भारतीय कोच गौतम गंभीर ने युवा खिलाड़ियों को समर्थन देने पर दिया जोर

अहमदाबाद भारतीय क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मुकाबले में 142 रनों की शानदार जीत दर्ज की। इस जीत में युवा बल्लेबाज शुभमन गिल के शतक ने अहम भूमिका निभाई। भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने मैच के बाद गिल की जमकर तारीफ की और युवा खिलाड़ियों को निरंतर समर्थन देने की जरूरत पर जोर दिया। गिल ने ऑस्ट्रेलिया दौरे की खराब फॉर्म को पीछे छोड़ते हुए इंग्लैंड के खिलाफ एकदिवसीय श्रृंखला में जबरदस्त वापसी की। उन्होंने तीन मैचों में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी उपयोगिता साबित की। ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पांच पारियों में मात्र 93 रन बनाने वाले गिल ने अहमदाबाद में अपने शतक से आलोचकों को करारा जवाब दिया। गंभीर ने गिल की प्रशंसा करते हुए कहा, “वह अभी भी युवा बल्लेबाज है और उसमें सभी प्रारूपों में सफल होने की क्षमता है। टेस्ट क्रिकेट कठिन होता है, लेकिन उसने वहां भी अच्छा प्रदर्शन किया है। हमें हर पारी के बाद किसी युवा खिलाड़ी का मूल्यांकन करने की बजाय उन्हें निरंतर समर्थन देना चाहिए। अगर हम ऐसा करेंगे, तो भारतीय क्रिकेट का भविष्य बेहद उज्ज्वल होगा।” श्रेयस अय्यर ने भी इंग्लैंड के खिलाफ श्रृंखला में महत्वपूर्ण पारियां खेलीं। विराट कोहली की अनुपस्थिति के कारण पहले मैच के लिए टीम में शामिल किए गए अय्यर को लेकर गंभीर ने स्पष्ट किया कि उन्हें पूरे दौरे में मौका दिया जाना तय था। गंभीर ने कहा, “श्रेयस को बेंच पर नहीं बैठाया जाना चाहिए था। हमने पहले मैच में यशस्वी जायसवाल को मौका देना चाहा क्योंकि वह ऑस्ट्रेलिया में बेहतरीन फॉर्म में थे। लेकिन हमें पता था कि श्रेयस मध्यक्रम में हमारे लिए एक अहम खिलाड़ी साबित होंगे।” टीम इंडिया को चैंपियंस ट्रॉफी से पहले बड़ा झटका लगा जब तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह पीठ की चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए। हालांकि, भारतीय गेंदबाजों ने इंग्लैंड के खिलाफ प्रभावी प्रदर्शन किया। गंभीर ने कहा, “हर्षित राणा और अर्शदीप सिंह ने बेहतरीन गेंदबाजी की। बुमराह की कमी जरूर महसूस होगी, लेकिन मोहम्मद शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज की मौजूदगी से टीम को फायदा होगा। किसी खिलाड़ी की अनुपस्थिति नए खिलाड़ियों के लिए बड़ा अवसर हो सकती है।” भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी के लिए बांग्लादेश के खिलाफ पहले मैच में हर्षित राणा और वरुण चक्रवर्ती को 15 सदस्यीय टीम में शामिल किया है। गंभीर ने इस फैसले के बारे में कहा, “वरुण को टीम में शामिल करने की वजह बीच के ओवरों में विकेट निकालने का विकल्प मजबूत करना है। वह विरोधी टीमों के लिए ‘एक्स-फैक्टर’ साबित हो सकते हैं, खासकर उन टीमों के लिए जिन्होंने उनके खिलाफ ज्यादा नहीं खेला है।” भारत अब चैंपियंस ट्रॉफी की तैयारियों में जुट गया है, जहां टीम को युवा खिलाड़ियों से बड़े प्रदर्शन की उम्मीद होगी।   recent visitors 57

AIIMS Bhopal को ISN ने 2025 का प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय श्रियर पुरस्कार दिया

भोपाल किडनी रोग से पीड़ित बच्चों के इलाज करने में एम्स भोपाल ने कीर्तीमान रचा है। दरअल एम्स लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपना स्थान बना रहा है। अब एम्स को इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ नेफ्रोलॉजी (ISN) द्वारा 2025 का प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय श्रियर पुरस्कार दिया गया है। यह सम्मान बाल किडनी रोग के इलाज में उत्कृष्ट योगदान और 2018 से 2024 तक मैकगिल यूनिवर्सिटी, कनाडा के साथ सफल साझेदारी के लिए दिया गया है। साथ ही, एम्स भोपाल को पीडियाट्रिक नेफ्रोलॉजी में आईएसएन क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में नामित किया गया। विश्व के 57 आईएसएन सिस्टर रीनल सेंटर जोड़ों शामिल   यह पुरस्कार डॉ. रॉबर्ट डब्ल्यू, श्रियर के नाम पर दिया जाता है, जो गुर्दा शोध और वैश्विक नेफ्रोलॉजी शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए जाने जाते है। यह सम्मान उन संस्थानों को दिया जाता है जो अंतर्राष्ट्रीय सहयोगों के माध्यम से नेफ्रोलॉजी इलाज, शिक्षा और शोध में अद्वितीय प्रगति दिखाते हैं। एम्स भोपाल अब विश्व के उन 57 आईएसएन सिस्टर रीनल सेंटर जोड़ों में से एक है, जिसने यह मान्यता प्राप्त की है। एक हजार से ज्यादा बच्चों का किया डायलिसिस एम्स बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. शिखा मलिक ने बताया कि बाल रोग डायलिसिस यूनिट ने पिछले वर्ष में 1000 से अधिक डायलिसिस सत्र और 150 प्लाज्मा एक्सचेंज सफलतापूर्वक पूरे किए हैं, जिससे अनेक बच्चों की जान बचाई गई है। यह पुरस्कार एम्स भोपाल की ओर से डॉ. गिरीश भट्ट ने विश्व नेफ्रोलॉजी कांग्रेस 2025 में प्राप्त किया। एम्स भोपाल ने बाल किडनी रोग देखभाल को और बेहतर बनाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय बाल नेफ्रोलॉजी संघ (IPNA) फैलोशिप और बाल रोग नेफ्रोलॉजी में डीएम कार्यक्रम शुरू किया है, जिसमें दो डीएम फेलो पहले ही नामांकित हो चुके हैं। इन पहलों का उद्देश्य अधिक विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करना और पूरे भारत में बाल रोग नेफ्रोलॉजी सेवाओं का विस्तार करना है। इस सम्मान से बढ़ी एम्स की प्रतिष्ठा एम्स के डायरेक्टर डॉ. अजय सिंह ने बाल रोग नेफ्रोलॉजी इकाई की समर्पित सेवाओं और अग्रणी कार्यों पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने डॉ. शिखा मलिक (बाल रोग विभागाध्यक्ष), डॉ. अंबर कुमार और डॉ. गिरीश भट्ट को बधाई देते हुए कहा कि यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हमारी टीम के बाल किडनी रोग देखभाल को उन्नत बनाने के सतत प्रयासों का प्रमाण है। एम्स भोपाल को आईएसएन क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में मिली यह मान्यता न केवल हमारी प्रतिष्ठा को बढ़ाएगी, बल्कि भारत और अन्य देशों में विभिन्न चिकित्सा केंद्रों को सहयोग प्रदान करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।   recent visitors 45

कलेक्टर का बड़ा एक्शन, भिंड के 126 निजी स्कूलों की मान्यता निलंबित, स्कूल एसोसिएशन ने मांगा समय

भिंड  मध्यप्रदेश में एक बार फिर प्राइवेट स्कूलों की लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई की गई है। मामला भिंड जिले का है जहां कलेक्टर ने एक साथ 126 प्राइवेट स्कूलों की मान्यता निलंबित कर दी है। स्कूल प्रबंधन द्वारा अपार आईडी बनाने में लापरवाही बरतने के कारण ये एक्शन लिया गया है। कलेक्टर ने ये भी साफ कर दिया है कि जब तक स्कूल प्रबंधन अपार आईडी निर्माण कार्य पूरा कर उसका प्रमाण प्रस्तुत नहीं करेंगे, तब तक उनकी मान्यता बहाल नहीं की जाएगी। कलेक्टर भिण्ड संजीव श्रीवास्तव ने अपार आई डी निर्माण शुरू नहीं किये जाने पर नाराजगी जताते हुए जिले के 126 प्राइवेट स्कूलों की मान्यता निलंबित कर दी है। कलेक्टर ने आदेश जारी कर कहा है कि भारत सरकार की योजना अन्तर्गत नर्सरी से कक्षा 12वीं तक के छात्र/ छात्राओं की अपारआईडी बनाई जा रही है जिसके लिये कई बार बैठकों एवं व्हाट्सएप के माध्यम से निर्देश दिए गए हैं, कई स्कूलों ने उनके यहाँ पढ़ने वाले छात्र/छात्राओं के अपार आईडी के निर्माण का कार्य 29 जनवरी 2025 तक प्रारंभ नहीं किया जिसपर 30 जनवरी 2025 को कार्यालयीन पत्र भेजकर नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया लेकिन आज दिनांक तक  उसका कोई जबाब प्राप्त नहीं हुआ। लापरवाह 126 प्राइवेट स्कूलों की मान्यता निलंबित इसलिए अपार आई डी निर्माण का कार्य प्रारंभ न किये जाने पर जिले के 126 अशासकीय विद्यालय की मान्यता निलंबित कर दी गई है। कलेक्टर ने सभी 126 अशासकीय विद्यालयों के संचालकों को निर्देशित किया है कि वे अध्ययनरत विद्यार्थियों के अपार आईडी के निर्माण का कार्य पूर्ण करने के उपरान्त उसका प्रमाणीकरण प्रस्तुत करें तब ही मान्यता निलंबन से बहाल किये जाने पर विचार किया जायेगा। यह आदेश तत्काल प्रभावशील होगा। अपार आईडी ( APAAR ID) यानि छात्र का 12 अंकों का यूनिक आईडी नंबर अपार आईडी यानी ऑटोमेटिक परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री – APAAR ID। केंद्र सरकार के निर्देश को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकारों ने अपने यहां संचालित सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों से कहा है कि वे हर छात्र की एक अलग खास पहचान बनाने के लिए उनके माता-पिता से सहमति लें। केंद्र सरकार की “वन नेशन वन स्टूडेंट आईडी” योजना के तहत यह अपार आईडी कार्ड बनाया जा रहा है। योजना के तहत प्रत्येक छात्रों को 12 अंकों का एक यूनिक आईडी नंबर जारी किया जा रहा है जिसे अपार आईडी का नाम दिया गया है। अपार आईडी के लिए छात्र आधिकारिक वेबसाइट apaar education.gov.in पर जाकर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकेंगे। हालांकि यह काम स्कूलों द्वारा पूरा किया जाना है। APAAR ID से छात्र को मिलेगी अलग पहचान अपार आईडी आधार नंबर की तरह ही एक तरह का आईडी है। योजना के तहत अपार आईडी में एक विद्यार्थी की बचपन से लेकर हायर एजुकेशन तक की शैक्षणिक गतिविधियों का पूरा ब्योरा दर्ज होगा। इस योजना के तहत हर विद्यार्थी को आजीवन एक खास अपार पहचान मिलेगी। अपार आईडी कार्ड में छात्र का नाम, लिंग, जन्मतिथि, पता, पैरेंट्स का नाम, फोटो के साथ-साथ उनकी शैक्षणिक योग्यता के प्रमाणपत्र , कैरेक्टर सर्टिफिकेट, स्कूल ट्रांसफर सर्टिफिकेट सहित अन्य कई दस्तावेज मौजूद होंगे। इसके अलावा विद्यार्थी की खेल प्रतियोगिता में हिस्सा, स्कॉलरशिप, जीते गए अवॉर्ड, स्किल ट्रेनिंग, एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज, ओलिंपियाड में सहभागिता की जानकारी भी इस आईडी कार्ड में दर्ज कराई जाएगी। अपार आईडी में छात्र का ब्लड ग्रुप, ऊंचाई और वजन जैसी अतिरिक्त जानकारी भी शामिल हो सकती हैं।   recent visitors 57

बीजेपी के नए अध्यक्ष की दौड़ से बाहर हुए पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा

भोपाल सिविल एविएशन और स्टील विभाग के केंद्रीय मंत्री और गुना सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मध्यप्रदेश भाजपा अध्यक्ष के लिए आखिरी दांव चल दिया है। अब कुछ ही दिनों में प्रदेश अध्यक्ष के नाम का ऐलान संभव है। बुधवार रात भोपाल पहुंचे सिंधिया ने तीन प्रमुख नेताओं से मुलाकात की। इसके बाद चर्चा चल पड़ी है कि एमपी के पूर्व मंत्री और पूर्व दतिया विधायक डॉ. नरोत्तम मिश्रा भाजपा अध्यक्ष नहीं बनाए जाएंगे। दरअसल, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया रात को भोपाल पहुंचे और सबसे पहले नरोत्तम मिश्रा के आवास पर जाकर मुलाकात की। इसके बाद सिंधिया मध्यप्रदेश के राजस्व विभाग के मंत्री करण सिंह वर्मा के आवास जाकर भी मिले। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान कृषि एवं पंचायत विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी मुलाकात करने पहुंचे। सियासी सरगर्मियां तेज बता दें, कि नरोत्तम और शिवराज से सिंधिया ने कुछ दिनों पहले भी मुलाकात की थी। लेकिन करण सिंह वर्मा से मुलाकात के बाद सरगर्मी तेज हेा गई है। करण सिंह वर्मा प्रदेश के सबसे ईमानदार मंत्रियों में गिने जाते हैं। इसके अलावा सिंधिया राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मिलने राजभवन भी पहुंचे। पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा का दावा सिंधिया से हुई मुलाकात के बाद स्वयं नरोत्तम मिश्रा ने मीडिया से कहा कि मैं प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में नहीं हूं। पार्टी काम देती रहे मैं काम करता रहूंगा। मिश्रा ने कहा कि संगठन की प्रक्रिया है। मंडल हो गए, जिला हो गए, फिर प्रदेश होंगे। इसके लिए पहले दिल्ली निपटे। क्रम के अनुसार हो रही चयन प्रक्रिया भाजपा के संगठन पर्व के तहत सबसे पहले बूथ अध्यक्ष चुने गए। उसके बाद मंडल अध्यक्षों का निर्वाचन हुआ, इसके बाद सभी 60 संगठनात्मक जिलों को अध्यक्ष मिले। अब प्रदेश अध्यक्ष के लिए नाम सामने आना बचा हुआ है। केंद्रीय गृहमंत्री से मिले वर्तमान एमपी भाजपा अध्यक्ष मध्यप्रदेश के वर्तमान भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा मंगलवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले थे। इसके पहले उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल भी दिल्ली जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिल चुके हैं। बुधवार को खुद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने केंद्रीय संगठन व पार्टी नेतृत्व के नेताओं से चर्चा की है। recent visitors 72

भोपाल एम्स में बच्चों की किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा जल्द , 3 बच्चे चिन्हित

भोपाल एम्स में हार्ट ट्रांसप्लांट के बाद जल्द मध्यप्रदेश का पहला बाल किडनी ट्रांसप्लांट होने जा रहा है। इसके लिए तीन बच्चों को चिन्हित किया गया है। बच्चों का उनके परिजनों के साथ मैचिंग टेस्ट किया जा रहा है। हाल ही में एम्स को बाल किडनी रोग देखभाल के लिए अंतरराष्ट्रीय श्रियर पुरस्कार मिला है।  यह इंटरनेशनल सोसाइटी ऑफ नेफ्रोलॉजी ने बाल किडनी रोग देखभाल में 2018 से 2024 तक कनाडा की मैकगिल यूनिवर्सिटी के साथ सफल साझेदारी के लिए दिया है। जिसे एस भोपाल की ओर से डॉ. गिरीश भट्ट ने विश्व नेफ्रोलॉजी कांग्रेस 2025 में प्राप्त किया। यह इसलिए है अहम पुरस्कार पुरस्कार डॉ. रॉबर्ट डब्ल्यू श्रियर के नाम पर दिया जाता है, जो गुर्दा शोध और वैश्विक नेफ्रोलॉजी शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए जाने जाते हैं। यह समान उन संस्थानों को दिया जाता है। एस भोपाल अब विश्व के उन 57 आइएसएन सिस्टर रीनल सेंटर में से एक है, जिन्हें यह मान्यता मिली है। आइएसएन क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में मिली मान्यता से एस की प्रतिष्ठा को बढ़ाएगी। भारत और अन्य देशों में विभिन्न चिकित्सा केंद्रों को सहयोग प्रदान करने में यह महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।- डॉ. अजय सिंह, निदेशक, एम्स एक साल में हुए 1000 डायलिसिस सत्र बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. शिखा मलिक ने बताया कि डायलिसिस यूनिट ने पिछले साल एक हजार से अधिक डायलिसिस सत्र और 150 प्लाज्मा एक्सचेंज सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। इससे इन बच्चों की जान बचाई गई है। बाल किडनी रोग देखभाल को और बेहतर बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय बाल नेफ्रोलॉजी संघ फैलोशिप और बाल रोग नेफ्रोलॉजी में डीएम कार्यक्रम शुरू किए हैं। recent visitors 64

मुश्किल में मध्य प्रदेश के उपनेता प्रतिपक्ष, अब भ्रष्टाचार के मामले में खुली फाइल, भोपाल में ISBT प्रोजेक्ट में गड़बड़ी के आरोप

भोपाल मध्यप्रदेश में पूर्व परिवहन आरक्षक सौरभ शर्मा की काली कमाई और पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह सहित कई नेताओं पर हमलावर रहे हेमंत कटारे ईओडब्ल्यू के लपेटे में आ गए हैं। मध्यप्रदेश विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे के साथ ही उनकी पत्नी, भाई योगेश कटारे और बहू समेत 7 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है। EOW ने दर्ज की एफआईआर दरअसल, आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने उन पर एफआईआर दर्ज की है। यह मामला भोपाल के आईएसबीटी प्रोजेक्ट में प्लॉट आवंटन में गड़बड़ी से जुड़ा बताया जा रहा है। इसके अलावा भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए) के तत्कालीन सीईओ केपी राही, ओएसडी मनोज वर्मा, मेसर्स हाई स्पीड मोटर्स और अन्य पर भी ईओडब्ल्यू ने एफआईआर दर्ज की है। इन सभी पर आरोप है कि इन अधिकारियों ने साठगांठ कर कटारे परिवार को नियम विरुद्ध प्लॉट का आवंटन किया। जांच एजेंसी के पास यह शिकायत भोपाल के हर्षवर्धन नगर निवासी सीआर दत्ता द्वारा की गई है। शिकायत के आधार पर ईओडब्ल्यू ने जांच की और भोपाल विकास प्राधिकरण (बीडीए) के नियमों के खिलाफ जाकर एक निजी कंपनी को जमीन आवंटन का मामला उजागर किया। बताया जा रहा है कि हेमंत कटारे, योगेश कटारे, मीरा कटारे और रुचि कटारे पर धारा 120 वी, 420, 468, 471 भादंवि के तहत एफआईआर दर्ज की है।   वहीं, इस मामले में बातचीत करते हुए हेमंत ने कहा कि मुझ पर और मेरे परिवार पर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं। उन्होंने सरकार पर ब्लेकमेल करने का आरोप भी मढ़ा। हेमंत ने कहा कि जब मैं पहली बार विधायक बना तब भी मुझे पर 6 झूठे प्रकरण दर्ज हुए थे। बाद में कोर्ट ने सभी आरोपों को खारिज भी कर दिया था। उनका दावा है कि वे इस मामले में कोर्ट जाएंगे और दोष मुक्त साबित होंगे।   आपको बता दें कि पिछले दिनों हेमंत कटारे ने पूर्व गृहमंत्री भूपेंद्र सिंह पर काफी हमलावर रहे थे। इसके बाद भूपेंद्र सिह ने हेमंत कटारे पर आरोप लगाते हुए जांच के लिए मुख्यमंत्री और डीजीपी को पत्र लिखा था।   recent visitors 69

सीएम के साथ महाकुंभ स्नान के लिए गए कांग्रेस के सात विधायक, संगम में लगाई डुबकी, सियासी अटकलें तेज

महाकुंभ. छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय अपने पूरे मंत्रिमंडल, सांसद और विधायकों के साथ प्रयागराज महाकुंभ पहुंचे हैं. सभी संगम में पहुंच चुके हैं. सीएम साय ने सभी के साथ डुबकी लगाई. सभी लोग क्रूज में सवार होकर संगम में पहुंचे. बता दें कि महाकुंभ में स्नान करने राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, कैबिनेट के मंत्री, बीजेपी के विधायक, सांसद और कांग्रेस के 6 विधायक आज प्रयागराज पहुंचे हैं. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा आज छत्तीसगढ़ का मंत्रिमंडल, विधानसभा अध्यक्ष, कांग्रेस के भी विधायक सभी प्रयागराज जा रहे हैं. संगम में स्नान कर सभी पुण्य के भागी बनेंगे. मां गंगा से छत्तीसगढ़ की खुशहाली के लिए कामना करेंगे. सीएम विष्णुदेव साय के साथ कांग्रेस के 7 विधायक भी रवाना हुए हैं। कांग्रेस विधायकों के सीएम साय के साथ महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज जाने से सियासत तेज हो गई है। हालांकि छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने साफ किया था कि जो विधायक कुंभ स्नान के लिए जाना चाहते हैं वह जा सकते हैं क्योंकि यह राजनीति का विषय नहीं आस्था का विषय है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की धर्मपत्नी कौशल्या देवी साय ने प्रयागराज जाने को लेकर कहा, प्रयागराज की भूमि काे वंदन करने जा रहे हैं. नई ऊर्जा के साथ छत्तीसगढ़ वापस आएंगे और नए विश्वास के साथ अपने आस्था को आगे बढ़ाएंगे. मां गंगा से सीएम साहब के लिए उत्तम स्वास्थ्य की कामना करेंगे. छत्तीसगढ़ की जनता से मुख्यमंत्री रात के दो बजे तक मिलते रहते हैं, छत्तीसगढ़ की जनता से उनका मिलना कायम रहे, सीएम की एनर्जी बनी रहे, यही प्रार्थना करेंगे. कौन-कौन से कांग्रेस विधायक हुए रवाना सीएम साय और बीजेपी विधायकों के अलावा कांग्रेस के 7 विधायक भी महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज रवाना हुए हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, राघवेंद्र सिंह ,बालेश्वर साहू, व्यास कश्यप, संदीप साहू, विद्यावती सिदार, इंद्र साहू और राजकुमार यादव सीएम के साथ एक ही प्लेन में गंगा स्नान के लिए प्रयागराज के लिए रवाना हुए हैं। क्या कहा सीएम ने प्रयागराज रवाना होने से पहले सीएम विष्णुदेव साय ने एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा की। सीएम सय ने कहा- आज प्रयागराज महाकुंभ के त्रिवेणी संगम में पुण्य स्नान का लाभ प्राप्त होगा। इस पुनीत अवसर पर समस्त प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना करूंगा। recent visitors 46