Tuesday, July 7, 2026 6:58 am

स्वास्थ्य विभाग किसी भी प्रकार की आपात स्थिति के लिए पूरी तरह से तैयारः स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल

मनेन्द्रगढ़/एमसीबी ह्यूमन मेटान्यूमो वायरस जिसे एचएमपीवी वायरस कहा जा रहा है, इससे निपटने के लिए छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य विभाग की टीम पूरी तरह से तैयार है। वायरस को लेकर सतर्कता बरतने और तैयारियों के संबंध में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज मंत्रालय नवा रायपुर में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक ली और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। देश के कुछ हिस्सों में इस वायरस के मरीज मिलने के बाद छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग में विशेषज्ञों की टीम सतत रूप से इस वायरस के बारे में निगरानी रख रही है और इसके लक्षणों एवं प्रभाव के बारे में भी अध्ययन कर रही है। श्री जायसवाल ने कहा है कि स्वास्थ्य विभाग कोरोना महामारी के बाद से ही किसी भी प्रकार के आपात स्थिति के लिए पूरी तरह से तैयार है। उन्होंने कहा कि हमारी पूरी कोशिश है कि इस वायरस को रोकें और साथ ही इससे लड़ने के लिए आम जनता को भी जागरूक करें।  स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि यह वायरस पहले भी रिपोर्ट किया जा चुका है और इससे घबराने की कोई बात नहीं है, लेकिन सावधानी बरतनी जरूरी है । उन्होंने आम जनता से स्वच्छता पर जोर देने की बात कही है।    वायरस से बचने के लिए ये करें विशेषज्ञों के अनुसार एचएमपीवी वायरस से बचने के लिए भीड़ वाली जगह से दूरी बना कर रखें, सर्दी खांसी बुखार वाले मरीजों के के संपर्क में नहीं आएं, सर्दी खांसी बुखार के लक्षण पर तत्काल स्थानीय अस्पताल में जांच कराएं। ताकि किसी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।  खांसते व छींकते समय मुंह व नाक को रूमाल से ढंके, अपने हाथों को साबुन एवं सेनेटाइजर से साफ करते रहें, यदि बीमार हैं तो घर पर रहें,  ज्यादा पानी पीएं एवं पौष्टिक भोजन का सेवन करें। ये काम न करें सर्दी, खांसी व बुखार होने पर अथवा सामान्य स्थिति में भी टिशू पेपर का दोबारा इस्तेमाल न करें। बार-बार आंख नाक व मुंह को न छूएं । सार्वजनिक स्थानों पर न थूकें तथा डाक्टर से सलाह लिए बिना किसी भी दवा का इस्तेमाल न करें। गौरतलब है कि एचएमपी वायरस खांसने, छींकने से निकलने वाले ड्रापलेट्स , संक्रमित व्यक्ति से हाथ मिलाने अथवा नजदीकी संपर्क में आने , दूषित सतह पर हाथ लगाने के बाद मुंह, नाक या आंखों को छूने से फैलता है। सर्दी, खांसी , बुखार तथा सर्दियों में सांस लेने में परेशानी इसके सामान्य लक्षण हैं। कुछ गंभीर केसेस में निमोनिया और ब्रोंकाइटिस भी इस बीमारी के लक्षण हैं। देश के कुछ राज्यों में इसके मरीज मिलने की सूचना मिलते ही राज्य के स्वास्थ्य विभाग का अमला अपनी तैयारी में जुट गया है। विशेषज्ञों के अनुसार यह एक सामान्य रेस्पिरेटरी वायरस है जो आम तौर पर सर्दी के दिनों में दिखाई पड़ता है। recent visitors 45

मुख्यमंत्री साय ने सद्गुरु श्री ऋतेश्वर जी महाराज से सौजन्य मुलाकात कर उनका शाल-श्रीफल भेंटकर किया आशीर्वाद प्राप्त

रायपुर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में परमपूज्य सद्गुरु श्री ऋतेश्वर जी महाराज ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्यमंत्री श्री साय ने शाल-श्रीफल भेंटकर सद्गुरु जी का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने सद्गुरु जी से सामाजिक और आध्यात्मिक विषयों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक परंपराओं के लिए विख्यात है। सद्गुरु ऋतेश्वर जी के मार्गदर्शन में यह परंपरा और सुदृढ़ होगी। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से सद्गुरु जी के सामाजिक और आध्यात्मिक प्रयासों में हरसंभव सहयोग की बात कही। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि साधु-संतों, मनीषियों की कृपा और मार्गदर्शन से हमारी सरकार प्रदेश में सुशासन स्थापित करने हेतु प्रतिबद्ध है। recent visitors 76

जनसुनवाई के आवेदनों का निराकरण प्राथमिकता से करें : कलेक्टर हर्ष सिंह

डिंडौरी कलेक्टर  हर्ष सिंह ने आज मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जनसुनवाई आयोजित कर लोगों की समस्याएं सुनी। आवेदकों द्वारा विभिन्न समस्याओं के 31 आवेदन प्रस्तुत किए, जिनका त्वरित निराकरण किया गया। जिन आवेदन पत्रों का निराकरण नहीं हो पाया, उनके लिए आवेदकों को समय सीमा दी गई। आज जनसुनवाई में सीईओ जिला पंचायत  अनिल कुमार राठौर, अपर कलेक्टर  सरोधन सिंह, संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी, एसडीएम डिंडौरी  रामबाबू देवांगन सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।        जनसुनवाई में ग्राम बसनिया के ग्रामीणों ने आवेदन प्रस्तुत कर ग्राम पंचायत की शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटवाने की मांग की। कलेक्टर  हर्ष सिंह ने एसडीएम डिंडौरी को पंचायत की शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए निर्देशित किया। इसी प्रकार से ग्राम सुनपुरी से रंजीत कुमार ने आवेदन प्रस्तुत कर विद्युत कनेक्शन के लिए ऑनलाईन आवेदन को सत्यापन न किये जाने की शिकायत की। सरपंच ग्राम पंचायत फिटारी ने ग्राम फिटारी के छूटे हुए मोहल्लों में विद्युत कनेक्शन प्रदान करने की मांग की। ग्राम करनपुरा के ग्रामीणों ने स्कूल एवं आंनगवाड़ी में आवागमन के लिए नाला में पुल निर्माण कराने की मांग की। ग्राम चटुवा निवासी भूपत सिंह ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय की मांग की। शासकीय महाविद्यालयीन अनुसूचित जाति बालक छात्रावास झुरकी टोला के छात्रों ने आवेदन प्रस्तुत कर छात्रावास भवन क्षतिग्रस्त होने के कारण छात्रावास के स्थान परिवर्तन कराने की मांग की। ग्राम खरगहना से गणेश प्रसाद ने 2023 में स्वीकृत बलराम तालाब निर्माण की बकाया किश्त राशि का भुगतान कराने की मांग की। कलेक्टर  हर्ष सिंह ने जनसुनवाई मे प्राप्त सभी आवेदन पत्रों का प्राथमिकता से निराकरण करने के लिए संबंधित विभाग प्रमुखों को निर्देशित किया।       जनसुनवाई में आज राजस्व विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, जल संसाधन विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जनजातीय कार्य विभाग, स्वास्थ्य विभाग, विद्युत विभाग, श्रम विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, शिक्षा विभाग और खाद्य आपूर्ति विभाग से संबंधित पेयजल, भूमि सीमांकन, प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना, उपचार सहायता आदि के आवेदनों का त्वरित निराकरण किया गया। recent visitors 66

काटजू अस्पताल के अधीक्षक सहित पांच पर FIR, एनेस्थीसिया के ओवरडोज से महिला की मौत

भोपाल। आठ महीने पहले नसबंदी कराने आई महिला की मौत मामले में टीटी नगर स्थित कैलाशनाथ काटजू अस्पताल के अधीक्षक सहित पांच लोगों पर केस दर्ज हुआ है। यह एफआईआर भोपाल के स्थानीय न्यायालय के आदेश पर हुआ है। एफआईआर में अस्पताल के अधीक्षक कर्नल डा. प्रवीण सिंह, तत्कालीन गाइनोकोलाजिस्ट डा. सुनंदा जैन, उनके पैरा मेडिकल स्टाफ, निश्चेतना विशेषज्ञ, लैब टेक्निशियन और मेडिको लीगल इंस्टीट्यूट की डा. केलू ग्रेवाल को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि एनेस्थिसिया के ओवरडोज से महिला की मौत हुई। न्यायालय ने इसे चिकित्सकीय लापरवाही माना है। टीटी नगर थाने एएसआइ प्रीतम सिंह ने बताया कि विद्यानगर निवासी अविनाश गौर ने न्यायालय में परिवाद दायर किया था। नसबंदी ऑपरेशन में मौत इसमें उन्होंने बताया कि 14 मई 2024 को सुबह वह अपनी पत्नी रीना गौर को नसबंदी ऑपरेशन के लिए कैलाश नाथ काटजू अस्पताल ले गए थे। डॉक्टरों ने आपरेशन से पहले मेडिकल जांच में सब सामान्य बताया था। ऑपरेशन शुरू हुआ तो वे घर चले गए थे। दोपहर को उन्हें अस्पताल से फोन आया और तुरंत अस्पताल पहुंचने के लिए कहा गया। ऑपरेशन थिएटर के अंदर पहुंचे तो देखा कि पत्नी का पेट फूला हुआ है और दांत के बीच में जीभ फंसी हुई थी। पोस्टमार्टम कराने के लिए काफी हंगामा स्टाफ ने बताया कि रीना की मौत हो गई है। पत्नी की मौत के बाद अविनाश गौर ने पोस्टमार्टम कराने को कहा तो डॉक्टरों ने मना कर दिया। शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए काफी हंगामा हुआ। उसके बाद टीटी नगर पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम कराया। हमीदिया अस्पताल में पोस्टमार्टम हमीदिया अस्पताल में डा. केलू ग्रेवाल ने शव परीक्षण किया। इसकी रिपोर्ट में डॉक्टर ने स्पष्ट मत नहीं दिया। न्यायालय ने अविनाश के दावे को सही माना। पोस्टमार्टम रिपोर्ट को गलत मानते हुए न्यायालय ने कहा कि मौत के वास्तविक कारणों को नियोजित तरीके से दबाया गया है। recent visitors 78

नाबालिक लड़की को बहला फुसलाकर ले जाने वाला आरोपी हुआ गिरफ्तार

सिंगरौली श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में एवं श्रीमान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय के मार्गदर्शन में एंव श्रीमान अनुविभागीय अधिकारी(पुलिस) चितरंगी महोदय की सतत् निगरानी एवं श्रीमान थाना प्रभारी महोदय गढ़वा के कुशल नेतृत्व में चौकी प्रभारी नौडिहवा उप निरी. उदय चंद करिहार के द्वारा नाबालिक लड़की को बहला फुसलाकर ले जाने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया गया है  । दिनांक 14/12/24 को फरियादी शिवलाल विश्वकर्मा पिता सीताराम विश्वकर्मा (काल्पनिक नाम) निवासी ग्राम गोड़गवा चौकी नौडिहवा थाना गढ़वा जिला सिंगरौली(म.प्र.) का उपस्थित चौकी आकर इस आशय से रिपोर्ट लेख कराया था कि दिनांक 11/12/24 को मेरी बच्ची सीमा देवी (काल्पनिक नाम) बिना बताये कही चली गयी गयी है जिसकी काफी पता तलाश किया लेकिन कही पता नही चला रिपोर्ट पर थाना गढ़वा में अपराध क्र.431/24 धारा 137(2) बीएनएस पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया , दौरान विवेचना यह तथ्य प्रकाश में आया कि  अपहृता एवं आरोपी सुजीत कोल पिता बेचू कोल उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम डोडिहार थाना घोरावल जिला सोनभद्र (उ.प्र.)  के बीच पिछले कई दिनो से बातचीत हो रही थी जो आरोपी सुजीत को अपहृता को बहला फुसलाकर ले गया है बाद सायबर सेल की मदद से आरोपी उपरोक्त को ग्राम डोडिहार थाना घोरावल जिला सोनभद्र (उ.प्र.) से गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय पेश किया गया है । सराहनीय भूमिका-  संपूर्ण कार्यवाही मे निरी.अनिल कुमार पटेल थाना प्रभारी गढ़वा , उनि उदय चन्द्र करिहार चौकी प्रभारी नौडिहवा,  स.उ.नि.रमेश साकेत, प्र.आर. 285 फूल सिंह, प्र.आर.443 धीरेन्द्र पटेल , आर.09 सहजानंद सिंह ,  आर.354 राजेश मिश्रा ,आर.230 राजा एवं सायबर सेल सिंगरौली की महत्वपूर्ण भूमिका रही है ।   recent visitors 73

HMPV Alert: इंदौर में नहीं है टेस्टिंग की सुविधा, कोरोना काल में रहचुका है सबसे ज्यादा हॉट स्पॉट

इंदौर ह्यूमन मेटान्यूमोवायरस (एचएमपीवी) के मरीज कई राज्यों में सामने आ चुके हैं, लेकिन प्रदेश में कोरोना के हॉट स्पॉट बने इंदौर में इस वायरस के जांच की सुविधा नहीं है। पीरक्षण के लिए इंदौर में किसी भी शासकीय और निजी प्रयोगशाला में आवश्यक किट भी उपलब्ध नहीं है। इसे लेकर शहर में अभी कोई सतर्कता भी नहीं बरती जा रही है। शासकीय विभाग अभी सरकार के निर्देशों का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि वायरस को लेकर विशेषज्ञों का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है। यह पहले से प्रचलित है। हमें जागरूक रहकर सावधानियां बरतनी चाहिए। सर्दी, खांसी, बुखार जैसे लक्षण यह आमतौर पर सर्दी, खांसी और बुखार जैसे हल्के श्वसन लक्षणों का कारण बनता है। यह आम सर्दी के समान है, लेकिन यह कभी-कभी निमोनिया या अस्थमा जैसी अधिक गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकता है। विशेष उपचार के बिना ही ठीक हो जाते हैं ज्यादातर अधिकांश लोग विशेष उपचार के बिना ही ठीक हो जाते हैं। बता दें कि वायरस की पुष्टि कोरोना की तरह आरटीपीसीआर से ही की जाएगी, लेकिन इसकी जांच के लिए अलग किट आती है। निजी प्रयोगशाला ने भेजे किट के लिए आर्डर डॉ. विनीता कोठारी ने बताया कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने प्रयोगशालाओं को किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। कोरोना की तरह वायरस की पुष्टि के लिए आरटीपीसीआर परीक्षण किए जाएंगे, लेकिन किट उपलब्ध नहीं हैं। हमने किट का आर्डर दे दिया है। इसके बाद इंदौर में ही परीक्षण हो जाएगा। हालांकि कुछ निजी प्रयोगशालाओं ने एचएमपीवी का परीक्षण करने का दावा किया, लेकिन सूत्रों के मुताबिक वे इसके सैंपल मुंबई या दिल्ली भेज रहे हैं। एचएमपीवी के सामान्य लक्षण नाक बहना या बंद होना गला खराब होना सांस लेने में समस्या खांसी और बुखार बच्चों की देखभाल करें माता-पिता शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण गुप्ता ने बताया कि एचएमपीवी मुख्य रूप से कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले शिशुओं को प्रभावित करता है। इसके कोई भी लक्षण दिखने पर विशेषज्ञ के पास जाना चाहिए। घबराने की बात नहीं है, लेकिन रोकथाम हमेशा इलाज से बेहतर होती है। recent visitors 74

दिग्गज नेताओं के जिलों में भाजपा जिलाध्यक्ष का चुनाव गुटबाजी के चलते उलझा

भोपाल केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और शिवराज सिंह चौहान, प्रदेश कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल सहित भाजपा के दिग्गज नेताओं के जिलों में भाजपा जिलाध्यक्ष का चुनाव गुटबाजी के चलते उलझा गया है। इनमें एक राय नहीं बनने से जिलाध्यक्षों की सूची मंगलवार को भी जारी नहीं हो सकी। इस बीच केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा और प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद को दिल्ली बुलाकर समन्वय का प्रयास किया। जिन जिलाध्यक्षों के नामों पर सहमति नहीं बन पाई है, उनको लेकर दिल्ली में नए सिरे से विचार विमर्श किया गया। सागर, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, नरसिंहपुर, रीवा, सतना सहित करीब 15 जिलों में जिलाध्यक्षों के नामों पर दिग्गज नेताओं की आपस में सहमत नहीं है। ऐसे में अब केंद्रीय नेतृत्व जिलाध्यक्षों के नामों को लेकर अंतिम निर्णय लेगा। बेटे के विवाह का आमंत्रण देने पहुंचे थे केंद्रीय मंत्री शिवराज इस बीच, बीते 24 घंटों में केंद्रीय मंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की भोपाल में मंत्री प्रहलाद पटेल से मुलाकात हुई है। शिवराज ने पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती से भी उनके घर पहुंचकर भेंट की। शिवराज सोमवार को अपने पुत्र के विवाह का आमंत्रण देने भोपाल आए थे। वहीं, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय मंगलवार को भोपाल में मंत्री विश्वास सारंग के घर पहुंचे और सारंग के पिता व भाजपा के संस्थापक सदस्य स्वर्गीय कैलाश नारायण सारंग को श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया। इन नेताओं के बीच लंबी राजनीतिक चर्चा भी हुई है। इन नेताओं की मुलाकात को भाजपा जिलाध्यक्ष व प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। सागर, इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर में फंसा पेंच सागर में पूर्व मंत्री व विधायक भूपेंद्र सिंह, गोपाल भार्गव, मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और विधायक शैलेंद्र जैन अपने-अपने चहेतों को जिलाध्यक्ष बनाने के लिए लाबिंग कर रहे हैं। इंदौर में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन का दबाव है। भोपाल में मंत्री, सांसद और विधायक अपने-अपने चहेतों को जिलाध्यक्ष बनाने की जुगत में हैं। ग्वालियर में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, मप्र विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर और जयभान सिंह पवैया अपने-अपने चहेते को जिलाध्यक्ष बनाने के लिए प्रयासरत है। विदिशा और जबलपुर में भी यही स्थिति है। ऐसे अन्य जिलों भी जहां राजनीतिक दबाव अधिक है। दो जनवरी से चल रहा है मंथन, फिर भी जिलाध्यक्ष नहीं चुने गए दो जनवरी से लगातार जिलाध्यक्षों के नामों पर मंथन किया जा रहा है। पार्टी प्रदेश के 60 संगठनात्मक जिलों में से 35 से 40 जिलों के अध्यक्षों के नामों पांच जनवरी को घोषित करने वाली थी, लेकिन छह जनवरी को पुन: सूची पर विचार-विमर्श किया गया। मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विष्णुदत्त शर्मा, हितानंद ने दो घंटे तक मंथन किया था और पार्टी पदाधिकारियों द्वारा मंगलवार तक सूची जारी करने की बात कही जा रही थी। इन पांच दिनों में प्रदेश नेतृत्व ने बैठक कर सामाजिक और राजनीतिक समीकरण बैठाते हुए सूची तैयार की, लेकिन कुछ नामों पर सहमति नहीं बनने से यह जारी नहीं हो सकी। जेपीसी समिति की बैठक में हिस्सा लेंगे विष्णुदत्त शर्मा एक देश-एक चुनाव के क्रियान्वयन की दिशा में गठित संयुक्त संसदीय समिति की बैठक बुधवार को दिल्ली में होगी। इस बैठक में मध्य प्रदेश के खजुराहो से सांसद व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा हिस्सा लेंगे। मध्य प्रदेश से केवल विष्णुदत्त को इस समिति में जगह मिली है। इस समिति का उद्देश्य एक देश, एक चुनाव की अवधारणा को लागू करने की दिशा में ठोस सिफारिशें देना है। यह समिति 21 लोकसभा और 10 राज्यसभा के सदस्यों से मिलकर बनी है। recent visitors 69