Wednesday, July 8, 2026 1:48 am

2 हजार करोड़ का शराब घोटाला मामला में ईडी पूर्व मंत्री कवासी लखमा और उनके बेटे से दूसरी बार कर रही पूछताछ

रायपुर छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित 2 हजार करोड़ के शराब घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) आज दूसरी बार पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा और उनके बेटे हरीश लखमा से पूछताछ कर रही. इससे पहले 3 जनवरी को ईडी ने दोनों से पूछताछ की थी. इस दौरान कुछ दस्तावेजों के लिए पूर्व मंत्री कवासी लखमा ने ED से समय मांगा था. बता दें कि शराब घोटाला मामले में 28 दिसंबर को ED ने पूर्व मंत्री लखमा और उनके बेटे हरीश लखमा के ठिकानों पर छापा मारा था. छापेमार कार्रवाई में ED ने नगद लेनदेन के सबूत मिलने की जानकारी दी थी. 3 जनवरी को दोनों को पूछताछ के बाद छोड़ा गया था. आज फिर कवासी लखमा और उनके बेटे हरीश लखमा ईडी दफ्तार पहुंचे हैं, जहां ईडी दोनों से फिर पूछताछ कर रही. recent visitors 74

विदिशा के आउटसोर्स लाइन स्टॉफ रामविलास ने सुरक्षा ट्रेनिंग देकर पेश किया अनुकरणीय उदाहरण

भोपाल एम.पी. ट्रांसको (मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी) के विदिशा ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेन्स उपसंभाग के आउटसोर्स कर्मी श्री रामविलास ने एक अनूठा उदाहरण पेश करते हुये 220 के.व्ही. सब-स्टेशन विदिशा में एम.पी. ट्रांसको के नियमित कर्मियों सहित अन्य आउटसोर्स कर्मियों को ट्रांसमिशन लाइन एवं सबस्टेशनों में सुरक्षित कार्य करने के लिये एक सुरक्षा ट्रेनिंग दी। सामान्यतः एम.पी. ट्रांसको में इस तरह की ट्रेनिंग वरिष्ठ एवं विशेषज्ञ इंजीनियर्स द्वारा दी जाती रही है, परंतु मध्यप्रदेश में यह पहला मौका है जब किसी आउटसोर्स कर्मी ने सुरक्षा संबंधी समस्त प्रक्रियाओं को पहले अच्छे से समझा जाना और फिर पहले स्वयं प्रशिक्षित होकर अन्यों को भी प्रशिक्षित करने का उल्लेखनीय कार्य किया। विदिशा जिले के स्थानीय निवासी श्री रामविलास ने एम.पी. ट्रांसको के 35 अधिकारी/कर्मचारियों को ट्रांसमिशन लाइन और सब-स्टेशनों में कार्य के दौरान प्रयोग किये जाने वाले सेफ्टी बेल्ट के उपयोग करने के तरीके, इसके बांधने से होने वाली सुरक्षा तथा सेफ्टी बेल्ट बांध कर कार्य करने के दौरान बरती जाने वाली सावधानी के बारे में विस्तारपूवर्क बताया। एक मेंटेनेन्स कर्मी द्वारा दिये गये इस व्यावहारिक ट्रेनिंग से उपस्थित मेंटेनेन्स स्टॉफ का न केवल मनोबल बढ़ा बल्कि सभी ने कार्य के दौरान अनिवार्य रूप से सुरक्षा बेल्ट बांधने की शपथ भी ली। ऊर्जा मंत्री श्री तोमर ने श्री रामविलास के इस प्रयास की सराहना करते हुये इसे अन्यों के लिए अनुकरणीय बताया। क्या और क्यों जरूरी है कार्य के दौरान सेफ्टी बेल्ट के उपयोग सेफ्टी बेल्ट पूरे शरीर की सुरक्षा के लिये एक व्यक्तिगत सुरक्षात्मक उपकरण है। इसे कार्य-स्थल पर या ऊंचाई पर होने वाली अन्य गतिविधियों के दौरान गिरने और चोट लगने से बचाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। सेफ्टी बेल्ट पूरे शरीर की सुरक्षा के लिये है। उपयोगकर्ता को कमर, छाती और कंधों के चारों ओर लपेटकर पूरी सुरक्षा प्रदान करते हैं। गिरने के दौरान पूरे शरीर में समान रूप से बल को वितरित करके गिरने की तीव्रता को कम करते हैं और शरीर को संतुलित तरीके से रोकते हैं।   recent visitors 90

केंद्रीय मंत्री गडकरी बोले सिंहस्थ से पहले होना चाहिए इंदौर-खंडवा सड़क और नर्मदा नदी पर मोरटक्का ब्रिज का निर्माण

इंदौर इंदौर-खंडवा रोड निर्माण की देरी को लेकर केंद्रीय परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने चिंता जताई है और उन्होंने अफसरों से कहा कि सिंहस्थ से पहले सड़क और नर्मदा नदी पर मोरटक्का ब्रिज का निर्माण हर हाल में होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि ठेकदार की तरफ से देरी होती है तो फिर एक्शन ले, लेकिन प्रोजेक्ट में देरी न हो। विमानतल पर आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव भी शामिल हुए। बैठक में यह भी तय हुआ कि डकाच्या से पीथमपुर तक बनने वाले पूर्वी बायपास का निर्माण भी राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण करेगा। सड़क निर्माण के अलावा मार्ग के लिए अन्य सुविधाएं प्रदेश सरकार जुटाएगी। यह सड़क 38 गांवों से होकर गुजरेगी। इसकी लंबाई 70 किलोमीटर से ज्यादा की होगी। इस रिंग रोड में कंपेल, तिल्लौर, बड़गोंदा सहित अन्य गांव जुड़ेंगे। बैठक में मंत्री गडकरी ने अफसरों से कहा कि  सिंहस्थ से पहले मोरटक्का ब्रिज का  निर्माण पूरा होना चाहिए। ब्रिज के आसपास ज्योर्तिलिंग की थीम पर सौंदर्यीकरण हो। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के समय उज्जैन आने वाले श्रद्धालु अेांकारेश्वर भी जाएंगे, इसलिए तय समय में घाटों पर सुरंग, ब्रिजों का निर्माण होना चाहिए। बैठक में इंदौर के आसपास के अन्य प्रोजेक्टों पर भी चर्चा हुई। इंदौर -खंडवा रोड के निर्माण की देरी का मुद्दा पूर्व मेयर कृष्णमुरारी मोघे ने भी मंत्री गडकरी के सामने उठाया था। इसके बाद मंत्री ने अफसरों से कहा कि यदि काम ठीक से नहीं हो रहा है तो ठेकेदार को टर्मिनेट कर दो। इंदौर का नमकीन अपने साथ ले गए गडकरी मंत्री गडकरी इंदौर में नाथ मंदिर में भी दर्शन के लिए गए। वहां वे करीब आधे घंटे रुके। यहां उन्होंने पूर्व लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन से भी मुलाकात की।  कुछ परिचित गडकरी के लिए इंदौर के नमकीन भेंट स्वरुप लाए। जिन्हें पाकर वे खुश हो गए और कहा कि इंदौर के नमकीन तो उन्हें काफी पसंद है। वे नमकीन को अपने साथ लेकर गए।   recent visitors 168

चायनीज मांझे के ट्रांसमिशन लाइनों के संपर्क से संभावित दुर्घटना से बचाव हेतु रोको-टोको अभियान

भोपाल एम.पी. ट्रांसको (मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी) की ट्रांसमिशन लाइनों के समीप चायनीज मांझे से पतंग उड़ाने के कारण संभावित दुर्घटना की आशंकाओं पर अंकुश लगाने और नागरिकों को सतर्क तथा सुरक्षित करने प्रदेश में एम.पी. ट्रांसको ने रोको-टोको अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिये एम.पी. ट्रांसको ने स्थानीय जिला प्रशासन से चायनीच मांझे के इस्तेमाल पर रोक तथा ट्रांसमिशन लाइनों के समीप के उन क्षेत्रों को संवेदनशील और खतरनाक घोषित करने के लिये अनुरोध किया है। ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने आग्रह किया है की ट्रांसमिशन लाइनों के पास पतंग नहीं उड़ायें। उन्होंने बताया कि प्रदेश में बहुतायत पतंग उड़ाये जाने वाले संवेदनशील क्षेत्रों में नागरिकों से व्यक्तिगत संपर्क किया जा रहा है। इसके अलावा पोस्टर बैनर एवं पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम के माध्यम से उन्हें सचेत एवं सतर्क किये जाने का अभियान भी चलाया जा रहा है, जिससे नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। साथ ही उपभोक्ताओं को विद्युत के अनावश्यक व्यवधान का सामना न करने पड़े। गत वर्ष राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, धार सहित कुछ स्थानों पर ट्रांसमिशन लाइनों में चायनीज मांझा के साथ पतंग फंसने की घटनाओं के बाद विद्युत व्यवधान हुआ था तथा पतंग उड़ाने वालों को भी नुकसान पहॅुचा था। एम.पी. ट्रांसको के संवेदनशील प्रोटेक्शन सिस्टम के 100 प्रतिशत ऑपरेट होने से बड़ी जनधन हानि से बचा जा सका था। क्यों घातक है चायनीज मांझा चायनीज मांझा में कई तरह के केमिकल और धातुओं का इस्तेमाल किया जाता है, जो डोरी को बिजली का अच्छा सुचालक बना देता है। यह संपर्क में आने से पतंग उड़ाने वाले के लिये घातक साबित होता है। साथ ही ट्रांसमिशन लाइन में लिपटने से चीनी मांझे से क्षेत्र में विद्युत व्यवधान की आशंका भी रहती है।   recent visitors 88

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान कल छत्तीसगढ़ के लोगों को देंगे प्रधानमंत्री आवास की सौगात

रायपुर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान 10 जनवरी को छत्तीसगढ़ आ रहे हैं. प्रवास के दौरान कृषि मंत्री प्रदेशवासियों को प्रधानमंत्री आवास की सौगात देंगे, इसके अलावा कुम्हारी में किसान मेला में शामिल होंगे. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का मिनट टू मिनट शेड्यूल जारी हुआ है. जिसके अनुसार, केंद्रीय मंत्री सुबह 11.15 बजे रायपुर पहुंचकर नगपुरा के लिए रवाना होंगे. दोपहर 12.10 से 12.25 मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगे. दोपहर 12.40 से 12.55 प्रधानमंत्री आवासीय योजना कार्यक्रम में शामिल होंगे. लोक निर्माण विभाग रेस्टहाउस में दोपहर 2.00 से 2.30 तक आरक्षित है. दोपहर 2.35 को नगपुरा हेलीपेड के लिए रवाना होंगे. कुम्हारी के मिनी स्टेडियम में दोपहर 3.10 से 4.15 बजे तक “किसान मेला” कार्यक्रम में शिरकत करेंगे. विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होने के बाद शाम 5.15 को भोपाल के लिए रवाना होंगे. केंद्रीय कृषि मंत्री के प्रवास के दौरान प्रधानमंत्री आवास की सौगात देने पर पंचायत मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि इसके पहले भी केंद्र सरकार से 8 लाख 46 हज़ार आवास मिला है. पूर्व में स्वीकृत सभी आवासों में कार्य चल रहा है, कल फिर छत्तीसगढ़ को बड़ी सौगात मिलेगी. recent visitors 83

कलेक्टर निकायों के विकास कार्यों एवं योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की

छतरपुर कलेक्टर पार्थ जैसवाल की अध्यक्षता में गुरुवार को नगरीय निकायों के विगत दो माह में नवीन विकास कार्य एवं हितग्राही मूलक योजनाओं के क्रियांवयन में प्रगति एवं स्वच्छता सर्वेक्षण अंतर्गत बिन्दुओं की समीक्षा बैठक सम्पन्न हुई। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी, बकाया कर वसूली, अमृत 2.0, कायाकल्प, मुख्यमंत्री अधोसंरचना फेज 4, पीएम स्वनिधि एवं मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान में बनाए जा रहे आयुष्मान कार्ड की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में जिला पंचायत सीईओ तपस्या परिहार, डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी पीओडूडा आयुष जैन सहित निकायों के सीएमओ उपयंत्री उपस्थित रहे।  कलेक्टर जैसवाल ने विगत वर्ष की स्वच्छता सर्वेक्षण में मिली रैंकिंग की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी इंडिकेटर पर फोकस करते हुए कार्य करें ताकि इस बार अच्छी रैंकिंग आए। उन्होंने कहा निकायों में वर्मीकम्पोस्ट, डोर टू डोर कचरा कलेक्शन सहित अन्य स्वच्छता संबंधी कार्य बेहतर और प्रभावी ढंग से किए जाएं। कलेक्टर ने विशेष रूप से घुवारा, बक्सवाहा, खजुराहो, लवकुशनगर, बिजावर, नौगांव और छतरपुर निकाय को नियमित स्वच्छता गतिविधियां करने के निर्देश दिए। नए कार्यों की टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कार्य शुरू कराने के निर्देश कलेक्टर ने स्वच्छ भारत मिशन 2.0 अंतर्गत कार्यों की समीक्षा करते हुए एमआरएफ, कम्पोस्टिंग प्लांट के निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण में निर्देश दिए कि जिन निकायों में पीआईसी से लेकर टेंडर प्रक्रिया अगर लंबित है तो तत्काल पूर्ण कराएं। ताकि कार्य शुरू हो सके। उन्होंने नौगांव सीएमओ को पिछले दो माह में कार्य की गति नहीं बढ़ाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए गति बढ़ाने के निर्देश दिए। सीएमओ हरपालपुर को कार्यों में लापरवाही पर शोकॉज कलेक्टर ने पीएम आवास योजना में विगत दो माह में हुई प्रोग्रेस की समीक्षा करते हुए जल्द अपूर्ण आवासों के निर्माण कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने हरपालपुर निकाय की विगत दो माह में आवास सहित अन्य कार्यो में कम प्रगति होने, विगत दिवस निरीक्षण के दौरान एवं बैठक में सही जानकारी उपलब्ध नहीं देने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।   कलेक्टर ने निकायवार बकाया संपत्ति और जल कर जमा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कर वसूली का प्रतिशत बढ़ाएं। अगर संबंधित लोगों द्वारा कर जमा नहीं किया जा रहा है तो नल कनेक्शन काटने सहित आवश्यक कार्यवाही करें। उन्होंने कहा वार्डों में मुनादी और शिविर लगाकर कर लोगों से कर जमा कराएं। अमृत 2.0 एवं कायाकल्प के कार्यो की धीमी गति पर नाराजगी व्यक्त की  कलेक्टर ने अमृत 2.0 अंतर्गत जल संरचनाओं के जीर्णोधार, सौंदर्यीकरण, पार्क निर्माण कार्यों में धीमी गति होने पर कहा कि कार्य में लापरवाही स्वीकार नही की जाएगी सभी निकाय प्रोग्रेस बढ़ाएं। इसी तरह कायाकल्प के कार्य एवं सड़क और सी.सी. रोड एवं अन्य कार्य जो मुख्यमंत्री अधोसंरचना फेज 4 में होना है सभी में प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए।  साथ ही मुख्यमंत्री जन कल्याण अभियान अंतर्गत लगाए जा रहे शिवरों में प्राप्त आवेदनों के निराकरण करने, पीएम स्वनिधि की प्रगति एवं 70 वर्ष से अधिक उम्र के व्यक्तियों के बनाए जा रहे आयुष्मान कार्ड बनाने में प्रगति बढ़ाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा निर्देशों एवं समय सीमा के अनुरूप कार्य नहीं करने पर संबंधित की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्यवाही की जाएगी। recent visitors 69

अनैतिक क्लीनिकल ट्रायल्स पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

इंदौर, माननीय सर्वोच्च न्यायालय में अनैतिक क्लिनिकल ट्रायल्स के विभिन्न मुद्दों पर स्वास्थ्य अधिकार मंच द्वारा वर्ष 2012 में दायर की गई जनहित याचिका पर बुधवार 8 जनवरी 2025 को न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय और एस वी एन भट्टी की पीठ द्वारा सुनवाई की गई।  मामले में सुनवाई करते हुये माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने याचिका कर्ता को केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए “न्यू ड्रग एंड क्लिनिकल ट्रायल्स रुल्स 2019” पर आपत्ति दर्ज करने और सुझाव देने के लिए याचिका कर्ता को चार सप्ताह समय दिया गया है। ज्ञात हो कि मरीजों की सुरक्षा और उनके अधिकार को सुरक्षित करने के लिए स्वास्थ्य अधिकार मंच द्वारा भी महत्वपूर्ण सुझाव दिये गए थे परंतु उनमे से अधिकांश को अनदेखा कर सरकार ने नए नियम बना दिये थे। दिनांक 20/11/2024 की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता संजय पारिख द्वारा कहा गया था कि उक्त याचिका में मरीजों के अधिकार और उनकी सुरक्षा से संबन्धित कई मुद्दे ऐसे है जिन पर अभी सुनवाई होना बाकी है, मजबूत कानून और नियमों के साथ एक मजबूत निगरानी तंत्र को लागू कर अनैतिक दावा परीक्षण पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जा सकता है ।  संजय पारीख ने कहा ही अभी भी हजारों की संख्या में क्लिनिकल ट्रायल्स के दौरान लोगों पर गंभीर दुष्परिणाम हुए है । याचिकाकर्ता के अधिवक्ता संजय पारिख ने तर्क दिया कि 2019 के नियमों के बावजूद, कई मुद्दे बचे हुए हैं, जिनमें जांचकर्ताओं से संबंधित मुद्दे, मृत्यु या गंभीर शारीरिक दुष्परिणाम के मामलों में मुआवजा आदि शामिल हैं। स्वस्थ्य अधिकार मंच के अमूल्य निधि ने कहा कि वर्ष 2013 में याचिकाकर्ता की दखल के बाद से क्लिनिकल ट्रायल से पीड़ितों के लिए नियम बनाए गए थे परंतु उन नियमों के आधार पर अभी तक  को मुआवजा नहीं मिला है। साथ ही साथ जिन अनैतिक क्लिनिकल ट्रायल्स पर सरकार ने करवाई नहीं की है । कोर्ट के कई ऑर्डर का पालन भी नहीं हुआ है और अपेक्स कमिटी की नियमित बैठक नहीं हो रही है। ज्ञात हो कि आर्थिक अपराध ब्यूरो (EOW) की जून 2011 की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के कुछ चिकित्सकों ने महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज और महाराजा यशवंत राव अस्पताल में 77 क्लिनिकल ट्रायल्स 3307 मरीजों को उन्हे बताए बिना किए थे और इनसे 5.10 करोड़ रुपए अर्जित किए थे। इन क्लिनिकल ट्रायल्स से 32 मरीजों की मौत हो गयी थी और 49 मरीजों को गंभीर दुष्परिणाम का सामना करना पड़ा था। इस मुद्दे पर विभागीय कार्यवाही भी की गई थी परंतु अभी कोई प्रभावी निर्णय नहीं लिया गया है। इसके साथ ही भोपाल गेस पीड़ितों पर क्लिनिकल ट्रायल्स किया गए उनमे से 23 कि मृत्यु हो गई थी 22 गंभीर दुष्परिणामों से पीड़ित थे। इनमे से किसी भी पीड़ित को मुआवजा नहीं मिला है और न है गंभीर दुष्प्रभाव से पीड़ित मरीजों को उनके इलाज के लिए सहायता मिली है। आज की सुनवाई में इंदौर और भोपाल गेस पीड़ित संघ के मुद्दे के साथ ही देश के विभिन्न राज्यों और हिस्सों मे हो रहे है अनैतिक क्लिनिकल ट्रायल्स के मुद्दे उठाए गए जैसे राजस्थान, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश के एचपीवी वेक्सिन आदि। recent visitors 69