महाकुंभ: प्रयागराज रेल मंडल ने जरूरी कदम उठाया, श्रद्धालुओं के लिए रेलवे स्टेशनों पर मेडिकल ऑब्जर्वेशन रूम स्थापित किए

प्रयागराज प्रयागराज में 13 जनवरी से शुरू हो रहे महाकुंभ को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। यहां आने वाले भक्तों के लिए विशेष प्रबंध किए जा रहे हैं। महाकुंभ 2025 में लाखों लोगों के आने की संभावना जताई गई है। ऐसे में उनके स्वास्थ्य को देखते हुए प्रयागराज रेल मंडल ने जरूरी कदम उठाया है। महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों की सेहत को ध्यान में रखकर रेलवे स्टेशनों पर मेडिकल ऑब्जर्वेशन रूम स्थापित किए गए हैं। प्रयागराज रेल मंडल के सीनियर पीआरओ डॉ. अमित मालवीय ने बताया कि महाकुंभ 2025 में आने वाले भक्तों के लिए रेलवे अधिकारी तीर्थयात्रियों के लिए व्यवस्था कर रहे हैं। इसके तहत प्रयागराज जंक्शन और अन्य रेलवे स्टेशनों पर मेडिकल ऑब्जर्वेशन रूम स्थापित किए गए हैं। ये कमरे डॉक्टरों, चिकित्सा सुविधाओं और मिनी आईसीयू समेत उन्नत उपकरणों से सुसज्जित होंगे। तीर्थयात्रियों के लिए उचित चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करने के लिए उनमें कार्डियक मॉनिटर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, डिफाइब्रिलेटर और डीसी बिजली की आपूर्ति होगी। सभी मेडिकल सुविधाएं होंगी। 24 घंटे इसे ऑपरेट किया जाएगा। 2019 में एक लाख लोगों को चिकित्सा सुविधा दी गई थी, इस बार उससे ज्यादा की उम्मीद है। प्रयागराज जंक्शन पर 10 बेड व्यवस्था रहेगी। ज्यादा से ज्यादा लोगों तक जरूरी मदद पहुंचाई जाएगी। रेलवे चेकिंग स्टाफ, मेडिकल की टीम के अलावा अन्य वॉलिंटियर्स को श्रद्धालुओं की मदद के लिए ड्यूटी पर तैनात किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 2019 में कई हजार लोगों को स्वास्थ्य सेवा देकर उनकी जान बचाई गई थी। रेलवे स्टेशनों पर मेडिकल ऑब्जर्वेशन रूम होने से डायबिटीज के पेशेंट, अधिक पैदल चलने से थकान से बेहोशी सहित अन्य मेडिकल समस्या से जूझ रहे लोगों का इलाज किया जाएगा। मेडिकल अस्पताल में मरीज को पहुंचाने के लिए एंबुलेंस सेवा भी उपलब्ध रहेगी। इसके लिए रेलवे प्रशासन ने शहर के सभी प्रमुख और रेलवे के अस्पताल से समन्वय स्थापित किया है। प्रयागराज रेल मंडल महाकुंभ 2025 में आने श्रद्धालुओं को रेलवे स्टेशन पर स्वास्थ्य की जरूरी सुविधाएं प्रदान करने के सभी जरूरी प्रयास किए गए हैं।   recent visitors 95

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा- भारत की सनातन धर्म की जो मान्यता है यह दुनिया के सबसे प्राचीन संस्कृति है

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की सनातन धर्म की जो मान्यता है यह दुनिया के सबसे प्राचीन संस्कृति है। इसकी तुलना किसी मत मजहब और संप्रदाय से नहीं हो सकती। हजारों वर्षों की विरासत मेरे पास है। इसके सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयोजन भी उतनी ही प्रचीन है। आकाश के भी ऊंचा है सनातन की परंपरा, इसकी तुलना नहीं की जा सकती। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक निजी समाचार चैनल द्वारा आयोजित 'महाकुम्भ महासम्मलेन' कार्यक्रम में बोल रहे थे। महाकुम्भ के महत्व पर प्रकाश डालते हुए सीएम योगी ने कहा कि देवासुर संग्राम के बाद अमृत की बूंदें चार पवित्र स्थलों प्रयागराज, हरिद्वार, उज्जैन और नासिक में गिरीं। इन स्थानों पर महाकुम्भ के आयोजन भारत के ज्ञान, चिंतन और सामाजिक दिशा तय करने का अवसर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महाकुम्भ केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह भारत की आध्यात्मिक विरासत और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। सीएम योगी ने कहा कि महाकुम्भ के आयोजन के दौरान भारत के ऋषि-मुनि एकत्र होकर उस समय की सामाजिक और राजनीतिक परिस्थितियों पर चिंतन करते थे। यह आयोजन न केवल परंपरा का सम्मान है, बल्कि इसे भविष्य की पीढ़ियों के लिए संरक्षित करना भी आवश्यक है। विरासत और विकास का संगम है महाकुम्भ 2025 : योगी सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि महाकुम्भ का आयोजन भारत में विरासत और विकास के अद्भुत संगम का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि 2019 के प्रयागराज कुम्भ में यह देखा गया कि कैसे आधुनिक तकनीक, प्रबंधन और संस्कृति का सामंजस्य किया गया। यही प्रयास आने वाले महाकुम्भ में भी होगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार ने मिलकर महाकुम्भ को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। इस आयोजन से न केवल देश के नागरिक, बल्कि दुनियाभर के लोग भी आकर्षित हो रहे हैं। यह भारत की सांस्कृतिक समृद्धि को विश्व स्तर पर प्रस्तुत करने का सुनहरा अवसर है। महाकुम्भ राष्ट्रीय और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत उदाहरण है सीएम योगी ने कहा कि महाकुम्भ राष्ट्रीय और सांस्कृतिक एकता का अद्भुत उदाहरण है। यह आयोजन जाति, पंथ और लिंग भेदभाव को समाप्त करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले 10 वर्षों में जो प्रगति की है, महाकुम्भ इसका सशक्त माध्यम बनेगा। यह भारत की समृद्धि, विरासत और आध्यात्मिक परंपरा का जीवंत प्रमाण है। सीएम योगी ने कहा कि विदेशी जूठन खाने वाले लोग हमें बदनाम करने में लगे हैं। देश में जातिवाद का जहर घोलकर अपनी राजनीतिक रोटी सेंकना चाहते हैं, लेकिन देश की जनता अब जागरूक हो चुकी है। सनातन धर्म हमेशा शिखर पर रहा है राष्ट्रीय एकता और हिंदू एकता पर चर्चा करते हुए सीएम योगी ने कहा कि सनातन धर्म हमेशा शिखर पर रहा है। हिंदू एकता और राष्ट्रीय एकता एक-दूसरे के पूरक हैं। इतिहास गवाह है कि जब हम बंटे हैं, तो कमजोर हुए हैं, और जब एकजुट हुए हैं, तो अजेय बने हैं। इसीलिए मैंने पहले कहा था कि बंटोगे तो कटोगे और एक रहोगे तो नेक रहोगे। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग जाति और मजहब के नाम पर समाज को बांटने का प्रयास करते हैं। ये वही शक्तियां हैं जो भारत को कमजोर करने का षड्यंत्र रचती हैं। लेकिन जनता अब जागरूक हो चुकी है। आज यूपी का नागरिक पलायन नहीं कर रहा, माफिया और अपराधी कर रहे हैं। वक्फ के नाम पर जमीन कब्जाने वालों से वापस लेंगे एक-एक इंच जमीन वक्फ बोर्ड के नाम पर जमीन कब्जे के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यह समझना मुश्किल है कि वक्फ बोर्ड है या भू-माफियाओं का बोर्ड। हमारी सरकार ने वक्फ अधिनियम में संशोधन किया है और एक-एक इंच जमीन की जांच करवा रही है। जिन लोगों ने वक्फ के नाम पर जमीन कब्जाई है, उनसे जमीन वापस ली जाएगी और गरीबों के लिए आवास, शिक्षण संस्थान और अस्पताल बनाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि कुम्भ की परंपरा वक्फ से कहीं पुरानी है। सनातन धर्म की ऊंचाई आकाश से भी ऊंची और गहराई समुद्र से भी गहरी है। इसकी तुलना किसी मत या मजहब से नहीं की जा सकती। सीएम योगी ने विपक्ष पर किया तीखा प्रहार सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी और उसके नेताओं पर भी तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि डॉ. राम मनोहर लोहिया ने कहा था कि अगर भारत को समझना है, तो राम, कृष्ण और शिव की परंपरा को पढ़ो। जो नेता लोहिया जी के नाम पर राजनीति करते हैं, उन्होंने इनकी बातों को कभी नहीं समझा। उन्होंने अयोध्या के विकास का जिक्र करते हुए कहा कि हमने अयोध्या को विकास और विरासत का केंद्र बनाया। जो लोग अयोध्या के विकास का विरोध कर रहे थे, उन्हें वहां जाने का नैतिक अधिकार नहीं है। संभल में धार्मिक स्थलों को तोड़कर कब्जा करने का प्रयास हुआ संभल में धार्मिक स्थलों पर विवाद का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संभल में श्रीहरि विष्णु का दसवां अवतार कल्कि का उल्लेख पुराणों में मिलता है। वहां धार्मिक स्थलों को तोड़कर कब्जा करने का प्रयास हुआ। हमारी सरकार ने न्यायालय के आदेश के अनुसार कार्रवाई की और दंगाइयों को सख्त संदेश दिया। धर्म परिवर्तन और घर वापसी के मुद्दे पर बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि अगर कोई अंतर्मन से अपने धर्म में लौटना चाहता है, तो उसका स्वागत होना चाहिए। यह धर्म और परंपरा के प्रति जागरूकता का संकेत है।   recent visitors 73

डल्लेवाल की तबीयत नाजुक- बोलने में दिक्कत, डॉक्टर बोले- ब्लेड प्रेशर गिर रहा, स्थिर रखने पैरों को ऊंचाई पर रख रहे

Dallewal’s health is critical- he has trouble speaking, the doctor said- blood pressure is falling, he is keeping his legs elevated to keep them stable चंडीगढ़। हरियाणा-पंजाब के खनौरी बॉर्डर पर आमरण अनशन कर रहे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की हालत नाजुक है। आज उनके अनशन का 45वां दिन है। डल्लेवाल का ब्लड प्रेशर (BP) लगातार गिर रहा है। ऐसे में अब वह किसी से मुलाकात नहीं करेंगे। बुधवार को डल्लेवाल का मेडिकल बुलेटिन जारी करते हुए डॉक्टरों ने कहा कि उनके पैरों को अगर शरीर के अन्य हिस्सों के बराबर करते हैं तो उनका ब्लड प्रेशर काफी कम हो जाता है। ब्लड प्रेशर थोड़ा स्थिर करने के लिए उनके पैरों को ऊंचाई पर रखना पड़ रहा है। उन्हें बोलने में भी दिक्कत हो रही है। बुधवार को पूरा दिन वो अपनी ट्रॉली में ही रहे। 8 जनवरी को डॉक्टरों की टीम ने किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल के ब्लड का सैंपल लिया। सपा के सांसद डल्लेवाल से मिलने पहुंचे वहीं आंदोलन को समाजवादी पार्टी ने समर्थन दिया है। पार्टी के उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से सांसद व नेशनल जनरल सेक्रेटरी हरेंद्र मलिक ने बुधवार को डल्लेवाल से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने किसानों से पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव से फोन पर बात करवाई। अखिलेश ने उन्हें विश्वास दिलाया है कि वह सभी राजनीतिक पार्टियों से बात करेंगे और प्रयास करेंगे कि सभी राजनीतिक पार्टियां आपसी मतभेद भुलाकर MSP गारंटी कानून के मुद्दे पर एकजुट हों, ताकि किसानों की आत्महत्याओं को रोका जा सके। किसान नेता बोले- कृषि मंत्री डल्लेवाल से बात क्यों नहीं करते किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि हमारे देश के कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान दिल्ली के किसानों से मीटिंग करके कहते हैं कि हमारी योजनाओं का लाभ आपको नहीं मिल रहा है, इसलिए वो दुखी हैं, लेकिन दूसरी तरफ उन्हें 13 फरवरी 2024 से सड़कों पर बैठे किसान एवं आमरण अनशन कर रहे डल्लेवाल का संघर्ष नहीं दिख रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि जनगणना 2016 के अनुसार दिल्ली में 21000 किसान थे, जिनकी संख्या पिछले 8 साल में घट चुकी है। डल्लेवाल की बिगड़ती हालत के मद्देनजर केंद्र सरकार को गंभीर होकर किसानों की समस्याओं का हल करना चाहिए। किसानों की आगे क्या रणनीति… 1. PM के पुतले जलाएंगे किसानों ने 10 जनवरी को पूरे देश में विरोध प्रदर्शन करने की योजना बनाई है। इस दौरान प्रधानमंत्री का पुतला जलाया जाएगा। जबकि 13 जनवरी को लोहड़ी वाले दिन केंद्र सरकार की एग्रीकल्चर मार्केटिंग पॉलिसी के ड्राफ्ट की कॉपियां जलाई जाएंगी। 2. 26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे 26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च निकालने की तैयारी की है। किसान नेताओं ने लोगों से आह्वान किया है वह ज्यादा संख्या में आंदोलन में शामिल हों। सुप्रीम कोर्ट बोल चुका- हालात बिगाड़ने की कोशिश हो रही  सुप्रीम कोर्ट में डल्लेवाल को लेकर 8 सुनवाई हो चुकीं हैं। पहली सुनवाई 13 दिसंबर को हुई थी। इसमें कोर्ट पंजाब सरकार को फटकार लगाते हुए कह चुका है कि आपका रवैया ही सुलह करवाने का नहीं है। कुछ तथाकथित किसान नेता गैर-जिम्मेदाराना बयानबाजी कर रहे हैं। जानबूझकर हालात बिगाड़ने की कोशिश हो रही है। कोर्ट ने पंजाब सरकार को डल्लेवाल को अस्पताल में शिफ्ट करने के लिए मोहलत भी दी थी। इस मामले में अब अगली सुनवाई 10 जनवरी को होगी। recent visitors 246

मध्यप्रदेश के कईं जिलों में आज कोल्ड-डे का अलर्ट: नवंबर-दिसंबर के बाद जनवरी भी ठंडा,भोपाल में 3.6 डिग्री तापमान

Cold-day alert in many districts of Madhya Pradesh today: After November-December, January is also cold, temperature in Bhopal is 3.6 degrees भोपाल। जनवरी में कड़ाके की ठंड के दूसरे दौर से पूरा मध्यप्रदेश कांप रहा है। इस साल जनवरी में पहली बार इतनी सर्दी पड़ रही है। प्रदेश के इकलौते हिल स्टेशन पचमढ़ी में पारा रिकॉर्ड 0.2 डिग्री पर पहुंच गया है। वहीं, भोपाल में 10 साल का रिकॉर्ड टूटा है। मंगलवार-बुधवार की रात यहां टेम्परेचर 3.6 डिग्री रहा। ऐसा ही मौसम गुरुवार को भी बना रहेगा। प्रदेश के 9 जिलों में कोल्ड-डे का अलर्ट है। वहीं, सुबह करीब 20 जिलों में कोहरा छाया है। बर्फीली हवा चलने से प्रदेश के शहरों में दिन-रात कड़ाके की ठंड पड़ रही है। पिछली 2 रातों से पारा काफी नीचे लुढ़का है। मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, लद्दाख में बर्फ पिघल रही है। जिससे हवा की रफ्तार भी तेज हो गई है। बुधवार को जेट स्ट्रीम हवाओं की रफ्तार 268 किमी प्रतिघंटा रही। जनवरी में 20 से 22 दिन शीतलहर मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी में प्रदेश का मौसम ठंडा ही रहेगा। 20 से 22 दिन तक शीतलहर चलने का अनुमान है। जनवरी के पहले सप्ताह में भी कड़ाके की ठंड पड़ी थी। अब दूसरा दौर शुरू हुआ है। अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम 9 जनवरी: नीमच, मंदसौर, निवाड़ी, छतरपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में कोल्ड डे रहेगा। वहीं, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, कटनी, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूप पुर में कोहरा रहेगा। 10 जनवरी: गुना, अशोकनगर और श्योपुर में बूंदाबांदी हो सकती है। 11 जनवरी: ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में कहीं-कहीं बारिश होने का अनुमान है। 12 जनवरी: दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और डिंडौरी में बारिश होने के आसार है। recent visitors 235