Friday, July 3, 2026 4:23 pm

इंदौर : एनडीपीएस और आईपीएस प्रबंधन को आया धमकी भरा ई-मेल, स्कूल खाली करवा दिया, आला अधिकारी मौके पर

इंदौर  मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में स्कूल में बम की धमकी का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक, एनडीपीएस और आईपीएस स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। प्रिंसिपल को तमिलनाडु से भेजे गए ईमेल में धमकी दी गई है। तत्काल पुलिस को सूचित किया गया। बम स्क्वाड दस्ता भी मौके पर पहुंचा। स्कूल प्रबंधन ने तत्काल स्कूल खाली करवाया। बच्चों को घर भेज दिया गया। जानकारी के अनुसार इंदौर के खंडवा रोड़ स्थित एनडीपीएस और राऊ स्थित आईपीएस कॉलेज को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। राउ स्थित इंदौर पब्लिक स्कूल परिसर में मंगलवार सुबह स्टूडेंट्स को अचानक घर जाने के लिए कहा गया। कोई कुछ समझ पाता उसके पहले ही बसों में बच्चों को बैठाकर घर रवाना कर दिया। कहा जा रहा है कि स्कूल और परिसर में लगने वाले कॉलेज के बच्चों ने अपने पेरेंट्स को फोन करके बताया कि संभवतः स्कूल को किसी तरह की धमकी मिली है। हजारों स्टूडेंट्स को ताबड़तोड़ बाहर निकाल दिया गया। बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स स्कूल के सामने की लाइन में स्थित मंदिर परिसर में जमा हो गए थे। अभी तक इस मामले को लेकर अधिकृत जानकारी नहीं मिल पाई है। एनडीपीएस में दूसरी शिफ्ट में आए बच्चों को स्कूल मैदान के बाद क्लास में नहीं जाने दिया और वापस बस में बैठाकर घर भेजा गया। recent visitors 37

बुद्धिमान लोगों की कुछ आदतें जो उन्हे बनती है अलग

महान कूटनीतिक और विद्वान आचार्य चाणक्य की बातें आज भी लोगों के जीवन को वैसा ही सरल बनाने का काम कर रही हैं, जैसा कभी सदियों पहले किया करती होंगी। आचार्य ने अपनी नीतियों के जरिए जीवन से जुड़े लगभग हर एक पहलू पर अपने विचार रखे हैं। किस स्थिति में इंसान को क्या करना चाहिए उससे ले कर सफलता के शीर्ष पर पहुंचने के लिए क्या सूत्र अपनाएं जाएं, आचार्य की नीतियों में इन सभी का जिक्र है। आचार्य ने अपनी नीति में बुद्धिमान लोगों की आदतों का भी जिक्र किया है, जिन्हें अपनाकर कोई भी व्यक्ति सफलता प्राप्त कर सकता है। आज हम आचार्य की नीतियों से ही उन बातों के बारे में बता रहे हैं, जो उनके मुताबिक बुद्धिमान लोग कभी भी किसी दूसरे के साथ साझा नहीं करते हैं। आप भी इन सूत्रों को अपने जीवन पर लागू कर सकते हैं। अपनी आर्थिक तंगी का नहीं करते लोगों से जिक्र आचार्य चाणक्य के मुताबिक जो लोग वाकई बुद्धिमान होते हैं, वो किसी के भी सामने अपनी आर्थिक तंगी का जिक्र करते नहीं घूमते। खासतौर से अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के सामने वो ऐसी बातें कभी साझा नहीं करते। आचार्य कहते हैं कि जीवन में कभी भी अगर आप आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं, तो उसे अपने तक ही सीमित रखें। लोग आपको इस स्थिति में नीचा दिखाने और झूठी सांत्वना देने के अलावा कुछ नहीं करते। और तो और वो आपके पीठ पीछे आपका मजाक ही बनाते हैं। पर्सनल लाइफ से जुड़ी परेशानियां आचार्य चाणक्य के मुताबिक व्यक्ति की समझदारी इसी में है कि वो अपनी व्यक्तिगत समस्याओं का जिक्र हर किसी के आगे ना करे। जीवन में सुख-दुख और कई तरह की परेशानियां लगी ही रहती हैं। इसका मतलब यह नहीं कि कोई भी परेशानी आते ही आप आसपास के सभी लोगों के साथ शेयर कर दें। ज्यादातर लोग आपका मजाक बनाने और फायदा उठाने के अलावा कोई दूसरी मदद नहीं करने वाले। बुद्धिमान लोगों की यही खासियत होती है कि वो अपने व्यक्तिगत जीवन से जुड़ी बातें ज्यादातर लोगों के सामने नहीं रखते और अपनी प्राइवेट लाइफ जीते हैं। अपनी पत्नी से जुड़ी चीजें नहीं करते शेयर आचार्य चाणक्य के अनुसार बुद्धिमान लोग अपनी पत्नी के बारे में भी लोगों से ज्यादा बाते साझा करने से बचते हैं। अपनी पत्नी का चरित्र, उसके विचार और पर्सनेलिटी जैसी चीजें दूसरे लोगों के साथ ज्यादा खुलकर कभी भी शेयर नहीं करनी चाहिए। आचार्य कहते हैं कि कभी लड़ाई-झगड़ा होने पर या यूं ही कई बार हो सकता है कि आप अपनी पत्नी के बारे में कुछ ऐसी बातों का जिक्र कर दें, जो कभी बतानी ही नहीं चाहिए थी। इस स्थिति में आपके रिश्ते और मान-सम्मान दोनों को खतरा हो सकता है। अपनी गरीबी का नहीं पीटते ढोल आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में इस बात का जिक्र कई बार किया है कि किसी भी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति समाज में उसका स्थान तय करती है। जो लोग आर्थिक स्थिति से जितने कमजोर होते हैं, समाज में उन्हें उतनी ही कमजोर नजरों से देखा जाता है। ऐसे में आचार्य के मुताबिक बुद्धिमान व्यक्ति कभी भी अपनी गरीबी का जिक्र बार-बार नहीं करते। ये बिना बेचारा बनें मेहनत करते हैं और अपने दम पर अपना नाम बनाते हैं। अपने अहंकार से जुड़ी बातें कुछ लोगों की आदत होती है कि वो चार लोगों में बैठकर सिर्फ अपने बारे में ही बात करते हैं। सिर्फ यही नहीं बल्कि खुद को ऊपर दिखाने के चक्कर में लंबी-लंबी फेंकने से भी परहेज नहीं करते। आचार्य चाणक्य के मुताबिक यह मूर्खों और कम आत्मविश्वास वाले लोगों की पहचान है। बुद्धिमान लोग कभी भी इस तरह ऊंची-ऊंची नहीं फेंकते बल्कि समझदारी और धैर्य के साथ लोगों से अपनी बात कहते हैं। recent visitors 32

क्या आप जानते हैं कि आखिर नर्मदा नदी उल्टी क्यों बहती है?

भारत में नदियों से लोगों की धार्मिक आस्थाएं जुड़ी हैं. हमारे देश में लगभग 400 नदियां बहती हैं और इनमें से कुछ नदियों को देवी के समान पवित्र माना जाता है. इन पवित्र नदियों की विधि-विधान से पूजा भी की जाती है. गंगा, यमुना और सरस्वती की तरह ही नर्मदा नदी भी लोगों के लिए आस्था का केंद्र मानी जाती है. जहां एक ओर ज्यादातर नदियां पश्चिम दिशा से पूर्व दिशा की ओर बहती हैं वहीं, नर्मदा एक ऐसी नदी है जो पूर्व दिशा से पश्चिम की ओर जाती है और अरब सागर में मिल जाती है. आसान शब्दों में कहें तो नर्मदा नदी उल्टी दिशा में बहती है. नर्मदा नदी को ‘आकाश की बेटी’ भी कहते हैं. हर साल माघ माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि पर नर्मदा जयंती मनाई जाती है, जो कि आज यानी 4 फरवरी को मनाई जा रही है. नर्मदा जयंती के मौके पर आपको बताते हैं कि आखिर नर्मदा नदी उल्टी क्यों बहती है. इन पुराणों में मिलता है नर्मदा का वर्णन रामायण और महाभारत जैसे ग्रंथ पुराणों में नर्मदा का उल्लेख मिलता है. वायु पुराण और स्कंद पुराण के रेवा खंड में नर्मदा नदी के अवतरण और महत्व की कथा का वर्णन किया गया है. इसी कारण नर्मदा को रेवा भी कहा जाता है. हिंदू धर्म में पवित्र नदी मानी जाने वाली नर्मदा का उद्गम स्थल अमरकंटक है. इसके अलावा, नर्मदा नदी के दोनों किनारों पर कई देवस्थान भी स्थित है. वहीं, नर्मदा के तट पर कई महान ऋषियों जैसे अगस्त्य, भारद्वाज, भृगु, कौशिक, मार्कण्डेय और कपिल आदि ने तपस्या की थी. आइए यहां आपको विस्तार से जानें नर्मदा नदी के धार्मिक और पौराणिक महत्व के बारे में बताते हैं. साथ ही नर्मदा नदी क्यों उल्टी बहती है, इसकी पौराणिक कथा भी बताएंगे. नर्मदा नदी की उत्पत्ति कैसे हुई? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नर्मदा नदी की उत्पत्ति भगवान शिव से मानी जाती है. इसी कारण इसे शिव जी की पुत्री या शंकरी भी कहा जाता है. ऐसा कहते हैं कि नर्मदा के किनारे पाया जाने वाला हर पत्थर शिवलिंग के आकार का होता है. इन लिंग के आकार वाले पत्थरों को बाणलिंग या बाण शिवलिंग के नाम से जाना जाता है, जो कि हिंदू धर्म में अत्यधिक पूजनीय माने जाते हैं. पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार भगवान भोलेनाथ मैकल पर्वत पर तपस्या में लीन थे. इस दौरान देवताओं ने उनकी आराधना की और उन्हें प्रसन्न किया. शिवजी की तपस्या के दौरान उनके शरीर से कुछ पसीने की बूंदें गिरीं, जिससे एक सरोवर की उत्पत्ति हुई. इसी सरोवर से एक द्वितीय सौंदर्य कन्या प्रकट हुई. इस कन्या का सौंदर्य देख देवताओं ने उसका नाम ‘नर्मदा’ रखा. नर्मदा नदी उल्टी क्यों बहती है इसका क्या कारण है? नर्मदा उल्टी क्यों बहती है, इससे जुड़ी एक पौराणिक कथा मिलती है. इस पौराणिक कथा के अनुसार, नर्मदा राजा मेकल की पुत्री थीं. जब नर्मदा विवाह योग्य हो गईं, तो राजा मेकल ने ऐलान किया की कि जो गुलबकावली का फूल लेकर आएगा, वह उनकी बेटी नर्मदा से विवाह करेगा. इस चुनौती को राजकुमार सोनभद्र ने पूरा किया और इसके बाद इसके बाद नर्मदा और सोनभद्र की शादी तय हुई गई. एक दिन नर्मदा ने राजकुमार को देखने की इच्छा व्यक्त की और नर्मदा ने इसके लिए अपनी सहेली जोहिला को सोनभद्र के पास संदेश लेकर भेजा. जब सोनभद्र ने जोहिला को देखा, तो उन्हें नर्मदा समझकर प्रेम प्रस्ताव रखा. जोहिला यह प्रस्ताव ठुकरा नहीं पाई और सोनभद्र से प्रेम करने लगीं. जब नर्मदा को इस बात का पता चला, तो वह बहुत क्रोधित हुईं और उन्होंने आजीवन कुंवारी रहने का प्रण लिया. उसी समय से नाराज होकर नर्मदा विपरीत दिशा में बहने लगीं और अरब सागर में जाकर मिल गईं. तब से ही नर्मदा नदी को एक कुंवारी नदी के रूप में पूजा जाता है. नर्मदा नदी के हर कंकड़ को नर्वदेश्वर शिवलिंग भी कहा जाता है. नर्मदा उल्टी बहने का वैज्ञानिक कारण हालांकि, नर्मदा नदी के विपरित दिशा में बहने को लेकर वैज्ञानिकों का मानना है कि नर्मदा नदी रिफ्ट वैली की वजह से उल्टी बहती है यानी नदी के प्रवाह के लिए जो उसका ढलान बनता है, वह उल्टी दिशा में है. ऐसे में जिस ओर नदी का ढलान होता है, वह नदी उसी दिशा में बहती है.   recent visitors 43

प्रत्येक सोमवार अपडेटेड सूची दर्ज हो रही है वेबसाइट पर

भोपाल मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी ने कंपनी कार्यक्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम, ग्‍वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों के अंतर्गत आने वाले ऐसे बिजली उपभोक्‍ता जिनके द्वारा अपने बकाया बिजली बिलों का समय पर भुगतान नहीं किया जा रहा है, उनके नाम, पते और बकाया राशि की जानकारी को सार्वजनिक कर दिया है। कंपनी द्वारा बकायादारों के नामों की सूची कंपनी के पोर्टल पर सार्वजनिक की है, इन बकायादरों के नाम आमजन और उपभोक्‍ताओं द्वारा क्षेत्रवार देखा जा सकता है। इसके लिए कंपनी की वेबसाइट portal.mpcz.in पर जाकर होम पेज पर Consumer Arrears List पर क्लिक करते ही वृत्त के आधार पर कुल बकायादारों की सूची उपलब्ध हो जाएगी। इसी लिंक को कंपनी के सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे फेसबुक, एक्स, इंस्टाग्राम आदि पर  भी साझा कर दिया गया है।  कम्पनी द्वारा इस सूची को प्रति सोमवार अद्यतन किया जा रहा है। जो उपभोक्ता अपने बिजली बिल की बकाया राशि जमा कर देते है उन उपभोक्ताओं के नाम पोर्टल पर जारी सूची से तथा सोशल मीडिया से हटा दिए जाते हैं। इसलिए बकाया राशि समय पर जमा करें, ताकि बकायादारों की सूची से नाम हटाया जा सके।       भोपाल शहर सर्किल के अंतर्गत सर्वाधिक राशि के 10 बकायादारों की सूची   (02/02/2025 तक अपडेटेड) क्र. वितरण केन्द्र उपभोक्ता का नाम श्रेणी बकाया राशि 1. मंडीदीप क्रेस्‍ट केपेसिटर निम्नदाब औद्योगिक 477310/- 2. कजलीखेडा राय होम्‍स यूनिवर्सल गैर-घरेलू 474389/- 3. गोपालपुर श्रीमती अयोध्‍याबाई गैर-घरेलू  440148/- 4. करोंद श्री हुकुमचंद शर्मा घरेलू  401559/- 5. कटारा हिल्‍स श्रीमती प्रवीना घरेलू 400681/- 6. छोला श्री रिजवान गैर-घरेलू 388098/- 7. बुदनी श्री देवेन्‍द्र शर्मा   गैर-घरेलू 384148/- 8. मंडीदीप श्रीनाथ सीमेंट निम्नदाब औद्योगिक 382659/- 9. गोपालपुर श्री नारायण एग्रीकल्‍चर 362566/- 10. छोला श्री मो. जाकिर गैर-घरेलू 356769/-   recent visitors 24

9, 18 या 27 तारीख को जन्मे लोगों पर बनी रहती है हनुमान जी की कृपा

अंक ज्योतिष में, प्रत्येक मूल अंक किसी ग्रह या अंक के स्वामी से जुड़ा हुआ होता है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, लोगों की जन्म की संख्याओं का सभी लोगों पर विशेष रूप से प्रभाव पड़ता है. इसी प्रकार अंक 9 को हनुमान जी से संबंधित माना जाता है. बजरंगबली अंक 9 के स्वामी माने जाते हैं.किसी भी माह की 9, 18 या 27 तारीख को जन्मे व्यक्तियों के लिए जन्म अंक 9 होता है. अंक 9 का स्वामी ग्रह मंगल होता है. 9, 18 या 27 तारीख को जन्मे लोगों पर हमेशा हनुमान जी की कृपा बनी रहती है. कष्ट निवारण हेतु अर्पित की जाने वाली पूजा, बजरंगबली, मंगल ग्रह से संबंधित है. हनुमान को मंगल ग्रह का देवता कहा जाता है. इसीलिए मंगलवार को हनुमान जी के साथ-साथ मंगल ग्रह की भी पूजा की जाती है. हनुमान मंगल ग्रह के प्रतीक हैं. यदि आप अपनी नौकरी या व्यवसाय में समस्याओं का सामना कर रहे हैं, तो इसका कारण मंगल ग्रह का अशुभ या खराब होना हो सकता है. जीवन में नहीं आती हैं समस्याएं यदि मंगल खराब हो तो स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं. परिवार में लोग बीमार हो सकते हैं. यदि आपका मंगल शुभ है तो परिवार के सभी सदस्य स्वस्थ रहेंगे. मंगल ग्रह शुभता का प्रतीक है. जो लोग बिना किसी स्वार्थ के अपना काम करते हैं उन्हें मंगल और हनुमान का आशीर्वाद प्राप्त होता है और जीवन में कभी कष्टों का सामना नहीं करना पड़ता है. इसके अलावा जीवन में आने वाली समस्याएं दूर रहती है. लोगों के प्राप्त होती है हनुमान जी की कृपा जो लोग शुद्ध मन रखते हैं, बिना किसी भेदभाव के लोगों की मदद करते हैं और निस्वार्थ भाव से लोगों की सेवा करते हैं, उन्हें हमेशा हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त रहता है. इसी कारण मूलांक 9 वाले लोगों पर मंगल और हनुमान जी की कृपा होती है. अंकशास्त्रियों का कहना है कि ऐसे लोग निडर और सहनशील होते हैं. ऐसे लोग हर मुश्किलों का सामना करने की कोशिश करते हैं और अंत विजयी पाते हैं. यदि मंगल अशुभ हो तो स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. इसके साथ ही कई परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. recent visitors 37

मुख्य सचिव जैन के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टरों को निर्देश

भोपाल मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कहा पुलिस व प्रशासन तालमेल के साथ काम करें। दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू की तरह काम करें। मुख्य सचिव जैन ने सोमवार को मंत्रालय में वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से कलेक्टर, कमिश्नर, पुलिस अधीक्षक और पुलिस महानिरीक्षकों के साथ विभिन्न विषयों पर समीक्षा बैठक की। उन्होंने निर्देश दिये कि अवैध गतिविधियों पर रोक लगायी जायें। कलेक्टर-पुलिस अधीक्षक निष्पक्ष रहकर मिलकर काम करें। उन्होंने निर्देश दिये कि अवैध शराब बिक्री पर रोक के लिए संयुक्त टीम बनाएं। राजस्व प्रकरणों में समय-सीमा एवं ईमानदारी से काम करें। जनता के जीवन को आसान बनाना हमारा दायित्व है। मुख्य सचिव जैन ने कानून व्यवस्था बनाये रखने और अपराध को रोकने के लिए, जुआं/सट्टा, अवैध शराब विक्रय, अवैध खनिज उत्खनन एवं परिवहन, अपंजीकृत वाहनों, प्रदूषण के विरूद्ध, खाद्य पदार्थों में मिलावट के विरूद्ध और बोर्ड परीक्षाओं के दृष्टिगत नियम विरूद्ध लाउड स्पीकर बजने पर कार्रवाई करने के निर्देश दिये। मुख्य सचिव जैन ने नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, रिकार्ड सुधार के प्रकरणों पर कार्यवाही करने के निर्देश दिये। राजस्व महाअभियान में सभी निरस्त होने वाले राजस्व प्रकरणों का पुन: परीक्षण किया जाने एवं त्रुटिपूर्ण नक्शा सुधार का कैम्प लगाकर निराकरण किये जाने के निर्देश दिये। मुख्य सचिव जैन ने खाद की कीमत निर्धारित मूल्य से अधिक में बेचने पर विक्रेता के विरूद्ध प्रभावी कार्रवाई किये जाने के निर्देश दिये। खाद, कीटनाशक मामले में गंभीर शिकायतों/अनियमितता होने पर जांच के बाद एफ.आई.आर. दर्ज कराने के निर्देश दिये। मंत्रालय एवं विभागाध्यक्ष कार्यालयों के बाद जिलों में भी ई-ऑफिस प्रणाली शुरू करने के निर्देश दिये गये। पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया कि कानून व्यवस्था बनाने एवं अवैध शराब बिक्री रोकने के लिए गंभीरता से कार्य करें। अवैध खनिज उत्खनन पर पुलिस, राजस्व एवं खनिज विभाग मिलकर कार्यवाही करें। वाहनों में लगे अवैध हूटर एवं अवैध तरीके से प्रेस, पुलिस लिखे वाहनों पर कार्यवाही की जायें। साइबर फ्रॉड एवं सिक्योरिटी पर जनमानस को जागरूक करने का कार्य करें। अपर मुख्य सचिव गृह विभाग जे.एन.कंसोटिया ने कहा कि ट्रेक्टर से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए मण्डी बोर्ड, स्थानीय निकाय के साथ मिलकर रिफ्लेक्टर लगाये जायें। बैठक में अपर मुख्य सचिव पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण अजीत केसरी, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक गुप्तवार्ता, प्रमुख सचिव विधि एवं विधायी, प्रमुख सचिव पर्यावरण एवं प्रमुख सचिव राजस्व भी उपस्थित रहे।   recent visitors 23

मध्यप्रदेश भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख केंद्र , मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हम सब इसी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे :मंत्री लोधी

भोपाल संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय के नए "अकादमिक भवन" का लोकार्पण किया। राज्य मंत्री लोधी ने कहा कि मध्यप्रदेश भारत की सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख केंद्र है और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में हम सब इसी विरासत को आगे बढ़ाने के लिए कार्य कर रहे हैं। आने वाले समय में मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय की तर्ज पर विकसित किया जायेगा।राज्य मंत्री लोधी ने बसंत पंचमी के अवसर पर सरस्वती पूजन कर भवन की गतिविधियों का शुभारंभ किया।  अकादमिक भवन के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान नाट्य विद्यालयों के विद्यार्थियों ने स्थानीय लोकगीतों की सुंदर प्रस्तुति दी। राज्य मंत्री लोधी ने युवा कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना की और उनका प्रोत्साहन करते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद कहा करते थे सारी शक्ति अपने अंदर समाहित है, जरूरत है उसे पहचानने की और अपने आत्मबल को जगाने की। मंत्री लोधी ने इस दौरान अकादमिक भवन का भ्रमण किया और सुविधाओं का जायजा लिया।  कार्यक्रम के दौरान प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन शिव शेखर शुक्ला, संचालक संस्कृति एन. पी. नामदेव, निदेशक टीकम चंद्र जोशी, विद्यालय के शिक्षकगण, अलग-अलग क्षेत्रों के कलाकार एवं कलाप्रेमी उपस्थित रहे।   recent visitors 17