यूसीसी पर सवालिया निशान खड़े, हाईकोर्ट ने शादी, तलाक और लिव-इन रिलेशनशिप पर सरकार से मांगा जबाब

नैनीताल आजाद भारत में पहली बार किसी राज्य में (उत्तराखंड) समान नागरिक संहिता लागू हुई, लेकिन इस पर कई सवालिया निशान खड़े हो गए। इसके चलते वकीलों ने यूसीसी के कुछ प्रावधानों को लेकर हाईकोर्ट में चुनौती दी। अब नैनीताल हाईकोर्ट की खंडपीठ ने यूसीसी में शादी, तलाक और लिव इन रिलेशनशिप के प्रावधानों को चुनौती देने वाली याचिका पर उत्तराखंड सरकार से 6 हफ्ते के भीतर जवाब मांगा है। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि राज्य में लागू समान नागरिक संहिता मुसलमानों, पारसियों आदि की विवाह प्रणाली की अनदेखी करती है। लिव-इन, शादी और तलाक के प्रावधानों पर उठे सवाल समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड 2024 को जनहित याचिका (पीआईएल) के जरिए चुनौती दी गई है। इसमें दावा किया गया है कि लिव इन रिलेशनशिप, शादी और तलाक से संबंधित प्रावधान नागरिकों के मूल अधिकारों का उल्लंघन करते हैं। आपको बता दें कि प्रैक्टिस कर रहे एक वकील ने यूसीसी के कुछ हिस्सों को चुनौती दी है। लाइव लॉ की बेवसाइट के अनुसार इनमें पार्ट-1 में दिए गए शादी और तलाक के प्रावधान और पार्ट-3 में दिए गए लिव इन रिलेशनशिप से जुड़े खंडों के साथ-साथ समान नागरिक संहिता नियम उत्तराखंड 2025 शामिल है। शादी के लिए साथी चुनने की स्वतंत्रता छिनने की दलील याचिका में कहा गया है कि यूसीसी उत्तारखंड 2024 ने महिलाओं से जुड़े असमानता वाले व्यक्तिगत नागरिक मामलों से जुड़ी चिंताओं पर अंकुश लगाया है। जबकि इसमें कई ऐसे प्रावधान और नियम हैं, जो राज्य में नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन करते हैं। इसमें निजता का अधिकार, जीवन जीने का अधिकार और बड़े अर्थों में विवाह में अपने साथी को चुनने में निर्णय लेने की व्यक्तिगत स्वतंत्रता के छिनने की बात है। शादी और तलाक से जुड़े रीति-रिवाजों को नजरअंदाज किया याचिका में कहा गया है कि ये प्रावधान मुस्लिम समुदाय के लिए भेदभावपूर्ण हैं। याचिका में दावा किया गया है कि ये प्रावधान मुस्लिमों की शादी और तलाक से जुड़े रीति-रिवाजों को नजरअंदाज करते हैं। दलीलों में इन लोगों पर हिन्दू मैरिज एक्ट के प्रावधानों को थोपते का भी आरोप लगाया गया है। लाइव लॉ बेवसाइट के अनुसार इसके लिए हिन्दू मैरिज एक्ट के सेक्शन 3(1) (जी) में लिखी बात का हवाला दिया गया है। शादी के प्रतिबंधित रिश्तों का दिया हवाला हिन्दू मैरिज एक्ट के सेक्शन 3(1) (जी) में शादी करने के लिए कुछ प्रतिबंधित रिश्तों के बारे में बताया गया है। इन्हीं प्रावधानों को मुस्लिम और पारसी समुदाय के लिए भी लागू किया गया है। याचिका में इसका उदाहरण रखते हुए दलील दी गई है कि इस बात को नजरअंदाज कर दिया गया है कि पारसी और मुस्लिम समुदाय में इन रिश्तों में शादी करना प्रतिबंधित नहीं है। इन रिश्तों में एक आदमी और उसके पिता की बहन की बेटी, एक आदमी और उसके पिता के भाई की बेटी, एक आदमी और उसके मामा की बेटी तथा एक आदमी और उसकी मामा की बेटी के जैसे रिश्ते शामिल हैं। LGBTQ समुदाय और रिलेशनशिप से जुड़े अधिकार लिव-इन रिलेशनशिप पर सेक्शन 4(बी) में कहा गया है कि केवल एक पुरुष और महिला जो "विवाह की प्रकृति" में रिश्ते के माध्यम से एक ही घर में रिलेशनशिप में रहते हैं। उनका रिश्ता निषिद्ध(बैन) संबंधों की डिग्री के तहत न आए। ऐसे रिश्तों को लिव-इन रिलेशनशिप में होना बताया गया है। याचिका में दावा किया गया है कि यदि प्रावधान के शब्दों के मायने निकाले जाएं तो यह केवल "जैविक पुरुष या महिला" से संबंधित होगा। ऐसा होने पर LGBTQ समुदाय से जुड़े व्यक्ति अगर अपने लिव-इन रिलेशनशिप के पंजीकरण के लिए जाएंगे तो वो इस अधिकार से बाहर हो जाएंगे। ऐसा LGBTQ समुदाय के साथ अनुचित व्यवहार होगा। recent visitors 62

सोना पहुंचा शिखर पर, बनाया रिकॉर्ड… 87,200 पहुंचा गोल्ड, 90 हजार तक जा सकता है भाव

इंदौर इंदौर में सोने के भाव ने नया रिकॉर्ड बना दिया है। 24 कैरेट सोना 87,200 रुपए प्रति 10 ग्राम के भाव पर पहुंच गया है। पिछले सात महीनों में सोने के भाव में करीब 16,300 रुपए की बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान में सोने की कीमतों में तेजी के पीछे कई कारण हैं। अमेरिका में राष्ट्रपति के बदलाव से बढ़े भू-राजनीतिक तनाव, फेडरल रिजर्व बैंक द्वारा ब्याज दरों में कटौती और चीन की सोना खरीद नीति प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा, डॉलर के मुकाबले रुपए की कमजोरी और बढ़ती महंगाई ने भी सोने की कीमतों को सपोर्ट दिया है। शेयर बाजार में अस्थिरता के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की ओर रुख कर रहे हैं। वर्तमान में 22 कैरेट सोना 79,900 रुपए, 20 कैरेट 72,650 रुपए और 18 कैरेट 65,400 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। चांदी की कीमतों में मामूली गिरावट देखी गई है, जो 700 रुपए घटकर 95,000 रुपए प्रति किलो पर आ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में सोना 90,000 रुपए और चांदी 1.10 लाख रुपए प्रति किलो तक पहुंच सकती है। सोना 11 फरवरी को ऑल टाइम हाई पर आ गया है। आगे क्या रुख रहेगा, क्या सोना एक लाख रुपए क्रॉस करेगा, चांदी की कीमतें कहां तक जाएंगी, जुलाई से अब तक सोना-चांदी का क्या ट्रेंड रहा है। 1 जनवरी से अब तक सोना 9,206 महंगा हुआ इस साल यानी 1 जनवरी से अब तक 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 76,162 रुपए से 9,206 रुपए बढ़कर 85,368 रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी का भाव भी 86,017 रुपए प्रति किलो से 8,923 रुपए बढ़कर 94,940 रुपए पर पहुंच गया है। सराफा बाजार में सोने और चांदी में लगातार तेजी का दौर जारी है। पिछले 7 महीनों के आंकड़ों की बात करें तो सोना 16,300 रुपए और चांदी 14000 हजार तक महंगा हो चुका है। विशेषज्ञों की मानें तो आगे भी इनमें लगातार तेजी जारी रहने की संभावना बनी हुई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेबाक रवैये से सोना तो चमका ही चमका साथ में चांदी भी अच्छी चमक उठी। सोने ने ट्रंप के चुनाव जीतने से आज तक के सफर को बहुत शानदार तरीके से निभाया और अपने निवेशकों को लगभग 8.5 फीसदी तक का रिटर्न मात्र 3 महीने में दे दिया।। फेडरल रिजर्व बैंक ने की ब्याज दरों में कटौती अगस्त से फरवरी के दौरान फेडरल रिजर्व बैंक ने तीन बार में 1 प्रतिशत ब्याज दर में कटौती की है। डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव जीतते ही उनका अप्रत्याशित नीतियां एवं टैरिफ नीति के कारण सोने में बीते माह जबरदस्त तेजी देखी गई। उठापटक का खेल लगातार जारी आगे भी ट्रंप का अस्पष्ट व्यवहार और अप्रत्याशित नीतियों के कारण सोने-चांदी में उठापटक जारी रहेगी। इसलिए निवेशकों के लिए नीचे दरों पर खरीदने की यानी बाय एंड डिप्स की रणनीति कारगर सिद्ध होगी और साथ ही साथ ऊंचे दरों पर मुनाफावसूली भी करते रहना चाहिए। वर्ष 2025 में सोना 75 हजार से 88 हजार रुपए के बीच रहने की उम्मीद है। वहीं, चांदी 85 हजार से लेकर 1 लाख 5 हजार रुपए के बीच रह सकते हैं। भोपाल में सोने-चांदी के भाव 11 फरवरी को भोपाल में सोने-चांदी की कीमतों में तेजी देखी गई। www.bullions.co.in के अनुसार, 22 कैरेट सोने का भाव 78,220 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा, जो पिछले दिन 77,880 रुपये था। 24 कैरेट सोना 85,340 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुँच गया, जो पिछले दिन 84,960 रुपये था। चांदी की कीमत 95,670 रुपये प्रति किलो रही, जो पिछले दिन 95,580 रुपये थी। इंदौर में क्या है सोना-चांदी का भाव मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में भी सोना 87 हजार रुपए पार कर गया है। यहां चांदी 95,700 रुपए किलो पर मिल रही है। हमेशा खरीदें हॉलमार्क वाला सोना सोने की खरीदारी करते समय सावधानी बरतना जरूरी है। हमेशा हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें। हॉलमार्क सोने की शुद्धता की सरकारी गारंटी है। भारत में BIS हॉलमार्क का निर्धारण करता है। हर कैरेट के हॉलमार्क अंक अलग-अलग होते हैं। इसलिए सोना खरीदते समय हॉलमार्क की जांच जरूर करें। ऐसा न करने पर मिलावटी सोना मिलने का खतरा रहता है। इंटरनेशनल मार्केट में हो रहा उतार-चढ़ाव सोने की कीमतों में तेजी का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव है। अमेरिका के फेडरल रिजर्व के नियमों में बदलाव के बाद से सोने-चांदी के दामों में उछाल आया है। भारतीय बजट के बाद से यह उतार-चढ़ाव और भी बढ़ गया है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस साल के अंत तक सोना 95,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार जा सकता है। recent visitors 73

मायावती ने दी जानकारी, आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्त समेत दो बड़े नेताओं को बसपा से निकाला

लखनऊ बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने अपने भतीजे और उत्तराधिकारी आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्त समेत दो बड़े नेताओं को बसपा से निकाल दिया है। बहनजी के नाम से मशहूर मायावती के द्वारा बसपा के दो वरिष्ठ नेताओं को पार्टी से निष्सासित करने से अन्य नेताओं में हड़कंप मच गया है। बसपा प्रमख ने इन नेताओं पर कार्रवाई क्यों की, इसको लेकर मायावती ने खुद अपने सोशल मीडिया एक्स पर जानकारी दी है। सोशल मीडिया एक्स पर मायावती ने लिखा, बीएसपी की ओर से ख़ासकर दक्षिणी राज्यों आदि के प्रभारी रहे डा अशोक सिद्धार्थ, पूर्व सांसद व श्री नितिन सिंह, ज़िला मेरठ को, चेतावनी के बावजूद भी गुटबाजी आदि की पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के कारण पार्टी के हित में तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित किया जाता है। बसपा प्रमुख इस कार्रवाई के बाद पार्टी नेताओं में हड़कंप मच गया है। बतादें कि पिछले कुछ साल बसपा के लिए अच्छे नहीं रहे हैं। 12 में बसपा चुनाव हारने के बाद से ही सत्ता में वापसी के ख्वाब देख रही है। 2019 के लोकसभा चुनाव में बसपा को कुछ राहत मिली थी, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में बसपा को फिर झटक गया। इसके अलावा बसपा ने दूसरे राज्यों में दांव आजमाया लेकिन वहां भी कुछ खास कमाल नहीं कर पाई। दिल्ली विधानसभा चुनाव में भी बसपा ने अपने उम्मीदवारों को उतारा था, लेकिन एक भी प्रत्याशी को जीत नहीं मिली। लगभग सभी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई। बसपा कार्यकर्ताओं की उदासीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों को चलते बसपा सुप्रीमो को ये फैसला लेना पड़ा। recent visitors 52

असम सीएम ने पाकिस्तान के प्रतिष्ठान से जोड़ने वाली रिपोर्ट्स पर की टिप्पणी, पाक कनेक्शन की होनी चाहिए जांच

नई दिल्ली असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को गौरव गोगोई और उनकी पत्नी एलिजाबेथ को पाकिस्तान के प्रतिष्ठान से जोड़ने वाली रिपोर्ट्स पर टिप्पणी दी। उन्होंने कहा कि इस मामले में गंभीर सवाल उठते हैं, जिन्हें बिना जवाब दिए नहीं छोड़ा जा सकता। मुख्यमंत्री सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गोगोई की पत्नी पर लगे कुछ आरोपों का जिक्र किया। कहा कि पाकिस्तान दूतावास में भारतीय युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और ब्रेनवॉश करने के आरोप की गहन जांच होनी चाहिए। हिमंत बिस्वा सरमा ने एक्स पर लिखा, "आईएसआई से संबंध, युवा व्यक्तियों को ब्रेनवॉश करने और कट्टरपंथी बनाने के लिए पाकिस्तान दूतावास में ले जाने और पिछले 12 वर्षों से भारतीय नागरिकता लेने से इनकार करने के आरोपों के बारे में गंभीर सवालों के जवाब दिए जाने की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त, धर्मांतरण कार्टेल में भागीदारी और राष्ट्रीय सुरक्षा को अस्थिर करने के लिए जॉर्ज सोरोस सहित बाहरी स्रोतों से धन प्राप्त करना गंभीर चिंता का विषय है जिसे अनदेखा नहीं किया जा सकता है।" उन्होंने आगे लिखा, "किसी बिंदु पर, जवाबदेही आवश्यक होगी। केवल जिम्मेदारी से बचना या दूसरों पर ध्यान केंद्रित करने का प्रयास करना आसान बचने का रास्ता नहीं होगा। राष्ट्र पारदर्शिता और सच्चाई का हकदार है।" सीएम सरमा की यह टिप्पणी उस समय आई है जब हाल ही में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में गौरव गोगोई और उनकी पत्नी के पाकिस्तानी प्रतिष्ठान से संभावित संबंधों और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने की गतिविधियों के बारे में चिंता जताई गई थी। इन रिपोर्ट्स ने राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है और अब सीएम सरमा ने इस मामले को गंभीर बताते हुए जांच की आवश्यकता पर जोर दिया है। recent visitors 59

इजरायली बंधकों को वापस नहीं किया गया, तो हमास के साथ युद्धविराम किया जायेगा समाप्त: इजरायल पीएम

यरूशलेम इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि अगर शनिवार तक गाजा में पकड़े गए इजरायली बंधकों को वापस नहीं किया गया, तो हमास के साथ युद्धविराम खत्म कर दिया जाएगा और इजरायल गाजा में फिर से "भीषण लड़ाई" शुरू करेगा। रिपोर्ट के मुताबिक, एक वीडियो बयान में बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि दोपहर में हुई चार घंटे की बैठक में उनके कैबिनेट मंत्रियों ने इस फैसले को मंजूरी दे दी। उन्होंने कहा, "अगर हमास शनिवार दोपहर तक हमारे बंधकों को वापस नहीं करता है, तो युद्ध विराम समाप्त हो जाएगा और आईडीएफ (इज़राइल रक्षा बल) हमास के निर्णायक रूप से पराजित होने तक लड़ाई फिर से शुरू करेगा।" प्रधानमंत्री ने कहा कि इजरायल के सभी कैबिनेट मंत्रियों ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की गाजा अधिग्रहण योजना और उनके युद्ध विराम अल्टीमेटम का स्वागत किया। नेतन्याहू की यह टिप्पणी हमास की घोषणा के एक दिन बाद आई है कि शनिवार को बंधकों को सौंपे जाने का कार्यक्रम अगली सूचना तक स्थगित कर दिया जाएगा। सोमवार को हमास की सशस्त्र शाखा, अल-क़सम ब्रिगेड के प्रवक्ता अबू ओबैदा ने एक बयान में कहा कि पिछले तीन हफ्तों के दौरान उनके नेतृत्व ने युद्ध विराम समझौते की शर्तों का पालन करने में इजरायल की विफलताओं पर नज़र रखी थी। ओबेदा ने कहा, अगली सूचना तक बंधकों को सौंपने को स्थगित कर दिया जाएगा। जब तक इजरायल समझौते का पालन सुनिश्चित नहीं करता है और मुआवजा नहीं दे देता है। उन्होंने कहा "हम समझौते की शर्तों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।" इसके जवाब में इजरायली रक्षा मंत्री इज़रायल काट्ज़ ने सोमवार को एक बयान में कहा कि हमास की घोषणा "गाजा युद्ध विराम और बंधक रिहाई समझौते का पूर्ण उल्लंघन है"। काट्ज़ ने कहा कि उन्होंने आईडीएफ को "गाजा में किसी भी संभावित परिदृश्य के लिए पूरी तैयारी रहने और एन्क्लेव के पास समुदायों की रक्षा करने" का आदेश दिया है। इजरायली सेना ने मंगलवार को घोषणा की थी कि अगर इजरायली बंधकों को शनिवार तक वापस नहीं किया गया तो इजरायली कैबिनेट ने हमास के साथ युद्ध विराम रद्द करने का फैसला किया, इसके बाद वह गाजा पट्टी के पास सेनाओं की संख्‍या बढ़ाई जाएगी और रिजर्व सैनिकों को बुलाया जाएगा। recent visitors 56

भारत में अमेरिकी परमाणु ऊर्जा प्रौद्योगिकी में निवेश को लेकर पीएम मोदी ने जेडी वेंस की चर्चा

वाशिंगटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पेरिस में मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत में अमेरिकी परमाणु ऊर्जा प्रौद्योगिकी में निवेश को लेकर चर्चा की। पेरिस के बाद पीएम मोदी वाशिंगटन के लिए रवाना होंगे। बैठक में वेंस की भारतीय मूल की पत्नी उषा वेंस और उनके तीन बच्चों में से दो भी मौजूद थे। प्रधानमंत्री मोदी ने उपराष्ट्रपति के बेटे विवेक को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं और उनके परिवार को उपहार भी दिए। यह मुलाकात पेरिस में एआई शिखर सम्मेलन के दौरान हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर इस बैठक के बारे में पोस्ट करते हुए इसे शानदार बताया और बताया कि उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर बातचीत की। उपराष्ट्रपति वेंस ने भी एक बयान जारी कर कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठकर कॉफी पी और दोनों देशों के हितों से जुड़े विषयों पर चर्चा की। खासतौर पर यह बातचीत इस बारे में थी कि अमेरिका किस तरह स्वच्छ और विश्वसनीय परमाणु ऊर्जा तकनीक के जरिए भारत को अपने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने में मदद कर सकता है। भारत ने हाल ही में अपने वार्षिक बजट में 2047 तक परमाणु ऊर्जा उत्पादन को 100 गीगावाट तक बढ़ाने की योजना का ऐलान किया है। इसके लिए सरकार परमाणु ऊर्जा अधिनियम और परमाणु क्षति के लिए नागरिक दायित्व अधिनियम में संशोधन करने की तैयारी कर रही है। यह कानून लंबे समय से विदेशी निवेशकों के लिए एक बाधा बना हुआ है, क्योंकि यह परमाणु दुर्घटनाओं की स्थिति में कंपनियों की जवाबदेही तय करता है। फ्रांस दौरे के बाद प्रधानमंत्री मोदी वाशिंगटन डी.सी. के लिए रवाना होंगे, जहां वे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से मुलाकात करेंगे। यह बैठक राष्ट्रपति ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में प्रधानमंत्री मोदी की पहली व्यक्तिगत मुलाकात होगी। पीएम मोदी पहले विदेशी नेताओं में से एक हैं, जिनका ट्रंप ने अपने नए कार्यकाल के शुरुआती दिनों में स्वागत किया है। दोनों देशों के बीच अच्छे संबंध हैं और इस वार्ता में व्यापार और ऊर्जा को लेकर मुख्य रूप से चर्चा होने की उम्मीद है। बैठक के बाद दोनों देशों की सरकारें एक संयुक्त बयान जारी करेंगी, जिसमें चर्चा किए गए मुद्दों का विवरण होगा। recent visitors 54

लोकसभा में कल पेश होगा न्यू इनकम टैक्स बिल, बिल में कई बड़े बदलाव किये जाएगा

नई दिल्ली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा घोषित न्यू इनकम टैक्स बिल को लोकसभा में कल (गुरुवार) को पेश किए किया जा सकता है. पेश करने के बाद बिल को लोकसभा की सेलेक्ट कमिटी के पास विस्तृत चर्चा के लिए भेजा जाएगा. नए इनकम टैक्स बिल में कई बड़े बदलाव किया जाएगा. टैक्स से जुड़ी चीजों को आसान बनाने पुराने और प्रचलन से बाहर हो चुके शब्दावलियों को हटाया जाएगा. इसके अलावा इस बिल में कई अपराधों के लिए सजा कम करने का प्रावधान भी शामिल किया जा सकता है. निर्मला सीतारमण ने एक फरवरी को अपने बजट भाषण के दौरान न्यू इनकम टैक्स बिल लाने की बात कही थी. अब इस नए इनकम टैक्स बिल की ड्राफ्ट कॉपी सामने आ गई है. बिल की यह कॉपी 622 पेजों की है. पिछले हफ्ते शुक्रवार को न्यू इनकम टैक्स बिल को मोदी कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दी गई थी. नए बिल के आने से टैक्स रिटर्न फाइल करना होगा आसान गुरुवार को वित्तमंत्री निर्माला सीतारमण नया इनकम टैक्स बिल को पेश करेंगी. इस बिल के कानून बनने से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना और भी आसान हो जाएगा यह बिल मौजूदा आयकर अधिनियम 1961 की जगह लेगा. वित्त मंत्री सीतारमण ने सबसे पहले जुलाई 2024 के बजट में आयकर अधिनियम, 1961 की व्यापक समीक्षा की घोषणा की थी. गौरतलब है कि सीबीडीटी ने समीक्षा की निगरानी करने और अधिनियम को संक्षिप्त, स्पष्ट और समझने में आसान बनाने के लिए एक आंतरिक समिति का गठन किया था.   सेलेक्ट कमिटी के पास भेजा जाएगा बिल इस बिल को लेकर वित्त मंत्री सीतारमण ने 8 फरवरी को कहा था, “नए इनकम टैक्स बिल के प्रस्ताव के बारे में मुझे उम्मीद है कि इसे अगले हफ्ते लोकसभा में पेश किया जाएगा और चर्चा के लिए इसे जेपीसी में भेजा जाएगा. जेपीसी द्वारा इस पर अपनी सिफारिशें दिए जाने के बाद यह बिल फिर से कैबिनेट के पास जाएगा. मंत्रीमंडल की की मंजूरी के बाद इसे फिर से संसद में पेश किया जाएगा. मुझे अभी भी तीन अहम चरणों से गुजरना है.” न्यू इनकम टैक्स बिल 2025 या नया प्रत्यक्ष कर कोड भारत की कर प्रणाली में सुधार के लिए एक बड़े प्रयास का हिस्सा है. इस बिल का उद्देश्य मौजूदा कर ढांचे को और अधिक सुव्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए उसमें सुधार करना है.   सरल और आसान शब्दों में होगा बिल नया आयकर विधेयक में कोई नया टैक्स लगाने का प्रावधान नहीं किया जाएगा. इसमें सिर्फ टैक्स स्ट्रक्चर को तर्कसंगत और आसान बनाया जाएगा. इस बिल में मौजूदा कानून में कई नए सुधारों का प्रावधान होगा. कई अपराधों के लिए सजा कम करने तक का प्रावधान भी हो सकता है. इसके अलावा नए बिल में टैक्स को लेकर भाषा सरल होगी ताकि आम करदाता भी समझ सके. न्यू इनकम टैक्स बिल का मकसद मुकदमेबाजी को कम करना होगा. आयकर सिस्टम में पारदर्शिता लाना भी बिल का मकसद है. पुराने और प्रचलन से बाहर हो चुके शब्दावलियों को भी हटाया जाएगा. कुल मिलाकर यह बिल सरल और आसान शब्दों में होगा. देखें क्या-क्या होगा आसान नए आयकर बिल में कोई नया टैक्स लगाने का प्रावधान नहीं होगा. मुकदमेबाजी को कम करना नए बिल का उद्देश्य होगा. नए बिल का मकसद कर प्रणाली में पारदर्शिता लाना है. पुराने और प्रचलन से बाहर हो चुके शब्दावलियों को हटाया जाएगा. कर से जुड़ी भाषा आसान और सरल होगी. कई अपराधों के लिए सजा कम करने का प्रावधान भी हो सकता है. इक्विटी के लिए शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस की अवधि में कोई बदलाव नहीं होगा. सेक्शन 101 (b) के तहत 12 महीने तक की अवधि को शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस माना जाएगा शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस टैक्स की दर में कोई बदलाव नहीं. शॉर्ट टर्म कैपिटल गेंस टैक्स 20 फीसदी बना रहेगा. 1 अप्रैल 2026 से नए बिल को लागू करने का प्रस्ताव. फाइनांशियल ईयर के पूरे 12 महीने को अब टैक्स ईयर कहा जाएगा. एसेसमेंट ईयर जैसी कोई चीज नहीं होगी. ऐसे शब्द का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. नया इनकम टैक्स बिल कुल 600 पेजों का होगा. इसमें कुल 23 चैप्टर होंगे, जिसमें कुल 16 शेड्यूल होंगे. कुल 536 क्लॉज होंगे, पहले 298 सेक्शन होते थे.   recent visitors 52