Monday, July 6, 2026 4:36 am

US से 104 भारतीय डिपोर्ट, अमृतसर पहुंचा विमान, गृह मंत्रालय और अमेरिकी अधिकारियों के बीच होगी मीटिंग

अमृतसर डॉनल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद अमेरिका से डिपोर्ट किए गए 104 प्रवासी भारतीयों को लेकर यूएस मिलिट्री एयरक्राफ्ट भारत पहुंच गया है. इस विमान ने पंजाब के अमृतसर एयरपोर्ट पर लैंड किया. विमान के जरिए 79 पुरुष और 25 महिलाएं भारत पहुंचे. जिनमें 13 बच्चे भी शामिल हैं. ख़बरों के मुताबिक पंजाब पुलिस और अमृतसर जिला प्रशासन की टीमें हवाई अड्डे पर मौजूद थे. इसके अलावा एयरपोर्ट के अंदर अमेरिकी दूतावास के कर्मचारी भी थे. जानकारी के मुताबिक, डिपोर्ट किए गए लोगों को वतन वापसी पर गिरफ्तार नहीं किया जाएगा. जानकारों के मुताबिक जिन लोगों को निर्वासित किया गया है उनमें से ज्यादातर को मैक्सिकन-अमेरिकी सीमा से पकड़ा गया था. ये सभी भारत में अपराधी नहीं हैं. क्योंकि उन्होंने भारत छोड़ने के लिए कानूनी तरीके का इस्तेमाल किया होगा. लेकिन डंकी रूट के जरिए अमेरिका में प्रवेश करने की कोशिश की और पकड़े गए. सूत्रों का कहना है कि पासपोर्ट उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में बायोमेट्रिक्स का उपयोग करके उनकी पहचान की जा सकती है. असल में उनसे पूछताछ नहीं की जा सकती. पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पंजाब के 30 निर्वासित लोगों में से अधिकांश गुरदासपुर, अमृतसर और तरनतारन सहित माझा बेल्ट से हैं. जबकि अन्य जालंधर, नवांशहर, पटियाला, मोहाली और संगरूर से हैं. अमेरिकी सैन्य विमान सी-17 पंजाब और पड़ोसी राज्यों के इन अवैध अप्रवासियों को लेकर भारत पहुंच रहा है.  पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बताया कि राज्य सरकार ने डिपोर्ट होकर भारत लौटने वालों के लिए एयरपोर्ट पर काउंटर बनाए हैं. इस बीच पंजाब के एनआरआई मामलों के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने मंगलवार को अमेरिकी सरकार के फैसले पर निराशा व्यक्त की थी. किस राज्य से कितने लोग? इस प्लेन में पंजाब से 30, हरियाणा से 33, गुजरात से 33, महाराष्ट्र से 3, उत्तर प्रदेश के 3 और चंडीगढ़ के 2 लोग हैं. बता दें कि अमेरिका में रह रहे अवैध प्रवासी भारतीयों को लेकर US एयरफोर्स के C-17 ग्लोबमास्टर एयरक्राफ्ट ने टेक्सास के पास अमेरिकी सैन्यअड्डे से उड़ान भरी. इस प्लेन में 104 अवैध भारतीय प्रवासी हैं. बता दें कि ट्रंप सरकार अवैध प्रवासियों को ले जाने के लिए सैन्य विमान का इस्तेमाल करती रही है. इससे पहले ग्वाटेमाला, पेरू और होंडूरास में भी अमेरिकी मिलिट्री प्लेन से अवैध प्रवासियों को भेजा गया था. मालूम हो कि 27 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर हुई बातचीत के बाद ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका से अवैध प्रवासी भारतीयों को वापस भारत बुलाने के लिए भारत सही कदम उठाएगा. अनुमान के मुताबिक, अमेरिका में लगभग 18000 अवैध प्रवासी भारतीय हैं, जिन्हे भारत डिपोर्ट किया जाना है. ट्रंप के सत्ता में आने के बाद भारत सरकार ने इस समस्या को सुलझाने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर काम करने की इच्छा जताई थी. बता दें कि ट्रंप प्रशासन ने इससे पहले ग्वाटेमाला, पेरू और होंडूरास के अवैध प्रवासियों को भी उनके मुल्क भेज दिया था. अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने टेक्सास के अल पासो और कैलिफोर्निया के सैन डिएगो में हिरासत में रखे गए 5000 से अधिक अवैध अप्रवासियों को भी उनके देशों में भेजना शुरू कर दिया है. प्यू रिसर्च सेंटर के आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में लगभग 7.25 लाख अवैध भारतीय अप्रवासी रहते हैं. यह आंकड़ा अवैध प्रवासियों की तीसरी सबसे बड़ी संख्या का है. पहले स्थान पर मेक्सिको और दूसरे पर अल सल्वाडोर है. पिछले महीने भारत सरकार ने कहा था कि अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे भारतीय नागरिकों को वापस लेने के मामले में भारत हमेशा तैयार रहा है. विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा था कि भारत यह जांच कर रहा है कि अमेरिका में कितने भारतीय अवैध रूप से रह रहे हैं और इन्हें वापस भेजा जा सकता है या नहीं. अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा डिपोर्टेशन प्रोग्राम डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति बनते ही अमेरिकी इतिहास का सबसे बड़ा डिपोर्टेशन प्रोग्राम शुरू किया है. इस प्रोग्राम के तहत ट्रंप ने अवैध प्रवासियों को उनके मुल्क भेजने की कवायद शुरू कर दी है. पिछले हफ्ते ब्लूमबर्ग ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि भारत और अमेरिका ने ऐसे लगभग 18000 भारतीयों की शिनाख्त की है, जो अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे हैं. पिछले हफ्ते अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात की थी और अवैध प्रवासियों से जुड़ी समस्या का समाधान करने की इच्छा जताई थी. पवन खेड़ा ने यूपीए शासन की घटना को किया याद सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर उन्होंने एक बयान साझा करते हुए यूपीए शासन की एक घटना को याद किया। उन्होंने कहा कि  जब 2013 में भारतीय राजनयिक देवयानी कोबरागड़े को अमेरिका में "हथकड़ी लगाई गई और कपड़े उतारकर तलाशी ली गई तब भारत सरकार ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताई थी।  विदेश सचिव सुजाता सिंह ने अमेरिकी राजदूत नैंसी पॉवेल के साथ कड़ा विरोध दर्ज कराया था।" उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार और राहुल गांधी और सुशील कुमार शिंदू जैसे कांग्रेस नेताओं ने उस समय भारत दौरे पर आए अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इनकार कर दिया था और भारत सरकार ने अमेरिकी दूतावास को दी गई कई सुविधाएं वापस ले ली थीं। डाैंकी लगाकर गए थे युवक जितने भी लोगों को अब अमेरिका की ओर से वापिस भेजा जा रहा है। वह सभी एजेंटों के जरिये डौंकी लगवाकर जाते हैं। इस तरह एजेंट प्रति व्यक्ति 35 से 40 लाख रुपये लेते हैं। इन सभी लोगों को मैक्सिको, पनामा आदि के जंगलों के जरिये अमेरिका में गैर-कानूनी तरीके से प्रवेश करवाया जाता है। यहां तक बहुत सारे ऐसे भी लोग होते हैं जो अमेरिका तक पहुंच ही नहीं पाते और जंगलों में भूख-प्यास के मारे दम तोड़ देते हैं। recent visitors 46

ड्रोन तकनीक से फसलों के उत्पादन में होगी वृद्धि

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में मध्यप्रदेश ड्रोन संवर्धन एवं उपयोग नीति-2025 की स्वीकृति प्रदान की गई है। ड्रोन तकनीक से खेतों की सटीक स्थिति का मूल्यांकन हो सकेगा, जिससे फसलों के उत्पादन में वृद्धि होगी। फसलों में बीमारी, कीट और पर्यावरणीय प्रभावों की शीघ्र पहचान की जा सकेगी। इससे जल का कुशल उपयोग, जल संरक्षण में वृद्धि और सिंचाई लागत में कमी आएगी। ड्रोन से कृषि उत्पादकता और फसलों की गुणवत्ता में सुधार होगा। किसानों को ड्रोन प्रौद्योगिकी से नई कृषि पद्धतियों का लाभ मिलेगा।   recent visitors 21

200 भूतपूर्व सैनिकों को एम्स भोपाल से नौकरी से निकाला, कर्मचारियों ने केंद्रीय मंत्री को लिखा पत्र

भोपाल  अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान भोपाल ने 200 पूर्व सैनिकों को नौकरी से निकाल दिया है। ये सभी सुरक्षा कर्मियों के तौर पर काम कर रहे थे। एम्स प्रबंधन का कहना है कि इनका कॉन्ट्रैक्ट खत्म हो गया था। इसलिए नई एजेंसी को काम दिया गया है। इससे सैकड़ों परिवारों पर बेरोजगारी का संकट आ गया है। नाराज पूर्व सैनिकों ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर अपनी बहाली की मांग की है। भोपाल के एम्स में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक सुरक्षा का काम देख रहे थे। इनकी संख्या करीब 200 थी। अचानक इन सभी को नौकरी से निकाल दिया गया। एम्स प्रबंधन ने इस कार्रवाई को एक नियमित प्रक्रिया बताया लेकिन इन कर्मचारियों में इसे लेकर नाराजगी सामने आई है। कर्मचारी कर रहे फैसले का विरोध निकाले गए पूर्व सैनिकों ने इस फैसले का विरोध किया है। उन्होंने इंडियन वेटरन ऑर्गनाइजेशन की मदद से केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने अपनी बहाली की मांग की है। साथ ही एम्स के इस कदम की निंदा भी की है। परिवारों पर आजीविका संकट संस्थान के इस फैसले से सैकड़ों परिवार पर आजीविका का संकट आ गया है। एमपी की राजधानी भोपाल में बने एम्स में इलाज करने के लिए दूर दूर से लोग हर दिन हजारों की संख्या में आते हैं। लंबे समय से ये कर्मचारी उनकी व्यवस्था में लगे हुए थे। इसलिए एम्स में भी बिना किसी सुरक्षा दिक्कत के काम संपन्न होते रहते थे। इस निर्णय ने कर्मचारियों के मन में असंतोष पैदा कर दिया है। वहीं एम्स प्रबंधन नई एजेंसी को कॉन्ट्रैक्ट देने की बात कर रहा है। recent visitors 49

अभिषेक सिंघवी ने बड़ा दावा करते हुए कहा- इस बार कांग्रेस नतीजों में चौंका सकती है

नई दिल्ली दिल्ली में मतदान जारी है। सुबह 7 बजे से शुरू हुई वोटिंग शाम 6 बजे तक चलेगी। इस बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने भी लंबे समय बाद दिल्ली में वोटिंग की। सिघंवी ने बताया कि मैं लंबे समय बाद दिल्ली में वोट डाल रहा हूं, पहले मेरा वोट जोधपुर में था जिसे मैंने इस बार दिल्ली ट्रांसफर कराया है। बातचीत के दौरान अभिषेक सिंघवी ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि इस बार कांग्रेस नतीजों में चौंका सकती है, हालांकि पार्टी को कितनी सीटें आएंगी,इसपर उन्होंने न बोलना ही बेहतर समझा। लंबे समय बाद दिल्ली में वोट डाला चौथी बार सांसद बने अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि मुझे बहुत खुशी हो रही है कि लंबे समय बाद दिल्ली में वोट डाल रहा हूँ। मेरा वोट जोधपुर में था, लेकिन अब मैंने इसे दिल्ली में ट्रांसफर करवा लिया है। वोटिंग बहुत अच्छे से चल रही है और पोलिंग बूथों पर मतदाताओं का सम्मान और आदर के साथ स्वागत किया जा रहा है। वोट देने का अधिकार संविधान में सबसे बड़ा अधिकार है। मैं उन सभी संगठनों और कर्मचारियों को बधाई देता हूं जो 12 घंटे काम करेंगे। कांग्रेस चौंकाने वाली है वोट डालने के बाद उनसे कांग्रेस कती सीटों और प्रदर्शन पर सवाल पूछा गया। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि मेरा मानना है कि दिल्ली का मतदाता समझदार है। मुझे उम्मीद है कि कांग्रेस बहुत अच्छा प्रदर्शन करेगी। सीटों से जुड़े सवाल पर अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि यह समय इस बात का नहीं है, शाम तक वोटिंग हो जाएगी। मुझे लगता है दिल्ली का वोटर परिपक्व है, वह ऐसी सरकार चुनेगा जो उसकी दिक्कतों को दूर करे और जीवन में सकरात्मक प्रभाव लाए। recent visitors 55

13 साल की बालिका को डरा धमका कर बड़े पापा ने किया दुष्कर्म, आरोपी को 25 साल की सजा

कोरबा रिश्ते में बड़े पापा ने 13 साल की बालिका को डरा धमका कर दुष्कर्म किया। मामले में अपर सत्र न्यायाधीश ने बड़े पिता को 25 वर्ष का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। घटना सीएसईबी पुलिस चौकी क्षेत्र में 8 जनवरी 2022 की है। यहां रहने वाले एक वाहन चालक के घर में रह कर उसके छोटे भाई की 13 साल की बेटी पढ़ाई कर रही थी। उसकी मां वाराणसी में रहती है।     बालिका की मां ने थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए पुलिस को बताया कि 5 जनवरी 2022 की सुबह करीब पांच बजे उसकी जेठानी मॉर्निंग वॉक पर गई थी। इस बीच बड़े पिता ने जबरदस्ती करते हुए जान से मार देने की धमकी देकर बालिका के साथ दुष्कर्म किया। उसने यह कह कर धमकाया कि यदि वह इसकी जानकारी मां को देगी, तो वह आत्महत्या कर लेगा।     इस डर से बालिका ने किसी से कुछ नहीं कहा और स्कूल चली गई। वहां गुमशुम देख कर एक शिक्षिका ने उससे पूछताछ की। इस पर उसने घटना की जानकारी दी। शिक्षिका ने घटना की जानकारी अपनी मां को देने बालिका से कहा। इसके बाद बालिका ने अपनी मां को इसकी जानकारी दी।     बालिका की मां ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2017 में पति के देहांत होने पर उसने स्वजन के साथ वाराणसी में रहने का फैसला किया। उस वक्त बड़े पिता ने बेटी का लालन पालन करने की जिम्मेदारी ली। इसके लिए उसने बाल कल्याण समिति में आवेदन लगाया था और समिति ने विधिवत उसे बड़े पिता के सुपुर्द किया। दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज महिला की शिकायत पर पुलिस ने विवेचना के बाद दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया और आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया। विशेष मामले की सुनवाई अपर सेशन न्यायाधीश एफटीएससी (पाक्सो) डॉ. ममता भोजवानी के समक्ष हुई। इस दौरान आरोपित के विरुद्ध साक्ष्य प्रस्तुत किया गया। न्यायाधीश ने सुनवाई उपरांत बड़े पापा को 25 वर्ष का सश्रम कारावास एवं दो हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा सुनाई। लोक अभियोजक सुनील कुमार मिश्रा ने शासन की ओर से पैरवी की। recent visitors 21

विजय माल्या जैसे हाई-प्रोफाइल भगोड़ों का उदाहरण देकर आरोपी को विदेश जाने से रोकने की गलत तुलना की, भड़का कोर्ट

केरल केरल हाई कोर्ट ने हाल ही में एक सत्र न्यायालय के आदेश को खारिज कर दिया, जिसमें एक नशीले पदार्थ मामले के आरोपी को काम के लिए विदेश यात्रा की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था। न्यायमूर्ति वीजी अरुण ने सत्र न्यायाधीश की आलोचना करते हुए कहा कि उन्होंने विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे हाई-प्रोफाइल भगोड़ों का उदाहरण देकर आरोपी को विदेश जाने से रोकने का गलत तुलना की है। उन्होंने कहा, "विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे व्यक्तियों के उदाहरण देना अनुचित था।" आरोपी सूर्यानारायणन नशीली दवाओं से संबंधित कानून (NDPS एक्ट) के तहत एक अपराध में चौथे आरोपी हैं। उनके खिलाफ मामला त्रिशूर के अतिरिक्त सत्र न्यायालय-III में विचाराधीन है। उन्हें 6 मार्च 2019 को त्रिशूर जिला सत्र न्यायालय से जमानत दी गई थी। बाद में उन्होंने विदेश में काम करने के लिए यात्रा की अनुमति देने की याचिका दायर की थी, जिसे सत्र न्यायालय ने यह तर्क देते हुए खारिज कर दिया कि उन्हें भगोड़ों जैसे विजय माल्या और निरव मोदी का उदाहरण देकर विदेश यात्रा की अनुमति नहीं दी जा सकती है। सत्र न्यायाधीश ने याचिका खारिज करते हुए कहा था, "अगर आरोपी विदेश में फरार हो जाता है तो इसे वापस लाना हमारे लिए बहुत मुश्किल होगा। हम विजय माल्या और नीरव मोदी को भी वापस नहीं ला सकते, जिन्होंने हजारों करोड़ों के वित्तीय धोखाधड़ी की और विदेश में अपनी जिंदगी का आनंद ले रहे हैं। अगर आरोपी वापस नहीं आता है तो उसे कौन लाएगा?" हाईकोर्ट ने यह भी पाया कि सत्र न्यायालय में 4,000 से अधिक मामले लंबित हैं, जिनमें से 1,000 से अधिक मामले पांच साल से पुराने हैं। हाईकोर्ट ने कहा कि अगर दो साल तक आरोपी के मामले का निस्तारण नहीं किया जा सकता है तो यह अनुचित होगा कि उसे विदेश में काम करने का अवसर नहीं दिया जाए। कोर्ट ने सत्र न्यायालय को आदेश दिया कि आरोपी को विदेश जाने की अनुमति दी जाए, बशर्ते वह किसी वकील के माध्यम से उपस्थित हो और सत्र न्यायालय द्वारा तय किए गए किसी भी अतिरिक्त शर्तों का पालन करे। recent visitors 20

जयपुर के चौमूं में अनियंत्रित होकर खाई में गिर स्कूल बस, 1 छात्रा की मौत

जयपुर चौमूं से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है. वीर हनुमान मार्ग पुलिया पर बुधवार सुबह एक स्कूल बस अनियंत्रित होकर खाई में गिर गई. बस के नीचे दबने से एक बच्ची की मौत हो गई और कई बच्चे घायल हो गए हैं.  हादसे की सूचना मिलते ही चौमूं थाना पुलिस और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची. बताया जा रहा है कि बस चौमूं के एक निजी स्कूल की थी, जिसमें करीब 30 से 40 बच्चे सवार थे. हादसे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में मौके पर जमा हो गए. लोगों ने प्रशासन ने खिलाफ नारे लगाए घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व विधायक रामलाल शर्मा और CBEO गोविंदगढ़ राम सिंह मीणा भी मौके पर पहुंचे. इस हादसे से गुस्साए लोगों ने परिवहन विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और लापरवाही का आरोप लगाया. फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. प्रत्यक्षदर्शी ने क्या बताया ? एक प्रत्यक्षदर्शी विष्णु प्रताप ने बताया कि बस की स्पीड बहुत तेज़ थी. करीब 70 से 80 की स्पीड थी. बस को स्कूल की तरफ घुमाना था, लेकिन स्पीड की वजह से वह घुमा नहीं  पाया और बस पलट गई. प्रत्यक्षदर्शी विष्णु प्रताप बाद में कई बच्चों को शीशे तोड़ कर बस से बाहर निकाला गया. एक लड़की गेट के पास थी, जैसे ही बस ने पलटी खाई वो नीचे दब गई. बस में करीब 40 से 50 बच्चे थे, जिसमें लड़कियां ज़्यादा थीं. हादसे के बाद प्रशासन के जल्दी बचाव कार्य नहीं शुरू नहीं करने पर लोगों ने प्रशासन के खिलाफ ज़बरदस्त नारेबाजी की. मृतक छात्रा की पहचान कोमल देवंदा निवासी रामपुरा डाबडी के रुप में हुई है.  चौमूं एसीपी अशोक चौहान और जिलाध्यक्ष श्याम शर्मा पहुंचे मौके पर पहुंचे हैं. घायल बच्चों का चौमूं के सिद्धि विनायक अस्पताल में उपचार जारी है. recent visitors 43