक नजर डालते हैं कि भारतीय गेंदबाज बीजीटी में कब और कहां कमजोर पड़े। BGT में तेज गेंदबाजों की बात करें तो ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजों ने पूरी सीरीज में 1 से 30 ओवर में 35 विकेट निकाले हैं, जबकि भारतीय गेंदबाज भी पीछे नहीं थे। उन्होंने 34 विकेट निकाले, लेकिन अंतर देखने को मिला 31 से 80 ओवर के बीच। ऑस्ट्रेलिया के पेसर्स ने इस अवधि में गेंदबाजी करते हुए कुल 35 विकेट निकाले, जबकि भारत को इन ओवरों के बीच सिर्फ 22 विकेट ही मिले। भारत के गेंदबाजों का इकॉनमी रेट भी साढ़े 3 से ज्यादा का रहा। इन्हीं ओवरों में गेम कंट्रोल होता है और भारत यहां पीछे रह गया। इन ओवरों में भारत का औसत और स्ट्राइक रेट भी ज्यादा रहा, जो वाकई में चिंता का कारण बना। हालांकि, 81 ओवरों के बाद ऑस्ट्रेलिया 4 विकेटों के मुकाबले, भारत ने 15 विकेट जरूर निकाले, लेकिन सोचने वाली बात ये थी कि बाहर की बहुत कम पारियां 80 ओवर से ज्यादा चलीं। अगर बीजीटी में नई गेंद यानी 1 से 30 ओवर तक की बात करें तो जसप्रीत बुमराह वाकई में शानदार थे। उन्होंने कुल 16 विकेट पहले 30 ओवरों में गेंदबाजी करते हुए चटकाए, जबकि मिचेल स्टार्क और मोहम्मद सिराज को 11-11 विकेट मिले। 10 विकेट पैट कमिंस ने चटकाए और स्कॉट बोलैंड को 9 विकेट मिले। यहां भी अंतर नजर आता है, क्योंकि टॉप 5 में तीन पेसर ऑस्ट्रेलिया के हैं, जिनके कुल विकेट 30 हैं और भारत के दो तेज गेंदबाजों के विकेट 27 हैं। आखिरी मैच में प्रसिद्ध कृष्णा ने 4 विकेट निकाले, जिसमें से दूसरी पारी के तीन विकेट शामिल हैं। हालांकि, असली खेल हुआ 31 से 80 ओवरों के बीच में, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया के लिए इन ओवरों में पैट कमिंस ने कुल 13 विकेट और स्कॉट बोलैंड ने 3 मैचों में 12 विकेट निकाले। यहां जसप्रीत बुमराह ने गेंदबाजी जरूर कम की और सिर्फ 8 ही विकेट निकाले। 7 विकेट मिचेल स्टार्क को मिले और 5 विकेट नितीश रेड्डी ने निकाले। वहीं, महज 4 विकेट मोहम्मद सिराज को पुरानी गेंद से मिले। इससे अंदाजा लगा सकते हैं कि भारत किस तरह इन 31 से 80 ओवर के बीच में पिछड़ गया। यहां तक कि नितीश रेड्डी ने सिराज से करीब आधे ओवर ही गेंदबाजी की। recent visitors 67

धान के अवैध संग्रहण पर जारी है कार्रवाई, 3 लाख रूपए का 93 क्विंटल धान जब्त

बिलासपुर धान के अवैध संग्रहण एवं परिवहन के खिलाफ आज 4 ठिकानों पर कार्रवाई कर लगभग 3 लाख रूपए के 93 क्विंटल धान जब्त किए गए। कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर खाद्य, राजस्व एवं मण्डी के अधिकारियों ने दबिश देकर कार्रवाई की। इस तरह धान खरीदी तक हर रोज जारी रहेगी। जिला खाद्य अधिकारी अनुराम भदौरिया ने बताया कि मस्तुरी तहसील के ग्राम किरारी में महेन्द्र किराना स्टोर में 60 कट्टी धान अवैध रूप से भण्डारित होना पाया गया। जिसे मण्डी अधिनियम के तहत जब्त कर कार्रवाई की गई। मुख्यालय मस्तुरी में अग्रवाल किराना स्टोर में 58 कट्टी धान भी जब्त किया गया। एसडीएम बिल्हा के मार्गदर्शन में तहसील बोदरी के ग्राम सारधा में सुखसागर मरावी किराना स्टोर का निरीक्षण किया गया। श्री मरावी के घर में 40 बोरी अर्थात 16 क्विंटल अवैध धान पाया गया। दुकानदार द्वारा किसी प्रकार का स्टॉक संधारण नहीं किये जाने से मण्डी अधिनियम की धारा 20 के तहत जब्त कर कलर मार्किंग कराते हुए सील किया गया। तहसील मस्तुरी के अंतर्गत हिर्री में देवनारायण साहू किराना स्टोर के घर में 74 कट्टी अवैध धान पाया गया। उनके विरूद्ध भी जब्ती की कार्रवाई की गई।   recent visitors 57

बीएनआई बिलासपुर शहर के व्यापार को नई ऊंचाई देने की ओर अग्रसर

बिलासपुर साइंस कॉलेज मैदान में 10 से 14 जनवरी तक बीएनआई बिलासपुर व्यापार एवं उद्योग मेला का आयोजन किया जा रहा है। अब तक 4 सौ से अधिक स्टॉल बुक हो चुके हैं। मेले में आने वाले लोगों के लिए मोबाइल ऐप लांच किया गया है। जिसके माध्यम से एक ही क्लिक पर मेले की सारी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। रविवार को मंगला स्थित होटल कोर्टयार्ड मैरियट में बीएनआई के पदाधिकारियों और सदस्यों ने ऐप लांच किया। बीएनआई बिलासपुर व्यापार एवं उद्योग मेला आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है। बीएनआई एक इंटरनेशनल मार्केटिंग नेटवर्क हैं। जिसके भारत सहित पूरी दुनियां में लाखों सदस्य हैं। बीएनआई पिछले एक साल से बिलासपुर व्यापार एवं उद्योग मेला का आयोजन कर रही है। जिसकी खास बात यह है कि यहां के सदस्य हर वर्ष नए-नए कान्सेप्ट लेकर मेले की शुरूआत करते है। इस बार मेला पूरी तरह हाईटेक रहेगा। विजिट करने वालों को स्कैनर के माध्यम से मेले की संपूर्ण जानकारी एक ही क्लिक पर मिल जाएगी। अब तक 400 से अधिक स्टॉल की बुकिंग हो चुकी है। जिसमें हैण्डीक्राफ्ट एवं हैण्डलूम, घरेलू उपयोगी उत्पाद, रियल स्टेट एवं उद्योग, लाईफ स्टाइल, ऑटोमोबाइल्स, पर्यटन, कम्प्यूनिकेशन, शिक्षा एवं अकादमी सेक्टर, बैंक एवं इन्श्योरेंस, इलेक्ट्रानिक्स एवं इलेक्ट्रिकल को अलग-अलग जोन में बांटा गया है। मेले में भीड़ को नियंत्रित करने एंट्री और एक्जिट पाइंट की व्यवस्था की गई है। वाहन मालिकों को गाड़ी निकलाने में परेशानी न हो इस बात को ध्यान में रखकर पार्किंग की विशेष व्यवस्था की गई है। मेले में 5 दिनों तक सांस्कृतिक कार्यक्रम, हेल्थ चेकअप, ब्लड डोनेट, कवि सम्मेलन सहित अन्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। बीएनआई करेगा डायलिसिस मशीन डोनेट : चावला आयोजन समिति के अध्यक्ष व बीएनआई के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. किरण पाल सिंह चावला ने बताया कि बीएनआई दुनिया का सबसे बड़ा रेफरल नेटवर्किंग संगठन है, जिसका गठन 1985 में हुआ था। यह पिछले 40 वर्षों से 79 देशों में 3.50 लाख एसएमई व्यवसायियों एवं प्रोफेशनल्स को अपने व्यवसाय व सेवा को बढ़ाने में मदद कर रही है। बीएनआई पिछले एक वर्ष से व्यापार और उद्योग मेले का आयोजन कर रही है। बीएनआई के पदाधिकारी और सदस्यों ने मेले से आय होने वाली राशि से डायलिसिस मशीन खरीदकर डोनेट करने का निर्णय लिया है। व्यापार से ही होगी बिलासपुर की पहचान व्यापार मेला के पदाधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ के बड़े शहरों में बिलासपुर और रायपुर प्रमुख हैं। राजधानी होने के कारण रायपुर का निरंतर विकास हो रहा है। सारे बड़े प्रोजेक्ट रायपुर में ही चल रहे हैं। वहीं बिलासपुर धीरे-धीरे मुख्यधारा से बिछाड़ता जा रहा हैं। हमारी ऐसी मंशा हैं कि हम व्यापार और उद्योग के क्षेत्र में बड़े स्तर पर कार्य करें। नए-नए व्यापारियों व स्टार्ट अप करने वाले युवाओं को आर्थिक रूप से मदद कर उनका हौसला बढ़ाए। जिससे बिलासपुर का नाम छत्तीसगढ़ सहित पूरे विश्व में जाना जाए। व्यापार मेला ही ऐसा जरिया हैं, जिसमें छोटे-बड़े व्यापारी अपने संस्थान का प्रचार-प्रसार करते हैं। जिसका फायदा जनता के अलावा व्यापारियों को भी मिलता है। ऐप में मिलेगी मेले की जानकारी आशीष श्रीवास्तव ने ऐप के बारे में बताया कि इस बार का व्यापार मेला पूरी तरह हाईटेक रहेगा। मेले में कितने स्टाल कहां-कहां लगे इन सब की जानकारी ऐप में मिल जाएंगे। प्ले स्टोर पर बिलासपुर व्यापार मेला के नाम से ऐप उपलब्ध है। जिसे डाउन लोड कर सारी जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इसमें विजिटर और स्टाल लाॅगिंग है। मोबाइल नंबर और नाम डालकर आसानी से रजिस्ट्रेशन किया जा सकता है। ऐप में कम्प्यूटर, खेल, आटोमोबाइल, फूड्स, गेम्स आदि का सेक्शन बनाया गया है। इसमें क्लिक कर संबंधित स्टॉल की संपूर्ण जानकारी प्राप्त की जा सकती है। साथ ही मेले का पूरा मैप भी आपको ऐप के अंदर ही मिल जाएगा। 100 अधिक कम्पनियों से आ चुके है नौकरी के ऑफर बीएनआई बिलासपुर व्यापार एवं उद्योग मेले के संयोजक गणेश अग्रवाल ने बताया कि मेला सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं है। बल्कि यहां नए-नए रोजगार, उद्योग व नौकरियों भी मिल रही है। सेटा के सचिन यादव ने अपनी संस्थान की तरफ से पढ़ाई करने वाले बच्चों को निशुल्क कोचिंग, स्कॉलरशिप देने की बात कही है। वहीं नाइसटेक कम्प्यूटर के डायरेक्टर रविन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों की कंपनियों से अब तक सौ से ज्यादा नौकरी के ऑफर आ चुके हैं। आने वाले दिनों में इसकी संख्या और बढ़ सकती है। recent visitors 59

48 घंटों में कड़ाके की ठंड, बर्फीली हवाओं ने MP में बढ़ाई ठिठुरन

भोपाल। उत्तर भारत की तरफ से लगातार आ रही बर्फीली हवाओं ने फिर मध्य प्रदेश के कई जिलों में ठिठुरन बढ़ा दी है। इसी क्रम में मंगलवार को भोपाल में दिन के तापमान में सोमवार के अधिकतम तापमान की तुलना में 6.4 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई, जो प्रदेश में सर्वाधिक रही। धार में शीतल दिन रहा। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, अभी दो-तीन दिन तक सर्दी के तेवर काफी तीखे बने रह सकते हैं। मौसम विज्ञान केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह ग्वालियर, चंबल, रीवा एवं सागर संभाग के जिलों में कहीं-कहीं घना कोहरा छाया रहा। शेष संभाग के जिलों में हल्के से मध्यम कोहरा बना रहा। रीवा एयरपोर्ट पर 50 मीटर दृश्यता सबसे कम 50 मीटर दृश्यता रीवा एयरपोर्ट पर दर्ज की गई। रात का सबसे कम 7.4 डिग्री सेल्सियस तापमान रतलाम में रिकार्ड किया गया। हिल स्टेशन पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान सात डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल का अधिकतम तापमान 21.4 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.3 डिग्री कम रहा। इसके साथ ही सोमवार के अधिकतम तापमान 27.8 डिग्री की तुलना में 6.4 डिग्री कम रहा। दिन का सबसे कम 19.5 डिग्री तापमान सतना में रिकार्ड किया गया। ये मौसम प्रणालियां हैं सक्रिय वर्तमान में उत्तर-पश्चिमी उत्तर प्रदेश पर हवा के ऊपरी भाग में एक चक्रवात बना हुआ है। पूर्वी एवं उससे लगे उत्तर भारत के ऊपर जेट स्ट्रीम बना हुआ है। हवाओं का रुख उत्तरी बना हुआ है। 10 जनवरी से एक नए पश्चिमी विक्षोभ के उत्तर भारत पहुंचने की संभावना है। मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्व वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। वहां से आ रही सर्द हवाओं के कारण तापमान में गिरावट होने लगी है। अभी दो-तीन दिन में प्रदेश में ठंड के तेवर काफी तीखे हो सकते हैं। इस दौरान कहीं-कहीं शीतलहर भी चल सकती है। recent visitors 66

राष्ट्रीय पक्षी दिवस: कन्या शिक्षा परिसर उमरिया में पक्षियों को संरक्षित करने पर दिया जोर आयोजित जागरूकता कार्यक्रम दिलाई शपथ

उमरिया राष्ट्रीय पक्षी दिवस पर जिला कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन व मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह के निर्देशन व मार्गदर्शन पर जिले की सक्रिय युवाओं की टोली युवा टीम उमरिया के द्वारा शासकीय कन्या शिक्षा परिसर, उमरिया पक्षियों के संरक्षण विषय पर चर्चा कर विद्यार्थियों को किया जागरूक।इसका उद्देश्य पक्षियों के संरक्षण के महत्व को जागरूक करना है और उनके पारिस्थितिक बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका पर चर्चा करना है।    विद्यालय प्राचार्य ए.के  शुक्ला ने  पक्षियों के संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि आज के परिवेश में मानव अपने विनाश को स्वयं आमंत्रित कर रहा है जिसका प्रमुख कारण है प्रकृति प्रदत्त संसाधनों का दोहन करने से कई संसाधनों के साथ ही पशु पक्षी विलुप्त होने के कगार पर पहुंच गए हैं खासकर वैसे पक्षी जिनके चाचा खाने से सुबह की शुरुआत होती थी यह मानव समाज के अभिन्न अंग माने जाते थे लेकिन आज यह गिनती में काफी कम संख्या में दिखाई देते हैं शायद आने वाली पीढियां के लिए कहीं यह इतिहास की विषय वस्तु न बन जाए। पर्यावरण मित्र हिमांशु तिवारी ने बताया कि पक्षियों के आवासों की सुरक्षा और उनके विलुप्त होने को रोकने के लिए हम सभी योगदान देना होगा।गिद्ध व अन्य पक्षियों का धारण पेश किया कहा गया कि उक्त सभी पक्षियों जानवरों व जंतुओं के विलुप्त होने से पर्यावरण पर भी विपरीत प्रभाव देखने को मिल रहा है प्रकृति के अनुसार इस धरा पर सभी जीवो का संरक्षण दिए बिना प्रकृति के अक्षुण्ण रहने की बात बेमानी होगी ऐसी परिस्थितियों में आम से लेकर खास लोगों को जागरूक करने के लिए लोगों को जागरूक बनाने की आवश्यकता है।  खुशी सेन ने कहा कि वह समय था जब घरों में दादी नानियों के साथ गौरैया का मधुर रिश्ता होता था। तब गौरैये की चहचहाट से सुबह होने का अहसास होता था। नींद खुलती थी। अब यह पक्षियांे का कलरव गुम हो गया है। विज्ञान के साथ आध्यात्म को अपनाने की जरूरत है। इस दौरान विद्यालय प्राचार्य ए.के शुक्ला, शिक्षक लोटन सिंह,इंद्र सिंह,अभिषेक नामदेव,ओमकार गुप्ता, अभिलाष नादेव,आशुतोष चतुर्वेदी,सीमा प्रजापति,लष्मी रजक,विनोद गौतम, पर्यावरण मित्र हिमांशु तिवारी, खुशी सेन,वर्षा बर्मन,साक्षी रैदास,खुशबू बर्मन,संजना केवट,महक सोनी,दुर्गा कोल,अनिता रौतेल,खुशी पाठक,शालीली महोबिया,दीपिका मरकाम,फरहाना खातून,चांदनी पनिका,परी कोल, शिवांजलि सोनी एवं सभी उपस्थित रहे। recent visitors 62