मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद अस्पताल में भर्ती मरीज ने जब आंखें खोलीं तो बगल के बेड़ पर 22 दिनों से लापता पत्नी भर्ती मिली

 उन्नाव मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद अस्पताल में भर्ती एक मरीज ने अपनी आंखें खोलीं तो उसके बगल वाले बेड पर 22 दिनों से लापता पत्नी भर्ती मिली. यह देख पति की आंखों में आंसू आ गए. लेकिन महिला अपने पति को पहचान नहीं सकी. क्योंकि सिर में गंभीर चोट आने से उसकी याददाश्त चली गई थी. अब पति अस्पताल में पत्नी की सेवा करता है, इसके चलते महिला की याददाश्त लौटने लगी है. उत्तर प्रदेश के उन्नाव का यह मामला है. शहर के केवटा तालाब बस्ती निवासी राकेश कुमार (50) की पत्नी शांति देवी (42) बीती 13 जनवरी को घर से अचानक गायब हो गई थीं. पति ने उनको उन्नाव से लेकर कानपुर, लखनऊ, कन्नौज तक तलाशा. लेकिन वह नहीं मिलीं. थक-हारकर पति ने 16 जनवरी को थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई. राकेश वेल्डिंग का काम करते हैं. पत्नी शांति के आलावा उनके घर में और कोई नहीं है. पत्नी के न मिलने पर वह तब से न तो काम पर गए और न ही घर गए. वह अपने दोस्त के यहां ही रहने लगे. इसी बीच, आंखों में दिक्क़त आने पर राकेश ने 6 फरवरी को अस्पताल में चेकअप कराया तो डॉक्टरों ने उनको ऑपरेशन कराने की सलाह दी. 7 फरवरी को मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद राकेश को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया. जब राकेश की आंखों की पट्टी खुली तो उनके बगल के बेड पर भर्ती एक महिला मरीज ने पानी मांगा. महिला की आवाज़ सुनकर राकेश चौंक गए. पास जाकर देखा तो वह महिला कोई नहीं बल्कि, गुमशुदा पत्नी निकली. यह देख पति राकेश भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू बह निकले. लेकिन सिर पर चोट पर चोट लगने की वजह से पत्नी कुछ बता नहीं पाई और न ही पति को पहचान पाई. जिला अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने के बाद राकेश अपना सारा दुःखदर्द भूलकर फिर सिर्फ पत्नी की सेवा में ही लग गए ताकि किसी तरह से उनकी पत्नी ठीक हो जाए. राकेश ने बताया कि 13 जनवरी को उनकी पत्नी घर से कहीं चली गई थी. काफी तलाश करने पर जब वह नहीं मिली तो कोतवाली में शिकायत दर्ज़ करवाई. उधर, मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवाने के बाद जब उनकी आंखों की पट्टी खोली गई तो बगल के बेड पर एक महिला ने पानी मांगा. पास जाकर देखा तो वह उनकी पत्नी शांति देवी ही थीं. जिनकी वह तलाश कर रहे थे. राकेश ने बताया कि जब से उनकी पत्नी जिला अस्पताल में मिली है, तब से वह उसकी सेवा कर रहे हैं. पत्नी भी उन्हें पहचाने लगी है. लेकिन उन्होंने जिला अस्पताल में सही से इलाज़ न मिलने का आरोप लगाया है. जिला अस्पताल के डॉक्टर कौशलेन्द्र प्रताप ने बताया कि महिला के सिर पर गंभीर चोट थी. जब उसे लाया गया था तब वह कुछ भी बताने समझने लायक नहीं थी. उसका इलाज़ किया जा रहा है. पति को वह पहचानने लगी है. फिलहाल सुधार हो रहा है.   recent visitors 40

आरसीबी ने स्पेशल कार्यक्रम में 31 वर्षीय पाटीदार को कप्तान नियुक्त करने की घोषणा की

नई दिल्ली बल्लेबाज रजत पाटीदार आईपीएल 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की कप्तानी करते हुए नजर आएंगे। आरसीबी ने गुरुवार को एक स्पेशल कार्यक्रम में 31 वर्षीय पाटीदार को कप्तान नियुक्त करने की घोषणा की। फाफ डुप्लेसी को आईपीएल 2025 मेगा ऑक्शन से पहले रिटेन नहीं करने के बाद से आरसीबी के नए कप्तान को लेकर अटकलों का बाजार गर्म था।डुप्लेसी ने पिछले तीन सीजन में फ्रेंचाइजी की अगुवाई की। स्टार बल्लेबाज विराट कोहली के फिर से आरसीबी का कप्तान बनने की संभावना जताई जा रही थी लेकिन फ्रेंचाइजी ने अपने फैसले से चौंका दिया। कोहली 2013 से 2021 के बीच आरसीबी के कप्तान थे, जिसके बाद डुप्लेसी को जिम्मेदारी मिली। कोहली की बजाए पाटीदार ही क्यों आरसीबी के कप्तान बने? दरअसल, यह बड़ा राज तीन दमदार कारणों में छुपा है। पाटीदार किए गए थे रिटेन पाटीदार पिछले कुछ सालों में आरसीबी का अहम हिस्सा रहे हैं। उन्होंने कई मैचों में कोहली के साथ मिलकर टीम को मुश्किल से निकाला है। उन्होंने 2021 में आरसीबी की ओर से आईपीएल डेब्यू किया था। हालांकि, रजत 2022 ऑक्शन में अनसोल्ड रहे थे। लेकिन आरसीबी ने उनपर फिर भरोसा दिखाया और रिप्लेसमेंट के तौर पर वापसी हुई। उन्होंने 2022, 2023 और 2024 में अच्छा प्रदर्शन किया। ऐसे में आरसीबी ने पाटीदर को 18वें सीजन के लिए रिटेन करने का निर्णय किया। आरसीबी ने आईपीएल 2025 ऑक्शन से पहले सिर्फ तीन प्लेयर रिटेन किए, जिसमें पाटीदार, कोहली के अलावा पेसर यश दयाल थे। ऐसे में यह अंदाजा लगाना कठिन नहीं कि पाटीदार टीम के लिए कितने अहम हैं। उन्हें 11 करोड़ रुपये में रिटेन किया गया था। घरेलू क्रिकेट में कप्तानी पाटीदार ने घरेलू क्रिकेट में बतौर कप्तान काफी प्रभावित किया है। उन्होंने सीमित ओवरों में मध्यप्रदेश की कमान संभाली और नेतृत्व क्षमता दिखाई। इस दौरान उनका बल्ला भी बोला। उनकी अगुवाई में मध्य प्रदेश ने घरेलू टी20 टूर्नामेंट सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी 2024 के फाइनल में एंट्री की। हालांकि, मध्य प्रदेश को फाइनल में मुंबई के हाथों हार का सामना करना पड़ा। पाटीदार ने वनडे फॉर्मेट में आयोजित होने वाली विजय हजारे ट्रॉफी में कप्तानी करते हुए अच्छी सूझबूझ का नमुना पेश किया। हालांकि, टीम विजय हजारे ट्रॉफी में सेमीफाइनल का सफर तय नहीं कर सकी थी। नए नेतृत्व से नई उम्मीद आरसीबी अब नए नेतृत्व पर भरोसा दिखाना चाहती है। 2008 में इंडियन प्रीमियर लीग की शुरुआत के बाद से आरसीबी ने एक भी आईपीएल ट्रॉफी नहीं जीती है। फ्रेंचाइजी को उम्मीद है कि पाटीदार ट्रॉफी का सूखा खत्म कर सकते हैं। आरसीबी के हेड कोच एंडी फ्लावर ने कहा, ''रजत में सादगी है, वह अपने आसपास के लोगों की परवाह करता है। हमने करीब से देखा है कि उसने मध्य प्रदेश का नेतृत्व कैसे किया, हमें यह बहुत पसंद आया।" वहीं, आरसीबी मैनेजमेंट के अलावा कोहली को भी पाटीदार की नेतृत्व क्षमता पर भरोसा है। कोहली ने पाटीदार को कप्तान बनाए जाने पर कहा, "बधाई हो रजत। आपने अपने प्रदर्शन से आरसीबी फैंस के दिलों में एक खास जगह बनाई है। मुझे यकीन है कि आप फ्रेंचाइजी को आगे ले जाएंगे। आपने यह अर्जित किया है।" पाटीदार ने अभी तक 27 आईपीएल मैचों में 34.74 की औसत से 799 रन बनाए हैं। recent visitors 39

अशोकनगर में एक युवक की छोटे भाई की शादी की खुशियां मातम में बदली, साइलेंट अटैक ने ली जान

अशोकनगर  अशोकनगर जिले के उरझुरु गांव में एक युवक की छोटे भाई की शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। 30 वर्षीय कुलदीप शर्मा की सोमवार शाम माता पूजन के दौरान अचानक मौत हो गई। माना जा रहा है कि मौत का कारण साइलेंट अटैक है। कुलदीप एक प्राइवेट बैंक में काम करते थे। वह माता पूजन के दौरान एक रिश्तेदार महिला का गिरा हुआ जेवर ढूंढ रहे थे, तभी अचानक गिर पड़े और दोबारा उठ नहीं पाए। साइलेंट अटैक ने चिंता बढ़ा दी है। कुलदीप के छोटे भाई की शादी 12 फरवरी को होनी थी। सोमवार शाम घर में माता पूजन का कार्यक्रम चल रहा था। कुलदीप के रिश्तेदार शिवकुमार शर्मा ने बताया कि वह मोबाइल से कुलदीप की तस्वीरें ले रहे थे। तभी एक महिला का कान का जेवर गिर गया। अंधेरा होने के कारण कुलदीप ने अपने मोबाइल की टॉर्च जलाई और जेवर ढूंढने के लिए झुका। अचानक वे वहां गिर पड़ा और उठ नहीं पाया। परिजन उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार मौत का कारण साइलेंट अटैक लग रहा है। परिवार में मातम का माहौल कुलदीप शादी की तैयारियों में व्यस्त थे। सोमवार को भी वे शादी के बाकी बचे कार्ड बांटने गए थे। शाम को माता पूजन के लिए वे कुछ देर पहले ही घर लौटे थे। किसी ने सोचा भी नहीं था कि खुशियों भरा माहौल कुछ ही पलों में मातम में बदल जाएगा। कुलदीप की अचानक मौत से परिवार और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। शादी की तैयारियों की जगह अब घर में मातम छाया हुआ है। यह घटना मध्यप्रदेश में बढ़ते साइलेंट अटैक के मामलों की गंभीरता को दर्शाती है। हाल ही में विदिशा में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था। साइलेंट अटैक क्या है ? साइलेंट अटैक को मेडिकल भाषा में साइलेंट मायोकार्डियल इन्फार्क्शन कहा जाता है, दिल का दौरा पड़ने का एक ऐसा प्रकार है जिसमें सामान्य लक्षण जैसे सीने में दर्द या सांस लेने में तकलीफ नहीं होते हैं। इसलिए इसे पहचानना मुश्किल होता है और यह जानलेवा साबित हो सकता है। युवाओं में बढ़ते साइलेंट अटैक के मामलों को देखते हुए, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और नियमित जांच बेहद जरूरी है। recent visitors 44

bageshwardham में 200 करोड़ से बनेगा मल्टी स्पेशियलिटी कैंसर अस्पताल, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति करेंगे उद्घाटन

छतरपुर  छतरपुर जिले के गढ़ा गांव में 25 एकड़ में करीब 200 करोड़ की लागत से कैंसर अस्पताल बनेगा। इस आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त कैंसर अस्पताल का भूमिपूजन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 23 फरवरी को बागेश्वर धाम आएंगे। धाम के महंत पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का कहना है की अस्पताल में कैंसर के मरीजों का निश्शुल्क इलाज होगा। साथ ही उनके लिए रहने, खाने और दवाओं तक की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसका पूरा खर्च बागेश्वर धाम ट्रस्ट उठाएगा। कथाओं में आने वाले दान से अस्पताल का निर्माण कथाओं से आने वाली दान दक्षिणा और चढ़ावे को अस्पताल के निर्माण और संचालन में लगाया जाएगा। अस्पताल को लेकर एक डिजिटल डिजाइन भी तैयार किया गया है। जिसके अनुसार अस्पताल का नाम बालाजी सरकार कैंसर इंस्टीट्यूट रहेगा, जिसमें देश विदेश के डाक्टर अपनी सेवाएं देंगे। करीब एक साल से बागेश्वर धाम को ठिकाना बना चुके जर्मनी के कैंसर विशेषज्ञ डॉ. एंजेल सहित उनकी टीम समय समय इस अस्पताल में सेवाएं देगी। चार चरणों में कैंसर अस्पताल की व्यवस्था पर फोकस रहेगा। अस्पताल बनने के बाद मेदांता और बिड़ला जैसे बड़े ग्रुपों से अनुबंध किए जा सकते हैं। कैंसर अस्पताल से मेडिकल कालेज बनाए जाने तक की प्लानिंग धाम ट्रस्ट ने की है। 26 फरवरी को आएंगी राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु 24 फरवरी को धाम पर सामूहिक विवाह सम्मेलन होगा। इसमें 251 कन्याओं में आदिवासी परिवारों की 108 कन्याओं का विवाह होगा। जिनको आशीर्वाद देने के लिए राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मु 26 को बागेश्वर धाम आ रही हैं। कन्या विवाह सम्मेलन के लिए करीब नौ राज्यों से करीब एक हजार आवेदन फार्म आए हैं। इन आवेदनों के आधार पर बागेश्वर धाम की 60 सदस्यीय टीम घर-घर पहुंची और सर्वे टीम ने ग्रामीण, पड़ोसियों, जनप्रतिनिधियों आदि से पूछने के बाद जो मानदंड निर्धारित किए गए थे उनके आधार पर 251 बेटियां विवाह के लिए चयनित की गईं हैं। 251 कन्याओं में चार दिव्यांग, 54 अनाथ, 94 बेटियां पितृहीन हैं। 24 फरवरी को ग्रेट खली करेंगे फाइट जाने माने रेसलर द ग्रेट खली 24 फरवरी को बागेश्वर धाम में फाइट करते हुए नजर जाएंगे। सीडब्ल्यूई (कंटेंटल रेसलिंग इंटरटेनमेंट) की तर्ज पर फाइट कार्यक्रम होगा। कुश्ती में हाथ आजमाने वाले युवाओं को प्रेरणा देने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम रखा जा रहा है। recent visitors 51

प्रदेश में 3.7 डिग्री तक लुढ़का दिन का तापमान, 11 शहरों में 30° से नीचे आया पारा, 2 दिन ऐसा ही रहेगा मौसम

भोपाल फरवरी में मध्य प्रदेश के मौसम के अलग अलग रंग देखने को मिल रहे है। गुरुवार को प्रदेश के सभी जिलों के मौसम को शुष्क बने रहने का अनुमान है। फिलहाल किसी भी जिले को लेकर कोई बादल बारिश या सर्दी कोहरे की चेतावनी जारी नहीं की गई है।वर्तमान में पश्चिमी विक्षोभ के साथ ऊपरी स्तर पर हवाओं का रुख उत्तरी बना हुआ है। एमपी मौसम विभाग की मानें तो भोपाल में आज मौसम साफ रहेगा लेकिन 10 से 12 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है। अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस तो न्यूनतम 13 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। आने वाले एक दो दिनों में प्रदेश के तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है।भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में तापमान 10 डिग्री से नीचे जा सकता है। इसके बाद फिर पारा चढ़ेगा। मौसम वैज्ञानिक रैकवार ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के ऊपर एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव हुआ है। इस वजह से बुधवार को दिन के तापमान में गिरावट देखने को मिली है। रात में भी पारा लुढ़क सकता है। 14 और 15 फरवरी को भी मौसम का मिजाज ऐसा ही बना रहेगा। इसके बाद तापमान में बढ़ोतरी होगी। उन्होंने बताया, फरवरी में कई वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव होंगे। इस वजह से पारे में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी। फिलहाल बारिश के आसार नहीं है। इन शहरों में लुढ़का दिन का तापमान मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार को भोपाल-इंदौर में 28.8 डिग्री, धार में 28.9 डिग्री, ग्वालियर में 27.8 डिग्री, नर्मदापुरम में 29 डिग्री, पचमढ़ी में 26.1 डिग्री, रायसेन में 28 डिग्री, नरसिंहपुर में 28 डिग्री, नौगांव में 28.1 डिग्री, सीधी में 29.8 डिग्री, मलाजखंड में 29.2 डिग्री सेल्सियस रहा। दूसरी ओर, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, मंडला, रीवा, सागर, सतना, सिवनी, टीकमगढ़, उमरिया, बैतूल, गुना, खंडवा, खरगोन, रतलाम, शिवपुरी और उज्जैन में पारा 30 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया। खंडवा में सबसे ज्यादा 33.1 डिग्री और खरगोन में पारा 33 डिग्री दर्ज किया गया। इससे पहले मंगलवार-बुधवार की रात में भी तापमान में उतार-चढ़ाव की स्थिति देखने को मिली। शहडोल के कल्याणपुर में 9.3 डिग्री और पचमढ़ी में 9.7 डिग्री रहा। बाकी शहरों में पारा इससे अधिक दर्ज किया गया। क्या कहता है मध्य प्रदेश मौसम विभाग एमपी मौसम विभाग के मुताबिक, जम्मू कश्मीर के आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ गया है। इसके अलावा अभी अन्य कोई प्रभावी मौसम प्रणाली सक्रिय नहीं है।13 फरवरी को दिन-रात के तापमान में हल्की गिरावट होगी लेकिन दिन में गर्मी का असर रहेगा। 14 फरवरी को दिन-रात का पारा गिरेगा। 15 फरवरी तक मौसम ऐसा ही रहेगा, इसके बाद तापमान में बढ़ोतरी होगी।कोई मजबूत मौसम प्रणाली के सक्रिय ना होने से फिलहाल बारिश के आसार नहीं है। इस बार 2 महीने कड़ाके की ठंड, जनवरी में मिला-जुला असर इस बार शुरुआती दो महीने यानी, नवंबर और दिसंबर में कड़ाके की ठंड पड़ी। ठंड ने कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। नवंबर की बात करें तो भोपाल में 36 साल का रिकॉर्ड टूटा। इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और ग्वालियर में भी पारा सामान्य से 7 डिग्री तक नीचे रहा। वहीं, दिसंबर में भी ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ा। स्थिति यह रही कि पूरे प्रदेश में जनवरी से भी ठंडा दिसंबर रहा। भोपाल समेत कई शहरों में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 9 दिन शीतलहर चली। भोपाल में दिसंबर की सर्दी ने 58 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर समेत कई जिलों में स्कूलों की टाइमिंग बदल दी गई है, जबकि भोपाल के वन विहार नेशनल पार्क में जानवरों को सर्दी से बचाने के लिए हीटर लगाए गए। भगवान को भी ठंड से बचाने के लिए जतन किए गए। अब बात जनवरी की। शुरुआत 10 से 15 दिन तक कड़ाके की ठंड का दौर रहा, लेकिन फिर तेवर ठंडे हो गए। ठंड के दो दौर आए, जबकि तीन बार मावठा गिरा। मौसम वैज्ञानिक डॉ. सिंह ने बताया, जनवरी में ठंड का असर जरूर रहा, लेकिन पिछले 10 साल के ट्रेंड के अनुसार तेज सर्दी नहीं पड़ी। पश्चिमी विक्षोभ की स्ट्रॉन्ग एक्टिविटी नहीं होने से तेज बारिश का दौर नहीं रहा। न ही ओले गिरे, जबकि जनवरी में ओला-बारिश का दौर भी रहता है। recent visitors 59

मुख्यमंत्री महाकाल स्टेडियम का 15 फरवरी को लोकार्पण करेंगे, नए पुल के बीच में 19 मीटर चौड़ी जगह बनाई गई

उज्जैन बाबा महाकाल के भक्तों के लिए बड़ी खुशखबरी है. 15 फरवरी से महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए एक और नया प्रवेश द्वार खुलने जा रहा है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रुद्रसागर पर बनाए नए ब्रिज का लोकार्पण करेंगे. इसका निर्माण 25 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है. इस ब्रिज के खुलने से श्रद्धालु शक्ति पथ से सीधे महाकाल मंदिर तक पहुंच सकेंगे, जिससे चारधाम मंदिर से आने वाले दर्शनार्थियों की दूरी करीब डेढ़ किलोमीटर कम हो जाएगी. रुद्रसागर पर बना 200 मीटर लंबा ब्रिज उज्जैन स्मार्ट सिटी कंपनी ने मई 2022 में इस ब्रिज का निर्माण कार्य शुरू किया था. यह ब्रिज 200 मीटर लंबा और 7 मीटर चौड़ा है, जबकि मध्य में 19 मीटर चौड़ी जगह छोड़ी गई है. पहले इस ब्रिज को 2023 के अंत तक पूरा करने की योजना थी, लेकिन निर्माण में करीब डेढ़ साल की देरी हुई. अब यह पूरी तरह तैयार है और जल्द ही श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएगा. ब्रिज से मिलेगा लाइट एंड साउंड शो का आनंद इस नए ब्रिज पर खड़े होकर भक्त जल्द ही शुरू होने वाले लेजर लाइट एंड साउंड शो का आनंद ले सकेंगे. 500 से अधिक श्रद्धालु एक साथ खड़े होकर भगवान शिव के प्राकट्य और उज्जयिनी की गौरवशाली गाथा को देख और सुन सकेंगे. वर्तमान में महाकाल मंदिर पहुंचने के लिए छह रास्ते हैं. इस ब्रिज के खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं को सातवां मार्ग मिल जाएगा, जिससे भीड़ नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी. मुख्यमंत्री नगर निगम द्वारा दशहरा मैदान पर 4 करोड़ 43 लाख रुपये से बनाए राजाभाऊ महाकाल स्टेडियम, मोती नगर में चार करोड़ 33 लाख के श्रीकृष्ण आश्रय सभा मंडप और त्रिवेणी शनि मंदिर के समीप बनाए हाल का लोकार्पण भी करेंगे। महाशिवरात्रि पर ब्रिज रहेगा बंद लोकार्पण के बाद यह मार्ग भक्तों के लिए खोल दिया जाएगा, हालांकि 27 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर इसे बंद रखा जाएगा. कलेक्टर नीरज कुमार सिंह के अनुसार महाशिवरात्रि पर भीड़ के कारण इस ब्रिज को बंद रखा जाएगा. लोकार्पण के बाद शुरू हो जाएगी आवाजाही इसके पहले मुख्यमंत्री सरपंचों से चर्चा करेंगे। कार्यक्रम की तैयारी में बुधवार को प्रशासनिक अमला लगा नजर आया। कलेक्टर नीरज कुमार सिंह ने बताया कि लोकार्पण के बाद पैदल पुल से आवाजाही शुरू हो जाएगी। मंदिर पहुंचने का नौवां रास्ता तैयार श्रद्धालु, शक्ति पथ पर पिनाकी द्वार से आगे माधवगंज स्कूल के सामने रुद्रसागर पर बनाए पुल के रास्ते महाकाल महालोक में मानसरोवर भवन के सामने पहुंचकर महाकाल मंदिर में प्रवेश कर पाएंगे। पुल बनने से मंदिर पहुंच के लिए नौवां रास्ता तैयार हो गया है। पुल 200 मीटर लंबा और छह मीटर चौड़ा है। पुल के मध्य 19 मीटर चौड़ी जगह है, जहां कुछ देर खड़े रहकर श्रद्धालु रुद्रसागर और आसपास की खूबसूरती निहार सकेंगे। यहीं से महाकाल मंदिर के शिखर के दर्शन भी कर सकेंगे। recent visitors 47

पाकिस्तान ने LoC पर किया सीजफायर उल्लंघन, Indian army ने भी दिया मुंहतोड़ जवाब

अखनूर पाकिस्तानी सैनिकों ने बुधवार को जम्मू और कश्मीर के पुंछ जिले में नियंत्रण रेखा (LoC) पर भारतीय पोस्टों पर बिना उकसावे के फायरिंग की। इसके बाद भारतीय सेना ने उन्हें उचित जवाब दिया। सुरक्षा अधिकारियों ने इसकी जानकारी दी है। भारतीय सैनिकों की फायरिंग में पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ है। इससे पहले जम्मू जिले के अखनूर सेक्टर में नियंत्रण रेखा के पास संदिग्ध आतंकवादियों द्वारा एक आईईडी विस्फोट में भारतीय सेना के दो जवान शहीद हो गए थे। गलती से सुरंग पर चढ़ने से एक अधिकारी भी घायल इसी बीच भारतीय अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को इंडियन आर्मी के एक जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) को भी मामूली चोटें आईं। वे शाम को गलती से सुरंग पर चढ़ गए थे। जेसीओ आतंकवादी घुसपैठ रोकने वाले गश्ती दल का हिस्सा थे। घायल अधिकारी का हॉस्पिटल में इलाज जारी है। भारतीय और पाकिस्तानी सेना के बीच संघर्ष विराम समझौते को 25 फरवरी, 2021 को फिर से लागू करने के बाद से नियंत्रण रेखा पर संघर्ष विराम उल्लंघन बहुत दुर्लभ हो गया था। अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तानी सैनिकों ने नियंत्रण रेखा के तर्कुंडी क्षेत्र में एक अग्रिम पोस्ट पर बिना उकसावे के फायरिंग की। भारतीय सेना ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और परिणामस्वरूप दुश्मन बलों में भारी नुकसान हुआ। इस बीच अधिकारियों ने बताया कि भारतीय सेना के एक जूनियर कमीशन अधिकारी (JCO) को इस शाम उसी क्षेत्र में एक लैंडमाइन पर कदम रखते हुए मामूली चोटें आईं। घायल अधिकारी को सेना के अस्पताल में भेजा गया। अधिकारियों ने यह भी कहा कि नियंत्रण रेखा पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है क्योंकि पिछले सप्ताह सीमा पार से शत्रुतापूर्ण गतिविधियां बढ़ी हैं। यह इस साल का पहला संघर्ष विराम उल्लंघन था और पांच दिनों में सीमा पार चोथी घटना थी। सोमवार को, एक सैनिक को राजौरी जिले के नॉशेरा सेक्टर में कालाल क्षेत्र में एक अग्रिम पोस्ट की निगरानी करते हुए सीमा पार से गोली लगने के कारण चोट आई। 8 फरवरी को राजौरी के केरी सेक्टर में भारतीय सेना की एक गश्ती पार्टी पर आतंकवादियों ने गोलीबारी की थी। आतंकवादी भारतीय सीमा में घुसने के अवसर का इंतजार कर रहे थे। 4 और 5 फरवरी की रात कृष्णा घाटी सेक्टर में लैंडमाइन विस्फोट से आतंकवादियों को नुकसान हुआ था। वे भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश कर रहे थे। 10 फरवरी को जम्मू स्थित व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (GOC), लेफ्टिनेंट जनरल नवीन सचदेवा ने राजौरी जिले में नियंत्रण रेखा का जायजा लिया। भारतीय सेना ने बताया, "GOC व्हाइट नाइट कोर, GOC एस ऑफ स्पेड्स और GOC क्रॉस्ड स्वोर्ड डिवीज़न के साथ राजौरी सेक्टर के अग्रिम क्षेत्रों का दौरा कर वर्तमान सुरक्षा स्थिति और पाकिस्तानी गतिविधियों का ऑपरेशनल अपडेट लिया।" भारत-पाकिस्तान के बीच 2021 में युद्धविराम का समझौता रिन्यू हुआ था भारत और पाकिस्तान ने 25 फरवरी, 2021 को युद्धविराम समझौते को रिन्यू किया था। दोनों देशों ने घोषणा की कि वे जम्मू-कश्मीर और अन्य क्षेत्रों में नियंत्रण रेखा (LoC) पर युद्धविराम पर सभी समझौतों का सख्ती से पालन करेंगे। तब इस्लामाबाद और नई दिल्ली में जारी एक संयुक्त बयान में इसका ऐलान किया गया था। भारत और पाकिस्तान ने शुरुआत में 2003 में युद्धविराम समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, लेकिन पाकिस्तान समझौते का उल्लंघन करता आया है। पिछले कुछ सालों में पाकिस्तान के सीजफायर उल्लंघन की अन्य घटनाएं… 14 फरवरी 2024: 20 मिनट तक भारत-पाक के बीच गोलीबारी हुई, कोई घायल नहीं 14 फरवरी की शाम 5.50 बजे जम्मू के मकवाल में BSF चौकी पर पाकिस्तानी रेंजर्स ने गोलीबारी की। BSF ने भी इस गोलीबारी का जवाब दिया। BSF के अधिकारियों के मुताबिक, दोनों ओर से करीब 20 मिनट तक गोलियां चलीं। हालांकि, गोलीबारी में BSF का कोई भी जवान घायल नहीं हुआ है। 8 नवंबर 2023: सांबा के रामगढ़ सेक्टर में बॉर्डर पर गोलीबारी, BSF जवान शहीद 8 नवंबर 2023 को जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले में पाकिस्तानी रेंजर्स ने नयनपुर पोस्ट पर फायरिंग की थी। BSF जवानों ने भी जवाबी फायरिंग की। गोलीबारी में BSF जवान लाल फर्न किमा घायल हुए थे। इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया था। यह गोलीबारी रात 12:20 बजे हुई थी। 26 अक्टूबर 2023: पाकिस्तान ने मोर्टार दागे, एक BSF जवान और महिला घायल जम्मू के अरनिया और सुचेतगढ़ सेक्टर में पाकिस्तान ने 26 अक्टूबर को सीज फायर का उल्लंघन किया। इंटरनेशनल बॉर्डर पर रात 8 बजे पाकिस्तानी रेंजर्स ने अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। इसमें BSF का एक जवान और एक महिला घायल हो गई। 17 अक्टूबर 2023: 2021 के शांति समझौते के बाद पहली बार पाकिस्तान ने सीजफायर तोड़ा भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पर 17 अक्टूबर को पाकिस्तानी रेंजर्स ने फायरिंग की थी। इसमें दो BSF जवान घायल हुए थे। घटना इंटरनेशनल बॉर्डर पर सुबह 8:15 बजे हुई थी। BSF ने बताया था कि जवान बिजली के खंभे में चढ़कर लाइट ठीक कर रहे थे, तभी गोली लगी। 2020 में रिकॉर्ड सीजफायर उल्लंघन पाकिस्तान ने 2020 में रिकॉर्ड 4100 से ज्यादा बार सीजफायर तोड़ा था। इस दौरान नवम्बर में 128 बार, जबकि अक्टूबर में 394 बार सीजफायर तोड़ा। 2020 में सीजफायर उल्लंघन में जम्मू-कश्मीर के 21 लोगों की मौत हुई, जबकि 70 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। 2019 में 3233 बार सीजफायर तोड़ा गया। 2015 में 405 बार और उससे पहले 2014 में 583 बार सीजफायर तोड़ा गया। recent visitors 64