महाकुंभ मेला क्षेत्र में अधिकारी व्यवस्थाओं और सुविधाओं को सुनिश्चित करते नजर आए, दिखे चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद

प्रयागराज महाकुम्भ-2025 के अंतर्गत बुधवार को माघ पूर्णिमा के अवसर पर स्नानार्थियों की उमड़ी भारी भीड़ के सुप्रबंधन को लेकर सीएम योगी की मॉनीटरिंग का असर साफ देखने को मिला। माघ पूर्णिमा के स्नान पर्व को स्नानार्थियों के लिए यादगार बनाने के सीएम योगी के निर्देश को धरातल पर उतारने के लिए सभी अधिकारी देर रात से ही ग्राउंड जीरो पर मुस्तैद रहे और सभी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करते रहे।   अधिकारी रहे मुस्तैद व्यवस्थाओं और सुविधाओं को सुनिश्चित करते नजर आए डिजिटल डेस्क, महाकुंभ नगर। महाकुम्भ-2025 के अंतर्गत बुधवार को माघ पूर्णिमा के अवसर पर स्नानार्थियों की उमड़ी भारी भीड़ के सुप्रबंधन को लेकर सीएम योगी की मॉनीटरिंग का असर साफ देखने को मिला। माघ पूर्णिमा के स्नान पर्व को स्नानार्थियों के लिए यादगार बनाने के सीएम योगी के निर्देश को धरातल पर उतारने के लिए सभी अधिकारी देर रात से ही ग्राउंड जीरो पर मुस्तैद रहे और सभी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करते रहे। एक तरफ पुलिस प्रशासन जहां श्रद्धालुओं की सुरक्षा में पूरी तरह सक्रिय नजर आया तो वहीं, मेला प्रशासन की ओर से घाटों के सुदृढ़ीकरण तथा स्नान के लिए नदियों में जलस्तर प्रबंधन की प्रक्रिया पूरी की गई। उल्लेखनीय है कि अपने सरकारी आवास पर सीएम योगी ने बुधवार को प्रातः 4 बजे से ही तमाम बड़े अधिकारियों के साथ मेला की लाइव मॉनीटरिंग शुरू कर दी थी। प्रमुख स्नान पर्व माघ पूर्णिमा को लेकर सीएम योगी की सख्त हिदायत थी कि किसी प्रकार की असुविधा का सामना स्नानार्थियों समेत प्रयागराज की जनता को न करना पड़े। ऐसे में, यातायात की सुगम व्यवस्था, उचित भीड़ प्रबंधन व सुरक्षा समेत विभिन्न पहलुओं को पूरी मुस्तैदी के साथ धरातल पर उतारने के लिए पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों की टीम जुटी रही। अच्छी तैयारियों के कारण सुरक्षित वातावरण में हुआ स्नान प्रयागराज के डीआईजी वैभव कृष्ण ने माघ पूर्णिमा के अवसर पर स्नान को लेकर पुलिस प्रशासन की तैयारियों को लेकर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि माघ पूर्णिमा के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए यहां पहुंच रहे हैं। इसको लेकर हम पहले से तैयार थे और हमने रणनीति के तहत तैयारियों को अच्छे से धरातल पर उतारा है। उनके अनुसार, सब कुछ नियंत्रण में है। पार्किंग, ट्रैफिक डायवर्जन और कुशल जनप्रबंधन के सभी साधन सक्रिय हैं जिससे प्रक्रिया को पूरा कराने में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, श्रद्धालु नियमों व कानून का पालन कर रहे हैं जिससे क्राउड मैनेजमेंट को और असरदार बनाने में मदद मिली। इस बार पिछली बार की अपेक्षा कुछ नए प्वॉइंट्स पर भी डिप्लॉयमेंट की गई है जिससे श्रद्धालुओं को लाभ होगा। अप्रत्याशित भीड़ को देखते हुए पहले से की गई थी तैयारी अपर मेला अधिकारी विवेक चतुर्वेदी माघ पूर्णिमा को लेकर प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि माघ पूर्णिमा के स्नान पर्व पर इस बार मेले में अप्रत्याशित भीड़ आई है। लोगों का अनवरत स्नान का क्रम जारी है। ऐसे में, श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए घाटों के सुदृढ़ीकरण तथा स्नान के लिए नदियों में जलस्तर प्रबंधन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जल पुलिस द्वारा बैरिकेडिंग भी की गई है और वॉच टावर्स व चेंजिंग रूम की व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया गया है। उनके अनुसार, ट्रैफिक की डायवर्जन स्कीम भी लागू है और सभी चिह्नित स्थलों पर पुलिसबल की तैनाती की गई है। इसके साथ ही, उन्होंने श्रद्धालुओं से निर्धारित स्थानों पर स्नान कर पुलिस व प्रशासन का सहयोग करने की अपील भी की। उनके अनुसार, कल्पवासियों को भी स्नान और वापसी में किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े इसके लिए प्रशासन द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं। recent visitors 47

दिल्ली नई सरकार स्वास्थ्य व्यवस्था में करेगी बदलाव, प्राथमिक स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा होगा मजबूत

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी में सत्ता परिवर्तन होने के बाद केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना के तहत दिल्ली में स्वास्थ्य की दो बड़ी योजनाएं प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएमजेएवाई) और प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन योजना (पीएम-एबीएचआइएम) को दिल्ली में लागू होने का रास्ता साफ हो गया है। प्राथमिक स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा मजबूत उम्मीद है कि दिल्ली की सत्ता संभालने के बाद नई सरकार इन दोनों योजनाओं को यहां लागू करेगी। इससे गरीबों व 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों को स्वास्थ्य बीमा का लाभ तो मिलेगा ही, साथ ही दिल्ली में अब आयुष्मान आरोग्य मंदिर भी बनाए जाएंगे। इससे प्राथमिक स्वास्थ्य का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा। असल में मार्च 2020 में कोरोना की वैश्विक महामारी फैलने के बाद स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे की कमी सामने आई थी। 2,406 करोड़ रुपये की लागत इसके मद्देनजर केंद्र सरकार ने वर्ष 2021 में पीएम-एबीएचआइएम योजना शुरू की थी। इसका मकसद स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना था। इसके तहत केंद्र सरकार ने दिल्ली में भी 2,406 करोड़ रुपये की लागत से 1,139 शहरी स्वास्थ्य व वेलनेस सेंटर, 11 जिला एकीकृत सार्वजनिक स्वास्थ्य लैब व दस क्रिटिकल केयर ब्लाक बनाने की योजना को स्वीकृति दी थी। बाद में केंद्र सरकार ने वेलनेस सेंटरों का नाम बदलकर आयुष्मान आरोग्य मंदिर कर दिया। योजना को लागू नहीं होने दिया था AAP सरकार पीएम-एबीएचआइएम योजना बड़ा हिस्सा प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने पर खर्च करना था। यही वजह है कि 1,139 शहरी स्वास्थ्य व वेलनेस सेंटरों के विकास पर 2,058.75 करोड़ रुपये खर्च करना था। जिसमें से 1,232.25 करोड़ केंद्र सरकार को और 823.5 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार को खर्च करना था, लेकिन तब आम आदमी पार्टी (आप) सरकार की ओर से इस योजना को स्वीकृति नहीं दिए जाने से यह दिल्ली में लागू नहीं हो सकी। केजरीवाल का मोहल्ला क्लीनिक पर जोर आप सरकार का जोर मोहल्ला क्लीनिक शुरू करने पर था। आप सरकार ने एक हजार मोहल्ला क्लीनिक शुरू करने की घोषणा की थी, लेकिन दस वर्ष में करीब 545 मोहल्ला क्लीनिक ही बने। इसमें कई मोहल्ला क्लीनिक अभी कई बंद पड़े हैं। साथ ही मोहल्ला क्लीनिकों में भ्रष्टाचार का मामला भी सामने आया था। इस वजह से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने सरकार से पीएम-एबीएचआइएम योजना को लागू करने की सिफारिश भी की थी। अब यदि यह योजना लागू होती है तो इसके तहत दिल्ली में 1,139 आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए जा सकते हैं। recent visitors 50

कृत्रिम गर्भाधान के क्षेत्र में राजस्थान को देश में पहले स्थान पर लाना हमारी प्राथमिकता: पशुपालन मंत्री

जयपुर पशुपालन, गोपालन और डेयरी मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने बुधवार को राजस्थान पशुधन विकास बोर्ड के सभागार में राष्ट्रीय गोकुल मिशन के अंतर्गत 13 जिलों में तरल नत्रजन भंडारण हेतु 3000 लीटर के साइलो का वर्चुअल लोकार्पण किया। उन्होंने बताया कि तरल नत्रजन पशु नस्ल सुधार के लिए किए जाने वाले कृत्रिम गर्भाधान में काम आता है। तरल नत्रजन की भण्डारण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए राज्य के 16 जिलों में 3- 3 हजार लीटर क्षमता के वर्टिकल साइलो पूर्व में  स्थापित हो चुके हैं। इस तरह अब राज्य के 29 जिलों में वर्टिकल साइलो की स्थापना हो जाने से तरल नत्रजन भंडारण की कुल क्षमता 93 हजार लीटर हो गई है। जयपुर और उदयपुर के साइलो की क्षमता 6-6 हजार लीटर की है।  वर्चुअल लोकार्पण के बाद श्री कुमावत ने वीसी से जुड़े जिलों के पशु चिकित्सा अधिकारियों से बात की और साइलो की कार्यप्रणाली को समझा। उन्होंने जिलों के अधिकारियों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि सरकार पशुपालकों और पशुओं के हित के लिए उनकी सभी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगी। उन्होंने कहा कि कृत्रिम गर्भाधान के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं जिलों में पहुंचा दी गईं हैं। अब राजस्थान को इस क्षेत्र में पहले नंबर पर लाना विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के ऊपर निर्भर करता है। इस अवसर पर पशुपालन मंत्री ने जयपुर जिले के मैत्री कार्यकर्ताओं को ए आई किट का वितरण भी किया। उन्होंने मैत्री कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे पूरी निष्ठा और मेहनत से काम करें और कृत्रिम गर्भाधान में राजस्थान को देश में पहला स्थान दिलाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संवेदनशील मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के कुशल नेतृत्व में प्रदेश सरकार पशुओं के कल्याण के प्रति समर्पित होकर काम कर रही है। श्री कुमावत ने कहा कि आज अधिकतर जिलों में तरल नत्रजन की भंडारण व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए वर्टिकल साइलो की स्थापना हो चुकी है। बाकी बचे जिलों में भी हम जल्द ही यह व्यवस्था सुनिश्चित कर देंगे। उन्होंने कहा कि इन जिलों में साइलो की स्थापना होने से समय, ऊर्जा, मानव श्रम और पैसे इन सबकी बचत तो होगी ही साथ ही अवश्यकतानुसार तरल नाइट्रोजन की सही समय पर गुणवत्तापूर्ण उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी जिससे कृत्रिम गर्भाधान के काम में गति आएगी। उन्होंने कहा कि पहले एक जिले से दूसरे जिले तक नाइट्रोजन की आपूर्ति में जार भी खराब होते थे अब उस समस्या से भी विभाग को निजात मिलेगी। श्री कुमावत ने बताया कि आज ही के दिन जैसलमेर में कृत्रिम गर्भाधान कवरेज को बढ़ाने के उद्देश्य से मिशन उत्कर्ष जैसलमेर की शुरुआत भी की गई है। विस्तृत भौगोलिक परिस्थितियों और मानव श्रम की कमी के कारण जिले में योजनाओं की क्रियान्विति में समस्या आती है इसीलिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जैसलमेर जिले का चयन किया है और जिले में कृत्रिम गर्भाधान के लिए 484. 85 लाख रुपये के विशेष बजट के साथ मिशन उत्कर्ष जैसलमेर परियोजना लागू की गई है। इस अवसर पर शासन सचिव पशुपालन, गोपालन और मत्स्य डॉ. समित शर्मा ने कहा कि आज दौसा, टोंक, बाड़मेर, सवाईमाधोपुर, बारां, जैसलमेर, जालोर, प्रतापगढ़, राजसमंद, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, श्रीगंगानगर और चुरू जिलों में 218 लाख रुपये के नवीन वर्टिकल साइलो का लोकार्पण किया गया। 5 अन्य जिलों धौलपुर, सिरोही, झालावाड़, बून्दी और कुचामनसिटी में 3 हजार लीटर की क्षमता वाले साइलो की स्थापना आने वाले दिनों में भारत सरकार से बजट प्राप्त होने पर कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि आर एल डी बी ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत 73.25 लाख की लागत से 629 मैत्री कार्यकर्ताओं तथा 1687 विभागीय संस्थाओं को ए आई किट उपलब्ध कराया है। डॉ शर्मा ने कहा कि कृत्रिम गर्भाधान कार्य की गुणवत्ता में ए आई किट की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इस किट में ए आई गन, सीजर, एप्रेन, फॉरसेप, डीप- स्टिक, थर्मामीटर सहित कृत्रिम गर्भाधन में काम आने वाली सामग्री होती है। राज्य में पहली बार इस किट में इलेक्ट्रिक कैटल तथा क्रायोजार बैग को भी शामिल किया गया है। भविष्य में चरणबद्ध रूप से प्रदेश में 5000 अतिरिक्त ए आई किट उपलब्ध कराए जाएंगे जिस पर 150 लाख रुपये की लागत आएगी। डॉ शर्मा ने कहा कि मिशन उत्कर्ष जैसलमेर परियोजना के अंतर्गत 50 मैत्री कार्यकर्ता को भी कार्य आधारित मानदेय पर चयनित किया गया है। इस अवसर पर राजस्थान पशुधन विकास बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा पशुपालन निदेशक डॉ. आनंद सेजरा, पशुपालन विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ सुरेशचंद मीना सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारीगण मौजूद थे। recent visitors 46

संत रविदास जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लें: श्री विष्णुदत्त शर्मा

भोपाल भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा बुधवार को संत रविदास जयंती के अवसर पर राजनगर में संत रविदास मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा में शामिल हुए। इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह से भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में सामाजिक समरसता का अभियान चला रही है, संत रविदास जी ने यह काम शताब्दियों पहले किया था। उन्होंने अपनी कविताओं के माध्यम से देश और समाज को एक सूत्र में बांधने का काम किया। आज उनकी जयंती पर हम सभी उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लें। समाज को जगाने वाले बिरले संत थे रविदास जी भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि आज संत रविदास जयंती के अवसर पर मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है, इसलिए आज का दिन हम सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण है और इस शुभ अवसर पर सभी को बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने जिस तरह सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का नारा दिया है, संत रविदास जी ने अपने व्यक्तित्व और कृतित्व से यह करके दिखाया था कि किस तरह हर समाज को साथ लेकर चला जा सकता है। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी ने अपनी कविताओं के माध्यम से समाज को जगाने और दिशा देने का काम किया। हमारे देश पर जब आततायियों ने हमले किए, जब हमारे धर्म और संस्कृति को नष्ट करने का प्रयास किया गया, तब संत रविदास जी ने संपूर्ण हिंदू समाज को एकजुट रख उस आक्रमण को विफल कर दिया। आज हम लोगों के लिए यह कल्पना करना मुश्किल है कि अगर उस समय संत रविदास जी नहीं हुए होते, तो क्या होता? उन्होंने सामाजिक समरसता के लिए अपना पूरा जीवन खपा दिया, वे समरसता के अखंड पुरोधा थे। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में संतों को सम्मान दे रही भाजपा सरकार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री विष्णुदत्त शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भाजपा की सरकार संत रविदास जी जैसे उन संतों को सम्मान देने का काम कर रही है, जिन्होंने अपना जीवन देश और समाज की भलाई के लिये लगा दिया। सरकार उन संतों के संदेश को समाज तक पहुंचाने के प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में सागर में 100 करोड़ की लागत से संत रविदास जी का भव्य स्मारक बनाया जा रहा है। आज नगर परिषद अध्यक्ष जी ने यहां संत रविदास जी के नाम पर पॉर्क के निर्माण की घोषणा की है। आपका सांसद होने के नाते मैं भी 24 घंटे आपके साथ हूं। प्रधानमंत्री का ऐतिहासिक स्वागत करें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने छतरपुर जिले के गढ़ा ग्राम स्थित बागेश्वर धाम पहुंचकर पीठाधीश्वर श्री धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री से मुलाकात की। प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने बागेश्वर धाम के दर्शन करने के साथ पीठाधीश्वर के साथ प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी और राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के बागेश्वर धाम आगमन को लेकर तैयारी को लेकर चर्चा की। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आगमन को लेकर कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया एवं अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हमारा सौभाग्य है कि प्रधानमंत्री जी एक बार फिर खजुराहो आ रहे हैं और उनके साथ राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी भी आ रही हैं। हम सब उनका स्वागत करेंगे तथा खजुराहो और पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र के विकास के लिए मिलकर प्रयास करेंगे। हम सभी को प्रधानमंत्री जी एवं राष्ट्रपति जी का ऐतिहासिक स्वागत करना है। बुंदेलखंड से सूखे का कलंक मिटाने वाले प्रधानमंत्री जी का ऐतिहासिक अगुवानी करें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व सांसद श्री विष्णुदत्त शर्मा ने बागेश्वर धाम, ग्राम गढ़ा में संत रविदास जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में ग्राम पंचायत भवन का भूमि-पूजन कर दिव्यांगजनों को ट्रायसाइकिल वितरित किया। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री शर्मा ने कहा कि आजादी के बाद से अब तक सूखे का कलंक झेलने वाले बुंदेलखंड को हरा-भरा बनाने के लिए केन-बेतवा लिंक परियोजना की सौगात देने वाले प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी  फिर खजुराहो और बागेश्वर धाम आ रहे हैं। बुंदेलखंड से सूखे का कलंक मिटाने वाले प्रधानमंत्री जी का क्षेत्र की जनता ऐतिहासिक स्वागत करें। प्रधानमंत्री जी ने समूचे बुंदेलखंड का दिशा और दशा बदलने वाली सौगात दी है। केन-बेतवा लिंक परियोजना की सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री जा आभार जताने के लिए अभूतपूर्व स्वागत किया जाए। इस अवसर पर प्रदेश शासन के मंत्री श्री दिलीप अहिरवार, पूर्व मंत्री व विधायक श्री बृजेन्द्र प्रताप सिंह, जिला अध्यक्ष श्री चंद्रभान सिंह गौतम, विधायक श्री अरविंद पटैरिया, छतरपुर नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती ज्योति सुरेन्द्र चौरसिया, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री जीतू वर्मा सहित पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। recent visitors 43

यात्रियों की सुविधा के लिए डिजिटल पहल: यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप बना लोकप्रिय विकल्प

भोपाल भोपाल मंडल में अनारक्षित टिकट बुकिंग को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप तेजी से यात्रियों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। यह ऐप यात्रियों को समय बचाने और टिकट खरीदने के लिए लाइन में लगने की परेशानी से राहत प्रदान करता है। जनवरी 2025 में, भोपाल मंडल के 2,03,551 यात्रियों ने इस ऐप के माध्यम से अपने अनारक्षित टिकट बुक किए, जिससे रेलवे को ₹43,43,155/- का राजस्व प्राप्त हुआ। यह सफलता भोपाल मंडल द्वारा चलाए गए जागरूकता अभियानों और डिजिटल तकनीक के उपयोग को प्रोत्साहन देने का परिणाम है। यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप के लाभ समय की बचत: लंबी कतारों से बचने का आसान समाधान। पेपरलेस और कैशलेस यात्रा: पर्यावरण संरक्षण में योगदान। ऑफलाइन टिकट दिखाने की सुविधा: नेटवर्क न होने पर भी टिकट मान्य। तेजी से टिकट बुकिंग: कुछ ही मिनटों में बुकिंग। 3% बोनस: रेलवे आर-वॉलेट रिचार्ज पर अतिरिक्त लाभ। भोपाल मंडल में ऐप की उपलब्धता और उद्देश्य भोपाल मंडल के सभी स्टेशनों पर यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप का उपयोग संभव है। इस ऐप का मुख्य उद्देश्य डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देना, कतारों से मुक्ति प्रदान करना, और यात्रियों को तनावमुक्त यात्रा अनुभव देना है। ऐप का उपयोग कैसे करें गूगल प्ले स्टोर, एप्पल स्टोर या विंडोज स्टोर से “UTS” ऐप डाउनलोड करें। साइन अप करके मोबाइल नंबर पंजीकृत करें। आर-वॉलेट का उपयोग करके टिकट बुक करें। आर-वॉलेट को डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग, यूपीआई या यूटीएस काउंटर के माध्यम से रिचार्ज करें। ऐप पर उपलब्ध सुविधाएं अनारक्षित टिकट बुकिंग। सीजन टिकट जारी और नवीनीकरण। पेपर और पेपरलेस टिकट दोनों विकल्प। बुक किए गए टिकट का विवरण। आर-वॉलेट बैलेंस और रिफंड की सुविधा। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक श्री सौरभ कटारिया ने यात्रियों से आग्रह किया है कि वे यूटीएस ऑन मोबाइल ऐप का अधिकाधिक उपयोग करें और इसके माध्यम से डिजिटल सुविधाओं का लाभ उठाएं। यह ऐप न केवल टिकट खरीदने को आसान बनाता है, बल्कि यात्रियों के समय और ऊर्जा की भी बचत करता है। recent visitors 41

मध्यप्रदेश के शहरी क्षेत्रों में गरीब परिवारों के लिए बनेंगे 10 लाख आवास: डॉ. मोहन यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संत शिरोमणि गुरू रविदास जी की जयंती पर बुधवार को भोपाल के हिंदी भवन में आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार वंचित वर्ग के प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में बदलाव लाने के लिए प्रतिबद्ध है। सबको आगे बढ़ने का मौका मिले, सबकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो, गरीबों की गरीबी दूर हो, युवाओं को रोजगार के अवसर, महिलाओं को सम्मान मिले, किसानों का मान बढ़ें और सभी लोग बराबरी से रहें, राज्य सरकार इस उद्देश्य से हर वर्ग के लिए योजनाएं और कार्यक्रम संचालित कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान में दी गई लोकतांत्रिक व्यवस्था के आधार पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी जीवन की कठिन परिस्थितियों से संघर्ष करते हुए प्रधानमंत्री बनें। उनसे यह प्रेरणा मिलती है कि गरीब से गरीब परिवार के बच्चे भी प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री बन सकते हैं। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने समाज को शिक्षा, चिकित्सा, रोजगार और समानता का अधिकार दिया। जन-जन को इन सब अधिकारों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार निरंतर सक्रिय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्मारिका और रविदास चालीसा का विमोचन भी किया। समारोह को भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री व विधायक श्री भगवानदास सबनानी ने भी संबोधित किया। प्रधानमंत्री जी “सबका साथ-सबका विकास“ की अवधारणा के साथ हर वर्ग का जीवन बेहतर बना रहे – डॉ. मोहन यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी जी “सबका साथ-सबका विकास-सबका विश्वास एवं सबका प्रयास“ की अवधारणा के साथ समाज के हर वर्ग के जीवन को बेहतर बनाने के लिए कृत संकल्पित हैं। राज्य सरकार उनके मार्गदर्शन में इस दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। प्रदेश ही नहीं देश में सभी को यह अनुभूति है कि मध्यप्रदेश प्रगति पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, इसमें प्रदेश के सामान्यजन की मेहनत का महत्वपूर्ण योगदान है। सागर में संत शिरोमणि रविदास जी का भव्य स्मारक आकार ले रहा है। उज्जैन स्थित संत रविदास जी का गुरूद्वारा संत शिरोमणि गुरू रविदास जी के उज्जैन आगमन की स्मृति को अब भी जीवंत करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की मंशा के अनुसार पक्के मकान उपलब्ध कराए जाएंगे। राज्य सरकार जल्द ही प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में गरीब परिवारों के लिए 10 लाख आवासों का निर्माण आरंभ करने जा रही है। गाँवों में भी पुनः सर्वे कराकर गरीब के अपने पक्के घर का सपना साकार किया जाएगा। “मन चंगा तो कठौती में गंगा“ का संदेश हर व्यक्ति के भीतर भगवान विद्यमान होने का प्रतीक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि “मन चंगा तो कठौती में गंगा“ का संदेश देने वाले संत रविदास का जीवन इस बात का प्रतीक था कि व्यक्ति के भीतर ही भगवान विद्यमान हैं और भक्ति-साधना से व्यक्ति का उद्धार हो सकता है। उनका मानना था कि भगवान के दरबार में कोई ऊंच-नीच नहीं है। संत रविदास ने देश-धर्म पर स्वाभिमान और प्रभु भक्ति के साथ कर्म को सर्वाधिक महत्व दिया। उन्होंने परिश्रम के आधार पर जीवन संचालित करने और समाज की बेहतरी के लिए योगदान देने का संदेश दिया। संत रविदास ने बताया कि व्यक्ति के सत्कर्म, सद्भावना, परस्पर विश्वास और प्रेम का भाव ही जीवन में सर्वोपरि है। उनके इन उदात्त विचारों के परिणामस्वरूप ही उन्हें समाज में संत शिरोमणि की उपाधि से विभूषित किया गया। संत रविदास जी ने समाज में समानता व आत्मनिर्भरता संदेश दिया- श्री भगवानदास सबनानी भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री व विधायक श्री भगवानदास सबनानी ने संबोधित करते हुए कहा कि संत रविदास जी ‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’ का मूल मंत्र हमें दिया। संत रविदास जी शिष्य मीराबाई से लेकर मेवाड़ के महाराणा तक रहे। उन्होंने समाज को पल-पल मार्गदर्शन दिया और हमारी संस्कृति और राष्ट्र भक्ति को हमेशा ऊपर रखकर हम सबको प्रेरित कर मिसाल पेश की। श्री सबनानी ने कहा कि संत रविदास जी के विचार केवल भक्ति तक ही सीमित नहीं थे, बल्कि समाज में समानता और श्रम की प्रतिष्ठा के साथ-साथ आत्मनिर्भरता का भी संदेश देते थे। आज संत रविदास जी की जयंती हैं और हम संकल्प लेकर उनके बताए गए मार्गों पर चलने का प्रयास कर रहे हैं। इस अवसर पर महापौर श्रीमती मालती राय, जिला अध्यक्ष श्री रविन्द्र यति एवं नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी सहित संत रविदास समाज के समाज के पदाधिकारी व बड़ी संख्या में समाज बंधु उपस्थित थे। recent visitors 39

उज्जैन सहित राज्य के जिन स्थानों पर संत रविदास जी के चरण पड़ें, उन्हें तीर्थ के रूप में किया जाएगा विकसित

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि संत शिरोमणि गुरू रविदास जी ने "जात-पात पूछे न कोई-हरि को भजे सो हरि को होई" जैसे उदात्त विचारों से समाज को छुआछूत, सामाजिक असमानता, आडम्बर और अंधविश्वास के विरूद्ध जागरूक किया। उन्होंने परतंत्रता और विदेशी आक्रांताओं के आतंक से प्रभावित वातावरण में भक्ति, समानता और सद्भाव के साथ अपनी यात्रा आरंभ की। काशी में माँ गंगा के घाट से आरंभ यात्रा में राजवंश के व्यक्ति भी उनके शिष्य बनें। मीरा बाई द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में जीवन व्यतीत करना संत रविदास जी की प्रेरणा से ही संभव हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि संत रविदास जी की भावनाओं और विचारों को जन-जन तक ले जाने के उद्देश्य से उनके विचारों को शालेय पाठ्यक्रम में शामिल किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संत रविदास जी की जयंती पर प्रदेशवासियों को मीडिया के माध्यम से शुभकामनाएं देते हुए उक्त विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान श्री राम और भगवान श्रीकृष्ण, संत रविदास जी की भक्ति के आधार थे। उन्होंने राम नाम के जाप का संदेश देते हुए बताया कि भगवान व्यक्ति के भीतर है और भक्ति के लिए किसी आडम्बर की आवश्यकता नहीं है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, संत रविदास जी के दर्शन के आधार पर भारत को विश्व में आदर्श देश के रूप में स्थापित कर रहे हैं। राज्य सरकार भी इस दिशा में कार्यरत है। सागर में संत रविदास जी को समर्पित‍धाम का निर्माण जारी है। उज्जैन सहित राज्य के जिन स्थानों पर संत रविदास जी के चरण पड़ें हैं, उन्हें तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा।   recent visitors 66