Monday, July 6, 2026 6:40 pm

माता रमाबाई अंबेडकर सेवा, समर्पण और त्याग की प्रतिमूर्ति थीं – मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की धर्मपत्नी श्रीमती रमाबाई अंबेडकर की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा है कि श्रद्धेय माता रमाबाई सेवा, समर्पण और त्याग की प्रतिमूर्ति थीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर कहा कि माँ रमाबाई जी ने समानता, शिक्षा एवं राष्ट्र निर्माण में नारी सशक्तिकरण की भूमिका को रेखांकित कर एक नए युग का सूत्रपात किया। उनके विचार आज भी देश के हर नागरिक को राष्ट्र निर्माण में सहयोग और सहभागिता की अनंत प्रेरणा देते हैं। उनकी जयंती पर राष्ट्र चेतना से जुड़ने का संकल्प लेना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है। उल्लेखनीय है कि माता रमाबाई ने विकट परिस्थितियों में डॉ. अंबेडकर को उच्च शिक्षा प्राप्त करने और वास्तविक क्षमता को आगे बढ़ाने में सहयोग किया था। recent visitors 37

मुख्यमंत्री शर्मा ने कांग्रेस के हंगामे के बीच राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस का दिया जवाब, विपक्ष को कठघरे में किया खड़ा

जयपुर राजस्थान विधानसभा में सत्ता और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का नया अध्याय लिखा गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस के हंगामे के बीच राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस का जवाब दिया और विपक्ष को कठघरे में खड़ा किया। खासतौर पर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के न बोलने को लेकर मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर "षड्यंत्र" का आरोप लगाते हुए इसे पार्टी की अंदरूनी कलह करार दिया। हंगामे के बीच विपक्षी विधायक नारे फोन टैपिंग बंद करो, मुख्यमंत्री इस्तीफा दो के नारे लगाते रहे। कांग्रेस के अंदरूनी संघर्ष पर तंज मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने जानबूझकर वंचित वर्ग से आने वाले नेता प्रतिपक्ष को बोलने से रोका, जिससे साफ जाहिर होता है कि पार्टी के भीतर गहरी खींचतान चल रही है। सत्ता पक्ष के इस आरोप से एक ओर जहां कांग्रेस की आंतरिक राजनीति पर सवाल उठते हैं, वहीं दूसरी ओर यह भी स्पष्ट होता है कि भाजपा इस मुद्दे को एक बड़े चुनावी नैरेटिव के रूप में देख रही है। राज्य की योजनाओं पर आरोप-प्रत्यारोप मुख्यमंत्री ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन में भ्रष्टाचार और धीमी गति का आरोप लगाया। यह बयान स्पष्ट करता है कि भाजपा आने वाले समय में कांग्रेस शासन की नाकामियों को जोर-शोर से उठाकर खुद को मजबूत स्थिति में लाने की रणनीति अपना रही है। चार साल बाद कांग्रेस के विधायक सदन में नहीं दिखेंगे? मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का यह दावा कि "चार साल बाद कांग्रेस विधायक सदन में नजर नहीं आएंगे", यह दिखाता है कि भाजपा अपने चुनावी भविष्य को लेकर बेहद आत्मविश्वास से भरी हुई है। हालांकि, यह दावा करना जल्दबाजी होगी कि कांग्रेस पूरी तरह हाशिए पर चली जाएगी, लेकिन विधानसभा में मौजूदा गतिरोध और कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी को देखते हुए भाजपा के लिए यह अवसर जरूर है कि वह अपनी राजनीतिक जमीन को और मजबूत करे। उपचुनाव के नतीजों पर सियासी वार मुख्यमंत्री ने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा पर तंज कसते हुए कहा कि "मोरिया किसका बोला?" यानी उपचुनाव के नतीजे कांग्रेस की हार की ओर इशारा करते हैं। इससे साफ है कि भाजपा राजस्थान में उपचुनाव के परिणामों को कांग्रेस के खिलाफ बड़े हथियार के रूप में इस्तेमाल करने जा रही है। विपक्ष की रणनीति और भाजपा की आक्रामकता मुख्यमंत्री का यह बयान कि "डोटासरा के चक्कर में आ गए जूली", यह दर्शाता है कि भाजपा विपक्षी एकता को तोड़ने और कांग्रेस में अंतर्विरोध को उजागर करने की रणनीति पर काम कर रही है। वहीं, कांग्रेस के लिए यह जरूरी होगा कि वह अपनी गुटबाजी को खत्म कर एक संगठित विपक्ष की भूमिका निभाए, वरना भाजपा अपने राजनीतिक एजेंडे को मजबूती से आगे बढ़ाने में कामयाब हो जाएगी। recent visitors 42

स्वनिर्मित नवीन तकनीक पर आधारित ऑटोकट ऑफ ट्रांसफार्मर बने वरदान

भोपाल मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी क्षेत्रांतर्गत स्‍माल ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग यूनिट (एसटीआरयू) में स्वनिर्मित नवीन तकनीकी का उपयोग कर बनाए गए ऑटो कटऑफ वितरण ट्रांसफार्मर कंपनी के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। इन ऑटो कटऑफ ट्रांसफार्मर्स से एक ओर जहां बिजली चोरी पर अंकुश लगा है वहीं दूसरी ओर विद्युत उपभोक्‍ताओं को बिना रूकावट के निर्बाध और गुणवत्‍तापूर्ण बिजली मिल रही है। मध्‍य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के प्रबंध संचालक श्री क्षितिज सिंघल ने बताया कि कंपनी द्वारा इनहाउस बनाये गये इन ऑटो कटऑफ ट्रांसफार्मर्स की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इनमें उन्नत तकनीक का उपयोग किया गया है। इससे संबंधित क्षेत्र में स्‍वीकृत क्षमता से अधिक विद्युत भार का उपयोग होने पर ट्रांसफार्मर स्वमेव ट्रिप हो जाता है। इससे संबंधित क्षेत्र में अनधिकृत विद्युत का उपयोग रूका है। साथ ही क्षमता से अधिक लोड होने के कारण ट्रांसफार्मर के जलने या खराब होने की समस्‍या से भी निजात मिली है। साथ ही कटऑफ होने से उपकरणों के जलने या फिर डेमैज होने की गुंजाइश नहीं रहती है। कंपनी द्वारा सीहोर जिले में स्वनिर्मित नवीन तकनीकी पर आधारित 150 से भी अधिक ऑटो कटऑफ वितरण ट्रांसफार्मर्स प्रतिस्थापित किये गए हैं, जिनकी कार्यक्षमता बेहतर और गुणवत्‍तापूर्ण है। इन ट्रांसफार्मरों के परिणामों को देखते हुए कंपनी द्वारा आगामी वर्ष में स्‍माल ट्रांसफार्मर रिपेयरिंग यूनिट (एसटीआरयू) भोपाल के अंतर्गत 2 हजार 240 ऑटो कट ऑफ वितरण ट्रांसफार्मर निर्माण करने के लिए फण्ड उपलब्ध कराया गया है। स्वनिर्मित नवीन तकनीकी पर आधारित ट्रांसफार्मर्स के स्‍थापित होने से मैदानी क्षेत्रों में अब न केवल ट्रांसफार्मर की असफलता दर में कमी आएगी वरन् विद्युत चोरी बाहुल्‍य क्षेत्रों की पहचान कर विद्युत के अवैध उपयोग पर भी प्रभावी अंकुश लगाया जा सकेगा। recent visitors 37

छत्तीसगढ़ में महिला से गैंगरेप, 5 आरोपी गिरफ्तार

सूरजपुर छत्तीसगढ़ के विश्रामपुर क्षेत्र में एक महिला के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है. यह घटना बुधवार रात की है, जब पीड़िता का पति काम के सिलसिले में घर से बाहर था. इसी दौरान गांव के 4-5 लोग घर में घुसे और वारदात को अंजाम दिया. पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. सभी आरोपी उत्तरप्रदेश से आकर रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक बस्ती में रहकर मजदूरी कर रहे थे. जानकारी के मुताबिक, 35 वर्षीय पीड़िता अपने पति के साथ तीन वर्षों से एक किराए के मकान में रह रही थी और मेहनत-मजदूरी कर गुजारा कर रही थी. घटना के समय उसका पति चार दिन पहले कोरिया जिले में अपने गांव घरेलू काम से गया हुआ था. पीड़िता ने बताया कि बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे मोहम्मद गुलाम कादिर और अफसर अली उर्फ ठुठूवा नाम के दो व्यक्ति उसके घर पहुंचे और उसके पति के बारे में पूछताछ करने लगे. आधी रात के आसपास जब पीड़िता घर के बाहर बैठकर गुड़ाखू घस रही थी, तभी कादिर और ठुठूवा तीन अन्य साथियों के साथ वहां पहुंचे और जबरन उसे धक्का देकर घर के भीतर ले गए. इसके बाद पांचों आरोपियों ने मिलकर उसके साथ दुष्कर्म किया. पीड़िता ने अपनी बहन को इस घटना की जानकारी दी, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा. पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 70(1) और 331(8) के तहत मामला दर्ज गिरफ्तार किया. उत्तरप्रदेश के रहने वाले हैं सभी आरोपी विश्रामपुर थाना प्रभारी अलरिक लकड़ा के नेतृत्व में पुलिस नेगुलाम कादिर और ठुठूवा को हिरासत में लिया. पूछताछ के दौरान उन्होंने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर महिला से सामूहिक दुष्कर्म करने की बात कबूल की. पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पांचों आरोपियों गुलाम कादिर (40), अफसर अली उर्फ ठुठूवा (34), मोहम्मद इस्लाम (55), आजाद ललन (25) और मोहम्मद रमजान (50) को गिरफ्तार किया. ये सभी आरोपी मूल रूप से उत्तरप्रदेश के रहने वाले हैं और विश्रामपुर में मजदूरी कर जीवन यापन कर रहे थे. न्यायालय में पेश करने के बाद सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है. recent visitors 44

मुझे प्रसन्नता है कि मप्र. पुलिस अपनी सभी चुनौतियों से जूझकर सफलता के नए आयाम तय कर रही है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि पुलिस की सेवा जीवन भर जवान रखने वाली सेवा है। पुलिस के सामने सदैव चुनौतियां रहती हैं, मुझे प्रसन्नता है कि म.प्र. पुलिस अपनी सभी चुनौतियों से जूझकर सफलता के नए आयाम तय कर रही है। बड़ी बात है कि हमारी पुलिस 24 घंटे सेवा में तत्पर रहकर प्रदेश और समाज की सुरक्षा में कार्यरत है। उन्होंने कहा कि हमें आंतरिक एकात्मकता को और अधिक उभारने की जरूरत है। इस संदर्भ में सर्विस मीट बेहद लाभकारी और प्रासंगिक है। इस तरह के सेवा समागम से अधिकारियों को एक दूसरे के अनुभव सुनने, साझा करने और उन पर अमल करने की प्रेरणा मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में भारतीय पुलिस सेवा समागम (आईपीएस मीट) का शुभारंभ कर संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस महानिदेशक से कहा कि वे कार्य प्रदर्शन के आधार पर प्रदेश के थानों की जिला, संभाग एवं राज्य स्तर पर ग्रेडेशन करें और अच्छा काम करने वाले पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों को पुरस्कृत भी करें। इससे जनता के बीच प्रदेश और पुलिस की साख बढ़ेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज हमारी पुलिस सबकी आशा का केंद्र बनती जा रही है। हम सभी को जीवन के अच्छे गुणों का विकास कर पुलिस को उनके काम में सहयोग करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज हम जिस अपराध मुक्त, भय मुक्त और सकारात्मक माहौल में जी रहे हैं। यह सब पुलिस की सेवा समर्पण अनुशासन और उनकी कर्मठता से ही संभव है। सरकार पुलिस बल के आधुनिकीकरण के प्रति बेहद संवेदनशील होकर कार्य कर रही है। आईपीएस सर्विस मीट सिर्फ एक समागम न होकर एक प्रशिक्षण कार्यशाला के रूप में ली जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि परमात्मा ने हमें सेवा का अवसर दिया है, तो इसे ईश्वर का आशीष मानकर हमें अपनी क्षमताओं का शत-प्रतिशत उपयोग समाज की भलाई, सेवा, सुरक्षा और समाज को एक सुसंस्कृत समाज बनाने की दिशा में करना चाहिए, यही कर्म साधना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जब सारी सीमाएं बंद हो जाती हैं, तभी कोई व्यक्ति पुलिस के पास जाता है। इस संदर्भ में पुलिस उम्मीद की अंतिम किरण होती है। पुलिस को जनता की यह विश्वास बहाली हमेशा बनाए रखना चाहिए। एक दूसरे से संवाद, समागम, शिक्षण-प्रशिक्षण के जरिए अपनी योग्यताओं को और बेहतर बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सर्विस मीट सिर्फ मीट ना होकर, आपकी सोच का मीत मिलने की जगह बननी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पुलिस बल के प्रोत्साहन के लिए प्रदेश के थानों में अच्छा काम करने वाले पुलिस अधिकारी व कर्मचारी को भी पुरस्कृत करने की परंपरा प्रारंभ की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है और इसमें पुलिस की भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को समाज में सुरक्षा और न्याय सुनिश्चित करने के लिए सदैव तत्पर रहने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पुलिस बल को सर्व-संसाधनयुक्त कर अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। टीकमगढ़ जिले के बम्होरीकलां थाने को केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा सर्वश्रेष्ठ थानों की सूची में चिन्हित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुलिस अधीक्षक टीकमगढ़ और थाना प्रभारी बम्होरीकलां सुश्री रश्मि जैन को इसके लिए सम्मानित किया। जनता की सुरक्षा के लिए पुलिस सदैव तत्पर : डीजीपी श्री मकवाना पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाना ने कहा कि जनता की सुरक्षा के लिए पुलिस सदैव तत्पर है। हमने नये आपराधिक कानून का बेहतरीन क्रियान्वयन किया है। इस मामले में मध्यप्रदेश पुलिस को केंद्रीय गृहमंत्री और केंद्रीय गृह सचिव से भी सराहना मिली है। हम पुलिस बल के आधुनिकीकरण और उनके प्रशिक्षण पर विशेष जोर दे रहे हैं। हमारी पुलिस ने अतीत में बेहतरीन काम किए हैं। पुलिस ने समाज के साथ साझा प्रयासों से प्रदेश से डकैत समस्या का उन्मूलन किया है। नक्सल समस्या के उन्मूलन के तरफ भी हम तेजी से बढ़ रहे हैं। हमारी चुनौतियां बढ़ रही हैं, साइबर क्राइम, साइबर फ्रॉड, नशा मुक्ति और यातायात सुरक्षा हमारे लिए बड़ी चुनौतियां हैं। इस दिशा में हम तेजी से कार्य कर रहे हैं। बीते माहों में हमने पूरे प्रदेश में साइबर सुरक्षा और साइबर फ्रॉड से बचने के लिए अभियान चलाया। अब तक 10 लाख से अधिक स्टूडेंट और इतने ही नागरिकों को साइबर सुरक्षा के लिए जागरूक किया है। इस काम में हमें अभूतपूर्व सफलता मिली है। आईपीएस एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री रवि कुमार गुप्ता ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि सबके कल्याण की चिंता करने वाले मुख्यमंत्री डॉ. यादव आज हमारे बीच है। हमारी पुलिस प्रदेश के हर व्यक्ति की सुरक्षा में तत्पर है। हम अपनी जिम्मेदारियां से कभी पीछे नहीं हटते। उन्होंने समिट में आकर पुलिस का उत्साहवर्धन करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार ज्ञपित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव को प्रतीक-चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी आईपीएस ऑफीसर्स के साथ समूह छायाचित्र खिंचवाकर सबका उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम में प्रदेश के सभी वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी उपस्थित थे।   recent visitors 39

बिलासपुर में सड़क हादसों में पिछले 2023 की अपेक्षा 2024 में ज्यादा लोगों ने गंवाई जान

बिलासपुर छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में साल 2024 में सड़क दुर्घटना के 1156 मामलें पहुंचे हैं। इनमें से 343 की मौत हो गई है। वहीं, साल 2023 में सड़क दुर्घटनाओं से 226 मौतें हुई हैं। साफ है कि सड़क दुर्घटना के मामले बढ़े हैं और इससे होने वाले मौत के आकड़ों में भी इजाफा हुआ है। साल 2023 के मुकाबले 2024 में 117 मौतें ज्यादा हुई हैं। जिला प्रशासन और यातायात पुलिस की तमाम कोशिश के बाद भी दो-पहिया वाहन चालक हेलमेट पहनने को लेकर अब तक जागरूक नहीं हुए हैं। इसी वजह से ज्यादातर दो पहिया वाहन चालक बिना हेलमेट के ही वाहन का चलाते हैं। लेटेस्ट और ट्रेंडिंग स्टोरीज सड़क हादसे होने का एक कारण जिले की सड़कों चकाचक होना भी है। इन सड़कों पर दो पहिया के साथ चार पहिया वाहनों की रफ्तार तेज रहती है परिणाम स्वरूप दुर्घटना के मामले बढ़े हैं। इसी तरह शराब सेवन कर लापरवाही पूर्वक कार और दो-पहिया वाहन चलाना भी सड़क दुर्घटना की एक बड़ी वजह है। … तो कम हो सकते हैं सड़क हादसे सिम्स के चिकित्सकों का कहना है कि जब भी सड़क दुर्घटना के मामले आते हैं, चिकित्सक इलाज करने के साथ ही होश में रहने की दशा में मरीज से दुर्घटना से संबंधित जानकारी लेते हैं। आहतों को पहुंचाने वाले स्वजन से भी दुर्घटना की जानकारी ली जाती है। इससे ही दुर्घटना के संबंध में जानकारी मिलती है। इसी आधार पर चिकित्सकों का कहना है कि ज्यादातर मामलों में वाहन चलाते समय की गई लापरवाही ही जानलेवा साबित हो रहा है। यदि वाहन चलाते समय लापरवाही के प्रति लोग जागरूक रहें, तो सड़क दुर्घटना के मामलों को कम किया जा सकता है। अस्पताल अधीक्षक डॉ. लखन सिंह का कहना है कि सड़क दुर्घटना रोकने के लिए जागरूक होने की अवश्यकता है। साथ ही वाहन चलाने के लिए बनाए गए नियमों का पालन करना जरूरी है, तभी सड़क दुर्घटनाओं के मामलों को रोका जा सकता है। ये हैं सड़क दुर्घटना के मुख्य कारण     बिना हेलमेट पहने दो-पहिया वाहन चलाना।     तेज रफ्तार से दो व चार-पहिया वाहन चलाना।     शराब सेवन कर दो व चार-पहिया वाहन चलाना।     हाईवे और व्यस्तम सड़क में बाइक स्टंट करना।     तीन सवारी दो-पहिया वाहन चलाना।     कार चलाते समय अचानक झपकी आ जाना। हेलमेट जागरूकता का भी नहीं हो रहा असर यातायात पुलिस बीच-बीच में दो-पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन करती है। साथ ही बिना हेलमेट वालों पर चालानी कार्रवाई की जाती है, लेकिन इसके बाद भी लोग हेलमेट पहनकर वाहन चलाना पसंद नहीं करते है, परिणाम स्वरूप सड़क दुर्घटना के समय सिर पर गंभीर चोटें आती हैं। 20 से 50 साल आयु वर्ग वाले होते हैं ज्यादा शिकार साल 2024 में सड़क दुर्घटना से हुई 343 मौतों में आहतों की आयु पर ध्यान देने पर यह बात सामने आई है कि सबसे ज्यादा 20 से 50 साल आयु वर्ग वाले सड़क दुर्घटना के शिकार हुए हैं। इस आयु वर्ग वाले ही तेज, लापरवाही पूर्वक और ज्यादातर मामलों में शराब सेवन कर वाहन चलाते हैं और ये ही इस लापरवाही की वजह से सड़क दुर्घटना की चपेट में आते हैं। 343 मौतों में 250 मौत 20 से 50 साल आयु वर्ग वालों की हुई है।   recent visitors 44

मध्यप्रदेश अपने रणनीतिक प्रयासों से औद्योगिक विकास के नए युग की ओर अग्रसर है: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश अपने रणनीतिक प्रयासों से औद्योगिक विकास के नए युग की ओर अग्रसर है। निवेशकों को अधिक प्रभावी अवसर देने के लिए ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में राज्य के प्रमुख 6 सेक्टर्स पर केंद्रित समिट के आयोजन की महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। यह पहली बार होगा जब हर सेक्टर के विशेषज्ञ, नीति-निर्माता और निवेशक एक मंच पर आकर विशेषज्ञ चर्चाओं, अवसरों और नीतिगत सुधारों पर संवाद करेंगे। इससे निवेश प्रक्रिया को अधिक सुगम, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी बनाया जा सकेगा। देश का आकर्षक डेस्टिनेशन बनता मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की अद्वितीय भौगोलिक स्थिति, समृद्ध प्राकृतिक संसाधन, विकसित बुनियादी ढांचा और उद्योग-अनुकूल नीतियां इसे निवेश के लिए देश का सबसे आकर्षक डेस्टिनेशन बनाती हैं। शहरी विकास, पर्यटन, माइनिंग, रिन्यूएबल एनर्जी, आईटी और एमएसएमई, ये सभी क्षेत्र अपनी असीमित संभावनाओं और अनुकूल वातावरण से निवेशकों को आकर्षित कर रहे हैं। मध्यप्रदेश न केवल देश का पहला डायमंड प्रोड्यूसिंग स्टेट है, बल्कि ग्रीन एनर्जी हब, विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र और उभरते हुए टेक्नोलॉजी हब के रूप में भी अपनी पहचान बना रहा है। इन विभागीय समिट से सरकार निवेशकों को नीतिगत प्रोत्साहन, संसाधनों की उपलब्धता और औद्योगिक ईको सिस्टम की मजबूती से अवगत कराएगी। इससे जीआईएस में होने वाली चर्चाएं वास्तविक निवेश प्रस्तावों में तब्दील हो सकेंगी। शहरी विकास समिट मध्यप्रदेश का शहरी बुनियादी ढांचा तेजी से सुदृढ़ हो रहा है। राज्य की स्मार्ट सिटी परियोजनाएं, मेट्रो रेल प्रोजेक्ट और लॉजिस्टिक्स हब इसे एक आदर्श रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश डेस्टिनेशन बना रहे हैं। जीआईएस में शहरी विकास समिट के माध्यम से स्मार्ट और सतत् शहरों के निर्माण पर केंद्रित चर्चा होगी, जिससे नवाचार और आधुनिक शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा। पर्यटन समिट मध्यप्रदेश को 'भारत का दिल' कहा जाता है और इसके धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक सौन्दर्य से पूर्ण पर्यटन क्षेत्र पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। खजुराहो, उज्जैन, साँची, पचमढ़ी, कान्हा और बांधवगढ़ जैसे विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर उपलब्ध कराने के लिये तैयार हैं। पर्यटन समिट में हॉस्पिटैलिटी, थीम-बेस्ड डेस्टिनेशन और एडवेंचर टूरिज्म में निवेश को बढ़ावा देने के लिए गहन चर्चा होगी। माइनिंग समिट मध्यप्रदेश खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है। यह देश में डायमंड, लाइमस्टोन, बॉक्साइट, कोयला, मैंगनीज और तांबे का प्रमुख उत्पादक है। पन्ना स्थित एशिया की एकमात्र डायमंड माइंस और विशाल कोयला भंडार राज्य को माइनिंग इंडस्ट्री के लिए एक आदर्श डेस्टिनेशन बनाते हैं। जीआईएस में माइनिंग समिट से खनन आधारित उद्योगों, मूल्यवर्धित प्र-संस्करण और नीतिगत प्रोत्साहनों पर चर्चा होगी। रिन्यूएबल एनर्जी समिट मध्यप्रदेश ग्रीन एनर्जी हब बनने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। रीवा सोलर प्लांट, ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट और ग्रीन हाइड्रोजन में हो रहे विकास इसे नवकरणीय ऊर्जा निवेशकों के लिए एक प्रमुख केंद्र बना रहे हैं। जीआईएस में आयोजित रिन्यूएबल एनर्जी समिट में सौर, पवन और हाइड्रोजन ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश के लिए ठोस रणनीतियां प्रस्तुत की जाएंगी। आईटी एंड टेक्नोलॉजी समिट मध्यप्रदेश अब टेक्नोलॉजी और डिजिटल इनोवेशन का केंद्र बन रहा है। इंदौर आईटी हब, डेटा सेंटर पॉलिसी, स्टार्ट-अप ईको सिस्टम और उभरते एआई और साइबर सिक्योरिटी क्षेत्रों में तेजी से निवेश आ रहा है। जीआईएस में आईटी समिट के माध्यम से डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, आईटी पार्क और नई टेक्नोलॉजीज पर निवेश की संभावनाओं को रेखांकित किया जाएगा। एमएसएमई समिट मध्यप्रदेश का एमएसएमई सेक्टर राज्य की आर्थिक रीढ़ है, जहां लाखों सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम कार्यरत हैं। वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट योजना, नए क्लस्टर और निर्यात प्रोत्साहन नीतियां इसे निवेश के लिए एक डेस्टिनेशन बना रही हैं। एमएसएमई समिट में उद्योगों को वित्तीय सहयोग, टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन और नए बाजारों तक पहुंच को लेकर चर्चा होगी। प्रवासी समिट मध्यप्रदेश प्रवासी भारतीयों को प्रदेश के उद्योग, स्टार्ट-अप, पर्यटन, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में सहभागिता के लिए आमंत्रित किया गया है। यह समिट न केवल राज्य की आर्थिक प्रगति में प्रवासी भारतीयों की भागीदारी सुनिश्चित करेगा, बल्कि मध्यप्रदेश को वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मध्यप्रदेश प्रवासी भारतीय समिट का उद्देश्य विश्वभर में बसे मध्यप्रदेश के प्रवासी भारतीयों को एक मंच पर लाना और उनकी उपलब्धियों को सम्मानित करने के साथ ही मध्यप्रदेश के विकास में प्रवासी भारतीयों की भूमिका पर चर्चा की जाएगी। recent visitors 49